प्यार की महक कुछ भीनी-सी, गहरी-सी,
जो हृदय को दे अद्भुत स्पंदन।
ऐसा स्पर्श, जो पूरे जीवन को
नव-सृजन की ओर ले जाए।
कार्य की नई लय से
जीवन महके—बिखरे नहीं।
महकते कदमों के संग
उच्च दिशाओं की ओर बढ़ते हुए,
पूरा करने के दृढ़ संकल्प में
रास्ता अपना बनता है।
पथ पर आगे बढ़ते हुए
प्यार का उजाला फैलता है,
राहें सरल होती जाती हैं।
बाधाओं के बीच उभरता एक सरोवर,
जो सुन्दर कर्मों से
और गहरी आशाओं से भर जाता है।
मन की कल्पनाओं को मिलता है आकार,
कल्पना—जो भीतर की शाश्वत ज्योति है।
यही है प्यार का रंग।
और इस रंग को संजोकर रखना हमारी जिम्मेदारी।
~डॉ रश्मि गोयल
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