दिल्ली एनसीआर में पराली जलाने की घटना के मद्देनजर पराली प्रबंधन के मुद्दे पर कृषि और किसान कल्याण मंत्री, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री की सह अध्यक्षता में एक अंतर-मंत्रालयी बैठक आज आयोजित किया गया।

एनसीआर राज्यों और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की संबंधित कार्य योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति, इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन के लिए मशीनरी के उपयोग, धान के भूसे के इन-सीटू प्रबंधन के लिए जैव अपघटक के व्यापक उपयोग, विभिन्न औद्योगिक, वाणिज्यिक इकाइयों को धान के भूसे की आपूर्ति की व्यवस्था, जैव-ऊर्जा और अन्य अनुप्रयोगों, किसानों, अनाज संग्रहकर्ताओं, निर्माताओं, बेलिंग / रेकिंग संचालन की स्थापना के लिए उद्यमियों को सुविधा प्रदान करने, भंडारण, पेलेटाइजिंग और परिवहन बुनियादी ढांचे, ताप विद्युत संयंत्रों में को-फायरिंग की सुविधा (टीपीपी), गुजरात और राजस्थान समेत अन्य जगहों में चारा की कमी वाले क्षेत्रों में चारे के रूप में गैर-बासमती पराली का उपयोग करना इत्यादि विषयों पर चर्चा की गई रिपोर्ट की गई आग की घटनाओं आदि पर राज्यों द्वारा की गई निगरानी और नियंत्रण कार्रवाई पर भी चर्चा की गई। कृषि और किसान कल्याण मंत्री ने फसल अवशेष जलाने के प्रबंधन के लिए पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि हरियाणा में पराली प्रबंधन की स्थिति पंजाब की तुलना में काफी बेहतर है। पंजाब के 22 में से 9 जिले और हरियाणा के 22 में से 4 जिले इन राज्यों में पराली जलाने जाने की घटना में मुख्य जिम्मेदार हैं। इसलिए, इन 13 जिलों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इनमें संगरूर, मोगा, तरनतारन और फतेहाबाद शामिल हैं। 15 अक्टूबर तक पिछले साल की तुलना में आग की घटनाओं का रुझान कम था, लेकिन अब यह तेजी से बढ़ने लगा है, खासकर पंजाब में। जल्दी कटाई अमृतसर और तरनतारन में आग की अधिक संख्या का कारण है। यह भी अवगत कराया गया कि पंजाब में पूसा अपघटक अनुप्रयोग के लिए भूमि का कवरेज कम है जिसे बढ़ावा देने और बढ़ाने की आवश्यकता है। विद्युत मंत्रालय के प्रतिनिधि ने बताया कि उसने ताप विद्युत संयंत्रों (टीपीपी) में को-फायरिंग के लिए कोयले के साथ बायोमास पैलेट के 5% सम्मिश्रण को अनिवार्य किया है। सह-फायरिंग सीओ2 उत्सर्जन को रोकने में भी मदद करता है। अब तक, 0.1 मिलियन मीट्रिक टन सीओ2 उत्सर्जन को रोका गया है। अध्यक्ष, सीएक्यूएम ने बताया कि उन्होंने पराली के इन-सीटू और एक्स-सीटू प्रबंधन के लिए एक विस्तृत ढांचा तैयार किया है और राज्यों को सलाह दी गई है कि वे पराली जलाने से रोकने के लिए इसे लागू करें। बैठक में उल्लेख किया गया कि सीएक्यूएम द्वारा कई बैठकों और प्रयासों के बावजूद, पंजाब द्वारा उठाए गए कदम अपर्याप्त हैं।
बैठक में उल्लेख किया गया कि मुख्य चिंताओं में से एक पंजाब और हरियाणा में सीआरएम मशीनों की डिलीवरी में देरी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और एनसीआर राज्यों से अपेक्षा की जाती है कि वे निधियों का प्रभावी ढंग से उपयोग करें और प्रदान की गई सीआरएम मशीनों के रखरखाव करें। पूसा अपघटक अनुप्रयोग को बढ़ावा देने की जरूरत है। टीपीपी में पैलेटों के उपयोग के लिए राज्यों द्वारा एक उचित आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को भी विकसित करने की आवश्यकता है। धान की पराली के उत्पादन को कम करने के लिए, बासमती किस्म को बढ़ावा देना और फसल विविधीकरण इस खतरे को कम करने के प्रभावी तरीके हैं। वायु प्रदूषण को रोकने के लिए राज्य की व्यापक कार्य योजनाओं को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है। बैठक में चर्चा की गई कि पराली के प्रभावी एक्स-सीटू प्रबंधन के लिए धान की पराली के संग्रहण, एकत्रीकरण, भंडारण और परिवहन के लिए एक समन्वित पारितंत्र होना चाहिए। यह बताया गया कि इसरो और एमओए एंड एफडब्ल्यू के प्रयासों से टीपीपी द्वारा को-फायरिंग पर सटीक डेटा प्राप्त करने में मदद मिली है। पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को पूसा अपघटक के अनुप्रयोग को बढ़ाने और अमृतसर में सक्रिय आग की घटनाओं की बढ़ती दर को नियंत्रित करने और पिछले साल की तुलना में राज्य में सक्रिय आग की घटनाओं के मामलों में 50% की कमी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव ने पिछले वर्ष की तुलना में राज्य में सक्रिय आग की घटनाओं में 55% की कमी की सूचना दी। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के रिमोट सेंसिंग मॉनिटरिंग और विशेषज्ञों की मदद से किसानों को वांछित कृषि पद्धतियों और पराली जलाने की रोकथाम के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को अपने सकारात्मक प्रयासों को जारी रखने और पराली प्रबंधन के क्षेत्र में अब तक प्राप्त प्रगति को बरकरार रखने को सुनिश्चित करने की सलाह दी गई। दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने पूसा के अनुप्रयोग कवरेज के तहत भूमि क्षेत्र के कवरेज में वृद्धि की जानकारी दी। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री ने उल्लेख किया कि देश के विभिन्न हिस्सों में चारे की कमी है और सुझाव दिया कि चारा की कमी वाले क्षेत्रों में एनसीआर क्षेत्र में उपलब्ध पराली के परिवहन के लिए एक कुशल प्रणाली विकसित करना आवश्यक है।
कृषि और किसान कल्याण मंत्री ने आगे बताया कि किसानों को इन विवरण के बारे में शिक्षित करने के लिए 4 नवंबर, 2022 को पूसा डीकंपोजर एप्लीकेशन पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में आईसीएआर के वैज्ञानिक के साथ एक खुली चर्चा शामिल होने की संभावना है। बैठक के दौरान बोलते हुए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह जानकर खुशी हो रही है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार ने पराली जलाने पर नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने राज्यों में कार्य योजना को लागू किया है जिसमें इन-सीटू प्रबंधन, एक्स-सीटू प्रबंधन, प्रभावी निगरानी और प्रवर्तन और आईईसी गतिविधियां शामिल हैं, जिसके परिणामस्वरूप पराली जलाने की घटनाएं कम हुई हैं। यादव ने चिंता व्यक्त की कि पंजाब सरकार राज्य में पराली जलाने को रोकने के लिए समन्वित कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है। उन्होंने दोहराया कि राज्य को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की सीआरएम योजना के तहत पर्याप्त संख्या में उपकरण और कृषि मशीनरी प्रदान की गई है और पर्याप्त धनराशि भी प्रदान की गई है, फिर भी कार्य योजना के कार्यान्वयन में पर्याप्त प्रगति नहीं हुई है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने कहा कि पराली प्रबंधन के लिए पर्याप्त संख्या में मशीनरी वितरित की गई है। उन्होंने हरियाणा सरकार को सोनीपत, पानीपत, फरीदाबाद और गुरुग्राम में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। माननीय मंत्री ने आशा व्यक्त की कि समन्वित कार्यों से क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार होगा। बैठक में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, सीएक्यूएम के वरिष्ठ अधिकारियो और हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों और अधिकारियों तथा एनटीपीसी आदि के अधिकारियों ने भाग लिया।
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इसका उद्देश्य युवा कार्यक्रम विभाग और उसके सहयोगी संगठनों एनवाईकेएस और एनएसएस द्वारा स्वच्छ भारत 2022 के प्रयासों को मजबूत करना और देश भर के सभी गांवों में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित करके इस अभियान में जन भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गतिविधियों को और तेज करना है। एक सरल शुरुआत ही महान परिवर्तन और बड़े कायापलट की ओर ले जा सकती है। आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में युवा कार्यक्रम विभाग द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत कार्यक्रम इसी बात की गवाही देता है। ये कार्यक्रम अपने आकार और पहुंच, दोनों लिहाज से अनूठा है और इसे युवा भागीदारी से जन आंदोलन के मॉडल पर सोचा गया है और इसके माध्यम से इस कार्यक्रम की सफलता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक नागरिक की भूमिका और योगदान को हासिल किया गया है। इस पहल का प्रमुख प्रेरक तत्व – अपने अपने साइलोज़ को भूलकर सभी हितधारकों के बीच समन्वय और तालमेल का रहा है। विभिन्न विभाग/एजेंसियां, सीबीओ और नागरिक समाज संगठन, ये सभी सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने और स्वच्छता सुनिश्चित करने के साझा लक्ष्य को साकार करने के लिए एक साथ आए हैं।
