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कानपुर

कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति के संबंध में मासिक समीक्षा बैठक संपन्न

कानपुर 9 जनवरी जि. सू. कार्य. जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति के संबंध में मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान निर्माणाधीन सड़क, भवन एवं अन्य निर्माण कार्य तथा निर्माणाधीन ग्रामीण एवं शहरी पेयजल योजनाओं से संबंधित विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई ।

समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:-

 राजकीय निर्माण निगम लि० के प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुस्थित रहने के कारण संस्था द्वारा कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा नहीं की जा सकी। इस संबंध में जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को निर्देशित किया गया कि संबंधित प्रोजेक्ट मैनेजर के वेतन अवरुद्ध करने हेतु प्रबंध निदेशक, राजकीय निर्माण निगम लि0 को जिलाधिकारी के माध्यम से पत्र प्रेषित कराया जाए।
 विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण कराए जाने हेतु निर्धारित समय एवं धनावंटन पूर्ण हो जाने के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को निर्देशित किया गया कि ऐसी लंबित परियोजनाओं की सूची बनाकर शासन को अवगत करा दिया जाए।

यू.पी.पी.सी.एल.-10 कानपुर द्वारा कराये जा रहे कार्यो के अंतर्गत मण्डलीय प्रशिक्षण केन्द्र(होमगार्ड) मकसूदाबाद में कराये गये कार्यों की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था का उत्तरदायित्व निर्धारित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही किये जाने के साथ-साथ कार्यदायी संस्था के विरूद्ध आर्थिक कटौती प्रस्तावित किए जाने के निर्देश दिए गए ।
सी.एन.डी.एस. कानपुर द्वारा ह्द्य रोग संस्थान में सीनियर रेजीडेन्स के आवास हेतु बहुखण्डीय भवन के निर्माण कार्य में की जा रही शिथिलता हेतु निर्देशित किया गया कि आ रही समस्याओं का निराकरण तत्काल कराते हुए कार्य पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में प्रोजेक्ट मैनेजर के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए ।

 सी0एण्डडी0एस0 कानपुर द्वारा आसरा आवास योजना सजारी के अपूर्ण कार्यो को अविलम्ब पूर्ण कराए जाने हेतु परियोजना अधिकारी डूडा एवं प्रोजेक्ट मैनेजर द्वारा संयुक्त भ्रमण कर अवशेष कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए ।

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वेटर नहीं पारिवारिक है पत्रकार मुनि कुशवाहा के हत्यारोपी

कानपुर 9 जनवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता, दूल्हा दुल्हन के खाने के दौरान बैठने को लेकर हुआ था चचेरे भाई प्रीतम से विवाद पुलिस जांच में बात आई सामने*

बिल्हौर में सोमवार को चचेरे भाई की शादी में शामिल होने गए मुनि कुशवाहा की हत्या में नया मोड़ आ गया है परिवार ने भले ही केटर्स व वेटरो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया हो लेकिन पुलिस की जांच में हत्यारोपी परिवार ही संदेह के घेरे में है पुलिस को मृतक मुनि के चचेरे भाई प्रीतम पर शक है क्योंकि वह फरार है वहीं दूसरी ओर पुलिस ने इस प्रकरण में केटर्स व वेटर पक्ष के 10 लोगों को हिरासत में ले रखा है जिनसे पूछताछ जारी है पर अब तक की जांच में मुनि के चचेरे भाई प्रीतम का नाम सामने आया है वह पोस्टमार्टम हाउस पर कुछ देर के लिए देखा गया और तब से गायब है जांच में सामने आया है कि रात कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब दूल्हा-दुल्हन खाने को बैठे तो उस स्थान पर मुनि जाकर पहले ही बैठ गया इसी बात को लेकर मुनि और चचेरे भाई प्रीतम में झगड़ा हुआ पुलिस को दोनों के झगड़ते हुए फुटेज मिली है

