Breaking News

युवा जगत

एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के पाँचवे दिन फैशन शो प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 28 जनवरी एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज, कानपुर की कादोम्बिनी देवी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की प्रभारी डॉ. श्वेता रानी के निर्देशन में उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्पोजिट, ग्राम पंचायत-नेतुआ, जनपद- उन्नाव, में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के पाँचवे दिन के प्रथम सत्र का आरंभ राष्ट्रीय स्वयंसेविकाओं के फैशन शो प्रतियोगिता से किया गया| फैशन-शो आत्मविश्वास, संप्रेषण कौशल, अनुशासन, रचनात्मकता, टीमवर्क, मंचीय शिष्टाचार तथा आत्म-अभिव्यक्ति के माध्यम से व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का मंच प्रस्तुत करता है | नंदिका श्रीवास्तव, कोमल दिवाकर, अदिति ओझा, सिमरन, अंशिका यादव, खुशी, अंशिका विश्वकर्मा, शताक्षी, माही मिश्रा, जाह्नवी मिश्रा ने प्रतिभाग किया।

प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की महती भूमिका का निर्वाह प्रोफेसर गार्गी यादव और लक्ष्मी तिवारी ने किया। प्रथम पुरस्कार नंदिका, द्वितीय पुरस्कार कोमल, तृतीय पुरस्कार अदिति और सांत्वना पुरस्कार सिमरन को दिया गया। प्राथमिक विद्यालय की कक्षा सात की दो छात्राओं मनीषा और अंजलि को भी रैम्प वॉक करने के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गय। दूसरे सत्र में चतुर्थ दिवस की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के पश्चात्‌ स्वयंसेविकाओं ने बस्ती में जाकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के स्वास्थ्य लाभ, घर से जल निकासी के उचित प्रबंध करने और ठोस कूड़ा निस्तारण के उपायों के बारे में जागरूक किया सह-प्रभारी डॉ. अनामिका और. एस. एस. की स्वयंसेविका दिव्यांशी शर्मा, मन्तशा, शुभांशी,प्रियल. शिवानी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरिनारायण ने शिविर के सफल आयोजन में विशेष योगदान दिया। शिविर में लगभग 50 राष्ट्रीय स्वयंसेविकाओं ने सहभागिता की।

Read More »

क्राइस्ट चर्च कॉलेज में MAAC एनिमेशन द्वारा मीडिया और मनोरंजन के लिए वर्कशॉप आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर कार्यक्रम क्राइस्ट चर्च कॉलेज के करियर काउंसलिंग सेल द्वारा आयोजित किया गया था, कार्यक्रम का उद्घाटन करियर काउंसलिंग सेल के समन्वयक प्रो. मीत कमल ने किया। इस दौरान अतिथि वक्ता और VFX ट्रेनर अशिष चौरसिया ने छात्रों को VFX एनिमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एडिटिंग गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया और उसके बाद एनिमेशन फिल्म दिखाकर छात्रों को उनके प्रोजेक्ट तथा प्लेसमेंट क्राइटेरिया बताया गया। छात्रों ने इसमें कई AI तथा VFX एनिमेशन इंडस्ट्री से संबंधित प्रश्न पूछे।

इस कार्यक्रम का आयोजन प्रिंसिपल प्रोफेसर विनय जॉन सेबेस्टियन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ उन्होंने इस आयोजन के लिए करियर काउंसलिंग सेल और MAAC एनिमेशन की टीम को धन्यवाद दिया।

अंत में प्रो. मीत कमल ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और क्राइस्ट चर्च के करियर काउंसलिंग सेल की पूरी टीम और MAAC एनिमेशन VFX ट्रेनर अशिष चौरसिया और उनकी टीम को धन्यवाद दिया, सबके सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

Read More »

उच्च शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा जागरूकता हेतु जनपद स्तरीय रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन

कानपुर 28 (जिला सूचना कार्यालय) जनवरी उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क जागरूकता अभियान के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक/लघु नाटिका एवं रील निर्माण की जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग, कानपुर नगर एवं परिवहन विभाग, कानपुर नगर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, कानपुर मंडल, कानपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह रहीं। साथ ही सहायक संभागीय अधिकारी डी.के. सिंह की भी विशिष्ट उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के सहायक नोडल अधिकारी डॉ. आलोक कुमार पाण्डेय द्वारा कार्यक्रम का समन्वय किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुमन शुक्ला, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर, कानपुर नगर द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।

