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दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘कानपुर थ्रू दि एजेज अनवेलिंग द लेयर्स ऑफ़ हिस्ट्री ‘(युग -युगीन कानपुर) का शुभारंभ

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज कानपुर के इतिहास विभाग के तत्वाधान में भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘कानपुर थ्रू दि एजेज अनवेलिंग द लेयर्स ऑफ़ हिस्ट्री ‘(युग -युगीन कानपुर) का उद्घाटन दिनाँक आज 28 मार्च 2025 को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्रा, सचिव प्रोबीर कुमार सेन, प्राचार्य प्रोफेसर सुमन, संयुक्त सचिव शुभ्रो सेन तथा कोषाध्यक्ष दीपाश्री सेन, तथा संगोष्ठी की संयोजिका डाॅ. मनीषा दीवान ने सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन से किया। प्रोफेसर सुमन ने अपने स्वागत उद्बोधन के द्वारा सभागार में उपस्थित सभी बुद्धिजीवी अतिथियों का महाविद्यालय संगोष्ठी में स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। डाॅ. मनीषा दीवान ने विषय प्रवर्तन के द्वारा कानपुर के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता बाल मुकुंद पांडेय (राष्ट्रीय संगठन सचिव, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली), चेयर पर्सन संजयश्री हर्ष, (राष्ट्रीय संगठन सह- सचिव, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली), गेस्ट ऑफ़ ऑनर प्रोफेसर अनिल कुमार मिश्रा (संयोजक इतिहास विषय, सी. एस. जे. एम. यू. कानपुर), स्पेशल स्पीकर प्रोफेसर विग्नेश त्यागी (चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ), ने अपनी गरिमामय उपस्थिति तथा उद्बोधन से संगोष्ठी को गौरवान्वित किया।

राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम तथा द्वितीय तकनीकी सत्र में देश के विभिन्न भागों से आए हुए इतिहास के लगभग 80 अध्येताओं व शोधार्थियों द्वारा कानपुर के परंपरागत इतिहास की पुर्नव्याख्या करते हुए ऐतिहासिक कानपुर की विशिष्ट उपलब्धियों, चुनौतियों ,समस्याओं आदि विषयों का मंथन कर नई रोशनी डाली गई। शिक्षा शास्त्र विभागध्यक्षा प्रो. चित्रा सिंह तोमर ने मंच संचालन की महती भूमिका का निर्वाह करते हुए संगोष्ठी को दिशा प्रदान की। प्रथम तकनीकी सत्र का संचालन डॉ. प्रीति सिंह, तथा द्वितीय तकनीकी सत्र का संचालन प्रो. मीनाक्षी व्यास ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. निशी प्रकाश के निर्देशन में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाओं ने अभूतपूर्व सहयोग प्रदान किया।

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पांच दिवसीय डिजिटल मार्केटिंग विषय पर विकास प्रबंधन कार्यक्रम ( MDP) आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर विद्यामंदिर महिला महाविद्यालय, स्वरुप नगर, कानपुर में सुगंध एवं सुरम्य, एम.एस.एम.ई.एवं नवाचार प्रकोष्ठ छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, के संयुक्त तत्वाधान में पांच दिवसीय डिजिटल मार्केटिंग विषय पर विकास प्रबंधन कार्यक्रम ( MDP) आयोजन (दिनांक – 21/03/2025 से 26/03/2025 तक स्नातक छात्राओं के लिए डिजिटल मार्केटिंग पर पांच दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें ऑनलाइन मार्केटिंग रणनीतियों के प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। सेमिनार का उद्देश्य छात्रों को मार्केटिंग दक्षता बढ़ाने के लिए विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई टूल्स के व्यावहारिक ज्ञान से लैस करना था। सत्रों का नेतृत्व प्रतिष्ठित वक्ताओं: अरुण्य रस्तोगी, डॉ. शिल्पा कैस्था, डॉ. शुनील शुक्ला और अनिल त्रिपाठी ने किया, जिन्होंने डिजिटल मार्केटिंग के विभिन्न पहलुओं पर गहन जानकारी दी।