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कमिश्नरेट कानपुर पुलिस और एसटीएफ को मिली बड़ी सफलता

कमिश्नरेट कानपुर पुलिस और एसटीएफ को मिली बड़ी सफलता_

_ग्रीनपार्क के पास से पकड़ी गई एक करोड़ की चरस_

_कमिश्नरेट कानपुर पुलिस और एसटीएफ को मिली सफलता_

_ग्रीनपार्क स्टेडियम के पास थाना कोतवाली क्षेत्र में हुई कार्यवाही_

_कोतवाली पुलिस और एसटीएफ की टीम ने की संयुक्त कार्यवाही_

_नेपाल के रास्ते स्पीकर में छिपाकर लाई गई थी 17 किलो चरस_

_पुलिस ने तीन चरस तस्करों को भी गिरफ्तार किया है_

_अभियुक्तों से पूछताछ कर तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं टीमें_

_चरस को कानपुर देहात व अन्य शहरों में खपाने की तैयारी थी_

_पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस विधिक कार्यवाही कर रही है_

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज एलुमनी एसोसिएशन द्वारा सीएमजेएम विश्विद्यालय के 58वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

कानपुर 9 जनवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता, क्राइस्ट चर्च काॅलेज कानपुर ने अपने पूर्व छात्र संघ के सहयोग से जीएसजेएम विश्वविधालय कानपुर के 58वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक लघु कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें सचिव काॅलेज गवर्निंग बाॅडी और प्राचार्य प्रो. जोसेफ डेनियल ने अतिथियों का स्वागत किया तथा छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविधालय के पिछले इतिहास पर प्रकाश डाला।

समन्वयक, एलुमनी एसो. डा. रवि प्रकाश महलवाला, एससो. प्रो. भौतिकी विभाग ने कुछ प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों पर प्रकाश डाला, जिन्होने वर्षो से जीवन के विभिनन क्षेत्रों में अपना नाम बनाया। कहा कि मुख्य अतिथि नीलेश द्विवेदी, उप महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक कानपुर भी हमारे प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों में एक है। उन्होने काॅलेज व विश्वविधालय से जुडे अपने छात्र जीवन के अनुभवों का साझा किया। धन्यवाद ज्ञापन रसायन विज्ञान विभाग की प्रो0 अनिंदिता भटटाचार्या ने किया तथा संचालन वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रो. सुनीता वर्मा ने किया। इस दौरान काॅलेज के सभी फैकल्टी मेंबर्स व छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।

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प्रधानमंत्री ने तुमकुरु में एचएएल हेलीकाप्टर संयंत्र राष्ट्र को समर्पित किया

प्रधानमंत्री मोदी ने आज तुमकुरु में एचएएल हेलीकॉप्‍टर संयंत्र को राष्‍ट्र को समर्पित किया। उन्होंने तुमकुरु औद्योगिक टाउनशिप और तुमकुरु में तिप्टूर और चिक्कानायकनहल्ली में दो जल जीवन मिशन परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। प्रधानमंत्री ने हेलीकॉप्टर संयंत्र और संरचना हैंगर का दौरा किया और लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर का अनावरण किया।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटका संतों, ऋषियों-मनीषियों की भूमि है, जिसने अध्यात्म, ज्ञान विज्ञान की महान भारतीय परंपरा को सशक्त किया है। उन्होंने कहा कि इसमें भी तुमकुरु का विशेष स्थान है और सिद्धगंगा मठ की इसमें बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने बताया कि पूज्य शिवकुमार स्वामी द्वारा छोड़ी गई अन्ना, अक्षरा और आश्रय की विरासत को श्री सिद्धलिंग स्वामी आज आगे बढ़ा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संतों के आशीर्वाद से आज कर्नाटका के युवाओं को रोजगार देने वाले, ग्रामीणों और महिलाओं को सुविधा देने वाले, देश की सेना और मेड इन इंडिया को ताकत देने वाले, सैकड़ों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के युवाओं की प्रतिभा और नवाचार की सराहना की और कहा कि कर्नाटका युवा टैलेंट, युवा इनोवेशन की धरती है और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग से लेकर तेजस फाइटर प्लेन बनाने तक, कर्नाटक की मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ताकत को दुनिया देख रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, “डबल-इंजन सरकार ने कर्नाटक को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।” प्रधानमंत्री ने आज समर्पित एचएएल परियोजना के माध्यम से उस बिंदु पर जोर देते हुए इसका उदाहरण दिया, जिसके लिए प्रधानमंत्री ने रक्षा जरूरतों के लिए विदेशी निर्भरता को कम करने के संकल्प के साथ 2016 में आधारशिला रखी थी।

