Breaking News

Uncategorized

एनएसएस विशेष शिविर एआई उपयोग शपथ एवं मतदाता जागरूकता अभियान आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 16 फरवरी दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा लल्लनपूर्वा बस्ती में संचालित सात दिवसीय विशेष शिविर के षष्टम् दिवस पर एआई जिम्मेदार उपयोग की शपथ तथा मतदाता जागरूकता से संबंधित विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही के निर्देशन एवं प्राचार्या प्रो. वंदना निगम के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रथम सत्र का शुभारंभ प्रातः व्यायाम एवं योगाभ्यास से हुआ। इसके उपरांत इंडिया ए आई मिशन द्वारा आयोजित ए आई समिट के अंतर्गत जिम्मेदार एआई उपयोग हेतु अधिकतम प्रतिज्ञाओं का रिकॉर्ड बनाने के प्रयास में एनएसएस स्वयंसेविकाओं ने “AI for All” की शपथ ली। स्वयंसेविकाओं ने डिजिटल तकनीक के सुरक्षित, नैतिक एवं सकारात्मक उपयोग का संकल्प लिया।

स्वल्पाहार के उपरांत द्वितीय सत्र में स्वयंसेविकाओं ने बस्ती क्षेत्र में मतदाता जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को मतदान के महत्व, मतदाता पहचान पत्र बनवाने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। रैली के माध्यम से “हर वोट की कीमत”, “मतदान ज़रूरी–लोकतंत्र मज़बूत” जैसे नारों से लोगों को प्रेरित किया गया।इस अवसर पर पोस्टर एवं स्लोगन प्रदर्शनी आयोजित की गई तथा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बालिका शिक्षा, महिला सम्मान और एआई के जिम्मेदार उपयोग का संदेश दिया गया। स्वयंसेविकाओं ने बस्तीवासियों से संवाद कर प्रत्येक निर्वाचन में मतदान करने की अपील एवं शपथ भी दिलाई।कार्यक्रम में 50 स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बस्तीवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए महिला सम्मान, डिजिटल जिम्मेदारी और मतदान जागरूकता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। शिविर को सफल बनाने में डॉ. अंजना श्रीवास्तव, डॉ. साधना सिंह, बसंत कुमार तथा ग्रुप लीडर्स वैष्णवी, सिमरन, वासु, वंशिका एवं शीतल का विशेष सहयोग रहा। अंत में राष्ट्रगान के साथ षष्टम् दिवस का समापन किया गया।

Read More »

मातृभाषाओं में अभिव्यक्ति का विराट उत्सव ‘बोली बानी’ आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता ‘बोली – बानी’ (मातृभाषाओं का त्यौहार) 21 फरवरी अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाया जाता है और इसी को क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के प्रांगण में उतारते हुए हिंदी विभाग द्वारा मातृभाषाओं में अभिव्यक्ति का विराट उत्सव ‘बोली बानी’ महाविद्यालय के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में आयोजित किया गया। विभिन्न बोलियों और मातृभाषाओं में विविध विधाओं में जैसे गीत, नृत्य, कविता, वक्तव्य, संस्मरण आदि का शानदार प्रदर्शन न केवल छात्र-छात्राओं ने किया, अपितु कॉलेज के अध्यापकों ने भी इसमें बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया।
इस कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश चंद्र श्रीवास्तव थे, विशिष्ट अतिथि इतिहास विभाग की सूफिया शहाब तथा विशेष अतिथि कॉलेज की उप प्राचार्य प्रो. श्वेता चंद थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य जोसेफ डेनियल ने की ।
अतिथियों का स्वागत स्मृति चिह्न प्रदान करके किया गया तथा विभागीय स्वागत हिंदी के शोधार्थी अर्जित पाण्डेय ने कन्नौजी बोली में किया। कार्यक्रम का आरंभ करते हुए प्रो. अनिंदिता भट्टाचार्य ने 21 फरवरी की महत्ता स्पष्ट करते हुए इस दिन मातृभाषा दिवस को मनाने का कारण बांग्ला भाषा में स्पष्ट किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं द्वारा दी गईं एक के बाद एक मोहक प्रस्तुतियों की श्रृंखला सज गई। गरिमा, शाल्वी व साक्षी ने पंजाबी नृत्य किया, आकृति व ओजस्विनी ने राजस्थानी ‘कालबेलिया’ किया तो तन्वी ने मराठी ‘लावणी’ पर प्रस्तुति दी। तनिष्का ने राजस्थानी नृत्य किया तो वर्षा ने भोजपुरी छठ पूजा के गीत पर मोहक नृत्य किया और स्वस्तिक ने नेपाली गीत पर एकल नृत्य किया। साथ ही शरद ने राजस्थानी, तनिष्का ने अवधी व शिवा ने भोजपुरी में एकल गीत प्रस्तुत किए तथा नेहा, उपासना व अंजलि ने अवधी में भांवर गीत प्रस्तुत किया। वैष्णवी ने वंशीधर शुक्ल की अवधी की कविता तथा आदर्श, अब्दुल व पूजा ने क्रमशः हरियाणवी , उर्दू व बंगाली में मातृभाषा के प्रति अपने विचार प्रकट किए।
इसके उपरांत मंच सभी की प्रस्तुतियों के लिए खोल दिया गया। इस खुले मंच पर अनेक सुन्दर प्रस्तुतियाँ शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों आदि ने दीं। तदोपरांत विशेष अतिथि प्रो. श्वेता चंद ने भी एक कविता प्रस्तुत की। साथ ही विशिष्ट अतिथि सूफ़िया शहाब ने उर्दू में अपने विचार व्यक्त किए। सारस्वत अतिथि प्रो. दिनेशचंद्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए भोजपुरी में सबको संबोधित किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य प्रो. जोसेफ़ डेनियल ने अपनी मातृभाषा मलयालम में बात करते हुए सभी को अपने देश और उसकी भाषाई विविधता के प्रति गर्व महसूस करने के प्रति प्रेरित किया।
धन्यवाद ज्ञापन हिंदी की शोधार्थी गौरांगी मिश्र द्वारा अवधी बोली में दिया गया। समस्त कार्यक्रम का कुशल संचालन अरुणेश शुक्ल द्वारा अवधी में किया गया। सुंदरम, कांची, प्रज्ञा, विख्यात, अंजलि, नेहा ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, शोधार्थी और कर्मचारी-गण उपस्थित रहे और बोलियों की विविधता का आनंद लिया।

