भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 6 अप्रैल कानपुर विद्यामंदिर महाविद्यालय में शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा *अनुसंधान पद्धति* विषय पर संगोष्ठी एवं वार्षिक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपप्राचार्या प्रो. निशा पाठक द्वारा मुख्य अतिथि, डॉ. प्रभा कुमारी (प्राचार्य, चौ. जगन सिंह शिक्षा संस्थान, भरतपुर) का स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलित द्वारा किया गया ।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. भक्ति विजय शुक्ला (सहायक निदेशक, फ्रेग्रेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर, कानपुर) तथा श्री अनिल कुमार त्रिपाठी (इनक्यूबेशन मैनेजर, इनोवेशन फाउंडेशन, सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय, कानपुर) उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि एवं कीनोट स्पीकर डॉ. प्रभा कुमारी द्वारा अनुसंधान पद्धति पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें छात्राओं को शोध कार्य की मूलभूत प्रक्रियाओं, विधियों तथा नवीनतम रुझानों की जानकारी दी गई। इसके पश्चात विषय से सम्बन्धित प्रश्न छात्राओं द्वारा किए गए जिसका उत्तर मुख्य वक्ता द्वारा देकर छात्राओं का ज्ञानवर्धन किया गया। अतिथियों द्वारा शैक्षणिक सत्र 2024 25 हेतु स्नातक स्तर पर सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्राएं श्रेया राजवंशी, रश्मि वर्मा, श्रेया मिश्रा, अनीशा गिरी,स्वप्निल पांडे,अंजली शर्मा, प्राणिक शुक्ला, खुशी वर्मा, आंचल सिंह, साक्षी साहू, शिखा गुप्ता, पलक चौबे तथा स्नाकोत्तर स्तर पर सर्वोत्तम अंक पाने वाली छात्राएं प्रिया,अमृता गौतम, खुशी तिवारी एवं स्वाति गुप्ता को मेडल एवं प्रमाणपत्र द्वारा पुरस्कृत किया गया। महाविद्यालय में भूतपूर्व छात्रा संगठन *ओजस्विनी* द्वारा भी छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। एम.एस.एम.ई द्वारा आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा कार्यक्रम में छात्राओं को वर्ष भर की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद उपलब्धियों के लिए पुरस्कार वितरित किए गए।
इस कार्यक्रम का कुशल संयोजन डॉ. रितु नारंग, असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षाशास्त्र विभाग, समन्वयक डॉ. शोभा मिश्रा एवं विभागाध्यक्षा श्रीमती निक्की वेदी द्वारा, कार्यक्रम का संचालन डा स्निग्धा मिश्र, अस्सिटेंट प्रो. अंग्रेजी विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम में समस्त शिक्षिकाएं एवं लगभग 70 छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन डॉ रितु नारंग द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करके किया गया।
यह कार्यक्रम महाविद्यालय के शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
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