प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज सैकड़ों ऐसे हथियार और रक्षा उपकरण हैं, जो भारत में ही बन रहे हैं, जो हमारी सेनाएं उपयोग कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “उन्नत असॉल्ट राइफल से लेकर टैंक, विमान वाहक, हेलीकॉप्टर, लड़ाकू जेट, परिवहन विमान तक, भारत इन सभी का निर्माण कर रहा है।” एयरोस्पेस क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 8-9 वर्षों में इस क्षेत्र में किया गया निवेश 2014 से 15 साल पहले किए गए निवेश की तुलना में पांच गुना अधिक है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि मेड इन इंडिया हथियारों की न केवल हमारे सशस्त्र बलों को आपूर्ति की जाती है, बल्कि 2014 से पहले के वर्षों की तुलना में रक्षा निर्यात भी कई गुना बढ़ गया है। निकट भविष्य में जो 4 लाख करोड़ के व्यवसायों को जन्म देगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “जब ऐसी निर्माण इकाइयां स्थापित की जाती हैं, तो यह न केवल सशस्त्र बलों को मजबूत करती है, बल्कि रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर भी पैदा करती है।” श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने तुमकुरु में हेलीकॉप्टर निर्माण संयंत्र के पास छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाया है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब नेशन फर्स्ट, राष्ट्र प्रथम की भावना से काम होता है, तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के कामकाज में प्रगति और सुधार के साथ-साथ निजी क्षेत्र के लिए अवसर खोलने की बात की।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में एचएएल के नाम पर सरकार को निशाना बनाने के प्रचार का जिक्र किया और कहा कि हमारी सरकार पर तरह-तरह के आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा, “यही एचएएल है जिसका नाम लेकर लोगों को भड़काने की साजिश रची गई लोगों को उकसाया गया। लेकिन झूठ कितना ही बड़ा क्यों ना हो, सच के आगे हारता है और एक दिन जरूर हारता है। आज एचएएल कि यह हेलीकॉप्टर फैक्ट्री, एचएएल की बढ़ती ताकत, बहुत से पुराने झूठे और झूठे आरोप लगाने वालों का पर्दाफाश कर रही है।” उन्होंने कहा कि आज वही एचएएल भारत की सेना के लिए आधुनिक तेजस बना रहा है, विश्व के आकर्षण का केंद्र है और रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि फूड पार्क और एचएएल के बाद औद्योगिक टाउनशिप तुमकुरु के लिए एक बड़ा उपहार है जो तुमकुरु को देश के एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम गतिशक्ति मास्टरप्लान के तहत टाउनशिप का विकास किया जा रहा है, जो मुंबई-चेन्नई राजमार्ग, बेंगलुरु हवाई अड्डे, तुमकुरु रेलवे स्टेशन, मंगलुरु बंदरगाह के माध्यम से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से जुड़ा होगा।

