कानपुर, भारतीय स्वरूप संवाददाता ‘ओला’ कैब कम्पनी अनफिट टैक्सियों द्वारा यात्रा करवाकर एक तरफ जहाँ लोगों की जानमाल से खिलवाड़ कर रही है तो दूसरी ओर सम्भागीय परिवहन कार्यालय के अधिकारियों को भी ठेंगे पर नचा रही है।
बताते चलें कि विगत दिनों कानपुर स्मार्ट सिटी में ओला एप के माध्यम से फर्जीवाड़ा करने का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले की खबरें जब अनेक समाचारपत्रों, न्यूजपोर्टलों में प्रकाशित हुई तो एक तरफ जहाँ ओला कैब कम्पनी पर कार्यवाई करने पर कानपुर पुलिस कमिश्नरेट किनारा करते दिखी तो दूसरी तरफ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सुधीर कुमार ने मे0 ओला फ्लीट टैक्नोलॉजी प्रा0 लि0, सिविललाइन्स कानपुर नगर को 231 गाड़ियों में अनियमितता पकड़ते हुए ‘‘एक करोड़ इक्यावन लाख उन्नीस हजार दो सौ तैतीस रुपये’’ की नोटिस 26 अप्रैल 2023 को जारी करते हुए 30 अप्रैल 2023 तक जमा करने का समय दिया था, साथ ही हिदायत दी थी कि 30 अप्रैल 2023 तक उपरोक्त धनराशि जमा ना करने पर जिलाधिकारी द्वारा वसूली करवा ली जायेगी।
मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक ‘ओला’ कैब कम्पनी ने सम्भागीय परिवहन कार्यालय में कोई भी धनराशि जमा नहीं की है। इस बाबत सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सुधीर कुमार से जब जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि ओला की टीम ने ‘बॉस’ से विगत दिनों एक वार्ता कर ली है और मौखिक रूप से मोहलत मांग ली है।
अब ऐसे सवाल यह उठता है कि क्या सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय का निर्देश सिर्फ ‘कुछ’ के चक्कर में जारी किया गया है या सम्भागीय परिवहन कार्यालय के अधिकारी ‘ओला कैब कम्पनी’ के ठेंगे पर नाचते हैं ? अगर ऐसा नहीं तो जो निर्देश लिखित में जारी किया गया है उसमें मौखिक का खेल क्यों खेला जा रहा है ? नियत अवधि गुजरने के बावजूद धनराशि की वसूली हेतु टैक्सियों से बकाया सम्बन्धित विवरण जिलाधिकारी कानपुर नगर को क्यों नहीं उपलब्ध करवाया गया ?
युवा जगत
शांतनु ठाकुर ने तूतीकोरिन से मालदीव के बीच सीधी शिपिंग सेवा को वी.ओ. चिदम्बरनर बंदरगाह से झंडी दिखाकर रवाना किया

जून 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मालदीव यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री और मालदीव के राष्ट्रपति ने भारत और मालदीव के बीच सम्पर्क बढ़ाने हेतु बुनियादी संरचना के विकास पर विचार किया था, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को भी बढ़ावा देने वाला होगा।
यह सेवा दोनों देशों के बीच आपसी समझ की पुष्टि करने और इसे आगे बढ़ाने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री की मालदीव के आधिकारिक यात्रा के दौरान ०८.०६ २०१९ को मालदीव सरकार के नागर विमानन मंत्रालय और भारत सरकार के पतन पोत परिवहन और जल मार्ग मंत्रालय के बीच समुद्री मार्ग द्वारा यात्री और कार्गों सेवा को संचालित करने के लिए हस्ताक्षरित ज्ञापन की परिणति के रूप में संचालित की जा रही है. यह कदम ‘पड़ोसी पहले’ और क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास की भारत की नीति के अनुरूप भी है.