कानपुर १९ अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन महाविद्यालय क़ी एन एस एस यूनिट कदोमबिनी देवी द्वारा कार्यक्रम अधिकारी प्रो. चित्रा सिंह तोमर तथा हेल्थ क्लब इंचार्ज डॉ प्रीति सिंह के निर्देशन में फूलबाग तथा आस पास की मलिन बस्ती की सफ़ाई की गयी एवं प्लास्टिक का कचरा एकत्र किया गया! प्रत्येक स्वयमसेवक द्वारा १.o kg प्लास्टिक एकत्रीकरण किया गया! कुल 40kg प्लास्टिक एकत्र किया गया! कार्यक्रम गवर्नमेंट स्कूल की प्रिंसिपल डॉ शर्मिस्था मलिक की उपस्थिति में स्वच्छता ड्राइव किया गया! सम्पूर्ण पार्क एवं गणेश शंकर विद्यार्थी उद्यान एवं बस्ती के आस पास का क्षेत्र से प्लास्टिक एकत्र किया गया! स्वयं सेविकाओं के प्रयास को समस्त क्षेत्र वासियों व गवर्नमेंट प्रतिनिधि महोदया ने बहुत सराहा! कॉलेज क़ी प्राचार्या प्रफ़ेसर सुमन ने को उत्साहित करते हुए कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वयं प्लास्टिक उठाकर किया और एन एस एस यूनिट को क्षेत्र स्वच्छता व प्लास्टिक एकत्रीकरण क़े लिए सराहा
कानपुर 19 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, स्वच्छ भारत अभियान (क्लीन इंडिया)-2* के अंतर्गत डी.जी. कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना की वॉलंटियर्स ने कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में रैली निकालकर तथा पोस्टर व स्लोगन लिखकर जन-जागरूकता करते हुए प्लाग रन किया। इस दौरान *सिंगल यूज प्लास्टिक, पाउच, पॉलिलिथिन* आदि का एकत्रीकरण महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ कर दो टोलियों में अस्पताल घाट मलिन बस्ती तथा नवीन मार्केट तक किया गया। *स्थानीय पार्षद – मनोज पांडे* ने भारत सरकार द्वारा आरंभ किए गए ‘स्वस्थ इंडिया-स्वच्छ इंडिया’ अभियान के अंतर्गत वॉलिंटियर्स के द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। प्राचार्या प्रो. सुनंदा दुबे जी ने वॉलिंटियर्स को सामुदायिक सेवा व समाज सेवा के माध्यम से राष्ट्र विकास में योगदान करने के लिए प्रेरित किया। अभियान में कुल 50 छात्राओं ने प्रतिभाग किया इस दौरान छात्राओं के द्वारा लगभग 75 किलो कूड़ा एकत्रित कर उसका यथोचित निस्तारण किया गया। टीम लीडर सौम्या उपाध्याय, आकांक्षा, अभिव्यंजना व कायनात ने प्रशंसनीय कार्य किया।
कानपुर 15 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, संयुक्त विपक्षी मोर्चा के तत्वाधान में एक प्रतिनिधिमंडल का.सुभाषिनी अली पूर्व सांसद के नेतृत्व में कानपुर नगर की समस्याओं को लेकर जिला अधिकारी कानपुर नगर विशाख जी अय्यर से मिला और कानपुर नगर की ज्वलंत समस्याओं का एक ज्ञापन दिया गया जिसमें जलभराव से होने वाली परेशानियों और उससे उठने वाली बीमारियों के संबंध में तथा नगर निगम चुनाव को देखते हुए वोटर लिस्ट ठीक कराने और वार्ड में मतदाता कैंप लगाने पर बात रखी नगर की जगह जगह-जगह जर्जर सड़क को अविलंब ठीक करा जाने पर जोर दिया महंगी बिजली प्रीपेड स्मार्ट मित्रों की शिकायत की पेयजल में सीवर का गंदा पानी आने से बीमारियां फैल रही है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की हालत बद से बदतर और कीटनाशक दवाइयों के छिड़काव में प्राथमिकता देने और नगर में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर जोर देते हुए अपनी बात रखी जिस पर जिलाधिकारी श्री विशाल जी अय्यर ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से चर्चा कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय कानपुर नगर विषय :-कानपुर की जन समस्याओं पर ध्यान आकर्षण हेतु ज्ञापन कानपुर की ज्वलंत समस्याओं पर हम सभी संयुक्त विपक्षी दलों के पदाधिकारी गण आपका ध्यान आकर्षण कराना चाहते हैं ,साथ ही साथ इन समस्याओं का त्वरित निदान कर कानपुर के नागरिकों को गरमा पूर्ण जीवन जीने लायक माहौल देने की आपसे आशा करते हैं ! 