सदियों से अपनी समृद्ध परंपराओं और संस्कृति के लिए विख्यात रही नगरी काशी में इस सप्ताह तीन दिवसीय काशी फ़िल्म महोत्सव की शुरुआत के साथ एक नया अध्याय लिखा जाएगा।
ये महोत्सव न केवल हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और नृत्य की झलक दिखाएगा, बल्कि प्रसिद्ध दार्शनिक कवियों, लेखकों, संगीतकारों और बनारस घराने की यादों को भी ताजा करेगा।
उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य एवं प्रोटोकॉल राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से लोग इस अद्भुत शहर की संस्कृति को और करीब से जानेंगे।
उन्होंने कहा कि पुर्नोद्धार के बाद काशी विश्वनाथ धाम लोगों को समर्पित करके प्रधानमंत्री ने काशी के प्रति अपना स्नेह दिखाया। ये उनके बहुत से दूसरे प्रयासों में से ही एक था जैसे कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करना, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं और गरीबों के लिए विभिन्न योजनाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के महोत्सव वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत को और प्रदर्शित करेंगे।
मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने कहा कि प्रस्तावित फ़िल्म सिटी उनके जैसी नई और पुरानी प्रतिभाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। बाद में उन्होंने अपने लाइव परफॉर्मेंस के जरिए संपूर्णानंद स्टेडियम में मौजूद जनता को खूब गुदगुदाया, वहीं प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने अपने गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी की प्रस्तुतियां भी इस महोत्सव को यादगार बनाएंगी। ये पहली बार है कि भगवान शिव की इस नगरी में इस तरह का फ़िल्म महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस महोत्सव का आयोजन फ़िल्म बंधु, उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है।
वाराणसी के अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में मनोज जोशी की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर 28 दिसंबर को वाराणसी में काशी फ़िल्म महोत्सव के मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक “वाराणसी – एक सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत से एक आधुनिक शहर तक की यात्रा” विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया जाएगा। दूसरे पैनल की चर्चा का विषय “संगीत और गीत – बनारस की विरासत” होगा जिसका समय दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 02 बजे तक होगा।
शाम 4 बजे समापन समारोह के साथ ही सब्सिडी का भी वितरण किया जाएगा। गुरुवार शाम को मशहूर फ़िल्म स्टार हेमा मालिनी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। ये कार्यक्रम वाराणसी के अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में ही होगा।
29 दिसंबर को “फ़िल्म निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र और क्षेत्रीय सिनेमा की संभावना के तौर पर उत्तर प्रदेश” विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। और शाम को काशी में गायक रवि त्रिपाठी तथा अभिनेता रवि किशन की पेशकश के साथ इस पहले फ़िल्म महोत्सव का समापन होगा।
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समर्थनारी संगठक की कानपुर अध्यक्ष रेनू चतुर्वेदी जी ने 3 जनवरी को स्व.सावित्रीबाई फुले जी की जयंती में अपने संगठन की प्रमुख महिलाओं के साथ स्व०सावित्रीबाई फुले जी के जयन्ती पर उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनीषा रोहतगी जी और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती नीरा सिन्हा वर्षा जी के साथ सावित्रीबाई फूले जैसी महान भारत की शक्शियत जिन्होंने नारी शिक्षा,की दिशा मे विद्यालय उस समय खुलवाये जब स्त्री को शिक्षा और दलित को शिक्षा अपराध मानते थे शिक्षा सिर्फ उच्च जाति के पुरुषों की धरोहर मानी जाती थी।आपने 19वीं सदी मे अशिक्षा, सतिप्रथा, छूआछूत,बाल और विधवा विवाह, जैसी कुरीतियों पर आवाज़ उठाने वाली भारत की पहली महिला थी।साथ ही नीरा जी ने समस्त महिलाओं को जागरूक करते हुवे कहा की न हम दहेज लेगे न हम दहेज़ देगें।क्योंकि दहेज जहाँ वायलेंस वहां । वहीं कोविड 19 के चलते कई परिवार बेरोजगार हो गये उनको परिवार की सहयोगी स्वरोजगार निर्मित होने की राह दी।
जिसके दृष्टिगत जिलाधिकारी द्वारा उर्सला अस्पताल के वैक्सीनेशन सेंटर का निरीक्षण किया।जिलाधिकारी ने बताया कि आज से 15 से 18 वर्ष की आयु के युवाओं का वैक्सिनेशन किया जा रहा है। जिसके लिए जनपद में शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 24 वैक्सीनेशन सेंटरों में वैक्सीनेशन किया जा रहा। जनपद के समस्त विद्यालयों के प्राचार्यो के साथ पूर्व में बैठक कर उनके विद्यालयों में पढ़ने वाले 15 से 18 वर्ष की आयु के छात्र/ छात्राओं की सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ऑनसाइट भी वैक्सीनेशन सेंटर बनाकर बच्चों का वैक्सीनेशन किया जा सके। जिलाधिकारी ने जनपद वासियों से अपील करते हुए कहा कि कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करें । सभी लोग मास्क की अनिवार्यता का पालन सुनिश्चित करें। सैनेटाइजर का प्रयोग करें ।किसी भी प्रकार का लक्षण प्रदर्शित होने पर स्वास्थ्य टीम से संपर्क कर अपनी जांच अवश्य कराएं। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नेपाल सिंह उपस्थित रहे।
ख़ुवाईशो के इस दौर में ,कौन है ? जो आज ख़ुशी से रह पा रहा है।सुकून से जी पा रहा है।इतनी भागदौड़ करने के बाद भी सन्तोष ..तो कहीं भी नहीं नज़र नही आता। जैसे बाज़ार तो लगा हुआ हैअभिलाषाओं का, ख़ुवाईशो का ,आकांक्षाओं का..मगर उन्हें ख़रीद पाना..हर किसी के बस मे नहीं। जो होता है हमारे पास,उसकी क़दर नहीं ,कुछ और ,कहीं और ,ख़ुशी ढूँढने में लगे हैं सभी। दोस्तों !अगर कुछ और मिल भी जाये तो भी ख़ुवाईशे कहाँ ख़त्म होगी।हम सब रोज़ देख ही रहे हैं अपने आसपास।बहुत कुछ टूटा बहुत कुछ रूठा बहुत मिले ..बहुत गये .,बहुत बिछड़े भी ,इस गुजरते हुये सालों मे।वक़्त ने करवट ली और बहुतो के घर बने और बहुतों के उजड़ भी गये वक़्त है साहेब बदलेगा भी। हर हाल मे हमे मुस्कुराना है ..हर पल हमे ज़िन्दादिली से निभाना है।दोस्तों नया साल ,नया आग़ाज़ होगा, नया अंदाज़ होगा ,हर हाल मे ख़ुश रहने का नया अंदाज़ अपनाना होगा ,हर बात मे शुक्र करे क्यूँकि बहुत लोग तरसते है वो जीवन जीने के लिए,जो आप जी रहे है ..