श्री मोदी ने कहा, “डबल इंजन सरकार सामाजिक बुनियादी ढांचे पर उतना ही ध्यान दे रही है जितना भौतिक बुनियादी ढांचे पर दे रही है।” इस वर्ष के बजट पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के लिए बजट आवंटन में पिछले वर्ष की तुलना में 20,000 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है और कहा कि इस योजना के सबसे बड़े लाभार्थी माताएं और बहनें हैं, जिन्हें अपने घरों के लिए पानी लाने के लिए दूर तक नहीं जाना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले तीन वर्षों में परियोजना का दायरा 3 करोड़ ग्रामीण परिवारों से बढ़कर 11 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक पहुंच गया है। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊपरी भद्रा परियोजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे तुमकुरु, चिकमंगलुरु, चित्रदुर्ग, दावणगेरे और मध्य कर्नाटक के सूखा प्रभावित क्षेत्रों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने उन किसानों को होने वाले लाभों पर भी प्रकाश डाला जो वर्षा जल पर निर्भर हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का मध्यवर्ग हितैषी बजट ‘विकसित भारत’ के लिए सभी के प्रयासों को बल देगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “यह बजट समर्थ भारत, संपन्न भारत, स्वयंपूर्ण भारत, शक्तिमान भारत, गतिवान भारत की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। आजादी के इस अमृतकाल में, कर्तव्यों पर चलते हुए विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने में इस बजट का बड़ा योगदान है। यह सर्वप्रिय बजट है। सर्वहितकारी बजट है। सर्वसमावेशी बजट है। सर्व-स्पर्शी बजट है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष मनाएगा, उस सशक्त भारत की नींव, इस बार के बजट में और मजबूत की है। इस साल के गरीब हितैषी मध्यम वर्ग हितैषी बजट की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। विकसित भारत के निर्माण के लिए सब जुड़ें, सब जुटें, सब का प्रयास कैसे हो, इसके लिए यह बजट बहुत ताकत देने वाला है।” उन्होंने कृषि में वंचितों, युवाओं और महिलाओं के लिए बजट के लाभों के बारे में विस्तार से बताया, “यह भारत के युवा को रोजगार के नए अवसर देने वाला बजट है। यह भारत की नारी शक्ति की भागीदारी बढ़ाने वाला बजट है। यह भारत की कृषि को गांव को आधुनिक बनाने वाला बजट है। यह श्रीअन्न से छोटे किसानों को वैश्विक ताकत देने वाला बजट है। यह भारत में रोजगार बढ़ाने वाला और स्वरोजगार को बल देने वाला बजट है।” उन्होंने कहा, “हमने तीनों पहलुओं – आपकी जरूरतें, आपको दी जाने वाली सहायता और आपकी आय को ध्यान में रखा।”

प्रधानमंत्री ने समाज के उस वर्ग को सशक्त बनाने के लिए 2014 से सरकार के प्रयासों पर जोर दिया, जिनके लिए सरकारी सहायता प्राप्त करना एक कठिन कार्य था। प्रधानमंत्री ने कहा, “या तो सरकारी योजनाएं उन तक नहीं पहुंचीं, या इसे बिचौलियों द्वारा लूटा गया।” प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ग को दी गई सहायता पर प्रकाश डाला, जो पहले इससे वंचित था। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहली बार ‘कर्मचारी-मजदूर’ वर्ग को पेंशन और बीमा की सुविधा मिली है। उन्होंने छोटे किसानों की मदद के लिए पीएम-किसान सम्मान निधि का जिक्र किया और स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा लिए गए कर्ज का जिक्र किया। यह बताते हुए कि इस वर्ष का बजट उसी भावना को आगे ले जाता है, प्रधानमंत्री ने पीएम विकास योजना पर प्रकाश डाला, जो कुम्बरा, काम्मारा, अक्कासलिगा, शिल्पी, गारेकेलासदावा, बग्गी और अन्य जैसे शिल्पकारों या विश्वकर्माओं को बढ़ावा देगा, जो अपनी हस्तकला और हाथ के औजारों के बल पर कुछ बनाते हैं और अपनी कला और कौशल को और समृद्ध करते हैं।

