Breaking News

कानपुर

टीडीबी-डीएसटी ने पुणे के मेसर्स ग्रीनजूल्स प्राइवेट लिमिटेड को स्वदेशी द्वितीय पीढ़ी के डीजल समतुल्य जैव ईंधन प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण के लिए सहयोग प्रदान किया है

भारत स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों और पुनः उपयोग वाली अर्थव्यवस्था-संचालित औद्योगिक विकास की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। इसी क्रम में, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने पुणे के मेसर्स ग्रीनजूल्स प्राइवेट लिमिटेड को “द्वितीय पीढ़ी के डीजल समतुल्य जैव ईंधन का निर्माण” परियोजना के लिए सहयोग प्रदान किया है। इस परियोजना का उद्देश्य कृषि अपशिष्ट और कृषि-प्रसंस्करण अवशेषों से प्राप्त उन्नत जैव ईंधन के उत्पादन के लिए एक वाणिज्यिक स्तर की सुविधा स्थापित करना है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अपशिष्ट से धन सृजन के मिशन और शुद्ध शून्य ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देगी।

प्रस्तावित परियोजना में अभिलाषा बायोफ्यूल्स (एबीएफ) के उत्पादन के लिए एक ग्रीनफील्ड विनिर्माण केंद्र स्थापित करना शामिल है। एबीएफ अगली पीढ़ी का नवीकरणीय डीजल और नेफ्था विकल्प है, जिसे पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है। “ड्रॉप-इन” ईंधन के रूप में डिज़ाइन किया गया, एबीएफ मौजूदा इंजनों, ईंधन प्रणालियों या वितरण बुनियादी ढांचे में किसी भी संशोधन की आवश्यकता के बिना पारंपरिक जीवाश्म-आधारित डीजल को सीधे प्रतिस्थापित कर सकता है, जिससे यह परिवहन और औद्योगिक ऊर्जा खपत को कार्बनमुक्त करने के लिए एक व्यावहारिक और बडे पैमाने पर समाधान बन जाता है।

पूरी तरह से भारत में विकसित, यह तकनीक नवीन थर्मो-केमिकल रूपांतरण प्रक्रियाओं को एकीकृत करती है जो कृषि अवशेषों और कृषि-औद्योगिक अपशिष्ट को उच्च गुणवत्ता वाले नवीकरणीय ईंधन में परिवर्तित करती है। यह प्रक्रिया थर्मल क्रैकिंग, उत्प्रेरक उन्नयन और डाउनस्ट्रीम शोधन तकनीकों को मिलाकर ऐसे जैव ईंधन का उत्पादन करती है जो जीवाश्म-आधारित समकक्षों के समान स्थापित गुणवत्ता विनिर्देशों को पूरा करती हैं। इस ईंधन का उत्पादन पहले ही लगभग चालीस विभिन्न फीडस्टॉक से सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जो भारत के विविध जैव अवशेष संसाधनों के लिए उल्लेखनीय आसानी और अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है।

इस तकनीक की एक प्रमुख विशेषता ग्रीनजूल्स की अधिकतम जैव अवशेष मिश्रणों की पहचान करने और ईंधन उत्पादन और दक्षता को अधिकतम करने के लिए उन्हें अनुकूलित उत्प्रेरक प्रणालियों के साथ मिलाने की उसकी प्रमुख विशेषज्ञता में निहित है। यद्यपि प्रक्रिया के अलग-अलग चरण ज्ञात औद्योगिक पद्धतियाँ हैं, कंपनी द्वारा फीडस्टॉक चयन, उत्प्रेरक अनुकूलन और प्रक्रिया अभियांत्रिकी का अनूठा एकीकरण इसकी मुख्य बौद्धिक संपदा है और यह कम मूल्य वाले कृषि अपशिष्ट से उन्नत जैव ईंधन का व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य उत्पादन संभव बनाता है।

यह परियोजना नवीकरणीय डीजल, नवीकरणीय नेफ्था, जैव कचरा और गैसीय ईंधन के उत्पादन में कंपनी की क्षमताओं को और बढ़ाएगी, जिससे अपशिष्ट से ऊर्जा का एक व्यापक इकोसिस्टम तैयार होगा। कृषि अवशेषों को, जिन्हें अक्सर जला दिया जाता है या फेंक दिया जाता है, मूल्यवान ऊर्जा उत्पादों में परिवर्तित करके, यह तकनीक एक साथ कई राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को पूरा करती है, जिनमें पराली जलाने में कमी, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना, ग्रामीण मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करना और आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करना शामिल है।