विभिन्न विषयों को कवर किया गया जैसे कि Google विज्ञापन, Amazon Marketplace, विक्रेता रणनीतियों, उत्पाद रैंकिंग और विज्ञापन तकनीकों की व्याख्या करना; लिंक्डइन मार्केटिंग, पेशेवर नेटवर्किंग, ब्रांड निर्माण और लीड जनरेशन पर जोर देना; मार्केटिंग में AI टूल्स का उपयोग, डेटा-संचालित निर्णय लेना और सामग्री निर्माण। सेमिनार का समापन 26.03.2025 को क्रिएटिव ऑनलाइन मार्केटिंग के साथ हुआ, जिसमें सोशल मीडिया एंगेजमेंट, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और कंटेंट स्ट्रैटेजी के लिए अभिनव दृष्टिकोणों पर चर्चा की गई। इसमें 52 छात्राओं ने प्रतिभाग लिया

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बलिदान स्थल की माटी से तिलक कर सकारात्मक पत्रकारिता का संकल्प

*बलिदान स्थल की माटी से तिलक कर सकारात्मक पत्रकारिता का संकल्प*
*शहीद शिरोमणि गणेश शंकर विधार्थी के शहादत दिवस पर कानपुर प्रेस क्लब ने इस तरह दी श्रद्धांजलि*
भारतीय स्वरूप संवाददाता, कानपुर 25 मार्च, कानपुर प्रेस क्लब की ओर से आज गणेश शंकर विधार्थी जी के बलिदान स्थल चाबेगोला में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वहां मौजूद पदाधिकारियों और पत्रकारों ने बलिदान स्थल की माटी से तिलक कर सकारात्मक पत्रकारिता का संकल्प किया। बलिदान स्थल पर मंदिर के गुम्मद के पास विधार्थी जी ऊकेरी गई प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्प अर्पित किए गए। अध्यक्ष सरस वाजपेई ने विधार्थी जी के योगदान पर चर्चा करते हुए कहा कि उनसे सीख लेते हुए लोक कल्याण की मंशा से पत्रकारिता करें तो समाज और देश निर्माण में बड़ी भूमिका निभाई जा सकती है l इस मौके पर महामंत्री शैलेश अवस्थी, मंत्री शिवराज साहू, कोषाध्यक्ष सुनील साहू, कौस्तुभ मिश्र, मयूर, महेश सोनकर, अमित गुप्ता, संजीव शुक्ला, पिंटू चौरसिया, जकी अहमद सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।

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एस.एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी. महाविद्यालय में छात्राओं को जल संरक्षण एवं अर्थ ऑवर डे के बारे में जागरूक किया गया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी. महाविद्यालय में विश्व जल दिवस के अवसर पर रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ. राजेश वाजपेयी जी और फहद राज़ी जी द्वारा छात्राओं को जल संरक्षण एवं अर्थ ऑवर डे के बारे में जागरूक किया गया। वर्ष 2025 के विश्व जल दिवस का विषय ग्लेशियर संरक्षण है। डॉ. राजेश वाजपेयी जी, फहद राज़ी जी, प्राचार्या प्रो सुमन, प्रो निशि प्रकाश, प्रो गार्गी यादव, डॉ प्रीति सिंह ने माँ सरस्वती के समक्ष माल्यार्पण किया। जल संरक्षण और भविष्य में इसके महत्व को पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्राओं को जागरूक किया गया । उन्होंने छात्राओं से साझा किया कि वॉटर फुटप्रिंट का किस प्रकार प्रबंधन किया जाना चाहिए। जल संरक्षण के चार महत्वपूर्ण उपाय के रूप में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वॉटर रिसाइकल, रियूज वॉटर और वॉटर फुटप्रिंट की मैपिंग की चर्चा की गई।
छात्राओं ने आज शाम 08:30 – 09:30 तक सभी विद्युत उपकरण बंद रख कर अर्थ ऑवर मनाने की शपथ भी ली। कार्यक्रम का संयोजन प्रोफेसर गार्गी यादव ने किया एवं मंच संचालन डॉक्टर अमिता सिंह ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया लखनऊ से राष्ट्रव्यापी ‘फिट इंडिया संडे साइकिल’ का नेतृत्व करेंगे; किशोर जेना, PEFI ने मोटापे से लड़ने के लिए समर्थन का संकल्प लिया

केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल और श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 23 मार्च 2025 को मोटापे के विरुद्ध अभियान तेज करते हुए, राष्ट्रव्यापी आंदोलन ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ में हिस्सा लेंगे। केंद्रीय मंत्री के साथ उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश के खेल एवं युवा मामले मंत्री  गिरीश चंद्र यादव भी शामिल होंगे। डॉ. मांडविया मरीन ड्राइव (सामाजिक परिवर्तन स्थल) से समता मूलक चौराहा होते हुए 1090 चौराहा तक 3 किलोमीटर की साइकिल यात्रा करेंगे और फिर वापस आएंगे। इस दौरान वे 400 से अधिक साइकिल चालकों के समूह का नेतृत्व करेंगे और माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मोटापे से लड़ने और स्वस्थ तथा सक्रिय जीवन शैली अपनाने के संदेश का प्रसार करेंगे।

दूसरी ओर, एशियाई खेलों के पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी किशोर जेना मुंबई के खूबसूरत अक्सा बीच पर साइकिलिंग अभियान में भाग लेंगे, जिसमें फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PEFI) के सदस्य नई दिल्ली में इस पहल में हिस्सा लेंगे। अब तक, राष्ट्रव्यापी साइकिलिंग अभियान 4200 स्थानों पर आयोजित किया जा चुका है, जिसमें लगभग 2 लाख लोगों ने हिस्सा लिया है। यह अभियान देश भर में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए पर्यावरण के अनुकूल कार्यप्रणाली को भी बढ़ावा देता है। यह पहल कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में साइकिलिंग के शौकीनों, एथलीटों, कोचों, खेल विज्ञान विशेषज्ञों आदि की भागीदारी के साथ आयोजित की जा रही है।

इससे पहले, इस साइकिलिंग कार्यक्रम में भारतीय सेना के जवान, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और लवलीना बोरगोहेन, संग्राम सिंह, शैंकी सिंह, नीतू घनघस, स्वीटी बूरा, पेरिस पैरालिंपिक कांस्य पदक विजेता रुबीना फ्रांसिस और सिमरन शर्मा (पैरा विश्व चैंपियन) जैसे प्रमुख खेल सितारों के अलावा राहुल बोस, अमित सियाल और गुल पनाग जैसी मशहूर हस्तियां भी हिस्सा ले चुकी हैं। युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई), माई बाइक्स और माई भारत के सहयोग से ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम देश भर में एसएआई क्षेत्रीय केंद्रों, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (एनसीओई) और खेलो इंडिया केंद्रों (केआईसी) में एक साथ आयोजित किए जाते हैं।

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जीएसएल द्वारा निर्मित परियोजना 1135.6 के दूसरे जलपोत का जलावतरण किया गया

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) द्वारा परियोजना 1135.6 के अतिरिक्त अनुवर्ती जहाजों की श्रृंखला के दूसरे जलपोत का जलावतरण किया गया। इसका नाम ‘तवस्या’ है और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ तथा एफओसी-इन-सी पश्चिम वाइस एडमिरल संजय जे सिंह की उपस्थिति में आज 22 मार्च, 2025 को गोवा स्थित जीएसएल में  नीता सेठ द्वारा इसे जलावतरित किया गया। ये युद्धपोत पी1135.6 जहाजों के अनुवर्ती हैं, जिनका निर्माण अब भारतीय शिपयार्ड द्वारा स्वदेशी तौर पर किया जा रहा है।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने भारतीय नौसेना की बढ़ती आत्मनिर्भरता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारत के नौसैन्य इतिहास में एक निर्णायक क्षण है, जो हमारी तकनीकी क्षमताओं एवं आत्मनिर्भरता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