प्रधानमंत्री ने वंचितों और गरीबों की मदद के लिए किए गए कई उपाय गिनाए। सरकार ने महामारी के दौरान गरीबों के लिए मुफ्त राशन पर 4 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। गरीबों के आवास के लिए अभूतपूर्व 70 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

मध्यम वर्ग को लाभ पहुंचाने वाले बजट के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने आयकर में कर लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “7 लाख रुपये तक की आय पर आयकर शून्य होने से मध्यम वर्ग में बहुत उत्साह है। खासकर 30 साल से कम उम्र के युवा, जिनके पास नई नौकरी है, नया कारोबार है, उनके खाते में हर महीने ज्यादा पैसा आएगा।” इसी तरह, जमा सीमा को 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख करने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिकों को मदद मिलेगी। लीव इनकैशमेंट पर टैक्स छूट अब 25 लाख तक है जो पहले 3 लाख थी।

महिलाओं के वित्तीय समावेशन की केंद्रीयता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “महिलाओं का वित्तीय समावेशन घरों में उनकी आवाज को मजबूत करता है और घरेलू फैसलों में उनकी भागीदारी को बढ़ाता है। इस बजट में हमने अपनी माताओं, बहनों और बेटियों को अधिक से अधिक बैंकों से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। हम महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र लेकर आए हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, सुकन्या समृद्धि, मुद्रा, जन-धन योजना और पीएम आवास के बाद महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए यह एक बड़ी पहल है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल तकनीक या सहकारी समितियों के विस्तार के माध्यम से हर कदम पर किसानों की सहायता करते हुए इस बजट का अधिकतम फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को लाभ होगा, जबकि कर्नाटक के गन्ना किसानों को गन्ना सहकारी समितियों की स्थापना से मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में खाद्यान्न भंडारण के लिए देश भर में कई नई सहकारी समितियां भी बनेंगी और बड़ी संख्या में स्टोर बनाए जाएंगे। इससे छोटे किसान भी अपना अनाज स्टोर कर सकेंगे और बेहतर कीमत पर बेच सकेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती के जरिए छोटे किसानों की लागत कम करने के लिए हजारों सहायता केंद्र भी बनाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कर्नाटक में मोटे अनाज के महत्व की चर्चा करते हुए कहा कि देश उसी विश्वास को आगे बढ़ा रहा है जहां मोटे अनाज को ‘श्री अन्न’ के रूप में पहचान दी गई है। उन्होंने इस साल के बजट में मोटे अनाज के उत्पादन पर दिए गए जोर पर भी प्रकाश डाला और कहा कि इससे कर्नाटक के छोटे किसानों को बहुत फायदा होगा।

