एक दिवसीय समीक्षा बैठक के दौरान, अभियान के अंतर्गत बुनियादी ढांचे (व्यक्तिगत और सामुदायिक परिसंपत्तियों) के तेजी से और मिशन मोड में पूरा होने से संबंधित प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की गई, जिसमें सेवा सम्पूर्णता को प्राप्त करने के लिए सभी प्रयासों में सामंजस्य स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों ने संभावित कार्यान्वयन बाधाओं की पहचान करने और उनका समाधान करने के लिए विचार-मंथन सत्रों में भाग लिया। यह भी देखा गया कि समय पर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के भीतर कई स्तरों पर एक व्यवस्थित और नियमित समीक्षा तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए और विभागों के बीच समन्वय को गांव स्तर तक दोहराया जाना चाहिए।
चर्चा के मुख्य बिन्दु इस बात पर केंद्रित थे कि सभी गांवों में अभियान के तहत रेखांकित पहलों का पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
- स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी और कौशल विकास की आवश्यक सेवाओं के साथ बहुउद्देश्यीय केंद्रों (एमपीसी) का निर्माण पूरा करना और उनका संचालन शुरू करना।
- सभी वन धन विकास केंद्रों (वीडीवीके) में व्यावसायिक गतिविधियों की शुरुआत
- पक्के मकानों की स्वीकृति और निर्माण का फिजिकल कार्य पूरा करना तथा आधार जैसे आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- बस्तियों के स्थान के अनुसार सड़कों की सफाई और चल रही सड़क परियोजनाओं को समय पर पूरा करना
- सभी आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) का संचालन और निगरानी
- जीपीएस जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग से मोबाइल मेडिकल यूनिटों (एमएमयू) के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को मजबूत करना।
- लक्षित संख्या में पीवीटीजी छात्रावासों की स्वीकृति और निर्माण
- ऑन-ग्रिड या ऑफ-ग्रिड समाधानों के माध्यम से पीवीटीजी घरों का विद्युतीकरण
- नल जल आपूर्ति द्वारा गांवों का सम्पूर्ण कवरेज
- दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए मोबाइल टावरों की स्थापना
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) योजना के सम्पूर्णता स्तरों का आकलन करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में इस समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इसमें पीएम-जनमन मिशन में भाग लेने वाले 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव/सचिव स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में भाग लेने वाले मंत्रालयों के अधिकारी भी शामिल हुए।
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के व्यापक विकास और कल्याण को सुनिश्चित करना है। 2023 में जनजातीय गौरव दिवस पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा घोषित यह अभियान देश में सबसे अधिक वंचित समुदायों के लिए समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है जो विकसित गांव, विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता करेगा।
अभियान को राज्य सरकारों के सहयोग से 9 मंत्रालयों और विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है। इससे संबंधित फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरा करने और समयबद्ध तरीके से सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रित, मिशन-मोड दृष्टिकोण अपनाया गया है।
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