आईसीआई आठ प्रमुख उद्योगों जैसे सीमेंट, कोयला, कच्चा तेल, बिजली, उर्वरक, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और इस्पात के उत्पादन के संयुक्त और विशिष्ट निष्पादन को मापता है। आठ प्रमुख उद्योगों में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं का 40.27 प्रतिशत हिस्सा शामिल है।
जून 2023 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर को संशोधित कर 8.4 प्रतिशत कर दिया गया है। अप्रैल से सितंबर, 2023-24 के दौरान आईसीआई की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7.8 प्रतिशत (अनंतिम) दर्ज की गई।
आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक का सारांश नीचे दिया गया है:
सीमेंट– सीमेंट उत्पादन (भारांक: 5.37 प्रतिशत) सितंबर 2022 की तुलना में सितंबर 2023 में 4.7 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से सितंबर, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 11.5 प्रतिशत बढ़ गया।
कोयला– कोयला उत्पादन (भारांकः10.33 प्रतिशत) सितंबर 2022 की तुलना में सितंबर 2023 में 16.1 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से सितंबर 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 12.2 प्रतिशत बढ़ गया।
कच्चा तेल- कच्चे तेल का उत्पादन (भारांक: 8.98 प्रतिशत) सितंबर 2022 की तुलना में सितंबर 2023 में 0.4 प्रतिशत कम हो गया। अप्रैल से सितंबर, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.4 प्रतिशत कम हो गया।
बिजली– बिजली उत्पादन (भारांक:19.85 प्रतिशत) सितंबर 2022 की तुलना में सितंबर 2023 में 9.3 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से सितंबर, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 6.0 प्रतिशत बढ़ गया।
उर्वरक- उर्वरक उत्पादन (भारांक: 2.63 प्रतिशत) सितंबर 2022 की तुलना में सितंबर 2023 में 4.2 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से सितंबर 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7.0 प्रतिशत बढ़ गया।
प्राकृतिक गैस– प्राकृतिक गैस का उत्पादन (भारांक: 6.88 प्रतिशत) सितंबर 2022 की तुलना में सितंबर 2023 में 6.5 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से सितंबर, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4.3 प्रतिशत बढ़ गया।
पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद– पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन (भारांक: 28.04 प्रतिशत) सितंबर 2022 की तुलना में सितंबर 2023 में 5.5 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से सितंबर, 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 4.0 प्रतिशत बढ़ गया।
इस्पात- इस्पात उत्पादन (भारांक: 17.92 प्रतिशत) सितंबर, 2022 की तुलना में सितंबर 2023 में 9.6 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से सितंबर 2023-24 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 14.2 प्रतिशत बढ़ गया।
नोट 1: जुलाई 2023, अगस्त 2023 और सितंबर, 2023 का डेटा अनंतिम हैं। स्रोत एजेंसियों के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार प्रमुख उद्योगों की सूचकांक संख्याओं को संशोधित/अंतिम रूप दिया जाता है।
नोट 2: अप्रैल 2014 से, नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन संबंधी डेटा भी शामिल है।
नोट 3: ऊपर बताए गए उद्योग-वार भार आईआईपी से प्राप्त विशिष्ट उद्योग भार हैं और आनुपातिक आधार पर 100 के बराबर आईसीआई के संयुक्त भार तक बढ़ाए गए हैं।
