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मेरी ज़िंदगी का खूबसूरत गुलाब हो तुम

दोस्तों ! महकता हुआ मखमली गुलाब कुदरत की दी हुई बेहतरीन सौग़ात हमें फूल के रूप में मिली है जिसे वेलेंटाइन के मौक़े पर बहुत से चाहने वाले अपने प्यार का इज़हार करने के लिये ढेरों,

लाल गुलाब देंगे और लेंगे,और बहुत कुछ कहा भी जाएगा जैसे कि “मेरी ज़िंदगी का खूबसूरत गुलाब हो तुम..,एक नाज़ुक सा एहसास ,महकता हुआ जज़्बात हो तुम “🌺…. और कुछ लोग ऐसा भी कहेंगे । “ज़िन्दगी की मेरी ज़रूरत हो तुम ,गुलाब तो खूबसूरत हैं ही मगर गुलाब से भी हसीन हो तुम”… 🌺 और कुछ तो प्रेमी को खुदा का ही ख़िताब दे डालेंगे।

“ सोचते हैं गुलाब दे कर दिल का हाल दिखा दें उन्हें..तुम ख़ुदा हो हमारे लिए ,ये भी बता दें उन्हें…

🌺 वगैरह वगैरह ….!!ढेरों कविताएँ, ढेरों शायरी कही जायेगी…मेरी शुभकामनाएँ है उन के लिए जो अपने अपने पार्टनर या प्रेम की तालाश में है .. कुछ का इंतज़ार आज ख़त्म होगा ,कईयो की तालाश अभी जारी रहने वाली होगी।ये सिलसिला तो सालों से चलता आ रहा है और आगे भी चलता रहेगा…. पर दोस्तों ! गुलाब उसी को देना ,जिसको आप दिल से चाहते है..जिसके साथ आप हर दुख सुख बाँटना चाहते है। ये बहुत ही महत्वपूर्ण, संवेदनशील नाजुक पल होता है .. इसकी मर्यादा को बनाए रखना ज़रूरी है.. ये फ़ैसला कुछ पलों का नहीं बल्कि उम्र का होना चाहिए । पर अफ़सोस तो ये है !!असल में हमें पता ही नहीं कि प्रेम क्या है। चलिए पहले समझते है प्रेम को …प्रेम जीवन में बहुतो से होता है जैसे कि मांबाप बहन भाई.. अपने दोस्त ,सहेलियों ,अपने सहयोगियों से ,पड़ोसियों से ..रिश्तेदारों से ,देश से ,यहाँ तक की कथा कहानियों से प्रेम हो जाता है ,और तो और भगवान से भी सभी प्रेम ही करते हैं इश्क़ नही ।

🌺प्रेम का मतलब है (लगाव )