पोत एमवी एमएस गैलेना की भार वहन क्षमता 421 TEUs और इसमें बल्क कार्गों ले जाने का प्रावधान भी है. शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा तैनात यह पोत कंटेनर टर्मिनल पर 04.05.2023 पर तो पहुंचा इसे PSA SICAL कंटेनर टर्मिनल पर 270 TEU कंटेनर से लोड किया गया. एम.वी एमएस गैलेना तूतीकोरिन से मालदीव के लिये 05.05.2023 को रवाना होगी इसके माले पहुंचने की तिथि 07.05 2023 निर्धारित की गई है. इस शिपिंग सेवा का मार्ग तूतीकोरिन- माले- तूतीकोरिन है और और इसका इस मार्ग पर महीने में तीन चक्कर लगना तय है।

इस अवसर पर बोलते हुए शांतनु ठाकुर ने कहा कि इस ऐतिहासिक और पथप्रदर्शक सेवा की शुरुआत करने के पीछे हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा मालदीव यात्रा के दौरान की गई प्रतिबद्धता को पूरा करना था। इस पहल से न केवल रसद और अन्य लागतों में कटौती करने में मदद मिलेंगी बल्कि यह सेवा दोनों देशों के बीच संपर्क को बढ़ाकर माल परिवहन में लगने वाले समय को भी कम करेगी । दोनों देशों के द्वारा ली गई इस नई संपर्क पहल से न केवल हिंद महासागर क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी बल्कि यह भारतीय और मालदीव बंदरगाहों के बीच स्थिर और विकसित संपर्क को भी बढ़ाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इससे भारत और मालदीव के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और गति मिलेगी। इस प्रकार व्यापार और आर्थिक अवसरों में वृद्धि होगी और दोनों देशों के बीच नए जोश के साथ समुद्री व्यापार संबंधों में वृद्धि होगी। पहले तूतीकोरिन से मालदीव जाने वाले बल्क कार्गों को बजरों और समुद्री जहाजों के माध्यम से भेजा जाता था और माल्दीव जाने वाले कंटेनरों को कोलंबो के रास्ते भेजा जाता था. SCI द्वारा तूतीकोरिन – कोच्चि – कुल्लूधुफुसी माले के बीच एक सेवा संचालित की गई थी 200 TEU कंटेनरों और 3000 टन सामान्य कार्गों की क्षमता वाले पोत MCP Linz को 21.09 2020 को लॉन्च किया गया था जिसका अनुबंध 28.08.2022 को समाप्त हो गया.
रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को नवरत्न का दर्जा मिला
आरवीएनएल को 24 जनवरी, 2003 को पीएसयू के रूप में निगमित किया गया था, जिसका उद्देश्य फास्ट ट्रैक आधार पर रेलवे के बुनियादी ढांचे की क्षमताओं के निर्माण और वृद्धि से संबंधित परियोजनाओं का कार्यान्वयन और एसपीवी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त बजटीय संसाधनों को जुटाना था। निदेशक मंडल की नियुक्ति के साथ 2005 में कंपनी का परिचालन शुरू हुआ था। कंपनी को सितंबर, 2013 में मिनी रत्न का दर्जा दिया गया था। कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी 3000 करोड़ रुपये है, जिसकी चुकता शेयर पूंजी 2085 करोड़ रुपये है।
आरवीएनएल को निम्नलिखित काम सौंपे गए हैं :
- पूर्ण परियोजना जीवन चक्र को कवर करने वाली परियोजना के विकास और कार्यों का निष्पादन करना।
- यदि आवश्यक हो, तो व्यक्तिगत कार्यों के लिए परियोजना केंद्रित एसपीवी बनाना।
- आरवीएनएल द्वारा एक रेलवे परियोजना पूरी किए जाने पर, संबंधित क्षेत्रीय रेलवे इसका संचालन और रखरखाव करेगा।
आरवीएनएल को “नवरत्न” का दर्जा मिलने से उसके अधिकार, परिचालन स्वतंत्रता और वित्तीय स्वायत्तता में बढ़ोतरी हो गई है, जिससे आरवीएनएल की प्रगति को पर्याप्त प्रोत्साहन मिलेगा। यह विशेष रूप से इसलिए भी अहम है, क्योंकि आरवीएनएल रेलवे से परे और यहां तक कि विदेश स्थित परियोजनाओं में भी अपना विस्तार कर रही है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् के 4400 कर्मियों के नियमितीकरण पर नियुक्ति पत्र वितरित किए और विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ किया