Read More »

विश्व कुष्ठ रोग दिवस के मौके पर, सीसीपीडी द्वारा कुष्ठ रोग से जूझ रहे विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाने, मिथकों को तोड़ने और इससे जुड़े कलंक को मिटाने के लिए वर्चुअल सेमिनार आयोजित

मुख्य आयुक्त (सीसीपीडी), दिव्यांगजन, के कार्यालय ने विश्व कुष्ठ रोग दिवस के अवसर पर एक वर्चुअल सेमिनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी अधिकारियों, गैर-सरकारी संगठनों और इस क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अनुभवों का आदान-प्रदान करना, मंथन करना और कुष्ठ रोग के बारे में जागरूकता बढ़ाना था, साथ ही समाज की मुख्यधारा में प्रभावित व्यक्तियों को शामिल करने की वकालत करके मिथकों को तोड़ना और कलंक को मिटाना था। राजेश अग्रवाल, सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) एवं मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन (सीसीपीडी), ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। एस. गोविन्दराज, आयुक्त, विशिष्ट अतिथि थे। पैनल में डॉ. एस. शिवसुब्रमण्यम, वरिष्ठ वैज्ञानिक; डॉ. शिवकुमार, कुष्ठ रोग विशेषज्ञ; सुश्री निकिता सारा, द लेप्रोसी मिशन ट्रस्ट इंडिया में वकालत और संचार प्रमुख; और अंतर्राष्ट्रीय कुष्ठ संघ के अध्यक्ष डॉ. पी. नरसिम्हा राव शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत माधव साब्ले द्वारा मराठी में गाए गए एक प्रार्थना से हुई, जिसका बाद में श्री प्रवीण प्रकाश अंबस्था, डिप्टी सीसीपीडी द्वारा अंग्रेजी में अनुवाद किया गया। श्री विकास त्रिवेदी, डिप्टी सीसीपीडी, ने सेमिनार में पैनलिस्टों और प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. गोविन्दराज ने उद्घाटन भाषण दिया। राजेश अग्रवाल ने तीन दशक पहले एक युवा अधिकारी के रूप में महाराष्ट्र के जलगाँव में एक कुष्ठ रोग कॉलोनी का दौरा करने के अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग के कारण होने वाला अस्पृश्यता जाति आधारित भेदभाव से भी बदतर है, क्योंकि इसमें अपने परिवार के सदस्य भी प्रभावित व्यक्ति से दूरी बनाए रखते हैं। उन्होंने कानूनी सुधारों के महत्व और मामलों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उपचार के बाद पुनर्वास उपायों के महत्व पर भी बल दिया।एस. गोविन्दराज ने कुष्ठ रोग से जुड़े कलंक और भेदभाव को तोड़ने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत में अभी भी 750 कुष्ठ रोग कॉलोनियाँ हैं जो समाज की मुख्यधारा से अलग-थलग हैं। उन्होंने इस बीमारी से प्रभावित व्यक्तियों द्वारा सामना की जाने वाली कानूनी चुनौतियों का भी जिक्र किया और व्यापक समाधान का आह्वान किया। डॉ. एस. शिवसुब्रमण्यम ने कुष्ठ रोग का एक सिंहावलोकन प्रस्तुत किया और खुलासा किया कि भारत में वैश्विक कुष्ठ रोग के 53% मामले हैं। उन्होंने भेदभाव को खत्म करने और प्रभावित व्यक्तियों का समर्थन करने के लिए समुदाय-आधारित पुनर्वास के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. शिवकुमार ने कुष्ठ रोग के हाल के ट्रेंड पर चर्चा की, जिसमें उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सबसे कम संक्रामक बीमारियों में से एक है। उन्होंने बताया कि भारत में 700 से अधिक जिलों में से 125 जिलों में अभी भी बड़ी संख्या में मामले दर्ज हो रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि ये जिले 14 राज्यों में फैले हुए हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक 24 जिले हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार, भारत का लक्ष्य 2030 तक शून्य घरेलू स्वदेशी केस दर्ज करना है। निकिता सारा ने पीड़ितों को समाज से फिर से जोड़ने में मदद करने के अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग से मुकाबला करने में अज्ञानता सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि समय पर पता चल जाए तो कुष्ठ रोग सबसे आसानी से ठीक होने वाली बीमारियों में से एक है और स्पष्ट किया कि यह कोई विकृति या विकलांगता नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कुष्ठ रोग से जुड़ा कलंक जागरूकता की कमी के कारण उत्पन्न होता है। डॉ. पी. नरसिम्हा राव ने कुष्ठ रोग के उन्मूलन में चिकित्सीय पहलुओं और चुनौतियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इस बीमारी को जैविक रूप से अनूठी बताया और कहा कि यह दुनिया के अधिकांश हिस्सों में दुर्लभ है, लेकिन ब्राजील, भारत और इंडोनेशिया जैसे देशों में यह अभी भी चिंता का विषय है। कुष्ठ रोग से जूझने में अग्रणी सुश्री शबनम खान ने अपनी यात्रा साझा की जो कि दृढ़ता का प्रमाण है। कुष्ठ रोग और सामाजिक अस्वीकृति से जूझने के बावजूद, उन्होंने बाधाओं को पार कर अपने परिवार की पहली स्नातक बनने और एक स्वतंत्र जीवन जीने का लक्ष्य प्राप्त किया। सेमिनार का समापन कुष्ठ रोग को मिटाने और इससे प्रभावित लोगों का समर्थन करने के लिए अधिक जागरूकता, शीघ्र पता लगाने और पुनर्वास के व्यापक प्रयासों के आह्वान के साथ हुआ।