…याद रखे अगर एक से ज़्यादा लोगों से आप इश्क़ का दावा करते है समझ जाईये …ये सिर्फ़ लगाव या प्रेम हो सकता है “इश्क़ नही।” इश्क़ तो किसी विरले के हिस्से में आता है। इश्क़ अलग अहसास है .. वो सिर्फ़ एक से ही होगा ,दूसरे से नही .. जब इश्क़ मिलता है तो किसी दूसरे का कोई स्थान रह ही नही जाता। न ही उसकी जगह कोई ओर ले सकता है। इश्क़ तो वो शय है ,वो मिले न मिले पर हम उसी के हो कर रह जाते है अपनी ही मर्ज़ी से। उसे हासिल करना कोई मायने नहीं रखता।वो पास न होकर भी करीब ही महसूस होता है।जहाँ आशिक़ की सिर्फ़ इक झलक पर ही अपनी सारी ज़िंदगी गुज़ार दी जाती है। इसका उदाहरण कृष्ण दीवानी मीरा बाई जी थी.. “जहाँ रूह कह उठती है कि हम उसके बग़ैर संसार को विरान लिखते है ,”और हम कितनी आसानी से कह देते है कि हमें इश्क़ हुआ है ,मगर सच यही है कि हम सब अभी प्रेम में ही है। कोई विरला आशिक ही इस इश्क़ की पाकीज़ा गली से गुज़रता हैं ।आमतौर पर होता क्या है .. बस जवान हुए ,कालेज मे कोई लड़की या लड़का अच्छा लगा तो सोच लिया कि हमे प्रेम हो गया है .. बस गुलाब दे दो और अपने मन की बात कह दो .. और फिर कुछ देर के बाद शादी… और दूसरी ओर इश्क़ जो इतना सस्ता नहीं कि हर किसी को,और किसी से भी हो जाए..न ही इतना आसान है कि इसे हर कोई पा सके।ये मिलेगा उसे ही जिसमे शिद्दत होगी ,गहराई होगी ,सब्र होगा,..इश्क़ खुद तुमसे तुमको माँगता है। क्या कर सकते हो खुद को किसी के हवाले ? दोस्तों!! ये कोई टाइम पास या मस्ती करना नहीं होता।इश्क़ नाईट क्लबों या चकाचौंध से भरी दुनिया में नहीं मिल सकता। इश्क़ गहरा इसीलिए है क्योंकि वो मर्यादित है ,सीमाबद्ध है ,उसके अपने दायरे है और वो दायरों को तोड़ना नही जानता,अपनी या सामाज की खींची हुई लकीर में ही रहता है। इश्क़ आनन्दमय भी हो सकता है और उदासी,बैचेनी बिछोह का भी रूप हो सकता है। प्रेम अगर आसानी से मिल जाये, तो

उसमें गहराई नहीं होगी। मुश्किल से मिला प्रेम मूल्यवान होगा और वही प्रेम धीरे धीरे इश्क़ का रूप होने लगता है….

“इश्क़ बँधता नहीं, न ही इसे

बांधने की कोशिश ही नही करनी चाहिए …जो बाँधा जाये वो इश्क़ नही .…वो तो क़ैद होगी ..इश्क़ तो खुद ब ख़ुद बंध जाता है और खुद को किसी से बांधें रखना

ही इश्क़ है “इश्क़ बिल्कुल भगवान और भक्त जैसा है भगवान चाहे दिखे न दिखे.. बात करे न करे .. मिले ना मिले..चाहे जो भी दे दे .. भक्त उसकी हर रज़ा में राज़ी रहता है। ऐसी इश्क़ की अवस्था में भगवान के देह स्वरूप की भक्त को कोई ज़रूरत महसूस नही होती।वो उसे अपना मान चुका होता है..भक्त कहता है कि आप कहीं भी हो ..दुनिया के किसी भी कोने मे हो …हे भगवन ! मैं तुम्हारा हूँ ।हर इंसान जो प्रेम की तलाश मे है उसे सोचना होगा कि क्या वो ज़िम्मेदारियों के लिए तैयार है,क्योंकि प्रेम अकेला नहीं आता ..बहुत कुछ अपने साथ लेकर आता है।हमारी माँ बाप की जब शादी हुई थी उन लोगों ने प्रेम को निभाया .. संसार को आगे बढ़ाया …संस्कारों को बांटा …क्या हम संस्कारों को आगे बढ़ा पाएंगे .. नई जनरेशन से मैं यही कहूँगी अगर शादी करनी है तो पहले सोचिये।

लडकियों से भी कह रही हूँ कि शादी सिर्फ़ लाखों का लहंगा पहनना नहीं होता ,महंगा मेकअप करवाना नहीं होता ..शादी के साथ बहुत सी ज़िम्मेदारियाँ आती हैं जो हमें निभानी होती हैं।पहले उसके लिए खुद को तैयार करे .. फिर गुलाब का फूल देने और लेने की सोचे।आज की जनरेशन को अगर आज प्यार होता है तो दो चार दिनों में अपनी सहूलियत के हिसाब से एक दूसरे को बलोक भी कर देते है .. ये कैसा प्रेम है जो मात्र बलोक करने से सब ख़त्म हो जाता है..जो लड़को की जेब को पहले देखता है..उसकी कौन सी गाड़ी है .. उसका कामकाज क्या है …उसका क्या कोई अपना घर है भी या नहीं …ये प्रेम कैसे हो सकता है।

