कानपुर 15 अगस्त, भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च कॉलेज ने भारतीय राष्ट्रवाद में सराबोर हो आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत मनाया आजादी की 75 वी वर्षगाठ,
इस वर्ष क्राइस्ट चर्च कॉलेज में सबमे स्वतंत्रता दिवस पर एक विशेष उत्साह और राष्ट्रीय गौरव की भावना भरी है। यह राष्ट्रवादी जोश और असीम उत्साह इसलिए भी है कि भारत ने आज अपनी आज़ादी के 75 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे किये और सरकार ने इसे एक हैराष्ट्रीय उत्सव में परिणित कर दिया है.
आजादी के महोत्सव के 75 वर्ष को विद्यालय के छात्रों द्वारा 11-17 अगस्त तक विविध सांकृतिक एवं बौद्धिक विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जैसे तिरंगा के साथ सेल्फी, निबंध लेखन, रंगोली प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी और 15 अगस्त को एक विशष सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम आयोजित कर किया गया. इन सभी कार्यक्रमों का आयोजन कॉलेज की सांस्कृतिक समिति के द्वारा किया गया था जिसकी संयोजिका डॉ विभा दीक्षित की कार्य समिति हिना अजमत, अर्चना, साक्षी के साथ छात्र प्रतिनिधि मानवी, वेदांत, अभिषेक, उदित, नबा आदि शामिल थे.
स्वतन्त्रता दिवस 15 अगस्त के दिन कॉलेज में महोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत हमारी आदरणीय पूर्व छात्र मुख्य अतिथि जयश्री तिवारी माननीय पूर्व न्यायधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय और प्राचार्य और सचिव प्रो. जोसेफ डेनियल द्वारा ध्वजारोहण के साथ राष्ट्रगान से हुआ। इसके बाद माननीय मुख्य अतिथि और प्राचार्य ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने स्वतन्त्रता के महत्व एवं उसके सभी के जीवन में महत्व एवं योगदान पर प्रकाश डाला. इस कार्यक्रम का संचालन कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन के सचिव श्री महलवाल ने किया। इस कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकगण डॉ. सबीना बोदरा (उप प्राचार्य), प्रो. डी. सी श्रीवास्तव, शिप्रा श्रीवास्तव, आशुतोष सक्सेना, सुजाता, सूफिया, मीतकमल, शालिनी, आदि सभी मौजूद थे.
झंडा रोहण के बाद सांस्कृतिक समिति के छात्रों द्वारा एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। छात्रों में स्वीकृति ने वंदे मातरम पर अद्भुत भरतनाट्यम किया, श्रजल और वेदांत ने स्वरचित राष्ट्रप्रेम पर कवितापाठ किया, विवेक पॉल ने पश्चिमी नृत्य से भारतीय सेना को श्रद्धांजलि दी तो हमदा, नबा एवं ग्रुप, कशिश और शेरोन ने जय हो, वतन मेरे अबाद रहे तू, और ऐ मेरे वतन के लोगों जैसे गीतों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। कॉलेज बैंड के उत्कर्ष, रूहानिका, हनी और उदित ने “संदेश आते हैं” और “वंदे मातरम” पर अप्रतिम प्रस्तुति दी। ऐसा लग रहा था मानो हर कोई राष्ट्रप्रेम के समुद्र में बह रहा हो। तत्पश्चात कॉलेज नाट्य मंच के छात्रों ने प्रसिद्ध कहानीकार मंटो की कहानी तुबा टेक सिंह पर आधारित “बंटवारे की त्रासदी” नाम से एक लघु नाटक का मंचन किया। यह बहुत ही भावनात्मक और दिल को छू लेने वाली प्रस्तुति थी जिसको सांस्कृतिक समिति की संयोजक डॉ. विभा दीक्षित के निर्देशन में तैयार किया गया था। नाटिका में नागेन्द्र, देव, उदित, अभिषेक हर्षित, प्रीती. रमा, वैशाली, साहिल आदि ने मुख्य भूमिका निभाई. कार्यक्रम का समापन एक बहुत ही उत्साह एवं देशप्रेम से भरे हुए समूह नृत्य “रंग दे बसन्ती” से किया गया जो स्वीकृति, मानवी और विवेक ने तैयार कराया था. इसमें स्वप्निल, देव, साहिल, निकिता कशिश, अंजना स्नेहा शामिल थे.
