किसी ने मुझसे पूछा ..दोस्ती कैसी होनी चाहिये ? हर इक इन्सान का हर बात के लिये अपना अलग नज़रिया होता है।
“ मेरा सवाल करना और तेरा जवाब न आना ..तुम्हारे शहर में ये होता होगा ,जहां तक हम जानते हैं दोस्ती का ये रिवाज हमारे शहर में तो नहीं “ सोचने की बात तो है ये दोस्तों! “दोस्त भी हो और व्यस्त भी हो !
सुनिये जनाब !
दोस्ती मे व्यस्त मतलब दोस्ती का अस्त “
अक्सर लोग ऐसा ही सोचते है। मगर सच मे अगर दोस्ती हो तो इन्सान दूसरे की व्यस्तता को समझता है।
मेरे विचार मे दोस्ती मे पवित्रता का होना बेहद लाज़मी है, क्योंकि पवित्रता और मित्रता का संगम ही है दोस्ती ।
हर रिश्ते की तरह दोस्ती की भी इक मर्यादा होती है ।दोस्त वही है जो उस मर्यादा का सम्मान कर सके ।बहुत बार दोस्ती खोने की बडी वजह मर्यादा की उलंघना ही होती है ।
दोस्ती करना आसान होता है
पर निभानी बहुत मुश्किल।
दोस्ती हालातों के बदलते कभी बदलती नही..पहली मुलाक़ात से शुरू हो कर आख़िरी साँस तक चले ,वो है दोस्ती ।
इक अच्छा दोस्त आप की पीठ के पीछे भी आप को किसी की नज़रों में गिरने न देगा और हर आलोचना से आप को बचायेगा भी..।
आज के दौर में लोग एक दूसरे से फ़ेसबुक पर बात करते हैं और कितने दोस्त भी बन जाते जिनसे कई बार हम कुछ सिखते है या वो हमसे।दोस्त अगर अच्छे हो तो यकीनन किसी को डिप्रेशन जैसी कोई चीज नहीं हो सकती।
किसी से अगर दोस्ती हो तो ये मतलब नहीं कि उनमें प्रेम ही होता है दोस्ती भी कई तरह की होती है कुछ दोस्त औपचारिकता वश,कुछ लोभ वश,कुछ जिज्ञासा वश ,कुछ सिर्फ़ वक़्त काटने के लिये ही ,कुछ प्यार वश और कई लोग दोस्ती दिमाग से करते है ..तो कुछ दिल से।
दिल से की गई दोस्ती ही दोस्ती होती है जहां कोई ग़रज़ नहीं ,
गिला शिकवा नहीं ,परख नहीं ,अहंकार नहीं होता।चाहे आप बरसो बाद भी मिलो या कभी फ़ोन पर बात भी न हो मगर फिर भी प्यार व दोस्ती बनी रहे।दूरियों के बाद भी जो क़ायम रहे ..वहीं है असल दोस्ती
कुछ लोग प्रेम और दोस्ती को एक ही नाम दे देते है ।प्रेम सिर्फ़ एक से ही होता है मगर दोस्ती बहुतों से हो सकती है ।दोस्ती और प्रेम मे बस इतना ही फ़र्क़ होता है प्रेमी कहता है अगर तुम नहीं तो मैं ज़िन्दा नही रह पाऊँगा .. और दोस्त कहता है .. “जब तक मैं ज़िन्दा हूँ न “तुम्हें कुछ होने नही दूँगा ।
दोस्त तो बहुत मिलेंगे मगर
सवाल दोस्ती का नहीं इक विश्वास का है
पवित्र मन का मालिक ही असल मे दोस्ती के क़ाबिल होता है।दोस्तों अगर आप के पास एक भी ऐसा अच्छा दोस्त है तो यकीनन आप क़िस्मत के धनी है।
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कानपुर 31 अगस्त, नगर आयुक्त द्वारा नगर भ्रमण के अन्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय सम्बन्धित क्षेत्र के जोनल अधिकारी, जोनल स्वच्छता अधिकारी व जोनल अभियन्ता आदि सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय नगर निगम से सम्बन्धित समस्याओं को देखा गया एवं मौके पर ही सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये, चुन्नीगंज ट्रान्सफर स्टेशन के पास मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण पाया गया। मौके पर उपस्थित जोनल अधिकारी को निर्देशित किया गया कि तत्काल एक अभियान प्रस्तावित कराकर इस मार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाया जाये। आगे बढने पर इसी मार्ग पर बांयी ओर कूड़ा बिखरा मिला एवं लकड़ी, झाड़ियों के बड़े बड़े ढेर लगे पाये गये। इस पर जोनल स्व0 अधिकारी से जवाब तलब करते हुये अप्रसन्नता व्यक्त की गई एवं निर्देशित किया गया कि इस स्थल की पूर्णतयः सफाई कराने के उपरान्त जोनल अभियन्ता यहॉ एक व्यू कटर (टीन शेड द्वारा)लगाने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करें। आयुक्त, कानपुर मण्डल आवास के बाहर मुख्य मार्ग पर एक कूड़े का कण्टेनर भरा पाया गया। इस पर निर्देश दिये गये जोनल स्व0 अधिकारी इसे अविलम्ब खाली कराकर पुनः स्थापित कराना सुनिश्चित करें। सिविल लाइन स्थित महिला छात्रावास, नगर निगम का मुआयना किया गया। जोनल अभियन्ता श्री आर0 के0 सिंह द्वारा इस परिसर में निराश्रित महिलाओं कां निवास होना बताया गया। इस परिसर में काफी मात्रा मे कूड़ा लगा पाया गया। मौके पर उपस्थित जोनल स्व0 अधिकारी -1 को तत्काल कूड़ा उठान हेतु निर्देशित किया गया। माल रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा के सामने मुख्य मार्ग पर स्थित डिवाइडर की पेटिंग हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाये। जोनल अभियन्ता श्री आर0 के0 सिंह, को निर्देशित किया कि जोन-1 के सीमान्तर्गत स्थित सब्जी मण्डियों/फल मण्डियों पर कम्पोस्ट यूनिट/काम्पैक्टर स्थापित कराने हेतु एक कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करें। परेड चौराहे से चुन्नीगंज तक मुख्य रोड पर स्थित डिवाइडर पर पेन्टिंग कार्य कराने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।