अमित शाह ने विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना, केन्द्रीय विदेश राज्यमंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी और केन्द्रीय गृह सचिव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने फैसले लेने की अपनी क्षमता के कारण कई क्षेत्रों में अनिश्चितताओं का अंत करने में सफलता प्राप्त की है और उसका एक महत्वपूर्ण उदाहरण आज का ये कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि देश का हर बुज़ुर्ग, बच्चा और युवा यही कहता है कि मोदी है तो मुमकिन है। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं भारत सरकार के हर मंत्रालय में नौकरी की शर्तों और भर्ती के नियमों में समयानुकूल बदलावों पर बहुत थ्रस्ट दिया है और उसी का नतीजा है कि आज एक मायने में सिर्फ 4400 कर्मचारियों के लिए ही नहीं बल्कि आने वाले समय में कई कर्मचारियों के लिए भी सुविधा देने का काम मोदी जी ने किया है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मोदी जी के इस निर्णय के कारण आज समाज के पिछड़े वर्ग के लोगों को गौरव, सम्मान और भविष्य की सुनिश्चितता भी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के अमृत महोत्सव में आज जब भारत G-20 की अध्यक्षता कर रहा है, उस वक्त आपका बढ़ा हुआ उत्साह दिल्ली को संवारने में बहुत काम आएगा। श्री शाह ने कहा कि NDMC का क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां देश की नीतियों का निर्धारण होता है, विदेशी मेहमान आते हैं और पूरे विश्व में भारत के संदेश और सुगंध को फैलाने के लिए ये क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि NDMC के 43 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में लाखों लोगों के लिए मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना एनडीएमसी के ज़िम्मेदारी है।

अमित शाह ने कहा कि NDMC का काम देशभर की अपनी समकक्ष इकाईयों में सबसे अच्छा माना जाता है और AA+ क्रेडिट रेटिंग के साथ आर्थिक रूप से भी NDMC आत्मनिर्भर है। इसका विकास मिनिमम इकोलॉजिकल इम्पैक्ट के साथ करने के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि NDMC की 13,000 कर्मयोगियों की इस टीम में 4400 लोग आज अधिकृत रूप से जुड़ गए हैं, उससे ये परिवार बड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इन 4400 कर्मयोगियों का परिचय नाम से अधिक काम से होता है। चाहे सफाई हो, क्षेत्र को हरा-भरा बनाना हो, निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई हो, हर वाहवाही के मूल में इन 4400 कर्मयोगियों का पसीना और एनडीएमसी के प्रति इनकी निष्ठा और मेहनत दिखाई देते है। उन्होंने कहा कि अब तक इन लोगों को अपनी मेहनत से नाम मिला था लेकिन आज मोदी जी ने इन्हें नाम के साथ सम्मान और सुरक्षा भी दी है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भर्ती के नियमों में ज़रूरी बदलाव करने और इन लोगों को रेग्युलर करने में आ रही एडमिनिस्ट्रेटिव बाधाओं को दूर करने में गृह मंत्रालय के अधिकारियों और DoPT ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि लगभग 900 अतिरिक्त पद सृजित किए गए जिसके बाद 4400 लोगों को नियमित किया जा सका है। उन्होंने कहा कि नियमित होने के बाद औसतन 32000 रूपए का वेतन सुनिश्चित हो जाएगा और कुछ लोगों को इससे ऊपर का लेवल भी मिलेगा, एनडीएमसी की कैशलैस स्वास्थ्य योजना, एलटीसी, पदोन्नति के अवसर और एनडीएमसी के सरकारी मकानों पर भी इनका अधिकार सुनिश्चित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ये सभी लोग इन सुविधाओं के हकदार काफी पहले से थे लेकिन मोदी जी के इस फैसले के कारण इन्हें अपना हक आज मिल रहा है। अमित शाह ने कहा कि आज पुष्प विहार हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में 120 नए फ्लैट्स का भी लोकार्पण हो रहा है। इसके अलावा रंजीत सिंह फ्लाईओवर और सफदरजंग फ्लाईओवर का अपग्रेडेशन और सौंदर्यीकरण भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी कई क्षेत्रों में विकास की नींव डालने वाले व्यक्ति हैं। श्री शाह ने कहा कि 2014 से पहले अर्बन डेवलपमेंट के क्षेत्र में सरकार की कोई नीति ही नहीं थी, लेकिन 2014 के बाद मोदी जी ने