Read More »

अटल बिहारी वाजपेई जी की 100 वीं जयंती के अवसर पर नेहरू नगर स्थित अंध विद्यालय के बच्चों को दवाएं एवं स्वल्पाहार वितरित किया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर आरोग्यधाम के चिकित्सकों एवं सदस्यों ने सामाजिक व्यक्तियों के साथ मिलकर भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई जी की 100 वीं जयंती के अवसर पर नेहरू नगर स्थित अंध विद्यालय के 100 से अधिक बच्चों को बदलते मौसम में सर्दी से बचाव हेतु डेंगू, चिकनगुनिया, कोल्ड ,अस्थमा, निमोनिया प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की दवाएं एवं स्वल्पाहार वितरित किया ,
आरोग्यधाम के संस्थापक स्वर्गीय श्री आर आर मोहन जी की प्रेरणा से नेहरू नगर स्थित अंध विद्यालय में भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई जी की 100 वीं जयंती के अवसर पर नेहरू नगर स्थित अंध विद्यालय के 100 से अधिक बच्चों के निशुल्क होम्योपैथिक स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सर्दी के मौसम में होने वाले चर्म रोग दाद खाज खुजली निमोनिया कोल्ड एरिया बुखार सूखी खांसी के साथ-साथ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की निशुल्क दवाई वितरित की इसके साथ आरोग्यधाम की संस्थापिका श्रीमती पुष्पा मोहन जी ने समाज सेवियों, एवं गणमान्य व्यक्तियों के साथ मिलकर विद्यालय के बच्चों को फ्रूटी ,बिस्किट दालमोट ,चिप्स ,चॉकलेट के साथ-साथ विटामिन एवं आयरन के साथ कैल्शियम की दवाई उनके स्वास्थ्य लाभ हेतु वितरित की कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य इंद्रजीत सिंह जी ने आरोग्यधाम के चिकित्सकों डॉक्टर हेमंत मोहन जी डॉक्टर आरती मोहन जी, संस्थपिका पुष्पा मोहन जी ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक महीने में एक बार यहां पर निशुल्क होम्योपैथिक दवाई बच्चों के स्वास्थ्य लाभ हेतु वितरित की जाएगी ,कार्यक्रम की सराहना करते हुए नमामि गंगे समिति एवं पर्यावरण समिति के संयोजक श्री कृष्ण दीक्षित ने कहा कि अटल जी की जयंती के अवसर पर बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण करना आरोग्यधाम की एक अच्छी शुरुआत है इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यूपी किराना की वरिष्ट शिक्षिका मनप्रीत कौर ने कहा कि हमें इस अंध विद्यालय के लिए बढ़-चढ़कर सेवाएं देनी चाहिए, वरिष्ठ समाजसेवी श्री ओम द्विवेदी ने बच्चों को सर्दी के मौसम में ठंड से बचने की सलाह दी और कहा कि यह फास्ट फूड का सेवन करना बिल्कुल बंद कर दें,

इस अवसर पर केडी मिश्रा सुरेंद्र साहू नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी किशोर आहूजा अमित शर्मा श्रुति शर्मा अणिमा मोहन,शुभांगी शर्मा ,श्वेता मिश्रा ,सुरेश मिश्रा ,राकेश कुमार , महेंद्र सिंह गुड्डू यादव,सत्यम शुक्ला श्रीश शुक्ला ,चंद्र कुकरेजा समेत अनेकों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे वरिष्ठ होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर हेमंत मोहन और डॉ आरती मोहन जी ने बच्चों को बाहर की चीज ना खाने की सलाह देते हुए सर्दी के मौसम से बचने की सलाह दी,!!

