भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज, कानपुर में एमएसएमई–टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर द्वारा उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम(Entrepreneurship Awareness Program) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुमन ने अपने संबोधन में कहा कि आज के युवाओं के लिए उद्यमिता आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की आयोजन सचिव प्रो. प्रीति पांडेय ने अपने वक्तव्य में कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा एमएसएमई द्वारा संचालित योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हैं और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में हृदयनारायण पांडेय, तनमय तिवारी, सपना रॉय एवं आदित्य निगम उपस्थित रहे।
सह-आयोजक मंडल में डॉ. शैल बाजपेयी, डॉ. रोली मिश्रा एवं डॉ. कोमल सरोज का विशेष योगदान रहा। मुख्य वक्ताओं ने उद्यमिता के महत्व, स्टार्टअप की संभावनाओं, व्यवसाय स्थापना की प्रक्रिया तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपने प्रश्नों के माध्यम से जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और विद्यार्थियों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रो.अलका टंडन प्रोफेसर रेखा चौबे, प्रो.मीनाक्षी व्यास प्रो.निशा वर्मा। प्रो. गार्गी यादव,पूजा गुप्ता डॉ रेशमा, डॉ प्रीत अवस्थी डॉक्टर शुभा बाजपेई आदि उपस्थित रहे।
एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन, पोषण एवं खाद्य सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा लल्लनपूर्वा बस्ती में संचालित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह दिनांक 17 फ़रवरी 2026 को महाविद्यालय प्राचार्या प्रोफेसर वन्दना निगम के के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। समापन दिवस का मुख्य विषय “पोषण एवं खाद्य सुरक्षा अभियान” रहा, जिसमें स्वयंसेविकाओं ने बस्ती की महिलाओं एवं बच्चों को संतुलित आहार, स्वच्छ भोजन, एनीमिया से बचाव तथा कुपोषण के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी।कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक और संवाद सत्र आयोजित किए गए। स्वयंसेविकाओं ने बताया कि हरी सब्ज़ियाँ, दालें, दूध, फल और स्वच्छ पानी का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। साथ ही खाद्य पदार्थों को ढककर रखने, साफ-सफाई बनाए रखने और मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचने के उपाय भी बताए गए।
कार्यक्रम में महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना समिति की वरिष्ठ सदस्या डॉ अंजना श्रीवास्तव ने कहा कि सही पोषण से ही स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है और युवाओं की भागीदारी से जागरूकता अभियान और प्रभावी बनता है। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही ने बताया कि शिविर के दौरान की गई गतिविधियों स्वच्छता, सड़क सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, ए आई/ डिजिटल लिटरेसी, साइबर सिक्योरिटी, नशामुक्त युवा – नशा मुक्त भारत अभियान और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए।समापन अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वयंसेविकाओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। अंत में सभी ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में पोषण संबंधी जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय की शिक्षिकाओं डॉ . साधना सिंह, डॉ . दीप्ति शुक्ला, डॉ . ज्योत्सना पाण्डेय, बसंत कुमार समस्त स्वयंसेविकाओं, क्षेत्रीय नागरिकों तथा मीडिया बंधुओं का विशेष योगदान रहा।कार्यक्रम अधिकारी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
एनएसएस विशेष शिविर एआई उपयोग शपथ एवं मतदाता जागरूकता अभियान आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 16 फरवरी दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा लल्लनपूर्वा बस्ती में संचालित सात दिवसीय विशेष शिविर के षष्टम् दिवस पर एआई जिम्मेदार उपयोग की शपथ तथा मतदाता जागरूकता से संबंधित विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही के निर्देशन एवं प्राचार्या प्रो. वंदना निगम के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रथम सत्र का शुभारंभ प्रातः व्यायाम एवं योगाभ्यास से हुआ। इसके उपरांत इंडिया ए आई मिशन द्वारा आयोजित ए आई समिट के अंतर्गत जिम्मेदार एआई उपयोग हेतु अधिकतम प्रतिज्ञाओं का रिकॉर्ड बनाने के प्रयास में एनएसएस स्वयंसेविकाओं ने “AI for All” की शपथ ली। स्वयंसेविकाओं ने डिजिटल तकनीक के सुरक्षित, नैतिक एवं सकारात्मक उपयोग का संकल्प लिया।
