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उच्च ऊर्जा परमाणु जुड़ाव नई दिशा प्रदान कर रहा है, जिससे अगली पीढ़ी के क्वांटम उपकरणों के विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है

भारतीय क्वांटम अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण प्रगति के रूप में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। वैज्ञानिकों ने पाया है कि जब ऐसे परमाणु, जो हमारे चारों ओर के पदार्थ के मूल निर्माण के छोटे-छोटे खंड हैं, उनको बहुत अधिक ऊर्जा दी जाती है, तो वे स्वतंत्र कणों की तरह व्यवहार करना बंद कर देते हैं। इस अवस्था में वे अब अलग-अलग कणों की तरह नहीं रहते, बल्कि आपस में इतनी मजबूती से जुड़ जाते हैं कि रोशनी के साथ उनका संबंध भी बदल जाता है और उसकी प्रतिक्रिया विकृत दिखाई देने लगती है।

इतनी उच्च अवस्थाओं पर रिडबर्ग परमाणु संकेतों पर पहली बार देखी गई यह अनोखी विकृति भविष्य में क्वांटम कंप्यूटर, सेंसर और संचार उपकरण बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है।

साधारण परमाणु छोटे-से कण होते हैं, लेकिन रिडबर्ग परमाणु असाधारण रूप से विशाल होते हैं। जब वैज्ञानिक किसी परमाणु के सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन को ऊर्जा के बहुत ऊंचे स्तर पर ले जाते हैं, तो उसका आकार सामान्य से कहीं बड़ा हो जाता है और वह अपने आस-पास के वातावरण के प्रति बेहद संवेदनशील हो जाता है। यही अनोखे गुण रिडबर्ग परमाणुओं को भविष्य के क्वांटम कंप्यूटरों और अति-सटीक सेंसरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनाते हैं। हालांकि, यही संवेदनशीलता उन्हें अप्रत्याशित भी बना देती है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के स्वायत्त संस्थान, रमन अनुसंधान संस्थान (आरआरआई) की एक टीम ने रुबिडियम परमाणुओं को लगभग परम शून्य तापमान तक ठंडा किया — इतना ठंडा कि वे मुश्किल से हिल पाते हैं। इन परमाणुओं को बाद में लेजर और चुंबकीय क्षेत्रों की मदद से फंसा दिया गया। इसके बाद, प्रकाश किरणों का उपयोग करके वैज्ञानिकों ने उन्हें रिडबर्ग अवस्था में उत्तेजित किया। आमतौर पर परमाणु अपनी उत्तेजना को एक स्पष्ट और मूलग्रंथ जैसे पैटर्न में प्रकट करते हैं, जिसे ऑटलर-टाउन्स स्प्लिटिंग कहा जाता है।

चित्र- फंसे हुए ठंडे परमाणु सेट-अप में रिडबर्ग उत्तेजना का एक कलात्मक प्रतिनिधित्व

हालांकि जब शोधकर्ताओं ने परमाणुओं को 100वें ऊर्जा स्तर से आगे धकेला, तो साफ और नियमित पैटर्न अचानक टूट गया। अब उनका व्यवहार धुंधला तथा विकृत दिखने लगा। यह कोई त्रुटि नहीं थी, बल्कि एक अद्भुत खोज थी: परमाणु अब अकेले नहीं, बल्कि एक साथ कार्य कर रहे थे। यह ऐसा था कि जैसे एक बड़ा झुंड तालमेल से नाच रहा हो, वे एक-दूसरे से जुड़ रहे थे, प्रभाव डाल रहे थे और सामूहिक रूप से प्रतिक्रिया दे रहे थे।

रिडबर्ग परमाणुओं में उच्च ऊर्जा पर दिखने वाली ये विचित्र विकृतियां क्वांटम तकनीक के लिए एक संकेत की तरह हैं। ये वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करती हैं कि किस समय परमाणु अकेले रहते हैं और कब वे एक साथ जुड़कर जटिल, आपस में उलझे समूह बनाते हैं, जो बड़ी एवं जटिल प्रणाली की नकल करने में सक्षम होते हैं। ये वास्तव में परिशुद्धता वाले प्रयोगों में उपयोगी हैं। यह जानना कि परमाणु कब और कैसे एक-दूसरे से ‘जुड़ना’ शुरू करते हैं, भविष्य के क्वांटम कंप्यूटर, सेंसर और संचार उपकरण बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

