केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से कुपवाड़ा में मां शारदा देवी मंदिर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन की शुरूआत श्री अमित शाह ने देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं देकर की। उन्होंने कहा कि आज नववर्ष के अवसर पर ही मां शारदा का नवनिर्मित मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है और ये पूरे भारत के श्रद्धालुओं के लिए एक शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि आज मां शारदा के मंदिर का उद्घाटन एक नए युग की शुरूआत है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि इस मंदिर की वास्तुकला और निर्माण शारदा पीठ के तत्वाधान में पौराणिक शास्त्रों के अनुसार किया गया है। श्रंगेरी मठ द्वारा दान की गई शारदा मां की मूर्ति को 24 जनवरी से लेकर आज यहां स्थापित करने तक एक यात्रा के रूप में लाया गया है। उन्होंने कहा कि कुपवाड़ा में माँ शारदा के मंदिर का पुनर्निर्माण होना शारदा-सभ्यता की खोज व शारदा-लिपि के संवर्धन की दिशा में एक आवश्यक एवं महत्त्वपूर्ण कदम है। श्री अमित शाह ने कहा कि एक जमाने में भारतीय उपमहाद्वीप में शारदा पीठ ज्ञान का केन्द्र माना जाता था, शास्त्रों और आध्यात्मिक ज्ञान की तलाश में देशभर के विद्वान यहां आते थे। उन्होंने कहा कि शारदा लिपि हमारे कश्मीर की मूल लिपि है, जिसका नाम भी मां के नाम के आधार पर रखा गया है। ये महाशक्ति पीठों में से एक है और मान्यताओं के अनुसार मां सती का दाहिना हाथ यहां गिरा था।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि शारदा पीठ भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं शैक्षणिक विरासत का ऐतिहासिक केंद्र रहा है, मोदी सरकार करतारपुर कॉरीडोर की तरह शारदा पीठ को भी श्रद्धालुओं के लिए खोलने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयास से कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद शांति स्थापित होने से घाटी और जम्मू फिर एक बार अपनी पुरानी परंपराओं, सभ्यता और गंगा-जमुनी तहज़ीब की ओर लौट रहे हैं। श्री शाह ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की प्रतिबद्धता के अनुरूप मोदी सरकार ने संस्कृति के पुनर्रुद्धार सहित जम्मू-कश्मीर के सभी क्षेत्रों में पहल की है। इसके तहत 123 चिन्हित स्थानों का व्यवस्थित रूप से जीर्णोद्धार और मरम्मत का काम चल रहा है, जिनमें कई मंदिर और सूफी स्थान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 65 करोड़ रूपए की लागत से इसके पहले चरण में 35 स्थानों का पुनर्रुद्धार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 75 धार्मिक और सूफी संतों के स्थानों की पहचान करके 31 मेगा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। श्री शाह ने कहा कि यहां हर जिले में 20 सांस्कृतिक उत्सव भी आयोजित किए गए हैं जिनसे हमारी पुरानी विरासत को पुनर्जीवित करने में बहुत मदद मिलेगी।

अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा जी ने जिस शिद्दत से प्रधानमंत्री मोदी की सारी फ्लैगशिप योजनाओं को जमीन पर उतारने का काम किया है वो प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में श्री मनोज सिन्हा जी ने जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक निवेश लाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आज हुई ये शुरूआत इस स्थान की खोई हुई भव्यता को वापिस लाने में मदद करेगी और ये स्थान मां शारदा की उपासना और उनकी प्रेरणा से मिली चेतना की जागृति का युगों-युगों तक भारतवर्ष में केन्द्र बना रहेगा।
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कानपुर 23 मार्च भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज कानपुर के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा विश्व जल दिवस मनाया गया,
कानपुर 23 मार्च भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में सेंचुरी क्लब कानपुर विजन@2047 के अंतर्गत कोऑर्डिनेटर डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में लैंगिक मुद्दों पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्राचार्या प्रो अर्चना वर्मा ने की। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि लैंगिक समानता महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को रोकता है । आर्थिक समृद्धि के लिए यह आवश्यक है। कार्यक्रम में विभिन्न छात्राओं ने लैंगिक समानता पर अपने विचार रखे जिनमें प्रमुख रूप से सौम्या उपाध्याय दीक्षा तिवारी, कीर्ति यादव प्रमुख है। छात्राओं ने लैंगिक समानता पर जोर देते हुए कहा कि समाज जो महिलाओं और पुरुषों को समान मानते हैं वे अधिक सुरक्षित और स्वस्थ हैं। लैंगिक समानता एक मानवाधिकार है। इस गोष्ठी का मे महाविद्यालय की विभिन्न प्रवक्ताएं डॉ अर्चना दीक्षित, डॉ अंजना श्रीवास्तव, श्वेता गोंड, डॉ पूजा श्रीवास्तव, डॉ मंजुला श्रीवास्तव तथा कृष्णेंद्र श्रीवास्तव आदि भी उपस्थित रहे। सभी छात्राओं की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।
कानपुर 23 मार्च भारतीय स्वरूप संवाददाता,
बेटियों की प्रशंसा की
विश्वविख्यात रामलीला मंचन का प्रतीक बनेगा अन्तर्राष्ट्रीय राम महोत्सव-23, लोक संस्कृति के समागम में शामिल होंगे साधु-संतों समेत प्रसिद्द नेता-अभिनेता
कानपुर 17 मार्च, भारतीय स्वरूप संवाददाता, जी-20 के विशेष संदर्भ में “सतत विकास में महिलाओं की अग्रणी भूमिका” विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिसमें मुख्य वक्ता पूर्व भारतीय वायु सेना अधिकारी, पर्वतारोही (एवरेस्ट पर्वतारोही), अंतर्राष्ट्रीय प्रेरक वक्ता (TEDx), लेखिका, शिक्षाविद, उत्तर प्रदेश की G–20 ब्रांड एंबेसडर, स्क्वाड्रन लीडर सुश्री तुलिका रानी रही। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि महिलाएं परिवार बनाती है, परिवार घर बनाता है, घर समाज बनाता है और समाज ही देश बनाता है। अतः महिलाओं की अनदेखी करके हम किसी विकसित राष्ट्र का सपना नहीं संजो सकते। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्या प्रो. अर्चना वर्मा ने की। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत के लिए जी-20 अध्यक्षता अमृत काल की शुरुआत है जो हमें “वसुधैव कुटुंबकम” के आधार पर समावेशी विकास की ओर उन्मुख करता है। संचालन डॉ मनीष पांडे ने किया। संयोजिका डॉक्टर संगीता सिरोही ने बताया कि गोष्ठी में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, लैंगिक समानता व समावेशी विकास आदि मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से चीफ प्रॉक्टर प्रो अर्चना श्रीवास्तव, महाविद्यालय जी–20 समिति के सभी सदस्य, समस्त विभागाध्यक्ष व प्राध्यापिकाएं, छात्राएं व शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।