मुख्य अतिथि प्रो. राजेश प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। युवाओं की सक्रिय सहभागिता से ही सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी रूप से कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम सिद्ध होते हैं।

नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर छात्रों की रचनात्मक भागीदारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होती है।

प्रतियोगिताओं में जनपद के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। समापन समारोह में सहायक संभागीय अधिकारी डी.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के व्यवहार और जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने युवाओं से यातायात नियमों का पालन करने के साथ-साथ समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया तथा बताया कि परिवहन विभाग भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता अभियानों को निरंतर संचालित करता रहेगा।

भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर के प्रो. अजय कुमार एवं महिला महाविद्यालय, कानपुर नगर की प्रो. ज्योति किरण रहीं। रील निर्माण प्रतियोगिता के लिए राजकीय महाविद्यालय अनॉगी, कन्नौज के डॉ. संजय सिंह एवं अरमापुर कॉलेज, कानपुर की डॉ. निशी द्विवेदी निर्णायक रहीं। नुक्कड़ नाटक एवं लघु नाटिका प्रतियोगिता के लिए अरमापुर कॉलेज, कानपुर के डॉ. विवेक सिंह एवं महिला महाविद्यालय, कानपुर की डॉ. दीपाली निगम ने निर्णायक की भूमिका निभाई। सभी निर्णायकों द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर प्रतिभागियों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया।

निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के उपरांत भाषण प्रतियोगिता में रश्मि शुक्ला, ए.एन.डी. कॉलेज ने प्रथम स्थान, नितिन सिंह, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर ने द्वितीय स्थान तथा अंशिका दीप, एस.एन. बालिका कॉलेज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नुक्कड़ नाटक एवं लघु नाटिका प्रतियोगिता में नितिन सिंह एवं टीम, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर ने प्रथम स्थान, अंशिका द्विवेदी एवं टीम, ए.एन.डी. कॉलेज, कानपुर ने द्वितीय स्थान तथा श्याम सिंह एवं टीम, डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रील निर्माण प्रतियोगिता में संस्कृति जायसवाल, पी.पी.एन. कॉलेज, कानपुर ने प्रथम स्थान, अरीशा, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर ने द्वितीय स्थान तथा आस्था, ब्रह्मवर्त कॉलेज, कानपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित कर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई। कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

Read More »

एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 27 जनवरी सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के चतुर्थ दिन एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज, कानपुर की कादोम्बिनी देवी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्पोजिट, ग्राम पंचायत-नेतुआ, जनपद- उन्नाव, में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया जिसमें रक्तचाप, शुगर, नेत्र, रक्त आदि की मुफ़्त जाँच की गई| शिविर के आरंभ में एन.एस.एस. प्रभारी डॉ. श्वेता रानी, सह-प्रभारी डॉ. अनामिका, उपस्थित डॉक्टर्स और उनके सहयोगियों के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित किए गए। शिविर में उजाला सिगनस के फिजिशियन डॉ. आर. के. तिवारी, नेत्र चिकित्सक डॉ. अभिषेक के द्वारा ग्रामीणों को मुफ़्त चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया। लगभग 200 ग्रामीणों ने मुफ़्त स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का लाभ उठाय। शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने भी अपने की जाँच करवाईं।

तृतीय दिवस की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के पश्चात्‌ स्वयंसेविकाओं ने बस्ती में जाकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य शिविर की जानकारी दी और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रेरित किया| एन. एस. एस. की स्वयंसेविका नंदिका श्रीवास्तव, दिव्यांशी शर्मा, कोमल दिवाकर, मन्तशा, अंशिका, शिवानी, सिमरन, खुशी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी  हरिनारायण ने शिविर के सफल आयोजन में विशेष योगदान दिया। शिविर में लगभग 50 राष्ट्रीय स्वयंसेविकाओं ने सहभागिता की।

Read More »

दिल्ली के केली बॉयज बनाएंगे इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11’ में अपनी खास पहचान

