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केन्द्रीय गृह अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ़्रेन्सिंग के माध्यम से मणिपुर में 2,450 करोड़ रूपए के 29 विकास कार्यों का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ़्रेन्सिंग के माध्यम से मणिपुर में 2,450 करोड़ रूपए के 29 विकास कार्यों का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हर जगह विकास पहुंचाने में मुख्यमंत्री श्री एन बिरेन सिंह ने सफलता प्राप्त की है इन पांच सालों में ना कभी ब्लॉकेड हुआ, ना बंद हुआ और हिंसा पर भी काफ़ी हद तक क़ाबू पा लिया गया है, जब तक स्थिरता और शांति नहीं होती, तब तक विकास असंभव है बिरेन सिंह सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि इसने स्थिरता, स्थायित्व, शांति के साथ-साथ विकास के रास्ते भी मणिपुर के लिए खोल दिए हैं पिछली सरकारों की ब्लॉकेड, हिंसा, भ्रष्टाचार, बंद, ड्रग्स के व्यापार की परंपरा से बाहर निकलने के लिए मणिपुर ने एक सफल प्रयास किया है प्रधानमंत्री मोदी ने कल ही 3000 करोड़ रूपए से अधिक की 21 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया और पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी आज 265 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 15 परियोजनाओं का उद्घाटन और 2194 करोड़ रुपए की 14 परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ हैदो ही दिनों में लगभग 5500 करोड़ रूपए की लागत के काम मणिपुर की जनता के लिए शुरू हुए हैं पिछली सरकारों के लंबे शासन में ऐसे दो दिन बता दीजिए जब 5500 करोड़ रूपए के कामों का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ हो पहले सरकारें 24 घंटे राजनीति करती थीं, हथियारबंद समूहों का साथ देती थीं, फ़िरौती, अपहरण, ड्रग्स का व्यापार और बंद के नाम पर जनता को परेशान करती थीं, लेकिन अब केन्द्र में मोदी सरकार और मणिपुर में बिरेन सिंह सरकार, दोनों ने मिलकर डबल इंजिन विकास से मणिपुर का परिचय कराया है

नरेन्द्र मोदी सरकार ने पूरे पूर्वोत्तर के विकास के लिए कई आयाम खोले हैं और प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि 8 राज्य भारत की अष्टलक्ष्मी हैं

पिछले साढ़े सात सालों में 1500 बार मंत्रियों का और अनेक बार प्रधानमंत्री जी का दौरा हुआ है

कई समस्याएं थीं, जैसे, बांग्लादेश के साथ लैंड बाउंड्री विवाद थे जिन्हें समझौतों के ज़रिए सुलझाया गया, ब्रू-रियांग समझौता किया गया, बोडो समझौता किया गया, 8 उग्रवादी समूहों से समझौता किया गया

लगभग 3000 उग्रवादी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं और ये युवा आज देश के विकास में लगे हैं

पिछली सरकार के तीन आई (I) थे, Instability (अस्थिरता), Insurgency (उग्रवाद) and Inequality (असमानता), हमने तीन नए आई (I) बनाए, Innovation, Infrastructure and Integration

Integration से ही देश एक हो सकता है और पूर्वोत्तर एक हो सकता है

मणिपुर की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए रानी मां का और सारे जनजाति नेताओं का संग्रहालय निर्माण करने का काम किया, 31 जनजातीय संग्रहालय देशभर में बनेंगे जिनमें से एक मणिपुर में बनेगा

मोदी जी ने हम सबके सामने एक कल्पना रखी है कि एक विकसित नॉर्थईस्ट हो, जो पूरे पूर्वी भारत के विकास का आधार बने और इसी के माध्यम से ही पूर्वी भारत और पूरे भारत का विकास होगा

अंडमान में महाराजा कुलचंद्र और उनके साथियों ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी थी और उन्हें जहां रखा गया था उस जगह का नाम माउंट मणिपुर रखकर मोदी सरकार ने उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने का काम किया है

ये मणिपुर ही है जिसे नेताजी ने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष में स्वतंत्रता का प्रवेश द्वार बनाया था और आईएनए का पहला झंडा फहराने का मौक़ा भी मणिपुर को ही मिला

आज़ादी के 75 वर्ष और मणिपुर के 50 वर्ष सभी मणिपुरवासियों के लिए नए संकल्प और नई ऊर्जा के वर्ष हैं

