कानपुर 3 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा विश्व साइकिल दिवस के उपलक्ष में एक रैली व साइकिल रेस का आयोजन
कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के नेतृत्व में किया गया। प्राचार्य प्रो. सुनंदा दुबे ने हरी झंडी दिखाकर रैली का शुभारंभ किया तथा छात्राओं को अपने व्याख्यान में बताया कि यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली द्वारा हर साल 3 जून को यह दिवस मनाया जाता है। आज ही के दिन साल 2018 में अंतरराष्ट्रीय साइकिल दिवस घोषित किया गया था। इसका प्रस्ताव अमेरिका के मोंटगोमरी कॉलेज के प्रोफेसर लेस्जेक सिबिल्सकी ने दिया था। डॉ अर्चना दीक्षित ने बताया कि इसका उद्देश्य लोगों को साइकिल चलाने के फायदों के प्रति जागरुक करना है।साइकिल चलाना सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से ही नहीं बल्कि हमारी सेहत के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद है। इस अवसर पर एनएसएस की वॉलिंटियर्स की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।
युवा जगत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और इजरायल के रक्षा मंत्री बेंजामिन गैंट्ज ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता की
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 02 जून, 2022 को नई दिल्ली में इजरायल के रक्षा मंत्री श्री बेंजामिन गैंट्ज के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक के दौरान द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और रक्षा औद्योगिक सहयोग से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच मौजूदा सैन्य गतिविधियों की समीक्षा की, जोकि कोविड – 19 महामारी की चुनौतियों के बावजूद बढ़ी हैं। उन्होंने भविष्य की प्रौद्योगिकियों तथा रक्षा सह-उत्पादन में अनुसंधान एवं विकास पर ध्यान देने के साथ-साथ रक्षा से संबंधित सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
दोनों मंत्रियों ने पारस्परिक सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और सामरिक एवं रक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर आपसी तालमेल को रेखांकित किया। उन्होंने सभी मंचों पर सहयोग बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। भारत-इजरायल रक्षा सहयोग के मौजूदा ढांचे को और अधिक मजबूत करने के इरादे से, दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग से संबंधित भारत-इजरायल विजन को अपनाया। दोनों मंत्रियों के बीच भविष्य की रक्षा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के संबंध में एक आशय पत्र का आदान-प्रदान भी किया गया।
इससे पहले दिन में, इज़राइल के रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का दौरा किया और स्मारक पर माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय बैठक से पहले उन्हें पारंपरिक रूप से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
इज़राइल के रक्षा मंत्री 02 जून, 2022 की सुबह भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से यह उनकी पहली भारत यात्रा है। रक्षा सहयोग द्विपक्षीय सहयोग के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक रहा है। इस वर्ष भारत और इज़राइल के बीच आधिकारिक राजनयिक संबंधों की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ है।