यह पहल भारत सरकार की राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति, पुनः उपयोग की अर्थव्यवस्था के उद्देश्यों और स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के माध्यम से सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है। यह उन्नत जैव ईंधन और वैकल्पिक ऊर्जा समाधानों में मजबूत घरेलू क्षमताएं विकसित करने के देश के दृष्टिकोण का भी समर्थन करती है।

इस अवसर पर अपने संबोधन में टीडीबी के सचिव श्री राजेश कुमार पाठक ने कहा, “कृषि अवशेषों से प्राप्त उन्नत जैव ईंधन ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरणीय स्थिरता और ग्रामीण आर्थिक विकास प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मार्ग प्रशस्त करते हैं। कचरे को उच्च मूल्य वाले ईंधन में परिवर्तित करने वाली स्वदेशी प्रौद्योगिकियां न केवल जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करती हैं, बल्कि पुनः उपयोग वाली अर्थव्यवस्था के भीतर नए अवसर भी पैदा करती हैं। ऐसे नवाचार देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और आयातित कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। टीडीबी भारत के स्वच्छ ऊर्जा इकोसिस्टम को मजबूत करने वाली प्रौद्योगिकियों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही ठोस आर्थिक, पर्यावरणीय और रणनीतिक लाभ भी प्रदान करती है।”

समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए, ग्रीनजूल्स प्राइवेट लिमिटेड ने कहा कि यह सहायता उनकी स्वदेशी जैव ईंधन प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण और विस्तार में तेजी लाने में सहायता करेगी, जिससे औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में टिकाऊ ईंधन समाधानों का व्यापक उपयोग संभव होगा। कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि यह परियोजना भारत के लिए एक स्वच्छ, आत्मनिर्भर और सुरक्षित ऊर्जा भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है

Read More »

कानपुर में 1 जून से 31 अगस्त तक सभी नदियाँ एवं बहती जलधाराएँ ‘नो फिशिंग जोन’ घोषित

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर, 05 जून 2026।** मछलियों के प्रजनन काल की सुरक्षा तथा मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के उद्देश्य से जिला प्रशासन कानपुर नगर द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी  जितेंद्र प्रताप सिंह ने जनपद की समस्त नदियों एवं बहती जलधाराओं को 01 जून 2026 से 31 अगस्त 2026 तक ‘नो फिशिंग जोन’ घोषित किया है।

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी नदी अथवा बहती जलधारा में मत्स्य आखेट (मछली पकड़ना) तथा बाड़े (घेराबंदी) लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध मछलियों के प्रजनन एवं संवर्धन को सुरक्षित रखने तथा प्राकृतिक मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के उद्देश्य से लागू किया गया है।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। इसके लिए मत्स्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने तथा सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सहायक निदेशक मत्स्य, कानपुर नगर डॉ. जितेंद्र कुमार ने सभी मत्स्यजीवी सहकारी समितियों के सदस्यों एवं जनपदवासियों से अपील की है कि वे मत्स्य संरक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें तथा प्रतिबंध अवधि के दौरान निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही जल संसाधनों एवं मत्स्य संपदा का प्रभावी संरक्षण संभव है।

Read More »

ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना के तहत लेदर और होजरी ट्रेड में निःशुल्क प्रशिक्षण हेतु आवेदन आमंत्रित

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर। उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, कानपुर नगर अंजनीश प्रताप सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में “एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना” संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत जनपद के इच्छुक अभ्यर्थियों को लेदर एवं होजरी टेक्सटाइल उत्पाद ट्रेड में 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय वेबसाइट http://msme.up.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जून 2026 निर्धारित की गई है।

योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी हेतु अभ्यर्थी कार्यालय दिवसों में जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, कानपुर नगर में संपर्क कर सकते हैं।

Read More »

विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता विषयक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर  विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय सेवा योजना दयानन्द गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर द्वारा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता विषयक विभिन्न कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस का मुख्य फोकस जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास पर रहा, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो वंदना निगम के द्वारा पौधारोपण कर किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने तथा दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता हेतु सक्रिय योगदान देने तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की शपथ दिलवायी।
इस अवसर पर एनएसएस वॉलंटियर्स के द्वारा वृक्षारोपण अभियान, पोस्टर प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता तथा पर्यावरण जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। छात्राओं ने जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवन, स्वच्छता तथा हरित पर्यावरण जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में लगभग 50 छात्राओं के द्वारा प्रतिभाग किया गया।
कार्यक्रम में रेंजर प्रभारी प्रो स्वाति सक्सेना ने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण तथा सतत विकास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ विनीता श्रीवास्तव , डॉ अलका त्रिपाठी, डॉ. शिखा, श्वेता गोंड, एनसीसी एवं रेंजर्स छात्राओं एवं शिक्षिकाओं का योगदान सराहनीय रहा।

