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ऊष्मा को विद्युत में परिवर्तित करने की सदी पुरानी सीमा को पार कर लिया गया है, जिससे अति संवेदनशील तापमान संवेदन संभव हो गया है।

वैज्ञानिकों को एक ऐसा क्रिस्टलीय अर्धचालक मिला है जो तापमान के अंतर को विद्युत वोल्टेज में परिवर्तित करता है जो भौतिकी की पाठ्यपुस्तकों में वर्णित वोल्टेज से लगभग एक हजार गुना अधिक है।

उत्पन्न होने वाला थर्मोइलेक्ट्रिक वोल्टेज इतना अधिक होता है कि यह उन मानों के बराबर होता है जो आमतौर पर केवल तरल इलेक्ट्रोलाइट्स और आयनिक जैल में देखे जाते हैं, ठोस पदार्थों में नहीं, विशेष रूप से एकल-क्रिस्टलीय पदार्थों में।

इस खोज ने ठोस पदार्थों में इस प्रभाव की सीमा के बारे में दशकों पुरानी धारणा को बदल दिया है और अति संवेदनशील तापमान सेंसर, हीट डिटेक्टर और क्वांटम सेंसिंग उपकरणों की एक नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त किया है।

जब दो अलग अलग  पदार्थों के बीच के जोड़ के एक सिरे को गर्म किया जाता है जबकि दूसरे सिरे को ठंडा रखा जाता है, तो गतिशील आवेश वाहक गर्म सिरे से ठंडे सिरे की ओर प्रवाहित होते हैं जिससे जोड़ के आर-पार वोल्टेज उत्पन्न होता है। इस घटना को सीबेक प्रभाव के नाम से जाना जाता है जिसकी खोज दो शताब्दी पहले हुई थी और यह तापमान सेंसर से लेकर अपशिष्ट ऊष्मा को बिजली में परिवर्तित करने वाले थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटर तक की तकनीकों का आधार है।

दशकों से, सीबेक गुणांक के रूप में मापी जाने वाली इस वोल्टेज की मात्रा, क्रिस्टलीय ठोस में इस प्रभाव की ऊपरी सीमा को केवल कुछ मिलीवोल्ट प्रति केल्विन तक ही सीमित रखती है। अधिकांश धातुएँ प्रति केल्विन केवल कुछ दहाई माइक्रोवोल्ट (µV/K) का वोल्टेज उत्पन्न करती हैं जबकि अच्छे अर्धचालक भी शायद ही कभी कुछ सौ माइक्रोवोल्ट प्रति केल्विन से अधिक उत्पन्न करते हैं। केवल तरल प्रणालियाँ, जैसे कि आयनिक जैल और इलेक्ट्रोलाइट्स, जिनमें इलेक्ट्रॉनों के बजाय आवेशित आयन ऊष्मा का संचरण करते हैं, मिलीवोल्ट प्रति केल्विन की सीमा को पार करती हुई पाई गई हैं।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की एक स्वायत्त संस्थान, जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (जेएनसीएएसआर) के शोधकर्ताओं के एक समूह ने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय और बैंगलोर के भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के साथ मिलकर अब यह दिखाया है कि ठोस, एपिटैक्सियल क्रिस्टल में इस सीमा को तोड़ा जा सकता है।

प्रोफेसर बिवास साहा के नेतृत्व वाली टीम ने रेणुका करंजे और धीमही राव के साथ-साथ जेएनसीएएसआर से दीक्षा दाधिच और सौरव रुद्र, सिडनी विश्वविद्यालय से आशालाथा इंदिरादेवी कमलासनन पिल्लई और डॉ. मैग्नस गारब्रेक्ट और आईआईएससी से प्रोफेसर सुब्रतो मुखर्जी के सहयोग से अल्ट्राहाई-वैक्यूम मैग्नेट्रॉन स्पटरिंग का उपयोग करके मैग्नीशियम ऑक्साइड सब्सट्रेट पर स्कैंडियम नाइट्राइड (एससीएन), एक दुर्दम्य संक्रमण-धातु नाइट्राइड की पतली फिल्में विकसित कीं।

