नरेन्द्र मोदी सरकार ने पूरे पूर्वोत्तर के विकास के लिए कई आयाम खोले हैं और प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि 8 राज्य भारत की अष्टलक्ष्मी हैं
पिछले साढ़े सात सालों में 1500 बार मंत्रियों का और अनेक बार प्रधानमंत्री जी का दौरा हुआ है
कई समस्याएं थीं, जैसे, बांग्लादेश के साथ लैंड बाउंड्री विवाद थे जिन्हें समझौतों के ज़रिए सुलझाया गया, ब्रू-रियांग समझौता किया गया, बोडो समझौता किया गया, 8 उग्रवादी समूहों से समझौता किया गया
लगभग 3000 उग्रवादी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं और ये युवा आज देश के विकास में लगे हैं
पिछली सरकार के तीन आई (I) थे, Instability (अस्थिरता), Insurgency (उग्रवाद) and Inequality (असमानता), हमने तीन नए आई (I) बनाए, Innovation, Infrastructure and Integration
Integration से ही देश एक हो सकता है और पूर्वोत्तर एक हो सकता है
मणिपुर की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए रानी मां का और सारे जनजाति नेताओं का संग्रहालय निर्माण करने का काम किया, 31 जनजातीय संग्रहालय देशभर में बनेंगे जिनमें से एक मणिपुर में बनेगा
मोदी जी ने हम सबके सामने एक कल्पना रखी है कि एक विकसित नॉर्थईस्ट हो, जो पूरे पूर्वी भारत के विकास का आधार बने और इसी के माध्यम से ही पूर्वी भारत और पूरे भारत का विकास होगा
अंडमान में महाराजा कुलचंद्र और उनके साथियों ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी थी और उन्हें जहां रखा गया था उस जगह का नाम माउंट मणिपुर रखकर मोदी सरकार ने उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने का काम किया है
ये मणिपुर ही है जिसे नेताजी ने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष में स्वतंत्रता का प्रवेश द्वार बनाया था और आईएनए का पहला झंडा फहराने का मौक़ा भी मणिपुर को ही मिला
आज़ादी के 75 वर्ष और मणिपुर के 50 वर्ष सभी मणिपुरवासियों के लिए नए संकल्प और नई ऊर्जा के वर्ष हैं
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ़्रेन्सिंग के माध्यम से मणिपुर में 2,450 करोड़ रूपए के 29 विकास कार्यों का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। इस अवसर पर मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन बिरेन सिंह भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ये मणिपुर ही है जिसे नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष में स्वतंत्रता का प्रवेश द्वार बनाया था और आईएनए का पहला झंडा फहराने का मौक़ा भी मणिपुर को ही मिला। ये वर्ष देश की आज़ादी का 75वां वर्ष है और पूरा देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और मणिपुर भी अपने गठन के 50 वर्ष पूरे करेगा। एक मायने में आज़ादी के 75 वर्ष और मणिपुर के 50 वर्ष सभी मणिपुरवासियों के लिए नए संकल्प और नई ऊर्जा के वर्ष हैं।
श्री अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री एन बिरेन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार बड़े मनोयोग के साथ पांच साल से मणिपुर के चप्पे-चप्पे के विकास के लिए प्रतिबद्ध दिखाई पड़ती है। पहाड़ हो, घाटी हो, वन हो, गांव हो या शहर हो, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व हर जगह विकास पहुंचाने में मुख्यमंत्री श्री एन बिरेन सिंह ने सफलता प्राप्त की है। जब भी मणिपुर का इतिहास लिखा जाएगा, इन पांच सालों को एक स्वर्णिम युग के रूप में लिखा जाएगा। इन पांच सालों में विकास तो हुआ ही है, ना कभी ब्लॉकेड हुआ, ना बंद हुआ और हिंसा पर भी काफ़ी हद तक क़ाबू पा लिया गया है। जब तक स्थिरता और शांति नहीं होती, तब तक विकास असंभव है और बिरेन सिंह सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि इसने स्थिरता, स्थायित्व, शांति के साथ-साथ विकास के रास्ते भी मणिपुर के लिए खोल दिए हैं। पिछली सरकारों की ब्लॉकेड, हिंसा, भ्रष्टाचार, बंद, ड्रग्स के व्यापार की परंपरा से बाहर निकलने के लिए मणिपुर ने एक सफल प्रयास किया है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कल ही 3000 करोड़ रूपए से अधिक की 21 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया और पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी। पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य, शहरी विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, कला और संस्कृति जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हुए अनेक योजनाएं शुरू कीं। आज इस कार्यक्रम के माध्यम से 265 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 15 परियोजनाओं का उद्घाटन और 2194 करोड़ रुपए की 14 परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ है। लगभग 2450 करोड़ रूपए की लागत की परियोजनाओं की भेंट नरेन्द्र मोदी जी और बिरेन सिंह जी ने मणिपुर को दी है। दो ही दिनों में लगभग 5500 करोड़ रूपए की लागत के काम मणिपुर की जनता के लिए शुरू हुए हैं। पिछली सरकारों के लंबे शासन में ऐसे दो दिन बता दीजिए जब 5500 करोड़ रूपए के कामों का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ हो।
श्री अमित शाह ने कहा कि आने वाले समय में ऑर्गेनिक खाद्य उत्पादों का महत्व बहुत बढ़ने वाला है। इसी दिशा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए आर्गेनिक मिशन की विशेष योजना के तहत सैनजेनथोंग में ऑर्गेनिक आउटलेट, कोल्ड रूम और पैकिंग यूनिट का उद्घाटन हुआ है। उन्होंने मणिपुर के सभी किसानों से कहा कि ऑर्गेनिक खेती को उन्होंने जिस प्रकार स्वीकार किया है और आपको उपज के ज़्यादा से ज़्यादा दाम मिल पाएं, इसके लिए भारत सरकार और मणिपुर सरकार कटिबद्ध हैं और इसी दिशा में आज ये नई शुरूआत हुई है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 8 करोड़ रूपए की लागत से 75 ट्यूबवेल भी आज शुरू हुए। 16 करोड़ रुपए की लागत से पशुपालन क्षेत्र की पांच परियोजनाओं की शुरूआत हुई है, 21 करोड़ करोड़ रुपए की लागत से चार पुलों और सड़कों का निर्माण होने वाला है, 36 करोड़ रुपए की कुल लागत से तैयार चार जलापूर्ति परियोजनाओं से करीब 31,000 लोगों को कल से ही पेयजल की आपूर्ति होगी। पर्यटन स्थल के लिए भी काम हुआ है, मणिपुर विश्वविद्यालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय छात्रावास भवन समर्पित हुआ है और आज
पुलिस स्मारक का भी उद्घाटन हुआ है। इसके साथ ही 46 करोड़ रुपए की लागत से सिरूई महोत्सव के लिए अवसंरचना विकास परियोजना की घोषणा, ‘हुनर हब’ का विकास, इम्फाल में ‘ओलंपियन पार्क’ की आधारशिला, लुवांगसांगबाम में क्रिकेट स्टेडियम में विस्तारित सुविधाएं, सेनापति, नोनी और काकचिंग ज़िलों में 108 करोड़ रुपए की लागत से जिला न्यायालय परिसरों की आधारशिला, 22 करोड़ रुपए की लागत से थंगापत में पांच जलाशयों और दो प्रमुख परियोजनाएं और ढेर सारे वॉटर बॉडी के लिए ख़र्च, 450 एकड़ के लम्फेलपत वाटरबॉडी के विकास की योजना भी बनाई है। न्यू डेवलपमेंट बैंक से 650 करोड़ रुपए के वित्त पोषण के साथ 450 एकड़ के लम्फेलपत वाटरबॉडी के कायाकल्प की परियोजना और न्यू डेवलपमेंट बैंक से लगभग 1149 करोड़ रुपए के वित्त पोषण से इंफाल शहर के लिए एकीकृत सीवरेज प्रणाली के दूसरे चरण का काम शुरू होगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पहले सरकारें 24 घंटे राजनीति करती थीं, हथियारबंद समूहों का साथ देती