ये तो एक व्यापार ही कह सकते है और हम कह देते है कि हम प्यार मे है ।

हमारे बुजुर्गों ने भी शादी के बाद मिल कर घर बनाये थे।पहले इस तरह के सवाल नहीं हुआ करते थे।अगर पहले ही आप को बना बनाया सब कुछ मिल जाएगा तो आप क्या करेंगे। ..

लड़के भी लड़की की ब्यूटी को ही देखते है ,गोरे रंग पर मर मिटते है चाहे लड़की मे घर सँभालने का कोई भी गुण न हो …चेहरे से ज़्यादा सीरत पर ध्यान देना ज़रूरी है

अंतर्मन को पढ़ना ज़रूरी है

रूप आज है कल नहीं रहेगा…

तो फिर क्या होगा.प्रेम भी दो चार महीने ..सालो में हवा में कहीं उड़ जायेगा..नई जनरेशन को जरा सोच विचार करना होगा।

जब लड़कियां आजकल कमा रही है तो क्यों आप लड़कों से इतनी अपेक्षाएँ रखती है..क्यों लड़को पर इतना बोझ डालती है।अगर प्रेम करे तो तैयार भी रहे, मिल जुल कर जीवन जीने के लिये।

गुलाब देने से या लेने से पहले सोचिये ज़रूर…,

पहचाने खुद को ,परखें अपने प्रेम को …क्या वाक़ई में आप प्रेम में हैं ? क्या सामने वाले में भी आप के लिए वही चाहत है जो आप उसके लिए महसूस करते है ?क्या सच में आप उम्र भर प्रेम निभा पाएंगे ?

या फिर आप सिर्फ़ ट्रेंड के साथ चल रहे है। सोचियेगा ज़रूर …..आप की दोस्त ✍️ स्मिता

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में रीजेंसी हॉस्पिटल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कैंप आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर रीजेंसी हॉस्पिटल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कैंप आयोजित किआ।
यह कार्यक्रम क्राइस्ट चर्च कॉलेज के मिशन शक्ति और value education cell के द्वारा आयोजित किया गया, कार्यक्रम का उद्घाटन मिशन शक्ति के समन्वयक प्रो. मीत कमल ने किया। इस दौरान अतिथि वक्ता उदित यादव ने और ने छात्रों को प्रोत्साहित किया और उसके बाद स्वास्थ्य परीक्षण किए गए।
यह पूरा कार्यक्रम प्रिंसिपल प्रोफेसर विनय जॉन सेबेस्टियन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ और उन्होंने रीजेंसी की पूरी टीम को भी धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के दौरान जीशान जी ने मास्टर ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के कोर्स के बारे में जानकारी दी और नौकरी के अवसर प्रदान किए।
अंत में प्रो. मीत कमल ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और क्राइस्ट चर्च के तरफ से वक्ता को धन्यवाद दिया, सबके सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान value education cell की समन्वयक श्वेता चन्द उपस्थित रही ।
इसके अतिरिक्त 

कैरियर काउंसलिंग सेल क्राइस्ट चर्च कॉलेज ने मेवाड़ विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों का स्वागत किया, जिन्होंने अपने विश्वविद्यालय परिसर में पीजी स्तर और पीएचडी कार्यक्रम में विभिन्न पाठ्यक्रम के अवसरों के बारे में बताया।
कार्यक्रम का आयोजन कैरियर काउंसलिंग सेल द्वारा प्रोफेसर विनय जॉन सेबेस्टियन प्रिंसिपल के मार्गदर्शन में किया गया था। कार्यक्रम में लगभग 100 छात्र शामिल हुए थे। कार्यक्रम प्रोफेसर मीत कमल के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ समाप्त हुआ।