Read More »प्रधानमंत्री 3 जून को उत्तर प्रदेश के दौरे पर जाएंगे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 3 जून, 2022 को उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री लगभग 11 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ पहुंचेंगे, जहां वे यूपी इन्वेस्टर्स समिट के ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी @3.0 में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 1:45 बजे कानपुर के परौंख गांव पहुंचेंगे, जहां वे माननीय राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद के साथ पथरी माता मंदिर के दर्शन करेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे वे डॉ. बी. आर. अंबेडकर भवन जाएंगे, जिसके बाद दोपहर 2:15 बजे मिलन केंद्र का दौरा करेंगे। यह केंद्र माननीय राष्ट्रपति का पैतृक घर है, जिसे सार्वजनिक उपयोग के लिए दान कर दिया गया था और एक सामुदायिक केंद्र (मिलन केंद्र) में परिवर्तित कर दिया गया था। इसके बाद वे दोपहर 2:30 बजे परौंख गांव में एक सार्वजनिक समारोह में शामिल होंगे।
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान प्रधानमंत्री 80,000 करोड़ रुपये से अधिक की 1406 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। परियोजनाओं में कृषि और संबद्ध, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स, एमएसएमई, विनिर्माण, अक्षय ऊर्जा, फार्मा, पर्यटन, रक्षा एवं एयरोस्पेस, हथकरघा तथा कपड़ा आदि जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं। इस समारोह में देश के उद्योग जगत के दिग्गज शामिल होंगे।
21-22 फरवरी, 2018 को यूपी इन्वेस्टर्स समिट 2018 आयोजित किया गया था, जबकि पहला ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 29 जुलाई, 2018 को और दूसरा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 28 जुलाई, 2019 को आयोजित किया गया था। पहले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान, 61,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 81 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया था और दूसरे ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में 67,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 290 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।
Read More »रक्षा मंत्रालय के लिए सरकारी ई-मार्केट प्लेस (जीईएम) पर ई-सहमति मॉड्यूल शुरू किया गया
सरकार की डिजिटल इंडिया परिकल्पना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) ने जीईएम पोर्टल पर खरीद प्रस्तावों की ऑनलाइन ई-सहमति और अनुमोदन के लिए सक्षम वित्तीय अधिकारियों और आंतरिक वित्तीय सलाहकारों (आईएफए) के एकीकरण हेतु रक्षा मंत्रालय के लिए एक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)मॉड्यूल विकसित किया है। रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए), रजनीश कुमार, द्वारा1 जून, 2022 को नई दिल्ली में रक्षा लेखा विभाग मुख्यालय में सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री प्रशांत कुमार सिंह की उपस्थिति में इस एकीकरण मॉड्यूल को शुरू किया गया।
इस मॉड्यूल को पिछले एक साल के दौरान जीईएम द्वारा विकसित किया गया है, जिसमें रक्षा मंत्रालय, रक्षा लेखा विभाग मुख्यालय और विभिन्न रक्षा सेवाओं के मुख्यालय और अन्य रक्षा मंत्रालय संगठनों द्वारा प्रदान किए गए बिजनेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग (बीपीआर) पर आधारित प्रक्रियात्मक इनपुट का उपयोग किया गया है।
रक्षा मंत्रालय द्वारा जीईएम पोर्टल के माध्यम से खरीद वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 15,047.98 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी जो कि इसके पहले के वित्तीय वर्ष की तुलना में 250 प्रतिशत से भी अधिक है।
Read More »राष्ट्रीय महिला आयोग ने ‘एनआरआई विवाहों में परित्यक्त महिलाओं को न्याय के लिए अंतरराष्ट्रीय पहुंच: नीति एवं प्रक्रिया संबंधी अंतर’ विषय पर परामर्श का आयोजन किया
