
इससे पहले गुरुवार को डॉ. मांडविया ने चमोली जिले के मलारी गांव का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने मलारी व आसपास के क्षेत्रों में जीवंत (वाइब्रेंट) ग्राम कार्यक्रम और अन्य विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। वहीं, मलारी के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने देहरादून में जन औषधि केंद्र का निरीक्षण करने के साथ स्वास्थ्यकर्मियों और लाभार्थियों से बातचीत की।
इसके अलावा डॉ. मांडविया ने स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर उत्तराखंड सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही है, पीएम- एबीएचआईएम योजना के तहत 7 और ईसीआरपी-II के तहत 7 यानी कुल 14 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों का निर्माण किया जा रहा है।” उन्होंने कहा, “इन पहलों के माध्यम से सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आपातकालीन देखभाल के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध हो सकेगीं।”
रुद्रप्रयाग व नैनीताल में क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण ईसीआरपी-II पैकेज के तहत किया जाएगा। वहीं, श्रीनगर में इसका निर्माण पीएम-एबीएचआईएम योजना के तहत किया जाएगा। भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के आपसी समन्वय से स्वास्थ्य सुविधाओं तक आम जनता की पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए श्रीनगर पौड़ी, रुद्रप्रयाग और नैनीताल के हल्द्वानी में 3 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के लिए कुल 71.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से हर एक गंभीर देखभाल ब्लॉक के निर्माण के लिए 23.75 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन गंभीर देखभाल ब्लॉकों में आईसीयू बेड, एचडीयू बेड, आइसोलेशन वार्ड बेड, आइसोलेशन रूम, इमरजेंसी बेड, ऑपरेशन थिएटर, लेबर डिलीवरी रूम, संयुक्त देखभाल प्रयोगशाला और डायलिसिस रूम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
राज्य में चिकित्सा अवसंरचना को उन्नत और सुदृढ़ करने के लिए 120 करोड़ रुपये की धनराशि से दून मेडिकल कॉलेज में 500 बिस्तरों की सुविधा का विस्तार किया जाएगा। इस पहल से सुदूर क्षेत्रों से आने वाले रोगियों को राज्य की राजधानी में बेहतर उपचार की सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी! पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में जरूरी स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आयुष्मान भारत जैसी उच्च प्रभाव वाली योजनाओं के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार रोगों के बारे में जागरूकता उत्पन्न कर, गुणवत्तापूर्ण व सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध प्रदान करके, स्वास्थ्य पेशेवरों की गुणवत्ता व संख्या में बढ़ोतरी के जरिए और स्वास्थ्य सेवा से संबंधित बुनियादी ढांचे व अन्य योजनाओं में बदलाव लाने के लिए एक मिशन-मोड पर काम करके राज्य की स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता में और अधिक सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ काम कर रही है।
वहीं, श्री धन सिंह रावत ने उत्तराखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र हुई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “80,000 से अधिक लोगों के ई-रक्तकोष रक्तदान पोर्टल पर पंजीकृत होने के साथ देश में उत्तराखंड के लोगों ने सबसे अधिक रक्तदान किया है।” उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड के लोगों को 50 लाख से अधिक एबीएचए कार्ड जारी किए गए हैं और उनमें से 7 लाख से अधिक लोगों ने इस नि:शुल्क उपचार सुविधा का लाभ उठाया है। श्री रावत ने बताया, “उत्तराखंड टीबी के खिलाफ लड़ाई में नि-क्षय मित्र पहल के तहत 100 फीसदी टीबी रोगियों को कवर करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।”
इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री विशाल चौहान और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व उत्तराखंड सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर


कानपुर 31मार्च भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स कॉलेज, कानपुर में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा एक दिवसीय सामुदायिक नेत्र एवम दंत जांच शिविर का आयोजन कनिका हॉस्पिटल एवं शिव नेत्रालय के सहयोग से किया गया।
इस शिविर में डॉ.सौरभ यादव, डॉ.शिवम शर्मा, डॉ दीक्षा पंत ने छात्राओं, प्राध्यापिकाओं एवं कर्मचारियों की आंखों की जांच की। डॉक्टर्स के द्वारा उन्हें आंखों से संबंधित रोग मोतियाबिंद, दृष्टि दोष आंखों में ड्राइनेस, खुजली तथा दांतों से संबंधित रोग सेंसटिविटी, केविटी, दांत दर्द, पायरिया, टेढ़े दांत आदि की जांच कर चिकित्सकीय परामर्श दिया गया तथा मुफ्त दवाएं व चश्में भी वितरित किए गए। शिविर में टेक्निकल स्टाफ यश का सहयोग रहा। इस शिविर में 200 से ज्यादा व्यक्तियों के नेत्रों एवं दांतो का परीक्षण किया गया। चिकित्सकों के द्वारा खान-पान एव योग की जानकारी भी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो अर्चना वर्मा जी ने किया। परीक्षण शिविर का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही ने किया l डॉ अंजना श्रीवास्तव, डॉक्टर श्वेता, डॉ विनीता श्रीवास्तव, श्री कृष्णेंद्र कुमार व लैब सहायक अनुराधा चंदेल का विशेष योगदान रहा l सिमरन, योगिता, मुस्कान, शिखा व नंदिनी समेत सभी वॉलिंटियर्स ने ने शिविर में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया एवं जांच कराने में सहयोग प्रदान किया।
कानपुर 30 मार्च भारतीय स्वरूप संवाददाता, प्रदेशीय रोवर रेंजर समागम जो कि इलाहाबाद में कल संपन्न हुआ वहां एस.एन सेन महाविद्यालय की रेंजर्स टीम छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय को प्रतिनिधित्व करते हुए ने तृतीय स्थान हासिल कर महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। परिणाम इस प्रकार है गणवेश (यूनिफॉर्म ) – प्रथम स्थान , प्रश्नोत्तरी ( क्विज) – प्रथम स्थान , लोकनृत्य – प्रथम स्थान, सेंड स्टोरी – प्रथम स्थान , रोल प्ले- द्वितीय स्थान, झांकी – द्वितीय स्थान, निबंध- द्वितीय स्थान , वाद विवाद – प्रतियोगिता द्वितीय स्थान, नाटक – तृतीय स्थान, माइंड गेम्स – तृतीय स्थान। महाविद्यालय ने पहली बार प्रादेशिक स्तर पर रेंजर टीम ने प्रतिभाग कर के तृतीय स्थान हासिल किया था ।महाविद्यालय के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। ये प्रतियोगिताएं प्रातः 6:00 बजे से आरंभ होकर रात्रि 10:00 बजे तक चलती थी ,जिसमें अपने महाविद्यालय की रेंजर्स ने कुल 18 प्रतियोगिताओं में पूरी शक्ति के साथ प्रतिभाग करते हुए अपना सर्वोत्तम दिया। मैं अपने महाविद्यालय के प्रबंधक तंत्र एवं प्राचार्य महोदय का हृदय से धन्यवाद देती हूं जिन्होंने समय-समय पर मुझे ना केवल दिशा निर्देश दिया वरन आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करते रहे। रेंजर्स प्रभारी डॉ प्रीति पांडे के मार्गदर्शन में सारे कार्यक्रमों में अपना सर्वोत्तम प्रस्तुत किया। प्रबंध समिति के सचिव एवं प्राचार्य प्रभारी एवं सभी को बधाई दी।
कानपुर 29 मार्च भारतीय स्वरूप संवाददाता,दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज एनएसएस के सात दिवसीय विशेष शिविर का आज समापन हुआ। कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही ने बताया कि यह शिविर 23 मार्च, 2023 से 29 मार्च, 2023 तक निरंतर 7 दिनों तक महाविद्यालय तथा अस्पताल घाट बस्ती में एनएसएस वॉलिंटियर्स के द्वारा चलाया गया। जिसमें आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, संसाधन– विशेषकर जल, मिट्टी एवं पर्यावरण संरक्षण, टी बी मुक्त भारत, सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता, सड़क सुरक्षा, साइबर क्राइम, महिलाओं का भावनात्मक शोषण आदि जैसे ज्वलंतशील मुद्दों पर रैली, पोस्टर प्रदर्शन, कविता, गीत, नुक्कड़ नाटक, आपसी वार्तालाप, व्याख्यान, ग्रुप डिस्कशन आदि गतिविधियों के द्वारा जन जागरूकता फैलाई गई।