Read More »

कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय में “India’s Amrit Kaal:A Vision for dollar 5 trillion Economy” विषय पर गेस्ट लेक्चर कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा “India’s Amrit Kaal:A Vision for dollar 5 trillion Economy” विषय पर गेस्ट लेक्चर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्त के रूप में Prof.Vandana Dwivedi,Head of Economics department,PPN PG College Kanpur विषय विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सुशोभित किया एवं भारत की आर्थिक दृष्टि और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के मार्ग के बारे में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की।

कार्यक्रम की शुरुआत गेस्ट स्पीकर प्रोफेसर वंदना द्विवेदी एवं महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर पूनम विज के द्वारा दीप प्रज्वान करके की गई।इसके पश्चात कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष,सुश्री नेहा सिंह के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने व्याख्यान के विषय का परिचय दिया और वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसके बाद अतिथि वक्ता का परिचय कराया गया। व्याख्यान में,गेस्ट स्पीकर प्रोफेसर वंदना द्विवेदी ने भारत की आर्थिक नीतियों में परिकल्पित अमृत काल की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की। वक्ता ने सरकार द्वारा किए जा रहे रणनीतिक उपायों पर चर्चा की, जिसमें बुनियादी ढांचे का विकास, डिजिटल परिवर्तन, कौशल वृद्धि और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए नीति सुधार शामिल हैं। उन्होंने इस दृष्टि को साकार करने में सतत विकास, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के महत्व पर भी जोर दिया। व्याख्यान में शिक्षा ,निवेश,विनिर्माण, सेवा और कृषि जैसे विकास को गति देने वाले प्रमुख क्षेत्रों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। वक्ता ने भारत के आर्थिक भविष्य को आकार देने में युवाओं और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, मुद्रास्फीति और बेरोजगारी जैसी चुनौतियों पर विचार किया गया और व्यावहारिक समाधान सुझाए गए। इसके बाद हुए संवादात्मक सत्र में छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारत की अर्थव्यवस्था पर वैश्विक आर्थिक रुझानों के प्रभाव से लेकर $5 ट्रिलियन लक्ष्य को प्राप्त करने में स्टार्टअप और उद्यमिता की भूमिका तक के प्रश्न पूछे गए। वक्ता के जवाब व्यावहारिक और उत्साहवर्धक थे, जिससे श्रोता प्रेरित और सूचित हुए। कार्यक्रम का समापन डॉ० शोभा मिश्रा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने अतिथि वक्ता को उनके ज्ञानवर्धक व्याख्यान के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संयोजन एवं संचालन अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष  नेहा सिंह के द्वारा किया गया कार्यक्रम में महाविद्यालय की कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय की शिक्षिकाएं एवं कुल 67 छात्राएं उपस्थित रही।

Read More »

अंतर महाविद्यालय छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 8 दिसंबर एस एन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज द्वारा अंतर महाविद्यालय छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया यह प्रतियोगिता सेठ मोतीलाल खेड़िया स्कूल में आयोजित की गई जिसमें कानपुर नगर से पांच महाविद्यालयों ने ट्रायल में प्रतिभा किया। इस अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता में टीमों की संख्या की प्रतिभागिता कम होने के कारण ट्रायल करवाया गया जिसमें 21 खिलाड़ियों का चयन किया गया। रेफरी श्री अनुज , श्री हरप्रीत , एवंअनुराग को कानपुर हैंडबॉल एसोसिएशन से आमंत्रित किया गया था।ट्रायल में कुल 35 खिलाड़ियों ने प्रतिभा किया जिसमें से 21 खिलाड़ियों को चयनित किया गया यह सभी चयनित खिलाड़ी एक हफ्ते के कैंप के बाद छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय की हैंडबॉल महिला टीम बनाकर नॉर्थ जोन अंतर विश्वविद्यालय ही प्रतियोगिता में प्रतिभा करेंगे प्राचार्य प्रोफेसर सुमन ने सभी चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी और प्रोफेसर प्रीति पांडेय जो इस कार्यक्रम की आयोजन सचिव थी उनको सफल ट्रायल हेतु बधाई दी एवं टीम को आगे और मेहनत कर कानपुर विश्वविद्यालय टीम को को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
चयनित खिलाड़ियों के नाम निम्न वत हैं– आरती देवी, दिव्यांशी सिंह ,अनामिका कुमारी ,आरोही द्विवेदी ,दीक्षा कुमारी ,दिव्या सिंह, अंकित यादव, आराध्या यादव ,प्रीति सिंह , नित्या ,मुस्कान गौतम ,अंजलि छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय से निशा विश्वकर्मा, रागिनी गिरी ,नैंसी वर्मा ,निशा, दीपिका कुमारी ए एन डी कॉलेज कानपुर से, स्वाति , प्रिया एस एन सेन बालिका विद्यालय, पीजी कॉलेज से , दीशिका सिंह VSSD कॉलेज कानपुर , जहान्वी DAV कॉलेज कानपुर इस प्रकार कुल 21 खिलाड़ियों का चयन किया गया। इन सभी खिलाड़ियों का छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय की तरफ से नॉर्थ जोन महिला हैंडबॉल अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में प्रतिभा करने वाली छात्रों के लिए चयन किया जाएगा इन सभी खिलाड़ियों के लिए एक हफ्ते का कैंप लगेगा उपरांत टीम हेतु 16 खिलाड़ियों का चयन करके विश्वविद्यालय को प्रतिनिधित्व करते हुए टीम का चयन किया जाएगा पूरे कार्यक्रम का आयोजन प्रोफेसर प्रीति पांडेय विभागध्यक्ष शारीरिक शिक्षाविभाग सेन कॉलेज के द्वारा किया गया प्राचार्य प्रोफेसर सुमन एवं शिक्षिकाओं ने आयोजन सचिव को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी। हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन सेठ मोतीलाल खेड़िया स्कूल में कराया गया जहां की प्राचार्य एवं खेल शिक्षक श्री शंकर जी ने पूर्ण सहयोग के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया ।आयोजन सचिव ने सेन प्राचार्य प्रोफेसर सुमन एवं सेठ मोतीलालविद्यालय के प्राचार्य एवं सहयोगियों को धन्यवाद प्रेषित किया।