भारतीय स्वरूप संवाददाता दिल्ली  देश के सबसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठित टैलेंट रियलिटी शो ‘इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11’ में इस बार दिल्ली से आए दमदार कंटेस्टेंट केली बॉयज अपने अनोखे अंदाज़ और जबरदस्त परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब सवाल यही है कि क्या केली बॉयज शो के स्पॉटलाइट में अपनी जगह बना पाएंगे या नहीं—इसका जवाब जानने के लिए दर्शकों को देखना होगा सोनी पल, रोज़ाना रात 8 बजे, सोमवार से शनिवार।

दिल्ली से ताल्लुक रखने वाले केली बॉयज अपने अलग कॉन्सेप्ट, फ्यूज़न स्टाइल और ग्रुप केमिस्ट्री के लिए जाने जाते हैं। उनकी परफॉर्मेंस युवाओं के बीच खासा क्रेज़ पैदा कर रही है और यही वजह है कि दर्शक बेसब्री से उनके अगले परफॉर्मेंस का इंतज़ार कर रहे हैं।

इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न देश का सबसे बड़ा टैलेंट हंट शो है, जिसने सालों से सिंगिंग, डांसिंग, म्यूज़िक, स्टंट्स और अनोखी प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच दिया है। सीज़न 11 में भी नए जोश, नए जुनून और बेहतरीन परफॉर्मेंस के साथ शो दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहा है।

सोनी पल भारत का लोकप्रिय फ्री-टू-एयर एंटरटेनमेंट चैनल है, जो हर वर्ग के दर्शकों के लिए मनोरंजक और पारिवारिक कंटेंट प्रस्तुत करता है। सोनी पल पर प्रसारित होने वाला इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11’दर्शकों को प्राइम टाइम में बेहतरीन एंटरटेनमेंट का अनुभव दे रहा है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या दिल्ली के केली बॉयज , इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11के मंच पर अपनी अलग पहचान बनाकर Spotlight में जगह बना पाते हैं या नहीं।

देखते रहिए सोनी पल, रोज़ रात 8 बजे, सोमवार से शनिवार—सिर्फ सोनी पल चैनल पर।

Read More »

दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ द्वारा खिचड़ी भोज आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के तत्वावधान में पारंपरिक खिचड़ी भोज का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आपसी सद्भाव, सहयोग और सामूहिक सहभागिता को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम निदेशक प्रो अर्चना वर्मा एवं प्राचार्या प्रो. वंदना निगम की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के योगदान की सराहना की तथा इस प्रकार के आयोजनों को संस्थान की सकारात्मक कार्यसंस्कृति के लिए आवश्यक बताया।

कार्यक्रम में कार्यालय अधीक्षक कृष्णेन्द्र श्रीवास्तव, दीप द्विवेदी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र एवं सचिव सहित समस्त पदाधिकारी, प्राध्यापिकाएं, छात्रायें एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से खिचड़ी भोज का दही बड़ा, अचार तथा पापड़ के साथ आनंद लिया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा। अंत में संघ की ओर से सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया।

Read More »

भारतीय रेलवे ने 2026 की समय सारणी में 549 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जिससे यात्रा समय में कमी आई और कार्यकुशलता बढ़ी

भारतीय रेलवे ने ट्रेन समय सारणी 2026 के अंतर्गत अनेक नई ट्रेनें शुरू करने के अलावा मौजूदा सेवाओं का विस्तार किया और ट्रेनों के फेरे बढ़ाए। इसके साथ ही कई ट्रेनों को सुपरफास्ट में तब्दील किया और विभिन्न रेलवे जोन में सेवाओं की गति बढ़ाई गई। मध्य रेलवे जोन में 4 नई ट्रेनें चलाई गईं, 6 का विस्तार किया गया और 30 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई। इसी तरह पूर्व तटीय रेलवे में 4 नई ट्रेनों चलाई गईं, 4 का विस्तार किया गया और 3 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई। पूर्व मध्य रेलवे में उल्लेखनीय विस्तार करते हुए 20 नई ट्रेनें चलाई गईं, 20 का विस्तार किया गया और 12 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई। पूर्व रेलवे में भी 6 नई ट्रेनें चलाई गईं, 4 का विस्तार किया गया और 32 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई।