हर क्षेत्र में विकास करने के लिए आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी उठाई और विस्तृत, परिणामलक्षी और एकीकृत अर्बन डेवलपमेंट की नीति बनाई, जो 5 स्तंभों पर आधारित है, जिसके तहत शहर के गवर्नेंस को सुधारने का बीड़ा उठाया, ई-गवर्नेंस, स्मार्ट सिटी मिशन, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से शहर के शासन को सुधारने का काम किया। इसके साथ ही शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी कई योजनाओं के अंतर्गत भारत सरकार ने कई बदलाव किए, जैसे, अमृत मिशन, रेरा कानून, मेट्रो के जाल और इलेक्ट्रिक बसों से शहरों के इन्फ्रास्ट्रक्चर और वातावरण में बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता पर भी ध्यान दिया गया, ग्रीन एनर्जी, स्वच्छ भारत अभियान और पब्लिक शौचालयों का निर्माण, क्लीन एनर्जी, सोलर रूफटॉप और एलईडी लाइट्स के माध्यम से शहर की स्वच्छता को अड्रेस करने का काम नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया। श्री शाह ने कहा कि शहरी गरीबों के कल्याण के लिए लगभग 1 करोड़ 50 लाख शहरी गरीबों के लिए घर बनाने का काम किया, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया और डिजिटल लेनदेन के माध्यम से उन्हें आसानी से बैंकिंग सुविधा मिल सके, इस प्रकार का काम किया और राज्यों और शहरों के बीच एक स्वस्थ स्पर्धा बढ़ाने का काम भी किया। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मोदी जी की परिणामदायी शहरी विकास की नीति के कारण आज देश के शहर बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एनडीएमसी को और मज़बूत करना है, सेवाओं को स्पेसिफिक और विस्तृत बनाना है और स्वच्छता को परम धर्म मानकर पूरे एनडीएमसी क्षेत्र में स्वच्छता के संस्कार को रोपित करना है। श्री शाह ने कहा कि आज मोदी जी के एक महत्वपूर्ण निर्णय के कारण 4400 कर्मचारियों के जीवन में उत्साह, उमंग और नई आशा की किरण आई है।
पूर्वोत्तर का विकास भारत की विकास गाथा का अभिन्न अंग है- उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
छात्रों को 2047 के अगुआ बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि छात्रों को न केवल बड़े सपने देखने चाहिए बल्कि उन्हें वास्तविकता बनाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्हें विकास के अवसरों का उपयोग करना चाहिए और नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी सृजक बनना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय शैक्षिक नीति- 2020 एक दूरदर्शी दस्तावेज और एक गेम चेंजर है क्योंकि यह कल्पना करता है कि शिक्षा को एक डिग्री तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि कौशल में सुधार और मूल्यों को स्थापित करना चाहिए।
मणिपुर विश्वविद्यालय में उपराष्ट्रपति
मणिपुर विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने उन्हें विभिन्न विचारों के साथ प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि ‘डर नवाचार के लिए सबसे घातक’ है। उन्होंने इच्छा जताई कि सभी बच्चे अपने सपनों को साकार करें।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया भारत के विकास को देख रही है, जो इसके फलते-फूलते स्टार्टअप इकोसिस्टम के जरिए सबके सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को ऐसी जगह के रूप में देखा जा रहा है जहां अवसरों की भरमार है। दुनिया में हर निवेशक भारत के समृद्ध मानव संसाधन और तेजी से पारदर्शी होती सरकारी प्रक्रियाओं के कारण भारत पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने छात्रों से राष्ट्र को हमेशा पहले रखने और इसकी उपलब्धियों पर गर्व करने का आह्वान किया।
