प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर पीएम किसान समृद्धि केंद्र के मॉडल को देखा। प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए देश के विभिन्न स्थानों से आज के कार्यक्रम में शामिल होने वाले करोड़ों किसानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और कहा कि खाटू श्याम जी की भूमि भारत के कोने-कोने से आने वाले तीर्थयात्रियों को आश्वस्त करती है। उन्होंने शेखावाटी की वीर भूमि से विभिन्न विकास कार्यक्रमों की शुरुआत करने का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया और करोड़ों किसान-लाभार्थियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के अंतर्गत किस्त सीधे हस्तांतरित करने का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने देश में 1.25 लाख से अधिक पीएम किसान समृद्धि केंद्रों को राष्ट्र को समर्पित करने बारे में कहा कि इससे गांव और ब्लॉक स्तर पर करोड़ों किसानों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) पर किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के जुड़ने का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे किसानों के लिए देश के किसी भी हिस्से से अपनी उपज को बाजार तक ले जाना आसान हो जाएगा। उन्होंने यूरिया गोल्ड, नए मेडिकल कॉलेजों और एकलव्य मॉडल स्कूलों के शुभारंभ का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने आज की विकास परियोजनाओं के लिए भारत के लोगों के साथ-साथ करोड़ों किसानों को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने सीकर और शेखावाटी क्षेत्रों के किसानों के महत्व को रेखांकित करते हुए क्षेत्र की कठिनाइयों के बावजूद उनकी कड़ी मेहनत के प्रति सम्मान व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र की वर्तमान सरकार किसानों की पीड़ा और जरूरतों को समझती है। प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे पिछले 9 वर्षों में बीज से बाजार (बीज से बाजार तक) तक नई प्रणालियां बनाई गई हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2015 में सूरतगढ़ में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना शुरू की गई थी। इस योजना के माध्यम से करोड़ों किसान मिट्टी के स्वास्थ्य के बारे में ज्ञान के आधार पर अधिकतम निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1.25 लाख किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) किसानों की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेंगे। इन केंद्रों को किसानों की आवश्कताओं के लिए वन-स्टॉप शॉप के रूप में विकसित किया जा रहा है। ये केंद्र किसानों को कृषि से संबंधित मुद्दों पर उन्नत आधुनिक जानकारी भी प्रदान करेंगे और सरकार की कृषि योजनाओं के बारे में भी समय पर जानकारी प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री ने किसानों को सलाह दी कि वे केंद्रों का दौरा करते रहें और वहां उपलब्ध ज्ञान का लाभ उठाएं। प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्षांत से पहले अतिरिक्त 1.75 लाख पीएम किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) स्थापित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के खर्चों को कम करने और जरूरत के समय उनकी सहायता करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने पीएम किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी योजना है जहां किसानों के बैंक खातों में सीधे धन हस्तांतरित किया जाता है। उन्होंने बताया कि आज की 14वीं किस्त को शामिल किया जाए तो अब तक 2 लाख 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है, जो विभिन्न खर्चों को कवर करने में किसानों के लिए लाभकारी रही है। उन्होंने कहा कि देश में यूरिया की कीमत सरकार द्वारा किसानों का खर्च बचाने का उदाहरण है। कोरोना वायरस महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण उर्वरकों में आई बाधा का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि वर्तमान सरकार ने इसे देश के किसानों पर इसका असर नहीं पड़ने दिया। प्रधानमंत्री ने उर्वरकों की कीमतों के बारे में बताया कि यूरिया की जिस बोरी की कीमत भारत में 266 रुपये है, उसका मूल्य पाकिस्तान में लगभग 800 रुपये, बांग्लादेश में लगभग 720 रुपये, चीन में लगभग 2100 रुपये और अमेरिका में लगभग 3000 रुपये है। “सरकार हमारे किसानों को यूरिया की कीमतों से परेशान नहीं होने देगी”, श्री मोदी ने कहा, “जब कोई किसान यूरिया खरीदने जाता है, तो उसे विश्वास होता है कि यह मोदी की गारंटी है।