उन्होंने इनमें मैग्नीशियम मिलाया ताकि ऑक्सीजन डोपेंट से उत्पन्न होने वाले स्वाभाविक रूप से मौजूद मुक्त इलेक्ट्रॉनों की भरपाई हो सके। इससे एक ऐसा अर्धचालक बना जिसे अत्यधिक डोप किया हुआ और अत्यधिक संतुलित (एचडीएचसी) अर्धचालक कहा जाता है, एक ऐसा पदार्थ जिसमें धनात्मक और ऋणात्मक आवेश वाले डोपेंट परमाणु क्रिस्टल में लगभग समान संख्या में बेतरतीब ढंग से बिखरे होते हैं।

एक्स-रे विवर्तन और परमाणु-रिज़ॉल्यूशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी ने पुष्टि की कि फिल्में एकल-क्रिस्टलीय और एपिटैक्सियल बनी रहीं, जिसमें डोपेंट परमाणु समान रूप से वितरित थे और कोई द्वितीयक चरण या अवक्षेप नहीं थे।

इन एचडीएचसी एससीएन फिल्मों में, टीम ने सीबेक गुणांक का मान अकार्बनिक अर्धचालकों में आमतौर पर देखे जाने वाले मान से कई सौ से लेकर एक हजार गुना अधिक मापा, और यह पहले से ज्ञात अधिकतम सीमा से लगभग सौ गुना अधिक था (लगभग 200 नैनोमीटर मोटी फिल्म में कमरे के तापमान के पास -124.6 मिलीवोल्ट प्रति केल्विन से अधिक)। यह इसे तरल इलेक्ट्रोलाइट्स और हाइड्रोजेल और आयनिक जिलेटिन जैसे आयनिक चालकों से भी पहले से जुड़े दायरे से काफी ऊपर रखता है।

शोधकर्ताओं ने इस परिणाम को पूरी तरह से क्रिस्टलीय अर्धचालक के अंदर इलेक्ट्रोलाइट जैसी ऊष्माशक्ति के ठोस-अवस्था अनुरूप के रूप में वर्णित किया है।

एचडीएचसी एससीएन फिल्मों को पतला करने पर यह प्रभाव और भी मजबूत हो गया।

इस अध्ययन का नेतृत्व करने वाले प्रोफेसर बिवास साहा ने कहा कि जब हमने यह काम शुरू किया था तब हमारा लक्ष्य कोई रिकॉर्ड तोड़ना नहीं था बल्कि हम यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि अव्यवस्था और आवेश क्षतिपूर्ति स्कैंडियम नाइट्राइड में इलेक्ट्रॉनिक परिवहन को कैसे नया आकार देते हैं।इसके बजाय हमने पाया कि एक पूरी तरह से क्रिस्टलीय, एपिटैक्सियल, एकल-चरण अर्धचालक तरल इलेक्ट्रोलाइट की तरह ऊष्माविद्युत रूप से व्यवहार कर सकता है। यह वास्तव में आश्चर्यजनक था और इससे हमें पता चलता है कि ठोस पदार्थों में अत्यधिक ऊष्माविद्युत और संवेदन क्षमता प्राप्त करने के लिए इंजीनियर की गई अव्यवस्था एक काफी हद तक अनछुआ मार्ग है।

चित्र 1 : अत्यधिक डोपिंग और उच्च क्षतिपूर्ति वाले ScN के इलेक्ट्रॉनिक बैंड आरेख का योजनाबद्ध चित्रण, जो बोल्ट्जमैन सीमा से अधिक ऊष्माशक्ति प्रदर्शित करता है।