मणिपुर की राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके, मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री एन. बिरेन सिंह, भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री विदेश एवं शिक्षा डॉ. राजकुमार रंजन सिंह, मणिपुर के शिक्षा मंत्री श्री बसंत सिंह, धनमंजुरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन. राजमुहोन सिंह, मणिपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन लोकेंद्र सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति इन कार्यक्रमों में उपस्थित थे।
मप्र में पत्रकार पर किये गये कातिलाना हमले पर प्रेस काउंसिल ऑफ इण्डिया ने लिया संज्ञान
मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव, सचिव (गृह) पुलिस विभाग, जिला अधिकारी रायसेन, डीजीपी मध्य प्रदेश और पुलिस अधीक्षक रायसेन से दो हफ्ते के अन्दर मांगा जवाब
भोपाल/कानपुर। मप्र के जिलेे के मंडीदीप थाना क्षेत्र में पत्रकार व उसके परिजनों पर दबंगों द्वारा किये कातिलाना हमले के मामले को प्रेस काउंसिल ऑफ इण्डिया ने संज्ञान लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात को रायसेन जिला अन्तर्गत औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप निवासी पत्रकार अरविन्द सिंह जादौन और उनके परिवार के ऊपर दबंगों द्वारा लाठी डंडों और छूरी चाकू से कातिलाना हमला किया गया जिसमें उनको और परिजनों को गम्भीर रूप से चोटें आई हैं और सभी अस्पताल में भर्ती हैं जिनका इलाज चल रहा है।
सूत्रों द्वारा यह भी पता चला है कि नगरपालिका चुनाव से सम्बन्धित प्रत्याशी नारायण साहू के भ्रष्टाचार आदि से जुड़ी खबरों का प्रकाशन उनके द्वारा किया गया था जिसके चलते अरविन्द सिंह जादौन उनके परिजनों पर नारायण साहू व उसके समर्थकों द्वारा कातिलाना हमला किया गया है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर कोई पत्रकार किसी के विरोध में खबर लिखता है तो क्या हमला करना ही एक विकल्प है? कानून व्यवस्था का कोई मतलब नहीं रह गया ? सवाल यह भी उठता है कि क्या शासन की लचर कानून व्यवस्था के चलते ही अपराधियों एवम माफियाओं के हौसलें लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। सुशासन की डींगे हांकने वालों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है क्या ?
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य श्याम सिंह पंवार की जानकारी में जैसे ही मामला सामने आया तत्काल ही उन्होंने प्रेस काउंसिल के संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करवाया।
मामले से अवगत होते ही प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ने संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव, सचिव (गृह) पुलिस विभाग, जिला अधिकारी रायसेन, डीजीपी मध्य प्रदेश और पुलिस अधीक्षक रायसेन से दो हफ्ते के अन्दर जवाब मांगा है।
भारत निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक विधानसभा के लिए चल रहे आम चुनाव में प्रचार-प्रसार के गिरते स्तर को ध्यान में रखते हुए सभी स्टार प्रचारकों, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य के राजनीतिक दलों के लिए चेतावनी जारी की
उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, सभी राजनीतिक दलों को सख्त अनुपालन के लिए जारी की गई एक चेतावनी में, आयोग ने कहा कि राष्ट्रीय दलों और स्टार प्रचारकों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के भीतर अतिरिक्त सक्षमता का अधिकार मिलता है। चेतावनी में कहा गया है, “सभी पार्टियों और हितधारकों के लिए चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता और उनके बयानों में कानूनी ढांचे के दायरे में रहना अनिवार्य है ताकि राजनीतिक संवाद की गरिमा को बनाए रखा जा सके और चुनावी अभियान के माहौल को खराब न किया जा सके।” इस प्रकार उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे “मुद्दे” पर आधारित बहस के स्तर को बनाए रखने और बढ़ाने में योगदान दें, अखिल भारतीय परिप्रेक्ष्य प्रदान करें, स्थानीय संवाद को गहराई प्रदान करें और निर्वाचकों के सभी वर्गों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में पूरी तरह से और निडर होकर भाग लेने के लिए आश्वस्त करें। ”