उत्तर मध्य रेलवे ने 2 नई ट्रेनों शुरू कीं, 4 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 1 ट्रेन की गति बढ़ाई। उत्तर पूर्व रेलवे ने 8 नई ट्रेनें जोड़ीं, 4 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 12 ट्रेनों की गति में इजाफा किया। उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे ने 10 नई ट्रेनें शुरू कीं और 36 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई। इसी तरह, उत्तर रेलवे ने 20 नई ट्रेनें शुरू कीं, 10 का विस्तार किया और 24 ट्रेनों की गति बढ़ाई। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अपनी सेवा में 12 नई ट्रेनें जोड़ीं, 6 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 89 ट्रेनों की गति में वृद्धि की।

दक्षिण रेलवे ने 6 नई ट्रेनें शुरू कीं, 4 का विस्तार किया, 2 को सुपरफास्ट में परिवर्तित किया और 75 ट्रेनों की गति बढ़ाई। दक्षिण पश्चिम रेलवे ने 8 नई ट्रेनें शुरू कीं, 6 का विस्तार किया, 8 को सुपरफास्ट में तब्दील किया और 117 ट्रेनों की गति बढ़ाई जो सभी जोनों में सबसे ज्यादा है।

पश्चिम मध्य रेलवे ने 8 नई ट्रेनें शुरू कीं और 27 ट्रेनों की गति बढ़ाई। वहीं, पश्चिम रेलवे  ने 10 नई ट्रेनें शुरू कीं, 10 ट्रेनों का विस्तार किया, 2 ट्रेनों के फेरे बढ़ाए और 80 ट्रेनों की गति में सुधार किया।

कुल मिलाकर, ट्रेनों की समय सारिणी 2026 के तहत, 122 नई ट्रेनें शुरू की गईं, 86 ट्रेनों का विस्तार किया गया, 8 ट्रेनों के फेरे बढ़ाये गए, 10 ट्रेनों को सुपरफास्ट ट्रेनों में बदला गया और 549 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई।

नई ट्रेनों की शुरुआत का विवरण

ट्रेन समय सारणी 2026 के तहत प्रीमियम, एक्सप्रेस और पैसेंजर सभी तरह की सेवाओं मेंमेंq मिलाजुला कर 122 नई ट्रेनों को शामिल किया गया। इनमें से 26 ‘अमृत भारत’ ट्रेनें शुरू की गईं, जिनमें 4 ट्रेनें टीएजी-टीओडी  के माध्यम से शुरू की गईं हैं। सबसे अधिक हिस्सेदारी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की है जिनकी 60 सेवाएँ शुरू की गईं, जिनमें से 8 सेवाएँ टीएजी-टीओडी के माध्यम से शुरू हुईं। इसके अतिरिक्त 2 हमसफर ट्रेनें, 2 जन शताब्दी ट्रेनें, 2 नमो भारत रैपिड रेल सेवाएँ और 2 राजधानी ट्रेनें शुरू की गईं।

इसके अतिरिक्त, सेमी-हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 28 वंदे भारत ट्रेनें जोड़ी गईं। कुल मिलाकर, इन श्रेणियों में इस अवधि के दौरान शुरू की गई कुल 122 नई ट्रेनें शामिल हैं।

ट्रेनों की गति बढ़ाई गई

समय की पाबंदी में सुधार और यात्रा के समय को कम करने के लिए ट्रेनों की समय सारिणी 2026 के तहत कुल 549 ट्रेनों की गति बढ़ा दी गई है। इनमें से 376 ट्रेनों की गति 5 से 15 मिनट तक, 105 ट्रेनों की गति 16 से 30 मिनट तक, 48 ट्रेनों की गति 31 से 59 मिनट तक और 20 ट्रेनों की गति 60 मिनट या उससे अधिक बढ़ा दी गई।