स्वल्पाहार के उपरांत द्वितीय सत्र में स्वयंसेविकाओं ने बस्ती क्षेत्र में मतदाता जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को मतदान के महत्व, मतदाता पहचान पत्र बनवाने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। रैली के माध्यम से “हर वोट की कीमत”, “मतदान ज़रूरी–लोकतंत्र मज़बूत” जैसे नारों से लोगों को प्रेरित किया गया।इस अवसर पर पोस्टर एवं स्लोगन प्रदर्शनी आयोजित की गई तथा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बालिका शिक्षा, महिला सम्मान और एआई के जिम्मेदार उपयोग का संदेश दिया गया। स्वयंसेविकाओं ने बस्तीवासियों से संवाद कर प्रत्येक निर्वाचन में मतदान करने की अपील एवं शपथ भी दिलाई।कार्यक्रम में 50 स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बस्तीवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए महिला सम्मान, डिजिटल जिम्मेदारी और मतदान जागरूकता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। शिविर को सफल बनाने में डॉ. अंजना श्रीवास्तव, डॉ. साधना सिंह, बसंत कुमार तथा ग्रुप लीडर्स वैष्णवी, सिमरन, वासु, वंशिका एवं शीतल का विशेष सहयोग रहा। अंत में राष्ट्रगान के साथ षष्टम् दिवस का समापन किया गया।
Read More »डी.ए-वी. कॉलेज में प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर विषयक ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। डी ए वी कॉलेज में रीजेंसी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग (रीजेंसी हेल्थकेयर लिमिटेड की इकाई) के सहयोग से प्राथमिक उपचार (First Aid), सीपीआर (CPR) एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर परामर्श विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक कौशलों के प्रति जागरूक करना तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार संभावनाओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार दीक्षित ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उन्हें व्यावहारिक दक्षताओं से भी सशक्त करते हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट वक्तव्य प्रोफेसर अनुराग सक्सेना द्वारा प्रदान किया गया। उन्होंने प्राथमिक उपचार एवं सीपीआर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय पर दी गई उचित सहायता किसी भी व्यक्ति के जीवन की रक्षा कर सकती है।
कार्यक्रम की विषय-वस्तु का प्रस्तुतीकरण डॉ. सरस द्वारा किया गया। रीजेंसी संस्थान के नर्सिंग विशेषज्ञ श्रीधर एवं ज्योति ने सीपीआर तथा प्राथमिक उपचार की प्रक्रियाओं का विस्तृत एवं व्यवहारिक विवरण प्रस्तुत किया। साथ ही, करियर विशेषज्ञ जीशान ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उपलब्ध विविध अवसरों की जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. भावना श्रीवास्तव, डॉ. सुनीत कुमार सक्सेना, डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी एवं डॉ. अरुण कुमार तिवारी सहित विभिन्न संकायों के अनेक शिक्षक ऑनलाइन रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन नीतू पाण्डेय, कोमल यादव एवं विशाल कुमार द्वारा किया गया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आशुतोष कुमार झा ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की तथा कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
Read More »वित्त वर्ष 2025-26 (जनवरी 2026 तक) में क्षमता में वृद्धि 50,000 मेगावाट से अधिक हो गई है
चालू वित्त वर्ष 2025-26 (जनवरी 2026 तक) के दौरान, सभी स्रोतों से रिकॉर्ड 52,537 मेगावाट उत्पादन क्षमता जोड़ी गई है। इसमें से 39,657 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से जोड़ी गई है जिसमें 34,955 मेगावाट सौर ऊर्जा और 4,613 मेगावाट पवन ऊर्जा शामिल हैं।
यह एक वर्ष में अब तक की सबसे अधिक क्षमता वृद्धि को दर्शाता है, जो वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान प्राप्त किए गए 34,054 मेगावाट के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया है।
इसके अलावा, इसका यह भी तात्पर्य है कि 2025-26 (31.1.2026 तक) के दौरान देश की कुल स्थापित क्षमता में 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।
