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शिक्षा

दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘कानपुर थ्रू दि एजेज अनवेलिंग द लेयर्स ऑफ़ हिस्ट्री ‘(युग -युगीन कानपुर) का शुभारंभ

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज कानपुर के इतिहास विभाग के तत्वाधान में भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘कानपुर थ्रू दि एजेज अनवेलिंग द लेयर्स ऑफ़ हिस्ट्री ‘(युग -युगीन कानपुर) का उद्घाटन दिनाँक आज 28 मार्च 2025 को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्रा, सचिव प्रोबीर कुमार सेन, प्राचार्य प्रोफेसर सुमन, संयुक्त सचिव शुभ्रो सेन तथा कोषाध्यक्ष दीपाश्री सेन, तथा संगोष्ठी की संयोजिका डाॅ. मनीषा दीवान ने सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन से किया। प्रोफेसर सुमन ने अपने स्वागत उद्बोधन के द्वारा सभागार में उपस्थित सभी बुद्धिजीवी अतिथियों का महाविद्यालय संगोष्ठी में स्वागत करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। डाॅ. मनीषा दीवान ने विषय प्रवर्तन के द्वारा कानपुर के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता बाल मुकुंद पांडेय (राष्ट्रीय संगठन सचिव, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली), चेयर पर्सन संजयश्री हर्ष, (राष्ट्रीय संगठन सह- सचिव, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली), गेस्ट ऑफ़ ऑनर प्रोफेसर अनिल कुमार मिश्रा (संयोजक इतिहास विषय, सी. एस. जे. एम. यू. कानपुर), स्पेशल स्पीकर प्रोफेसर विग्नेश त्यागी (चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ), ने अपनी गरिमामय उपस्थिति तथा उद्बोधन से संगोष्ठी को गौरवान्वित किया।

राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम तथा द्वितीय तकनीकी सत्र में देश के विभिन्न भागों से आए हुए इतिहास के लगभग 80 अध्येताओं व शोधार्थियों द्वारा कानपुर के परंपरागत इतिहास की पुर्नव्याख्या करते हुए ऐतिहासिक कानपुर की विशिष्ट उपलब्धियों, चुनौतियों ,समस्याओं आदि विषयों का मंथन कर नई रोशनी डाली गई। शिक्षा शास्त्र विभागध्यक्षा प्रो. चित्रा सिंह तोमर ने मंच संचालन की महती भूमिका का निर्वाह करते हुए संगोष्ठी को दिशा प्रदान की। प्रथम तकनीकी सत्र का संचालन डॉ. प्रीति सिंह, तथा द्वितीय तकनीकी सत्र का संचालन प्रो. मीनाक्षी व्यास ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. निशी प्रकाश के निर्देशन में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाओं ने अभूतपूर्व सहयोग प्रदान किया।

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पांच दिवसीय डिजिटल मार्केटिंग विषय पर विकास प्रबंधन कार्यक्रम ( MDP) आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर विद्यामंदिर महिला महाविद्यालय, स्वरुप नगर, कानपुर में सुगंध एवं सुरम्य, एम.एस.एम.ई.एवं नवाचार प्रकोष्ठ छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, के संयुक्त तत्वाधान में पांच दिवसीय डिजिटल मार्केटिंग विषय पर विकास प्रबंधन कार्यक्रम ( MDP) आयोजन (दिनांक – 21/03/2025 से 26/03/2025 तक स्नातक छात्राओं के लिए डिजिटल मार्केटिंग पर पांच दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें ऑनलाइन मार्केटिंग रणनीतियों के प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। सेमिनार का उद्देश्य छात्रों को मार्केटिंग दक्षता बढ़ाने के लिए विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई टूल्स के व्यावहारिक ज्ञान से लैस करना था। सत्रों का नेतृत्व प्रतिष्ठित वक्ताओं: अरुण्य रस्तोगी, डॉ. शिल्पा कैस्था, डॉ. शुनील शुक्ला और अनिल त्रिपाठी ने किया, जिन्होंने डिजिटल मार्केटिंग के विभिन्न पहलुओं पर गहन जानकारी दी।