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने ‘एनआरआई विवाहों में परित्यक्त महिलाओं को न्याय के लिए अंतरराष्ट्रीय पहुंच: नीति एवं प्रक्रिया संबंधी अंतर’ विषय पर एक परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया ताकि एनआरआई पतियों द्वारा परित्यक्त भारतीय महिलाओं को राहत प्रदान करने के लिए सभी संबंधित हितधारकों को एक प्लेटफॉर्म पर साथ लाया जा सके और एनआरआई वैवाहिक मामलों से निपटने में आने वाली चुनौतियों एवं तकनीकी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा सके।

एनआरआई वैवाहिक मामलों में आने वाली वास्तविक चुनौतियों एवं तकनीकी मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए आयोग ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, गैर सरकारी संगठनों और संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों जैसे पुलिस, भारतीय दूतावासों/ विदेश में मिशनों, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों, राष्ट्रीय/ राज्य / जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण आदि से विशेषज्ञों को आमंत्रित किया। परामर्श को तीन तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया था: ‘एनआरआई/ पीआईओ से विवाहित भारतीय महिलाओं के सामने आने वाली समस्याओं की पहचान’, ‘न्याय तक पहुंच: भारतीय न्याय प्रणाली में चुनौतियों का सामना’ और ‘विदेश में न्याय तक पहुंच: विदेशी न्याय प्रणाली में चुनौतियां’। सत्र का संचालन महिला संसाधन एवं वकालत केंद्र, चंडीगढ़ के कार्यकारी निदेशक डॉ. पाम राजपूत, हरियाणा के डीआईजी (महिला सुरक्षा) आईपीएस सुश्री नाजनीन भसीन और एनआरआई के लिए पंजाब राज्य आयोग के पूर्व चेयरमैन न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राकेश कुमार गर्ग ने किया। एक खुली परिचर्चा के तहत विभिन्न संगठनों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। परिचर्चा के दौरान विभिन्न राज्यों के शिकायतकर्ताओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। पैनलिस्टों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों में एनआरआई मामलों से निपटने वाली एजेंसियों/ पुलिस अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, दूतावासों द्वारा संकटग्रस्त महिलाओं के मामले को प्राथमिकता के आधार पर उठाना, पीड़ितों के लिए एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन स्थापित करना और उन्हें विदेश कार्य मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के बारे में सूचित करना शामिल था। विशेषज्ञों ने तलाक, भरण-पोषण, बच्चों की परवरिश, उत्तराधिकार आदि के मामलों से संबंधित विदेशी अदालत द्वारा पारित आदेशों के पीड़ित महिलाओं पर प्रभाव के बारे में भी चर्चा की। साथ ही इस बात पर भी गौर किया गया कि भारतीय कानूनी व्यवस्था के मौजूदा प्रावधानों के तहत किस प्रकार ऐसी महिलाओं को राहत प्रदान की जा सकती है। राष्ट्रीय महिला आयोग का उद्देश्य इस विचार-विमर्श के जरिये पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कानूनी उपाय करने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
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राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के नई दिल्ली कैंपस की स्नातक प्रदर्शनी का आयोजन
राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के नई दिल्ली कैंपस की स्नातक प्रदर्शनी कल निफ्ट, दिल्ली में आयोजित की गई। ‘पूर्वावलोकन’ शीर्षक वाले इस कार्यक्रम में 2022 की कक्षा के स्नातक कार्यों के शानदार विवरण के साथ अनावरण किया गया। एक प्रभावशाली प्रदर्शनी में स्नातक परियोजनाओं ने रचनात्मकता और नवीनता को प्रदर्शित किया। फैशन प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित “क्रिएटिंग टेक्नोप्रीनर्स, टेक्नो समिट- 2022” उद्योग संगोष्ठी के तहत प्रौद्योगिकी में उद्यमिता को रेखांकित किया गया।