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ़्रेन्सिंग के माध्यम से मणिपुर में 2,450 करोड़ रूपए के 29 विकास कार्यों का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। इस अवसर पर मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन बिरेन सिंह भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ये मणिपुर ही है जिसे नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष में स्वतंत्रता का प्रवेश द्वार बनाया था और आईएनए का पहला झंडा फहराने का मौक़ा भी मणिपुर को ही मिला। ये वर्ष देश की आज़ादी का 75वां वर्ष है और पूरा देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और मणिपुर भी अपने गठन के 50 वर्ष पूरे करेगा। एक मायने में आज़ादी के 75 वर्ष और मणिपुर के 50 वर्ष सभी मणिपुरवासियों के लिए नए संकल्प और नई ऊर्जा के वर्ष हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री एन बिरेन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार बड़े मनोयोग के साथ पांच साल से मणिपुर के चप्पे-चप्पे के विकास के लिए प्रतिबद्ध दिखाई पड़ती है। पहाड़ हो, घाटी हो, वन हो, गांव हो या शहर हो, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व हर जगह विकास पहुंचाने में मुख्यमंत्री श्री एन बिरेन सिंह ने सफलता प्राप्त की है। जब भी मणिपुर का इतिहास लिखा जाएगा, इन पांच सालों को एक स्वर्णिम युग के रूप में लिखा जाएगा। इन पांच सालों में विकास तो हुआ ही है, ना कभी ब्लॉकेड हुआ, ना बंद हुआ और हिंसा पर भी काफ़ी हद तक क़ाबू पा लिया गया है। जब तक स्थिरता और शांति नहीं होती, तब तक विकास असंभव है और बिरेन सिंह सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि इसने स्थिरता, स्थायित्व, शांति के साथ-साथ विकास के रास्ते भी मणिपुर के लिए खोल दिए हैं। पिछली सरकारों की ब्लॉकेड, हिंसा, भ्रष्टाचार, बंद, ड्रग्स के व्यापार की परंपरा से बाहर निकलने के लिए मणिपुर ने एक सफल प्रयास किया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कल ही 3000 करोड़ रूपए से अधिक की 21 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया और पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला रखी। पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य, शहरी विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, कला और संस्कृति जैसे क्षेत्रों को समाहित करते हुए अनेक योजनाएं शुरू कीं। आज इस कार्यक्रम के माध्यम से 265 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 15 परियोजनाओं का उद्घाटन और 2194 करोड़ रुपए की 14 परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ है। लगभग 2450 करोड़ रूपए की लागत की परियोजनाओं की भेंट नरेन्द्र मोदी जी और बिरेन सिंह जी ने मणिपुर को दी है। दो ही दिनों में लगभग 5500 करोड़ रूपए की लागत के काम मणिपुर की जनता के लिए शुरू हुए हैं। पिछली सरकारों के लंबे शासन में ऐसे दो दिन बता दीजिए जब 5500 करोड़ रूपए के कामों का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ हो।

श्री अमित शाह ने कहा कि आने वाले समय में ऑर्गेनिक खाद्य उत्पादों का महत्व बहुत बढ़ने वाला है। इसी दिशा में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए आर्गेनिक मिशन की विशेष योजना के तहत सैनजेनथोंग में ऑर्गेनिक आउटलेट, कोल्ड रूम और पैकिंग यूनिट का उद्घाटन हुआ है। उन्होंने मणिपुर के सभी किसानों से कहा कि ऑर्गेनिक खेती को उन्होंने जिस प्रकार स्वीकार किया है और आपको उपज के ज़्यादा से ज़्यादा दाम मिल पाएं, इसके लिए भारत सरकार और मणिपुर सरकार कटिबद्ध हैं और इसी दिशा में आज ये नई शुरूआत हुई है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 8 करोड़ रूपए की लागत से 75 ट्यूबवेल भी आज शुरू हुए। 16 करोड़ रुपए की लागत से पशुपालन क्षेत्र की पांच परियोजनाओं की शुरूआत हुई है, 21 करोड़ करोड़ रुपए की लागत से चार पुलों और सड़कों का निर्माण होने वाला है, 36 करोड़ रुपए की कुल लागत से तैयार चार जलापूर्ति परियोजनाओं से करीब 31,000 लोगों को कल से ही पेयजल की आपूर्ति होगी। पर्यटन स्थल के लिए भी काम हुआ है, मणिपुर विश्वविद्यालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय छात्रावास भवन समर्पित हुआ है और आज

