देश भर में 16 लाख से अधिक नवोदयन्स का नेटवर्क समाज को नई दिशा देने के लिए तत्पर – पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव“हम नव युग की नई भारती, नई आरती/हम स्वराज्य की ऋचा नवल/भारत की नवलय हों/नव सूर्योदय, नव चंद्रोदय/हमीं नवोदय हों” प्रार्थना के साथ नवोदय विद्यालय स्थापना दिवस और एल्युमिनाई मीट समारोह का आयोजन वाराणसी में बीएचयू स्थित शताब्दी कृषि भवन में किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम इत्यादि विभिन्न राज्यों के पुरातन नवोदय विद्यार्थी शामिल हुए और अनेकता में एकता की विशिष्टता को रेखांकित करते हुए स्कूली दिनों की यादों को ताजा किया। बीएचयू के कुलगीत, नवोदय प्रार्थना, स्वागत गीत के बीच अतिथियों ने पं. मदन मोहन मालवीय और नवोदय विद्यालय के संस्थापक राजीव गांधी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि अप्रैल, 1986 में दो नवोदय विद्यालयों से आरंभ हुआ यह सफर आज 661 तक पहुँच चुका है। देश भर में नवोदय विद्यालय के 16 लाख से अधिक पुरा विद्यार्थियों का नेटवर्क समाज को नई दिशा देने के लिए तत्पर है। आज नवोदय एक ब्रांड बन चुका है। राजनीति, प्रशासन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, सैन्य सेवाओं से लेकर विभिन्न प्रोफेशनल सेवाओं, बिजनेस और सामाजिक सेवाओं में नवोदयन्स पूरे भारत ही नहीं वरन पूरी दुनिया में अपना अलग मुकाम बना रहे हैं। श्री यादव ने कहा कि अमृत काल में भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करने में नवोदयन्स की अहम भूमिका है। नवोदय विद्यालय एक सरकारी संस्थान होने के बावजूद उत्कृष्ट शिक्षा और बेहतर परीक्षा परिणामों की वजह से आज शीर्ष पर है।
बरेका में चीफ इंजीनियर श्री रणविजय सिंह ने कहा कि हमारे व्यक्तित्व के निर्माण में नवोदय का बहुत योगदान रहा है। हम वहाँ ज़िंदगी को समझना और सही मायनों में जीना सीखते हैं। श्री काशी विश्वनाथ धाम में सीआरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट श्री विनोद सिंह ने कहा कि नवोदय परिवार आज भी बेहद संगठित है और लोग एक दूसरे से दिल से जुड़े हैं। सुख-दुःख में एक दूसरे के साथ जिस तरह से खड़े रहते हैं, वह मन में हैरत ही नहीं गर्व भी पैदा करता है।
सम्मानित होने वाले नवोदयंस- इस अवसर पर नवोदय विद्यालय के पुरा विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव, बीएचयू हिंदी विभाग प्रोफेसर डॉ. सत्यपाल शर्मा, फिजिक्स प्रोफ़ेसर डॉ. सुरेंद्र कुमार, बरेका चीफ इंजीनियर रणविजय सिंह, श्री काशी विश्वनाथ धाम में सीआरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट विनोद सिंह, डीआरएम ऑफिस में इंजीनियर अभिषेक सिंह, बिजली विभाग अधिशाषी अभियंता चंद्रशेखर चौरसिया, सर सुन्दरलाल चिकित्सालय, बीएचयू में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर ममता मिश्रा, मंचीय कवि दानबहादुर सिंह, एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. पंकज गौतम, असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ. सत्यपाल यादव, पुलिस उप निरीक्षक सुनील गौड़, डॉ. प्रदीप गौतम, विमलेश कुमार, अमित त्रिपाठी इत्यादि सम्मानित हुए।
कार्यक्रम में मंचीय कवि दान बहादुर सिंह ने अपनी कविताओं से शमां बांधा वहीं तमाम पुरा विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति कर लोगों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का संयोजन सोमेश चौधरी, महेंद्र मिश्र ‘मोहित’, शालिन्दी और देवव्रत ने किया, वहीं संचालन अनुराधा व अभिषेक ने किया।
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कहता है .. बोलो क्या दूँ तुझे ऐसा ..जो तुम्हें मेरे इश्क़ की याद दिलाये। मैंने कहा! बेशक़ीमती है तू.. और ये तेरी बेमिसाल नज़र. और उस पे तेरी थोड़ी सी तवज्जो .. थोड़ी सी फ़िक्र ही काफ़ी है ..मेरे इश्क़ को ज़िन्दा रखने के लिए… हर इक शय इस जमाने की तवज्जो ही माँगती है चाहे वो कोई रिश्ता हो या कुछ और … प्यार हमें अधूरे से पूरा करता है। ये कहानी मेरी ही आप बीती है आप से शेयर करना चाहती हूँ बात उन दिनों की है जब मैं अपने नये घर में शिफ़्ट हुई थी लोग कहते थे कि वहाँ की ऊजा अच्छी नही है मगर मैं इन बातों पर विश्वास नहीं करती थी इक निडर निर्भय सा स्वभाव है मेरा।
कानपुर 17 अप्रैल भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस. एन. सेन बा. वि. पी. जी. कॉलेज कानपुर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव राम जी अंबेडकर और समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के उपलक्ष्य में महाविद्यालय के एनसीसी, एनएसएस, रोवर रेंजर, शिक्षा शास्त्र ,समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान तथा अर्थशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वाधान में सिंपोजियम और लघु नाटिका का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. ब्रजेश सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर, एच. बी. टी. यू. कानपुर), महाविद्यालय सचिव श्री पी. के. सेन तथा प्राचार्या प्रोफेसर सुमन के द्वारा दीप प्रज्वलन से किया।
अतिथि स्वागत एवम् सरस्वती वंदन की परंपरा का निर्वहन करते हुए अतिथियों को स्मृति चिन्ह तथा पुष्प गुच्छ भेंट किए गए। समाजशास्त्र विभाग से प्रो. निशी प्रकाश, अर्थशास्त्र विभाग से प्रो. निशा वर्मा, शिक्षाशास्त्र विभाग से प्रो. चित्रा सिंह तोमर तथा राजनीति विज्ञान विभाग से कुमारी पूनम ने महात्मा फुले व बाबा साहेब की विचारधारा पर विस्तृत प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन प्रो. प्रीती पांडेय तथा डॉ. प्रीति सिंह ने किया। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय पर्व समिति प्रभारी डॉ रचना निगम और सदस्यों द्वारा किया गया l इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा। राष्ट्रगान के द्वारा कार्यक्रम का समापन हुआ।
कानपुर 16 अप्रैल भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च कॉलेज स्थित प्रो निनान अब्राहिम ऑडिटोरियम में “लोकतंत्र में चुनौतियां” विषय पर आयोजित व्याख्यान में बोलते हुए मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान सभा के सभापति और कॉलेज के पूर्व छात्र सतीश महाना ने कहा कि देश में लोकतंत्र के सामने निरक्षरता, गरीबी, जातिवाद, सांप्रदायिकता, अपराधीकरण, भ्रष्टाचार आदि की अभी भी चुनौतियां हैं उन्होंने कहा लोकतंत्र की सफलता के लिए साक्षरता बहुत जरूरी है, माहना क्राइस्ट चर्च कॉलेज मे एलुमिनाई एसोसिएशन के विशेष व्याख्यान में बोल रहे थे, उन्होंने आगे कहा कि हिनुस्तान में निरक्षरता को दूर करना किसी चुनौती से कम नहीं,