इस अवसर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री बसवराज बोम्मई, केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री ए. नारायणस्वामी और कर्नाटक सरकार के मंत्री और अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री ने तुमकुरु में एचएएल हेलीकॉप्टर फैक्ट्री राष्ट्र को समर्पित की। इसकी आधारशिला भी 2016 में प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई थी। यह एक समर्पित नई ग्रीनफील्ड हेलीकॉप्टर फैक्ट्री है, जो हेलीकॉप्टर बनाने की क्षमता और इकोसिस्टम को आगे बढ़ाएगी। यह एशिया की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर निर्माण सुविधा है और शुरुआत में लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच) का उत्पादन करेगी। एलयूएच एक स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित 3-टन वर्ग, एकल इंजन बहुउद्देश्यीय उपयोगिता हेलीकाप्टर है, जिसमें उच्च गतिशीलता की अनूठी विशेषता है। कारखाने का विस्तार अन्य हेलीकॉप्टरों जैसे लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) और इंडियन मल्टीरोल हेलीकॉप्टर (आईएमआरएच) के निर्माण के साथ-साथ भविष्य में एलसीएच, एलयूएच, सिविल एएलएच और आईएमआरएच की मरम्मत और ओवरहाल के लिए किया जाएगा। कारखाने में भविष्य में सिविल एलयूएच के निर्यात की भी संभावना है। यह सुविधा भारत को हेलीकॉप्टरों की अपनी संपूर्ण आवश्यकता को स्वदेशी रूप से पूरा करने में सक्षम बनाएगी और भारत में हेलीकॉप्टर डिजाइन, विकास और निर्माण में आत्मनिर्भरता का गौरव प्राप्त करेगी। कारखाने में उद्योग 4.0 मानकों का विनिर्माण सेट-अप होगा। अगले 20 वर्षों में, एचएएल तुमकुरु से 3-15 टन के वर्ग में 1000 से अधिक हेलीकाप्टरों का उत्पादन करने की योजना बना रहा है। इससे प्रदेश में करीब छह हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने तुमकुरु औद्योगिक टाउनशिप की आधारशिला भी रखी। राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम के तहत, तुमकुरु में तीन चरणों में 8484 एकड़ में फैले औद्योगिक टाउनशिप का विकास चेन्नई बेंगलुरु औद्योगिक कॉरिडोर के हिस्से के रूप में किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने तुमकुरु में तिपतुर और चिक्कनायकनहल्ली में दो जल जीवन मिशन परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। तिप्तूर बहु-ग्राम पेयजल आपूर्ति परियोजना 430 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाई जाएगी। लगभग 115 करोड़ रुपये की लागत से चिक्कानायकनहल्ली तालुक की 147 बस्तियों के लिए बहु-ग्राम जलापूर्ति योजना का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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कन्या जन्म उत्सव कार्यक्रम डफरिन अस्पताल में आयोजित

कानपुर 7 फ़रवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशानुसार महिला कल्याण विभाग कानपुर नगर द्वारा कन्या जन्म उत्सव कार्यक्रम डफरिन अस्पताल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान आज जन्मी बच्चियों को महिला आयोग के सदस्य पूनम कपूर एवं रंजना शुक्ला जी के द्वारा बेबी किट का वितरण करने के साथ-साथ केक काट कर बच्चों के जन्म पर हर्षोल्लास जताया गया। साथ ही बच्चियों के उज्जवल भविष्य की कामना भी की गई। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर सीमा श्रीवास्तव सोशल वर्कर मोनिका सविता एवं कविता दीक्षित, वंदना सोलंकी ,हरि शंकर जी के द्वारा सहयोग प्रदान किया गया जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री जयदीप सिंह जी द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना एवं कन्या सुमंगला योजना के विषय में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों को सशक्त बनाने पर सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। और आगे भी समय-समय पर महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित विशेष कार्यक्रमों का आयोजन विभाग द्वारा संचालित किया जाता रहेगा। इस कार्यक्रम का संचालन महिला शक्ति केंद्र कानपुर नगर की टीम के द्वारा किया गया।

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जिलाधिकारी द्वारा नगर निगम के डी0पी0एस0 ग्राउण्ड में प्रस्तावित फूटसल कोर्ट के विकास के संबंध में स्थलीय निरीक्षण

जिलाधिकारी विशाख जी द्वारा आज दिनांक 6 फरवरी 2023 को नवाबंगज क्षेत्र स्थित नगर निगम के डी0पी0एस0 ग्राउण्ड में प्रस्तावित फूटसल कोर्ट के विकास के संबंध में स्थलीय निरीक्षण किया गया। फुटसल खेल फीफा द्वारा मान्यता प्राप्त इनडोर फुटबॉल का रूप है (यह शब्द स्पेनिश फुटबॉल सालाश् का संकुचन है)। यह दो टीमों के बीच खेला जाता है, जिनमें से प्रत्येक टीम के पास किसी भी समय पिच पर पांच खिलाड़ी होते हैं, जिसमें रोलिंग विकल्प और सॉकर की तुलना में एक छोटी गेंद होती है, जो कठिन और कम उछाल वाली होती है। जिलाधिकारी द्वारा प्रस्तावित नगर निगम मैदान का निरीक्षण कर निम्न निर्देश दिए गए:-