Read More »

नाबालिगों को वाहन न दें, गंगा बैराज पर स्टंटबाजों पर होगी कार्रवाई: डीएम

दैनिक भारतीय स्वरूप “जिला सूचना कार्यालय कानपुर” जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है और जनजागरूकता के बिना दुर्घटनाओं में कमी लाना संभव नहीं है।

जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी स्थिति में वाहन न चलाने दें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 12 ऐसे चालान किए जा चुके हैं जिनमें नाबालिग बच्चे वाहन चलाते हुए पाए गए। साथ ही गंगा बैराज क्षेत्र में स्टंट करने वाले बाइक सवारों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में सर्वाधिक दुर्घटना वाले स्थलों पर पांच मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने, ऐसे मार्गों पर स्थित राजकीय चिकित्सालयों की आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा बड़ी सड़क दुर्घटनाओं से निपटने के लिए जनपद स्तरीय आकस्मिक मेडिकल एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोड सेफ्टी क्लब स्थापित कर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रधानमंत्री राहत जन आरोग्य योजना के अंतर्गत जनपद के नौ अस्पताल चिन्हित हैं, जिनमें वेदांता हॉस्पिटल, डेल्टा हॉस्पिटल, आशिर्य हॉस्पिटल, चांदनी हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस कुलवंती हॉस्पिटल, नारायणा हॉस्पिटल, रामादेवी मेडिकल सेंटर प्राइवेट लिमिटेड, रामा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर तथा रामा हॉस्पिटल शामिल हैं। ये सभी अस्पताल हाईवे के निकट स्थित हैं। दुर्घटना की स्थिति में पात्र घायलों का डेढ़ लाख रुपये तक उपचार निःशुल्क किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि राहवीर योजना के अंतर्गत घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है तथा पुलिस द्वारा उससे अनावश्यक पूछताछ भी नहीं की जाती।

बैठक में अप्रैल 2026 के प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा भी की गई। यातायात पुलिस द्वारा बिना हेल्मेट वाहन चलाने पर 24,885, बिना सीट बेल्ट 572, रेड लाइट जंपिंग के 493, शराब पीकर वाहन चलाने के 90 तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने के 175 मामलों में कार्रवाई की गई। वहीं परिवहन विभाग द्वारा 38 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए, जिनमें 31 ओवरलोडिंग, चार वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग तथा तीन शराब पीकर वाहन चलाने से संबंधित थे।

बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. विवेक चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी अखंडेश्वर, एआरटीओ आलोक कुमार सिंह, बीएसए सुरजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


 

Read More »

उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना एवं केएफसीएल प्रबंधन का असहयोगात्मक रवैया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 30 मई अतिरिक्त श्रम आयुक्त के आदेश के अनुपालन में श्रमिक श्रम कार्यालय एवं तत्पश्चात केएफसीएल परिसर में उपस्थित हुए। हमारा उद्देश्य माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रदत्त राहत के अनुरूप नौकरी बहाली की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था।

कई घंटों की प्रतीक्षा एवं वार्ता के उपरांत श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्री सुरेश सिंह एवं श्री हेमंत कुमार द्वारा हमें अवगत कराया गया कि केएफसीएल प्रबंधन के विधिक सलाहकार एस. एल. मुखर्जी ने स्पष्ट रूप से यह कहा है कि “ये मेरे श्रमिक नहीं हैं, मैं इन्हें नहीं रखूंगा।”

यदि यह कथन सही है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है, क्योंकि यह माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश एवं श्रमिकों को प्रदान किए गए वैधानिक संरक्षण की भावना के प्रतिकूल प्रतीत होता है। हम पिछले लंबे समय से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और न्यायालय के आदेशों के अनुपालन की अपेक्षा कर रहे हैं, किंतु प्रबंधन का यह रवैया अत्यंत निराशाजनक एवं चिंताजनक है।

आज की बैठक से यह स्पष्ट हो गया कि प्रबंधन हमारी नौकरी बहाली के संबंध में सकारात्मक कदम उठाने के बजाय टालमटोल की नीति अपना रहा है। हम सभी श्रमिक कई घंटों तक भीषण गर्मी में प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन अंततः हमें यह जानकारी दी गई कि प्रबंधन हमें कर्मचारी के रूप में स्वीकार करने को तैयार नहीं है।