दक्षिण पश्चिम रेलवे ने इसमें प्रमुख योगदान दिया, जिन ट्रेनों की गति बढ़ाई गई उनमें  66 ट्रेनों की गति 5-15 मिनट, 29 ट्रेनों की गति 16-30 मिनट, 12 ट्रेनों की गति 31-59 मिनट और 10 की 60 मिनट या उससे अधिक की गति वाली 10 ट्रेनें शामिल हैं। मध्य रेलवे ने 13 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 13 ट्रेनों में 16–30 मिनट और 4 ट्रेनों में 31–59 मिनट का सुधार किया। पूर्व तटीय रेलवे  ने 2 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 1 ट्रेन की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। पूर्व मध्य रेलवे  ने 7 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट, 2 ट्रेनों की 16–30 मिनट, 2 ट्रेनों की 31–59 मिनट और 1 ट्रेन की गति में 60 मिनट या उससे अधिक का सुधार किया। पूर्व रेलवे ने भी 29 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट और 3 ट्रेनों में 16–30 मिनट की वृद्धि की।

उत्तर मध्य रेलवे ने 1 ट्रेन की गति में 5–15 मिनट का सुधार किया। पूर्वोत्तर रेलवे ने 9 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 3 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 20 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 10 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 3 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 3 ट्रेनों में 60 मिनट या उससे अधिक का सुधार किया। उत्तर रेलवे ने 22 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 2 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। उत्तर पश्चिम रेलवे ने 67 ट्रेनों की गति को 5–15 मिनट, 14 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 7 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 1 ट्रेन की गति को 60 मिनट से अधिक बढ़ाया।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 9 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 2 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। दक्षिण रेलवे ने 53 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 10 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 9 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 3 ट्रेनों में 60 मिनट से अधिक का सुधार किया। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट, 1 ट्रेन की गति 16–30 मिनट और 1 ट्रेन की गति 31–59 मिनट बढ़ाई। पश्चिम रेलवे ने 53 ट्रेनों की गति को 5–15 मिनट, 15 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 10 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 2 ट्रेनों की गति को 60 मिनट या उससे अधिक बढ़ाया।

कुल मिलाकर, ट्रेनों की समय सारणी 2026, यात्रा के समय और यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए इंडियन रेलवे के मज़बूत इरादे को दिखाती है। सभी ज़ोन में 549 ट्रेनों की गति बढ़ाने की इस पहल से समयपालन, परिचालन दक्षता और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा जिससे देश भर में तेज़ और अधिक विश्वसनीय रेल सेवाएँ सुनिश्चित होंगी।

Read More »

केंद्र ने तमिलनाडु में 235 करोड़ रुपये की पत्तन परियोजनाएं शुरू कीं

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने चेन्नई पत्तन प्राधिकरण और कामराजार पत्तन लिमिटेड में 235 करोड़ रुपये की पत्तन अवसंरचना तथा डिजिटल शासन परियोजनाओं का शुभारंभ किया। यह पहल तमिलनाडु की समुद्री क्षमता को सुदृढ़ करने और भारत के समुद्री क्षेत्र के नेतृत्व वाले विकास के एजेंडा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

चेन्नई में आयोजित “विकसित भारत, विकसित पोर्ट्स” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि ये परियोजनाएं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, जलवायु-सहिष्णु तथा डिजिटल रूप से सक्षम पत्तनों के निर्माण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। साथ ही, ये पहल व्यवसाय करने में सुगमता और तटीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने में भी सहायक होंगी।

 सर्बानंद सोनोवाल ने कहा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी वह विज़न और नेतृत्व प्रदान करते हैं जो भारत के समुद्री क्षेत्र के रूपांतरण को गति देता है। “मोदी जी का विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत पर स्पष्ट ध्यान हमारे द्वारा किए जाने वाले प्रत्येक सुधार का मार्गदर्शन करता है। हम पत्तनों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं, तटीय लचीलापन सुदृढ़ कर रहे हैं, परिचालनों का डिजिटलीकरण कर रहे हैं तथा व्यापार सुगमता का विस्तार कर रहे हैं, जिससे भारतीय पत्तन विकास के इंजन, राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता के आधार और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के केंद्र के रूप में उभर सकें।”

कुल व्यय में से 129.36 करोड़ रुपये चेन्नई पत्तन प्राधिकरण में परियोजनाओं के लिए तथा 105.64 करोड़ रुपये कामराजार पत्तन लिमिटेड में पहलों के समर्थन हेतु निर्धारित किए गए हैं।