15 अगस्त “आज़ादी का अमृत महोत्सव” में छात्रों के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सब को “आज़ादी की बयार” और “स्वतंत्रता के उत्सव” के आनंद में सराबोर कर दिया था. सभी ने इस दिन को भरपूर उत्साह से मना
महिला जगत
दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज के एन एस एस वॉलिंटियर्स द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव – हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत प्रभातफेरी का आयोजन
कानपुर 13 अगस्त, भारतीय स्वरूप संवाददाता, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर द्वारा कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में एनएसएस वॉलिंटियर्स के द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव – हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत प्रभातफेरी का आयोजन किया गया। चीफ प्रॉक्टर डॉ अर्चना वर्मा जी ने प्रभात फेरी का शुभारंभ किया। प्रभात फेरी महाविद्यालय से आरंभ होकर अस्पताल घाट, मैगजीन घाट व मजार मलिन बस्तीयों तक गयी। जिसमें देशभक्ति से ओतप्रोत तराने गाए गए तथा नारे बोले गए। छात्राएं विभिन्न स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की वेशभूषा पहन कर आई जिसमें बी०ए०, पार्ट वन, सेमेस्टर-2 की छात्रा अभिव्यंजना रानी लक्ष्मीबाई बनकर आई। छात्राओं के द्वारा बस्ती वासियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन वृत्त से भी अवगत कराया गया तथा तिरंगे झंडे का वितरण किया गया। सभी वॉलिंटियर्स ने पूर्ण मनोयोग, उत्साह व उमंग के साथ में हिस्सा लिया साथ ही बस्ती वासियों ने भी पूर्ण जोश के साथ सहयोग किया।
पिया का साथ है और नैनों में अंजुरी भर सपनों की सौगात है

जिन्दगी कभी कभी नीम के पेड़ जैसी है
जरा सी धूप, जरा सी छांव की तरह है
कभी सावन के झूलों जैसी राहें हैं
कभी ऊपर कभी नीचे…. ऊंची ऊंची पेंगे
और कभी मंझधार में अटकती राह है
मेंहदी के रंग से सजी मोहब्बत
हाथों से आती सोंधी खुशबू
यूं ही इश्क़ बयां कर देती है
चूड़ी बिंदिया काजल और कंगन
ये तो यूं ही जलाती हैं
राह देखता मायका कुछ अपनों का
जहाँ बहू बेटियों की बात ही निराली है
संग सहेलियों के कुछ पल बिताने
सावन की बात ही निराली है
तीजों का त्यौहार,
भाई बहनों का प्यार
मांओं का दुलार
झूले पर खेलता बचपन
सावन की यह हरियाली बड़ी मतवाली है
पिया का साथ है और
नैनों में अंजुरी भर
सपनों की सौगात है
देखो वो आया परदेसी
कि अब मिलन की आस है
~ प्रियंका वर्मा महेश्वरी
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संघर्ष यात्रा पर एसएन सेन महाविद्यालय के प्रेक्षागृह में प्रोजेक्टर के माध्यम से एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रस्तुतीकरण
आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर स्वतंत्रता दिवस एक संघर्ष यात्रा पर एसएन सेन महाविद्यालय के प्रेक्षागृह में प्रोजेक्टर के माध्यम से एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रस्तुतीकरण किया गया ।जिस का दृश्यावलोकन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सुमन के साथ ही अन्य शिक्षिका बहने, सभी कर्मचारी गण एवं छात्राओं ने किया।इसके साथ ही स्वतंत्रता संघर्ष के विविध विषयों को चित्रांकन के द्वारा पोस्टर में उतारा गया।
एसएन सेन महाविद्यालय के सभागार में कूटा कार्यकारिणी की बैठक संपन्न
कानपुर 5 अगस्त, एसएन सेन महाविद्यालय के सभागार में कूटा की कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें सभी शिक्षक गण उपस्थित थे।
पूर्व प्राचार्य डॉ निशा अग्रवाल ने नवनियुक्त प्राचार्या डा सुमन को उत्तरी पहनाकर उनका स्वागत किया। प्राचार्या को समस्त शिक्षकों मोमेंटो भी प्रदान किया। प्राचार्या डॉ सुमन ने सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की और यह आवाहन किया कि जैसे एस एन सेन कालेज काअब तक नाम आगे रहा है वैस ही हम सब मिलकर आगे भी इसको बहुत ऊंचाइयों तक ले जाएंगे ।इस बैठक में महाविद्यालय की सभी शिक्षक बहने उपस्थित थी। डॉक्टर निशी, डॉक्टर रेखा, डॉ गार्गी ,डॉ प्रीति पांडे, डॉ प्रीति सिंह ,श्री हरीश जी ,डॉ मीनाक्षी व्यास, कैप्टन ममता, डॉ रचना श्रीमती किरन,डॉ मोनिका डा निशा वर्मा, शुभा,डॉ अनामिका, डा पूजा, डा रीता, संगीता, डा रश्मि, रिचा सिंह,आदि भी उपस्थित रहे।
एस.एन. सेन. बालिका विद्यालय पी.जी कॉलेज कानपुर में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत भारतीय संस्कृति के पुरोधा गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती मनाई गई