1- कानपुर के विभिन्न वार्ड में बीते हुए बरसात के मौसम में भयंकर जलभराव की समस्या लोगों ने देखी है जिसका प्रमुख कारण नालियों का चौक होना गली पीठ का निर्माण ना होना सड़कों के किनारे नालियों का ना होना प्रमुख तौर से है ! 2- जलभराव और गंदगी की वजह से बीमारियां भयंकर रूप से पूरे शहर में दस्तक दे रही है कई मौतें इसके कारण हो चुकी हैं, आगे भी आशंका बनी हुई है नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के हालात बद से बदतर हो रहे हैं उचित इलाज की व्यवस्था का सर्वथा अभाव है शहर में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और सफाई की व्यवस्था युद्ध स्तर पर करने की जरूरत है 3- महंगी बिजली ने जहां नागरिकों के आर्थिक हालात जर्जर कर दिए हैं प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनायास भागती चाल ने नागरिकों का जीना दूभर कर दिया है 4 जर्जर सड़कों ने जहां यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है वही बढ़ती मार्ग दुर्घटनाओं ने नागरिकों के अंदर आक्रोश और सदमे जैसे हालात उत्पन्न कर दिए हैं व्यवसायिक शहर कानपुर का व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो रहा है 5- राशन की दुकानों में बड़ी संख्या में गरीब वर्ग के राशन कार्डों को रद्द किया जा रहा है, वही राशन की दुकानों को विभाग द्वारा वस्तुओं की आपूर्ति पूरी ना होने के कारण दुकानदार उपभोक्ताओं को वस्तुओं की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं महंगाई ने जनता को भूखे पेट रहने को मजबूर कर दिया है! 6 – जलकल द्वारा कानपुर नगर की जनता को आपूर्ति किए जा रहे पेयजल मैं सीवर का जल मिश्रण होने की पुष्टि कई वार्ड में हुई है और जल विभाग द्वारा यह पेयजल की आपूर्ति का पूरे शहर में कोई निश्चित समय और नियम भी नहीं है जो न्याय संगत नहीं है ! 7 – जैसा की सर्वविदित है नगर निगम के चुनाव निकट है पिछले व वर्तमान अनुभवों से पता चलता है कि विभिन्न वार्डों में कम आय वर्ग की आबादियों में कच्ची मलिन बस्ती इतिहास में रह रहे लोगों का नाम नगर निगम की वोटर लिस्ट से गायब रहते हैं ऐसे में हम लोग मांग करते हैं नगर निगम की वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण का कार्य बृहद रूप से कैंप लगाकर कराया जाए ! 8 – नगर में बढ़ती बिगड़ती कानून व्यवस्था पर अंकुश लगाने की जरूरत है ताकि सामान्य नागरिक अपने को सुरक्षित महसूस कर सकें ! आपसे अपेक्षा है कि उक्त बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए निस्तारण करने का कष्ट करें ! प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री का.सुभाषिनी अली( पूर्व सांसद) ,सुरेश गुप्ता संयोजक) ,श्याम देव सिंह, नरेंद्र कुशवाहा चंचल ,(कांग्रेस )डॉ.इमरान . ,नरेंद्र सिंह पिंटू ठाकुर( सपा) ,,अशोक तिवारी (सी.पी.एम), मोहम्मद उस्मान( रालोद) प्रदीप यादव (राजद ) आर. पी.कनौजिया( सी.पी.आई )प्रशस्त धीर (फॉरवर्ड ब्लॉक) मोहम्मद इरफान( मुस्लिम लीग )सीमा कटिहार उमाकांत मोहम्मद वसी प्रमुख थे
कानपुर 15 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस.एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी . महाविद्यालय में भारत रत्न भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की ९१वीं जयंती रसायन शास्त्र विभाग द्वारा मनाई गई। इस अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता का उद्घाटन भी किया गया. दीप प्रज्वलन व डॉ कलाम के चित्र का माल्यार्पण प्राचार्या डॉ प्रोफेसर सुमन, निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ प्रीती सिंह, विभागाध्यक्षा वनस्पति विज्ञान विभाग व डा. शिवांगी यादव , विभागाध्यक्षा , जंतु विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता का परिणाम इस प्रकार रहा,
अहोई अष्टमी करवा चौथ के समान ही है। यह एक सख्त उपवास का दिन है। इस व्रत को रखने वाली महिलाएं पूरे दिन पानी पीने से भी परहेज करती हैं । वे केवल शाम को तारों को देखने और उनकी पूजा करने के बाद ही उपवास तोड़ सकतीं हैं।