मुख्य सचिव, उ०प्र० शासन के शासनादेश एवं अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा, उ०प्र० शासन द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश के क्रम में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र० प्रयागराज द्वारा दिनांक 24 फरवरी, 2025 से दिनांक 12 मार्च, 2025 के मध्य आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2025 की तैयारियों के सम्बन्ध में आज चन्द्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, आजाद नगर, कानपुर नगर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक आवश्यक बैठक सम्पन्न हुयी, जिसमें मनोज पाण्डेय, पुलिस उपायुक्त, कानून एवं व्यवस्था, कमिश्नरेट, राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), अरूण कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, राजीव कुमार यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक (द्वितीय) के साथ समस्त जोनल/सेक्टर/स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केन्द्र व्यवस्थापक, बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कन्ट्रोल रूम प्रभारियों तथा सचल दल प्रभारी उपस्थित रह बैठक में सर्वप्रथम जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों/प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों का स्वागत करते हुये माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र० प्रयागराज द्वारा आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2025 को सम्पन्न कराये जाने हेतु शासन/विभाग द्वारा निर्धारित मानकों एवं प्राविधानों के सम्बन्ध में अवगत कराते हुये महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की गयी। तदुपरान्त पुलिस उपायुक्त, कानून एवं व्यवस्था, कमिश्नरेट द्वारा परिषदीय परीक्षा वर्ष 2025 में केन्द्रों एवं केन्द्रों पर परीक्षा सम्पन्न कराने, प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा तथा सचल दल की सुरक्षा हेतु सशस्त पुलिस बल उपलब्ध कराये जाने एवं पुलिस द्वारा पूर्ण सहयोग दिये जाने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। इसी कम में अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) द्वारा केन्द्र व्यवस्थापक, बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को एक टीम के रूप में परीक्षा सम्पादित कराये जाने के निर्देश प्रदान किये गये। साथ ही उनके द्वारा विगत वर्षों की परीक्षाओं में आई कठिनाइयों के निराकरण पर भी अपने विचार रखे। जिलाधिकारी द्वारा शासन द्वारा निर्गत शासनादेशों के अनुपालन में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उ०प्र० प्रयागराज द्वारा आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2025 को निर्धारित तिथि से पूर्व अपने-अपने केन्द्र पर समस्त व्यवस्थायें पूर्ण कराते हुये परीक्षा को सकुशल, शुचितापूर्ण एवं नकलविहीन सम्पन्न कराये जाने हेतु महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा करते हुये निर्देश प्रदान किये गये। जिलाधिकारी द्वारा परीक्षाथियों को परीक्षा देने में कोई समस्या न हो, इस पर केन्द्र व्यवस्थापकों को विशेष निर्देश प्रदान किये गये। बैठक में अन्त में अरूण कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारियों, प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुये बैठक की कार्यवाही की घोषणा की गयी।
देश प्रदेश
क्राइस्ट चर्च कॉलेज की एनएसएस इकाई ने निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया
भारतीय स्वरूप संवाददाता सात दिवसीय एनएसएस शिविर के पाँचवें दिन, क्राइस्ट चर्च कॉलेज की एनएसएस इकाई ने अक्षी आई केयर सेंटर के सहयोग से श्री रतन शुक्ल महापालिका इंटर कॉलेज में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। जुही परमपुरवा क्षेत्र के निवासियों सहित विभिन्न आयु वर्ग के लगभग चालीस लोगों ने भाग लिया और विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा आधुनिक उपकरणों के साथ नेत्र जांच कराई गई। स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के संचालन में अहम भूमिका निभाई।