Read More »

दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज में मनाया गया संविधान दिवस शपथ एवं अन्य गतिविधियों के साथ

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 26 अक्टूबर, दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, राजनीति विज्ञान विभाग, इतिहास विभाग एवम् चित्रकला विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही द्वारा संविधान शपथ दिलवाई गई। छात्राओं के मध्य संविधान के प्रति जानकारियां एवं जागरूकता लाने हेतु इस अवसर पर अन्य गतिविधियों में भाषण प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता तथा रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। समस्त कार्यक्रमों में 100 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग किया। महाविद्यालय प्राचार्या प्रो वंदना निगम ने संविधान दिवस के अवसर पर छात्राओं के द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो पप्पी मिश्रा, प्रो अभिलाष गौर, प्रो शिखा पांडे, प्रो उपासना वर्मा, प्रो शुभम शिवा, डॉ पूजा श्रीवास्तव, डॉ आभा पांडे, डॉ ज्योत्सना पांडे, श्री कृष्णेंद्र श्रीवास्तव आदि सभी का विशेष योगदान सराहनीय रहा।

Read More »

अप्रैल-अक्टूबर 2023 की अवधि के 436.48 बिलियन अमरीकी डॉलर की तुलना में अप्रैल-अक्टूबर 2024 के दौरान संचयी समग्र निर्यात 468.27 बिलियन अमरीकी डॉलर रहने का अनुमान है, अनुमानित वृद्धि 7.28 प्रतिशत की होगी

अक्टूबर 2024* के लिए भारत का कुल निर्यात (वस्तुएं और सेवाएं संयुक्त) 73.21 अरब अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है, जो अक्टूबर 2023 की तुलना में 19.08 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्शाता है। अक्टूबर 2024* के लिए कुल आयात (वस्तुएं और सेवाएं संयुक्त) 83.33 अरब अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है, जो अक्टूबर 2023 की तुलना में 7.77 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्शाता है।

तालिका 1: अक्टूबर 2024 के दौरान व्यापार*

    अक्टूबर 2024

(बिलियन अमेरिकी डॉलर में)

अक्टूबर 2023

(बिलियन अमेरिकी डॉलर में)

व्यापार निर्यात 39.20 33.43
आयात 66.34 63.86
सेवाएं* निर्यात 34.02 28.05
आयात 17.00 13.46
कुल व्यापार

(माल +सेवाएं) *

निर्यात 73.21 61.48
आयात 83.33 77.33
व्यापार संतुलन -10.12 -15.85

* नोट: रिजर्व बैंक द्वारा जारी सेवा क्षेत्र के नवीनतम डेटा सितंबर 2024 के लिए हैं। अक्टूबर 2024 का डेटा एक अनुमान है, जिसे रिजर्व बैंक की अगली रिलीज़ के आधार पर संशोधित किया जाएगा। (ii) अप्रैल-अक्टूबर 2023 और अप्रैल-जून 2024 के डेटा को तिमाही भुगतान संतुलन डेटा उपयोग से आनुपातिक आधार पर संशोधित किया गया है।

चित्र 1: अक्टूबर 2024 के दौरान कुल व्यापार*

अप्रैल-अक्टूबर 2024* के दौरान भारत का कुल निर्यात 468.27 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जो 7.28 प्रतिशत की सकारात्मक वृद्धि दर्शाता है। अप्रैल-अक्टूबर 2024* के दौरान कुल आयात 531.51 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जो 7.05 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

तालिका 2: अप्रैल-अक्टूबर 2024 के दौरान व्यापार*

    अप्रैल-अक्टूबर 2024

(बिलियन अमेरिकी डॉलर में)

अप्रैल-अक्टूबर 2023

(बिलियन अमेरिकी डॉलर में)

व्यापार निर्यात 252.28 244.51
आयात 416.93 394.18
सेवाएं* निर्यात 215.98 191.97
आयात 114.57 102.32
कुल व्यापार

(माल +सेवाएं) *

निर्यात 468.27 436.48
आयात 531.51 496.50
व्यापार संतुलन -63.24 -60.02

 

चित्र 2: अप्रैल-अक्टूबर 2024* के दौरान कुल व्यापार

व्यापारिक आयात-निर्यात

  • अक्टूबर 2024 के दौरान व्यापारिक निर्यात 39.20 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जबकि अक्टूबर 2023 में यह 33.43 बिलियन अमरीकी डॉलर था।
  • अक्टूबर 2024 के दौरान व्यापारिक आयात 66.34 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जबकि अक्टूबर 2023 में यह 63.86 बिलियन अमरीकी डॉलर था।

चित्र 3: अक्टूबर 2024 के दौरान व्यापारिक व्यापार

  • अप्रैल-अक्टूबर 2024 के दौरान व्यापारिक निर्यात 252.28 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जबकि अप्रैल-अक्टूबर 2023 के दौरान यह 244.51 बिलियन अमरीकी डॉलर था।
  • अप्रैल-अक्टूबर 2024 के दौरान व्यापारिक आयात 416.93 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जबकि अप्रैल-अक्टूबर 2023 के दौरान यह 394.18 बिलियन अमरीकी डॉलर था।
  • अप्रैल-अक्टूबर 2024 के दौरान व्यापारिक व्यापार घाटा 164.65 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जबकि अप्रैल-अक्टूबर 2023 के दौरान यह 149.67 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