विभिन्न विषयों को कवर किया गया जैसे कि Google विज्ञापन, Amazon Marketplace, विक्रेता रणनीतियों, उत्पाद रैंकिंग और विज्ञापन तकनीकों की व्याख्या करना; लिंक्डइन मार्केटिंग, पेशेवर नेटवर्किंग, ब्रांड निर्माण और लीड जनरेशन पर जोर देना; मार्केटिंग में AI टूल्स का उपयोग, डेटा-संचालित निर्णय लेना और सामग्री निर्माण। सेमिनार का समापन 26.03.2025 को क्रिएटिव ऑनलाइन मार्केटिंग के साथ हुआ, जिसमें सोशल मीडिया एंगेजमेंट, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और कंटेंट स्ट्रैटेजी के लिए अभिनव दृष्टिकोणों पर चर्चा की गई। इसमें 52 छात्राओं ने प्रतिभाग लिया

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एस.एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी. महाविद्यालय में छात्राओं को जल संरक्षण एवं अर्थ ऑवर डे के बारे में जागरूक किया गया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी. महाविद्यालय में विश्व जल दिवस के अवसर पर रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ. राजेश वाजपेयी जी और फहद राज़ी जी द्वारा छात्राओं को जल संरक्षण एवं अर्थ ऑवर डे के बारे में जागरूक किया गया। वर्ष 2025 के विश्व जल दिवस का विषय ग्लेशियर संरक्षण है। डॉ. राजेश वाजपेयी जी, फहद राज़ी जी, प्राचार्या प्रो सुमन, प्रो निशि प्रकाश, प्रो गार्गी यादव, डॉ प्रीति सिंह ने माँ सरस्वती के समक्ष माल्यार्पण किया। जल संरक्षण और भविष्य में इसके महत्व को पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्राओं को जागरूक किया गया । उन्होंने छात्राओं से साझा किया कि वॉटर फुटप्रिंट का किस प्रकार प्रबंधन किया जाना चाहिए। जल संरक्षण के चार महत्वपूर्ण उपाय के रूप में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वॉटर रिसाइकल, रियूज वॉटर और वॉटर फुटप्रिंट की मैपिंग की चर्चा की गई।
छात्राओं ने आज शाम 08:30 – 09:30 तक सभी विद्युत उपकरण बंद रख कर अर्थ ऑवर मनाने की शपथ भी ली। कार्यक्रम का संयोजन प्रोफेसर गार्गी यादव ने किया एवं मंच संचालन डॉक्टर अमिता सिंह ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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“एड्रेसिंग कार्बन फुटप्रिंट्स फॉर ए बेटर टुमॉरो” विषय पर संगोष्ठी आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 22 मार्च क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के आतंरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई.क्यू.ए.सी.) एवं जस्ट फॉर एनवायरनमेंट के संयुक्त तत्वावधान में “एड्रेसिंग कार्बन फुटप्रिंट्स फॉर ए बेटर टुमॉरो” संगोष्ठी का आयोजन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में किया गया। क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर की आधारभूत मान्यताओं में सहयोग, समन्वय और संपोषण महत्वपूर्ण है। इसी कारण कॉलेज की संस्कृति में समस्त पर्यावरण के विकास और स्वच्छता हेतु सतत प्रयास रच-बस गए हैं।
उसी कड़ी में आज की यह संगोष्ठी एक महत्वपूर्ण कदम है, जो “जस्ट फॉर एनवायरनमेंट” संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई है। इस सामाजिक संस्था का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण तथा सतत विकास के मुद्दे पर बात करते हुए लोगों के बीच जागरूकता फैलाना है। संस्था का लक्ष्य सार्वजनिक अभियान, सेमिनार या कार्यशाला आदि के आयोजन द्वारा पर्यावरणीय समस्याओं, जैसे जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग आदि के प्रति जनसाधारण में जागरूकता उत्पन्न करना है।