अक्षी आई केयर सेंटर के डॉ. मलय चतुर्वेदी ने छात्र स्वयंसेवकों के साथ कंप्यूटर विजन सिंड्रोम पर इंटरएक्टिव सत्र आयोजित कर, स्वस्थ आँखों के लिए उपयोगी सुझाव और उपाय साझा किए।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल, कृष्णा सिंह एवं विनय गौतम के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में एनएसएस प्रमुख आर्यन जायसवाल एवं आयुष कुमार भारती का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के समापन पर स्थल पर ही स्वयंसेवकों को स्वादिष्ट भोजन परोसा गया।
स्थानीय लोगों एवं अस्पताल कर्मचारियों ने इस आयोजन की व्यवस्था और स्वयंसेवकों की मेहनत की सराहना की।
Read More »केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा के लिए आज नई दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता की। ये बैठकें 4 और 5 फरवरी 2025 को भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठकों की कड़ी में आयोजित की गईं। केंद्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठकों में शामिल हुए।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ‘आतंकवाद मुक्त जम्मू-कश्मीर’ के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अर्धसैनिक बलों की भूमिका पर बल दिया। गृह मंत्री ने बीएसएफ को कड़ी निगरानी, बॉर्डर ग्रिड को मजबूत करने और निगरानी तथा सीमा सुरक्षा के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग कर अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से ‘जीरो घुसपैठ’ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अमित शाह ने सीआरपीएफ को भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ तालमेल जारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने सीआरपीएफ की शीतकालीन कार्य योजना की समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि एरिया डोमिनेशन में कोई कमी न रहे। श्री शाह ने जम्मू क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने और ऊँचाई वाले क्षेत्रों पर दबदबा बनाने का भी निर्देश दिया।
गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे खुफिया तंत्र की भी समीक्षा की और उन्हें गुणवत्तापूर्ण खुफिया जानकारी उत्पन्न करने के लिए कवरेज और पैठ बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने ख़ुफ़िया जानकारी उत्पन्न करने के लिए प्रौद्योगिकी के महत्व को दोहराया। श्री शाह ने कहा कि आतंक-वित्तपोषण की निगरानी, नार्को-आतंकवादी मामलों पर कड़ी पकड़ और जम्मू-कश्मीर में पूरे terror ecosystem को खत्म करना मोदी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ‘Zero Terror Plan’ के लिए मजबूत कदम उठाये जा रहे हैं।
गृह मंत्री ने राष्ट्र-विरोधी तत्वों द्वारा किए जा रहे नकारात्मक प्रचार का मुकाबला करने पर ध्यान केंद्रित करने का भी निर्देश दिया ताकि लोगों के सामने सही तस्वीर पेश की जा सके। उन्होंने एजेंसियों के बीच तालमेल जारी रखने के निर्देश दिए और टेक्नोलॉजी अपनाने तथा इंटेलिजेंस बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन दिया।
अमित शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को खत्म करने के लिए तालमेल के साथ काम जारी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि इस प्रयास में सभी संसाधन उपलब्ध कराये जाएंगे।
Read More »जूही परंपुरवा में क्राइस्ट चर्च कॉलेज की NSS इकाई ने लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज की NSS इकाई ने अपने सात दिवसीय शिविर के तीसरे दिन सेंट कैथरीन अस्पताल के सहयोग से जूही परंपुरा बस्ती में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया। इस शिविर में मधुमेह, रक्तचाप, छाती, पेट, अंगों, दंत व मानसिक स्वास्थ्य की जांच की गई।
शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, विशेष रूप से बच्चे अपने माता-पिता के साथ शामिल हुए। सेंट कैथरीन अस्पताल की मेडिकल टीम ने आवश्यक उपकरणों के साथ जांच की, जिसमें NSS स्वयंसेवकों ने पूरी व्यवस्था और सहायता प्रदान की।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल, कृष्णा सिंह और विनय गौतम के नेतृत्व में हुआ। NSS प्रमुख आर्यन जायसवाल और आयुष कुमार भारती ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अस्पताल स्टाफ ने स्वयंसेवकों के सहयोग और आतिथ्य की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने स्थल पर बने भोजन का आनंद लिया। इस सफल आयोजन ने स्वास्थ्य सेवा को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
Read More »दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने विधायक सुरेन्द्र मैथानी के माध्यम से दिव्यांगजन को वितरित किया निःशुल्क सहायक उपकरण
कानपुर नगर दिनांक 12 फरवरी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित कृत्रिम अंग / सहायक उपकरण योजना के अन्तर्गत दिव्यांगजन को उनकी आवश्यकतानुसार उपकरण दिये जाने हेतु सेवायोजन कार्यालय परिसर, कानपुर मे कैम्प का आयोजन किया गया जिसमे विधायक गोविन्द नगर सुरेन्द्र मैथानी एवं नीरज बाजपेयी, पार्षद सर्वोदय नगर के कर कमलों द्वारा 80 दिव्यांगजन को ट्रायसाकिल, 02 दिव्यांगजन को व्हीलचेयर, 05 दिव्यांगजन को स्मार्ट केन आदि सहायक उपकरण का वितरण करने के साथ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के सामान्य निर्वाचन-2024 मे दिये गये दायित्व के निर्वहन मे उल्लेखनीय, उत्कृष्ठ कार्य करने वाले 20 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। जिसमें समाजसेवी वीरेन्द्र कुमार, अल्पना कुमारी, हृदेश सिंह, इन्द्रजीत सिंह, सत्यम, देवेन्द्र शुक्ला, अनुपम प्रकाश, दीपक कनौजिया, राहुल कुमार, प्रशान्त कुमार, मृदुल रावत आदि शामिल थे।
विधायक सुरेन्द्र मैथानी ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील है। कृत्रिम अंग सहायक उपकरण वितरित कर दिव्यांगजनों को आत्म निर्भर बनाने का काम सरकार कर रही है।
कार्यक्रम में उज्जवल कुमार सिंह, सहायक निदेशक, सेवायोजन कानपुर मण्डल कानपुर, विनय उत्तम, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कानपुर नगर, वीरेन्द्र कुमार, हृदेश सिंह एवं जिला कार्यालय के स्टाफ प्रशान्त कुमार, वरिष्ठ सहायक, मृदुल रावत, गोविन्द मिश्रा आदि उपस्थित थे।
Read More »क्राइस्ट चर्च कॉलेज की एनएसएस ईकाई द्वारा साप्ताहिक शिविर का उद्घाटन
कानपुर 10 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर की एनएसएस ईकाई द्वारा साप्ताहिक शिविर का औपचारिक उद्घाटन समारोह किया गया जिसमें अतिथि के रूप में विद्या देवी पार्षद वार्ड संख्या 16 के साथ पंकज त्रिवेदी जी और नगर निगम इंटर कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक अखिलेश कुमार सिंह जी ने उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रोग्राम ऑफिसर के स्वागत भाषण से हुआ इसके बाद अतिथि गण का स्वागत सुंदर पौधें देकर स्वागत किया गया फिर पार्षद जी द्वारा स्वयंसेवकों को संबोधित किया गया और शिविर के लिए शुभकामनाएं दी गई और इंटर कॉलेज के अध्यापक द्वारा भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया कार्यक्रम का समापन स्वयंसेविका अनमता शहाबुद्दीन के धन्यवाद् ज्ञापन से हुआ उदघाटन समारोह के बाद पार्षद जी द्वारा उद्यान का निरीक्षण कराया गया जिसका उद्देश्य पेड़ पौधें की पहचान करना जिससे हम बस्ती में उपयोगी पौधे को लेके निवासी लोगो को जागरुक कर सके इस उद्देश्य से स्वयंसेवकों द्वारा उद्यान का निरीक्षण किया गया और साथ ही एक सप्ताह में लगने वाले कैंप के विवरण का पेम्प्लेट्स घर घर जाके वितरण किया गया परंपुरवा बस्ती छेत्र में लोगों को जागरुक भी किया गया। जिसके बाद लंच ब्रेक लिया गया जिसमें स्वयंसेवकों द्वारा स्वयं पूरी सब्जी बनाई गई और आनंद से सेवन किया गया। प्रोग्राम ऑफिसर डॉ अंकिता जैस्मीन लाल ,कृष्ण सिंह और विनय गौतम की उपस्थित में कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। हेड आर्यन जायसवाल और आयुष कुमार भारती का अहम योगदान रहा।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तैयार: जल्द ही लंबी दूरी की आरामदायक यात्रा के एक नये युग की शुरूआत
