सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने आज अरुणाचल प्रदेश में दिबांग बहुउद्देशीय पनबिजली परियोजना और त्रिपुरा में सौर ऊर्जा परियोजना की शुरुआत होने की बात की। प्रधानमंत्री ने उत्तर-पूर्व के सबसे ऊंचे पुल और सबसे ऊंचे बांध को देश के नाम समर्पित करने का उल्लेख करते हुए कहा कि दिबांग बांध देश का सबसे ऊंचा बांध होगा।

दिबांग परियोजना की लागत 31,875 करोड़ रुपये से ज्यादा है और यह देश का सबसे ऊंचा बांध होगा। यह विद्युत उत्पन्न करेगा, बाढ़ नियंत्रण में मदद करेगा और इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर और सामाजिक आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।
2,880 मेगावाट की दिबांग बहुउद्देशीय परियोजना अरुणाचल प्रदेश के निचली दिबांग घाटी जिले में मुनली गांव के समीप बनेगी। यह बांध 278 मीटर ऊंचा बांध है, जो भारत का सबसे ऊंचा कंक्रीट-ग्रेविटी बांध होगा। बांध का निर्माण रोलर कॉम्पैक्टेड कंक्रीट (आरसीसी) तकनीक से किया जाएगा और यह दुनिया का सबसे ऊंचा आरसीसी बांध होगा। दिबांग बांध का लक्ष्य एक महीने में 5 लाख क्यूबिक मीटर से ज्यादा कंक्रीट का शिखर स्थापित करना है, जो दुनिया में पहली बार होगा।

यह परियोजना प्रति वर्ष 11,223 मिलियन यूनिट जल विद्युत उत्पन्न करेगी, जिससे स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा प्राप्त होगी जिसे उत्तरी ग्रिड में फीड किया जाएगा। 108 महीने की निर्माण अवधि के साथ, यह परियोजना फरवरी 2032 में चालू होने वाली है। इसमें निर्माण के दौरान 500 लोगों को और संचालन होने के दौरान 300 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करने की क्षमता है।
दिबांग परियोजना अरुणाचल प्रदेश में विकास के लिए 12% मुफ्त विद्युत और स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के लिए अतिरिक्त 1% मुफ्त विद्युत प्रदान करेगी। यह परियोजना राज्य और देश के नेट जीरो लक्ष्य को आगे बढ़ने में मदद करेगी।
इस परियोजना को ऊर्जा भंडारण परियोजना के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसके प्रमुख उद्देश्यों में विद्युत उत्पादन के अलावा बाढ़ नियंत्रण शामिल है। बाढ़ नियंत्रण करने के लिए, मानसून में जलाशय को पूर्ण जलाशय स्तर से नीचे रखकर 1,282.60 मिलियन क्यूबिक मीटर की क्षमता स्थापित की जाएगी।
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10 मार्च, भारतीय स्वरूप संवाददाता, सस्टेनेबल एनर्जी-टेक स्टार्टअप URJA SATHI को मिली 35 लाख रुपये की सीड फंडिंग ताजा फंडिंग का उपयोग Urja Sathi प्रतिभा हासिल करने, ग्राहक सहायता में सुधार करने और अपने संभावित B2B और B2C ग्राहकों के बीच मार्केटिंग, ब्रांडिंग और अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए करेगी. खनऊ स्थित सस्टेनेबल एनर्जी-टेक स्टार्टअप Urja Sathi ने अंकित जैन और शर्ली जैन से 35 लाख रुपये की सीड फंडिंग जुटाई है.
इस सीड राउंड में Pror In Pvt Ltd. के को-फाउंडर नीरज कुमार पवार और आयु शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ताजा फंडिंग का उपयोग Urja Sathi प्रतिभा हासिल करने, ग्राहक सहायता में सुधार करने और अपने संभावित B2B और B2C ग्राहकों के बीच मार्केटिंग,
कानपुर 7 मार्च भारतीय स्वरूप संवाददाता, “एस. एन. सेन बी.वी. पी.जी. कॉलेज में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध, और प्रतितोष) अधिनियम 2013 हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित”एस. एन. सेन बी.वी. पी.जी. महाविद्यालय में माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध, और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के सम्बंध में दिनाँक 07/03/24 को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विशिष्ट अतिथि ए. सी.पी. पुलिस कमिश्नरेट पी. सी.एस. सृष्टि सिंह, मुख्य अतिथि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कानपुर, डॉ. श्याम शंकर सिंह, तथा प्राचार्या प्रो. सुमन, तथा प्रबंधतंत्र सचिव श्री पी.के. सेन द्वारा किया गया। प्रो. निशि प्रकाश ने अतिथि स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता में सम्मिलित किया जाना चाहिए| प्रो. मीनाक्षी व्यास ने विषय-प्रवर्तन तथा मंच संचालन की महती भूमिका का निर्वहन किया ।