आरआरआई में प्रोफेसर संजुक्ता रॉय और उनके पीएचडी विद्यार्थियों शिल्पा बी एस और शोवन के बारिक के नेतृत्व में आईआईएसईआर पुणे में प्रोफेसर रेजिश नाथ की टीम द्वारा सैद्धांतिक मॉडलिंग के साथ किये गए इस प्रयोग ने नाजुक इंजीनियरिंग को गहन भौतिकी अंतर्दृष्टि के साथ जोड़ा है। उनकी विशेष रूप से निर्मित पहचान प्रणाली इतनी संवेदनशील थी कि वह बहुत कम संख्या में फोटॉनों को भी पहचान सकती थी, जिससे उन्हें अत्यधिक उच्च ऊर्जा स्तरों पर रिडबर्ग परमाणुओं का अध्ययन करने में सहायता मिली, जहां अन्य विफल हो गए थे।

डॉ. रॉय के अनुसार, ‘हमारे प्रयोग में एक अत्यंत संवेदनशील पहचान प्रणाली स्थापित की गई, जो परमाणुओं द्वारा उत्सर्जित कुछ ही फोटॉनों का भी पता लगाने में सक्षम है। इससे हमें अत्यधिक उत्तेजित रिडबर्ग अवस्थाओं (n > 100) में मौजूद परमाणुओं का पता लगाने में मदद मिली, भले ही उनके संक्रमण की संभावनाएं बहुत कम रही हों। हमने अपने प्रयोग को इस तरह अनुकूलित किया है कि अत्यधिक उत्तेजित रिडबर्ग अवस्थाओं से आने वाले सिग्नल को उच्च सिग्नल-टू-शोर अनुपात के साथ मापा जा सके।’

इस खोज ने भारतीय शोधकर्ताओं को वैश्विक क्वांटम अनुसंधान के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित कर दिया है। यह दिखाता है कि जब वैज्ञानिक परमाणुओं को लगभग पूरी तरह स्थिर अवस्था तक ठंडा करते हैं और फिर उन्हें अत्यधिक ऊर्जावान बनाते हैं, तो वे पदार्थ को व्यक्तिगत से सामूहिक रूप में बदलते हुए देख सकते हैं।

परमाणु व्यवहार को समझने यह नई खोज भविष्य की क्वांटम प्रौद्योगिकियों की सीमाएं निर्धारित करती है। इस नाजुक संतुलन पर ही क्वांटम प्रौद्योगिकियों का भविष्य आकार ले रहा है और यह ज्ञान आने वाले उपकरणों के निर्माण में मार्गदर्शन करेगा।

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अगस्त, 2025 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों का सूचकांक (आधार वर्ष: 2011-12=100)

अगस्त, 2024 के सूचकांक की तुलना में अगस्त, 2025 में आठ प्रमुख उद्योगों (आईसीआई) का संयुक्त सूचकांक 6.3 प्रतिशत (अनंतिम) बढ़ गया। इस्पात, कोयला, सीमेंट, उर्वरक, बिजली और पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में अगस्त, 2025 में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। वार्षिक सूचकांक, मासिक सूचकांक और वृद्धि दर का विवरण अनुबंध और अनुबंध II में दिया गया है।

आठ प्रमुख उद्योगों अर्थात् कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली के उत्पादन के संयुक्त और अलग-अलग प्रदर्शन को मापता है। यह औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं के भार का 40.27 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।

जुलाई, 2025 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर 3.7 प्रतिशत रही। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान आठ प्रमुख उद्योग की संचयी वृद्धि दर पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.8 प्रतिशत (अनंतिम) है।

आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक का सारांश निम्नलिखित है:

कोयला – कोयला उत्पादन (भारांक: 10.33 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 11.4 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.7 प्रतिशत कम रहा।

कच्चा तेल – कच्चे तेल का उत्पादन (भारांक: 8.98 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 1.2 प्रतिशत घट गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.7 प्रतिशत घट गया।

प्राकृतिक गैस – प्राकृतिक गैस का उत्पादन (भारांक: 6.88 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 2.2 प्रतिशत घट गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 2.5 प्रतिशत घट गया।

पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद – पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादन (भारांक: 28.04 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 3.0 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.4 प्रतिशत बढ़ गया।

उर्वरक – उर्वरक उत्पादन (भारांक: 2.63 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 4.6 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.8 प्रतिशत कम हो गया।

इस्पात – इस्पात उत्पादन (भारांक: 17.92 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 14.2 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 10.4 प्रतिशत बढ़ गया।