वस्त्र मंत्रालय के सचिव श्री उपेन्द्र प्रसाद सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। युवा स्नातकों के साथ बातचीत में श्री सिंह ने छात्रों से अपने लिए चुनिंदा क्षेत्रों में शानदार करियर बनाने के दौरान निफ्ट में निर्मित उत्कृष्टता की परंपरा को बनाए रखने का आह्वान किया।
वहीं, निफ्ट के महानिदेशक श्री शांतमनु ने छात्रों को आगे बढ़ने को लेकर एक प्रेरक स्थान प्रदान करने के लिए शिक्षकों को बधाई दी। वहीं, दिल्ली कैंपस की निदेशक- निफ्ट, आईआरएस श्रीमती मनीषा किन्नू ने युवा स्नातकों को उनके पाठ्यक्रम के सफल समापन पर बधाई दी। इस प्रदर्शनी में उन्होंने स्नातक करने वाले छात्रों के साथ बातचीत की। उन्होंने आगे युवा मस्तिष्कों से अपने नए करियर में नैतिक व सचेत रहने और “निफ्ट के ध्वज को ऊंचा रखने” का अनुरोध किया।
कोविड-19 महामारी के दौरान संस्थान ने अध्यापन और शिक्षण के नए तरीकों को अपनाया, जिससे इस कठिन समय में भी छात्रों के लिए सर्वश्रेष्ठ सुनिश्चित किया जा सके। कैंपस ऑनलाइन शिक्षण मोड को आगे बढ़ाया गया और शिक्षकों ने अपनी ओर से उत्कृष्ट प्रयास किए, जिससे छात्र अपने घर की सीमा से ही अपनी पूरी क्षमता के साथ इन तक पहुंच सकें। इस कार्यक्रम में शिक्षकों और स्नातक छात्रों के प्रयासों को प्रदर्शित किया गया और उद्योग व अकादमिक क्षेत्र की ओर से समान रूप से बहुत प्रशंसा और मान्यता प्राप्त हुई।
इस प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इनमें इको टसर से श्री खितिज पंड्या, डिवाइन डिजाइन की सुश्री अंजलि कालिया, ट्रिबर्ग से श्री संजय शुक्ला, पीएंडजी एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड से श्री मनोज तुली, माइन ऑफ डिजाइन की ओर से श्रीमती प्रतिमा पाण्डेय, श्री गौरव गुप्ता, श्री जॉय मित्रा व श्रीमती अंबर परिधि, दा मिलानो से श्री साहिल मलिक, अल्पाइन अपैरल्स प्राइवेट लिमिटेड से श्री संजय लीखा सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। विशिष्टताओं के अलावा इस प्रदर्शनी में उद्योग के लिए तैयार और व्यापक अवधारणाओं से जुड़ी रियल टाइम परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया। कुछ परियोजनाओं ने उद्योग विशिष्ट मुद्दों के लिए तकनीकी-युग समाधान प्रदान करने का प्रयास किया। वहीं, अन्य परियोजनाओं ने नवाचार संचालित प्रक्रियाओं और तकनीकों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना वर्ष 1986 में की गई थी। अपनी स्थापना के बाद से ही निफ्ट ने फैशन शिक्षा में एक मानक स्थापित किया, जो डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी के एक प्रमुख संस्थान के रूप में सामने आ रही है। निफ्ट, पेशेवर रूप से प्रबंधित 17 कैंपस के एक नेटवर्क के जरिए तकनीकी क्षमता के साथ रचनात्मक प्रतिभा के अपने अद्वितीय एकीकरण सहित अकादमिक मानकों को स्थापित करता है और विचार नेतृत्व में उत्कृष्टता प्राप्त करता है। निफ्ट अधिनियम, 2006 ने संस्थान को डिग्री और अन्य शैक्षणिक विशिष्टताओं को प्रदान करने का अधिकार दिया है।
Read More »आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस भारत में सड़कों को गाड़ी चलाने के लिए सुरक्षित बनाएगा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रेरित समाधान जल्द ही भारत में सड़कों को गाड़ी चलाने के लिए एक सुरक्षित स्थान बना सकते हैं। एक अद्वितीय एआई दृष्टिकोण जो सड़क पर जोखिमों की पहचान करने के लिए एआई की भविष्यसूचक शक्ति का उपयोग करता है और सड़क सुरक्षा से संबंधित कई सुधार करने के लिए ड्राइवरों को समय पर सावधान करने के लिए टकराव चेतावनी प्रणाली का उपयोग करता है, उसे दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाने के उद्देश्य से नागपुर शहर में लागू किया जा रहा है।
