भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन.सेन बी.वी.पी.जी.कालेज के दश॔न शास्त्र विभाग ने एक छात्र संगोष्ठी का विभागीय स्तर पर आयोजन किया जिसमे स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष की समस्त छात्राओं ने उत्साहपूर्ण प्रतिभाग किया । छात्र संगोष्ठी का मुख्य विषय “अनुप्रयुकत दर्शन शास्त्र ” रहा । छात्राओं द्वारा मुख्य विषय से संबंधित अनेक उप-विषयों जैसे ‘Technology in Professional ethics and Environmental Ethics’, ‘Philosophical Counseling for mental health and well-being’ , ‘Media Ethics’ , ‘Human Rights and Social Justice’ , ‘Role of dharma in social justice’ etc. पर क्रमबद्ध तरीके से अपने विचार व्यक्त किए। विचार अभिव्यक्ति के उपरांत दश॔क दीघा॔ की छात्राओ ने जिज्ञासावश पश्न भी पूछे।
इस वैचारिक मंथन से यह स्पष्ट हुआ कि दार्शनिक विचार हमारे दैनिक निण॔य लेने की प्रक्रिया और नैतिक चुनौतियों को कैसे बेहतर बना सकते है।दार्शनिक सिद्धांत का प्रयोग वास्तविक जीवन की समस्याओं को बेहतर तरीके से सुलझा सकती है ।
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