चित्र 4: अप्रैल-अक्टूबर 2024 के दौरान व्यापारिक व्यापार

  • अक्टूबर 2024 में गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात 31.36 बिलियन अमरीकी डॉलर रहा, जबकि अक्टूबर 2023 में यह 24.56 बिलियन अमरीकी डॉलर था।
  • अक्टूबर 2024 में गैर-पेट्रोलियम, गैर-रत्न और आभूषण (सोना, चांदी और कीमती धातु) आयात 39.21 बिलियन अमरीकी डॉलर रहा, जबकि अक्टूबर 2023 में यह 37.23 बिलियन अमरीकी डॉलर था।

तालिका 3: अक्टूबर 2024 के दौरान पेट्रोलियम और रत्न एवं आभूषण को छोड़कर व्यापार

  अक्टूबर 2024

(बिलियन अमेरिकी डॉलर में)

अक्टूबर 2023

(बिलियन अमेरिकी डॉलर में)

गैर-पेट्रोलियम निर्यात 34.61 27.55
गैर-पेट्रोलियम आयात 48.04 47.72
गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात 31.36 24.56
गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न एवं आभूषण आयात 39.21 37.23

नोट: रत्न और आभूषण आयात में सोना, चांदी और मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर शामिल हैं

चित्र 5: अक्टूबर 2024 के दौरान पेट्रोलियम और रत्न एवं आभूषण को छोड़कर व्यापार

  • अप्रैल-अक्टूबर 2024 में गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात 194.17 बिलियन अमरीकी डॉलर रहा, जबकि अप्रैल-अक्टूबर 2023 में यह 178.28 बिलियन अमरीकी डॉलर था।
  • अप्रैल-अक्टूबर 2024 में गैर-पेट्रोलियम, गैर-रत्न और आभूषण (सोना, चांदी और कीमती धातु) आयात 261.92 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जबकि अप्रैल-अक्टूबर 2023 में यह 248.57 बिलियन अमरीकी डॉलर था।

तालिका 4: अप्रैल-अक्टूबर 2024 के दौरान पेट्रोलियम और रत्न एवं आभूषण को छोड़कर व्यापार

  अप्रैल-अक्टूबर 2024

(बिलियन अमेरिकी डॉलर में)

अप्रैल-अक्टूबर 2023

(बिलियन अमेरिकी डॉलर में)

गैर-पेट्रोलियम निर्यात 211.34 196.88
गैर-पेट्रोलियम आयात 309.78 294.08
गैर-पेट्रोलियम एवं गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात 194.17 178.28
गैर-पेट्रोलियम और गैर रत्न एवं आभूषण आयात 261.92 248.57

नोट: रत्न और आभूषण आयात में सोना, चांदी और मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर शामिल हैं

 

चित्र 6: अप्रैल-अक्टूबर 2024 के दौरान पेट्रोलियम और रत्न एवं आभूषण को छोड़कर व्यापार

 

सेवा व्यापार

  • अक्टूबर 2024* के लिए सेवा निर्यात का अनुमानित मूल्य 34.02 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, जबकि अक्टूबर 2023 में यह मूल्य 28.05 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • अक्टूबर 2024* के लिए सेवा आयात का अनुमानित मूल्य 17 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, जबकि अक्टूबर 2023 में यह 13.46 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

चित्र 7: अक्टूबर 2024 के दौरान सेवा व्यापार*

  • अप्रैल-अक्टूबर 2024* के दौरान सेवा निर्यात का अनुमानित मूल्य 215.98 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, जबकि अप्रैल-अक्टूबर 2023 में यह 191.97 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • अप्रैल-अक्टूबर 2024* के दौरान सेवा आयात का अनुमानित मूल्य 114.57 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, जबकि अप्रैल-अक्टूबर 2023 में यह 102.32 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
  • अप्रैल-अक्टूबर 2024* के लिए सेवा व्यापार अधिशेष 101.41 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, जबकि अप्रैल-अक्टूबर 2023 में यह 89.64 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