नागपुर में प्रोजेक्ट ‘इंटेलिजेंट सॉल्यूशंस फॉर रोड सेफ्टी थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग’ (आईआरएएसटीई) वाहन चलाते समय संभावित दुर्घटना का कारण बनने वाले परिदृश्यों की पहचान करेगा और एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) की मदद से ड्राइवरों को इसके बारे में सावधान करेगा। पूरे सड़क नेटवर्क पर लगातार गतिशील जोखिमों की निगरानी करके डेटा विश्लेषण और गतिशीलता विश्लेषण द्वारा ‘ग्रेस्पॉट्स’ की पहचान भी करेगा। ग्रेस्पॉट सड़कों पर ऐसे स्थान हैं, जिन पर ध्यान नहीं दिया गया वे ब्लैकस्पॉट (घातक दुर्घटनाओं वाले स्थान) बन सकते हैं। यह प्रणाली सड़कों की लगातार निगरानी करती है और डिजाइन इंजीनियरिंग निवारक रख-रखाव तथा बेहतर सड़क बुनियादी ढांचे के लिए सड़क पर मौजूदा ब्लैकस्पॉट को ठीक रखती है। आईआरएएसटीई परियोजना टेक्नोलॉजी वर्टिकल- डेटा बैंक और डेटा सेवाओं में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के एक नवाचार हब (टीआईएच) आई-हब फाउंडेशन, आईआईआईटी हैदराबाद के अधीन है जो आईएनएआई (एप्लाइड एआई रिसर्च इंस्टीट्यूट) के साथ इंटरडिसिप्लिनरी साइबर फिजिकल सिस्टम्स (एनएम-आईसीपीएस) पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा समर्थित इसके राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत है। परियोजना संघ में सीएसआईआर-सीआरआरआई और नागपुर नगर निगम शामिल हैं, जिसमें महिंद्रा और इंटेल उद्योग भागीदार हैं।
हब व्यापक डेटा-संचालित प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ देश भर में इसके प्रसार और रुपांतरण में बुनियादी और प्रायौगिक अनुसंधान को समन्वित, एकीकृत और बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। प्राथमिक उद्देश्यों में से एक शोधकर्ताओं, स्टार्टअप और उद्योग, मुख्य रूप से स्मार्ट मोबिलिटी, हेल्थकेयर के साथ-साथ स्मार्ट बिल्डिंग के क्षेत्रों में भविष्य के उपयोग के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन तैयार करना है। जो बात आईआरएएसटीई परियोजना को और भी अद्वितीय बनाती है वह यह है कि एआई और प्रौद्योगिकी को भारतीय परिस्थितियों के लिए एक ब्लूप्रिंट के रूप में व्यावहारिक समाधान बनाने के लिए लागू किया जा रहा है। जबकि आईआरएएसटीई प्रारंभ में नागपुर में उपलब्ध है, अंतिम लक्ष्य अन्य शहरों में इसे दोहराना है। वर्तमान में, उन बसों के बेड़े के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाने की तेलंगाना सरकार के साथ बातचीत चल रही है जो राजमार्गों पर चलती हैं। आईआरएएसटीई के दायरे को गोवा और गुजरात में भी विस्तारित करने की योजना है। आई-हब फाउंडेशन ने मोबिलिटी क्षेत्र में कई अन्य डेटा-संचालित तकनीकी समाधानों के लिए मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विज़न और कम्प्यूटेशनल सेंसिंग से लेकर तकनीकों का भी उपयोग किया है। ऐसा ही एक समाधान इंडिया ड्राइविंग डेटासेट (आईडीडी) है, जो भारतीय सड़कों के अव्यवस्थित वातावरण में सड़क के दृश्य को समझने के लिए एक डेटासेट है, जो अच्छी तरह से वर्णित बुनियादी ढांचे की दुनिया भर की धारणाओं जैसे कि गलियाँ, सीमित ट्रैफिक प्रतिभागी, वस्तु या पृष्ठभूमि की उपस्थिति में कम भिन्नता और ट्रैफिक नियमों के मजबूत पालन से स्पष्ट होता है। डेटासेट, अपनी तरह का पहला है, जिसमें 10,000 चित्र शामिल हैं, जिसकी हैदराबाद, बैंगलोर और उनके बाहरी इलाके में चल रही एक कार से जुड़े फ्रंट-फेसिंग कैमरे से प्राप्त भारतीय सड़कों पर 182 सड़क श्रेणियों से एकत्र 34 वर्गों के साथ बारीकी से व्याख्या की गई है। सार्वजनिक लाइसेंस के तहत अप्रतिबंधित उपयोग के लिए सार्वजनिक डोमेन