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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली स्वयं सेविकाएं और विजेता स्वयंसेविकाएं सम्मानित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज कानपुर में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के सफल समापन पर शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली स्वयं सेविकाओं और शिविर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता स्वयंसेविकाओं को महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर सुमन के द्वारा सम्मानित करने हेतु एक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन स्मार्ट क्लास (कॉमन रूम) में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डाॅ. श्वेता रानी के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेविकाओं ने शिविर के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए सर्वप्रथम जागरूकता अभियान और फिर प्रशासन का सहयोग वांछनीय है। कार्यक्रम में प्रो. निशी प्रकाश, प्रो. गार्गी यादव, प्रो. अलका टण्डन, कैप्टन ममता अग्रवाल, प्रो. मीनाक्षी व्यास, डाॅ. अनामिका, डाॅ. प्रीता अवस्थी, डाॅ. मोनिका शुक्ला और सभी स्वयंसेविकायें उपस्थित रहें।

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एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के पाँचवे दिन फैशन शो प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 28 जनवरी एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज, कानपुर की कादोम्बिनी देवी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की प्रभारी डॉ. श्वेता रानी के निर्देशन में उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्पोजिट, ग्राम पंचायत-नेतुआ, जनपद- उन्नाव, में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के पाँचवे दिन के प्रथम सत्र का आरंभ राष्ट्रीय स्वयंसेविकाओं के फैशन शो प्रतियोगिता से किया गया| फैशन-शो आत्मविश्वास, संप्रेषण कौशल, अनुशासन, रचनात्मकता, टीमवर्क, मंचीय शिष्टाचार तथा आत्म-अभिव्यक्ति के माध्यम से व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का मंच प्रस्तुत करता है | नंदिका श्रीवास्तव, कोमल दिवाकर, अदिति ओझा, सिमरन, अंशिका यादव, खुशी, अंशिका विश्वकर्मा, शताक्षी, माही मिश्रा, जाह्नवी मिश्रा ने प्रतिभाग किया।

प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की महती भूमिका का निर्वाह प्रोफेसर गार्गी यादव और लक्ष्मी तिवारी ने किया। प्रथम पुरस्कार नंदिका, द्वितीय पुरस्कार कोमल, तृतीय पुरस्कार अदिति और सांत्वना पुरस्कार सिमरन को दिया गया। प्राथमिक विद्यालय की कक्षा सात की दो छात्राओं मनीषा और अंजलि को भी रैम्प वॉक करने के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गय। दूसरे सत्र में चतुर्थ दिवस की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के पश्चात्‌ स्वयंसेविकाओं ने बस्ती में जाकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के स्वास्थ्य लाभ, घर से जल निकासी के उचित प्रबंध करने और ठोस कूड़ा निस्तारण के उपायों के बारे में जागरूक किया सह-प्रभारी डॉ. अनामिका और. एस. एस. की स्वयंसेविका दिव्यांशी शर्मा, मन्तशा, शुभांशी,प्रियल. शिवानी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरिनारायण ने शिविर के सफल आयोजन में विशेष योगदान दिया। शिविर में लगभग 50 राष्ट्रीय स्वयंसेविकाओं ने सहभागिता की।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में MAAC एनिमेशन द्वारा मीडिया और मनोरंजन के लिए वर्कशॉप आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर कार्यक्रम क्राइस्ट चर्च कॉलेज के करियर काउंसलिंग सेल द्वारा आयोजित किया गया था, कार्यक्रम का उद्घाटन करियर काउंसलिंग सेल के समन्वयक प्रो. मीत कमल ने किया। इस दौरान अतिथि वक्ता और VFX ट्रेनर अशिष चौरसिया ने छात्रों को VFX एनिमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एडिटिंग गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया और उसके बाद एनिमेशन फिल्म दिखाकर छात्रों को उनके प्रोजेक्ट तथा प्लेसमेंट क्राइटेरिया बताया गया। छात्रों ने इसमें कई AI तथा VFX एनिमेशन इंडस्ट्री से संबंधित प्रश्न पूछे।