चेन्नई पत्तन प्राधिकरण के लिए केंद्रीय मंत्री ने लचीलापन, सुरक्षा और सार्वजनिक सेवा प्रदाय पर केंद्रित तीन परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में लगभग 850 मीटर लम्‍बी तटीय बर्थ के पीछे स्थित तटीय संरक्षण तटबंध की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण शामिल है। यह कार्य 33.28 करोड़ रुपये की लागत से जलवायु-सहिष्णु अभिकल्पों के साथ किया जाएगा। मंत्री ने तेल गोदी क्षेत्र में तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय के सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के लिए 43 करोड़ रुपये के निवेश से एक नए अग्निशमन पंप गृह के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इससे महत्वपूर्ण ऊर्जा-सुरक्षा परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा मानकों के पूर्ण अनुपालन वाली समर्पित, उच्च-क्षमता अग्निशमन अवसंरचना स्थापित होगी। इसके अतिरिक्त, 8.08 करोड़ रुपये के निवेश से चेन्नई पत्तन अस्पताल के आधुनिकीकरण के लिए भी शिलान्यास किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य वार्डों, शल्य चिकित्सा कक्षों, निदान सुविधाओं तथा सहायक सेवाओं का उन्नयन करने के साथ-साथ निर्बाध चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करना है।

 सोनोवाल ने एंटरप्राइज बिजनेस सिस्टम (ईबीएस) का भी उद्घाटन किया, जो एक सैप-आधारित (एसएपी- आधारित) एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है और यह वित्त, पत्तन संचालन, मानव संसाधन, परिसंपत्तियों, खरीद एवं ग्राहक सेवाओं को एक इकहरे आधार पर लाता है। इस प्रणाली का विकास 45 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इसके माध्यम से पारदर्शिता, अनुपालन और संचालन दक्षता में वृद्धि होने की अपेक्षा है, जिससे व्यवसाय की सुगमता में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

कामराजार पत्तन लिमिटेड के लिए, मंत्री ने उत्तरी-पश्चिमी सीमा पर नई सीमा दीवार का शिलान्यास किया, जो उत्तरी पत्तन पहुँच मार्ग (एनपीएआर) से जुड़ती है, और इसकी लागत 1.39 करोड़ रुपये है। इससे पहुँच नियंत्रण और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार होगा। केंद्रीय मंत्री ने 105 करोड़ रुपये के निवेश से पुनर्वासित उत्तरी ब्रेकवॉटर हेड का उद्घाटन भी किया, जिसे चक्रवात से हुए नुकसान के बाद सुदृढ़ किया गया है, जिससे नौवहन सुरक्षा और पत्तन संचालन में निरंतरता सुनिश्चित की जा सके। यह परियोजना भारत के पूर्वी समुद्री गलियारे में पत्तन की भूमिका को मजबूत करती है। पुनर्वास में 202 मीटर क्षेत्र शामिल है, जिसमें 3035 नए 25 मीट्रिक टन के टेट्रापॉड लगाए गए हैं। यह क्षेत्र पहले चक्रवात थाने और नीलम के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था।

भारत के समुद्री क्षेत्र में इन परियोजनाओं की भूमिका के महत्व पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “ये परियोजनाएं भारत को विश्व के अग्रणी समुद्री देशों में स्थापित करने के लिए एक बड़े, एकीकृत प्रयास का हिस्सा हैं। पत्तनों का आधुनिकीकरण, लचीलापन सुदृढ़ करना, परिचालनों का डिजिटलीकरण और व्यवसाय की सुगमता में सुधार करके, हम वह समुद्री आधार तैयार कर रहे हैं जो भारतीय अर्थव्यवस्था को रूपांतरित करने और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के विज़न की दिशा में अग्रसर करने के लिए आवश्यक है।”