फुटसल कोर्ट के विकास हेतु मानचित्र को देखा गया तथा फुटसल कोर्ट को आधुनिक बनाये जाने के उद्देश्य से कोर्ट की लंबाई/चैड़ाई एवं अन्य व्यवस्थाओं के प्रतिस्थापन के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
ऽ फुटसल कोर्ट हेतु लाइट व उसकी ऊॅचाई तथा ओरिएटेशन का विशेष ध्यान दिए जाने तथा कोर्ट के दोनो तरफ सिंगल हाई मास्ट लाइट लगाये जाने के निर्देश दिए गए ताकि प्रकाश में किसी प्रकार बाधा उत्पन्न न हो।
ऽ प्रस्तावित कोर्ट में दर्शकों हेतु एलीवेटेड स्थल को भी चयनित किया जाये।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जी0एन0, मयंक यादव जोनल अधिकारी, दिवाकर भास्कर जोनल अभियन्ता, डा0 वी0के0 सिंह उद्यान अधिकारी, जोनल स्वच्छता अधिकारी व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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जिले में हो रहे इन्वेस्टर समिट और कानपुर देहात महोत्सव में देश के पीएम और यूपी के सीएम की नही है जरूरत*

 

*जिले में हो रहे इन्वेस्टर समिट और कानपुर देहात महोत्सव में देश के पीएम और यूपी के सीएम की नही है जरूरत*

*इन्वेस्टर समिट कार्यक्रम और कानपुर देहात महोत्सव के सैकड़ो पोस्टरों से पीएम और सीएम की फोटो नदारद,*

*पीएम और सीएम की फोटो न होने से यूपी की राज्यमंत्री दिखी नाराज,*

*राज्यमंत्री ने डीएम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की घोर निंदा की है,*

*डीएम पर लगाया पीएम और सीएम की छवि धूमिल करने का आरोप – राज्यमंत्री*

*पीएम की महत्वकांक्षी योजना और सीएम के मंसूबों पर पानी फेरने का आरोप – राज्यमंत्री*

*जिले में करोड़ो के चंदा से शुरू इन्वेस्टर्स समिट और कानपुर देहात महोत्सव,*

*डीएम की तानाशाही और मनमानी की तस्वीर आई सामने,*

*डीएम ने देश के पीएम और यूपी के सीएम की फोटो को पोस्टरों पर लगाना नही समझा आवश्यक,*

*मामले पर डीएम ने कुछ भी बोलने से किया इनकार,*

*देश के पीएम और यूपी के सीएम की फोटो के बिना इन्वेस्टर समिट एव कानपुर देहात महोत्सव का कार्यक्रम हुआ शुरू,*

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बजट 2023-24 पर आप प्रवक्ता का बयान

भारत सरकार द्धारा पेश किया बजट 2023-24 पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता चंदेल का बयान:-
बजट 2023-24 आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ प्रवक्ता अरुण सिंह चंदेल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्धारा पेश किए गए बजट पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट केवल एक धोखा है, इसमें देश की जनता को कहीं से कोई भी लाभ नहीं मिला रहा है, लगता है कि पूर्ण रूप से पूंजीपतियों को समर्पित है, गंभीर बात है और यह बजट एक चिंता का विषय भी है।
इस बजट में जो पहले वायदे किये थे बजट में नहीं है, दो करोड़ को रोजगार देने का जो वादा किया गया था वह भी इस बजट में नहीं है। देश का सैनिक जो -20 डिग्री में रहकर देश की रक्षा करते है और अपने प्राण हाथ में लिए सीमा पर डटे रहते है, उसके फायदे के लिए भी इस बजट में कोई घोषणा नहीं की गई है। 50 एयरपोर्ट बनाने जो वादा किया गया था वह कहाँ उड़न छू हो गया। कोविड-19 झेल चूका भारत यह उम्मीद करता था कि जनता को चिकित्सीय लाभ मिलेगा लेकिन बजट में ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई। खास बात है कि रक्षाक्षेत्र, मनरेगा या खेल जगत में किसी भी तरह की बड़ी घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि देश की जनता की मूलभूत आवश्यकताओं में जो खाने-पीने के पदार्थ हैं उनमें दूध, दही, छाछ, आटा, दाल, चावल, गेहूं, जीवन रक्षक दवाओं जैसी जरूरी सामग्री पर किसी प्रकार की कोई छूट नहीं दी गई है तो आखिर यह बजट किस वर्ग के लिए बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य का बजट घटा दिया गया है जो अतयंत दुर्भाग्यपूर्ण है और सरकार की मंशा पर प्रश्नचिन्ह लगाता है ? किसानो की आत्मा को भी नहीं सुना और क़र्ज़दार बनाने के लिए 20 लाख करोड़ तक ऋण, 20 लाख क्रेडिट कार्ड (ऋण) का गाजर लटका दिया। कोई मूलभूत छूट या सुविधा नहीं दी। ऐसा न हो कि क़र्ज़ लेकर और फिर सरकारी चक्कर में फस कर आत्महत्या की तरफ न अग्रसर हो जाये किसान।

