कानपुर की यातायात व्यवस्था को सुगम और जाम रहित बनाने में शासन की प्राथमिकता और कानपुर के मंडलायुक्त डाक्टर राजशेखर की निरंतर समीक्षा समन्वय और फॉलोअप सिस्टम का प्रभाव अब।दिखने लगा है।
कानपुर के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गो और स्टेट राजमार्ग की
प्रगति समीक्षा बैठक में उन्होंने बताया की नगर के औद्योगिक ग्राफ में गिरावट तथा जाम युक्त यातायात के समाधान हेतु प्रतिदिन की समय सारिणी के।अनुसार फॉलोअप किया जा रहा और यह भी प्रयास हो रहा है की वर्तमान योजनाएं लंबे समय तक सुगम यातयात बाली बनी रहे,।
राजशेखर ने बताया की सामान्यतः
रिंग रोड 4 लेन की बनती है और उनमें 2लेन प्रसार का प्रभिधान किया जाता है लेकिन कानपुर की आवश्यकता को देखते हुए विशेष
प्रयासों से यह सिक्स लेन की बनाए जाने पर सहमति हो गई है।
कानपुर रिंग रोड के निर्माण की एक विशेष बात रहेगी की इसकी पूरी लंबाई में रोड स्टड एल इ डी ब्लिंकिंग लाइट लगेगी जिससे कोहरे में विशेष रूप से गंगा नदी के पुलों पर कोहरे से यातायात प्रभावित न हो।
रिंग रोड की कुल लंबाई 93.2 किलोमीटर।
कानपुर नगर अंतर्गत 62 किलोमीटर
उन्नाव में 27 किलोमीटर
कानपुर देहात के अंतर्गत 04 किलोमीटर है।
निर्माण लागत लगभग 4778.69 करोड़
भूमि अधिग्रहण लागत लगभग 3605 करोड़
यूटिलिटी शिफ्टिंग लगभग 191.14
करोड़
अन्य पर व्यय लगभग 907.95 करोड़
कुल परियोजना लागत लगभग 9482.79 करोड़
रिंग रोड को बैराज क्षेत्र से जोड़ने का प्रस्ताव नीरज श्रीवास्तव ने दिया था उसका भी प्रभिधान किया गया है
परियोजना निदेशक कन्नौज प्रशांत ने बताया की भूमि से संबंधित 3 डी की कार्यवाही 15 अगस्त तक पूर्ण हो।जायेगी ।
निर्माण कार्य मार्च 2023 में आरंभ करने का लक्ष्य है
भूमि अधिग्रहण और निर्माण।कार्य में कोई बाधा न आने पाए इसके लिए जिलाधिकारी कानपुर नगर की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई जिसमे अपर जिलाधिकारी
कानपुर देहात/,कन्नौज/ उन्नाव ,मुख्य अभियंता लोकनिर्माण कानपुर, ट्रांसमिशन विभाग मुख्य अभियंता सिंचाई तथा मुख्य वन संरक्षक वन कानपुर मंडल होंग। इसकी पाक्षिक समीक्षा आयुक्त कानपुर मंडल करेगे।
नीरज श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग 34 को मंधना से बैराज मार्ग से जोड़े जाने की आवश्यकता है,इसके परीक्षण के लिए आयुक्त ने मुख्य अभियंता लोकनिर्माण, परियोजना निदेशक कन्नौज तथा नीरज श्रीवास्तव को।निर्देश दिया।
डाक्टर राजशेखर ने बताया की चूंकि बैराज मार्ग से लखनऊ की जाने वाला यातायात निरंतर बढ़ रहा है इसको देखते हुए उच्च स्तरीय सयुक्त विकास समिति के प्रस्ताव पर उन्हों ने पिछले वर्ष इसको 4 लेन प्रसार के लिए माननीय मंत्री जी अनुरोध किया था ,इस क्रम में इसको दाएं बंधा मार्ग मधना से बैराज ,बाएं बंधा मार्ग
बैराज से सरैया क्रॉसिंग से पुरवा होकर मोहनलाल गंज तक स्टेट हाइवे 173 घोषित किया गया है
और यह लोकनिर्माण विभाग की कार्ययोजना में भी सम्मिलित कर लिया गया है।
डाक्टर राजशेखर ने अन्य महत्वपूर्ण योजना दादानगर समानांतर सेतु के संबंध में हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना आज संपन्न हुई व्यय वित्त समिति की।बैठक में स्वीकृत हो गया l
इनसभी परियोजनाओं के पूर्ण होने पर कानपुर के आंतरिक क्षेत्रों में भारी वाहनों का दबाव कम होगा, आंतरिक शहरी यातायात सुगम होगा और मुख्य रूप से कानपुर के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