थीं, फ़िरौती, अपहरण, ड्रग्स का व्यापार और बंद के नाम पर जनता को परेशान करती थीं। लेकिन अब केन्द्र में मोदी सरकार और मणिपुर में बिरेन सिंह सरकार, दोनों ने मिलकर डबल इंजिन विकास से मणिपुर का परिचय कराया है। अंडमान में महाराजा कुलचंद्र और उनके साथियों ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी थी और उन्हें जहां रखा गया था उस जगह का नाम माउंट मणिपुर रखकर मोदी सरकार ने उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने का काम किया है। हमने राज्य की सभी मांगों को समझा, स्वीकारा और आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने पूरे पूर्वोत्तर के विकास के लिए कई आयाम खोले हैं और प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि 8 राज्य भारत की अष्टलक्ष्मी हैं। मोदी जी ने भारत सरकार के सभी मंत्रियों को आदेश दिया है कि 15 दिन में हर मंत्री एक ना एक राज्य में उपस्थित हो और ज़िला कक्षा का कार्यक्रम करे। पिछले साढ़े सात सालों में 1500 बार मंत्रियों का और अनेक बार प्रधानमंत्री जी का दौरा हुआ है। श्री शाह ने कहा कि कई समस्याएं थीं, जैसे, बांग्लादेश के साथ लैंड बाउंड्री विवाद थे जनिहें समझौतों के ज़रिए सुलझाया गया, ब्रू-रियांग समझौता किया गया, बोडो समझौता किया गया, 8 उग्रवादी समूहों से समझौता किया गया। लगभग 3000 उग्रवादी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं और ये युवा आज देश के विकास में लगे हैं।
श्री अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकार के समय में तीन आई (I) थे, Instability (अस्थिरता), Insurgency (उग्रवाद) and Inequality (असमानता)। हमने तीन नए आई (I) बनाए हैं, Innovation, Infrastructure and Integration। Integration से ही देश एक हो सकता है और पूर्वोत्तर एक हो सकता है। उन्होंने कहा कि तीन आई के फ़ॉर्म्यूला और प्रधानमंत्री जी के अष्टलक्ष्मी के आह्वान को हम ज़मीन पर उतारें। मणिपुर को हमने ब्लॉकेड फ्री किया है, बंद फ्री किया है और विकास के रास्ते पर चलाया है और मौका मिलने पर मणिपुर को हम ड्रग फ्री बनाने का काम भी सुनिश्चित करेंगे। मणिपुर की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए रानी मां का और सारे जनजाति नेताओं का संग्रहालय निर्माण करने का काम किया, 31 जनजातीय संग्रहालय देशभर में बनेंगे जिनमें से एक मणिपुर में बनेगा। उन्होंने बहुत अच्छे कोविड मैनेजमेंट के लिए भी मुख्यमंत्री और मणिपुर सरकार को बधाई दी और कहा कि सभी 16 जिलों में ऑक्सीजन संयंत्र भी लग गए हैं। मोदी जी ने हम सबके सामने एक कल्पना रखी है कि एक विकसित नॉर्थईस्ट हो, जो पूरे पूर्वी भारत के विकास का आधार बने और इसी के माध्यम से ही पूर्वी भारत और पूरे भारत का विकास होगा।
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जहां आज महिलाएं इस डिजिटल युग में नित नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और सबसे बड़ी बात कि गरीब तबकों से आई हुई महिलाएं, लड़कियां भी अपने सपनों को पंख लगा कर उड़ रही हैं ऐसे में महिलाओं की यह सोच एक सवाल खड़ा करती है कि आज भी पति द्वारा पीटा जाना जायज है। नेशनल फैमिली हेल्थ द्वारा एक सर्वे के दौरान यह खुलासा हुआ है और आंकड़ों पर गौर किया जाये तो घरेलू हिंसा को सही ठहराने वाली महिलाओं का प्रतिशत अधिक है. उनमें- आंध्र प्रदेश 83.6℅, कर्नाटक 76.9℅, मणिपुर 65.9℅ और केरल 52.4℅ शामिल हैं। जबकि हिमाचल प्रदेश, नागालैंड और त्रिपुरा में घरेलू हिंसा को लेकर स्वीकृति सबसे कम देखी गई। केवल 14.2℅, 21.3℅ ही सहमति व्यक्त की।