प्रधानमंत्री ने मोटे अनाजों को बढ़ावा देने और उनकी ब्रांडिंग श्री अन्न के रूप में करने जैसे उपायों के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि श्री अन्न के प्रचार-प्रसार के माध्यम से इसके उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात में वृद्धि हो रही है। उन्होंने अपनी हील की यात्रा के दौरान व्हाइट हाउस के आधिकारिक रात्रिभोज में मोटे अनाज की उपस्थिति को याद किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत का विकास तभी संभव है जब उसके गांवों का विकास हो। विकसित गांवों के साथ ही भारत विकसित हो सकता है। यही कारण है कि सरकार गांवों में वे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है, जो अब तक केवल शहरों में उपलब्ध थीं। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राजस्थान में 9 वर्ष पहले तक केवल दस मेडिकल कॉलेज थे। आज यह संख्या 35 तक पहुंच गई है। इससे आस-पास के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार हो रहा है और मेडिकल छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जिन मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया जा रहा है और जिनका शिलान्यास किया जा रहा है, उनसे राज्य के कई क्षेत्रों में चिकित्सा अवसंरचना में सुधार होगा। जैसा कि चिकित्सा शिक्षा को सुलभ बनाया जा रहा है, प्रधानमंत्री ने मातृभाषा में मेडिकल शिक्षा प्रदान करने, इसे और लोकतांत्रिक बनाने और वंचित वर्गों के लिए रास्ते खोलने के कदम का भी उल्लेख किया। अब किसी गरीब का बेटा या बेटी अंग्रेजी न जानने के कारण डॉक्टर बनने के अवसर से वंचित नहीं रहेगा। यह भी मोदी की गारंटी है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों तक गांवों में अच्छे स्कूलों और शिक्षा की कमी के कारण गांव और गरीब भी पीछे छूट गए थे और अफसोस जताया कि पिछड़े और जनजातीय समाज के बच्चों के पास अपने सपनों को पूरा करने का कोई साधन नहीं था। श्री मोदी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा के लिए बजट और संसाधनों में वृद्धि की है और एकलव्य आवासीय विद्यालय खोले हैं, जिससे जनजातीय युवाओं को काफी लाभ हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सफलता तभी बड़ी होती है जब सपने बड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान एक ऐसा राज्य है जिसके वैभव ने सदियों से दुनिया को आकर्षित किया है। प्रधानमंत्री ने राजस्थान को आधुनिक विकास की ऊंचाई पर ले जाते हुए भूमि की विरासत को संरक्षित करने पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि राजस्थान में आधुनिक अवसंरचना का निर्माण करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने पिछले कुछ महीनों में दो हाईटेक एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का उल्लेख किया और कहा कि राजस्थान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे के एक प्रमुख खंड के माध्यम से विकास की एक नई गाथा लिख रहा है। उन्होंने राज्य से चलाई जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का भी जिक्र किया। श्री मोदी ने कहा कि सरकार अवसंरचना में निवेश कर रही है और पर्यटन से संबंधित सुविधाओं का विकास कर रही है, जिसके परिणामस्वरूप राजस्थान के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, “जब राजस्थान ‘पधारो म्हारे देश’ का आह्वान करेगा तो एक्सप्रेसवे और बेहतर रेल सुविधाएं पर्यटकों का स्वागत करेंगी। प्रधानमंत्री ने स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत खाटू श्याम जी मंदिर में सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया और विश्वास व्यक्त किया कि श्री खाटू श्याम के आशीर्वाद से राजस्थान के विकास को और गति मिलेगी। हम सब मिलकर राजस्थान के गौरव और विरासत को पूरे विश्व में एक नई पहचान देंगे।
प्रधानमंत्री ने राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। श्री अशोक गहलोत पिछले कुछ समय से बीमार हैं और इस कार्यक्रम में नहीं आ सके।
इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल श्री कलराज मिश्र, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री मनसुख मांडविया, केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल और केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी भी उपस्थित थे।
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री ने किसानों को लाभान्वित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम में 1.25 लाख से अधिक पीएम किसान समृद्धि केंद्र (पीएमकेएसके) राष्ट्र को समर्पित किए। सभी किसानों की जरूरतों के लिए वन-स्टॉप समाधान प्रदान करने के लिए पीएमकेएसके विकसित किए जा रहे हैं। कृषि इनपुट (उर्वरकों, बीजों, उपकरणों) की जानकारी से लेकर मिट्टी, बीज और उर्वरकों के लिए परीक्षण सुविधाओं तक, विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी तक, पीएमकेएसके को देश में किसानों के लिए एक विश्वसनीय समर्थन प्रणाली बनाने की परिकल्पना की गई है। वे ब्लॉक/जिला स्तर के विक्रय केंद्रों पर उर्वरक खुदरा विक्रेताओं का नियमित क्षमता निर्माण भी सुनिश्चित करेंगे।
प्रधानमंत्री ने यूरिया गोल्ड की एक नई किस्म का शुभारंभ किया, जो सल्फर के साथ लेपित है। सल्फर लेपित यूरिया की शुरुआत मिट्टी में सल्फर की कमी को दूर करेगी। यह अभिनव उर्वरक नीम-लेपित यूरिया की तुलना में अधिक किफायती और कुशल है, पौधों में नाइट्रोजन उपयोग दक्षता में सुधार करता है, उर्वरक की खपत को कम करता है, और फसल की गुणवत्ता को बढ़ाता है।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान डिजिटल कॉमर्स के लिए ओपन नेटवर्क (ओएनडीसी) से 1600 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को जोड़ने की शुरुआत की। ओएनडीसी एफपीओ को डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन भुगतान, बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) और बिजनेस-टू-कंज्यूमर लेनदेन तक सीधी पहुंच के साथ सशक्त बनाता है, और स्थानीय मूल्य वर्धन को प्रोत्साहित करता है, ग्रामीण क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स के विकास को उत्प्रेरित करता है।
किसानों के कल्याण के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण पेश करने वाले एक कदम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के अंतर्गत लगभग 17,000 करोड़ रुपये की 14वीं किस्त की राशि 8.5 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से जारी की गई।
प्रधानमंत्री ने चित्तौड़गढ़, धौलपुर, सिरोही, सीकर और श्रीगंगानगर में पांच नए मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया और बारां, बूंदी, करौली, झुंझुनू, सवाई माधोपुर, जैसलमेर और टोंक में सात मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला रखी। मेडिकल कॉलेजों की स्थापना वर्तमान जिला/रेफरल अस्पतालों से संबद्ध नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए केंद्र प्रायोजित योजना के तहत की जा रही है। प्रधानमंत्री ने जिन पांच मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया है, उन्हें 1400 करोड़ रुपये से अधिक की संचयी लागत से विकसित किया गया है, जबकि जिन सात मेडिकल कॉलेजों की आधारशिला रखी वे 2275 करोड़ रुपये की संचयी लागत से बनाए जाएंगे। 2014 तक राजस्थान में केवल 10 मेडिकल कॉलेज थे। केंद्र सरकार के समर्पित प्रयासों के माध्यम से राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 35 हो गई है। यह 250 प्रतिशत की वृद्धि है। इन 12 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से राज्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या 2013-14 में 1750 सीटों से बढ़कर 6275 हो जाएगी, जो 258 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री ने इसके अतिरिक्त उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और डूंगरपुर जिलों में छह एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन किया, जिससे इन जिलों में रहने वाली जनजातीय आबादी लाभान्वित होगी। वह कार्यक्रम के दौरान जोधपुर में केंद्रीय विद्यालय, तिंवरी का भी उद्घाटन किया।