यह उपलब्धि रेलवे के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण छलांग है, जो यात्रियों के लिए एक बेरोकटोक और शानदार यात्रा के अनुभव का वादा करती है। आराम, गति और अत्याधुनिक तकनीक पर ध्यान केन्द्रित करने के साथ, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें आने वाले दिनों में लोगों को रात भर की यात्राओं की नई परिभाषा देने के लिए तैयार हैं।
उत्पादन बढ़ाना: प्रगति की ओर
प्रोटोटाइप के सफल परीक्षण के बाद, अप्रैल से दिसम्बर 2025 के बीच नौ और वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट का उत्पादन निर्धारित है। ये ट्रेनें लंबी दूरी के यात्रियों के लिए दक्षता और सुविधा के मामले में नए मानक स्थापित करेंगी।
इस स्लीपर ट्रेन को पहली बार उपलब्ध कराने के लिए, भारतीय रेलवे ने 17 दिसम्बर 2024 को 24 डिब्बों की वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट के 50 रेक के लिए प्रोपल्शन इलेक्ट्रिक्स का एक बड़ा ऑर्डर दिया है। यह ऑर्डर दो प्रमुख भारतीय निर्माताओं को दिया गया है, जो 2 साल की समय सीमा में तैयार होने की संभावना है।
- मेसर्स मेधा 33 रेकों के लिए प्रोपल्शन प्रणाली की आपूर्ति करेगी
- मेसर्स अलस्टॉम 17 रेकों के लिए प्रोपल्शन प्रणाली की आपूर्ति करेगा
भविष्य की ओर देखते हुए, 24 डिब्बों वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का पूरे पैमाने पर उत्पादन 2026-27 में शुरू होगा, जिससे रेलवे प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता और मजबूत होगी।
गति और विलासिता के साथ रेल यात्रा में एक नया अध्याय
इन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को स्वचालित दरवाजों, बेहद आरामदायक बर्थ, ऑन बोर्ड वाईफ़ाई और विमान जैसी सुविधाओं के साथ डिज़ाइन किया गया है। भारत में यात्री पहले से ही मध्यम और छोटी दूरी पर देश भर में चलने वाली 136 वंदे भारत ट्रेनों के माध्यम से रिक्लाइनिंग सीटों और विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव का आनंद ले रहे हैं। वंदे भारत स्लीपर के साथ, यात्री विश्वस्तरीय सुविधाओं और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस एक शांत, सुगम और अधिक आरामदायक यात्रा की उम्मीद कर सकते हैं। मेक इन इंडिया पहल के तहत डिज़ाइन और निर्मित, यह ट्रेन भारत की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और रेल यात्रा में बदलाव लाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
जैसे-जैसे भारतीय रेलवे इस परिवर्तनकारी परियोजना के साथ आगे बढ़ रहा है, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट आधुनिक, कुशल और यात्री-अनुकूल परिवहन की राष्ट्र की कल्पना का प्रमाण है।
ट्रेन की विशेषताएं
- ट्रेन में 16 डिब्बे हैं जिन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है: एसी प्रथम श्रेणी, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर
- ट्रेन की कुल क्षमता 1,128 यात्रियों की है
- ट्रेन में क्रैश बफ़र्स, विरूपण ट्यूब और अग्नि अवरोधक दीवार है
- ट्रेन में स्वचालित दरवाजे, गद्देदार बर्थ और ऑनबोर्ड वाईफाई है
भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के परिचालन से पहले, अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ट्रायल रन का विश्लेषण करने के बाद अंतिम प्रमाणपत्र जारी करेगा। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ट्रेन की अधिकतम गति का मूल्यांकन करेंगे।
बाली जात्रा ओडिशा की समृद्ध समुद्री विरासत और संस्कृति की याद दिलाती है
यह उत्सव ओडिशा सरकार के संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है। संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एक स्वायत्त संगठन, पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी), कोलकाता, जात्रा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सांस्कृतिक दल उपलब्ध कराकर इस आयोजन में भाग लेता है, जिसका विवरण इस प्रकार है:
वर्ष | कार्यक्रम का नाम | तारीख | कार्यक्रम का स्थान | प्रस्तुत कला रूप |
2022-23 | बालीजात्रा कटक उत्सव – 2022 | 8 से 16 नवंबर, 2022 | कटक | बिहू, नागारा, कुचिपुड़ी, पुरुलिया छऊ, और झूमर नृत्य |