सीमेंट – सीमेंट उत्पादन (भारांक: 5.37 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 6.1 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 8.4 प्रतिशत बढ़ गया।

बिजली – बिजली उत्पादन (भारांक: 19.85 प्रतिशत) अगस्त, 2025 में अगस्त, 2024 की तुलना में 3.1 प्रतिशत बढ़ गया। अप्रैल से अगस्त, 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 0.5 प्रतिशत बढ़ गया।

 

नोट 1: जुलाई, 2025 के आँकड़े अंतिम हैं। अगस्त, 2025 के आंकड़े अनंतिम हैं। प्रमुख उद्योगों के सूचकांक स्रोत एजेंसियों से प्राप्त अद्यतन आँकड़ों के अनुसार संशोधित/अंतिम किए जाते हैं।

नोट 2: अप्रैल 2014 से नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन के आंकड़े भी शामिल हैं।

नोट 3: ऊपर दर्शाए गए उद्योग-वार भार, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक से प्राप्त अलग-अलग उद्योग भार हैं तथा इन्हें आठ प्रमुख उद्योग के संयुक्त भार के अनुपातिक आधार पर 100 के बराबर बढ़ाया गया है।

नोट 4: मार्च 2019 से, तैयार स्टील के उत्पादन के अंतर्गत ‘कोल्ड रोल्ड (सीआर) कॉइल्स’ मद के अंतर्गत हॉट रोल्ड पिकल्ड एंड ऑइल्ड (एचआरपीओ) नामक एक नया स्टील उत्पाद भी शामिल किया गया है।

नोट 5: सितंबर, 2025 के लिए सूचकांक मंगलवार, 21 अक्टूबर, 2025 को जारी किया जाएगा।

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बिक्री (पुनर्निर्गम) की घोषणा (i) “6.68% सरकारी प्रतिभूति 2040”  और (ii) “6.90% सरकारी प्रतिभूति 2065”

भारत सरकार ने (i) मूल्य आधारित नीलामी, विविध मूल्य विधि के माध्यम से 16,000 करोड़ रुपये (अंकित) की अधिसूचित राशि के लिए “6.68% सरकारी प्रतिभूति 2040” और (ii) मूल्य आधारित नीलामी, विविध मूल्य विधि के माध्यम से 16,000 करोड़ रुपये (अंकित) की अधिसूचित राशि के लिए “6.90% सरकारी प्रतिभूति 2065” की बिक्री (पुनर्निर्गम) करने की घोषणा की है । भारत सरकार के पास उपरोक्त प्रत्येक प्रतिभूति में 2,000 करोड़ रुपये की सीमा तक, अतिरिक्त अभिदान बनाए रखने का विकल्प होगा। ये नीलामियाँ, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई कार्यालय, फोर्ट, मुंबई द्वारा 26 सितम्बर, 2025 (शुक्रवार) को संचालित की जाएगी।   

प्रतिभूतियों की बिक्री की अधिसूचित राशि के 5 प्रतिशत तक की राशि सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी में अप्रतिस्पर्धी बोली सुविधा योजना के अनुसार पात्र व्‍यक्तियों और संस्थाओं को आवंटित की जाएगी।

नीलामी हेतु प्रतिस्पर्धी और अप्रतिस्पर्धी दोनों बोलियां भारतीय रिज़र्व बैंक कोर बैंकिंग सोल्यूशन (ई-कुबेर प्रणाली) पर इलेक्ट्रॉनिक प्रपत्र में 26 सितम्बर, 2025 को प्रस्तुत की जानी चाहिए। अप्रतिस्पर्धी बोलियां पूर्वाह्न 10:30 बजे से पूर्वाह्न 11:00 बजे के बीच और प्रतिस्पर्धी बोलियां पूर्वाह्न 10:30 बजे से पूर्वाह्न 11:30 बजे के बीच प्रस्तुत की जानी चाहिए।   

नीलामियों के परिणाम की घोषणा 26 सितम्बर, 2025 (शुक्रवार) को की जाएगी और सफल बोलीदाताओं द्वारा भुगतान 29 सितम्बर, 2025 (सोमवार) को किया जाएगा।  

ये प्रतिभूतियां भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा उनके समय समय पर यथा संशोधित परिपत्र

दिनांक 24 जुलाई, 2018 के सं. आरबीआई/2018-19/25, तहत जारी “केन्‍द्र सरकार की प्रतिभूतियों में जब निर्गमित लेन-देन” संबंधी दिशानिर्देशों के अनुसार “जब निर्गमित” कारोबार के लिए पात्र होंगी।