टीम ने दो क्रोमियम संपर्कों वाली एचडीएचसीएससीएन  फिल्म का उपयोग करके एक प्रारंभिक प्रोटोटाइप फोटॉन सेंसर बनाया है। एक संपर्क को लेजर से प्रकाशित करने पर उपकरण में एक सूक्ष्म, स्थानीयकृत तापमान अंतर उत्पन्न हुआ और परिणामस्वरूप वोल्टेज -102.4 मिलीवोल्ट प्रति केल्विन के सीबेक प्रतिक्रिया में परिवर्तित हो गया जो  प्रकाश पहचान के लिए पर्याप्त है और टीम का सुझाव है कि आगे अनुकूलन के साथ कमरे के तापमान के आसपास एकल-फोटॉन स्तर की पहचान के लिए भी उपयुक्त है। वोल्टेज प्रतिक्रिया तीव्र थी कई प्रकाश चक्रों में दोहराने योग्य थी और सामग्री को अपरिवर्तित छोड़ दिया। इस कार्य के आधार पर तापमान और फोटॉन पहचान के लिए थर्मोइलेक्ट्रिक पतली-फिल्म सामग्री और सेंसर पर टीम द्वारा एक भारतीय पेटेंट आवेदन दायर किया गया है।

चित्र 2 : (बाएं से दाएं) जेएनसीएएसआर टीम, प्रोफेसर बिवास साहा, सौरव रुद्र, दीक्षा दाधीच, रेणुका करंजे और धीमाही राव

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राष्ट्रपति, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के 18 परिसरों के संयुक्त दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं

राष्‍ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु नई दिल्‍ली में राष्‍ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्‍थान (निफ्ट) के 18 परिसरों के संयुक्‍त दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि वस्त्र और परिधान क्षेत्र केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का अंग नहीं है, बल्कि करोड़ों देशवासियों की आजीविका का भी आधार रहा है। यदि पारंपरिक कारीगरों को सहयोग और मार्गदर्शन मिले तो आने वाली पीढ़ियों को भी गर्व और विश्वास के साथ इस व्यवसाय से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की, कि विभिन्न निफ्ट केंद्रों ने ‘क्राफ्ट क्लस्टर पहल’ जैसे कार्यक्रमों को लागू किया है, जिनके माध्यम से उनके संबंधित क्षेत्रों के बुनकरों और कारीगरों को वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है तथा बाजारों से जोड़ा जा रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आज हमारा देश पहले की तुलना में कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ विश्व पटल पर अपनी भूमिका को विस्तार दे रहा है। फैशन टेक्नोलॉजी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें विश्व स्तर पर भारत की भूमिका बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इस प्रयास में सभी विद्यार्थी स्मरण रखें कि उनकी सोच वैश्विक हो, लेकिन उनकी जड़ें अपनी मिट्टी और देश के सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी हों। इस तरह वे न केवल सफल पेशेवर बनेंगे, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में भी अपना योगदान दे सकेंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय उत्पाद बनाने चाहिए लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि वे पर्यावरण के अनुकूल हों। उन्होंने कहा कि अपने उत्पादों के लिए स्थानीय रूप से उपलब्ध कच्चे माल का प्रयोग करना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। बचे हुए अंश को बेकार समझकर फेंकना नहीं चाहिए; बल्‍कि उसे नया रूप, नई उपयोगिता और नया मूल्य दिया जा सकता है। उन्होंने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि निफ्ट के नीति-निर्माताओं ने संधारणीयता और सामाजिक दायित्व को संस्थान की कार्ययोजना में महत्वपूर्ण स्थान दिया है। उन्‍होंने यह विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि निफ्ट वस्त्र और परिधान के क्षेत्र में संघारणीय भविष्‍य के अपने प्रयासों के अन्तर्गत सर्कुलर इकोनॉमी की विधाओं को व्यापक और लाभदायक बनाने के लिए प्रभावी कदम उठायेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने इस बात का उल्‍लेख किया कि निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिभाशाली युवा विद्यार्थियों से देश को बहुत अपेक्षाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे समाज के निर्माण में सहयोग करने का आग्रह किया जिसमें प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र की प्रगति में योगदान करने का उचित अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता इस बात में निहित है कि उनके प्रयासों से किसी शिल्पकार को अपने शिल्प की मूल पहचान को बनाये रखते हुए अपनी उत्पादकता और आय बढ़ाने में कितनी सहायता मिलती है।