पुलिस स्मारक का भी उद्घाटन हुआ है। इसके साथ ही 46 करोड़ रुपए की लागत से सिरूई महोत्सव के लिए अवसंरचना विकास परियोजना की घोषणा, ‘हुनर हब’ का विकास, इम्फाल में ‘ओलंपियन पार्क’ की आधारशिला, लुवांगसांगबाम में क्रिकेट स्टेडियम में विस्तारित सुविधाएं, सेनापति, नोनी और काकचिंग ज़िलों में 108 करोड़ रुपए की लागत से जिला न्यायालय परिसरों की आधारशिला, 22 करोड़ रुपए की लागत से थंगापत में पांच जलाशयों और दो प्रमुख परियोजनाएं और ढेर सारे वॉटर बॉडी के लिए ख़र्च, 450 एकड़ के लम्फेलपत वाटरबॉडी के विकास की योजना भी बनाई है। न्यू डेवलपमेंट बैंक से 650 करोड़ रुपए के वित्त पोषण के साथ 450 एकड़ के लम्फेलपत वाटरबॉडी के कायाकल्प की परियोजना और न्यू डेवलपमेंट बैंक से लगभग 1149 करोड़ रुपए के वित्त पोषण से इंफाल शहर के लिए एकीकृत सीवरेज प्रणाली के दूसरे चरण का काम शुरू होगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पहले सरकारें 24 घंटे राजनीति करती थीं, हथियारबंद समूहों का साथ देती थीं, फ़िरौती, अपहरण, ड्रग्स का व्यापार और बंद के नाम पर जनता को परेशान करती थीं। लेकिन अब केन्द्र में मोदी सरकार और मणिपुर में बिरेन सिंह सरकार, दोनों ने मिलकर डबल इंजिन विकास से मणिपुर का परिचय कराया है। अंडमान में महाराजा कुलचंद्र और उनके साथियों ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी थी और उन्हें जहां रखा गया था उस जगह का नाम माउंट मणिपुर रखकर मोदी सरकार ने उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने का काम किया है। हमने राज्य की सभी मांगों को समझा, स्वीकारा और आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने पूरे पूर्वोत्तर के विकास के लिए कई आयाम खोले हैं और प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि 8 राज्य भारत की अष्टलक्ष्मी हैं। मोदी जी ने भारत सरकार के सभी मंत्रियों को आदेश दिया है कि 15 दिन में हर मंत्री एक ना एक राज्य में उपस्थित हो और ज़िला कक्षा का कार्यक्रम करे। पिछले साढ़े सात सालों में 1500 बार मंत्रियों का और अनेक बार प्रधानमंत्री जी का दौरा हुआ है। श्री शाह ने कहा कि कई समस्याएं थीं, जैसे, बांग्लादेश के साथ लैंड बाउंड्री विवाद थे जनिहें समझौतों के ज़रिए सुलझाया गया, ब्रू-रियांग समझौता किया गया, बोडो समझौता किया गया, 8 उग्रवादी समूहों से समझौता किया गया। लगभग 3000 उग्रवादी हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं और ये युवा आज देश के विकास में लगे हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि पिछली सरकार के समय में तीन आई (I) थे, Instability (अस्थिरता), Insurgency (उग्रवाद) and Inequality (असमानता)। हमने तीन नए आई (I) बनाए हैं, Innovation, Infrastructure and Integration। Integration से ही देश एक हो सकता है और पूर्वोत्तर एक हो सकता है। उन्होंने कहा कि तीन आई के फ़ॉर्म्यूला और प्रधानमंत्री जी के अष्टलक्ष्मी के आह्वान को हम ज़मीन पर उतारें। मणिपुर को हमने ब्लॉकेड फ्री किया है, बंद फ्री किया है और विकास के रास्ते पर चलाया है और मौका मिलने पर मणिपुर को हम ड्रग फ्री बनाने का काम भी सुनिश्चित करेंगे। मणिपुर की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए रानी मां का और सारे जनजाति नेताओं का संग्रहालय निर्माण करने का काम किया, 31 जनजातीय संग्रहालय देशभर में बनेंगे जिनमें से एक मणिपुर में बनेगा। उन्होंने बहुत अच्छे कोविड मैनेजमेंट के लिए भी मुख्यमंत्री और मणिपुर सरकार को बधाई दी और कहा कि सभी 16 जिलों में ऑक्सीजन संयंत्र भी लग गए हैं। मोदी जी ने हम सबके सामने एक कल्पना रखी है कि एक विकसित नॉर्थईस्ट हो, जो पूरे पूर्वी भारत के विकास का आधार बने और इसी के माध्यम से ही पूर्वी भारत और पूरे भारत का विकास होगा।

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प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी। खेल विश्वविद्यालय लगभग 700 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से स्थापित किया जाएगा और सिंथेटिक हॉकी मैदान, फुटबॉल मैदान, बास्केटबॉल / वॉलीबॉल / हैंडबॉल / कबड्डी मैदान, लॉन टेनिस कोर्ट, जिमनैजियम हॉल, सिंथेटिक रनिंग स्टेडियम, स्विमिंग पूल, बहुउद्देशीय हॉल और एक साइकिलिंग वेलोड्रोम सहित आधुनिक और अत्याधुनिक खेल बुनियादी ढांचे से लैस होगा। इस विश्वविद्यालय में निशानेबाजी, स्क्वॉश, जिम्नास्टिक, भारोत्तोलन, तीरंदाजी, कैनोइंग और कयाकिंग सहित अन्य सुविधाएं भी होंगी। विश्वविद्यालय में 540 महिला और 540 पुरुष खिलाड़ियों सहित 1080 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण प्रदान करने की क्षमता होगी।

एक जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ और आसपास के इस क्षेत्र ने स्वतंत्र भारत को भी नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्ररक्षा के लिए सीमा पर बलिदान हों या फिर खेल के मैदान में राष्ट्र के लिए सम्मान, राष्ट्रभक्ति की अलख को इस क्षेत्र ने प्रज्ज्वलित रखा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “भारतीय इतिहास में मेरठ सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि संस्कृति और शक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।” स्वतंत्रता संग्रहालय, अमर जवान ज्योति और बाबा औघर नाथ जी के मंदिर की भावना को महसूस करने पर प्रधानमंत्री ने अपनी खुशी का इजहार किया।

प्रधानमंत्री ने मेरठ में सक्रिय रहे मेजर ध्यानचंद को याद किया। उन्होंने कहा कि मेरठ, देश की एक और महान संतान, मेजर ध्यान चंद जी की भी कर्मस्थली रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ महीने पहले केंद्र सरकार ने देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार का नाम दद्दा के नाम पर किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज मेरठ की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेजर ध्यान चंद जी को समर्पित की जा रहीहै।