हम माननीय उच्च न्यायालय, श्रम विभाग तथा समस्त सक्षम प्राधिकारियों से मांग करते हैं कि इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए न्यायालय के आदेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए तथा आदेशों की अवहेलना करने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाए।

हम मीडिया जगत से भी अनुरोध करते हैं कि श्रमिकों के इस न्यायसंगत संघर्ष को जनता तक पहुंचाएं, ताकि सत्य सामने आए और श्रमिकों को उनका वैधानिक अधिकार प्राप्त हो सके। हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि न्याय और अपने वैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए है।

Read More »

*जनगणना-2027* दो प्रगणकों ने महज तीन दिन में पूरा किया शत-प्रतिशत मकान सूचीकरण कार्य

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर नगर, जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत तहसील घाटमपुर में दो प्रगणकों ने सेवा, निष्ठा और समयबद्धता का परिचय देते हुए महज तीन दिन में अपने निर्धारित क्षेत्र का शत-प्रतिशत मकान सूचीकरण एवं भवन गणना कार्य पूरा कर लिया। उत्कृष्ट कार्य के लिए तहसीलदार अंकिता पाठक ने उन्हें सम्मानित किया।

प्रगणक सुरेन्द्र सिंह, शिक्षामित्र द्वारा एचएलबी 722 में 72 भवनों के 81 जनगणना मकानों का सूचीकरण एवं गणना कार्य पूर्ण किया गया। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री गायत्री देवी द्वारा 126 भवनों में स्थित 158 जनगणना मकानों का शत-प्रतिशत कार्य पूरा किया गया।

दोनों प्रगणकों से कवरेज प्रमाण पत्र प्राप्त किए गए। तहसील टीम ने उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ किया गया कार्य अन्य प्रगणकों के लिए प्रेरणादायक है।

उप जिलाधिकारी घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह ने दोनों प्रगणकों को बधाई देते हुए अन्य प्रगणकों से भी पूरी निष्ठा और गंभीरता के साथ कार्य करने की अपील की।

Read More »

भीषण गर्मी और लू को लेकर प्रशासन अलर्ट, जनसामान्य, किसानों व पशुपालकों के लिए जारी की गई एडवाइजरी

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर नगर। अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम केन्द्र, लखनऊ से प्राप्त मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के अनुसार आगामी दिनों में जनपद कानपुर नगर में उष्ण लहर से भीषण उष्ण लहर (लू) चलने की संभावना व्यक्त की गई है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण जनपद में लू का प्रकोप बढ़ने की आशंका है, जिससे जनस्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से मजदूरों, किसानों तथा धूप में लंबे समय तक कार्य करने वाले लोगों में निर्जलीकरण एवं लू लगने का खतरा अधिक रहेगा।

जनहानि की संभावना को देखते हुए प्रशासन द्वारा जनसामान्य, कृषकों एवं पशुपालकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है। लोगों से कहा गया है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले एवं सूती कपड़े पहनें तथा सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और यात्रा के दौरान अपने साथ पानी अवश्य रखें।

शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ओआरएस घोल, नारियल पानी, लस्सी, नींबू पानी, छाछ एवं आम का पन्ना जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। साथ ही रेडियो, टीवी एवं समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम और तापमान की नियमित जानकारी लेते रहने को कहा गया है। कमजोरी, चक्कर आने अथवा अस्वस्थ महसूस होने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

प्रशासन ने लोगों से अपने घरों को ठंडा रखने के लिए पर्दे, शटर आदि का उपयोग करने तथा रात के समय खिड़कियां खुली रखने की अपील की है। घर की छतों पर चूना या सफेद रंग करवाने तथा निचली मंजिलों पर रहने का प्रयास करने की भी सलाह दी गई है।

एडवाइजरी में बच्चों एवं पालतू जानवरों को बंद वाहन में अकेला छोड़ने से बचने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि वाहन अत्यधिक गर्म होकर खतरनाक तापमान पैदा कर सकते हैं। दोपहर के समय अत्यधिक श्रम वाले कार्य न करने, बासी भोजन से परहेज करने तथा शराब, चाय, कॉफी एवं कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के सेवन से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं।

इसके अतिरिक्त लोगों से अपील की गई है कि दिन के सबसे गर्म समय में खाना पकाने से बचें तथा रसोईघर को हवादार बनाए रखने के लिए खिड़की और दरवाजे खुले रखें, ताकि गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके।

Read More »