चेतावनी में, भारत निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों का ध्यान आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों और अन्य वैधानिक प्रावधानों की ओर आकृष्ट किया है जो क्षेत्र में सक्रिय हैं और अपेक्षित अभियान भाषण की रूपरेखा तय करते हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने नोट किया कि आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के अनुसार, उकसावा और भड़काऊ बयानों का उपयोग, शालीनता की सीमा का उल्लंघन करने वाली असंयमित और अपमानजनक भाषा का उपयोग और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के व्यक्तिगत चरित्र और आचरण पर हमले से सबके लिए समान अवसर की परंपरा को दूषित करते हैं। आदर्श आचार संहिता की भावना केवल प्रत्यक्ष उल्लंघन से बचना नहीं है, बल्कि यह विचारोत्तेजक या अप्रत्यक्ष बयानों या आक्षेपों के माध्यम से निर्वाचन के माहौल को दूषित करने के प्रयासों पर भी रोक लगाती है।
आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के प्रावधान:
(ए) खंड 3.8.2 (ii) में कहा गया है, “किसी को भी ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहिए या ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए जो किसी भी व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर हमला करने के लिए हो या ऐसे बयान , जो दुर्भावनापूर्ण या शालीनता और नैतिकता को ठेस पहुंचा सकता है।”
(बी) खंड 4.3.1 में कहा गया है, “राजनीतिक दल और उम्मीदवार निजी जीवन के सभी पहलुओं की आलोचना से दूर रहेंगे, जो अन्य दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़ा नहीं है। इसमें यह भी प्रावधान है कि कोई भी पार्टी या उम्मीदवार ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जो मौजूदा मतभेदों को बढ़ा सकती है या आपसी नफरत पैदा कर सकती है या तनाव पैदा कर सकती है।”
(सी) खंड 4.3.2 में बताया गया है, “चुनाव अभियान के उच्च स्तर को बनाए रखें।”
(डी) खंड 4.3.2 (ii) में कहा गया है, “निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक खुलासों के उत्तरोत्तर गिरते स्तर पर गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए, राजनीतिक दलों को नोटिस दिया कि आदर्श आचार संहिता का बार-बार उल्लंघन उनके खिलाफ कार्रवाई को आमंत्रित कर सकता है।”
(ई) खंड 4.4.2 (बी) (iii) में कहा गया है, “कोई भी पार्टी या उम्मीदवार किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होगा जो मौजूदा मतभेदों को बढ़ा सकता है या आपसी घृणा पैदा कर सकता है या विभिन्न जातियों और समुदायों, धार्मिक या भाषाई के बीच तनाव पैदा कर सकता है।”
(एफ) खंड 4.4.2 (बी) (वी) में कहा गया है, “अन्य पार्टियों या उनके कार्यकर्ताओं की असत्यापित आरोपों या विकृतियों के आधार पर आलोचना नहीं की जाएगी।”
आईपीसी के प्रावधान
(ए) आईपीसी की धारा 171 जी- “एक चुनाव के संबंध में झूठा बयान।”
(बी) आईपीसी की धारा 499 में कहा गया है कि “मानहानि। जो कोई भी, बोले गए या पढ़े जाने के लिए आशयित शब्दों द्वारा, या संकेतों द्वारा या दृश्य अभ्यावेदन द्वारा किसी भी व्यक्ति के संबंध में कोई लांछन बनाता या प्रकाशित करता है, जो किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने का इरादा रखता है या जानता है या यह मानने का कारण है कि इस तरह के लांछन से ऐसे व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान होगा, इसके बाद उस व्यक्ति को बदनाम करने की संभावना के मामलों को छोड़कर कहा जाता है।
(सी) धारा 500 आईपीसी में कहा गया है कि “मानहानि के लिए सजा- जो कोई भी दूसरे को बदनाम करता है, उसे साधारण कारावास से दंडित किया जाएगा जो दो साल तक बढ़ सकता है, या जुर्माना, या दोनों के साथ।”
(डी) आईपीसी की धारा 504 – “जो कोई भी जानबूझकर अपमान करता है, और इस तरह किसी भी व्यक्ति को उकसाता है, यह इरादा या यह जानने की संभावना है कि इस तरह के उकसावे से सार्वजनिक शांति भंग होगी, या कोई अन्य अपराध होगा, दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।”