31 जनवरी 2026 तक, भारत की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 520,510.95 मेगावाट है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता: 248,541.62 मेगावाट
- गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता: 271,969.33 मेगावाट
- परमाणु ऊर्जा: 8,780 मेगावाट
- नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत: 263,189.33 मेगावाट
वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय के दो दिवसीय चिंतन शिविर का आज कर्नाटक के कूर्ग में सफलतापूर्वक समापन

इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने और वित्तीय संस्थानों की भूमिका को लेकर नए दृष्टिकोण और रचनात्मक विचारों को प्रोत्साहित करना था। इस शिविर में सभी हितधारकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और विकसित भारत के रणनीतिक संदर्भ में बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं के प्रतिभागियों को जिन महत्वपूर्ण कदमों को उठाने की आवश्यकता है, उन पर गहन चर्चाएं हुई।
अपने संबोधन में, वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव एम. नागराजू ने विकसित भारत के लक्ष्यों के अनुरूप, सकल घरेलू उत्पादन में साख के अनुपात को बढ़ाने, वित्तीय संस्थानों को अधिक चुस्त बनाने और बड़े पैमाने पर वित्तपोषण के नए तरीके तलाशने की आवश्यकता पर बल दिया। सचिव ने कहा कि सत्र के दौरान प्राप्त विचार विभाग और उसके वित्तीय संस्थानों के लिए एक साझा दृष्टिकोण और कार्य योजना का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के पूर्व सचिव डॉ. के. पी. कृष्णन ने अपने भाषण में भारत में कुछ और गिफ्ट-शहरों की आवश्यकता, एक मजबूत और समृद्ध बॉन्ड बाजार, मध्यस्थता की लागत में कमी आदि पर जोर दिया।
नीति आयोग के पूर्व सीईओ श्री अमिताभ कांत ने सभा को संबोधित करते हुए एमएसएमई के वित्तपोषण में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका, जन आधार की तर्ज पर जन व्यापार की आवश्यकता और व्यापार करने की लागत को और कम करने के लिए उपयुक्त नियम-आधारित साधनों के विकास के बारे में बताया।
अन्य प्रख्यात विशेषज्ञों, पैनलिस्टों और प्रतिभागियों ने बैंकिंग और साइबर सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, 2047 तक पूर्णतः बीमित और पेंशनभोगी समाज सुनिश्चित करने जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के दौरान शैडो सीईओ की अवधारणा को दोहराना, स्वायत्त संगठन, डिजिटल ट्रस्ट, नॉलेज हाफ लाइफ, निवेश बढ़ाने के नवीन तरीके, नए बीमा और पेंशन उत्पादों की खोज, वित्तीय साक्षरता बढ़ाना और तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में अधिक लचीली वित्तीय प्रणाली बनने के तरीकों सहित कई विचार सामने आए।
शीर्ष टीम प्रभावशीलता, सचेतनता और कल्याण पर सत्र भी आयोजित किए गए जिनमें प्रतिभागियों ने उच्च प्रदर्शन करने वाली टीमों के निर्माण, विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ तनाव प्रबंधन के लिए सचेतनता का अभ्यास करने और सतत संगठनात्मक विकास को गति देने के लिए कल्याण की संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व का अनुभव किया।

चिंतन शिविर, 2026 ने इस बात पर फिर से जोर दिया कि भारतीय वित्तीय संस्थानों का भविष्य बड़ी महत्वाकांक्षाओं और परिवर्तनकारी उद्देश्य से आकार लेगा जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक/सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थान राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थानों के रूप में उभरने की आकांक्षा रखने में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे।
नए मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ने हेतु एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में तीन दिवसीय शिविर आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर नए मतदाताओं को मतदाता सूची में जोड़ने हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा निर्गत आदेश के परिपालन में एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज, कानपुर में प्राचार्या प्रो. सुमन के पर्यवेक्षण में दिनांक 12/02/2026 से 14/02/2026 तक तीन दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया।