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फर्जी छात्र संख्या के बूते 10 टीचरों की लाखों सैलरी उठा रहा ये मदरसा

*फर्जी छात्र संख्या के बूते 10 टीचरों की लाखों सैलरी उठा रहा ये मदरसा!*

कानपुर 3 फरवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता, संबंधित सरकारी विभागों के ‘सहयोग’ के कारण नई सड़क स्थित मदरसा एहसानुल मदारिस कदीम के भ्रष्टाचार की महिमा अपरम्पार है। इस मदरसे में प्रबंधकों की धांधली का आलम ये है कि स्टूडेंट्स तो कुल पौने दो सौ, यानि पूरे 175 भी भर्ती नहीं हैं, लेकिन मुदर्रिसों या टीचरों की संख्या 10 है। हर एक टीचर की सरकारी सेलरी कम से कम 50 से 60 हजार रूपये है। यानि सरकार मदरसा एहसानुल मदारिस कदीम के 10 टीचरों के लिये ही हर महीने 5 से 6 लाख रूपये वेतन पर खर्च कर रही है। ऊपर से दो-दो चपरासी और प्रिंसिपल हैं। परिषदीय और बोर्ड विद्यालयों की तरह मदरसों में भी 35 से 40 बच्चों पर एक टीचर रखे जाने का प्रावधान है। इस हिसाब से तो मदरसे में कम से कम 400 छात्र होने ही चाहिये। ऐसा नहीं होने पर सरकार को मदरसे पर फिजूल खर्च बंद करने के लिये यहां शिक्षकों के 10 से घटाकर केवल 4 कर देने चाहिये। या कम से कम आधे पद खत्म कर देने चाहिये। लेकिन सूत्रों के अनुसार हो ये रहा है कि मदरसा प्रबंधक मुमताज अहमद सिद्धीकी लगातार कई सालों से अपने शिक्षक पद पूरे 10 बनाये रखने को कागजों पर फर्जी छात्र संख्या दिखा रहे हैं। यानि मदरसा एहसानुल मदारिस कदीम में बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा करके सरकारी धन लूटा जा रहा है। पुष्ट सूत्रों के अनुसार मदरसे में फर्जी छात्र संख्या के अलावा टीचरों की भी फर्जी अटेंडेंस लगती है। 10 में से अधिकतम 4 या 5 शिक्षक ही किसी एक समय पर मदरसे में आते हैं। बाकी की जगह 4 से 6 हजार रूपये में स्थानीय मुदर्रिस बुलाये जाते हैं। जानकारों के अनुसार फर्जीवाड़ा हो पा रहा है जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जानबूझकर की जा रही अनदेखी से, क्योंकि इंस्पेक्शन करके वेतन का और पद सृजन या समाप्ति आदि का अनुमोदन यही कार्यालय करता है।

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