में डेटासेट जारी किया गया है और भारतीय सड़क दृश्यों पर सभी विश्लेषण के लिए एक वास्तविक डेटासेट बन रहा है। वर्तमान में, दुनिया भर में इस डेटासेट के लिए 5000 से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं। ओपन वर्ल्ड ऑब्जेक्ट डिटेक्शन ऑन रोड सीन (ओआरडीईआर) नामक एक अन्य डेटासेट को भी इंडिया ड्राइविंग डेटासेट का उपयोग करके विकसित किया गया है जिसका उपयोग भारत की ड्राइविंग स्थितियों में स्वायत्त नेविगेशन प्रणाली द्वारा सड़क दृश्य में वस्तु के स्थानीयकरण और वर्गीकरण के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, एक मोबिलिटी कार डेटा प्लेटफ़ॉर्म (एमसीडीपी) को कई सेंसरों के साथ डिज़ाइन किया गया है – कैमरा, एलआईडीएआर, किसी को भी कार के बारे में डेटा लेने या प्रोसेस करने के लिए आवश्यक गणना के साथ, जो भारत में शोधकर्ताओं और स्टार्ट-अप को उनके ऑटोमोटिव एल्गोरिदम और नेविगेशन तथा भारतीय सड़कों पर शोध में दृष्टिकोण का परीक्षण करने में मदद कर सकता है। लेन रोडनेट (एलआरनेट), एक एकीकृत तंत्र के साथ एक नया ढांचा है, जिसमें गहरे अध्ययन का उपयोग करते हुए लेन और सड़क के मापदंडों पर विचार किया गया है, जिसे भारतीय सड़कों की समस्याओं को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें कई बाधाएं हैं, बंद लेन के निशान, टूटे हुए डिवाइडर, दरारें, गड्ढे आदि हैं जो गाड़ी चलाते समय ड्राइवर के लिए काफी जोखिम खड़े करते हैं। इस ढांचे में, एक मॉड्यूलर स्कोरिंग फ़ंक्शन की मदद से एक सड़क गुणवत्ता स्कोर की गणना की जाती है। फाइनल स्कोर अधिकारियों को सड़क की गुणवत्ता का आकलन करने और सड़क के रख-रखाव कार्यक्रम को प्राथमिकता देने में मदद करता है ताकि ड्राइवर को गाड़ी चलाने के लिए सुधरी हुई स्थितियां मिल सकें। जिन सड़कों पर वृक्ष नहीं हैं वहां उपयुक्त कायाकल्प विधियों को प्रयोग में लाकर स्थानीय स्व-सरकारी संस्थानों की मदद के लिए, आई-हब फाउंडेशन ने सड़क पर पेड़ का पता लगाने, गणना और कल्पना के लिए एक रूपरेखा तैयार की है जो ऑब्जेक्ट डिटेक्टरों और एक मैचिंग काउंटिंग एल्गोरिदम का उपयोग करती है। इस कार्य ने पेड़ों की कमी वाली सड़कों को पहचानने का त्वरित, सटीक और सस्ते तरीके का पता लगाने का मार्ग प्रशस्त किया है ।
संस्कृति और विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की 7वीं बैठक में भाग लिया
संस्कृति और विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की 7वीं बैठक में भाग लिया। इस बैठक को चीन गणराज्य द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित किया गया था।
ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रगति और विस्तार के लिए “ब्रिक्स के बीच समावेश और आपस में ज्ञान का साझा करने वाली सांस्कृतिक साझेदारी स्थापित करने” के थीम पर इस बैठक में चर्चा हुई। चर्चा का मुख्य फोकस क्षेत्र में सांस्कृतिक डिजिटलीकरण पर विकास और सहयोग को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर सहयोग को मजबूत करना और ब्रिक्स देशों के सांस्कृतिक आदान-प्रदान प्लेटफार्मों के निर्माण को आगे बढ़ाना था। मंत्रियों ने सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करने और 2015 में हस्ताक्षरित ब्रिक्स सांस्कृतिक सहयोग समझौते को लागू करने के लिए ब्रिक्स कार्य योजना 2022-2026 को अपनाया।
श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया और अपने संबोधन में निम्नलिखित बिंदुओं को सामने रखा:
(i) भारत अपनी विविध सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के साथ संगीत, रंगमंच, कठपुतली का खेल, विभिन्न आदिवासी कला और नृत्य के विशेष रूप से शास्त्रीय और लोक क्षेत्र में आदान-प्रदान कार्यक्रमों/गतिविधियों के माध्यम से ब्रिक्स देशों को सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराने के लिए एक मंच प्रदान करना सुनिश्चित करता है।