नोट 4: मार्च 2019 से, तैयार स्टील के उत्पादन में ‘कोल्ड रोल्ड (सीआर) कॉइल्स‘ आइटम के तहत हॉट रोल्ड पिकल्ड एंड ऑयल्ड (एचआरपीओ) नामक एक नया स्टील उत्पाद भी शामिल किया गया है।
नोट 5: अक्टूबर 2023 के लिए सूचकांक गुरुवार 30 नवंबर 2023 को जारी किया जाएगा।
आठ प्रमुख उद्योगों का निष्पादन
वार्षिक सूचकांक एवं वृद्धि दर
आधार वर्ष: 2011-12=100
सूचकांक
| सेक्टर | कोयला | कच्चा तेल | प्राकृतिक गैस | रिफाइनरी उत्पाद | उर्वरक | इस्पात | सीमेंट | बिजली | समग्र सूचकांक |
| भार | 10.33 | 8.98 | 6.88 | 28.04 | 2.63 | 17.92 | 5.37 | 19.85 | 100.00 |
| 2012-13 | 103.2 | 99.4 | 85.6 | 107.2 | 96.7 | 107.9 | 107.5 | 104.0 | 103.8 |
| 2013-14 | 104.2 | 99.2 | 74.5 | 108.6 | 98.1 | 115.8 | 111.5 | 110.3 | 106.5 |
| 2014-15 | 112.6 | 98.4 | 70.5 | 108.8 | 99.4 | 121.7 | 118.1 | 126.6 | 111.7 |
| 2015-16 | 118.0 | 97.0 | 67.2 | 114.1 | 106.4 | 120.2 | 123.5 | 133.8 | 115.1 |
| 2016-17 | 121.8 | 94.5 | 66.5 | 119.7 | 106.6 | 133.1 | 122.0 | 141.6 | 120.5 |
| 2017-18 | 124.9 | 93.7 | 68.4 | 125.2 | 106.6 | 140.5 | 129.7 | 149.2 | 125.7 |
| 2018-19 | 134.1 | 89.8 | 69.0 | 129.1 | 107.0 | 147.7 | 147.0 | 156.9 | 131.2 |
| 2019-20 | 133.6 | 84.5 | 65.1 | 129.4 | 109.8 | 152.6 | 145.7 | 158.4 | 131.6 |
| 2020-21 | 131.1 | 80.1 | 59.8 | 114.9 | 111.6 | 139.4 | 130.0 | 157.6 | 123.2 |
| 2021-22 | 142.3 | 77.9 | 71.3 | 125.1 | 112.4 | 163.0 | 156.9 | 170.1 | 136.1 |
| 2022-23 | 163.5 | 76.6 | 72.4 | 131.2 | 125.1 | 178.1 | 170.6 | 185.2 | 146.7 |
| अप्रैल-सितंबर 22-23 | 140.0 | 77.4 | 72.2 | 129.3 | 122.3 | 167.4 | 163.3 | 193.2 | 143.0 |
| अप्रैल-सितंबर 23-24* | 157.0 | 77.1 | 75.3 | 134.4 | 130.8 | 191.2 | 182.0 | 204.7 | 154.1 |
*अनंतिम
वृद्धि दरें (वर्ष-दर-वर्ष आधार पर प्रतिशत में)
| सेक्टर | कोयला | कच्चा तेल | प्राकृतिक गैस | रिफाइनरी उत्पाद | उर्वरक | इस्पात | सीमेंट | बिजली | समग्र वृद्धि |
| भार | 10.33 | 8.98 | 6.88 | 28.04 | 2.63 | 17.92 | 5.37 | 19.85 | 100.00 |
| 2012-13 | 3.2 | -0.6 | -14.4 | 7.2 | -3.3 | 7.9 | 7.5 | 4.0 | 3.8 |
| 2013-14 | 1.0 | -0.2 | -12.9 | 1.4 | 1.5 | 7.3 | 3.7 | 6.1 | 2.6 |
| 2014-15 | 8.0 | -0.9 | -5.3 | 0.2 | 1.3 | 5.1 | 5.9 | 14.8 | 4.9 |
| 2015-16 | 4.8 | -1.4 | -4.7 | 4.9 | 7.0 | -1.3 | 4.6 | 5.7 | 3.0 |
| 2016-17 | 3.2 | -2.5 | -1.0 | 4.9 | 0.2 | 10.7 | -1.2 | 5.8 | 4.8 |
| 2017-18 | 2.6 | -0.9 | 2.9 | 4.6 | 0.03 | 5.6 | 6.3 | 5.3 | 4.3 |
| 2018-19 | 7.4 | -4.1 | 0.8 | 3.1 | 0.3 | 5.1 | 13.3 | 5.2 | 4.4 |
| 2019-20 | -0.4 | -5.9 | -5.6 | 0.2 | 2.7 | 3.4 | -0.9 | 0.9 | 0.4 |
| 2020-21 | -1.9 | -5.2 | -8.2 | -11.2 | 1.7 | -8.7 | -10.8 | -0.5 | -6.4 |
| 2021-22 | 8.5 | -2.6 | 19.2 | 8.9 | 0.7 | 16.9 | 20.8 | 8.0 | 10.4 |
| 2022-23 | 14.8 | -1.7 | 1.6 | 4.8 | 11.3 | 9.3 | 8.7 | 8.9 | 7.8 |
| अप्रैल-सितंबर 22-23 | 21.0 | -1.3 | 1.8 | 10.1 | 11.5 | 6.9 | 11.0 | 10.8 | 9.8 |
| अप्रैल-सितंबर 23-24* | 12.2 | -0.4 | 4.3 | 4.0 | 7.0 | 14.2 | 11.5 | 6.0 | 7.8 |
*अनंतिम। वर्ष दर-वर्ष की गणना पिछले वर्ष के संबंधित वित्तीय वर्ष पर की जाती है