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रक्षा मंत्री ने मोरक्को में भारतीय समुदाय से मुलाकात की और ऑपरेशन सिंदूर में भारत के संयम और संकल्प पर प्रकाश डाला

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने  रबात, मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत की। भारतीय समुदाय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बलों की निर्णायक कार्रवाई की सराहना की। रक्षा मंत्री ने दोहराया कि पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हुए कायरतापूर्ण हमले का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को पूरी आजादी दी गई थी। देश के दृढ़ लेकिन संयमित दृष्टिकोण का वर्णन करने के लिए रामचरितमानस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की कार्रवाई सोची-समझी और आक्रामक नहीं थी, “हमने धर्म देख कर नहीं, कर्म देख कर मारा है।”

भारतीयों के साथ बातचीत के दौरान श्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत की बहुआयामी प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद, भारत दुनिया की 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और जल्द ही शीर्ष तीन में शामिल होने के लिए तैयार है। रक्षा मंत्री ने भारत के डिजिटल परिवर्तन, ज्ञान अर्थव्यवस्था में तेज़ प्रगति और एक दशक पहले 18 यूनिकॉर्न से 118 तक स्टार्टअप्स की संख्या में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के रक्षा उद्योग ने 1.5 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन और 100 से अधिक देशों को 23,000 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा निर्यात की उपलब्धि हासिल की है।

श्री राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय की कड़ी मेहनत, समर्पण और ईमानदारी की प्रशंसा की, उन्होंने विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के शब्दों को याद करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में, चरित्र ही व्यक्ति की असली पहचान है। भारतीय समुदाय ने मजबूत आर्थिक नींव और बढ़ती सैन्य शक्ति में निहित भारत की वैश्विक भूमिका पर गर्व व्यक्त किया।

 

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कुराश के लिए ओपन सिलेक्शन ट्रायल्स भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI CRC) भोपाल में आयोजित किए जाएंगे

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के अंतर्गत गठित कुराश की आयोजन समिति द्वारा अक्टूबर में होने वाली कुराश विश्व चैंपियनशिप के लिए ओपन सिलेक्शन ट्रायल्स का आयोजन किया जा रहा है। यह ट्रायल्स 18 से 20 सितंबर 2025 तक भारतीय खेल प्राधिकरण, केंद्रीय क्षेत्रीय केंद्र (CRC), भोपाल (मध्यप्रदेश) में आयोजित किए जाएंगे।

ये ट्रायल्स उन खिलाड़ियों के लिए खुले हैं जिन्होंने वर्ष 2022 से अब तक किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय कुराश प्रतियोगिता में कैडेट, जूनियर या सीनियर श्रेणी में कम से कम एक पदक प्राप्त किया हो, और जिनकी आयु 17 से 35 वर्ष के बीच (जन्म 1 जनवरी 1990 से 31 दिसंबर 2008 के बीच) हो। साथ ही खिलाड़ियों के पास कम से कम छह महीने की वैधता वाला भारतीय पासपोर्ट और पंजीकृत चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी किया गया वैध मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। हालांकि, जो खिलाड़ी वर्तमान में किसी अन्य मार्शल आर्ट्स की विश्व रैंकिंग सूची में शामिल हैं, वे इन ट्रायल्स के लिए पात्र नहीं होंगे।

पुरुषों के लिए मान्य भार वर्ग -60 किग्रा, -66 किग्रा, -73 किग्रा, -81 किग्रा, -90 किग्रा, -100 किग्रा, -120 किग्रा, और +120 किग्रा हैं, जबकि महिलाओं के लिए -48 किग्रा, -52 किग्रा, -57 किग्रा, -63 किग्रा, -70 किग्रा, -78 किग्रा, -87 किग्रा, और +87 किग्रा भार वर्ग निर्धारित हैं। प्रतिभागियों को मूल पासपोर्ट (आयु सत्यापन हेतु), दो हालिया पासपोर्ट आकार के फोटो, वर्ष 2022 से अब तक की कुराश प्रतियोगिता में प्राप्त योग्यता प्रमाण पत्र, और भरा हुआ स्वघोषणा पत्र (Annexure-A) साथ लाना अनिवार्य है। इसके अलावा, खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ग्रीन और ब्लू कुराश यख्ताक (Yakhtak) यूनिफॉर्म भी लाना होगा।