संगोष्ठी के उदघाटन सत्र की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम की संयोजक और आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक, प्रो. सुजाता चतुर्वेदी, ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के विषय से सबका परिचय सुश्री अनीता अग्रवाल, जस्ट फॉर एनवायरनमेंट की अध्यक्ष ने करवाया तथा इस संस्था के संरक्षक प्रो. नरेंद्र मोहन ने मुख्य वक्तव्य दिया। महाविद्यालय की उप प्राचार्य प्रो. श्वेता चंद ने अपने वक्तव्य द्वारा प्रकृति के संपोषित विकास पर बल दिया तथा गौरैया जैसी विलुप्त होती अनेक प्रजातियों की देखभाल एवं जल संरक्षण की महत्ता स्पष्ट की। इसी कड़ी में कॉलेज की छात्रा वैष्णवी दीक्षित द्वारा बनाए गए पक्षियों के घर कॉलेज में लगाने हेतु प्राचार्य जी को भेंट किये गए। ये पूर्णतः पर्यावरण अनुकूल है जिसे उन्होंने प्रयोग में न लाई जा सकने वाली वस्तुओं द्वारा बनाया है। इसके पश्चात अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य प्रो. जोसेफ़ डेनियल ने पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सतत विकास को छात्रों और देश के भविष्य के लिए अत्यावश्यक बताया। इसके बाद जस्ट फॉर एनवायरनमेंट संस्था ने पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु संस्था के रूप में क्राइस्ट चर्च कॉलेज को और साथ ही अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों, जैसे डॉ. सिधान्शु राय (सी.एस.जे.एम.यू, कानपुर), डॉ. द्रौपदी यादव (सी.एस.जे.एम.यू, कानपुर), डॉ. ब्रजेश कुमार (एच.बी.टी.आई., कानपुर) एवं श्री बी.के.सिंघल (यू.वी.टी.प्रा.लि.) को सम्मानित किया।
तकनीकी सत्र में पाँच विद्वान् वक्ताओं ने अपने विचार अर्यावरण के विभिन्न आयामों पर रखे। इनमें जस्ट फॉर एनवायरनमेंट के सदस्य श्री बी.के. सिंघल, सुश्री नीलम चतुर्वेदी और सुश्री अनुष्का कनोडिया ने पर्यावरण चेतना, जल संरक्षण, संपोषित विकास आदि महत्वपूर्ण अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हुए आज के जीवन में इनके समन्वय की महती आवश्यकता बताई। क्राइस्ट चर्च कॉलेज के प्रो. नवीन कुमार अम्बष्ट और ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर उनके प्रभाव पर चर्चा की और श्री अवधेश मिश्र ने एंथ्रोपोसीन की पृष्ठभूमि में वक्तव्य प्रस्तुत किया। तकनीकी सत्र का सफल संचालन डॉ. अंकिता लाल और डॉ. शुभी तिवारी ने किया।
इस संगोष्ठी के अंतर्गत एक पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था, जिसमें शहर और प्रदेश के अनेक छात्र छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इसके विजेता छात्रों को भी कार्यक्रम के अंत में पुरस्कृत किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंजलि सचान ने, द्वितीय स्थान कांची त्रिपाठी ने और तृतीय स्थान शिवांग शुक्ला ने प्राप्त किया तथा प्रोत्साहन पुरस्कार उर्वशी कुरील और लवी सोनकर को प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति की सचिव प्रो. मीत कमल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन छात्रा कांची त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, शोध विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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बिठूर महोत्सव में एस. एन. सेन पी. जी कालेज की अनुष्का सिंह का लोगो चयनित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 22 मार्च बिठूर महोत्सव कानपुर में एस. एन. सेन पी. जी कालेज के चित्रकला विभाग की अनुष्का सिंह का लोगो चयनित हुआ है ।और उसको सभी बैनर में शामिल करा गया है।

अनुष्का बताती हैं, पहले मैंने लोगो को मैन्युअल रूप से ड्रा करके बनाया, मेरी प्रेरणा रानी लक्ष्मीबाई थी तो मैंने ये दिखाने की कोशिश की, कि वे बहुत ही बहादुर थी। आग की लपटें उनके अंदर की ज्वाला को दिखाती है Adobe illustrator का उपयोग करके बनाया गया है, इसमें मैंने बहुत से टूल्स का उपयोग किया है। जैसे: shape tool, gradient too