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श्रीलंका में चमकी कानपुर की प्रियांशी, भारत को दिलाया टी-20 डेफ सीरीज का खिताब

चार मैचों में झटके छह विकेट, विजेता भारतीय टीम की खिलाड़ी को डीएम ने क्रिकेट किट देकर किया सम्मानित

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर । श्रीलंका की धरती पर कानपुर की बेटी प्रियांशी दीक्षित ने अपनी गेंदबाजी से छाप छोड़ते हुए देश और शहर का नाम रोशन किया है। भारतीय महिला बधिर क्रिकेट टीम ने महिला टी-20 डेफ सीरीज-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी मुकाबले जीतकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत में कानपुर की 20 वर्षीय प्रियांशी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने चार मैचों में छह विकेट झटके। सोमवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रियांशी को क्रिकेट किट प्रदान कर सम्मानित किया।

गोपाल नगर, सैनिक चौराहा, यशोदा नगर निवासी प्रियांशी गौतम बुद्ध महाविद्यालय, सिद्धार्थ नगर, नौबस्ता में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा निखार रहीं प्रियांशी को भारतीय महिला बधिर क्रिकेट टीम में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला तो उन्होंने अपनी गेंदबाजी से इसे यादगार बना दिया।

श्रीलंका के डी सोयसा पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में सात से 13 जुलाई तक आयोजित महिला टी-20 डेफ सीरीज-2026 में भारत और श्रीलंका की टीमों ने प्रतिभाग किया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा और सभी मुकाबलों में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम की। प्रियांशी ने चार मुकाबलों में छह विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

*क्रिकेट किट देकर बढ़ाया हौसला*

सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रियांशी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें क्रिकेट किट प्रदान की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रियांशी की उपलब्धि पूरे कानपुर के लिए गौरव का विषय है। उनकी सफलता जनपद के युवाओं, विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा के दम पर नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने भी प्रियांशी को भारतीय टीम की जीत में योगदान के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

*कानपुर से श्रीलंका तक छोड़ी अपनी छाप,*

महज 20 वर्ष की उम्र में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व और अंतरराष्ट्रीय सीरीज की विजेता टीम का हिस्सा बनना प्रियांशी की उपलब्धि को खास बनाता है। श्रीलंका में छह विकेट लेकर उन्होंने न सिर्फ भारतीय टीम की जीत में अपनी भूमिका निभाई, बल्कि यह भी साबित किया कि प्रतिभा को अवसर मिले तो चुनौतियां उसके कदम नहीं रोक सकतीं। अब प्रियांशी की निगाहें क्रिकेट के मैदान पर आगे की उपलब्धियों पर हैं।

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विद्यालय परिसरों से हटेंगी हाईटेंशन और एलटी लाइनें, पहले चरण में 93 स्कूल चिह्नित

विद्युत लाइनें होंगी स्थानांतरित, डीएम ने स्थलीय सत्यापन के दिए निर्देश

दैनिक भारतीय स्वरूप कानपुर नगर।  विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विद्यालय परिसरों से होकर गुजर रही हाईटेंशन (एचटी) और लो टेंशन (एलटी) विद्युत लाइनों को हटाकर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। शासन के निर्देश पर जनपद में गठित समिति ने पहले चरण में ऐसे 93 विद्यालय चिह्नित किए हैं, जहां विद्युत लाइनों को स्थानांतरित किए जाने की आवश्यकता है। सोमवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में चिह्नित विद्यालयों का स्थलीय सत्यापन शीघ्र पूरा कर कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए गए।

