इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य कला, विरासत, संगीत और साहित्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देकर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मज़बूत करना है। यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने, नियामक और नीतिगत अनुभवों को साझा करने और त्योहारों एवं आयोजनों में भागीदारी को सुगम बनाने पर आधारित है। यह समझौता सांस्कृतिक संस्थानों के बीच संचार को भी प्रोत्साहित करता है और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से संबंधित ज्ञान और व्यवहार के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है।
दोनों मंत्रियों ने, हस्ताक्षर समारोह से पहले द्विपक्षीय वार्ता के दौरान, विभिन्न क्षेत्रों में सांस्कृतिक सहयोग को आगे बढ़ाने और सांस्कृतिक क्षेत्र में संयुक्त सहयोग गतिविधियों को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। भारत और सऊदी अरब के बीच दीर्घकालिक सांस्कृतिक संबंधों और लोगों के बीच आपसी संपर्क पर आधारित गहरे ऐतिहासिक संबंधों का सम्मान करते हुए दोनों मंत्री इस बात पर सहमत हुए कि सांस्कृतिक सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों में बढ़ती गति को और बल मिलेगा।
दोनों संस्कृति मंत्री भारत-सऊदी अरब सामरिक भागीदारी परिषद (एसपीसी) के अंतर्गत पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग की नवगठित मंत्रिस्तरीय समिति के सह-अध्यक्ष भी हैं। इस समिति की घोषणा अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सऊदी अरब के जेद्दा की राजकीय यात्रा के दौरान की गई थी। ध्यान रहे, पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग पर मंत्रिस्तरीय समिति के गठन के बाद से दोनों संस्कृति मंत्रियों की यह पहली द्विपक्षीय बैठक है।
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