आयोग, सभी हितधारकों, विशेष रूप से, राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के सहयोग और परामर्श से, सभी हितधारकों को प्रचार के दौरान राजनीतिक संवाद के स्तर को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों में लगाया गया है, जो दुनिया भर में भारतीय लोकतंत्र की व्यापक प्रशंसा और प्रतिष्ठा के अनुरूप है।
आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस चेतावनी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें और इसका अनुपालन न करने पर मौजूदा नियामक और कानूनी ढांचे के अनुसार उचित कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।
एनटीपीसी ने कैप्टिव माइन्स से कोयला उत्पादन में 148 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, अप्रैल, 2023 के दौरान 2.95 एमएमटी का ये उत्पादन अब तक का सबसे अधिक मासिक उत्पादन है

भारत के सबसे बड़े बिजली उत्पादक ने अप्रैल 2023 में 2.95 एमएमटी का सबसे ज्यादा मासिक कोयला उतपादन हासिल किया, अप्रैल 2022 के महीने में 1.23 एमएमटी के कोयला निकालने की मात्रा में 140 प्रतिशत की वृद्धि हासिल कीअपनी चार परिचालन कोयला खदानों-एनटीपीसी पकरी-बरवाडीह (झारखंड), एनटीपीसी चट्टी बरियातु (झारखंड), एनटीपीसी दुलंगा (ओडिशा) और एनटीपीसी तलाईपल्ली (छत्तीसगढ़)
से एनटीपीसी ने वित्त वर्ष 2023 में 23.2 मिलियन टन का कोयला उत्पादन दर्ज किया, जो एक साल पहले 14.02 मिलियन टन के मुकाबले 65 प्रतिशत अधिक है।
कोयला खनन टीमों द्वारा डिजिटलीकरण की पहल ने खनन कार्यों को करने में उत्कृष्टता बढ़ाने में मदद की है। बेहतर प्रक्रियाओं ने खनन कार्यों में सुरक्षा बढ़ाने में सहायता की और ई-एसएमपी,जो कि एक डिजिटल सुरक्षा प्रबंधन योजना है,तथा सुरक्षा के लिए बनाए गए मोबाइल ऐप, सचेतन को अपनाने में भी पहल की है।
एनटीपीसी समूह की स्थापित क्षमता 71,644 मेगावाट है।
रक्षा मंत्री ने अपनी यात्रा के दूसरे दिन मालदीव को एक तेज गश्ती जहाज और एक लैंडिंग क्राफ्ट आक्रमण जहाज सौंपा
इस अवसर पर बोलते हुए, श्री राजनाथ सिंह ने समझाया कि दोनों ‘मेड इन इंडिया’ प्लेटफार्मों का सौंपा जाना हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में शांति और सुरक्षा के प्रति भारत और मालदीव की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत ने एक मजबूत रक्षा इकोसिस्टम के माध्यम से भागीदार देशों की क्षमता निर्माण को और ज्यादा समर्थन देने के लिए अपनी विनिर्माण क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि की है। रक्षा मंत्री ने कहा, “भारत हाल के वर्षों में एक प्रमुख रक्षा निर्यातक के रूप में उभरा है। एक रक्षा निर्माण इकोसिस्टम बनाया गया है जिसे प्रचुर मात्रा में तकनीकी मानवशक्ति का लाभ मिला है। हम न केवल अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए, बल्कि निर्यात के लिए भी विश्व स्तरीय उपकरणों का उत्पादन करते हैं। भारत मैत्रीपूर्ण देशों को एक बेहतर रक्षा साझेदारी प्रदान करता है, जो उनकी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और क्षमताओं के अनुरूप है। हम सहजीवी संबंध बनाना चाहते हैं जहां हम एक-दूसरे से सीख सकें, एक साथ बढ़ सकें और सभी के लिए विजय की स्थिति का निर्माण कर सकें। मालदीव को समर्थन देने की भारत की प्रतिबद्धता समय के साथ और मजबूत होती जाएगी।”
मालदीव के साथ भारत के मजबूत रक्षा सहयोग पर, श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आपसी संबंध ‘पड़ोसी प्रथम’ और ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) की दो नीतियों पर आधारित हैं। उन्होंने जून 2019 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मालदीव की यात्रा को याद किया, जिसके दौरान उन्होंने जोर देकर कहा था कि “‘पड़ोसी प्रथम’ हमारी प्राथमिकता है और पड़ोस में, ‘मालदीव प्राथमिकता है’।”