बैठक में उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर नगर को निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण बेहतर इलाज मिले, किसी भी प्रकार के कोई सनसाधनों की कोई कमी नहीं है बेहतर प्रबंधन से हम बड़ी से बड़ी महामारी पर कंट्रोल कर सकते हैं इसके लिए पूरी क्षमता से कार्य करना है और समस्त डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी मेहनत करनी है आप लोगो की कड़ी मेहनत की वजह से ही कोरोना पर अंकुश लगा है ।उन्होंने कहा कि कहा कहा डेंगू की टेस्टिंग होगी इसके लिए लोगो को बताया जाए तथा नगर निगम के स्थापित कंट्रोल रूम नम्बर 18001805159 पर अब डेंगू, मलेरिया व वायरल फीवर से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी दी जाती रहे इसके लिए लोगो को बताया जाए।शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में साफ सफाई होती रहे इसके लिए कार्य योजना बना कर अभियान के तौर पर सफाई कराई जाए तथा लोगो को सफाई हेतु जागरूक भी किया जाता रहे । उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की सम्पूर्ण तैयारी कर ली जाए इसके लिए मार्च व अप्रैल माह में ऑक्सीजन की कितनी आवश्यकता थी उसका आकलन मुख्य चिकित्सा अधिकारी सरकारी व्यवस्था व समस्त प्राइवेट व्यवस्था के अनुसार कर ले ।जो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने है इसके लिए जो समस्या आ रही है उनका निस्तारण युद्ध स्तर पर करे ताकि प्लांट जल्दी स्थापित हो सके।उन्होंने हैलेट अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की तो उपस्थित डॉक्टर ने बताया कि हैलेट अस्पताल में 200 बेड तीसरी लहर के लिए बनाया गया था जिसमें वतर्मान में वारयल फीवर के मरीज भर्ती है। आने वाले मरीजों को बेहतर ईलाज किया जा रहा है ।उन्होंने कहा कि यहां आने वाले मरीज को प्रत्येक दशा में बेहतर इलाज मिले इसमे लापरवाही नही होनी चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी कानपुर नगर, मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर , नगर आयुक्त , मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आदि उपस्थित रहे।
कल्याणपुर ब्लॉक के कुरसौली गांव में डेंगू के मरीज निकले थे ।गांव की व्यवस्थाओं का जायजा लेने प्रमुख सचिव ,सिंचाई एवं जल संसाधन /नोडल अधिकारी, कानपुर नगर श्री अनिल गर्ग पहुचे थे कुरसौली गांव । गाँव के निरीक्षण के बाद प्राथमिक पाठशाला पहुचे जहाँ पर अध्यापिका बच्चों को पोयम पढा रही थी अचानक कक्षा में नोडल अधिकारी पहुचे और शांति से पीछे खड़े हो गए । उन्होंने पढ़ाई जा रही पोयम के विषय में and come and play का हिंदी मतलब अनुराग से पूछा तो कक्षा 4 की आकांक्षा और अनुराग ने बताया कि and come and play का मतलब आओ खेले तब नोडल अधिकारी अनिल गर्ग ने अनुराग को अपना पाइलेट पेन उपहार स्वरूप दिया। तथा आकांक्षा को जिलाधिकारी से उनका पाइलेट पेन दिलवाया । क्लास में सभी बच्चों से उन्होंने कुछ न कुछ पूछा और सभी बच्चों को पेन दिए दिलवाए । एडीएम आपूर्ति व बीएसए ने भी बच्चों को अपने पेन दिए ।नोडल अधिकारी ने बच्चों से पूछा कि आप को खाना क्या मिलता है ? इस पर बच्चों ने बताया कि खिचड़ी, डाल रोटी सब्जी आदि मिलता है। इस पर जिलाधिकारी ने पूछा कि खाना स्वादिष्ट रहता है कि नही तो बच्चे ने बताया कि खाना स्वादिष्ट मिलता है ।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग का निरीक्षण किया। सबसे पहले वे हैलट इमरजेंसी पहुंचे ।जहां पर प्राचार्य मेडिकल कॉलेज ने अपने यहां बनाए गए प्रदूषण मुक्त वार्डो में जाने वाली 70 प्रतिशत सुविधा यूक्त एंबुलेंस जिसकी कीमत भी बहुत कम है नोडल अधिकारी को दिखाया ।