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सभी राजनीतिक दलों ने 2024 की लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और गठबंधन की गठजोड़ जारी है। इस चुनावी जोर आजमाइश के माहौल में भाजपा ने यूनिफार्म सिविल कोड का कार्ड चल दिया है। 2019 में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। समान नागरिक संहिता मतलब जिसका उद्देश्य हर धर्म रीति-रिवाजों और परंपराओं पर आधारित व्यक्तिगत कानूनों को सभी के लिए एक समान करना है।
शहरी-20 (यू-20) के मेयरों के शिखर सम्मेलन का उद्घाटन 7 जुलाई को गुजरात के माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र भाई पटेल और आवास और शहरी मामलों के राज्यमंत्री, माननीय श्री कौशल किशोर द्वारा किया गया। राज्य के शहरीकरण के सिंधु घाटी सभ्यता तक जुड़े समृद्ध इतिहास के बारे में बोलते हुए श्री पटेल ने राज्य में अमल में ले जा रहे भविष्यगामी, दूरदर्शी शहरी उपक्रमों पर प्रकाश डाला। श्री कौशल किशोर ने हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई कुछ नीतियों और कार्यक्रमों की मुख्य झलकियाँ साझा कीं, जिनमें लाइफ मिशन, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना, ई-मोबिलिटी पर नीतियां और सभी के लिए आवास, स्वच्छ भारत मिशन जैसे मिशन शामिल हैं। छठे यू-20 चक्र के अध्यक्ष के रूप अहमदाबाद, जी-20 देशों के 60 से अधिक शहरों के 140 से अधिक विदेशी शहर नेताओं, 70 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं को शहरी क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और सतत शहरी विकास प्राप्त करने में बाधक चुनौतियों का समाधान करने के लिए, एक साथ लेकर आया है। शिखर सम्मेलन में 30 से अधिक शहरों के 100 से अधिक भारतीय प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी केवल रॉकेट प्रक्षेपित (लॉन्च) करने तक ही सीमित नहीं है, वरन इसका क्षेत्रीय विकास पर बहुत प्रभाव पड़ता है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के 6 दशकों के दौरान अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की अनुप्रयोग क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि आज, अंतरिक्ष ने मानव जीवन के सभी क्षेत्रों को छू लिया है, जिनमें विज्ञान और प्रौद्योगिकी, दूरसंचार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, आपदा चेतावनी और शमन, जलवायु परिवर्तन का अध्ययन, नेविगेशन, रक्षा तथा शासन शामिल हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अमृत काल के अगले 25 वर्षों के लिए अंतरिक्ष के माध्यम से भारत का उत्थान शुरू हो गया है और अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था भविष्य में समग्र आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ होगी। भारत द्वारा अब तक अन्तरिक्ष में भेजे गए 424 विदेशी उपग्रहों में से 389 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान पिछले नौ वर्षों में प्रक्षेपित किए गए हैं। इसके अलावा, अर्जित 17 करोड 40 लाख अमेरिकी डॉलर में से 15 करोड़ 70 लाख तो पिछले नौ वर्षों में आए और इसी तरह अब तक अर्जित 25 करोड़ 60 लाख यूरो में से 22 करोड़ 30 लाख प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 9 वर्षों के दौरान आए। एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी शिक्षा का माध्यम बन गई है और इसने भूभौतिकी, टेलीमेडिसिन जैसे विषयों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आज अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (स्पेस टेक्नोलॉजी) के द्वारा वाईफाई के माध्यम भी शिक्षा प्राप्त की जा रही है। अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि एकीकरण नया मंत्र है क्योंकि साइलो में काम करने के दिन खत्म हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर नतीजों के लिए न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ब
कानपुर 11 जुलाई भारतीय स्वरूप संवाददाता, योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने महोत्सव का किया उदघाटन