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पर्यावरण के दुश्मन प्लास्टिक पाउच, पॉलिथीन

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 22 मार्च दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा दिनांक 22 मार्च, 2025 को आजाद नगर स्थित लल्लन पुरवा बस्ती में कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ एन एस एस गीत गाकर हुआ। शिविर के प्रथम सत्र में छात्राओं ने रैली निकालकर बस्ती वासियों को प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण का संदेश देते हुए बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक, पाउच पॉलिथीन यह सभी पर्यावरण के लिए अत्यधिक खतरा है। हमें इनका प्रयोग करने से बचना चाहिए तथा पर्यावरण की रक्षा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करना चाहिए।
शिविर के दूसरे सत्र में वॉलिंटियर्स ने पोषक आहार के तत्वों के बारे में विशेष रूप से जानकारी देते हुए उन्हें अपने खाने में सम्मिलित करने का महत्व बताया तथा बस्ती के बच्चों को इस अवसर पर वॉलिंटियर्स के द्वारा गन्ने के जूस का वितरण किया गया। राष्ट्रगान गाकर शिविर का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ अंजना श्रीवास्तव का विशेष सहयोग रहा।

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अमृत ​​ज्ञान कोष पोर्टल

अमृत ​​ज्ञान कोष केस स्टडी के रूप में शासन की अच्छी प्रथाओं का ज्ञान भंडार है। यह भारत-केंद्रित विचारों और स्केलेबल शासन मॉडल पर ध्यान केंद्रित करता है, जो केंद्र, राज्य, शहरी स्थानीय निकाय और पंचायतों में सरकारी अधिकारियों के लिए सुलभ सामग्री प्रदान करता है।

अमृत ​​ज्ञान कोष पोर्टल निम्नलिखित तरीके से विभिन्न सरकारी विभागों में सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार करने में योगदान देता है:

i.    शासन संबंधी चुनौतियों के प्रति वास्तविक जीवन, समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण के मूल्यवान उदाहरण के रूप में कार्य करना, जिससे अधिकारी समान मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से संबोधित कर सकें।

ii.    शासन संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए कार्रवाई योग्य अंतर्दृष्टि प्रदान करना, निरंतर नवाचार को बढ़ावा देना और व्यावहारिक ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देना।

iii.   लोक सेवकों को प्रेरित करना, उन्हें अनुकरण करने के लिए सफल शासन मॉडल प्रदान करना तथा लोक सेवा वितरण में सुधार के लिए नवीन रणनीतियों को अपनाना।

iv.   आईजीओटी पोर्टल जैसे प्लेटफार्मों पर उनके योगदान को मान्यता देकर सरकारी अधिकारियों के उच्च प्रदर्शन को प्रोत्साहित करना, लोक सेवकों को उनकी भूमिकाओं में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित करना।

अमृत ​​ज्ञान कोष पोर्टल को आईजीओटी (एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण) प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया गया है, जो मिशन कर्मयोगी पहल के तहत एक प्रमुख डिजिटल शिक्षण उपकरण है जो सरकारी अधिकारियों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सामग्री प्रदान करता है।

सभी सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अमृत ज्ञान कोष के केस स्टडीज को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे सरकारी अधिकारियों की समस्या-समाधान और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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जे एन यू प्रोफ़ेसर विवेक कुमार को मिली विश्व रैंकिंग

> एडी साइंटिफिक इंडेक्स की वैश्विक सूची में प्रोफ़ेसर विवेक कुमार का नाम, देश विदेश के छात्रों ने ज़ाहिर की ख़ुशी  

> जेएनयू में नंबर 1, भारत में 11 और एशिया में 134 वीं रेंक हांसिल की है प्रोफ़ेसर विवेक कुमार ने  

> कोलंबिया विश्वविद्यालय अमेरिका सहित , जर्मनी, कनाडा, श्रीलंका, ब्रिटिश विश्वविद्यालय के विज़िटिंग प्रोफ़ेसर हैं विवेक कुमार 