चित्र 8: अप्रैल-अक्टूबर 2024 के दौरान सेवा व्यापार*

  • अक्टूबर 2024 के दौरान पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में सकारात्मक वृद्धि दर्ज होने वाले उत्पादों का ब्यौरा इस प्रकार है- चावल (85.79प्रतिशत), इलेक्ट्रॉनिक सामान (45.69प्रतिशत), इंजीनियरिंग सामान (39.37प्रतिशत), फ्लोर कवरिंग सहित जूट निर्माण (37प्रतिशत), सभी वस्त्रों का आरएमजी (35.06प्रतिशत), तंबाकू (34.3प्रतिशत), हस्तशिल्प को छोड़कर निर्यात। हस्तनिर्मित कालीन (32.66प्रतिशत), कॉफी (32.38प्रतिशत), मसाले (30.91प्रतिशत), कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन (27.35प्रतिशत), अभ्रक, कोयला और अन्य अयस्क, संसाधित खनिजों सहित खनिज (25प्रतिशत), प्लास्टिक और लिनोलियम (23.3प्रतिशत), कालीन (16.78प्रतिशत), फल और सब्जियां (15.91प्रतिशत), धान्य तैयारी (अनाज) और विविध संसाधित वस्तुएं (13.35प्रतिशत), मानव निर्मित यार्न/फैब्स/मेड-अप्स आदि (12.89प्रतिशत), चमड़ा और चमड़ा उत्पाद (12.33प्रतिशत), चाय (9.3प्रतिशत), रत्न और आभूषण (8.77प्रतिशत), ड्रग्स और फार्मास्यूटिकल्स (8.21प्रतिशत), मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद (7.71प्रतिशत), काजू (7.22प्रतिशत), कपास यार्न/फैब्स/मेड-अप्स, हैंडलूम उत्पाद आदि। (6.97प्रतिशत), समुद्री उत्पाद (3.88प्रतिशत) और तिलहन (2.65प्रतिशत)।
  • अक्टूबर 2024 के दौरान चांदी (-74.76प्रतिशत), मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर (-29.46प्रतिशत), कोयला, कोक और ब्रिकेट, आदि (-28.34प्रतिशत), चमड़ा और चमड़ा उत्पाद (-19.41प्रतिशत), अखबारी कागज (-16.85प्रतिशत), परिवहन उपकरण (-11.82प्रतिशत), परियोजना सामान (-6.16प्रतिशत), उर्वरक, कच्चा और विनिर्मित (-3.99प्रतिशत), सोना (-1.43प्रतिशत), कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन (-1.39प्रतिशत) का आयात पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में नकारात्मक वृद्धि दिखाता है।
  • अप्रैल-अक्टूबर 2023 की तुलना में अप्रैल-अक्टूबर 2024* के दौरान सेवाओं के निर्यात में 12.51 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है।
  • निर्यात के लिए मूल्य में परिवर्तन के संदर्भ में अक्टूबर 2024 की तुलना में अक्टूबर 2023 में सकारात्मक वृद्धि वाले शीर्ष 5 देश हैं, सिंगापुर (197.39प्रतिशत), संयुक्त अरब अमीरात (43.32प्रतिशत), यूएसए (11.47प्रतिशत), यूके (42.12प्रतिशत) और ऑस्ट्रेलिया (60.41प्रतिशत)।
  • निर्यात के लिए मूल्य में परिवर्तन के संदर्भ में अप्रैल-अक्टूबर 2024 की तुलना में अप्रैल-अक्टूबर 2023 में सकारात्मक वृद्धि प्रदर्शित करने वाले शीर्ष 5 देश हैं- नीदरलैंड (32.92प्रतिशत), संयुक्त अरब अमीरात (15.86प्रतिशत), यूएसए (6.31प्रतिशत), सिंगापुर (20.78प्रतिशत) और यूके (16.23प्रतिशत) हैं।
  •  आयात के लिए स्रोत मूल्य में परिवर्तन के संदर्भ में अक्टूबर 2024 की तुलना में अक्टूबर 2023 में वृद्धि प्रदर्शित करने वाले शीर्ष 5 देश हैं- संयुक्त अरब अमीरात (70.37प्रतिशत), रूस (25.98प्रतिशत), ताइवान (82.76प्रतिशत), पेरू (142.69प्रतिशत) और अंगोला (425.33प्रतिशत)।
  • आयात के लिए स्रोत मूल्य में परिवर्तन के संदर्भ में अप्रैल-अक्टूबर 2024 की तुलना में अप्रैल-अक्टूबर 2023 में वृद्धि प्रदर्शित करने वाले शीर्ष 5 देश हैं- संयुक्त अरब अमीरात (55.12प्रतिशत), चीन निर्यात रक़म (9.8प्रतिशत), रूस (8.85प्रतिशत), ताइवान (45.45प्रतिशत) और अंगोला (99.84प्रतिशत)।

Read More »

सकारात्मक मनोविज्ञान के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन” विषय पर अतिथि व्याख्यान तथा भाषण प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, एस.एन. सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग द्वारा एक अतिथि व्याख्यान तथा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका विषय *”सकारात्मक मनोविज्ञान के द्वारा मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन”* था। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन से किया गया। इसके बाद अतिथि वक्ता डॉ आभा सक्सेना, कॉलेज की प्राचार्या व निर्णायक मंडल की सदस्य शिक्षिकाओं का स्वागत व सम्मान किया गया। स्वागत प्रक्रिया के बाद कॉलेज की प्राचार्य प्रो०डॉ सुमन ने अपने आशीर्वचनों से कार्यक्रम के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय के तनावपूर्ण प्रभाव को देखते हुए मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन के लिए प्रयास किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इसके बाद मनोविज्ञान विभागाध्यक्षा डॉ मोनिका सहाय ने कार्यक्रम के विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सकारात्मक मनोविज्ञान के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य में किस प्रकार वृद्धि की जा सकती है और व्यक्ति अपना जीवन और अधिक बेहतर व सकारात्मक बना सकते हैं। इसी क्रम को आगे बढ़ते हुए आमंत्रित मुख्य वक्ता ने सकारात्मक मनोविज्ञान तथा मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता को स्पष्ट किया तथा दोनों के संबंध पर प्रकाश डाला। इसके बाद प्रतियोगिता प्रारंभ की गई जिसमें प्रतिभागी छात्राओं ने अपने भाषण प्रस्तुत किये। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डाॅ पूजा गुप्ता तथा डॉ अनामिका राजपूत सम्मिलित रहे। प्रतियोगिता के निर्णय इस प्रकार रहे –
प्रथम पुरस्कार – महिमा यादव
द्वितीय पुरस्कार – अंजलि
तृतीय पुरस्कार – स्नेहा सिंह
सांत्वना पुरस्कार – सुनीता शर्मा
प्रतियोगियों को पुरस्कार वितरण के बाद कार्यक्रम समापन प्रक्रिया व धन्यवाद ज्ञापन विभाग की प्रवक्ता असिस्टेंट प्रोफेसर सुश्री प्रीति यादव ने किया। कार्यक्रम संचालन में विभागीय प्रवक्ता असिस्टेंट प्रोफेसर सुश्री मयूरिका गुप्ता ने योगदान दिया। कार्यक्रम में कॉलेज की अन्य शिक्षिकाएं व छात्राएं उपस्थित रही जिससे कार्यक्रम गरिमामय तरीके से संपूर्ण हो सका।