दिनांक 12/02/2026 को शिविर के उद्घाटन सत्र में प्राचार्या द्वारा महाविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग की प्रभारी प्रो. चित्रा सिंह तोमर को मतदाता जागरूकता अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया साथ ही नोडल अधिकारी सहित छः सदस्यीय ‘ चुनाव साक्षरता क्लब (ELC) का गठन किया गया।
प्रथम दिवस प्राचार्या ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को अपने मतदान के अधिकार का उपयोग करने के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम में नए मतदाताओं के पंजीकरण हेतु फॉर्म 6 वितरित किए गए। नोडल अधिकारी ने सर्वप्रथम फॉर्म -6 को भरने एवं पहचान पत्र तथा हाईस्कूल की मार्कशीट की छायाप्रति के साथ फार्म 6 को जमा करने के सम्बंधित जानकारी प्रदान की।
दिनांक 13/02/2026 को भी मतदाता जागरूकता शिविर में छात्राओं ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। शिविर के दूसरे दिन फॉर्म 6 जमा करने के साथ साथ नए पंजीकरण हेतु फॉर्म वितरित भी किए गए।
शिविर के समापन सत्र में दिनांक 14/02/2026 को भी शिविर में छात्राओं ने सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। प्राचार्या प्रो. सुमन ने नोडल अधिकारी प्रो. चित्रा सिंह तोमर एवं अन्य ELC सदस्यों डॉ. रश्मि गुप्ता ( सहप्रभारी), असि. प्रो. ऋचा सिंह, डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ संगीता सिंह एवं असि. प्रो. प्रीति यादव को शिविर के सफल संचालन हेतु बधाई दी।
मतदता जागरूकता हेतु आयोजित तीन दिवसीय शिविर का उद्देश्य नववयस्क नागरिकों को एक परिपक्व मतदाता बनाकर निर्वाचन प्रक्रिया में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना था।
कल्याणपुर ब्लॉक में डीएम औचक निरीक्षण, एनआरएलएम कार्यों में लापरवाही पर डीसी एनआरएलएम व डीएमएम को नोटिस
जिला सूचना कार्यालय कानपुर। कल्याणपुर विकास खंड में बुधवार को हुए औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े कार्यों में गंभीर शिथिलता पर कड़ा रुख अपनाया। स्वयं सहायता समूहों और बीसी सखी व्यवस्था की समीक्षा में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने डीसी एनआरएलएम तथा डिस्ट्रिक्ट मिशन मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत संचालित सुनवाई प्रक्रिया से हुई। एईआरओ प्रिया गौतम सुनवाई करती हुई मिलीं। जिलाधिकारी ने लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामलों की जानकारी ली और निर्देश दिया कि जो व्यक्ति प्रथम सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाए हैं, उन्हें नियमानुसार पुनः अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण तथ्यों के आधार पर किया जाए और किसी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।
इसके बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित निराश्रित महिला पेंशन योजना की समीक्षा की गई। सोमवती के 27 अगस्त 2025 के आवेदन की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पांच आवेदनों को यादृच्छिक रूप से चयनित कर उनकी प्राप्ति तिथि, प्रक्रिया की प्रगति और भुगतान की स्थिति की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पेंशन योजनाओं में देरी या अस्पष्टता स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
ब्लॉक परिसर स्थित एनआरएलएम कार्यालय में समूह गठन, बैंक लिंकेज और आजीविका गतिविधियों की समीक्षा के दौरान आशा महिला उत्पादन समूह के 14 अक्तूबर 2025 के आवेदन पर बैंक खाता खुलने के बाद की कार्यवाही स्पष्ट नहीं की जा सकी। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित डिस्ट्रिक्ट मिशन मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। खंड विकास अधिकारी को समूहों की वास्तविक प्रगति, बैंक संबद्धता, ऋण सुविधा और आय सृजन गतिविधियों की बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
महिला स्वयं सहायता समूहों की नियमित समीक्षा और बीसी सखी व्यवस्था की मॉनिटरिंग में भी अपेक्षित गंभीरता न पाए जाने पर डीसी एनआरएलएम के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि बीसी सखी तंत्र ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी बिंदुओं पर निर्धारित समय में तथ्यात्मक और स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