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य में लोकाचार में बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले की सरकारों में यूपी में अपराधी अपना खेल खेलते थे, माफिया अपना खेल खेलते थे। उन्होंने उस दौर को याद करते हुए कहा कि पहले यहां अवैध कब्जे के टूर्नामेंट होते थे, बेटियों पर फब्तियां कसने वाले खुलेआम घूमते थे। उन्होंने पहले के समय की असुरक्षा और अराजकता को याद किया। हमारे मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के लोग कभी भूल नहीं सकते कि लोगों के घर जला दिए जाते थे और पहले की सरकार अपने खेल में लगी रहती थी। पहले की सरकारों के खेल का ही नतीजा था कि लोग अपना पुश्तैनी घर छोड़कर पलायन के लिए मजबूर हो गए थे। उन्होंने कहा कि अब योगी जी की सरकार ऐसे अपराधियों के साथ जेल-जेल खेल रही है।पांच साल पहले इसी मेरठ की बेटियां शाम होने के बाद अपने घर से निकलने से डरती थीं। आज मेरठ की बेटियां पूरे देश का नाम रौशन कर रही हैं। इस बदलाव से बेटियों में पूरे देश का नाम रौशन करने का विश्वास पैदा हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा नए भारत का कर्णधार भी है, विस्तार भी है। युवा नए भारत का नियंता भी है, नेतृत्वकर्ता भी है। हमारे आज के युवाओं के पास प्राचीनता की विरासत भी है, आधुनिकता का बोध भी है। और इसलिए, जिधर युवा चलेगा उधर भारत चलेगा। और जिधर भारत चलेगा उधर ही अब दुनिया चलने वाली है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले कुछ वर्षों में, उनकी सरकार ने भारतीय खिलाड़ियों को चार उपकरण प्राप्त करने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को चाहिए- संसाधन, खिलाड़ियों को चाहिए- ट्रेनिंग की आधुनिक सुविधाएं, खिलाड़ियों को चाहिए- अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर, खिलाड़ियों को चाहिए- चयन में पारदर्शिता, हमारी सरकार ने बीते वर्षों में भारत के खिलाड़ियों को ये चार शस्त्र जरूर मिलें, इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश में खेलों के लिए जरूरी है कि हमारे युवाओं में खेलों को लेकर विश्वास पैदा हो, खेल को अपना प्रॉफ़ेशन बनाने का हौसला बढ़े। यही मेरा संकल्प भी है, और सपना भी! मैं चाहता हूँ कि जिस तरह दूसरे प्रॉफ़ेशन्स हैं, वैसे ही हमारे युवा स्पोर्ट्स को भी देखें। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार खेलों को रोजगार से जोड़ती है। लक्ष्य ओलंपिक पोडियम (टॉप्स) जैसी योजनाएं शीर्ष खिलाड़ियों को उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए सभी सहायता प्रदान कर रही हैं। खेलो इंडिया अभियान बहुत जल्दी प्रतिभा को पहचान रहा है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए सभी समर्थन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक में भारत का हालिया प्रदर्शन, खेल के मैदान में एक नए भारत के उदय का प्रमाण है। गांवों और छोटे शहरों में खेल के बुनियादी ढांचे के आगमन के साथ, इन शहरों से खिलाड़ियों की संख्या बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी लागू हो रही है, उसमें भी खेल को प्राथमिकता दी गई है। स्पोर्ट्स को अब उसी श्रेणी में रखा गया है, जैसे साईंस, कॉमर्स या दूसरी पढ़ाई हो। पहले खेल को एक्स्ट्रा एक्टिविटी माना जाता था, लेकिन अब स्पोर्ट्स स्कूल में बाकायदा एक विषय होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पोर्टिंग इको-सिस्टम में शामिल स्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स प्रबंधन खेल लेखन, खेल मनोविज्ञान आदि नई संभावनाएं पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे समाज में विश्वास पैदा होता है कि खेलों की ओर बढ़ना सही फैसला है। उन्होंने कहा कि संसाधनों से खेल संस्कृति आकार लेती है और खेल विश्वविद्यालय इसमें बड़ी भूमिका निभाएगा। मेरठ की खेल संस्कृति के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि शहर 100 से अधिक देशों में खेल के सामान का निर्यात करता है। प्रधानमंत्री ने उभरते खेल समूहों के माध्यम से देश को आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इस तरह, मेरठ न केवल लोकल फॉर वोकल यानी स्थानीय के लिए मुखर है, बल्कि लोकल फॉर ग्लोबल यानी स्थानीय को वैश्विक में बदल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन वाली सरकार कई विश्वविद्यालयों की स्थापना कर रही है। उन्होंने गोरखपुर में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ में राज्य फोरेंसिक विज्ञान संस्थान, अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, सहारनपुर में मां शाकुंबरी विश्वविद्यालय और मेरठ में मेजर ध्यानचंद विश्वविद्यालय को सूचीबद्ध किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। युवाओं को न केवल रोल मॉडल बनना चाहिए, बल्कि अपने रोल मॉडल को भी पहचानना चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत 75 जिलों में 23 लाख से अधिक कागजात (घरौनी) दी जा चुकी हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत राज्य के किसानों के खाते में करोड़ों रुपये आ चुके हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान से राज्य के किसानों को भी फायदा हुआ है। इसी तरह उत्तर प्रदेश से 12 हजार करोड़ रुपये का एथेनॉल खरीदा गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारों की भूमिका अभिभावक की तरह होती है। योग्यता होने पर बढ़ावा भी दे और गलती होने पर ये कहकर ना टाल दे कि लड़कों से गलती हो जाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज योगी जी की सरकार, युवाओं की रिकॉर्ड सरकारी नियुक्तियां कर रही है। आईटीआई से ट्रेनिंग पाने वाले हजारों युवाओं को बड़ी कंपनियों में रोज़गार दिलवाया गया है। नेशनल अप्रेंटिसशिप योजना हो या फिर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, लाखों युवाओं को इसका लाभ दिया गया है। श्री मोदी ने कहा कि मेरठ गंगा एक्सप्रेसवे, रीजनल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम और मेट्रो से कनेक्टिविटी का हब भी बनता जा रहा है।