2023-24 | बालीजात्रा कटक उत्सव – 2023 | 27 नवंबर से 4 दिसंबर, 2023 | कटक | पुरुलिया छाऊ, पाइका, समकालीन नृत्य और ओडिसी |
2024-25 | बालीजात्रा कटक उत्सव – 2024 | 15 से 22 नवंबर, 2024 | कटक | बिहू, कथक, पुरुलिया छाऊ और रफ/डोगरी |
आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत, राज्य के गौरवशाली समुद्री इतिहास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कटक स्थित ओडिशा समुद्री संग्रहालय में तीन दिवसीय राष्ट्रीय धारा कार्यक्रम ‘समुद्रमंथन’ का आयोजन किया गया, जो ऐतिहासिक बाली जात्रा के उद्घाटन के साथ ही शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में देश के समुद्री इतिहास के स्थानों, परंपराओं, जहाज निर्माण, नौवहन, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान, समुद्री सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कानून पर पैनल और गोलमेज चर्चाएँ शामिल थीं।
जात्रा ओडिशा और अन्य राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सुगम बनाता है, जिससे अंतर-सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा मिलता है। जात्रा पारंपरिक ओड़िया कलाकारों, शिल्पकारों और संगीतकारों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच भी प्रदान करता है जो ओड़िया संस्कृति को पुनर्जीवित करने और बढ़ावा देने में मदद करता है।
यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी।
अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों ने अंतरिक्ष में भारत की वाणिज्यिक संभावनाओं को बढ़ा दिया है”
अंतरिक्ष विभाग और मार्च 2019 के दौरान गठित इसरो की वाणिज्यिक शाखा के अंतर्गत आने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम (पीएसई) न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) मांग आधारित दृष्टिकोण पर एंड-टू-एंड वाणिज्यिक अंतरिक्ष व्यवसाय करने के लिए जिम्मेदार है और इसका काम अंतरिक्ष संबंधी गतिविधियों में भारतीय उद्योगों की भागीदारी बढ़ाना है।
एनएसआईएल की उपलब्धियां इस प्रकार हैं:
- एनएसआईएल ने डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए जीएसएटी-एन1 [जीएसएटी-24] नाम से अपना पहला मांग आधारित संचार (डिमांड ड्रिवेन कम्युनिकेशन) उपग्रह मिशन शुरू किया। इस उपग्रह को 23 जून 2022 को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया और इसने अपनी परिचालन सेवाएं शुरू कर दी हैं।
- एनएसआईएल ने ब्रॉडबैंड सेवा की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अपना दूसरा मांग आधारित संचार उपग्रह मिशन, जीएसएटी-एन2 [जीएसएटी-20] शुरू किया। इस उपग्रह को 19 नवंबर 2024 को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया और यह सैटेलाइट वर्तमान में इन-ऑर्बिट (कक्षीय) परीक्षण और स्थापित होने की प्रक्रिया से गुजर रहा है।
- आज तक, एनएसआईएल ने पीएसएलवी, एलवीएम3 और एसएसएलवी पर 124 अंतर्राष्ट्रीय और 3 भारतीय ग्राहकों के उपग्रहों को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया है।
- एनएसआईएल वर्तमान में 15 इन-ऑर्बिट संचार उपग्रहों का स्वामित्व/संचालन कर रहा है और विभिन्न भारतीय उपयोगकर्ताओं को उनकी डीटीएच, वीसैट, टीवी, डीएसएनजी, आईएफएमसी, ब्रॉडबैंड और अन्य अनुप्रयोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अंतरिक्ष-आधारित सेवाएं प्रदान कर रहा है।
- एनएसआईएल मई 2023 से वैश्विक ग्राहकों को पृथ्वी अवलोकन (अर्थ ऑब्जर्वेशन) उपग्रह डेटा प्रसारित कर रहा है।
- मिशन सहायता सेवाओं के भाग के रूप में, एनएसआईएल ने भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों को ग्यारह (11) लॉन्च व्हीकल ट्रैकिंग सपोर्ट और नौ (9) लॉन्च और अर्ली ऑर्बिट फेज (एलईओपी) और टेलीमेट्री ट्रैकिंग और कमांड (टीटीसी) समर्थन प्रदान किया है, जिसमें एक डीप स्पेस मिशन सपोर्ट भी शामिल है।
- इसरो द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को भारतीय उद्योग को हस्तांतरित करने की दिशा में, एनएसआईएल ने 75 प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