इस कार्यक्रम का आयोजन प्रिंसिपल प्रोफेसर विनय जॉन सेबेस्टियन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ उन्होंने इस आयोजन के लिए करियर काउंसलिंग सेल और MAAC एनिमेशन की टीम को धन्यवाद दिया।

अंत में प्रो. मीत कमल ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और क्राइस्ट चर्च के करियर काउंसलिंग सेल की पूरी टीम और MAAC एनिमेशन VFX ट्रेनर अशिष चौरसिया और उनकी टीम को धन्यवाद दिया, सबके सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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उच्च शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा जागरूकता हेतु जनपद स्तरीय रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन

कानपुर 28 (जिला सूचना कार्यालय) जनवरी उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क जागरूकता अभियान के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक/लघु नाटिका एवं रील निर्माण की जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग, कानपुर नगर एवं परिवहन विभाग, कानपुर नगर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, कानपुर मंडल, कानपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह रहीं। साथ ही सहायक संभागीय अधिकारी डी.के. सिंह की भी विशिष्ट उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के सहायक नोडल अधिकारी डॉ. आलोक कुमार पाण्डेय द्वारा कार्यक्रम का समन्वय किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुमन शुक्ला, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर, कानपुर नगर द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।

मुख्य अतिथि प्रो. राजेश प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। युवाओं की सक्रिय सहभागिता से ही सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी रूप से कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम सिद्ध होते हैं।

नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर छात्रों की रचनात्मक भागीदारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होती है।

प्रतियोगिताओं में जनपद के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। समापन समारोह में सहायक संभागीय अधिकारी डी.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के व्यवहार और जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने युवाओं से यातायात नियमों का पालन करने के साथ-साथ समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया तथा बताया कि परिवहन विभाग भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता अभियानों को निरंतर संचालित करता रहेगा।

भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर के प्रो. अजय कुमार एवं महिला महाविद्यालय, कानपुर नगर की प्रो. ज्योति किरण रहीं। रील निर्माण प्रतियोगिता के लिए राजकीय महाविद्यालय अनॉगी, कन्नौज के डॉ. संजय सिंह एवं अरमापुर कॉलेज, कानपुर की डॉ. निशी द्विवेदी निर्णायक रहीं। नुक्कड़ नाटक एवं लघु नाटिका प्रतियोगिता के लिए अरमापुर कॉलेज, कानपुर के डॉ. विवेक सिंह एवं महिला महाविद्यालय, कानपुर की डॉ. दीपाली निगम ने निर्णायक की भूमिका निभाई। सभी निर्णायकों द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर प्रतिभागियों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया।

निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के उपरांत भाषण प्रतियोगिता में रश्मि शुक्ला, ए.एन.डी. कॉलेज ने प्रथम स्थान, नितिन सिंह, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर ने द्वितीय स्थान तथा अंशिका दीप, एस.एन. बालिका कॉलेज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नुक्कड़ नाटक एवं लघु नाटिका प्रतियोगिता में नितिन सिंह एवं टीम, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर ने प्रथम स्थान, अंशिका द्विवेदी एवं टीम, ए.एन.डी. कॉलेज, कानपुर ने द्वितीय स्थान तथा श्याम सिंह एवं टीम, डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रील निर्माण प्रतियोगिता में संस्कृति जायसवाल, पी.पी.एन. कॉलेज, कानपुर ने प्रथम स्थान, अरीशा, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर ने द्वितीय स्थान तथा आस्था, ब्रह्मवर्त कॉलेज, कानपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित कर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई। कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 27 जनवरी सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के चतुर्थ दिन एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज, कानपुर की कादोम्बिनी देवी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्पोजिट, ग्राम पंचायत-नेतुआ, जनपद- उन्नाव, में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया जिसमें रक्तचाप, शुगर, नेत्र, रक्त आदि की मुफ़्त जाँच की गई| शिविर के आरंभ में एन.एस.एस. प्रभारी डॉ. श्वेता रानी, सह-प्रभारी डॉ. अनामिका, उपस्थित डॉक्टर्स और उनके सहयोगियों के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित किए गए। शिविर में उजाला सिगनस के फिजिशियन डॉ. आर. के. तिवारी, नेत्र चिकित्सक डॉ. अभिषेक के द्वारा ग्रामीणों को मुफ़्त चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया। लगभग 200 ग्रामीणों ने मुफ़्त स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का लाभ उठाय। शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने भी अपने की जाँच करवाईं।

