भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स कॉलेज के प्रांगण में शिक्षा शास्त्र विभाग तथा दर्शनशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वाधान में व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसका विषय रहा “भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु शिष्यपरंपरा”! व्याख्यान का शुभारंभ प्राचार्य प्रोफेसर बंदना निगम तथा डायरेक्टर प्रोफेसर अर्चना वर्मा के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। स्वागत उद्बोधन प्रोफेसर स्वाती सक्सेना ने किया और भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व के बारे में बताया, विषय प्रवर्तन प्रोफेसर सुचेता शुक्ला ने किया इन्होंने गुरु की महिमा का साक्षात वर्णन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉक्टर संगीता एस.एन. सेम कॉलेज ने गुरु शिष्य परंपरा के विभिन्न तथ्यों पर प्रकाश डाला कि वर्तमान दौर में गुरु शिष्य का अटूट बंधन क्यों अनिवार्य हैं और वैदिक संस्कृति ने इस देश को क्या दिया है यदि भावी पीढ़ी को तरक्की करनी है तो अपने गुरु के मूल्यों के साथ आगे बढ़ना होगा भारतीय संस्कृति में गुरु और माता-पिता को समतुल्य स्थान दिया गया है यदि आप इनके आशीर्वाद से जीवन में कुछ भी करना चाहते हैं तो असंभव नहीं है। धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर मधुरिमा सिंह ने किया। कार्यक्रम में प्रोफेसर पप्पी मिश्रा, प्रोफेसर क्षमा त्रिपाठी, डॉ अंशु पांडे,डॉ आभा पांडे, कविता विश्नोई,डॉ शालिनी तिवारी आदि की उपस्थित रही। कार्यक्रम में लगभग 118 छात्राओं ने सहभागिता की और ज्ञानार्जन प्राप्त किया।
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