कानपुर 4 अगस्त, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस.एन. सेन. बालिका विद्यालय पी.जी कॉलेज कानपुर में आजादी का अमृत महोत्सव पर हिंदी विभाग द्वारा भारतीय संस्कृति के पुरोधा गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती मनाई गई ।
इस समारोह में गोस्वामी जी द्वारा रचित श्री रामचरितमानस के बालकांड पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सुमन ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया।
प्राचार्या जी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीरामचरितमानस भारतीय संस्कृति का एक नीतिपरक ग्रंथ है। यह लोकग्रंथ एवं साहित्य का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता है। गोस्वामी तुलसीदास जी का जीवन गुरु शिष्य परंपरा को भारतीय समाज में स्थापित करता है।
उन्होंने छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की ।
नित्या गुप्ता, भूमि बाजपेई, अमृता शुक्ला,शुभी त्रिपाठी,पलक तिवारी व सौम्या गुप्ता ने श्री रामचरितमानस के बालकांड की चौपाइयों का गायन करते हुए उनकी व्याख्या प्रस्तुत की।
प्राचार्या मैडम का स्वागत हिंदी विभाग की विभागाध्यक्षा श्रीमती रचना शर्मा, डॉ शुभा बाजपेई श्रीमती रेशमा तथा अंकिता ने किया। कार्यक्रम में हिंदी विभाग की सहायक आचार्य रेशमा ने तुलसीदास जी की रचना कर्म पर प्रकाश डाला
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्रवक्ता गण .कर्मचारी गण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ शुभा बाजपेई ने तथा धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग की विभागाध्यक्षा श्रीमती रचना शर्मा ने किया।
टॉप्स से जुड़ी एथलीट और साई एनसीओई की प्रशिक्षु बिंद्यारानी का अपने पहले राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन
भारोत्तोलक बिंद्यारानी देवी ने राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 55 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता। उन्होंने कुल 202 किलोग्राम (86 किलोग्राम + 116 किलोग्राम) वजन उठाए।
एक दशक से भी कम समय पहले मणिपुर की बिंद्यारानी देवी ने अपने गृहनगर इम्फाल में भारोत्तोलन शुरू किया था। इस खेल को अपनाने के तीन साल से भी कम समय में उन्हें इम्फाल स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) में प्रशिक्षण के लिए चुन लिया गया और वहां से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
एनसीओई इंफाल में तीन साल के निरंतर प्रशिक्षण एवं कड़ी मेहनत के बाद, उन्हें वर्ष 2019 में साई के पटियाला क्षेत्रीय केंद्र में भारतीय राष्ट्रीय शिविर के लिए चुना गया।
उन्होंने राष्ट्रमंडल सीनियर चैंपियनशिप 2019 में स्वर्ण पदक, वर्ष 2021 में इसी स्पर्धा में रजत पदक सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की है। लेकिन उन्हें सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि 30 जुलाई की रात को हासिल हुई जब उन्होंने बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेलों में 55 किलोग्राम भार वर्ग की स्पर्धा में रजत पदक जीता।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारे राष्ट्रमंडल चैंपियन राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अच्छी तरह से तैयार हों, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (एमवाईएएस) ने साई के तहत अपने प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता के लिए वार्षिक कैलेंडर (एसीटीसी) योजना के माध्यम से कुल 25,63,336 रुपये का वित्त पोषण प्रदान किया। इस योजना ने अन्य भारोत्तोलकों के साथ बिंद्यारानी को भी राष्ट्रमंडल खेलों से एक महीना पहले बर्मिंघम भेजा ताकि वे इस बड़ी स्पर्धा से पहले वहां के वातावरण के साथ तालमेल बिठा सकें। बिंद्यारानी टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम के विकास समूह का भी हिस्सा हैं, जो उन्हें 25,000 रुपये के मासिक भत्ते के साथ-साथ अपने प्रशिक्षण के लिए व्यक्तिगत सहायता प्राप्त करने की अनुमति देता है।
Read More »भारोत्तोलक मीराबाई चानू द्वारा कल भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतने के बाद जेरेमी ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारोत्तोलन में भारत का दूसरा स्वर्ण जीता
मुख्य बिंदु:
- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जेरेमी को उनके इस असाधारण प्रदर्शन के लिए बधाई दी
- खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने जेरेमी को बधाई देते हुए कहा, भारत को उन पर गर्व है
मिजोरम से आने वाले 19 साल के जेरेमी लालरिननुंगा ने रविवार को राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन के 67 किलोग्राम वर्ग में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक जीता। जेरेमी ने इन खेलों में कुल 300 किग्रा (स्नैच में 140 किग्रा + सी एंड जे में 160 किग्रा) भार उठाया, जो सीडब्ल्यूजी में एक रिकॉर्ड है। इस मुकाबले में भारत का ये पांचवां पदक और दूसरा स्वर्ण पदक है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर और देश के कोने-कोने से भारतीयों ने जेरेमी को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
इससे पहले, मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 201 किलोग्राम भार उठाकर राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता था। संकेत सरगर ने पुरुषों की 55 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीता। बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 55 किग्रा भारोत्तोलन में रजत पदक और पुरुषों के 61 किग्रा भारोत्तोलन वर्ग में गुरुराजा पुजारी ने कांस्य पदक जीता।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने जेरेमी को उनकी इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट किया:
“बधाई हो जेरेमी लालरिननुंगा, राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीतने के लिए। इस आयोजन के दौरान चोट लगने के बावजूद आपके आत्मविश्वास ने आपको ये इतिहास रचने और लाखों लोगों को प्रेरित करने में सक्षम बनाया। आपकी पोडियम फिनिश ने भारतीयों को गर्व से भर दिया है। आपको ऐसे और गौरवशाली के पलों की शुभकामनाएं।”
Read More »उपराष्ट्रपति ने पुलिस बलों से महिलाओं के विरूद्ध अपराधों से संबंधित मामलों में अतिरिक्त संवेदनशील होने की अपील की
उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज पुलिस बलों से महिलाओं के विरूद्ध अपराधों से संबंधित मामलों में अतिरिक्त संवेदनशील होने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ने और उनकी पूरी क्षमता हासिल करने में सहायता करने के लिए महिलाओं के लिए सुरक्षित और सक्षमकारी वातावरण का निर्माण करना बहुत महत्वपूर्ण है।
श्री नायडू ने आज चेन्नई में तमिलनाडु पुलिस को प्रेसिडेंशियल पुलिस कलर प्रदान करने के बाद पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुए, देश में सबसे अधिक महिला पुलिस थानों और महिला पुलिस कर्मियों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या होने के लिए तमिलनाडु की प्रशंसा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाएं हमारी आधी आबादी हैं लेकिन उन्हें विभिन्न मोर्चों पर समान अवसर प्रदान करने के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
उपराष्ट्रपति ने साइबर अपराध और अन्य आधुनिक अपराधों जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी और सीमापारी अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए, पुलिस बलों को 21वीं सदी के इन अपराधों से प्रभावी और त्वरित तरीके से निपटने के लिए कुशल बनने और खुद को इसके लिए तैयार होने की अपील की। उन्होंने वैज्ञानिक तर्ज पर साइबर अपराध के मामलों की जांच के लिए विभिन्न साइबर फोरेंसिक सुविधाओं के अलावा 46 साइबर अपराध पुलिस स्टेशनों के साथ एक अलग साइबर अपराध विंग की स्थापना के लिए तमिलनाडु पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा, “कौशल का उन्नयन, अवसंरचना में सुधार और पुलिस बल के रवैये में बदलाव पुलिस के आधुनिकीकरण के प्रमुख तत्व हैं।”
उपराष्ट्रपति ने सांस्कृतिक कलाकृतियों की चोरी या नुकसान के मामलों की जांच के लिए देश में अपनी तरह की पहली विशिष्ट आइडल विंग के लिए भी तमिलनाडु पुलिस की सराहना की। हाल ही में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से दस अमूल्य प्राचीन मूर्तियों को हासिल करने के लिए राज्य पुलिस की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपनी सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत और सभ्यतागत मूल्यों को संरक्षित करने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने तमिलनाडु राज्य की समृद्ध और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए इसे हमारी आगामी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