Read More »

डाबर रेड पेस्ट, इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) से प्रतिष्ठित सील ऑफ एक्सेप्टेन्स हासिल करने वाला भारत का पहला स्वदेशी आयुर्वेदिक ब्राण्ड बना

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर : एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए डाबर रेड पेस्ट इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) से प्रतिष्ठित सील ऑफ एक्सेप्टेन्स हासिल करने वाला भारत का पहला स्वदेशी आयुर्वेदिक ब्राण्ड बन गया है। वर्ल्ड डेंटल शो के दौरान आईडीए और डाबर रैड पेस्ट के बीच इस साझेदारी की घोषणा की गई। शो में देश भर से 500 से अधिक डेंटिस्ट (दंत चिकित्सक) और डेंटिस्ट्री (दंत चिकित्सा) पढ़ने वाले छात्र शामिल हुए थे। डेंटिस्ट इस घोषणा का स्वागत कर रहे हैं क्योंकि वे अब आयुर्वेद के प्रमाणित फॉर्मूले को अब अपनी ओरल केयर प्रेक्टिस में शामिल कर सकते हैं। पिछले 5000 सालों से आयुर्वेदिक चिकित्सा को भरोसेमंद माना जाता रहा है। वैज्ञानिक जांच के आधार पर डाबर रेड पेस्ट को इंडियन डेंटल एसोसिएशन से यह एक्सेप्टेन्स मिली है जो इस बात को तय करती है कि प्रोडक्ट सुरक्षा और प्रभाविता के मानकों पर खरा उतरता है। जांच के परिणामों में साफ हो गया है कि यह प्रोडक्ट दांतों की समस्याओं को कम करने और ओरल हेल्थ को बनाए रखने में कारगर है, अगर इसे निर्देशानुसार इस्तेमाल किया जाए। ऐसे में यह सील ऑफ एक्सेप्टेन्स, विज्ञान और आयुर्वेद के रिश्ते को नया आयाम देगी। इसके अलावा यह डाबर के लिए बेहद गर्व की बात है जो इस बैज को हासिल करने वाला पहला स्वदेशी ब्राण्ड बन गया है।’ डॉ अशोक ढोबले, मानद महासचिव, आईडीए ने कहा। यह प्रमाणित हो चुका है कि भारत का नंबर 1 आयुर्वेदिक पेस्ट- डाबर रेड पेस्ट दांतों की 7 समस्याओं से निपटने में कारगर है जैसे दांत में दर्द, मसूड़ों से खून आना, सांस में बदबू, कैविटी, दांतों का पीलापन, जर्म्स और प्लॉक जमना। 13 शक्तिशाली आयुर्वेदिक अवयवों से बना यह अनूठा फॉर्मूला मुँह की सम्पूर्ण देखभाल करता है वर्ल्ड डेंटल शो के दौरान दंत चिकित्सकों ने डाबर रेड पेस्ट के पीछे मौजूद विज्ञान का समझने में उत्सुकता जताई। इस अवसर पर प्रोडक्ट के इन्ग्रीडिएन्ट्स, उनक वैज्ञानिक नामों और फायदों को डिस्प्ले किया गया, ताकि चिकित्सक इनके फायदों के बारे में जान सकें। अभिषेक जुगरान, ईवीपी मार्केटिंग, डाबर इंडिया लिमिटेड ने इस अवसर पर खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा, ‘‘आईडीए की सील डाबर रेड पेस्ट के पेटेंटेड फॉर्मूले की दक्षता और सुरक्षा का प्रमाण है। डाबर रेड पेस्ट इस सील को हासिल करने वाला भारत का पहला स्वदेशी ब्राण्ड बन गया है। इस अवसर पर हम आईडीए की सराहना करना चाहेंगे, जो आम लोगों के मुख के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है और ऐसे टूथपेस्ट को स्वीकार्यता प्रदान दे रहा है, जो ओरल हेल्थ को सुनिश्चित करता है। उपभोक्ता पूरे भरोसे के साथ विज्ञान और आयुर्वेद के इस संयोजन डाबर रेड पेस्ट को चुन सकते हैं और किसी भी तरह की दांतों की समस्याओं से सुरक्षित रह सकते हैं।’ वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो चुका है कि डाबर रेड पेस्ट दांतों की 7 समस्याओं से सुरक्षा प्रदान कर बेहतर ओरल हेल्थ को सुनिश्चित करता है

Read More »