कार्यकारी अध्यक्ष बने पंडित जितेन्द्र वाल्मीकि

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। जब से माध्यमिक शिक्षणेत्तर कर्मचारी एसोसिएशान उत्तर प्रदेश कानपुर से कार्यकारी अध्यक्ष पंडित जितेन्द्र वाल्मीकि को बनाया गया है तब से वाल्मीकि समाज में एक खुशी कि लहर चल रही है ऐसा पहली बार हुआ है की माध्यमिक शिक्षा विभाग में किसी वाल्मीकि समुदाय के व्यक्ति को जिलाध्यक्ष बनाया गया आज से पहले कभी भी किसी संगठन ने वाल्मीकि समुदाय को इतनी बड़ी जिम्मेदारी नही सौंपी संघ ने पंडित जी को कानपुर जिला संगठन मंत्री बनाया था इनका कार्य इतना जबरदस्त रहा की संगठन मंत्री के साथ सह मिडिया प्रभारी का भी भार संघ ने दे दिया था दोनों पदों का दायित्व निभाते हुए संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपना कार्य करते चले जा रहे थे इनकी ईमानदारी लगन को देखते हुए संगठन ने इनको एक नई जिम्मेदारी देते हुए कानपुर से कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया जैसे ही समाज के लोगो को यहां जानकारी हुई तो वाल्मीकि समाज में खुशी की लहर जाग गई समाज के नवयुवाओं ने जितेन्द्र के निवास पर कांग्रेस सचिव अनिकेत सुनील वाल्मीकि. वाल्मीकि सेना कानपुर नगर अध्यक्ष विमल कुमार मानवाधिकार एनजीओ अध्यक्ष विजय मसीह उपाध्यक्ष अमित कुमार. राहुल केथल. अंटू वाल्मीकि. तरुण गौतम. आशीष गौतम. पहुंचकर फूलो की माला पहनाकर मिठाई खिलाकर जोरदार स्वागत किया और जितेन्द्र की पत्नी ममता बेटी अनिष्का ने आये हुए सभी लोगों के साथ मोहल्ले में मिठाई बाटकर अपनी खुशी जाहिर की इसी क्रम में पंडित जी के विधालय के कर्मचारी भी पीछे नही रहे जैसे ही कर्मचारियों को पता चला की हमारे साथी वाल्मीकि को संघ की तरफ से कानपुर कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है तो सभी कर्मचारियों ने बड़ी घूमधाम से जश्न मानते हुए की अब हमारे दर्द को समझने वाला हमारा भाई अध्यक्ष बनाया गया कर्मचारियों ने जितेन्द्र को माला पहनाकर स्वागत किया और अपने अपने विचार व्यक्त किए और  सभी का मुंह मीठा कराया एक दूसरे को बधाई दी इस मौके पर विधालय के प्रधानाचार्य देव सिंह गौड ने भी वाल्मीकि को अपना आशीर्वाद देते हुए नस्ते का आनन्द लिया
इस कार्यकर्म के मौके पर विनोद पाण्डेय. सुरेन्द्र यादव. क्रिकेट कोच अंकुर यादव.मरमट महंत ओम प्रकाश मिश्रा. राहुल यादव.शाहिल कुमार. करन त्रिवेदी. राजन शर्मा. अंकुर कश्यप. खुशबू शुक्ला मौजूद रहे।

Read More »

रात में चला सघन अभियान, 91 वाहनों पर कार्रवाई

दैनिक भारतीय स्वरूप (जिला सूचना कार्यालय) कानपुर, घाटमपुर में ओवरलोड और बिना नंबर प्लेट वाहनों पर चला शिकंजा, 17 वाहन सीज किए गए तथा 74 वाहनों का चालान* 4.48 लाख का जुर्माना घाटमपुर क्षेत्र में शुक्रवार रात्रि 9 बजे से राजस्व, पुलिस, परिवहन एवं खनन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सघन सड़क सुरक्षा एवं प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ओवरलोड, बिना नंबर प्लेट, प्रेशर हॉर्न तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की गई।संयुक्त टीमों द्वारा कुल 91 वाहनों पर कार्रवाई की गई। परिवहन एवं खनन विभाग की ओर से 7 वाहनों के विरुद्ध ओवरलोड, टैक्स, परमिट, लाइसेंस तथा प्रेशर हॉर्न संबंधी 10 अनियमितताओं में कार्रवाई करते हुए लगभग 4 लाख 48 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं पुलिस विभाग द्वारा 17 वाहन सीज किए गए तथा 74 वाहनों का चालान किया गया।

अभियान में एसडीएम घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह, एआरटीओ कहकशां, एसीपी कृष्णकांत, खनन अधिकारी, पुलिस बल एवं अन्य विभागीय टीमें मौजूद रहीं।

एसडीएम अबिचल प्रताप सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Read More »