Read More »क्राइस्ट चर्च कॉलेज में Many voice one science कार्यक्रम आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 10 फरवरी क्राइस्ट चर्च कॉलेज के रसायन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. मीत कमल ने किया। इस दौरान छात्रों ने पोस्टर एवं model making competition का प्रदर्शन किया। अतिथि डाॅ निधि श्रीवास्तव (पी पी एन कालेज)ने छात्रों को संबोधित कर भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन पीपीएन कॉलेज के रसायन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. निधि श्रीवास्तव और क्राइस्ट चर्च कॉलेज के रसायन विभाग के प्रोफेसर आशीष के. नथानियल ने किया। कार्यात्मक मॉडल श्रेणी में प्राची गुप्ता (M.Sc. 2nd सेमेस्टर) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, उसके बाद शिवांग शुक्ला और आर्यन गुप्ता (B.Sc. 6th सेमेस्टर) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि अंबरीन इरशाद (M.Sc. 2nd सेमेस्टर) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पोस्टर निर्माण श्रेणी में अक्सा फातिमा (B.Sc. 2nd सेमेस्टर) ने प्रथम पुरस्कार जीता, आर्यन गुप्ता और अजीमा रहबर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया और अलशुमा (BSc. 6th सेमेस्टर) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। डॉ. धनंजय डे ने विज्ञान में महिलाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। प्रोफेसर ज्योत्सना लाल ने छात्रों को संपूर्ण कार्यक्रम की अवधारणा तैयार करने में सहायता की। प्रधानाचार्य प्रोफेसर विनय जॉन सेबेस्टियन ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और विजेताओं को उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मकता की सराहना करते हुए सम्मानित किया। उप-प्रधानाचार्य प्रो. श्वेता चंद ने विजेताओं के नवोन्मेषी प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन इल्मा तबस्सुम ने सुचारू रूप से किया। यह पूरा कार्यक्रम प्रिंसिपल प्रोफेसर विनय जॉन सेबेस्टियन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ और उन्होंने इस आयोजन के लिए department of chemistry और global women breakfast IUPAC की टीम को भी धन्यवाद दिया।और प्रो. अनिंदिता भट्टाचार्य द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
स्वच्छ भारत–स्वस्थ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा लल्लनपूर्वा बस्ती, कानपुर में कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में प्राचार्य प्रो वन्दना निगम के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ दिनांक 11 फ़रवरी को हुआ। सर्वप्रथम स्वयं सेविकाओं ने कैम्प स्थल हुई स्थल की साफ़ सफाई की।स्वयंसेवकों ने बस्ती में सफाई अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थलों से कूड़ा-करकट हटाया तथा लोगों को स्वच्छ परिवेश बनाए रखने का संदेश दिया।उसके पश्चात एनएसएस लक्ष्य गीत गाकर कैम्प का शुभारंभ किया। शिविर के प्रथम प्रहर में शारीरिक गतिविधियों में योगा तथा क्रीड़ा गतिविधियां की गई।स्वल्पाहार के बाद शिविर के प्रथम दिवस “स्वच्छ भारत–स्वस्थ भारत अभियान” के अंतर्गत की जाने वाली गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई तथा छात्राओं के द्वारा पोस्टर, स्लोगन आदि तैयार किए गए। बस्ती में विशेष स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के अंतर्गत रैली निकालकर, नुक्कड़ नाटक, आपसी संवाद तथा पोस्टर-स्लोगन आदि के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्रीय निवासियों को स्वच्छता के महत्व, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलायी तथा बताया कि स्वच्छ वातावरण से ही स्वस्थ जीवन संभव है। लोगों को प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने, कूड़े को निर्धारित स्थान पर डालने तथा नियमित सफाई रखने की प्रेरणा के साथ बस्तीवासियों विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों को हाथ धोने की सही प्रक्रिया में प्रशिक्षित किया गया।कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के 50 स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बस्तीवासियों ने इस प्रकार के सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रमों की सराहना करते हुए साफ़ सफ़ाई तथा स्वच्छता की भी शपथ ली। दोपहर के भोजन के पश्चात स्वयंसेविकाओं ने बस्ती के बच्चों के साथ देशज खेलों खेल खो-खो खेलकर तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ राष्ट्रगान गाकरशिविर का समापन किया। शिविर को सफल बनाने में डॉ अंजना श्रीवास्तव, डॉ साधना सिंह, बसंत कुमार तथा ऋषभ का विशेष सहयोग रहा।
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