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“एड्रेसिंग कार्बन फुटप्रिंट्स फॉर ए बेटर टुमॉरो” विषय पर संगोष्ठी आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 22 मार्च क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के आतंरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई.क्यू.ए.सी.) एवं जस्ट फॉर एनवायरनमेंट के संयुक्त तत्वावधान में “एड्रेसिंग कार्बन फुटप्रिंट्स फॉर ए बेटर टुमॉरो” संगोष्ठी का आयोजन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में किया गया। क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर की आधारभूत मान्यताओं में सहयोग, समन्वय और संपोषण महत्वपूर्ण है। इसी कारण कॉलेज की संस्कृति में समस्त पर्यावरण के विकास और स्वच्छता हेतु सतत प्रयास रच-बस गए हैं।
उसी कड़ी में आज की यह संगोष्ठी एक महत्वपूर्ण कदम है, जो “जस्ट फॉर एनवायरनमेंट” संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई है। इस सामाजिक संस्था का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण तथा सतत विकास के मुद्दे पर बात करते हुए लोगों के बीच जागरूकता फैलाना है। संस्था का लक्ष्य सार्वजनिक अभियान, सेमिनार या कार्यशाला आदि के आयोजन द्वारा पर्यावरणीय समस्याओं, जैसे जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग आदि के प्रति जनसाधारण में जागरूकता उत्पन्न करना है।
संगोष्ठी के उदघाटन सत्र की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम की संयोजक और आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक, प्रो. सुजाता चतुर्वेदी, ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के विषय से सबका परिचय सुश्री अनीता अग्रवाल, जस्ट फॉर एनवायरनमेंट की अध्यक्ष ने करवाया तथा इस संस्था के संरक्षक प्रो. नरेंद्र मोहन ने मुख्य वक्तव्य दिया। महाविद्यालय की उप प्राचार्य प्रो. श्वेता चंद ने अपने वक्तव्य द्वारा प्रकृति के संपोषित विकास पर बल दिया तथा गौरैया जैसी विलुप्त होती अनेक प्रजातियों की देखभाल एवं जल संरक्षण की महत्ता स्पष्ट की। इसी कड़ी में कॉलेज की छात्रा वैष्णवी दीक्षित द्वारा बनाए गए पक्षियों के घर कॉलेज में लगाने हेतु प्राचार्य जी को भेंट किये गए। ये पूर्णतः पर्यावरण अनुकूल है जिसे उन्होंने प्रयोग में न लाई जा सकने वाली वस्तुओं द्वारा बनाया है। इसके पश्चात अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य प्रो. जोसेफ़ डेनियल ने पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सतत विकास को छात्रों और देश के भविष्य के लिए अत्यावश्यक बताया। इसके बाद जस्ट फॉर एनवायरनमेंट संस्था ने पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु संस्था के रूप में क्राइस्ट चर्च कॉलेज को और साथ ही अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों, जैसे डॉ. सिधान्शु राय (सी.एस.जे.एम.यू, कानपुर), डॉ. द्रौपदी यादव (सी.एस.जे.एम.यू, कानपुर), डॉ. ब्रजेश कुमार (एच.बी.टी.आई., कानपुर) एवं श्री बी.के.सिंघल (यू.वी.टी.प्रा.लि.) को सम्मानित किया।
तकनीकी सत्र में पाँच विद्वान् वक्ताओं ने अपने विचार अर्यावरण के विभिन्न आयामों पर रखे। इनमें जस्ट फॉर एनवायरनमेंट के सदस्य श्री बी.के. सिंघल, सुश्री नीलम चतुर्वेदी और सुश्री अनुष्का कनोडिया ने पर्यावरण चेतना, जल संरक्षण, संपोषित विकास आदि महत्वपूर्ण अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हुए आज के जीवन में इनके समन्वय की महती आवश्यकता बताई। क्राइस्ट चर्च कॉलेज के प्रो. नवीन कुमार अम्बष्ट और ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर उनके प्रभाव पर चर्चा की और श्री अवधेश मिश्र ने एंथ्रोपोसीन की पृष्ठभूमि में वक्तव्य प्रस्तुत किया। तकनीकी सत्र का सफल संचालन डॉ. अंकिता लाल और डॉ. शुभी तिवारी ने किया।
इस संगोष्ठी के अंतर्गत एक पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था, जिसमें शहर और प्रदेश के अनेक छात्र छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इसके विजेता छात्रों को भी कार्यक्रम के अंत में पुरस्कृत किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंजलि सचान ने, द्वितीय स्थान कांची त्रिपाठी ने और तृतीय स्थान शिवांग शुक्ला ने प्राप्त किया तथा प्रोत्साहन पुरस्कार उर्वशी कुरील और लवी सोनकर को प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति की सचिव प्रो. मीत कमल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन छात्रा कांची त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, शोध विद्यार्थी उपस्थित रहे।