- एनएसआईएल भारतीय और वैश्विक ग्राहकों की सेवा आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से संचार और पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों का निर्माण करने के लिए उनके साथ मिलकर काम कर रहा है ।
- एनएसआईएल एक लाभकारी कंपनी है। स्थापना के बाद से एनएसआईएल का राजस्व नीचे दर्शाया गया है:
(करोड़ रुपये में)
विवरण | वित्त वर्ष
2019-20 |
वित्त वर्ष
2020-21 |
वित्त वर्ष
2021-22 |
वित्त वर्ष
2022-23 |
वित्त वर्ष
2023-24 |
परिचालन से राजस्व | 314.52 | 513.31 | 1674.77 | 2842.26 | 2116.12 |
अन्य आय | 7.25 | 12.40 | 57.08 | 98.16 | 279.08 |
कुल राजस्व | 321.77 | 525.71 | 1731.84 | 2940.42 | 2395.20 |
कुल व्यय | 253.20 | 312.87 | 1272.69 | 2324.07 | 1591.60 |
कर पूर्व लाभ | 68.57 | 212.84 | 459.15 | 616.35 | 803.59 |
डॉ. सिंह ने बताया कि एनएसआईएल भारतीय सरकारी उपयोगकर्ताओं की एस-बैंड संचार आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपना तीसरा मांग आधारित संचार उपग्रह मिशन, जीएसएटी-एन3 शुरू करेगा। जीसैट-एन3 उपग्रह को 2026 की पहली तिमाही के दौरान प्रक्षेपित करने का प्रस्ताव है।
एनएसआईएल ने 5 ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के एंड-टू-एंड उत्पादन के लिए मेसर्स एचएएल [मेसर्स एचएएल और एलएंडटी कंसोर्टिया के प्रमुख भागीदार] के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। पहला पूर्ण रूप से भारतीय उद्योग द्वारा निर्मित पीएसएलवी 2025 की दूसरी तिमाही के दौरान प्रक्षेपित किए जाने की परिकल्पना की गई है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि आने वाले वर्षों में, एनएसआईएल उपग्रहों और प्रक्षेपण यानों के निर्माण, प्रक्षेपण सेवाएं प्रदान करने, ग्राउंड सेगमेंट की स्थापना, संचार और पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों का उपयोग करके अंतरिक्ष-आधारित सेवाएं प्रदान करने, मिशन सहायता सेवाएं और भारतीय उद्योगों को इसरो द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण सहित सभी क्षेत्रों में अपने वाणिज्यिक अंतरिक्ष व्यवसाय का और विस्तार करने का प्रयास करेगा। एनएसआईएल द्वारा परिकल्पित कुछ प्रमुख व्यावसायिक परियोजनाओं में मांग आधारित मॉडल पर कई संचार उपग्रहों का निर्माण, उभरते वैश्विक प्रक्षेपण सेवा बाजार का व्यावसायिक रूप से दोहन करने के लिए पीपीपी मोड की साझेदारी के तहत भारतीय उद्योग के माध्यम से एलवीएम3 रॉकेट को साकार करने की रणनीतियों की खोज, कई पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों के निर्माण में निजी भारतीय उद्योगों को सक्षम बनाना आदि शामिल हैं।
“अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की क्षमता को बढ़ाने” के तहत जून 2020 के दौरान सरकार द्वारा घोषित अंतरिक्ष क्षेत्र सुधारों की सराहना करते हुए, डॉ. सिंह ने कहा, “इसने एनएसआईएल को प्रभावी वाणिज्यिक दोहन के लिए मांग आधारित मॉडल में मिशन शुरू करने में सक्षम बनाया है। इसके अलावा, भारतीय उद्योग के माध्यम से पीएसएलवी, एलवीएम3 और एसएसएलवी जैसे इसरो के परिचालन प्रक्षेपण यानों के निर्माण के लिए एनएसआईएल के प्रयासों से भारतीय औद्योगिक क्षेत्र को उस स्तर तक बढ़ने में मदद मिलेगी, जहां भारतीय उद्योग एंड-टू-एंड रॉकेट का निर्माण कर सके। अंतरिक्ष राज्य मंत्री ने कहा कि इसरो द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों को निजी कंपनियों को हस्तांतरित करने के एनएसआईएल के प्रयासों से देश में अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को समृद्ध करने और वाणिज्यिक वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।”
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाएं
दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार लक्ष्य और संगठित परिवारों की संख्या अनुलग्नक में दी गई है।
नेल्लोर जिले में 37 ग्रामीण ब्लॉक हैं। सभी 37 ब्लॉक डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत आते हैं।
. पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान आंध्र प्रदेश के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत केन्द्रीय आवंटन 756 करोड़ रुपये था। हालांकि, केवल 377 करोड़ रुपये ही जारी किए गए, पूरी राशि जारी न किए जाने का कारण सरकारी खजाने से धन प्राप्ति में देरी के कारण राज्य द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत न करना है।
चालू वित्त वर्ष के लिए, आंध्र प्रदेश के लिए डीएवाई-एनआरएलएम के तहत स्वीकृत केन्द्रीय हिस्सा 307.69 करोड़ रुपये है, जिसमें से अब तक 76.92 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (एमकेएसपी), डीएवाई-एनआरएलएम के तहत एक प्रमुख उप-योजना है जिसका उद्देश्य महिला किसानों की आजीविका और आय को बढ़ाना है। मंत्रालय ने 2011 में एमकेएसपी के तहत 13 परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, जिसमें आंध्र प्रदेश का नेल्लोर जिला भी शामिल है। दो बार विस्तार दिए जाने के बाद, ये परियोजनाएं वित्त वर्ष 2019 में बंद कर दी गईं।
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए, मंत्रालय ने एमकेएसपी के लिए 64 करोड़ रुपये की राशि के लिए वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी, जिसमें केन्द्रीय हिस्सा 38.40 करोड़ रुपये और राज्य का हिस्सा 25.60 करोड़ रुपये है। वर्ष के विशेष लक्ष्य में एमकेएसपी के तहत 160 एकीकृत कृषि क्लस्टर (आईएफसी) का निर्माण शामिल था। हालांकि, आंध्र प्रदेश एसआरएलएम ने वित्त वर्ष 2023-24 में एमकेएसपी के लिए योजना के लिए बजट नहीं खोला है। इसके अलावा, एमकेएसपी बजट प्रावधान वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) टीआरएसवाई-07 रिपोर्ट में परिलक्षित नहीं हुआ, जो व्यय विभाग के मानदंडों के अनुसार केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के तहत धन जारी करने के लिए अनिवार्य है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15 करोड़ रुपये (9 करोड़ रुपये केन्द्रीय हिस्सा + 6 करोड़ रुपये राज्य हिस्सा) में से, केन्द्रीय हिस्से के एक हिस्से के रूप में 2.25 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (एसवीईपी) के संबंध में, जो एक मांग-संचालित योजना है, राज्य से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रस्तुत करने के आधार पर धनराशि जारी की जाती है। हालांकि, आंध्र प्रदेश एसआरएलएम ने एसवीईपी घटकों के लिए आवश्यक डीपीआर और वित्तीय दस्तावेज प्रस्तुत करने में देरी की है, जिससे कार्यक्रम के लिए समय पर धनराशि जारी करने में भी देरी हुई है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 13.33 करोड़ रुपये (8 करोड़ रुपये केन्द्रीय हिस्सा + 5.33 करोड़ रुपये राज्य हिस्सा) के कुल आवंटन में से, 2 करोड़ रुपये की राशि केन्द्रीय हिस्से के रूप में जारी की गई है।
राज्य | एचएच संगठित करने का लक्ष्य | 24 मार्च तक संगठित किए गए |
अंडमान | 15000 | 13194 |
आंध्र प्रदेश | 8310437 | 9075289 |
अरूणाचल | 84623 | 86937 |
असम | 3593756 | 4111020 |
बिहार | 12332493 | 12713428 |
छत्तीसगढ़ | 3193288 | 3068427 |
दमन दीव और एनएच | 12469 | 12695 |
गोवा | 45947 | 50298 |
गुजरात | 3031245 | 2783006 |
हरियाणा | 730806 | 629094 |
हिमाचल प्रदेश | 338103 | 378542 |
जम्मू और कश्मीर | 950000 | 797805 |
झारखंड | 3446912 | 3589607 |
कर्नाटक | 3239273 | 4207374 |
केरल | 3644669 | 4002478 |
लद्दाख | 13315 | 11710 |
लक्षद्वीप | 3692 | 4363 |
मध्य प्रदेश | 6549384 | 5829972 |
महाराष्ट्र | 7109774 | 6525549 |
मणिपुर | 207481 | 99810 |
मेघालय | 418254 | 444264 |
मिजोरम | 73765 | 85934 |
नगालैंड | 121260 | 135261 |
ओडिशा | 6610605 | 5757107 |
पुदुच्चेरी | 45931 | 59714 |
पंजाब | 657609 | 543246 |
राजस्थान | 4600000 | 3804161 |
सिक्किम | 58557 | 56675 |
तमिलनाडु | 3675989 | 4023939 |
तेलंगाना | 4593482 | 4820573 |
त्रिपुरा | 460061 | 494675 |
उत्तर प्रदेश | 11807911 | 9507884 |
उत्तराखंड | 491114 | 497777 |
पश्चिम बंगाल | 11593207 | 12251533 |
कुल | 102060412 | 100473341 |
यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।