कानपुर 13 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, डी जी कॉलेज द्वारा *द्वितीय एक दिवसीय शिविर* का आयोजन अधिकृत मलिन बस्ती अस्पताल घाट में किया गया। शिविर का शुभारंभ एन एस एस लक्षद्वीप “उठे समाज के लिए उठे-उठे” से किया गया। महाविद्यालय प्राचार्या प्रो. अर्चना वर्मा के संरक्षण में एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में सभी छात्राओं ने प्रथम सत्र में शिविर के मुख्य विषय *मतदान जागरूकता अभियान* व्यापक स्तर पर जन जागरूकता लाने के लिए महाविद्यालय से अस्पताल घाट तक रैली निकाली जिसमें ‘महिला मतदाता – लोकतंत्र की भाग्य विधाता’, ‘जाएं-जाएं वोट डालने जाएं – अपना वोट काम में लाएं’, ‘वोट फॉर नेशन’ जैसे नारों के माध्यम से वृहद स्तर पर जन- जागरूकता लाने हेतु तथा मतदान करने की आवश्यकता व मताधिकार की उपयोगिता का व्यापक प्रचार प्रसार किया गया। तत्पश्चात स्वल्पाहार के पश्चात द्वितीय सत्र के अंतर्गत छात्राओं ने *डोर टू डोर कैंपेन* चलाकर मतदान करना जरूरी है के अंतर्गत निश्चित किया कि सभी घरों में मतदान हेतु आवेदन किया जा चुका है एवं मतदाता सूची में अपना नाम चेक कर लिया है। जिन लोगों ने अभी अपना नाम दर्ज नहीं करवाया है उनसे यह अनुरोध किया कि अगले साल अपना नाम जरूर दर्ज करवा ले व फॉर्म 6 समय से भरकर जमा करें। एक मजबूत लोकतंत्र के निर्माण हेतु अपना प्रतिनिधि चुनते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए इस पर भी छात्राओं ने विस्तार पूर्वक चर्चा की। इसके साथ ही कार्यक्रम अधिकारी द्वारा छात्राओं को अभी तक किए गए सभी सर्वे पर अपनी रिपोर्ट तैयार करने एवं लक्ष्य गीत व संकल्प गीत का अभ्यास करने व आगामी सात दिवसीय विशेष शिविर में अपने लीडर के नेतृत्व में सही से कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया । कार्यक्रम में समस्त वॉलिंटियर्स ने अति उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। विशेष रूप से कीर्ति, आकांक्षा, वर्षा एवं नूर का सहयोग सराहनीय रहा।
कानपुर 13 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता,एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी.कॉलेज के शिक्षाशास्त्र, मनोविज्ञान, शारीरिक शिक्षा तथा दर्शनशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आज दिनाँक 13-02-2024 को एक प्रासंगिक विषय ” उच्च शिक्षा पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभाव: चुनौतियां एवं समाधान” पर अन्तरविभागीय संगोष्ठी का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. सुमन, प्रो. चित्रा सिंह तोमर, डाॅ. मोनिका सहाय तथा अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ पुष्प अर्पित कर किया | संगोष्ठी में विभिन्न विभागों की लगभग 20 छात्राओं ने अपना लेख प्रस्तुत किया | कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं ने अपने शैक्षिक अनुभव साझा किए जिसमें चुनौतियां तथा समस्या ज्यादा थीं और समाधान ना के बराबर| संगोष्ठी के मुख्य बिंदु व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का व्यावहारिक कार्यान्वयन आशा अनुरूप ना होना, कार्यभार के अनुरूप शिक्षकों की नियुक्ति, शिक्षकों का बढ़ता कार्यभार, महाविद्यालय में सीखने के लिए आवश्यक संसाधनों का अभाव, पाठयक्रम तथा परीक्षाओं का बढ़ता दबाव, कम समय, सभी छात्राओं को एक समान अंक देकर परीक्षा परिणाम अच्छा करने की परंपरा का प्रादुर्भाव, विद्यार्थियों की अधिगम में घटती रूचि, शिक्षकों का किसी भी नीति के क्रियान्वयन में महत्व तथा कक्षा में घटती छात्र संख्या, अंकों का बढ़ता महत्व तथा ज्ञान का अर्जन ना होना आदि पर विचार विमर्श किया गया| प्राचार्य ने छात्राओं के विचारों की अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया |
इकाई, डी जी कॉलेज, कानपुर द्वारा अधिग्रहित मलिन बस्ती अस्पताल घाट में आयोजित एक दिवसीय शिविर के अंतर्गत सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। महाविद्यालय की कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही ने बताया कि इस एक दिवसीय शिविर में प्रथम सत्र के दौरान सर्वप्रथम प्राचार्या प्रो अर्चना वर्मा जी ने झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। जिसमें में छात्राओं ने विभिन्न नारे एवं स्लोगन तथा सड़क सुरक्षा पखवाड़े के अंतर्गत बनाए गए पोस्टर्स के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाकर बस्ती वासियों तथा सड़क पर वाहन चलाने वाले लोगों को यातायात के नियमों एवं रोड सेफ्टी चिन्हों से अवगत कराया गया। जो लोग दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग नहीं कर रहे थे अथवा तीन लोग एक साथ वाहन पर चल रहे थे उन्हें रोक कर सही नियमों की जानकारी दी गई तथा उन्हें हेलमेट लगाने के फायदे बात कर हेलमेट लगवाया गया।