



इस आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, डॉ. मांडविया ने कहा कि दो सीजीएचएस एचडब्ल्यूसी महाराष्ट्र और तमिलनाडु के लोगों को अच्छी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने संभाजी नगर और कोयम्बटूर में सीजीएचएस एचडब्ल्यूसी खोलने पर लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि “यह हमारी सरकार की जिम्मेदारी है कि हम अपने सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और सम्पूर्ण स्वास्थ्य केन्द्र प्रदान करें।”
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ये केन्द्र चिकित्सा सेवाओं तक आसान पहुंच बढ़ाने में मदद करेंगे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की लोगों को आसानी से सुलभ नजदीक में सम्पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की परिकल्पना के अनुरूप सीजीएचएस केन्द्रों की संख्या 2014 के 25 से बढ़कर आज 79 हो गई है। सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा की गई विभिन्न पहलों पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सीजीएचएस सेवा में सुधार के लिए कई मोर्चों पर मिशन मोड में काम कर रहा है। इनमें उसके लाभार्थियों की शिकायत निवारण के लिए दैनिक निगरानी, प्रतिपूर्ति निवारण, निजी अस्पतालों के नेटवर्क का विस्तार और अनेक अन्य कदम उठाए गए हैं ताकि त्वरित प्रतिपूर्ति की जा सके और लंबित मामलों की संख्या में कमी लाई जा सके। इस अवधि के दौरान, सीजीएचएस ने स्वास्थ्य क्षेत्र में विकास के साथ गति बनाए रखने के लिए सेवाओं के डिजिटलीकरण जैसे कई बदलाव किए हैं। आज, सभी नागरिकों को सस्ती और बेहतर गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराकर लोगों की बेहतरी के लिए 9100 से अधिक जन औषधि केन्द्र अस्तित्व में हैं।
उन्होंने आगे कहा कि “केन्द्र सरकार न केवल एचडब्ल्यूसी खोलकर बल्कि कुछ और मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा पेशेवरों को बढ़ाकर और उनका प्रशिक्षण सुनिश्चित करके ‘टोकन टू टोटल’ दृष्टिकोण का पालन कर रही है।” उन्होंने यह भी बताया कि आरोग्य परम भाग्यम, स्वास्थ्यम सर्वार्थ साधनम की धारणा का पालन करते हुए अर्थात अच्छा स्वास्थ्य सबसे बड़ा सौभाग्य है, स्वास्थ्य सेवा में निवेश करना भविष्य में निवेश करने जैसा है, भारत देश भर में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार और उसे मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “देश के दूर-दराज के हिस्से तक पहुंचने के लिए टेलीकंसल्टेशन और एबीडीएम जैसे डिजिटल प्रयास किए गए हैं। जनऔषधि केन्द्र स्थापित किए गए हैं और आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई है। केन्द्र सरकार विभिन्न सुधार कर रही है ताकि “सभी के लिए स्वास्थ्य” सुनिश्चित किया जा सके।”

सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए और इन दो क्षेत्रों में काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों के अनुरोध को स्वीकार करने और उन्हें सीजीएचएस वेलनेस सेंटर उपहार में देने के लिए माननीय प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए, डॉ. भारती प्रवीन पवार ने कहा कि “सीजीएचएस इन केन्द्रों में अविरत प्रयास से तैयार नए नवाचारों और कार्य प्रणालियों के साथ पेंशनभोगियों को मजबूत कवरेज देगा”। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने सीजीएचएस के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए अनेक उपाय किए हैं। “केन्द्र सरकार ने देश के प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए पीएमजेएवाई, पीएम-एबीएचआईएम, एचडब्ल्यूसी जैसी कुछ महत्वाकांक्षी पहल शुरू की हैं। हमें उम्मीद है कि दक्षिण भारत की कपड़ा राजधानी या दक्षिण भारत के मैनचेस्टर, कोयम्बटूर और कपड़ों और कलात्मक रेशमी कपड़ों के लिए मशहूर, संभाजी में सम्पूर्ण स्वास्थ्य केन्द्र से न केवल कोयम्बटूर और संभाजी नगर में रहने वाले लाभार्थियों / पेंशनभोगियों, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की भी कठिनाइयां कम होंगी। उदाहरण के लिए, कोयम्बटूर में, चिकित्सा देखभाल और दवाओं के लिए 8000 से अधिक लाभार्थियों को 400-500 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी। कोयंबटूर और संभाजी नगर सीजीएचएस सम्पूर्ण स्वास्थ्य केन्द्र जब एक बार काम करने लगेंगे तो ये न केवल लाभार्थियों को ओपीडी सेवाएं प्रदान करेंगे बल्कि निजी अस्पताल भी पैनल में आ जाएंगे और पेंशनरों को निजी अस्पतालों से भी कैशलेस चिकित्सा उपचार प्राप्त करने में मदद मिलेगी। केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत किशनराव करार ने लाभार्थियों को बधाई दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में बड़ी प्रगति कर रहा है।
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