आठ प्रमुख उद्योगों का निष्पादन
मासिक सूचकांक एवं वृद्धि दर
आधार वर्ष: 2011-12=100
सूचकांक
| सेक्टर | कोयला | कच्चा तेल | प्राकृतिक गैस | रिफाइनरी उत्पाद | उर्वरक | इस्पात | सीमेंट | बिजली | समग्र सूचकांक |
| भार | 10.33 | 8.98 | 6.88 | 28.04 | 2.63 | 17.92 | 5.37 | 19.85 | 100.00 |
| सितंबर-22 | 127.5 | 75.2 | 72.1 | 120.2 | 127.0 | 172.8 | 158.7 | 187.4 | 138.6 |
| अक्टूबर-22 | 145.8 | 77.4 | 73.0 | 123.5 | 129.5 | 177.3 | 155.2 | 169.3 | 138.8 |
| नवंबर-22 | 167.5 | 75.8 | 71.8 | 119.7 | 129.2 | 175.5 | 164.3 | 166.7 | 139.4 |
| दिसंबर-22 | 184.4 | 78.2 | 74.5 | 139.3 | 129.9 | 190.9 | 184.8 | 179.4 | 153.4 |
| जनवरी-23 | 198.6 | 78.3 | 75.2 | 142.0 | 135.8 | 199.5 | 184.7 | 186.6 | 158.8 |
| फरवरी-23 | 190.1 | 68.1 | 67.0 | 129.1 | 125.2 | 185.4 | 180.2 | 174.0 | 147.3 |
| मार्च-23 | 235.5 | 77.3 | 74.6 | 144.7 | 118.1 | 204.4 | 198.4 | 188.0 | 164.7 |
| अप्रैल-23 | 161.2 | 75.0 | 68.9 | 132.7 | 118.7 | 191.2 | 192.0 | 192.3 | 151.2 |
| मई -23 | 167.6 | 78.8 | 73.2 | 141.1 | 138.2 | 192.5 | 191.8 | 201.6 | 157.4 |
| जून-23 | 162.4 | 76.4 | 73.4 | 136.2 | 130.8 | 191.9 | 195.0 | 205.2 | 155.9 |
| जुलाई-23* | 152.6 | 78.9 | 79.0 | 134.4 | 131.8 | 190.5 | 166.1 | 204.0 | 153.0 |
| अगस्त-23* | 150.3 | 78.4 | 80.3 | 135.4 | 133.3 | 191.7 | 181.3 | 220.5 | 157.4 |
| सितंबर-23* | 148.1 | 74.9 | 76.8 | 126.8 | 132.3 | 189.5 | 166.1 | 204.8 | 149.9 |
*अनंतिम
वृद्धि दरें (वर्ष-दर-वर्ष आधार पर प्रतिशत में)
| सेक्टर | कोयला | कच्चा तेल | प्राकृतिक गैस | रिफाइनरी उत्पाद | उर्वरक | इस्पात | सीमेंट | बिजली | समग्र वृद्धि |
| भार | 10.33 | 8.98 | 6.88 | 28.04 | 2.63 | 17.92 | 5.37 | 19.85 | 100.00 |
| सितंबर-22 | 12.1 | -2.3 | -1.7 | 6.6 | 11.8 | 7.7 | 12.4 | 11.6 | 8.3 |
| अक्टूबर-22 | 3.8 | -2.2 | -4.2 | -3.1 | 5.4 | 5.8 | -4.2 | 1.2 | 0.7 |
| नवंबर-22 | 12.3 | -1.1 | -0.7 | -9.3 | 6.4 | 11.5 | 29.1 | 12.7 | 5.7 |
| दिसंबर-22 | 12.3 | -1.2 | 2.6 | 3.7 | 7.3 | 12.3 | 9.5 | 10.4 | 8.3 |
| जनवरी-23 | 13.6 | -1.1 | 5.2 | 4.5 | 17.9 | 14.3 | 4.7 | 12.7 | 9.7 |
| फरवरी-23 | 9.0 | -4.9 | 3.1 | 3.3 | 22.2 | 12.4 | 7.4 | 8.2 | 7.4 |
| मार्च-23 | 11.7 | -2.8 | 2.7 | 1.5 | 9.7 | 12.1 | -0.2 | -1.6 | 4.2 |
| अप्रैल-23 | 9.1 | -3.5 | -2.9 | -1.5 | 23.5 | 16.6 | 12.4 | -1.1 | 4.6 |
| मई-23 | 7.2 | -1.9 | -0.3 | 2.8 | 9.7 | 12.0 | 15.9 | 0.8 | 5.2 |
| जून-23 | 9.8 | -0.6 | 3.5 | 4.6 | 3.4 | 21.3 | 9.9 | 4.2 | 8.4 |
| जुलाई-23* | 14.9 | 2.1 | 8.9 | 3.6 | 3.3 | 14.2 | 6.9 | 8.0 | 8.4 |
| अगस्त-23* | 17.9 | 2.1 | 10.0 | 9.5 | 1.8 | 12.4 | 19.3 | 15.3 | 12.5 |
| सितंबर-23* | 16.1 | -0.4 | 6.5 | 5.5 | 4.2 | 9.6 | 4.7 | 9.3 | 8.1 |
*अनंतिम। वर्ष दर-वर्ष की गणना पिछले वर्ष के इसी महीने से की जाती है
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर

कानपुर 31 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च कॉलेज महाविद्यालय के एनएसएस इकाई द्वारा एक दिवसीय सेमिनार का अयोजन किया गया , जिसकी थीम मिशन शक्ति: नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी सशक्तिकरण जिसके अंतर्गत विभिन्न कॉलेजों के एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर उपस्थित हुए,