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‘काशी फ़िल्म महोत्सव’ की रंगारंग शुरुआत हुई

सदियों से अपनी समृद्ध परंपराओं और संस्कृति के लिए विख्यात रही नगरी काशी में इस सप्ताह तीन दिवसीय काशी फ़िल्म महोत्सव की शुरुआत के साथ एक नया अध्याय लिखा जाएगा।

ये महोत्सव न केवल हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और नृत्य की झलक दिखाएगा, बल्कि प्रसिद्ध दार्शनिक कवियों, लेखकों, संगीतकारों और बनारस घराने की यादों को भी ताजा करेगा।

उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उत्तर प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य एवं प्रोटोकॉल राज्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से लोग इस अद्भुत शहर की संस्कृति को और करीब से जानेंगे।

उन्होंने कहा कि पुर्नोद्धार के बाद काशी विश्वनाथ धाम लोगों को समर्पित करके प्रधानमंत्री ने काशी के प्रति अपना स्नेह दिखाया। ये उनके बहुत से दूसरे प्रयासों में से ही एक था जैसे कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करना, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं और गरीबों के लिए विभिन्न योजनाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह के महोत्सव वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत को और प्रदर्शित करेंगे।

मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने कहा कि प्रस्तावित फ़िल्म सिटी उनके जैसी नई और पुरानी प्रतिभाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। बाद में उन्होंने अपने लाइव परफॉर्मेंस के जरिए संपूर्णानंद स्टेडियम में मौजूद जनता को खूब गुदगुदाया, वहीं प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने अपने गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी की प्रस्तुतियां भी इस महोत्सव को यादगार बनाएंगी। ये पहली बार है कि भगवान शिव की इस नगरी में इस तरह का फ़िल्म महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस महोत्सव का आयोजन फ़िल्म बंधु, उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है।

वाराणसी के अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में मनोज जोशी की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर 28 दिसंबर को वाराणसी में काशी फ़िल्म महोत्सव के मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक “वाराणसी – एक सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत से एक आधुनिक शहर तक की यात्रा” विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन किया जाएगा। दूसरे पैनल की चर्चा का विषय “संगीत और गीत – बनारस की विरासत” होगा जिसका समय दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 02 बजे तक होगा।

शाम 4 बजे समापन समारोह के साथ ही सब्सिडी का भी वितरण किया जाएगा। गुरुवार शाम को मशहूर फ़िल्म स्टार हेमा मालिनी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। ये कार्यक्रम वाराणसी के अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में ही होगा।

29 दिसंबर को “फ़िल्म निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र और क्षेत्रीय सिनेमा की संभावना के तौर पर उत्तर प्रदेश” विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी। और शाम को काशी में गायक रवि त्रिपाठी तथा अभिनेता रवि किशन की पेशकश के साथ इस पहले फ़िल्म महोत्सव का समापन होगा।

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आजादी कितने प्रतिशत?

जहां आज महिलाएं इस डिजिटल युग में नित नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और सबसे बड़ी बात कि गरीब तबकों से आई हुई महिलाएं, लड़कियां भी अपने सपनों को पंख लगा कर उड़ रही हैं ऐसे में महिलाओं की यह सोच एक सवाल खड़ा करती है कि आज भी पति द्वारा पीटा जाना जायज है। नेशनल फैमिली हेल्थ द्वारा एक सर्वे के दौरान यह खुलासा हुआ है और आंकड़ों पर गौर किया जाये तो घरेलू हिंसा को सही ठहराने वाली महिलाओं का प्रतिशत अधिक है. उनमें- आंध्र प्रदेश 83.6℅, कर्नाटक 76.9℅, मणिपुर 65.9℅ और केरल 52.4℅ शामिल हैं। जबकि हिमाचल प्रदेश, नागालैंड और त्रिपुरा में घरेलू हिंसा को लेकर स्वीकृति सबसे कम देखी गई। केवल 14.2℅, 21.3℅ ही सहमति व्यक्त की।
यह सोच फर्क पैदा करती है कि अभी महिलाओं को दासता की प्रवृत्ति से बाहर आना बाकी है। इसमें कोई शक नहीं कि आज महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही है लेकिन कहीं ना कहीं आज भी उन्हें नियंत्रित करने की चाबी पुरुष के हाथों में है। सर्वे के अनुसार घर से बिना बताए बाहर जाना, घर परिवार की उपेक्षा करना, खाना ठीक से ना बनाना, परसंबंध ऐसे तमाम कारण है जो घरेलू हिंसा की वजह बनते हैं। पर क्या यह कारण इतने अहम हैं कि इसके समाधान स्वरूप मारपीट की जाए ? पुरुषवादी सोच कि मैं स्त्री को आजादी देता हूं, कितना उचित है? मैं नौकरी करने की छूट देता हूं, घुमाना फिराना, सारी सुविधाएं मुहैया कराता हूं तो उस पर अपना आधिपत्य रखना, अपना अधिकार समझता हूं, यह कितना उचित है? आपसी मामले का हवाला देकर किसी का हस्तक्षेप पसंद नहीं करते और यदि पुलिस की मदद ली जाती है तो अलगाव की स्थिति आ जाती है। यह सोच क्यों नहीं पनपती यदि पुरुष सुविधाएं दे रहा है तो स्त्री भी समर्पित है परिवार के लिए।
घर गृहस्ती को गाड़ी के दो पहिए कहा गया है। फिर सब सामान हुए यह असमानता क्यों? आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के बावजूद कितनी महिलाएं हैं जो अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकती हैं? आखिर महिलाएं इस दास प्रवृत्ति से बाहर क्यों नहीं आना चाहती? एक महिला का तर्क है कि परिवार में शांति बनाए रखने के लिए और शांति से जीने के लिए चुप रह जाना पड़ता है। घर का माहौल खराब होता है और बच्चों पर भी बुरा असर पड़ता है। एक और महिला से बातचीत के दौरान मालूम हुआ कि वह घरेलू हिंसा की शिकार थी लेकिन फिर भी वह उस जगह से पलायन नहीं कर रही थी क्योंकि उसे अपने मायके का सहयोग नहीं था जब स्थिति ज्यादा खराब हुई तब उसका भाई उसे लेने पहुंचा मगर उसने आने से मना कर दिया क्योंकि उसका कहना था कि आप लोग वापस यहीं पर छोड़ जाओगे फिर मैं वापस क्यों आऊं। अंततः मायके वालों की मदद से उसने अपना घर परिवार छोड़कर आत्मनिर्भर होना स्वीकार किया।
यह बात छोटे और अशिक्षित तबको में होती है तो समझ में आता है लेकिन शिक्षित परिवारों में भी ऐसा देखने को मिलता है तो किस सभ्य समाज की बात की करते हैं हम? इस सोच से बाहर आना होगा कि जिस घर में डोली गई है वहां से अर्थी निकलेगी। अपने आत्मसम्मान को जगाना होगा। जो गलत है कम से कम उसके लिए बोलना ही होगा। परिवार एक सामाजिक इकाई है जिसे स्त्री और पुरुष दोनों मिलकर चलाते हैं। आपसी सहयोग से इसमें कोई कम या ज्यादा का ना भाव है ना महत्व है