(ii) कोविड-19 महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के कारण पिछले ढाई साल के दौरान फीजिकल मूवमेंट संभव नहीं हो पाया है। इसके बावजूद संस्कृति सहित सभी मोर्चों पर जीवन को आगे बढ़ाने में डिजिटल प्रौद्योगिकियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
(iii) सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में मूल्यवान संग्रह को डिजिटाइज करना और उन्हें खुले सूचना स्थान में प्रस्तुत करना भारत की प्राथमिकता है क्योंकि यह संग्रहालयों और पुस्तकालयों जैसे सांस्कृतिक संस्थानों में संग्रहीत सांस्कृतिक सामग्री के लिए लंबी अवधि के लिए संग्रहण और व्यापक पहुंच प्रदान करता है। ब्रिक्स देशों की आभासी प्रदर्शनियों के माध्यम से ब्रिक्स देशों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का पता लगाया जा सकता है।
(iv) भारत सांस्कृतिक विरासत और इन्टर्कल्चरल डायलग की विविधता में विश्वास करता है। यह पर्यावरण संबंधी चिंताओं के लिए नवीन और संस्कृति-आधारित समाधानों में विरासत और पारंपरिक ज्ञान को एकीकृत करने वाले स्थायी और लचीले पर्यावरण की पुरजोर वकालत करता है।
(v) भारत की कला अपनी समृद्ध विरासत और अपने आधुनिक इतिहास का एक मिश्रण है। इसने निस्संदेह भारत को एक सक्रिय और रचनात्मक इकाई के रूप में स्थापित किया है जो आज कला जगत का एक अभिन्न अंग है।
(vi) आज की पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के आलोक में, समावेशी और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील विकास प्रतिमानों की दिशा में काम करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। समय की मांग एक रोडमैप है जो सांस्कृतिक विरासत, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों और लोगों की सहज कल्पना और सामूहिक बुद्धि की समझ को एकीकृत करना चाहिए।
उन्होंने अध्यक्ष को धन्यवाद दिया और सभी क्षेत्रों में प्रगतिशील और व्यापक ब्रिक्स सहयोग की कामना की।
बैठक के अंत में, ब्रिक्स राज्यों की सरकारों के बीच संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग (2022-2026) के बीच समझौते के कार्यान्वयन के लिए कार्य योजना पर सहमति हुई और सभी ब्रिक्स राष्ट्रों के संस्कृति मंत्रियों द्वारा हस्ताक्षर किए गए।
Read More »जिलाधिकारी की अध्यक्षता मे कलेक्ट्रेट सभागार में उद्योग बन्धु की बैठक सम्पन्न
कानपुर 25 मई भारतीय स्वरूप संवाददाता, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में उद्योग बन्धु की बैठक सम्पन्न हुई ।
बैठक में उन्होंने समस्त सम्बंधित अधिकारियों को स्पस्ट निर्देश देते हुए कहा कि समस्त संबंधित अधिकारी स्वयं बैठक में उपस्थित हूं अपनी प्रतिनिधि को बैठक में ना भेजें । उन्होंने कहा कि उधमियों की आने वाली समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए । उधमियों को किसी प्रकार की कोई समस्या नही होने चाहिए । औधोगिक इकाइयों में सफाई कर्मियों द्वारा सफाई कराई जाती रहे । जहां पर सफाई कर्मचारी नही है वहा सफाई कर्मचारी की तैनाती की जाए। औद्योगिक क्षेत्र में ट्रकों के आवागमन हेतु बैठक कर व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए ताकि औद्योगिक इकाइयों को किसी प्रकार की समस्या ना हो। बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर श्री अतुल कुमार डीसी डीआईसी श्री सुधीर कुमार , श्री सुरेंद्र सिंह समेत उद्यमी उपस्थित रहे।
मैडम सर’ ने 500 शानदार एपिसोड्स पूरे किए, शो के कलाकारों ने मनाया इस उपलब्धि का जश्न!
‘मैडम सर’ ने 500 शानदार एपिसोड्स पूरे किए, शो के कलाकारों ने अपने अंदाज में मनाया इस उपलब्धि का जश्न!