शासन ने प्रदेश में संचालित परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के परिसरों से गुजर रही एचटी और एलटी विद्युत लाइनों को हटाने एवं स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय परिसर से गुजरने वाली विद्युत लाइनें विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में ऐसे मामलों में राजकीय अथवा सहायता प्राप्त विद्यालयों के परिसर से गुजर रही एचटी एवं एलटी विद्युत लाइनों को निःशुल्क स्थानांतरित करने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में गठित समिति ने प्रथम चरण में 93 विद्यालयों का चिन्हांकन किया है। इन विद्यालयों में विद्युत लाइनों को स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को स्थलीय सत्यापन शीघ्र पूरा करने और विद्युत विभाग सहित संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में लगभग 134 राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों के भवन परिसर, खेल मैदान अथवा अन्य स्थानों से एचटी या एलटी विद्युत लाइन गुजर रही हो तो उसका स्थलीय सत्यापन कराया जाए। ऐसे सभी विद्यालयों को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। शासन द्वारा विद्युत लाइनों को निःशुल्क स्थानांतरित किए जाने की सुविधा दी गई है, इसलिए कोई भी पात्र विद्यालय इससे वंचित नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिह्नित विद्यालयों का स्थलीय सत्यापन शीघ्र पूरा किया जाए। जहां विद्युत लाइन स्थानांतरित करने की आवश्यकता है, वहां संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करें और शासन के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि उनके क्षेत्र के किसी विद्यालय परिसर, भवन अथवा खेल मैदान से हाईटेंशन या लो टेंशन विद्युत लाइन गुजर रही हो तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। सूचना का स्थलीय सत्यापन कर विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन सहित दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, केस्को तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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स्कूलों में चला सफाई अभियान, परिसर से छत तक हुई साफ-सफाई

डीएम के निर्देश पर विद्यालयों में उतरीं टीमें, कक्षों और शौचालयों की सफाई के साथ हुआ कूड़े का निस्तारण 

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रविवार को जनपद की प्रत्येक न्याय पंचायत में चयनित शासकीय विद्यालयों में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सफाई कर्मियों की टीमों ने विद्यालय परिसर से लेकर कक्षों, शौचालयों, बाउंड्रीवाल और छतों तक की व्यापक सफाई की। अभियान के दौरान विद्यालय परिसरों में उगी घास और झाड़ियों की कटाई कर एकत्र कूड़े का निस्तारण कराया गया। कक्षों एवं शौचालयों की सफाई के साथ जलभराव वाले स्थानों पर पानी की निकासी सुनिश्चित की गई। विद्यालयों की छतों पर उगी घास एवं अन्य वनस्पतियों को हटाया गया, ताकि बरसात के दौरान जल निकासी बाधित न हो और भवन में सीलन अथवा पानी के रिसाव की समस्या उत्पन्न न हो। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन के पर्यवेक्षण में चलाए गए अभियान में सभी खंड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों पंचायत, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। सफाई कार्य की निगरानी के लिए विकास भवन में कॉल सेंटर स्थापित किया गया, जहां से जनपद के विभिन्न विद्यालयों में संचालित अभियान की मॉनीटरिंग की गई। जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार ने चौबेपुर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय चौबेपुर द्वितीय और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह ने प्राथमिक विद्यालय गंभीरपुर का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। सहायक विकास अधिकारी पंचायत शिवराजपुर ने प्राथमिक विद्यालय बैरी एवं कंपोजिट विद्यालय दुबियाना का निरीक्षण किया। जनपद स्तरीय अधिकारियों ने भी चयनित विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर सफाई कार्य की गुणवत्ता परखी। जनपद के अन्य सभी शासकीय विद्यालयों में भी सफाई कर्मियों की टीम गठित कर रोस्टर के अनुसार नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बच्चों को स्वच्छ एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रत्येक विद्यालय परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के साथ इसकी लगातार मॉनीटरिंग भी की जाएगी। विद्यालयों की स्वच्छता में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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“थिएटर बनाम फिल्म एक्टिंग” विषय पर वेबिनार आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 23 अगस्त: क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर द्वारा द इंडी फिल्म स्कूल, नोएडा के सहयोग से अभिनय की विभिन्न विधाओं एवं तकनीकों को समझने के उद्देश्य से “Theatre vs Film Acting – Understanding the Difference” विषय पर एक विशेष वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का मुख्य उद्देश्य थिएटर और फिल्म अभिनय के बीच के अंतर को समझना तथा दोनों माध्यमों में अभिनय की तकनीक, अभिव्यक्ति, भावनाओं और प्रदर्शन की आवश्यकताओं पर प्रकाश डालना था। कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को मंच और कैमरे के सामने अभिनय करते समय अपनाई जाने वाली विभिन्न तकनीकों एवं दृष्टिकोणों की जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर सुनील राज ने मुख्य वक्ता एवं मार्गदर्शक के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित किया। वे एक अनुभवी निर्देशक, लेखक एवं थिएटर प्रैक्टिशनर हैं तथा उन्हें टेलीविजन, थिएटर और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लगभग 1,000 टेलीविजन एपिसोड का निर्देशन किया है, जिनमें ETV’s Sooroma Bhopale और Maahaul Garam Hai जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने वेब सीरीज़ Main Bhi Maa Ban Gaya का लेखन एवं निर्देशन किया है तथा 25 से अधिक डॉक्यूमेंट्री और 35 से अधिक फिल्मों/प्रोजेक्ट्स पर भी कार्य किया है।