प्रियंका वर्मा महश्वरी

 

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वंदे भारतम् फाइनल प्रतियोगिता का 19 दिसंबर को नई दिल्ली में आयोजन

उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम ज़ोनों के 949 नृत्य कलाकारों के 73 समूह‘वंदे भारतम्-नृत्य उत्सव’ के ग्रैंड फिनाले में पहुंच गये हैं। यह अखिल भारतीय नृत्य प्रतियोगिता है, जिसे आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित किया जा रहा है। फाइनल 19 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम प्रेक्षागृह में होगा। रक्षा मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय ने आजादी के अमृत महोत्सव के क्रम में ‘वंदे भारतम्-नृत्य उत्सव’ की शुरुआत करने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाना है। यह एक अनोखी पहल है, जो जनभागीदारी पर आधारित है। इसका मुख्य लक्ष्य है देशभर से सर्वोच्च नृत्य प्रतिभाओं का चयन करना तथा उन्हें गणतंत्र दिवस परेड 2022 के दौरान अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करना।

ग्रैंड फिनाले में नृत्य कलाकार इस सर्वोच्च सम्मान के लिये प्रतिस्पर्धा करेंगे। ऐसा अवसर जीवन में यदा-कदा ही मिलता है, जिसका लाभ उठाते हुये वे गणतंत्र दिवस परेड में अपनी प्रतिभा दिखायेंगे। इस परेड को न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया में देखा जाता है।

दो सौ से अधिक टीमों में से 2400 से अधिक प्रतिभागियों को जोनल स्तरीय प्रतियोगिता के लिये चुना गया था, जहां 104 ग्रुपों ने विद्वान ज्यूरी के समक्ष अपनी नृत्य प्रतिभा प्रदर्शित की थी। प्रतिभागी समूहों नेकई नृत्य विधाओं का प्रदर्शन किया। इन विधाओं में शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, जनजातीय नृत्य और मिला-जुला नृत्य शामिल था। देशभर की प्रतिभाओं और रंगारंग पोशाकों का संयोजन देखने को मिला। समाज के सभी वर्गों ने पूरे हर्षोल्लास से हिस्सा लिया तथा सभी वर्गों ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को बलवती बनाया।

सर्वोच्च 480 नृत्य कलाकारों को ग्रैंड फिनाले के लिये चुना जायेगा और उन्हें 26 जनवरी, 2022 को नई दिल्ली के राजपथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में अपनी कला का प्रदर्शन करने का सुनहरा मौका मिलेगा।

वंदे भारतम् प्रतियोगिता 17 नवंबर को जिला स्तर पर शुरू हुई थी। इस दौरान 323 समूहों में 3,870 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। जो जिला स्तरीय प्रतियोगिता में सफल रहे, उन्हें 30 नवंबर, 2021 को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर मिला। वहां 20 से अधिक वर्चुअल आयोजन हुये। यह आयोजन चार दिसंबर, 2021 तक, यानी पांच दिन चला।

राज्य स्तर पर 300 समूहों को चुना गया, जिनमें तीन हजार से अधिक नृत्य कलाकार/प्रतिभागी थे। इस तरह एक महीने तक आयोजन में सभी आकांक्षी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा दिखाई और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिये प्रदर्शन किया।

ग्रांड फिनाले को वंदे भारतम् के आधिकारिक फेसबुक पेज और यूट्यूब पर प्रत्यक्ष देखा जा सकता है। साथ ही वेबसाइट (vandebharatamnrityautsav.in) और मोबाइल  ऐप पर भी इसे देखा जा सकता है।

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औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेज सभागार में डेंगू , मलेरिया ओर कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी के संबंध में बैठक