एक राष्ट्रीय स्तर की व्यापार-सुगमता पहल के तहत, जो “एक राष्ट्र–एक पत्तन प्रक्रिया” (ओएनओपी) के अनुरूप है, सोनोवाल ने ई-पोर्ट क्लियरेंस पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से पत्तन मंजूरी प्रमाण पत्र, जिसमें अग्रिम मंजूरी भी शामिल है, ऑनलाइन प्रस्तुत और जारी किए जा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य इस पूरी प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करना, पारदर्शिता बढ़ाना और पूरे भारत में समुद्री संचालन के लिए पूर्वानुमान क्षमता में सुधार लाना है। पोर्टल शिपिंग लाइन/स्टीमर एजेंटों को ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करने और अपने यूज़र लॉगिन के माध्यम से पत्तन मंजूरी प्रमाण पत्र डाउनलोड करने की सुविधा देगा—इससे समुद्री संचालन में पारदर्शिता, गति और पूर्वानुमान क्षमता मजबूत होगी। माननीय केंद्रीय मंत्री ने चेन्नई पत्तन विद्यालय के 20 छात्रों के नौकायन प्रशिक्षण के लिए रॉयल मद्रास यॉट क्लब (आरएमवाईसी) को 18 लाख रुपये का चेक भी प्रदान किया।

श्री सोनोवाल ने कहा कि इन संयुक्त निवेशों से एक समुद्री शक्ति के रूप में तमिलनाडु की स्थिति उन्नत होगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति मजबूत होगी। उन्‍होंने कहा, “सागरमाला के तहत निरंतर निवेश और सुधार भारत के पत्तनों को वैश्विक मानकों वाले केंद्रों में बदल रहे हैं, जो विकास, रोजगार और राष्ट्रीय गौरव को समर्थन देते हैं।”

इस कार्यक्रम ने “वन्दे मातरम् @150” की राष्ट्रीय भावना को भी प्रतिबिंबित किया, जो इस प्रतिष्ठित गीत के 150वें वर्ष का प्रतीक है और एक मजबूत, आत्मनिर्भर भारत निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प की पुनः पुष्टि करता है।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने विशेष आवश्‍यकता वाले बच्चों के लिए शहर के टोंडियारपेट इलाके में स्थित स्वबोधिनी विद्यालय एवं व्यावसायिक केंद्र का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकगण के साथ संवाद किया और समावेशी विकास के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। सोनोवाल ने स्वबोधिनी के एकीकृत मॉडल की समीक्षा की, जिसमें विशेष शिक्षा को व्यावसायिक, वाक् और संवेदी चिकित्सा, फिजियोथेरेपी, खेल, योग और व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ जोड़ा गया है। इसमें मुद्रण, मोमबत्ती एवं साबुन बनाना और कम्प्यूटर शिक्षा जैसे कौशल विकास कार्यक्रम भी शामिल हैं। माननीय मंत्री को मापनीय परिणामों की जानकारी दी गई, जिनमें बच्चों की गतिशीलता, संचार कौशल में सुधार और सफल नियुक्तियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, स्‍थायित्‍व के मूल्यों को सुदृढ़ करते हुए श्री सोनोवाल ने “एक-पेड-माँ-के-नाम” अभियान के तहत एक पौधा भी रोपा।

इस कार्यक्रम में डॉ. मालिनी वी. शंकर, कुलपति, इंडिया मैरीटाइम यूनिवर्सिटी (आईएमयू), एस. विश्वनाथन, अध्यक्ष, चेन्नई पत्तन प्राधिकरण, जे.पी. आइरीन सिंथिया, प्रबंध निदेशक, कामराजार पत्तन लिमिटेड सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। इसके अलावा भी 450 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें पत्तन हितधारक, समुद्री पेशेवर, इंडिया मैरीटाइम यूनिवर्सिटी के छात्र और अधिकारी शामिल थे, ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

Read More »

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भिखारियों के लिए कल्याण और पुनर्वास के उपायों पर समीक्षा बैठक की

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में ‘ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भिखारियों के कल्याण और पुनर्वास’ पर एक बैठक कल नई दिल्ली के डॉ अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित की गई।

बैठक में चर्चा छह महानगरों- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलूरू और हैदराबाद को भिखारी मुक्त बनाने पर केंद्रित रही। इस उद्देश्य के लिए अभियान नगर निगमों, शहरी स्थानीय निकायों, राज्य समाज कल्याण विभागों, केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों और अन्य प्रमुख हितधारकों के बीच नजदीकी तालमेल से चलाया जाएगा।

हाइब्रिड तरीके से आयोजित इस बैठक में दिल्ली, चेन्नई, मुंबई और बेंगलूरू के नगर निगमों और संबंधित राज्य समाज कल्याण विभागों के प्रतिनिधियों, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के अधिकारियों तथा अन्य हितधारकों ने हिस्सा लिया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001R8EG.jpg