ट्रायल्स से संबंधित अधिक जानकारी के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट https://sportsauthorityofindia.nic.in/sai_new/    पर विजिट करें।

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सशक्त नारी समृद्ध प्रदेश:मिशन शक्ति-पंचम चरण कार्यशाला आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद कॉलेज कानपुर में ग्वालटोली थाना पुलिस टीम के द्वारा सब इंस्पेक्टर दुर्गेश राय एवं किरण के नेतृत्व में मिशन शक्ति (पंचम चरण) के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय मिशन शक्ति कोर्डिनेटर डॉ संगीता सिरोही बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं एवं महिला शिक्षकों को नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन से संबंधित विभिन्न योजनाओं, सेवाओं तथा महिला हेल्पलाइन सुविधाओं के बारे में जानकारी देना था।

कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्राओं को वुमन हेल्पलाइन 1090, 112, 181, महिला पुलिस बीट, मिशन शक्ति केंद्र तथा महिला परामर्श केंद्र जैसी सेवाओं के विषय में विस्तार से बताया गया। साथ ही स्वयं की सुरक्षा हेतु आत्मरक्षा के उपाय, साइबर क्राइम से बचाव, और अपराध की त्वरित रिपोर्टिंग पर विशेष जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित 100 से अधिक छात्राओं ने सक्रिय रूप से सहभागिता की तथा प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में, सभी को नारी सशक्तिकरण हेतु समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प दिलाया गया। कार्यशाला छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी रही, जिससे उनमें आत्मविश्वास और जागरूकता दोनों का विकास हुआ।

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स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा के अंतर्गत स्वच्छता अभियान

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस एन सेन महाविद्यालय में *स्वच्छता पखवाड़ा – स्वच्छता ही सेवा* के अंतर्गत स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। यह अभियान कॉलेज की एनएसएस इकाई कार्यक्रम अधिकारी डॉ श्वेता रानी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।मीडिया प्रभारी डॉ प्रीति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर 70 से अधिक छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और महाविद्यालय परिसर में सफाई कार्य किया। स्वयंसेवकों ने कूड़ा-कचरा एकत्र कर उचित स्थान पर निस्तारित किया तथा आमजन को स्वच्छता का संदेश दिया।

यह कार्यक्रम छात्रों की जागरूकता, जिम्मेदारी और *स्वच्छ भारत अभियान* के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। अंत में विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने घर, मोहल्ले और समाज में स्वच्छता का संदेश निरंतर फैलाते रहेंगे।

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श्रीराम जन्म होते ही गूंजे गीत, बाल कलाकारो ने मन मोहा

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। श्रीराम रामलीला सोसाइटी परेड में रामलीला शुरू हुई। लीला के पहले दिन नारद मोह, राम जन्म और बाल लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम के जन्म लेते ही अयोध्यावासी खुशी से झूम उठे। हर घर में लोग बधाइयां गाने लगे। महाराज दशरथ ने प्रभु राम को गोद में लेकर सभी अयोध्यावासियों को दर्शन कराए। लीला के मंचन में कलाकारों ने संवाद के माध्यम से ऐसा समा बांध की माहौल भक्तिमयीं हो गया । भगवान राम की जन्म और बाल लीला में प्रथम साहू सहित अन्य बच्चों ने अपनी लीला से सभी का मन मोह लिया । मंचन से पहले दोपहर में रामलीला भवन में मुकुट पूजन हुआ। शाम को बैंड बाजे के साथ रामलीला भवन से शोभायात्रा निकाली गई जो परेड रामलीला मैदान पहुंच कर समाप्त हुई । भगवान लक्ष्मी नारायण जी की आरती के बाद लीला का मंचन शुरू हुआ । व्यास महेश दत्त चतुर्वेदी के भजनों से भक्त भाव विभोर हो गए । इस दौरान सोसाइटी प्रधानमंत्री कमलकिशोर अग्रवाल, लाल जी शुक्ल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग, संरक्षक राकेश गर्ग, मंत्री आलोक अग्रवाल, संयोजक जगत नारायण गुप्ता , अशोक अग्रवाल लोकेश अग्रवाल और वीरेंद्र अग्रवाल मौजूद थे ।

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कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई)/भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) 2 से 31 अक्टूबर, 2025 तक विशेष अभियान 5.0 चलाएगा