द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत हुई तत्पश्चात प्राचार्य जोसेफ डेनियल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया ,सेमिनार में ऑनलाइन माध्यम से प्रो. विनय कुमार पाठक छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति ने अपने ओज पूर्ण विचारों से कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जागरूक किया इसी श्रंखला में प्रो .रिपुदमन , प्रो. मंजू सिंह , प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, डॉ श्याम मिश्रा ने अपने शब्दों से कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का महिलाओं का सशक्तिकरण करने के लिए सामाजिक बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया,कार्यक्रम में एनएसएस इकाई के स्वयं सेवकों ने नारी सशक्तिकरण पर छोटा सी नृत्य नाट्य प्रस्तुति की , तथा एनएसएस इकाई के स्वयं सेवकों ने लक्ष्य गीत की प्रस्तुति दी तथा डी जी कॉलेज की प्रोग्राम ऑफिसर डॉ संगीता सिरोही ने कार्यक्रम में ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा एकता दिवस के उपलक्ष्य पर सभी को शपथ ग्रहण कराई गई क्राइस्ट चर्च की प्रोग्राम ऑफिसर डॉ सुनीता वर्मा व एनएसएस हेड रितेश यादव, मानवी शुक्ला तथा उनके साथ उनकी टीम जिसमे हर्षिता,आर्थर ,अहमद, तरंग, आयुष,अपेक्षा, नागेंद्र , इरम , आयुषी, सोनल , प्राची , शौर्य , विपिन , आर्यन , दिया , हर्ष, विक्रम, विवेक आदि के सहयोग से कार्यक्रम का समापन हुआ ।
कानपुर 31 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, कानपुर के द्वारा कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में एकता रन, एकता की शपथ, भाषण प्रतियोगिता एवम व्याख्यान का आयोजन कर लौह पुरुष सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो अर्चना वर्मा जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वल्लभभाई पटेल महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, हमारे देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं प्रथम गृहमंत्री थे। भारतवर्ष की एकता एवम अक्षुण्णता को बनाए रखने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल के द्वारा दिखाया गया रास्ता अतिमहत्वपूर्ण है। कार्यक्रम को सफल बनाने में सेल्फ फाइनेंस की डायरेक्टर प्रो वंदना निगम, कार्यालय अधीक्षक कृष्णेंद्र श्रीवास्तव,एन सी सी इंचार्ज डॉ मनीष पांडे, भूगोल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अंजना श्रीवास्तव, बी एड विभाग इंचार्ज डॉ सबीहा अंजुम एवं समस्त प्राध्यापिकाओं , एनएसएस वॉलिंटियर्स तथा महाविद्यालय की समस्त छात्राओं का विशेष योगदान रहा।
कानपुर 29 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता एस. जे. महाविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा एक विशिष्ट व्याख्यान आयोजित किया गया है जिसका शीर्षक “प्रोटीन संशलेषण में न्यूक्लिक अम्लों की भूमिका व महत्त्व” के मुख्य अतिथि प्रो०सुनीता आर्या डी.जी.पी.जी. महाविद्यालय, कानपुर द्वारा व्याख्यान दिया गया।