जिसके प्रयोग से लोगो को आसानी से सीधे वार्डो में शिफ्ट कराया जा सकता है । तत्पश्चात नोडल अधिकारी द्वारा हैलट में बनाए गए कोविड -1 आइसोलेशन, आईसीयू, पीआईसीयू वार्ड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों से उनका हाल जाना और जानकारी करते हुए पूछा कि आप को बाहर से दवा तो नहीं लानी पड़ती यहां के इलाज से आप सन्तुष्ट है। इस पर मरीज के तीमारदार द्वारा बताया गया कि उन्हें बाहर से दवाई नहीं लानी पड़ती है इलाज बहुत अच्छा मिल रहा है। उन्होंने पूछा कि आपको अस्पताल से खाना मिल रहा है इस पर संबंधित तीमारदार द्वारा बताया गया कि खाना भी अस्पताल से मिल रहा है जब मैं अपने मरीज को लेकर यहां आई थी तब उसकी हालत बहुत खराब थी। अब स्थिति बहुत अच्छी है ।उन्होंने वार्ड के अन्य मरीजों से भी जानकारी की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आईसीयू वार्ड को देखा जहां पर संपूर्ण व्यवस्थाएं पूर्णमिली। उन्होंने प्राचार्य मेडिकल कॉलेज को निर्देशित करते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज मिले इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए तथा अस्पताल परिसर में विशेष अभियान चलाकर सफाई रखी जाए ताकि डेंगू के मच्छर पनप न सके और लोगों को जागरूक भी किया जाता रहे। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, जिलाधिकारी कानपुर नगर, अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व, मेडिकल कॉलेज के अन्य संबंधित डॉक्टर उपस्थित रहे।
कानपुर 31 अगस्त, नगर आयुक्त द्वारा नगर भ्रमण के अन्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय सम्बन्धित क्षेत्र के जोनल अधिकारी, जोनल स्वच्छता अधिकारी व जोनल अभियन्ता आदि सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय नगर निगम से सम्बन्धित समस्याओं को देखा गया एवं मौके पर ही सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये, चुन्नीगंज ट्रान्सफर स्टेशन के पास मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण पाया गया। मौके पर उपस्थित जोनल अधिकारी को निर्देशित किया गया कि तत्काल एक अभियान प्रस्तावित कराकर इस मार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाया जाये। आगे बढने पर इसी मार्ग पर बांयी ओर कूड़ा बिखरा मिला एवं लकड़ी, झाड़ियों के बड़े बड़े ढेर लगे पाये गये। इस पर जोनल स्व0 अधिकारी से जवाब तलब करते हुये अप्रसन्नता व्यक्त की गई एवं निर्देशित किया गया कि इस स्थल की पूर्णतयः सफाई कराने के उपरान्त जोनल अभियन्ता यहॉ एक व्यू कटर (टीन शेड द्वारा)लगाने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करें। आयुक्त, कानपुर मण्डल आवास के बाहर मुख्य मार्ग पर एक कूड़े का कण्टेनर भरा पाया गया। इस पर निर्देश दिये गये जोनल स्व0 अधिकारी इसे अविलम्ब खाली कराकर पुनः स्थापित कराना सुनिश्चित करें। सिविल लाइन स्थित महिला छात्रावास, नगर निगम का मुआयना किया गया। जोनल अभियन्ता श्री आर0 के0 सिंह द्वारा इस परिसर में निराश्रित महिलाओं कां निवास होना बताया गया। इस परिसर में काफी मात्रा मे कूड़ा लगा पाया गया। मौके पर उपस्थित जोनल स्व0 अधिकारी -1 को तत्काल कूड़ा उठान हेतु निर्देशित किया गया। माल रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा के सामने मुख्य मार्ग पर स्थित डिवाइडर की पेटिंग हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाये। जोनल अभियन्ता श्री आर0 के0 सिंह, को निर्देशित किया कि जोन-1 के सीमान्तर्गत स्थित सब्जी मण्डियों/फल मण्डियों पर कम्पोस्ट यूनिट/काम्पैक्टर स्थापित कराने हेतु एक कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करें। परेड चौराहे से चुन्नीगंज तक मुख्य रोड पर स्थित डिवाइडर पर पेन्टिंग कार्य कराने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।