तृतीय दिवस की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के पश्चात्‌ स्वयंसेविकाओं ने बस्ती में जाकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य शिविर की जानकारी दी और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रेरित किया| एन. एस. एस. की स्वयंसेविका नंदिका श्रीवास्तव, दिव्यांशी शर्मा, कोमल दिवाकर, मन्तशा, अंशिका, शिवानी, सिमरन, खुशी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी  हरिनारायण ने शिविर के सफल आयोजन में विशेष योगदान दिया। शिविर में लगभग 50 राष्ट्रीय स्वयंसेविकाओं ने सहभागिता की।

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दिल्ली के केली बॉयज बनाएंगे इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11’ में अपनी खास पहचान

भारतीय स्वरूप संवाददाता दिल्ली  देश के सबसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठित टैलेंट रियलिटी शो ‘इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11’ में इस बार दिल्ली से आए दमदार कंटेस्टेंट केली बॉयज अपने अनोखे अंदाज़ और जबरदस्त परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब सवाल यही है कि क्या केली बॉयज शो के स्पॉटलाइट में अपनी जगह बना पाएंगे या नहीं—इसका जवाब जानने के लिए दर्शकों को देखना होगा सोनी पल, रोज़ाना रात 8 बजे, सोमवार से शनिवार।

दिल्ली से ताल्लुक रखने वाले केली बॉयज अपने अलग कॉन्सेप्ट, फ्यूज़न स्टाइल और ग्रुप केमिस्ट्री के लिए जाने जाते हैं। उनकी परफॉर्मेंस युवाओं के बीच खासा क्रेज़ पैदा कर रही है और यही वजह है कि दर्शक बेसब्री से उनके अगले परफॉर्मेंस का इंतज़ार कर रहे हैं।

इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न देश का सबसे बड़ा टैलेंट हंट शो है, जिसने सालों से सिंगिंग, डांसिंग, म्यूज़िक, स्टंट्स और अनोखी प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच दिया है। सीज़न 11 में भी नए जोश, नए जुनून और बेहतरीन परफॉर्मेंस के साथ शो दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहा है।

सोनी पल भारत का लोकप्रिय फ्री-टू-एयर एंटरटेनमेंट चैनल है, जो हर वर्ग के दर्शकों के लिए मनोरंजक और पारिवारिक कंटेंट प्रस्तुत करता है। सोनी पल पर प्रसारित होने वाला इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11’दर्शकों को प्राइम टाइम में बेहतरीन एंटरटेनमेंट का अनुभव दे रहा है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या दिल्ली के केली बॉयज , इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11के मंच पर अपनी अलग पहचान बनाकर Spotlight में जगह बना पाते हैं या नहीं।

देखते रहिए सोनी पल, रोज़ रात 8 बजे, सोमवार से शनिवार—सिर्फ सोनी पल चैनल पर।

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दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ द्वारा खिचड़ी भोज आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के तत्वावधान में पारंपरिक खिचड़ी भोज का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आपसी सद्भाव, सहयोग और सामूहिक सहभागिता को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम निदेशक प्रो अर्चना वर्मा एवं प्राचार्या प्रो. वंदना निगम की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के योगदान की सराहना की तथा इस प्रकार के आयोजनों को संस्थान की सकारात्मक कार्यसंस्कृति के लिए आवश्यक बताया।