न्यूक्लिक अम्लों को प्रोटीन संशलेषण में भूमिका व प्रोटीन निर्माण की प्रक्रिया को समझाया। इसके अतिरिक्त शरीर के विकास में प्रोटीन के महत्त्व को बतलाया। कार्यक्रम क संचालन डॉ अनुराग सिंह कुशवाह द्वारा किया गया तथा डॉ०रीता गुप्ता, डॉ० वंदना मिश्रा, डॉ० रामकेश परिहार, डॉ० रेखा शुक्ला एवं डॉ० सुनील उमराव ने सहयोग प्रदान किया कार्यक्रम क समापन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ० संजीव कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि, शिक्षकगण तथा समस्त छात्र / छात्राओं ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कानपुर 28 अक्टूबर भारतीय स्वरूप संवाददाता, राजकीय इंटर कॉलेज टिकरी,विकास खण्ड, ददरौल, शाहजहाँपुर के तत्त्वावधान में नक्षत्र फाउण्डेशन द्वारा “विद्यार्थियों की अभिरुचि एवं आधुनिक शिक्षा प्रणाली” विषयक शैक्षिक दक्षता वृृद्धि व्याख्यानमाला की पाँचवी प्रस्तुति का आयोजन किया गया। उक्त व्याख्यानमाला में वक्ता के रूप में डॉ शिव प्रकाश (वरिष्ठ पुस्तकालय अधिकारी एवं हिंदी अधिकारी, सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान, लखनऊ) अम्बरीष श्रीवास्तव(अम्बर), आर्किटेक्चरल इंजीनियर एवं साहित्यकार, सीतापुर, रोहित कुमार(यूजीसी एसआरएफ, जैव रसायन प्रभाग,सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ) उपस्थित रहे। उक्त व्याख्यानमाला में विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा उक्त विषय से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए
व्यख्यानमाला में रोहित कुमार ने बताया कि जीवन में ज्ञान का विस्तार करना बहुत आवश्यक है। अम्बरीष श्रीवास्तव(अम्बर) ने बताया कि शिक्षा में विभिन्न सिद्धांतो को उदाहरण के माध्यम से सरल बनाया जा सकता है। डॉ शिव प्रकाश ने अपने व्याख्यान में बताया कि परीक्षा में प्राप्त हुए अंको से विषय के प्रति अपनी रुचि को परिवर्तित नहीं करना चाहिए। उक्त कार्यक्रम में राजकीय इंटर कॉलेज टिकरी के प्रधानाचार्य राघव मिश्रा, विद्यालय के प्रवक्ता विजय सिंह, विद्यालय के सहायक अध्यापक प्रशांत पाठक, एवं कार्यक्रम संयोजिका डॉ ऋचा आर्या उपस्थित रहीं।
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एसएन सेन बालिका पी जी कॉलेज ने नई शिक्षा नीति के तहत शैक्षिक भ्रमण का आयोजीत किया।
महाविद्यालय की ओजस्वी प्राचार्या प्रो सुमन और उन्नत दृष्टिकोण के समर्थक महाविद्यालय के सचिव पीके सेन एवं संयुक्त सचिव शुभ्रो सेन ने अपनी छात्राओं के लिए वनस्पति विज्ञान विभाग के माध्यम से इस शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया इस भ्रमण के अंतरगत महाविद्यालय की 90 छात्राओ ने वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डा प्रीति सिंह डा मीनाक्षी व्यास, अवधेश एवं रिंकु सिंह के साथ लखनऊ के राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान तथा बीरबल साहनी इंस्टिट्यूट ऑफ़ पेलियोटीनी का भ्रमण किया।
सर्वप्रथम छात्राओ ने एन बीआर आई के गार्डन में स्मेल एंड साउंड गार्डन,संरक्षणशाला, साइकेड एंड जुरासिक गार्डेन, कैक्टस हाऊस, मास हाउस , फ़र्न हाउस तथा सेंट्रल गार्डन के अतिरिक्त ऐतिहासिक १८५७ की क्रांति में अंग्रेज़ी हुकूमत के विरुद्ध प्रयुक्त बरगद के वृक्ष को देखा । छात्राओं ने हेर्बेरियम बनाने एवं संरक्षण के गुड सीखे और भारत के तीसरे बड़े वनस्पति हेर्बेरियम को देखा और एक्सपोज़िशन में नए अनुसंधानों की जानकारी प्राप्त की। दूसरे संस्थान बीएस आई पी पुरातत्व विज्ञान से संबंधित था जहां छात्राओ ने जियोलाजिकल टाइम क्लॉक , इम्प्रैशन , पेट्रिफ़िकेशन,कार्बन डेटिंग के बारे में जानकारी प्राप्त की। जो जानकारी महाविद्यालय के प्रांगण मे उपलब्ध होना असंभव था ऐसी जानकारी प्राप्त कर सभी छात्राएँ अत्यंत प्रसन्न हो शाम को महाविद्यालय लौट आयीं।