श्री नायडू ने तमिलनाडु को भारत के सबसे समृद्ध और औद्योगिक राज्यों में से एक बताते हुए कहा कि तेजी से बदलते सामाजिक-आर्थिक माहौल में पुलिस की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “राज्य की आर्थिक प्रगति के पीछे प्राथमिक कारणों में से एक सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में राज्य पुलिस की भूमिका है, जो राज्य में निवेश, वृद्धि और विकास को आकर्षित करने के लिए आवश्यक है।”
पुलिस कर्मियों के लिए कई कल्याणकारी उपायों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, उपराष्ट्रपति ने बल में तनाव तथा शराब और आत्महत्याओं की रोकथाम के लिए एक “पुलिस कल्याण कार्यक्रम” शुरू करने के लिए विशेष रूप से तमिलनाडु की प्रशंसा की। उन्होंने तमिलनाडु की 1076 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा की प्रभावी ढंग से रक्षा करने और मछुआरों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने में राज्य पुलिस की भूमिका की भी सराहना की।
प्रेसीडेंट पुलिस कलर की प्रस्तुति को तमिलनाडु पुलिस के इतिहास में एक गौरवशाली क्षण बताते हुए, श्री नायडू ने तमिलनाडु पुलिस के सभी सेवारत और सेवानिवृत्त सदस्यों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “यह आपके समर्पण, पेशागत कुशलता, निस्वार्थ सेवा और बलिदान का सम्मान है”। उपराष्ट्रपति ने तमिलनाडु में पुलिस महानिदेशक और पुलिस बल के प्रमुख डॉ. सी. सिलेंद्र बाबू को भी बधाई दी, जिनके नेतृत्व में तमिलनाडु पुलिस के कर्मियों ने परेड का एक प्रभावशाली प्रदर्शन किया। श्री नायडू ने इस अवसर पर एक डाक टिकट भी जारी किया।
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान, चेन्नई के साथ अपने जीवन भर रहे जुड़ाव का स्मरण किया और इसे एक सुंदर शहर बताया जो उन्हें सदा विस्मित करता रहा है। उपराष्ट्रपति के रूप में यह श्री नायडू की चेन्नई की अंतिम यात्रा थी।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री श्री एम.के. स्टालिन, तमिलनाडु सरकार के मुख्य सचिव डॉ. वी. इराई अंबू, तमिलनाडु के पुलिस बल के प्रमुख, डीजीपी डॉ. सी. सिलेंद्र बाबू, तमिलनाडु सरकार के एसीएस (गृह) श्री के. फणींद्र रेड्डी, चेन्नई के डीजीपी/सीओपी श्री शंकर जीवाल, तमिलनाडु सर्कल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री बी. सेल्वा कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
Read More »एस.एन .सेन .बालिका विद्यालय पी.जी कॉलेज कानपुर में हिंदी विभाग द्वारा प्रेमचंद जी की जयंती मनाई गई
कानपुर 30सितंबर, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस.एन .सेन . बालिका विद्यालय पी.जी कॉलेज कानपुर में हिंदी विभाग द्वारा प्रेमचंद जी की जयंती मनाई गई। कॉलेज की डा प्रीति सिंह के अनुसार 31 जुलाई को प्रेमचंद जयंती होती है। किंतु 31 तारीख को रविवार की छुट्टी होने के कारण एक दिन पहले ही समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में कथा सम्राट के आईने में (पंच परमेश्वर) कहानी पर छात्राओं द्वारा परिचर्चा कराई गई ।इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंध तंत्र समिति के अध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्रा, सचिव प्रोवीर कुमार सेन, संयुक्त सचिव शुभ्रो सेन,प्राचार्य डॉ निशा अग्रवाल, समाज शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ निशी प्रकाश, डॉ रेखा चौबे ,अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ अलका टंडन तथा हिंदी विभाग की विभागाध्यक्षा रचना शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य जी ने कहा कि प्रेमचंद की कहानियां आज भी प्रासंगिक हैं। चाहे आर्थिक पक्ष हो.चाहे राजनीतिक या सामाजिक वे आज भी हमें झकझोर देती हैं। नित्या गुप्ता शुभी त्रिपाठी ,भूमि बाजपेई,पलक अमृता शुक्ला मनीषा कुमारी ने पंच परमेश्वर कहानी पर अपने विचार व्यक्त किए ।
मुख्य अतिथि का स्वागत हिंदी विभाग की सहायक आचार्य श्रीमती रेशमा ने किया। कार्यक्रम में हिंदी विभाग की प्रवक्ता श्रीमती अंकिता शर्मा, दीपाली गुप्ता ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इस अवसर पर महाविद्यालय की सभी प्रवक्ता गण, कर्मचारी गण उपस्थित थे ।
कार्यक्रम का संचालन डॉ शुभा बाजपेयी ने तथा धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग की विभागाध्यक्षा रचना शर्मा ने किया।
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