कानपुर 29 दिसम्बर (सू0वि0) छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह राज्यपाल/कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में एवं मुख्य अतिथि सांसद राज्यसभा डा0 सुधांशु त्रिवेदी तथा विशिष्ट अतिथि प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री नीलिमा कटियार की उपस्थित में सम्पन्न हुआ।
कानपुर 24 दिसंबर, मण्डलायुक्त, कानपुर मण्डल, की अध्यक्षता में कानपुर सिटी ट्रान्सपोर्ट के निदेशक मण्डल की 14वीं बैठक में कानपुर शहर के नागरिकों को अच्छी सुविधायें व प्रदूषणमुक्त वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से निम्नलिखित बिन्दुओं पर निर्णय लिया गया, जिसमे जिलाधिकारी, कानपुर, नगर आयुक्त, नगर निगम, कानपुर के अतिरिक्त अपर नगर आयुक्त, कानपुर, सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सचिव, केडीए व प्रबन्ध निदेशक, केसीटीएसएल द्वारा भी प्रतिभाग किया गया-
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ ।सांस्कृतिक परिषद की संयोजिका डॉ विभा दीक्षित ने जीवन में ललित कलाओं का महत्व बताते हुए निर्णायक मंडल में उपस्थित डॉ राजेश्वरी ढौंडियाल , डॉ वंदना देबोराय , रवि जी एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ आशुतोष सक्सेना का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया। नृत्य एवं गायन प्रतियोगिताप का आयोजन डॉ विभा दीक्षित, डॉ अपराजिता शुक्ला , डॉ मीतकमल, डॉक्टर शालिनी कपूर के निर्देशन में हुआ। आलोक कमल व आयुषी पाठक ने सभी को अपनी खास पेशकश से ऊर्जा से भर दिया दिया। नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर जूही सिंह रही, द्वितीय स्थान पर स्वीकृति एवम आंशिका शुक्ला, तीसरे स्थान पर विवेक पॉल व खुशी मल्होत्रा एवम सांत्वना पुरस्कार राखी पॉल व अर्चना सिंह रहे । गायन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कशिश तिवारी द्वितीय स्थान पर शेरोन यादव व पीटर एवं तृतीय स्थान फ़राज़ अहमद व गौरव मिश्र एवम सांत्वना पुरस्कार ऋषभ पांडे व सौम्य बैनर्जी को मिला। प्रतियोगिताओं में 42 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और कत्थक ,भांगड़ा ,बंगाली, पहाड़ी ,हरियाणवी नृत्य के माध्यम से अपना हुनर दिखाया।कार्यक्रम का संचालन राईना एवं सहस्रांशु, अभिषेक एवं विकास , नमन एवं वेदांत ने किया। प्रतियोगिता में छात्र प्रतिनिधि इश्तिका कुशवाहा, उदित कुमार वर्मा, ख़ुशी होटवानी , नबा खान उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन अनन्य चौधरी द्वारा दी गयी ।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ निशा अग्रवाल , निर्णायक मंडल की सदस्य डॉ गार्गी यादव (विभागाध्यक्ष, रसायन शास्त्र विभाग।) एवं डॉ किरण( विभागाध्यक्ष, दर्शनशास्त्र विभाग) के द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ निशा वर्मा ने सभी का स्वागत किया तत्पश्चात उन्होंने चौधरी चरण सिंह के द्वारा किसानों के हितों के लिए जो प्रयास किए गए उसके बारे में संक्षिप्त में छात्राओं को अवगत कराया। प्राचार्य जी ने छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। भाषण प्रतियोगिता में रितिका तिवारी और निकिता सविता ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि दिव्यांशी बाजपेई ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया एवं वैष्णवी मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में स्वाति गौतम ने प्रथम, रुखसार बानो ने द्वितीय और दीपाली पाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्लोगन प्रतियोगिता में निशा सिद्दीकी ने प्रथम स्थान, प्रीति कश्यप ने द्वितीय स्थान और सोनाली साहू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंत में डॉक्टर प्रीता अवस्थी के द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगान के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।