बैठक में मुख्य अभियंता लोकनिर्माण, समन्वयक नीरज। श्रीवास्तव,परियोजना निदेशक कन्नौज , अधीक्षक अभियंता एन एच लोक निर्माण विभाग,के अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग के सभी डिविजन के अभियंता मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में डॉ.रिचा गिरी (उप – प्राचार्य ),
बात बात पर भड़क रही थी शैफाली आज।रसोई के बर्तनो की आवाज़ से ही उसकी मन की व्यथा का अंदाज़ा लगाया जा सकता था।समीर की पत्नी शैफाली,जो किटी पार्टीयो में अक्सर आया जाया करती और आ कर अपने पति को परेशान करती और कहती ! समीर देखा !मेरी सहेली रीटा का घर बेस्ट लोकेशन में है हमारा कंयू नही। मोनिका ने अभी बंगला ख़रीदा है हम क्यों नहीं ले पा रहे।रात के खाने के बर्तन समेटते हुए शैफाली ने समीर से पूछा ?समीर तुम्हारी प्रमोशन का क्या बना ?बॉस से बात हुई क्या ? कब से कह रही हूँ बंगला ले लो।साल से ज़्यादा वक़्त हो गया हमें इस शहर में आये हुये।समीर चुपचाप अपनी पत्नी शैफाली की बाते सुन रहा था।शैफाली बोले जा रही थी ,मेरा मन भी करता है कि मै बंगले में रहूँ।अब तो मुझे ईर्ष्या सी होने लगी है सभी सहेलियों से।समीर तुम इतने काबिल हो कर भी कुछ कर नहीं पा रहे और बेधड़क भगवान को कोसे जा रही थी कि भगवान ने उसे ये फ़्लैट कंयू दिया,बंगला कयू नही दीया वग़ैरह वग़ैरह।समीर की ये सब बातें सुनना उसकी दिनचर्या में शामिल था।हर रोज ये बातें सुनता और मन ही मन में झुंझला जाता।चुपचाप अपने सोने के कमरे में चला गया।आँखे मूँद कर सोने का बहाना करने लगा।नींद तो उसे भी नहीं आ रही थी क्योंकि सोच तो वो भी यही रहा था कि कैसे तैसे कर के इक बंगला बन जाये।पता नहीं कब आँख लगी और सुबह हो गई।जल्दी से उठा और नाश्ता करके आफ़िस चला गया तो उसे वहाँ जा कर पता चला कि उसकी कंपनी जिस में वो काम करता था ,बैंकरपसी मतलब बंद होने को है और बॉस ने हाथ जोड़कर कर सभी कर्मचारियों को कहा !अब मेरी कंपनी बंद हो रही है और आप कहीं और काम देखिए।समीर के पैरो तले जैसे ज़मीन निकल गई।समीर अपनी कंपनी में बहुत अच्छी पोस्ट पर था।बड़ा अच्छा घर चल रहा था।ओह !अब क्या करेगा।आफ़िस से सीधा घर आया और शैफाली को भी ये बात बताई।अब दोनो परेशान कि अब कैसे घर चलेगा ,बच्चों की स्कूल की भारी फ़ीस कहाँ से देगा ,फ़्लैट की किश्त कैसे भरेंगा ।रात दिन नौकरी तालाश करने लगा।उसकी तो रातों की नींद ही उड़ गई।परेशान सा सोच रहा था कि अब जल्दी ही फ़्लैट भी ख़ाली करना पड़ेगा ,क्योंकि अगले महीने फ़्लैट की किश्त वो नहीं भर पायेगा।महीने का आख़िरी दिन है और जगह जगह नौकरी के लिये अपलाई कर चुका है मगर कहीं से कोई जवाब हाँ में नहीं आ रहा।कोई जवाब न पा कर बेहद निराश सा ,खोया सा बैठा था।कुछ नही सूझ रहा था उसे ।अचानक से दरवाज़े की घंटी बजी।समीर ने भारी कदमो से दरवाज़ा खोला ।वहाँ कोई उसे लैटर देने आया था।लैटर खोला तो देखा उसे इक कंपनी मे अच्छी नौकरी मिल गई है समीर इतना ख़ुश कि ख़ुशी से रोने ही लगा और कहने लगा कि शुक्र है भगवान ,तू कितना दयालु है मुझे सड़क पर जाने से बचा लिया।वरना मैं कहाँ ले कर जाता बच्चों को,और फ़्लैट को ऐसे देख रहा था जैसे वो फ़्लैट न हो कर उसका महल हो।शैफाली और समीर ख़ुशी से नाच रहे थे और भगवान का शुक्रिया कर रहे थे।