बैठक में, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव ने सूचित किया कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 और नियम, 2020 के लागू होने के बावजूद, प्रमुख महानगरों में ट्रैफिक सिग्नलों पर ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के भिक्षावृत्ति में निरंतर संलिप्त रहने के संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई एक बैठक में पहले भी चिंता जताई गई थी। सुरक्षा और गरिमा का ध्यान रखते हुए, यह तय किया गया कि शुरुआत में छह पहचान किये गए मेट्रो शहरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा ताकि वहां भिक्षावृति समाप्त की जा सके।

सरकार की मुख्य पहलों पर भी ज़ोर दिया गया, जिनमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए समान अवसर नीति (2024), नेशनल ट्रांसजेंडर पोर्टल, ट्रांसजेंडर पहचान पत्र और आयुष्मान कार्ड जारी करना, गरिमा गृहों की स्थापना और स्माइल योजना (आजीविका और उद्यम के लिए हाशिए पर पड़े व्यक्तियों के लिए सहायता योजना) का कार्यान्वयन शामिल है। इसके अंतर्गत ट्रांसजेंडर और भिक्षावृत्ति दोनों उप-योजनाएं शामिल हैं। बैठक में देशव्यापी अभियान “भिक्षावृत्ति मुक्त भारत” की भी समीक्षा की गई जिसके पहले चरण में 181 शहर शामिल हैं।

 

कल्याणकारी उपायों को लागू करने की स्थिति, भीख मांगने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के पुनर्वास में आने वाली चुनौतियों और ‘स्माइल’ (भिक्षावृत्ति) योजना के तहत हुई प्रगति पर बैठक के दौरान प्रेजेंटेशन दिए गए। यह योजना अभी दिल्ली और हैदराबाद में लागू है और इसे दूसरे शहरों में भी लागू करने का प्रस्ताव है।

मंत्री महोदय ने राज्यों को गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से एक महीने का गहन अभियान चलाने का निर्देश दिया, जिसमें ट्रैफिक सिग्नलों पर भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों के कौशल विकास, रोजगार और पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने समाज के वंचित वर्गों के लिए सुरक्षित, संरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने हेतु केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों, नगर निगमों और शहरी स्थानीय निकायों द्वारा समन्वित और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में भिक्षावृत्ति-मुक्त दर्जा प्राप्त करने वाले शहरों को पुरस्कृत करने का भी संकेत दिया गया।

बैठक का समापन सभी हितधारकों की उस सामूहिक प्रतिबद्धता के दोहराव के साथ हुआ, जिसमें शहरों को भिक्षावृत्ति-मुक्त बनाने और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों एवं भिक्षुओं के सामाजिक समावेशन और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया।

Read More »

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की सामूहिक चेतना को जागृत करने में सोमनाथ धाम की शाश्वत भूमिका को एक सुभाषित के माध्यम से रेखांकित किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पावन सोमनाथ धाम में श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र की सामूहिक चेतना को जागृत करने में इसकी शाश्वत भूमिका को रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पावन सोमनाथ धाम ने सदियों से अपनी दिव्य ऊर्जा के माध्यम से पीढ़ियों को प्रेरित किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि यह ऊर्जा आज भी आस्था, साहस और आत्मसम्मान के मार्ग को आलोकित करती हुई युगों से सभी भारतवासियों के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश के रूप में कार्य कर रही है।

एक संस्कृत श्लोक को एक्स पर उद्धृत करते हुए मोदी ने लिखा:

“पावन-पुनीत सोमनाथ धाम की भव्य विरासत सदियों से जन-जन की चेतना को जागृत करती आ रही है। यहां से निकलने वाली दिव्य ऊर्जा युग-युगांतर तक आस्था, साहस और स्वाभिमान का दीप प्रज्वलित करती रहेगी।

आदिनाथेन शर्वेण सर्वप्राणिहिताय वै।

आद्यतत्त्वान्यथानीयं क्षेत्रमेतन्महाप्रभम्।

प्रभासितं महादेवि यत्र सिद्ध्यन्ति मानवाः॥”

Read More »