कार्यक्रम में कार्यालय अधीक्षक कृष्णेन्द्र श्रीवास्तव, दीप द्विवेदी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र एवं सचिव सहित समस्त पदाधिकारी, प्राध्यापिकाएं, छात्रायें एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से खिचड़ी भोज का दही बड़ा, अचार तथा पापड़ के साथ आनंद लिया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा। अंत में संघ की ओर से सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया।

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भारतीय रेलवे ने 2026 की समय सारणी में 549 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जिससे यात्रा समय में कमी आई और कार्यकुशलता बढ़ी

भारतीय रेलवे ने ट्रेन समय सारणी 2026 के अंतर्गत अनेक नई ट्रेनें शुरू करने के अलावा मौजूदा सेवाओं का विस्तार किया और ट्रेनों के फेरे बढ़ाए। इसके साथ ही कई ट्रेनों को सुपरफास्ट में तब्दील किया और विभिन्न रेलवे जोन में सेवाओं की गति बढ़ाई गई। मध्य रेलवे जोन में 4 नई ट्रेनें चलाई गईं, 6 का विस्तार किया गया और 30 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई। इसी तरह पूर्व तटीय रेलवे में 4 नई ट्रेनों चलाई गईं, 4 का विस्तार किया गया और 3 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई। पूर्व मध्य रेलवे में उल्लेखनीय विस्तार करते हुए 20 नई ट्रेनें चलाई गईं, 20 का विस्तार किया गया और 12 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई। पूर्व रेलवे में भी 6 नई ट्रेनें चलाई गईं, 4 का विस्तार किया गया और 32 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई।

उत्तर मध्य रेलवे ने 2 नई ट्रेनों शुरू कीं, 4 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 1 ट्रेन की गति बढ़ाई। उत्तर पूर्व रेलवे ने 8 नई ट्रेनें जोड़ीं, 4 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 12 ट्रेनों की गति में इजाफा किया। उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे ने 10 नई ट्रेनें शुरू कीं और 36 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई। इसी तरह, उत्तर रेलवे ने 20 नई ट्रेनें शुरू कीं, 10 का विस्तार किया और 24 ट्रेनों की गति बढ़ाई। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अपनी सेवा में 12 नई ट्रेनें जोड़ीं, 6 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 89 ट्रेनों की गति में वृद्धि की।

दक्षिण रेलवे ने 6 नई ट्रेनें शुरू कीं, 4 का विस्तार किया, 2 को सुपरफास्ट में परिवर्तित किया और 75 ट्रेनों की गति बढ़ाई। दक्षिण पश्चिम रेलवे ने 8 नई ट्रेनें शुरू कीं, 6 का विस्तार किया, 8 को सुपरफास्ट में तब्दील किया और 117 ट्रेनों की गति बढ़ाई जो सभी जोनों में सबसे ज्यादा है।

पश्चिम मध्य रेलवे ने 8 नई ट्रेनें शुरू कीं और 27 ट्रेनों की गति बढ़ाई। वहीं, पश्चिम रेलवे  ने 10 नई ट्रेनें शुरू कीं, 10 ट्रेनों का विस्तार किया, 2 ट्रेनों के फेरे बढ़ाए और 80 ट्रेनों की गति में सुधार किया।

कुल मिलाकर, ट्रेनों की समय सारिणी 2026 के तहत, 122 नई ट्रेनें शुरू की गईं, 86 ट्रेनों का विस्तार किया गया, 8 ट्रेनों के फेरे बढ़ाये गए, 10 ट्रेनों को सुपरफास्ट ट्रेनों में बदला गया और 549 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई।

नई ट्रेनों की शुरुआत का विवरण

ट्रेन समय सारणी 2026 के तहत प्रीमियम, एक्सप्रेस और पैसेंजर सभी तरह की सेवाओं मेंमेंq मिलाजुला कर 122 नई ट्रेनों को शामिल किया गया। इनमें से 26 ‘अमृत भारत’ ट्रेनें शुरू की गईं, जिनमें 4 ट्रेनें टीएजी-टीओडी  के माध्यम से शुरू की गईं हैं। सबसे अधिक हिस्सेदारी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की है जिनकी 60 सेवाएँ शुरू की गईं, जिनमें से 8 सेवाएँ टीएजी-टीओडी के माध्यम से शुरू हुईं। इसके अतिरिक्त 2 हमसफर ट्रेनें, 2 जन शताब्दी ट्रेनें, 2 नमो भारत रैपिड रेल सेवाएँ और 2 राजधानी ट्रेनें शुरू की गईं।

इसके अतिरिक्त, सेमी-हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 28 वंदे भारत ट्रेनें जोड़ी गईं। कुल मिलाकर, इन श्रेणियों में इस अवधि के दौरान शुरू की गई कुल 122 नई ट्रेनें शामिल हैं।

ट्रेनों की गति बढ़ाई गई

समय की पाबंदी में सुधार और यात्रा के समय को कम करने के लिए ट्रेनों की समय सारिणी 2026 के तहत कुल 549 ट्रेनों की गति बढ़ा दी गई है। इनमें से 376 ट्रेनों की गति 5 से 15 मिनट तक, 105 ट्रेनों की गति 16 से 30 मिनट तक, 48 ट्रेनों की गति 31 से 59 मिनट तक और 20 ट्रेनों की गति 60 मिनट या उससे अधिक बढ़ा दी गई।

दक्षिण पश्चिम रेलवे ने इसमें प्रमुख योगदान दिया, जिन ट्रेनों की गति बढ़ाई गई उनमें  66 ट्रेनों की गति 5-15 मिनट, 29 ट्रेनों की गति 16-30 मिनट, 12 ट्रेनों की गति 31-59 मिनट और 10 की 60 मिनट या उससे अधिक की गति वाली 10 ट्रेनें शामिल हैं। मध्य रेलवे ने 13 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 13 ट्रेनों में 16–30 मिनट और 4 ट्रेनों में 31–59 मिनट का सुधार किया। पूर्व तटीय रेलवे  ने 2 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 1 ट्रेन की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। पूर्व मध्य रेलवे  ने 7 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट, 2 ट्रेनों की 16–30 मिनट, 2 ट्रेनों की 31–59 मिनट और 1 ट्रेन की गति में 60 मिनट या उससे अधिक का सुधार किया। पूर्व रेलवे ने भी 29 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट और 3 ट्रेनों में 16–30 मिनट की वृद्धि की।

उत्तर मध्य रेलवे ने 1 ट्रेन की गति में 5–15 मिनट का सुधार किया। पूर्वोत्तर रेलवे ने 9 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 3 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 20 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 10 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 3 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 3 ट्रेनों में 60 मिनट या उससे अधिक का सुधार किया। उत्तर रेलवे ने 22 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 2 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। उत्तर पश्चिम रेलवे ने 67 ट्रेनों की गति को 5–15 मिनट, 14 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 7 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 1 ट्रेन की गति को 60 मिनट से अधिक बढ़ाया।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 9 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 2 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। दक्षिण रेलवे ने 53 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 10 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 9 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 3 ट्रेनों में 60 मिनट से अधिक का सुधार किया। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट, 1 ट्रेन की गति 16–30 मिनट और 1 ट्रेन की गति 31–59 मिनट बढ़ाई। पश्चिम रेलवे ने 53 ट्रेनों की गति को 5–15 मिनट, 15 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 10 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 2 ट्रेनों की गति को 60 मिनट या उससे अधिक बढ़ाया।

कुल मिलाकर, ट्रेनों की समय सारणी 2026, यात्रा के समय और यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए इंडियन रेलवे के मज़बूत इरादे को दिखाती है। सभी ज़ोन में 549 ट्रेनों की गति बढ़ाने की इस पहल से समयपालन, परिचालन दक्षता और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा जिससे देश भर में तेज़ और अधिक विश्वसनीय रेल सेवाएँ सुनिश्चित होंगी।

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