रक्षा राज्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली, टारपीडो लांचर, सोनार और सहायक नियंत्रण प्रणालियों जैसे महत्वपूर्ण घटकों का सफल स्थानीयकरण भारत के जहाज निर्माण इकोसिस्टम के बढ़ते लचीलेपन को प्रदर्शित करता है। तवस्या का जलावतरण न केवल भारतीय नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भारत की रणनीतिक रक्षा महत्वाकांक्षाओं की दिशा में एक बड़ी छलांग है।

इस पोत का नाम ‘तवस्या ’ रखा गया है, जो ‘महाभारत’ के महान योद्धा ‘भीम’ की गदा के नाम पर है। यह भारतीय नौसेना की अदम्य भावना और बढ़ते सामर्थ्य का प्रतिनिधित्व करता है।

रक्षा मंत्रालय और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के बीच 25 जनवरी 2019 को दो प्रोजेक्ट 1135.6 फॉलो-ऑन फ्रिगेट के निर्माण के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे। पहला जहाज ‘त्रिपुट’ 23 जुलाई, 2024 को जलावतरित किया गया था। इन जहाजों को सतह, उप-सतह और हवाई युद्ध संचालन के लिए तैयार किया गया है। ‘त्रिपुट’ और ‘तवस्या’ 124.8 मीटर लंबे तथा 15.2 मीटर चौड़े हैं और इनका ड्राफ्ट 4.5 मीटर का है। इसका विस्थापन लगभग 3600 टन है और अधिकतम गति 28 नॉट्स है।

‘त्रिपुट’ व ‘तवस्या’ में स्वदेशी उपकरण, हथियार और सेंसर को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है, जिससे भारतीय विनिर्माण इकाइयों द्वारा बड़े पैमाने पर रक्षा उत्पादन सुनिश्चित होता है। आत्मनिर्भरता से देश के भीतर रोजगार और क्षमता में वृद्धि सुनिश्चित होती है। ये जहाज रडार से बच निकलने में सक्षम हुए कई सुविधाओं, उन्नत हथियार एवं सेंसर व प्लेटफॉर्म प्रबंधन प्रणालियों से भी सुसज्जित हैं।