कार्यक्रम में थिएटर एवं फिल्म अभिनय के बीच के अंतर, अभिनय की तकनीकों, भावनात्मक अभिव्यक्ति, प्रदर्शन शैली तथा कैमरे और मंच के लिए कलाकारों की तैयारी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। वेबिनार ने अभिनय के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से सीखने और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम का आयोजन प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन, प्रधानाचार्य, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के समन्वय में प्रो. मीत कमल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कॉलेज की ओर से डॉ. रुक्मिणी देवी एवं डॉ. एरिक विल्सन सह-समन्वयक रहे।

वहीं, द इंडी फिल्म स्कूल, नोएडा की ओर से इसके संस्थापक श्री संक्षय बाब्बर तथा सह-संस्थापक शिवेंद्र त्रिवेदी का भी सहयोग रहा।

यह वेबिनार विद्यार्थियों एवं उभरते कलाकारों के लिए एक उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक पहल रहा, जिसने उन्हें “From Stage to Screen” अभिनय की यात्रा को समझने तथा अपने अभिनय कौशल को निखारने की दिशा में प्रेरित किया।

वालंटियर के रूप में – आदर्श चौहान, जागृति गुप्ता, इल्मा तबस्सुम, खुशबू गौतम, ऐश सोनकर, आद्या गुप्ता, मरियम फातिमा, अलीशा नाज, शुभंकित दुबे, श्वेता सिंह, दीपसी श्रीवास्तव उपस्थित रहेंl

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज के करियर काउंसलिंग सेल और आईडीएफसी बैंक के संयुक्त तत्वाधान में प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर करियर काउंसलिंग सेल, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर द्वारा आईडीएफसी बैंक के सहयोग से दिनांक 17 अगस्त 2026 को एक प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया।यह पूरा कार्यक्रम प्राचार्य प्रोफ़ेसर विनय जॉन सेबेस्टियन के मार्गदर्शन मे हुआ। जिसका मुख्य उद्देश्य अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को बैंकिंग क्षेत्र में रोजगार एवं बेहतर करियर के अवसरों से अवगत कराना तथा उन्हें रोजगार के लिए आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान करना था। इस प्लेसमेंट ड्राइव में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ करियर काउंसलिंग सेल की समन्वयक प्रो. मीत कमल द्वारा मुख्य वक्ता मोहम्मद उजैर सर, आईडीएफसी बैंक के प्रतिनिधि एवं संकाय सदस्य, के परिचय के साथ हुआ। अपने प्रेरणादायी संबोधन में मोहम्मद उजैर सर ने विद्यार्थियों को बैंकिंग क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं करियर के अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने डिजिटल बैंकिंग के उभरते आयामों, बैंक के संगठनात्मक ढाँचे, विभिन्न कार्यक्षेत्रों तथा भविष्य में करियर विकास की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को बैंकिंग क्षेत्र में अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।