भारतीय स्वरूप संवाददाता लखनऊ/नई दिल्ली। देश के शीर्ष जवाहर लाला नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली (जेएनयू) के विश्वविख्यात समाज शास्त्री व वैज्ञानिक प्रोफ़ेसर विवेक कुमार को वैश्विक स्तर की एडी साइंटिफिक इंडेक्स-2025 की रैंकिंग में शामिल किया गया है।  प्रोफ़ेसर विवेक कुमार ने अपने शोधपरक अध्यन और उत्कृष्ट अध्यापन के  बलबूते जेएनयू में नंबर 1 की रेंक हांसिल की है, इसी के साथ भारत के इंडेक्स में शामिल 247 विज्ञानियों में उन्हें 11 वीं  और एशिया में 1,792 समाज विज्ञानियों के बीच उन्हें 134 वीं रेंक प्राप्त हुई है। इसी कड़ी में दुनिया में समाज विज्ञानियों के बीच 3,081 वीं रैंक प्राप्त हुई है।  रैंकिंग के लिए पिछले 6 वर्षों के गूगल स्कॉलर के  समाज शास्त्र विज्ञानियों की तकनीकी डाटा के आधार पर यह रैंक तय की गई है। जिसमे प्रोफ़ेसर विवेक कुमार को रिकॉर्ड  820 साइटेशन प्राप्त हुए है। वैश्विक स्तर पर मिली रैंकिंग के लिए देश विदेश से उन्हें बधाई मिल रही है। 

कौन हैं जेएनयू प्रोफ़ेसर विवेक कुमार

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लालबाग लखनऊ निवासी प्रोफ़ेसर डॉक्टर विवेक कुमार दिल्ली की जेनयू में समाज शास्त्र विभाग के अध्यक्ष हैं।  वर्ष 2001 में उन्होंने जेएनयू ज्वाइन किया था।  इससे पहले वर्ष 1996 में टाटा इंस्टीट्यूट और सोशल साइंसेज़ में बतौर सहक प्रोफ़ेसर अध्यापन सेवन दीं थीं।  प्रोफ़ेसर विवेक कुमार अमेरिका की शीर्ष यूनिवर्सिटी कोलंबिया विश्वविद्यालय के विज़िटिंग प्रोफ़ेसर हैं।  इसी के साथ कैलगिरी विश्वविद्यालय कनाडा, टोरेंटो विश्व विद्यालय, इम्वोल्ट विश्वविद्यालय जर्मनी, ब्रिटिश विश्वविद्यालय सहित श्रीलंका के विश्व विद्यालय में बतौर विजिटिंग प्रोफ़ेसर सैकड़ों छात्रों को अपने ज्ञान से लाभान्वित किया है।  

जहाँ पढ़े, वहीँ पर हेड और डिपार्टमेंट

प्रोफ़ेसर डॉक्टर विवेक कुमार ने ने जेएनयू से ही समाज शास्त्र की पढ़ाई की है और यहीं पर बतौर सहायक प्रोफ़ेसर पद से अध्यापन कर शुरूकर यहीं समाज शास्त्र विभाग के अध्यक्ष पद पर तैनात हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की ख्याति को अपने शोधपरक ज्ञान से लगातार दृढ़ता से मजबूती दी है। प्रोफ़ेसर विवेक कुमार के मार्गदर्शन में 106 विद्यार्थियों ने शोध अध्यन किया है वहीँ 58 ने शोध में डॉक्टरेट के उपाधि प्राप्त की है।  प्रोफ़ेसर विवेक कुमार कहते हैं कि मुझे साझा करते हुए गर्व महसूस हो रहा है। मैं अपने छात्रों, सहकर्मियों, और समाज को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूँ। मैं अपने शोधकर्ताओं जिन्होंने ने मुझे अपने कार्यों में उद्धृत किया उनका भी आभारी हूँ।