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“एड्रेसिंग कार्बन फुटप्रिंट्स फॉर ए बेटर टुमॉरो” विषय पर संगोष्ठी आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 22 मार्च क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के आतंरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई.क्यू.ए.सी.) एवं जस्ट फॉर एनवायरनमेंट के संयुक्त तत्वावधान में “एड्रेसिंग कार्बन फुटप्रिंट्स फॉर ए बेटर टुमॉरो” संगोष्ठी का आयोजन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में किया गया। क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर की आधारभूत मान्यताओं में सहयोग, समन्वय और संपोषण महत्वपूर्ण है। इसी कारण कॉलेज की संस्कृति में समस्त पर्यावरण के विकास और स्वच्छता हेतु सतत प्रयास रच-बस गए हैं।
उसी कड़ी में आज की यह संगोष्ठी एक महत्वपूर्ण कदम है, जो “जस्ट फॉर एनवायरनमेंट” संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई है। इस सामाजिक संस्था का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण तथा सतत विकास के मुद्दे पर बात करते हुए लोगों के बीच जागरूकता फैलाना है। संस्था का लक्ष्य सार्वजनिक अभियान, सेमिनार या कार्यशाला आदि के आयोजन द्वारा पर्यावरणीय समस्याओं, जैसे जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग आदि के प्रति जनसाधारण में जागरूकता उत्पन्न करना है।
संगोष्ठी के उदघाटन सत्र की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम की संयोजक और आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक, प्रो. सुजाता चतुर्वेदी, ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के विषय से सबका परिचय सुश्री अनीता अग्रवाल, जस्ट फॉर एनवायरनमेंट की अध्यक्ष ने करवाया तथा इस संस्था के संरक्षक प्रो. नरेंद्र मोहन ने मुख्य वक्तव्य दिया। महाविद्यालय की उप प्राचार्य प्रो. श्वेता चंद ने अपने वक्तव्य द्वारा प्रकृति के संपोषित विकास पर बल दिया तथा गौरैया जैसी विलुप्त होती अनेक प्रजातियों की देखभाल एवं जल संरक्षण की महत्ता स्पष्ट की। इसी कड़ी में कॉलेज की छात्रा वैष्णवी दीक्षित द्वारा बनाए गए पक्षियों के घर कॉलेज में लगाने हेतु प्राचार्य जी को भेंट किये गए। ये पूर्णतः पर्यावरण अनुकूल है जिसे उन्होंने प्रयोग में न लाई जा सकने वाली वस्तुओं द्वारा बनाया है। इसके पश्चात अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य प्रो. जोसेफ़ डेनियल ने पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सतत विकास को छात्रों और देश के भविष्य के लिए अत्यावश्यक बताया। इसके बाद जस्ट फॉर एनवायरनमेंट संस्था ने पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु संस्था के रूप में क्राइस्ट चर्च कॉलेज को और साथ ही अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों, जैसे डॉ. सिधान्शु राय (सी.एस.जे.एम.यू, कानपुर), डॉ. द्रौपदी यादव (सी.एस.जे.एम.यू, कानपुर), डॉ. ब्रजेश कुमार (एच.बी.टी.आई., कानपुर) एवं श्री बी.के.सिंघल (यू.वी.टी.प्रा.लि.) को सम्मानित किया।
तकनीकी सत्र में पाँच विद्वान् वक्ताओं ने अपने विचार अर्यावरण के विभिन्न आयामों पर रखे। इनमें जस्ट फॉर एनवायरनमेंट के सदस्य श्री बी.के. सिंघल, सुश्री नीलम चतुर्वेदी और सुश्री अनुष्का कनोडिया ने पर्यावरण चेतना, जल संरक्षण, संपोषित विकास आदि महत्वपूर्ण अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हुए आज के जीवन में इनके समन्वय की महती आवश्यकता बताई। क्राइस्ट चर्च कॉलेज के प्रो. नवीन कुमार अम्बष्ट और ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर उनके प्रभाव पर चर्चा की और श्री अवधेश मिश्र ने एंथ्रोपोसीन की पृष्ठभूमि में वक्तव्य प्रस्तुत किया। तकनीकी सत्र का सफल संचालन डॉ. अंकिता लाल और डॉ. शुभी तिवारी ने किया।
इस संगोष्ठी के अंतर्गत एक पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था, जिसमें शहर और प्रदेश के अनेक छात्र छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इसके विजेता छात्रों को भी कार्यक्रम के अंत में पुरस्कृत किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंजलि सचान ने, द्वितीय स्थान कांची त्रिपाठी ने और तृतीय स्थान शिवांग शुक्ला ने प्राप्त किया तथा प्रोत्साहन पुरस्कार उर्वशी कुरील और लवी सोनकर को प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति की सचिव प्रो. मीत कमल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन छात्रा कांची त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, शोध विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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बिठूर महोत्सव में एस. एन. सेन पी. जी कालेज की अनुष्का सिंह का लोगो चयनित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 22 मार्च बिठूर महोत्सव कानपुर में एस. एन. सेन पी. जी कालेज के चित्रकला विभाग की अनुष्का सिंह का लोगो चयनित हुआ है ।और उसको सभी बैनर में शामिल करा गया है।

अनुष्का बताती हैं, पहले मैंने लोगो को मैन्युअल रूप से ड्रा करके बनाया, मेरी प्रेरणा रानी लक्ष्मीबाई थी तो मैंने ये दिखाने की कोशिश की, कि वे बहुत ही बहादुर थी। आग की लपटें उनके अंदर की ज्वाला को दिखाती है Adobe illustrator का उपयोग करके बनाया गया है, इसमें मैंने बहुत से टूल्स का उपयोग किया है। जैसे: shape tool, gradient too

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पर्यावरण के दुश्मन प्लास्टिक पाउच, पॉलिथीन