नेशनल मीडिया क्लब के कानपुर आम महोत्सव मे बुलडोजर आम की धूम रही। म्यूजिकल फाउंटेन मोतिझील मे आयोजित इस कार्यक्रम का उदघाटन योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने किया । राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला , राज्यमंत्री रामकेश निषाद , राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद , लोकसभा सांसद देवेंद्र सिंह भोले , महापौर प्रमिला पाण्डेय और भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल की विशेष मौजूदगी में आमों की 250 से अधिक प्रजातियों को प्रदर्शित की गयी। नेशनल मीडिया क्लब के संस्थापक रमेश अवस्थी और राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन अवस्थी के नेतृत्व में मैंगो फेस्टिवल का यह 16 वां आयोजन था।
आयोजन में दशहरी से लेकर अल्फांसो, नीलम, केसर, कैसिंग्टन, चौसा, सफेदा, देसी गोला, इलाहाबादी सफेदा, मल्लिका, फजली, फजरी गोल, अम्बिका, अरु णिका, साहेब पसंद, एल्डन, कांवसाजी पटेल, बंगनपल्ली, माया, ओस्टीन, सुकुल, मछली और शहद कुप्पी सहित भारत में पाए जाने वाले आमों की लगभग 250 प्रजातियां प्रदर्शित की गई, हलाकि बुलडोजर आम की धूम रही और यह आम लोगो मे आकर्षण का केंद्र रहा। खुशनुमा मौसम में हुए इस कानपुर आम महोत्सव में लोगों ने प्रदर्शनी के अवलोकन के अलावा स्वादिष्ट व्यंजनों और आम का लुफ्त उठाया। मोतीझील म्यूजिकल फाउंटेन का परिसर आमो की मिठास का एहसास करा रहा था खुशनुमा मौसम की फिजाओं में भी आम की भीनी खुशबू थी तो लोग इस चर्चाओं में भी आम की वैरायटी थी। पार्टी के दौरान संस्कृति विभाग लखनऊ द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलाकारों ने गीत संगीत के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। इस दौरान हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी ने भी अपने निराले अंदाज में लोगों खूब हंसाया। लाफ्टर चैलेंज फेम कवि हेमंत पांडे ने भी अपनी कविताओं के माध्यम से आए हुए लोगों का खूब मनोरंजन किया तो कई बार उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर भी चोट की। कवि मुकेश श्रीवास्तव ने भी अपनी कविताओं के माध्यम से खूब तालियां बटोरी। इस दौरान आम के आकार का एक केक भी काटा गया । सीबू सीतापुर को बुलडोज़र आम के लिए बेस्ट मैंगो का ख़िताब मिला जबकि क़दीम नर्सरी को मोदी मैंगो के लिए सम्मानित किया गया। आईसीएआर डिपार्टमेंट लखनऊ रहमानखेड़ा को अपनी कई किस्मों के लिए सम्मानित किया गया। कैबिनेट मंत्री राकेश मुताबिक के यह महोत्सव अपने आप में अनूठा था इसकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है। नेशनल मीडिया क्लब के संस्थापक रमेश अवस्थी जी ने कहा कि आम महोत्सव का मकसद वर्तमान पीढ़ी आम की प्रजातियों को देख सके और उसके बारे मे ठीक से जान सके की हमारे देश मे कितने प्रकार की प्रजातियां हैं यह ऐसा फल है जो हमारे देश की पहचान है इसफल में बहुत से मिनरल्स और फायदेमंद गुण होते हैं जो सभी के लिए लाभदायक होते हैं। नेशनल मीडिया क्लब के अध्यक्ष सचिन अवस्थी के मुताबिक भारत कृषि प्रधान देश है ऐसे में आम की फसल को बढ़ावा मिलने से किसानों को फायदा होगा इसका किसानो को कैसे ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके इस पर भी इस चर्चा की गई । कानपुर आम महोत्सव में अपर पुलिस आयुक्त प्रशासन आनंद प्रकाश तिवारी, अपर पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्ज़ा चौधरी सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद थे । भारतीय जनता पार्टी से विधायक अभिजीत सिंह सांगा, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक राहुल बच्चा सोनकर , दक्षिण जिला अध्यक्ष बिना आर्या पटेल , पूर्व विधायक नीरज चतुर्वेदी पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदोरिया गुरविंदर सिंह छाबड़ा ने शिरकत की। समाजवादी पार्टी से विधायक अमिताभ बाजपेई , विधायक मोहम्मद हसन रूमी , सपा पार्षद दल के नेता जावेद अख्तर गुड्डू समाजवादी पार्टी के पूर्व महामंत्री अभिषेक गुप्ता मोनू , पार्षद लियाकत अली सहित बड़ी संख्या मे नेता मौजूद थे। कांग्रेस पार्टी से शहर अध्यक्ष उत्तरी नौशाद आलम मंसूरी , पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल मन्नान , कार्यवाहक अध्यक्ष कृपेश त्रिपाठी, पीसीसी सदस्य संदीप शुक्ला , वरिष्ठ कांग्रेस नेता शरद मिश्रा कांग्रेसी नेता एवं कानपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या मे राजनैतिक समाजिक हस्तियाँ मौजूद थी