केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुजरात के दीनदयाल पोर्ट, कांडला में 270 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। श्री सर्बानंद सोनोवाल ने पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्यमंत्री श्री शांतनु ठाकुर, पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्यमंत्री श्री श्रीपद नाइक और अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में दीनदयाल पोर्ट, कांडला में 73.92 करोड़ रुपये लागत वाली ऑयल जेट्टी संख्या 7 का उद्घाटन किया।
जेट्टी मुख्य रूप से खाद्य तेल की लिक्विड हैंडलिंग क्षमता को 2.00 एमएमटीपीए तक बढ़ाएगी और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करेगी और जहाजों के टर्न-अराउंड समय को कम करेगी। यह टी-आकार की जेट्टी 110 मीटर लंबी और 12.40 मीटर चौड़ी है और 65000 डीडब्ल्यूटी और 14 मीटर गहराई तक के बड़े आकार के पोत को संभाल सकती है। इस परियोजना ने निर्माण के चरण के दौरान लगभग 1000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार और लगभग 250 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार का मार्ग प्रशस्त किया है।

श्री सोनोवाल ने तीन परियोजनाओं- 98.41 करोड़ रुपये की लागत से ऑयल जेट्टी संख्या 8 से 11, 67 करोड़ रुपये की लागत से एलसी236बी से सीजे-16 तक 4 लेन सड़क का विकास, 39.66 करोड़ रुपये की लागत से कार्गो जेट्टी में गुंबदाकार भंडारण शेड का निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया।

इस अवसर पर श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “ये परियोजनाएं पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के साथ-साथ इसके लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन को बढ़ावा देने के साथ-साथ इसके पूरे भीतरी इलाकों के समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।” इनसे जहाजों के टर्नअराउंड समय में और सुधार के साथ-साथ कार्गो की तेजी से निकासी के साथ-साथ बंदरगाह की कार्गो हैंडलिंग क्षमता में भी सुधार होना संभव होगा। उन्होंने कहा, “दीनदयाल पोर्ट कार्गो हैंडलिंग के मामले में देश भर में पहले स्थान पर है और इन परियोजनाओं के माध्यम से इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी जो पूरे क्षेत्र के लिए फायदेमंद होगी।”
अन्य परियोजनाओं की मुख्य विशेषताएं
1. ऑयल जेट्टी 8 से 11 तक बैक-अप एरिया का विकास
• तरल कार्गो की भंडारण क्षमता में वृद्धि
• लिक्विड कार्गो की तेजी से निकासी, क्योंकि लिक्विड टर्मिनल के लिए प्रस्तावित बैक-अप क्षेत्र ऑयल जेट्टी के पीछे है, इसलिए, टर्न-आउट समय कम करना
2. एलसी236बी से सी.जे-16 तक 4 लेन सड़क का विकास
• बेहतर कनेक्टिविटी
• बंदरगाह पर यातायात में कमी
3. कार्गो जेट्टी में गुंबदाकार भंडारण शेड का निर्माण
• शेड 30 मीटर और ऊंचाई 9 से 12 मीटर की अबाधित स्पष्ट जगह प्रदान कर सकते हैं।
• रूफिंग पैनल यांत्रिक रूप से सीमेड (इंटरलॉक्ड) हैं और छेद, नट, बोल्ट ओवरलैप और सीलेंट से मुक्त हैं, लगभग शून्य रखरखाव सुनिश्चित करते हैं।
• पारंपरिक छत प्रणाली की तुलना में यह संरचना 50 प्रतिशत तक किफायती है।

उल्लेखनीय है कि भारत में बंदरगाह क्षेत्र के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता के तहत पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय ने गुजरात राज्य में सागरमाला कार्यक्रम के तहत 57,000 करोड़ रुपये की 74 परियोजनाओं की पहचान की है। जिनमें से 9,000 करोड़ रुपये की लागत से 15 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं; 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की 33 परियोजनाएं कार्यान्वयन के अधीन हैं और 22,700 करोड़ रुपये की 26 परियोजनाएं प्रगति के विभिन्न चरणों में हैं। ये परियोजनाएं केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों, प्रमुख बंदरगाहों, राज्य समुद्री बोर्ड और अन्य राज्य एजेंसियों द्वारा कार्यान्वित की जा रही हैं।
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कानपुर 23 जनवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज मे सड़क सुरक्षा माह कार्यक्रम के अंतर्गत ‘मानव श्रंखला’ बनाकर जनमानस को जागरूक करने हेतु प्राचार्या प्रो. अर्चना वर्मा जी के निर्देशन में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी तथा सड़क सुरक्षा क्लब को-ऑर्डिनेटर डॉ संगीता सिरोही के द्वारा सड़क सुरक्षा शपथ दिलवाई गई। जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओ तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने भी सड़क सुरक्षा संबंधी शपथ ली तथा आश्वस्त किया कि वे सभी स्वयं तो सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करेंगे ही अपने घर परिवार व पडोस तथा समाज के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उसकी महत्ता को बताएंगे तथा यातायात के सभी नियमों का पालन करने हेतु आग्रह करेंगे ताकि दिन-प्रतिदिन बढ़ने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। यह मुहिम भविष्य में सड़क सुरक्षा तथा मानव जीवन को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ी पहल साबित होगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ श्वेता गोंड, डॉ अंजना श्रीवास्तव, अर्चना दीक्षित, आकांक्षा अस्थाना व कृष्णेंद्र श्रीवास्तव आदि की विशेष भूमिका रही।