कानपुर 24 दिसंबर, क्राइस्ट चर्च डिग्री कॉलेज में वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव ‘अभिव्यक्ति’ के समापन दिवस पर नृत्य एवं गायन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ ।सांस्कृतिक परिषद की संयोजिका डॉ विभा दीक्षित ने जीवन में ललित कलाओं का महत्व बताते हुए निर्णायक मंडल में उपस्थित डॉ राजेश्वरी ढौंडियाल , डॉ वंदना देबोराय , रवि जी एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ आशुतोष सक्सेना का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया। नृत्य एवं गायन प्रतियोगिताप का आयोजन डॉ विभा दीक्षित, डॉ अपराजिता शुक्ला , डॉ मीतकमल, डॉक्टर शालिनी कपूर के निर्देशन में हुआ। आलोक कमल व आयुषी पाठक ने सभी को अपनी खास पेशकश से ऊर्जा से भर दिया दिया। नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर जूही सिंह रही, द्वितीय स्थान पर स्वीकृति एवम आंशिका शुक्ला, तीसरे स्थान पर विवेक पॉल व खुशी मल्होत्रा एवम सांत्वना पुरस्कार राखी पॉल व अर्चना सिंह रहे । गायन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कशिश तिवारी द्वितीय स्थान पर शेरोन यादव व पीटर एवं तृतीय स्थान फ़राज़ अहमद व गौरव मिश्र एवम सांत्वना पुरस्कार ऋषभ पांडे व सौम्य बैनर्जी को मिला। प्रतियोगिताओं में 42 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और कत्थक ,भांगड़ा ,बंगाली, पहाड़ी ,हरियाणवी नृत्य के माध्यम से अपना हुनर दिखाया।कार्यक्रम का संचालन राईना एवं सहस्रांशु, अभिषेक एवं विकास , नमन एवं वेदांत ने किया। प्रतियोगिता में छात्र प्रतिनिधि इश्तिका कुशवाहा, उदित कुमार वर्मा, ख़ुशी होटवानी , नबा खान उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन अनन्य चौधरी द्वारा दी गयी ।
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कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ निशा अग्रवाल , निर्णायक मंडल की सदस्य डॉ गार्गी यादव (विभागाध्यक्ष, रसायन शास्त्र विभाग।) एवं डॉ किरण( विभागाध्यक्ष, दर्शनशास्त्र विभाग) के द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ निशा वर्मा ने सभी का स्वागत किया तत्पश्चात उन्होंने चौधरी चरण सिंह के द्वारा किसानों के हितों के लिए जो प्रयास किए गए उसके बारे में संक्षिप्त में छात्राओं को अवगत कराया। प्राचार्य जी ने छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। भाषण प्रतियोगिता में रितिका तिवारी और निकिता सविता ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि दिव्यांशी बाजपेई ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया एवं वैष्णवी मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में स्वाति गौतम ने प्रथम, रुखसार बानो ने द्वितीय और दीपाली पाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्लोगन प्रतियोगिता में निशा सिद्दीकी ने प्रथम स्थान, प्रीति कश्यप ने द्वितीय स्थान और सोनाली साहू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंत में डॉक्टर प्रीता अवस्थी के द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगान के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता श्री सुजीत सिंह, कैरियर मोटीवेटर, श्री अजय जैन जी, सदस्य विश्वविद्यालय एंप्लॉयमेंट ब्यूरो, प्रबंध समिति के सचिव श्री पी. के. सेन एवं प्राचार्य डॉ. निशा अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस आयोजन का महत्वपूर्ण विषय “से नो टू टोबैको” पर ध्यान केंद्रित करना था, जिसमें लगभग 50-60 एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
जिसमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया । सौ मीटर दौड़,शटल दौड़ आदि का आयोजन हुआ। सौ मीटर दौड़ में प्रथम दुर्गेश नंदिनी, द्वितीय निकिता, तृतीय सानिया रही और शटल दौड़ में प्रथम निकिता, द्वितीय तनु और विद्यांशी ,तृतीय दुर्गेश नंदिनी रही ।
जहां आज महिलाएं इस डिजिटल युग में नित नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और सबसे बड़ी बात कि गरीब तबकों से आई हुई महिलाएं, लड़कियां भी अपने सपनों को पंख लगा कर उड़ रही हैं ऐसे में महिलाओं की यह सोच एक सवाल खड़ा करती है कि आज भी पति द्वारा पीटा जाना जायज है। नेशनल फैमिली हेल्थ द्वारा एक सर्वे के दौरान यह खुलासा हुआ है और आंकड़ों पर गौर किया जाये तो घरेलू हिंसा को सही ठहराने वाली महिलाओं का प्रतिशत अधिक है. उनमें- आंध्र प्रदेश 83.6℅, कर्नाटक 76.9℅, मणिपुर 65.9℅ और केरल 52.4℅ शामिल हैं। जबकि हिमाचल प्रदेश, नागालैंड और त्रिपुरा में घरेलू हिंसा को लेकर स्वीकृति सबसे कम देखी गई। केवल 14.2℅, 21.3℅ ही सहमति व्यक्त की।