कानपुर 12 सितंबर, औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेज सभागार में जनपद में डेंगू मलेरिया व कोरोना की तीसरी लहर की तैयारियो के सम्बंध में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर नगर को निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण बेहतर इलाज मिले, किसी भी प्रकार के कोई सनसाधनों की कोई कमी नहीं है बेहतर प्रबंधन से हम बड़ी से बड़ी महामारी पर कंट्रोल कर सकते हैं इसके लिए पूरी क्षमता से कार्य करना है और समस्त डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी मेहनत करनी है आप लोगो की कड़ी मेहनत की वजह से ही कोरोना पर अंकुश लगा है ।उन्होंने कहा कि कहा कहा डेंगू की टेस्टिंग होगी इसके लिए लोगो को बताया जाए तथा नगर निगम के स्थापित कंट्रोल रूम नम्बर 18001805159 पर अब डेंगू, मलेरिया व वायरल फीवर से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी दी जाती रहे इसके लिए लोगो को बताया जाए।शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में साफ सफाई होती रहे इसके लिए कार्य योजना बना कर अभियान के तौर पर सफाई कराई जाए तथा लोगो को सफाई हेतु जागरूक भी किया जाता रहे । उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की सम्पूर्ण तैयारी कर ली जाए इसके लिए मार्च व अप्रैल माह में ऑक्सीजन की कितनी आवश्यकता थी उसका आकलन मुख्य चिकित्सा अधिकारी सरकारी व्यवस्था व समस्त प्राइवेट व्यवस्था के अनुसार कर ले ।जो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने है इसके लिए जो समस्या आ रही है उनका निस्तारण युद्ध स्तर पर करे ताकि प्लांट जल्दी स्थापित हो सके।उन्होंने हैलेट अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की तो उपस्थित डॉक्टर ने बताया कि हैलेट अस्पताल में 200 बेड तीसरी लहर के लिए बनाया गया था जिसमें वतर्मान में वारयल फीवर के मरीज भर्ती है। आने वाले मरीजों को बेहतर ईलाज किया जा रहा है ।उन्होंने कहा कि यहां आने वाले मरीज को प्रत्येक दशा में बेहतर इलाज मिले इसमे लापरवाही नही होनी चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी कानपुर नगर, मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर , नगर आयुक्त , मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आदि उपस्थित रहे।

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जब 1996 बैच के आईएएस ऑफिसर ने कक्षा 4 के अनुराग को दिया अपना पाईलेट पेन

कानपुर 6 सितंबर, जब 1996 बैच के आईएएस ऑफिसर ने कक्षा 4 के अनुराग को दिया अपना पाईलेट पेन। कल्याणपुर ब्लॉक के कुरसौली गांव में डेंगू के मरीज निकले थे ।गांव की व्यवस्थाओं का जायजा लेने प्रमुख सचिव ,सिंचाई एवं जल संसाधन /नोडल अधिकारी, कानपुर नगर श्री अनिल गर्ग पहुचे थे कुरसौली गांव । गाँव के निरीक्षण के बाद प्राथमिक पाठशाला पहुचे जहाँ पर अध्यापिका बच्चों को पोयम पढा रही थी अचानक कक्षा में नोडल अधिकारी पहुचे और शांति से पीछे खड़े हो गए । उन्होंने पढ़ाई जा रही पोयम के विषय में and come and play का हिंदी मतलब अनुराग से पूछा तो कक्षा 4 की आकांक्षा और अनुराग ने बताया कि and come and play का मतलब आओ खेले तब नोडल अधिकारी अनिल गर्ग ने अनुराग को अपना पाइलेट पेन उपहार स्वरूप दिया। तथा आकांक्षा को जिलाधिकारी से उनका पाइलेट पेन दिलवाया । क्लास में सभी बच्चों से उन्होंने कुछ न कुछ पूछा और सभी बच्चों को पेन दिए दिलवाए । एडीएम आपूर्ति व बीएसए ने भी बच्चों को अपने पेन दिए ।नोडल अधिकारी ने बच्चों से पूछा कि आप को खाना क्या मिलता है ? इस पर बच्चों ने बताया कि खिचड़ी, डाल रोटी सब्जी आदि मिलता है। इस पर जिलाधिकारी ने पूछा कि खाना स्वादिष्ट रहता है कि नही तो बच्चे ने बताया कि खाना स्वादिष्ट मिलता है ।

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नोडल अधिकारी श्री अनिल गर्ग द्वारा हैलट हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण

कानपुर 5 सितंबर, नोडल अधिकारी श्री अनिल गर्ग द्वारा आज हैलट हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग का निरीक्षण किया। सबसे पहले वे हैलट इमरजेंसी पहुंचे ।जहां पर प्राचार्य मेडिकल कॉलेज ने अपने यहां बनाए गए प्रदूषण मुक्त वार्डो में जाने वाली 70 प्रतिशत सुविधा यूक्त एंबुलेंस जिसकी कीमत भी बहुत कम है नोडल अधिकारी को दिखाया ।जिसके प्रयोग से लोगो को आसानी से सीधे वार्डो में शिफ्ट कराया जा सकता है । तत्पश्चात नोडल अधिकारी द्वारा हैलट में बनाए गए कोविड -1 आइसोलेशन, आईसीयू, पीआईसीयू वार्ड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों से उनका हाल जाना और जानकारी करते हुए पूछा कि आप को बाहर से दवा तो नहीं लानी पड़ती यहां के इलाज से आप सन्तुष्ट है। इस पर मरीज के तीमारदार द्वारा बताया गया कि उन्हें बाहर से दवाई नहीं लानी पड़ती है इलाज बहुत अच्छा मिल रहा है। उन्होंने पूछा कि आपको अस्पताल से खाना मिल रहा है इस पर संबंधित तीमारदार द्वारा बताया गया कि खाना भी अस्पताल से मिल रहा है जब मैं अपने मरीज को लेकर यहां आई थी तब उसकी हालत बहुत खराब थी। अब स्थिति बहुत अच्छी है ।उन्होंने वार्ड के अन्य मरीजों से भी जानकारी की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आईसीयू वार्ड को देखा जहां पर संपूर्ण व्यवस्थाएं पूर्णमिली। उन्होंने प्राचार्य मेडिकल कॉलेज को निर्देशित करते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज मिले इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए तथा अस्पताल परिसर में विशेष अभियान चलाकर सफाई रखी जाए ताकि डेंगू के मच्छर पनप न सके और लोगों को जागरूक भी किया जाता रहे। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, जिलाधिकारी कानपुर नगर, अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व, मेडिकल कॉलेज के अन्य संबंधित डॉक्टर उपस्थित रहे।

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नगर आयुक्त का विभिन्न समस्याओं के निराकरण का निर्देश

  1. कानपुर 31 अगस्त,  नगर आयुक्त द्वारा नगर भ्रमण के अन्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय सम्बन्धित क्षेत्र के जोनल अधिकारी, जोनल स्वच्छता अधिकारी व जोनल अभियन्ता आदि सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय नगर निगम से सम्बन्धित समस्याओं को देखा गया एवं मौके पर ही सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये, चुन्नीगंज ट्रान्सफर स्टेशन के पास मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण पाया गया। मौके पर उपस्थित जोनल अधिकारी को निर्देशित किया गया कि तत्काल एक अभियान प्रस्तावित कराकर इस मार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाया जाये। आगे बढने पर इसी मार्ग पर बांयी ओर कूड़ा बिखरा मिला एवं लकड़ी, झाड़ियों के बड़े बड़े ढेर लगे पाये गये। इस पर जोनल स्व0 अधिकारी से जवाब तलब करते हुये अप्रसन्नता व्यक्त की गई एवं निर्देशित किया गया कि इस स्थल की पूर्णतयः सफाई कराने के उपरान्त जोनल अभियन्ता यहॉ एक व्यू कटर (टीन शेड द्वारा)लगाने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करें। आयुक्त, कानपुर मण्डल आवास के बाहर मुख्य मार्ग पर एक कूड़े का कण्टेनर भरा पाया गया। इस पर निर्देश दिये गये जोनल स्व0 अधिकारी इसे अविलम्ब खाली कराकर पुनः स्थापित कराना सुनिश्चित करें। सिविल लाइन स्थित महिला छात्रावास, नगर निगम का मुआयना किया गया। जोनल अभियन्ता श्री आर0 के0 सिंह द्वारा इस परिसर में निराश्रित महिलाओं कां निवास होना बताया गया। इस परिसर में काफी मात्रा मे कूड़ा लगा पाया गया। मौके पर उपस्थित जोनल स्व0 अधिकारी -1 को तत्काल कूड़ा उठान हेतु निर्देशित किया गया। माल रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा के सामने मुख्य मार्ग पर स्थित डिवाइडर की पेटिंग हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाये। जोनल अभियन्ता श्री आर0 के0 सिंह, को निर्देशित किया कि जोन-1 के सीमान्तर्गत स्थित सब्जी मण्डियों/फल मण्डियों पर कम्पोस्ट यूनिट/काम्पैक्टर स्थापित कराने हेतु एक कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करें। परेड चौराहे से चुन्नीगंज तक मुख्य रोड पर स्थित डिवाइडर पर पेन्टिंग कार्य कराने हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।

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कान्हा संग मेरी प्रीत पुरानी

हे !मुरलीधर ,गोवर्धन धारी तुझ संग मेरी प्रीत पुरानी

दुनिया वालों सुनो ,यह बात सुहानी मेरी अमर कहानी

तूने बक्शी मुझको अपनी कृपा की नजर नूरानी
प्रीत ,प्रेम, प्यार स्नेह की मुझको राह दिखाई

बनकर करुणा के स्वामी किया मुझको लासानी
लगाकर प्रीत तेरे चरणों में, मैं पागल बनी पुजारी

इस जग में, संसार में, मैं बनकर आई सैलानी
मुझको तेरा ही आसरा, बस्ती हो या हो वीरानी

मन को तेरे चरणों में ही रखूं, क्यों मैं करूं नादानी
रस के लोभ में फंसकर हासिल होगी सिर्फ हैरानी

क्यों मैं अपना सत चित आनंद का रूप भुलाऊं
जाना पहचाना और माना यह दुनिया है फानी

न जानेगी दुनिया सारी,सुन ले आज यह अर्ज हमारी।
मुझको लगे ये बीमारी ,चढ़ी रहे तेरे नाम की खुमारी

हे गोवर्धन धारी तुम संग मेरी प्रीत नहीं है किताबी
जन्म -जन्म से यह तो है, मेरे अंग- संग की बाती

प्रीत ,प्रेम, प्यार, स्नेह, प्यार की ये रीत पुरानी
मीरा और राधा दोनों प्रेम -दिवानी ,दोनो ने जानी

– इंदु दीवान
गुरुग्राम
हरियाणा

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