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केमिकल सोसाइटी ने विशिष्ट कार्यक्रम “जैव उर्वरक” का आयोजन किया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर की केमिकल सोसाइटी ने 12 मार्च को एक विशिष्ट कार्यक्रम “जैव उर्वरक” का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के बीच जैव उर्वरक की जानकारी प्रदान करते हुए कृषि संबंधी समस्याओं व उनके उन्मूलन की जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन व प्रार्थना के साथ हुई । प्रार्थना अंग्रेजी विभाग के संकाय सदस्य जोशुआ लॉरेंस द्वारा की गई ।

मुख्य अतिथि का स्वागत मोमेंटो प्रदान कर तथा शॉल पहना कर किया गया।

समारोह मे केमिकल सोसाइटी द्वारा आयोजित एक पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता बी एससी एवं एम एससी के सभी छात्रों के लिए खुली थी जिसमें उन्होंने बढ़ चढ़ के प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के विषय की जानकारी रासायनिक विभाग की ज्योत्सना लाल ने दी। जिसके पश्चात जैव उर्वरक की जानकारी पर एक शॉर्ट फिल्म दिखाई गई।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अंजलि सचान ने जैव उर्वरक पर पावरप्वाइंट प्रस्तुति दी। जिसमें विभिन्न प्रकार के जैव उर्वरक की जानकारी निहित थी। कार्यक्रम का संयोजन रसायन विभाग की प्रमुख अनिंदिता भट्टाचार्य द्वारा किया गया ।

मुख्य वक्ता राज कुमार श्रीवास्तव , शिव शक्ति एग्रो लि. के महाप्रबंधक ने छात्रों को कृषि उद्योग सम्बन्धी जानकारी प्रदान की तथा बताया कि छात्र छात्राएं कृषि उद्योग में भी अपना भविष्य बना सकते है । कार्यक्रम का संचालन ऐश्वर्या सिंह ने किया। अवनीश, सुभाष, शिव, महमूद , अरीबा, प्राची आदि छात्रों का विशेष योगदान रहा।

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“महिला एकता ही महिला सशक्तिकरण”

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन.सेन बी.वी.पी.जी.कॉलेज कानपुर में शिक्षाशास्त्र विभाग के द्वारा दिनाँक 08-03-2025 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘महिला सशक्तिकरण’ विषय पर एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रोफेसर सुमन, मुख्य वक्ता डॉ. नूतन वोहरा, तथा शिक्षाशास्त्र की विभागाध्यक्षा प्रो. चित्रा सिंह तोमर ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा माल्यार्पण के साथ किया। उपस्थित सभी शिक्षिकाओं ने सरस्वती माँ के चरणों में पुष्प अर्पित किए। अतिथि स्वागत परंपरा के उपरान्त, प्रो. चित्रा सिंह तोमर ने विषय प्रवर्तन करते हुए वैदिक काल से आधुनिक काल तक महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला तथा छात्राओं को प्रोत्साहित किया। प्राचार्या प्रो. सुमन ने महिलाओं को शक्ति स्त्रोत तथा सृष्टि का आधार कहा। उन्होंने सभी छात्राओं तथा शिक्षिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं।

मुख्य वक्ता डॉ. नूतन वोहरा जी ने भारत में महिला सशक्तिकरण के नये आयामों पर बात की। उन्होंने बताया कि, महिला को एक लिंग विशेष की पहचान से अलग मानवमात्र माने जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकार और कर्तव्यों में सामंजस्य बढ़ाने की बात की। इस सन्दर्भ में उन्होंने भगवदगीता का उदाहरण दिया। उन्होंने महिलाओं में आत्मविश्वास, आत्मशक्ति एवं आत्मगौरव के विकास के लिए छात्राओं के साथ चर्चा भी की।

डाॅ. ऋचा सिंह ने मंच संचालन की महती भूमिका को सफलतापूर्वक वहन किया। डाॅ. अनामिका ने कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय योगदान दिया। प्राचार्या, शिक्षिकाओं तथा छात्राओं ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को पूर्ण उत्साह के साथ एक साथ मिलकर मनाया यही एकता महिला सशक्तिकरण की ओर उनके बढ़ते हुए कदम हैं। अंत मे प्राचार्या जी ने शिक्षा शास्त्र विभाग को सफल एवं सुन्दर आयोजन के लिए बधाई दी।

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