प्लेसमेंट ड्राइव के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपने प्रश्न पूछे, जिनका मोहम्मद उजैर सर ने सरल, प्रभावी एवं संतोषजनक ढंग से समाधान किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता एवं उत्साह देखने को मिला।

सम्पूर्ण प्लेसमेंट ड्राइव के सफल आयोजन में करियर काउंसलिंग सेल की समन्वयक प्रो. मीत कमल की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण उपस्थिति और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में आईडीएफसी बैंक द्वारा विद्यार्थियों के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया सफलतापूर्वक आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस प्रकार प्लेसमेंट ड्राइव सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत देशभक्ति संगीत कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर क्राइस्ट चर्च कॉलेज, में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत सरवपल्ली राधाकृष्णन सभागार में भव्य देशभक्ति संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की सह-पाठ्यक्रम समिति (Co-Curricular Committee) द्वारा विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम तथा राष्ट्रसेवा में समर्पित जवानों एवं कर्मियों के प्रति कृतज्ञता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से किया गया। अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत 8 अगस्त को विद्यार्थियों ने सेना एवं पुलिस के जवानों और कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पत्र लिखे थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य *श्री विनय जॉन सेबेस्टियन* ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्रीय एकता तथा युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ देशभक्ति भाव से ओत-प्रोत परिचय एवं *डॉ. श्वेता मिश्रा* के स्वागत संबोधन से हुआ। कार्यक्रम का संचालन अंशिका शुक्ला एवं प्रियांशी जायसवाल ने उत्साहपूर्वक किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम में *भूमि सागर* ने मनमोहक एकल नृत्य प्रस्तुत किया। इसके पश्चात *खुशी गुप्ता, शरद मैसी, अली, सार्थक श्रीवास्तव* सहित अन्य विद्यार्थियों ने एकल एवं सामूहिक देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने सभागार को देशभक्ति के भाव से भर दिया और दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम का समापन *डॉ. अंकिता पांडेय* द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले महाविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, आयोजन समिति एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा एकता, देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की भावना को सदैव बनाए रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रीय गौरव की भावना को सुदृढ़ करने के साथ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के संदेश को प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

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एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत “तिरंगा रैली” व पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 13 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे “हर घर तिरंगा अभियान” के अंतर्गत एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज में एनएसएस इकाई के तत्वावधान में ” तिरंगा रैली” व पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में देशभक्ति की भावना जागृत करना और तिरंगे के सम्मान व महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना था।कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर डॉ सुमन द्वारा की गई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान और शान का प्रतीक है। हर घर में तिरंगा फहराकर हम स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार कर सकते हैं।

एनएसएस प्रभारी डॉ. श्वेता रानी ने हर घर तिरंगा कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने “हर घर तिरंगा”, “एकता में अनेकता”, “स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव” जैसे विषयों पर सुंदर और प्रेरणादायक पोस्टर बनाए।
कार्यक्रम के आयोजन में स्वयं सेविका तनिष्का, प्रियल, माही, आंशिका यादव, दिव्यांशी ने योगदान दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत देशभक्ति गीत प्रतियोगिता – आज़ादी के तराने कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर में प्राचार्या प्रो. वंदना निगम के मार्गदर्शन मे “हर घर तिरंगा अभियान–2026” के अंतर्गत देशभक्ति गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना को बढ़ावा देना था। प्रतियोगिता में 50 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। उनकी प्रस्तुतियों में राष्ट्र के प्रति प्रेम, समर्पण और एकता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम का वातावरण बना रहा।

प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में हरीश कुमार झा, विभागाध्यक्ष, संगीत विभाग, एस.एन. सेन कॉलेज ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. रुचिमिता पांडेय एवं डॉ. अलका सिंह द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय की एनसीसी, एनएसएस एवं रेंजर्स इकाइयों की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्या प्रो. वंदना निगम ने सभी प्रतिभागियों की सराहना की तथा उन्हें देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन “हर घर तिरंगा” अभियान को सफल बनाने तथा राष्ट्रप्रेम की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ हुआ।

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