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उत्कृष्टता की यात्रा: नेतृत्व के पाँच वर्ष

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। क्राइस्ट चर्च कॉलेज, में पाँच वर्षों के सामूहिक प्रयासों, शैक्षणिक प्रगति और उल्लेखनीय उपलब्धियों को समर्पित विशेष समारोह “ए जर्नी ऑफ एक्सीलेंस – सेलिब्रेटिंग 5 इयर्स ऑफ लीडरशिप” का आयोजन किया गया। यह अवसर छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के नेतृत्व के पाँच वर्षों के सम्मान के साथ-साथ उन सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं सदस्यों के योगदान को रेखांकित करने का अवसर बना, जिनके समर्पित प्रयासों ने महाविद्यालय की उत्कृष्टता की यात्रा को निरंतर आगे बढ़ाया है।
सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में दोपहर 12 बजे प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम को केवल एक औपचारिक समारोह तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों, शिक्षकों और संपूर्ण महाविद्यालय परिवार की उपलब्धियों तथा संस्थान के विकास में उनके सामूहिक योगदान के उत्सव के रूप में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. विनय कुमार पाठक, आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक तथा सीडीसी निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी का स्वागत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन, सचिव रेव. अनिल ज्ञान प्रकाश एवं उप-प्राचार्या प्रो. श्वेता चंद ने किया।
दिन की शुरुआत भविष्य की संभावनाओं और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ हुई। इस अवसर पर AEDP (Apprenticeship Embedded Degree Programme) भवन ‘दक्ष’ तथा विद्यार्थी स्वास्थ्य एवं मानसिक कल्याण केंद्र ‘ओजस’ का उद्घाटन किया गया। इसके पश्चात पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। एक अन्य महत्वपूर्ण गतिविधि में कुलपति ने विद्यार्थियों से संवाद किया तथा उनके स्टार्टअप और नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। इस संवाद ने युवा प्रतिभाओं को अपने विचारों, नवाचारों और भविष्य की आकांक्षाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।
औपचारिक समारोह में महाविद्यालय की अब तक की विकास यात्रा और इसके पीछे रहे सामूहिक प्रयासों को प्रस्तुत किया गया। प्राचार्य के स्वागत संबोधन के पश्चात प्रो. शालिनी कपूर ने महाविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसी अवसर पर एम.एससी. (रसायन विज्ञान) की छात्रा प्राची गुप्ता द्वारा विकसित ‘प्रज्ञान वर्चुअल लैब’ का कुलपति ने ऑनलाइन शुभारंभ किया। आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षण एवं प्रायोगिक अधिगम को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है।
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान रहा। शैक्षणिक एवं खेलकूद के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए एक छात्र सॉफ्टवेयर डेवलपर को भी सम्मानित किया गया।
शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए महाविद्यालय के तीन शिक्षकों—वाणिज्य विभाग के डॉ. पवनेश मिश्रा, विज्ञान विभाग के डॉ. आशुतोष कुमार तथा कला विभाग की श्रीमती मनीषी त्रिवेदी—को सम्मानित किया गया। यह सम्मान विद्यार्थियों में शोध, जिज्ञासा और ज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका और उनके सतत योगदान की सराहना का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम में प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, डॉ. वंदना पाठक तथा आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. सुजाता चतुर्वेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कुलपति एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के अभिनंदन के पश्चात मुख्य अतिथि प्रो. विनय कुमार पाठक ने समारोह को संबोधित किया।
अपने संबोधन में प्रो. पाठक ने शिक्षा में नवाचार, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग तथा गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुख शोध की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में निरंतर परिवर्तन और विकास आवश्यक है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना का उल्लेख करते हुए उन्होंने ऐसी समावेशी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता बताई, जिसमें तकनीक, कौशल, शोध और मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण का समुचित समावेश हो। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलती परिस्थितियों और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अपने ज्ञान एवं कौशल को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
यह आयोजन केवल नेतृत्व के पाँच वर्षों का स्मरणोत्सव नहीं था, बल्कि उस साझी संस्थागत यात्रा का उत्सव था जिसे दूरदर्शी नेतृत्व ने दिशा दी, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के समर्पण ने सुदृढ़ बनाया और विद्यार्थियों के सपनों एवं उपलब्धियों ने सार्थकता प्रदान की। क्राइस्ट चर्च कॉलेज के लिए यह अवसर अब तक प्राप्त उपलब्धियों पर गौरवपूर्ण दृष्टि डालने के साथ-साथ आने वाले वर्षों में शिक्षा, नवाचार, शोध और उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करने का संकल्प भी बना।