सोनी सब के शो ‘मैडम सर’ ने सफलतापूर्वक 500 एपिसोड पूरे कर लिए हैं। यही वह समय है कि भारत की सबसे चहेती महिला पुलिस अधिकारियों के लिये हम सब जमकर ताली बजाएं। दो साल पहले अपने लॉन्च के बाद से ही, इस शो ने महिलाओं के नेतृत्व वाले मजबूत किरदारों और सोच-विचार कर बनाई गईं कहानियों एवं प्लॉट के साथ दर्शकों को काफी लुभाया है। इस शो में एसएचओ हसीना मलिक (गुल्की जोशी), करिश्मा सिंह (युक्ति कपूर), संतोष (भाविका शर्मा), पुष्पा सिंह (सोनाली नाईक) और चीता चतुर्वेदी (प्रियांशु सिंह) मुख्य भूमिकाएं निभा रहे हैं। शो में बड़े आत्मविश्वास और बेहतरीन तरीके से एक महिला पुलिस थाने को संभालने में रोजाना आने वाली चुनौतियाँ दिखाई गई हैं। इसके किरदारों ने अजीब से अजीब मामलों को पूरे ‘जज्बात’ के साथ और सबसे अभिनव तरीकों से सुलझाया है। पिछले 500 एपिसोड्स में ‘मैडम सर’ ने अनगिनत सामयिक विषयों और निजी अनुभवों को छुआ है, जो ऐसी लड़कियों के लिये प्रेरक हैं, जिन्हें अपने काम में महारथ पाने और उसे सहजता से करने की आकांक्षा है। महिला सशक्तिकरण से लेकर, दबंगई, सामाजिक रूढि़यों, मानसिक स्वास्थ्य, आदि तक इस शो ने प्रासंगिक मुद्दों को ऐसी कहानियों के जरिए दिखाया है जोकि एक सकारात्मक एवं महत्वपूर्ण असर पैदा करने के लिए समाधान प्रदान करती हैं। आज हासिल हुई उपलब्धि के साथ ‘मैडम सर’ नये रास्तों पर बढ़ने के लिये तैयार है, और यह दर्शकों को बांधकर रखने की कोशिश करता रहेगा। इस उपलब्धि पर अपनी बात रखते हुए, हसीना मलिक की भूमिका निभा रहीं गुल्की जोशी ने कहा, “मुझे ‘मैडम सर’ का हिस्सा बनकर बहुत गर्व और खुशी है, क्योंकि यह शो समस्याओं को हल करने की नई-नई विधियों से दयालुता और हास्य के भाव को फैलाता है। एक एक्टर के तौर पर इसमें मैंने न केवल नये लुक्स और शख्सियतों को अपनाया, बल्कि परफॉर्मेंस के मामले में भी मेरा दायरा बढ़ा। हमारे शो को दर्शकों से अब तक मिली प्रतिक्रिया काफी संतोषजनक रही है और हम आगे और भी ज्यादा एडवेंचर्स लाकर दर्शकों का मनोरंजन जारी रखना चाहते हैं। 500 एपिसोड्स पूरे करने और यह बेजोड़ उपलब्धि हासिल करने के लिये पूरी टीम को शाबाशी मिलनी चाहिये। यह ‘मैडम सर’ की यात्रा में एक नये अध्याय की शुरूआत है।‘’ करिश्मा सिंह की भूमिका निभा रहीं युक्ति कपूर ने कहा, “मैं 500 शानदार एपिसोड्स पूरे होने पर पूरे दिल से हमारी टीम को बधाई देना चाहती हूँ। यह उपलब्धि हासिल करने का अनुभव सपने जैसा लग रहा है और यह हमारी उस कड़ी मेहनत को दिखाता है, जो इस कहानी को पर्दे पर जीवंत करने में लगी है। इस शो ने हमें एक्टर के तौर पर कई बारीकियाँ जानने का मौका दिया और इसके नेरेटिव भी आधुनिक समय के हैं। ऐसे बेहतरीन कलाकारों और क्रू के साथ काम करना मैं अपना सौभाग्य मानती हूँ, जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया। मैं ऐसी और भी उपलब्धियों की कामना करती हूँ।” संतोष की भूमिका निभा रहीं भाविका शर्मा ने कहा, “इतनी बड़ी उपलब्धि का हिस्सा बनकर मैं बहुत खुश और आभारी हूँ। एक शो को इतने लंबे समय तक चलाना और दर्शकों के लिये प्रासंगिक बनाये रखना कठिन है, लेकिन ‘मैडम सर’ ने कौतुहल पैदा करने और मनोरंजन देने वाली कहानियों के साथ एक बदलाव करके दिखाया है। एक टीम के तौर पर हमने इस शो को सफल बनाने के लिये बड़ी कोशिश की है और मैं दर्शकों से आग्रह करती हूँ कि वे हमें अपना प्यार और सहयोग लगातार देते रहें।” देखते रहिये ‘मैडम सर’, सोमवार से शनिवार रात 10 बजे, सिर्फ सोनी सब पर!
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