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 22 मार्च दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा दिनांक 22 मार्च, 2025 को आजाद नगर स्थित लल्लन पुरवा बस्ती में कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ एन एस एस गीत गाकर हुआ। शिविर के प्रथम सत्र में छात्राओं ने रैली निकालकर बस्ती वासियों को प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण का संदेश देते हुए बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक, पाउच पॉलिथीन यह सभी पर्यावरण के लिए अत्यधिक खतरा है। हमें इनका प्रयोग करने से बचना चाहिए तथा पर्यावरण की रक्षा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करना चाहिए।
शिविर के दूसरे सत्र में वॉलिंटियर्स ने पोषक आहार के तत्वों के बारे में विशेष रूप से जानकारी देते हुए उन्हें अपने खाने में सम्मिलित करने का महत्व बताया तथा बस्ती के बच्चों को इस अवसर पर वॉलिंटियर्स के द्वारा गन्ने के जूस का वितरण किया गया। राष्ट्रगान गाकर शिविर का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ अंजना श्रीवास्तव का विशेष सहयोग रहा।

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डीपीआईआईटी और किंड्रिल ने भारत के विनिर्माण और आईटी स्टार्टअप इकोसिस्टम में नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए साझेदारी की

भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) और किंड्रिल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने नवाचार में तेजी लाने और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी डिजिटल रूपांतर और जेनेरेटिव एआई समाधानों में किंड्रिल की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर विनिर्माण और आईटी क्षेत्रों में स्टार्टअप का सहयोग करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

इस अवसर पर बोलते हुए डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव श्री संजीव ने कहा कि यह सहयोग भारत में नवाचार-संचालित स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। किंड्रिल की वैश्विक विशेषज्ञता और उद्यम समाधानों का लाभ उठाकर, डीपीआईआईटी का लक्ष्य स्टार्टअप्स को उनके परिचालन को बेहतर करने और उद्योगों में तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाने में मदद करना है।

इस साझेदारी के अंतर्गत, स्टार्टअप को मेंटरशिप, इंफ्रास्ट्रक्चर सहयोग और बाजार पहुंच के माध्यम से सशक्त बनाया जाएगा, जिससे वे ऑटोमोटिव, फार्मास्यूटिकल्स, बीएफएसआई, तेल व गैस और सरकारी सेवाओं जैसे उद्योगों में उद्यम इकोसिस्टम में अपने समाधानों को एकीकृत करने में सक्षम होंगे। डिजिटल उत्पाद, स्टार्टअप, एआई-संचालित इनोवेटर्स और उद्यमियों का सहयोग करने के लिए किंड्रिल समर्पित कार्यक्रमों को संस्थागत रूप देगा।

किंड्रिल स्टार्टअप के विकास में सहायता करेगा, उनके नवाचारों को उद्यम समाधानों में एकीकृत करेगा और उन्हें बड़े पैमाने के व्यावसायिक ग्राहकों से जोड़ेगा। स्टार्टअप को उत्पाद विकास, बाजार की तत्परता, साइबर सुरक्षा तन्यकशीलता और उद्यम परिनियोजन पर मार्गदर्शन मिलेगा। किंड्रील ग्राहक अनुभव और परिचालन दक्षता को बढ़ाने के लिए सलाहकार सत्र और उद्योग कार्यशालाएं आयोजित करेगा। स्टार्टअप इंडिया और डीपीआईआईटी के सहयोग से, किंड्रिल ज्ञान साझाकरण, नीतिगत अंतर्दृष्टि और सरकारी प्रोत्साहनों तक पहुंच प्रदान करेगा। स्टार्टअप को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने समाधानों को बढ़ाने और नए बाजारों का पता लगाने के बारे में भी मार्गदर्शन मिलेगा।

डीपीआईआईटी निदेशक डॉ. सुमीत कुमार जारंगल और किंड्रिल के प्रतिनिधि ने दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

यह साझेदारी भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र के तौर पर स्थापित करने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है। डीपीआईआईटी के स्टार्टअप सहायता ढांचे को किंड्रील की उद्यम क्षमताओं के साथ एकीकृत करके, सहयोग एक संरचित पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करेगा जहां स्टार्टअप फल-फूल सकते हैं, नवाचार कर सकते हैं और आर्थिक विकास में योगदान दे सकते हैं।

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