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के निर्देशों के अनुरूप, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई)/भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) 2 से 31 अक्टूबर, 2025 तक विशेष अभियान 5.0 में भाग लेगा , जिसका प्रारंभिक चरण 15 से 30 सितंबर, 2025 तक चलेगा  इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनानालंबित मामलों को कम करनारिकॉर्ड प्रबंधन और कबाड़ एवं ई-कचरे के वैज्ञानिक निपटान पर केंद्रित होगा ।

विशेष अभियान 4.0 के दौरान पिछले वर्ष कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई)/भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने लंबित मामलों को कम करने, फाइलों की समीक्षा और निपटान, कार्यालय स्थान रिक्त करने, कबाड़ और ई-कचरे का निपटान, राजस्व सृजन और आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने में उल्लेखनीय प्रगति की। इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए, सभी आईसीएआर संस्थानों, क्षेत्रीय केंद्रों और क्षेत्रीय कार्यालयों से विशेष अभियान 5.0 में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया गया है।

कार्यान्वयन की निगरानी, ​​दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने और अधिकतम दृश्य प्रभाव वाले आदर्श अभियान स्थलों को प्रदर्शित करने के लिए एसएमडी-वार नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। प्रारंभिक गतिविधियों में स्वच्छतास्थान प्रबंधनई-कचरा निपटानलंबित संदर्भ और रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए लक्ष्य निर्धारण शामिल हैं , जिनका पूर्ण कार्यान्वयन 2 अक्टूबर, 2025 से शुरू होगा।

कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई)/भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) इस अभियान के माध्यम से स्पष्ट परिणाम प्राप्त करने तथा स्वच्छतादक्षता और सार्वजनिक सेवा वितरण की संस्कृति को बनाए रखने की योजना बना रहा है ।

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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से 2 अक्टूबर, 2025 से विशेष अभियान 5.0 का आयोजन किया जाएगा

प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कृषि एवं किसान कल्याण विभाग 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक विशेष अभियान 5.0 के तहत विभिन्न गतिविधियां संचालित करने की योजना बना रहा है। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनाना, सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करना और इन कार्यालयों के साथ आम जनता के अनुभव को बेहतर बनाना है। अभियान का महत्वपूर्ण पहलू सरकारी कार्यालयों में उत्पन्न ई-कचरे का नियमों के अनुसार निपटान करना है।

पिछले वर्ष विशेष अभियान 4.0 के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पूरे भारत में 1791 स्थलों की सफाई की। इससे कार्यालयों में लगभग 55473 वर्ग फुट जगह खाली कराया गया और 11299 किलोग्राम कचरे का निपटान किया गया। इसके साथ ही 61,07,784/- रुपये की राजस्व की प्राप्ति हुई। इसके अलावा 22269 जन शिकायतों का निपटारा किया गया। 53660 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई और 19241 फाइलों को हटाया गया।

विशेष अभियान 5.0 के लिए विभाग ने पहले ही नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है। इस विभाग के सभी प्रभागों और सभी अधीनस्थ/संलग्न कार्यालय, सार्वजनिक उपक्रम, स्वायत्त निकाय और डीएएंडएफडब्ल्यू के प्रशासनिक नियंत्रण वाले प्राधिकरण से अभियान को सफल बनाने के लिए इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया गया है।

डीएएंडएफडब्ल्यू के सचिव ने स्वच्छता ही सेवा और विशेष अभियान 5.0 के दौरान किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा करने के लिए इस विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में विभाग के नोडल अधिकारी और उसके संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालयों आदि के साथ दो बार विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें आयोजित की गईं।

उनसे अनुरोध किया गया कि वे तैयारी के प्रारंभिक चरण के दौरान स्वच्छता स्थलों, स्थान प्रबंधन, ई-कचरे, स्क्रैप और अनावश्यक वस्तुओं के निपटान, सांसदों, राज्य सरकारों, अंतर-मंत्रालयी संदर्भों, संसदीय आश्वासनों, पीएमओ संदर्भों, लोक शिकायतों और उसकी अपीलों तथा रिकॉर्ड प्रबंधन आदि से संबंधित लक्ष्यों की पहचान करें और उन्हें प्रस्तुत करें।

डीएएंडएफडब्ल्यू के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत सभी प्रभागों/क्षेत्रीय और बाहरी कार्यालयों के संबंध में विशेष अभियान 5.0 के लिए प्रारंभिक चरण में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 2 अक्टूबर, 2025 से कार्यान्वयन चरण शुरू किया जाएगा।

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