रक्षा मंत्री ने क्षेत्र के समक्ष मौजूद आम चुनौतियों का समाधान करने के लिए हिंद महासागर क्षेत्र में राष्ट्रों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “हिंद महासागर हमारा साझा क्षेत्र है। क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि की प्राथमिक जिम्मेदारी उन लोगों की है जो इस क्षेत्र में रहते हैं। एक क्षेत्र की शांति और सुरक्षा क्षेत्रीय शक्तियों के सहयोग और सहकार से सबसे अच्छी तरह से सुनिश्चित होती है।”
राजनाथ सिंह ने ध्यान दिलाया कि हिंद महासागर क्षेत्र द्वारा सामना की जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण आम चुनौती संसाधनों का सतत समुपयोग और जलवायु परिवर्तन को बताया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए सहयोगी प्रयासों का आह्वान किया कि हिंद महासागर का समुद्री विस्तार शांतिपूर्ण है और संसाधनों का क्षेत्रीय समृद्धि के लिए इष्टतम उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि समुद्री संसाधनों का सतत समुपयोग हिंद महासागर क्षेत्र में राष्ट्रों के निरंतर वृद्धि और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण साधन है।
जलवायु परिवर्तन पर रक्षा मंत्री ने कहा कि इसका समुद्री पर्यावरण पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है और इसके प्रभाव राष्ट्रीय और क्षेत्रीय आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। यह इंगित करते हुए कि मालदीव विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन की अनियमितताओं से जुड़ी असुरक्षितता का सामना करता है, उन्होंने अनुकूलन और शमन के लिए अपने पड़ोसी देशों के साथ काम करने की भारत की इच्छा पर बल दिया। उन्होंने कहा, “भारत पिछले कई वर्षों में इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) आवश्यकताओं में प्रमुखता से मदद पहुंचता रहा है। हम सहयोगी संबंधों से एक दूसरे की विशेषज्ञता का निर्माण करने के लिए तत्पर हैं।”
इससे पहले दिन में, राजनाथ सिंह ने मालदीव के राष्ट्रपति श्री इब्राहिम मोहम्मद सोलिह से मुलाकात की। इस दौरान, चल रही परियोजनाओं और रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। मालदीव के राष्ट्रपति ने विभिन्न क्षेत्रों में मालदीव को भारत की निरंतर सहायता और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह राष्ट्र के लिए नई दिल्ली के विशेष सम्मान का एक वसीयतनामा है। उन्होंने इस संबंध को मजबूत करने की दिशा में मालदीव की प्रतिबद्धता से भी अवगत कराया। रक्षा मंत्री ने मालदीव में भारत द्वारा शुरू की गई विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की प्रगति के बारे में बात की और निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।
राजनाथ सिंह 01 मई, 2023 को माले पहुंचे। अपने कार्यक्रमों के पहले दिन उन्होंने मालदीव के अपने समकक्ष और मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद के साथ बातचीत की।
डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने गोवा तट पर आईएल-38एसडी विमान से स्वदेशी एयर ड्रॉपेबल कंटेनर ‘एडीसी-150’ का पहला सफल परीक्षण किया
‘एडीसी-150’ कंटेनर का निर्माण डीआरडीओ की तीन प्रयोगशालाओं- नौसेना विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल), विशाखापत्तनम; एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (एडीआरडीई), आगरा और वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान (एडीई), बेंगलुरु द्वारा किया गया हैं। सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस एंड सर्टिफिकेशन (सीईएमआईएलएसी), बेंगलुरु के नेतृत्व में रीजनल सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस (आरसीएमए), कानपुर द्वारा इसे महत्वपूर्ण उड़ान निकासी प्रमाणन प्रदान किया गया।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष ने एडीसी-150 के सफल परीक्षण के लिए वैज्ञानिकों और भारतीय नौसेना को बधाई दी है।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर