भारतीय स्वरुप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज कानपुर के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा 22 से 24 अप्रैल 2024 तक रिसर्च प्रोजेक्ट मेकिंग पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सामाजिक विज्ञान के स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को सामाजिक विज्ञान की जटिलताओं से परिचित कराना था। एक अच्छा शोध प्रोजेक्ट बनाना एक विज्ञान भी है और कला भी। व्याख्यान में अनुसंधान समस्या की पहचान से लेकर सही अनुसंधान पद्धति चुनने से लेकर डेटा संग्रह, डेटा विश्लेषण और रिपोर्ट लेखन तक शामिल थे। राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र विभाग से प्रोफेसर आशुतोष सक्सेना, प्रोफेसर विभा दीक्षित और डॉ. अर्चना वर्मा पहले दो दिनों के लिए मुख्य संसाधन व्यक्ति थे।
प्रसिद्ध सामाजिक वैज्ञानिक और आईआईटी कानपुर में समाजशास्त्र के पूर्व प्रोफेसर, ए के शर्मा द्वारा ‘अंडरस्टैंडिंग रिसर्च प्रोजेक्ट्स’ विषय पर विशेष व्याख्यान दिया गया। उन्होंने एक अच्छा शोध प्रोजेक्ट बनाने के विभिन्न आयामों और दृष्टिकोणों पर चर्चा की। उन्होंने एक अच्छा शोध करने में उपयोग की जाने वाली विभिन्न विधियों के बारे में विस्तार से बताया। उनका मुख्य जोर पूरी शोध प्रक्रिया को सीधा, तथ्यात्मक और सरल बनाने पर था। अनुसंधान में नैतिकता और साहित्यिक चोरी से बचना आवश्यक है।
सेमिनार का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य एवं सचिव प्रोफेसर जोसेफ डेनियल ने किया. समाजशास्त्र विभाग की सुश्री साक्षी यादव और उनकी स्वयंसेवकों की टीम ने कार्यशाला का आयोजन बहुत सुचारू रूप से किया। कार्यशाला में क्राइस्ट चर्च कॉलेज और अन्य कॉलेजों के यूजी और पीजी छात्रों, अनुसंधान विद्वानों और संकाय सदस्यों के साथ-साथ सामाजिक विज्ञान के विभिन्न विषयों ने भी भाग लिया।
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अतुल दीक्षित
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यह अनूठा अवसर 16 जून से 20 जून तक पांच दिवसीय गहन कार्यक्रम प्रदान करता है, जिसका नेतृत्व बैटमैन और वंडर वुमन जैसी प्रतिष्ठित परियोजनाओं पर काम कर चुके वार्नर ब्रदर्स के एक अनुभवी एनीमेशन फिल्म निर्माता करेंगे। प्रतिभागी व्यावहारिक ज्ञान और उद्योग संबंधी अंतर्दृष्टि प्राप्त करते हुए, मूवी, सीरीज़ और गेमिंग एनीमेशन की मनोरम दुनिया का अन्वेषण करेंगे।
भारतीय स्वरूप संवाददाता विश्व पृथ्वी दिवस WORLD EARTH DAY 🌱 के अवसर पर कानपुर के एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज, कानपुर के वनस्पति विज्ञान विभाग ने 8 दिवसीय व्याख्यान शृंखला का शुभारंभ किया । “8 Days 8 Scientists “ नामक इस शृंखला में आठ दिवसों में आठ वैज्ञानिक विज्ञान के अलग अलग विषयों पर व्याख्यान देंगे । सभी वैज्ञानिक कानपुर के ICAR-IIPR अर्थात् दलहन अनुसंधान संस्थान से आते हैं।
भारतीय स्वरूप संवाददाता, कानपुर के ब्रह्मानंद कॉलेज में आज मतदाता जागरूकता अभियान का शुभारंभ हुआ , कानपुर प्रेस क्लब और कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन में कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की ,
पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार और ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर हरीश चन्दर ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक , छात्रों और युवा मतदाताओं को मतदान अवश्य करने की शपथ दिलाई , उन्होंने कहा कि धर्म संप्रदाय जाति और वर्ग से ऊपर उठकर मतदान जरूर करें यह देश का पर्व है , प्रेस क्लब अध्यक्ष सरस बाजपेई और जेएमडी न्यूज़ के डायरेक्टर संजीत दीक्षित ने भी मतदान को पर्व के रूप में मनाने का आह्वान किया , ब्रह्मानंद कॉलेज के प्रचार डॉ विवेक द्विवेदी और अन्य वक्ताओं ने भी लोगों से मतदान जरूर करने की अपील की ,
कार्यक्रम का संचालन प्रेस क्लब के महामंत्री शैलेश अवस्थी ने किया जबकि पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित ने धन्यवाद ज्ञापित किया , इस मौके पर सरस बाजपेई अध्यक्ष , शैलेश अवस्थी , कुशाग्र पांडे , सुनील साहू कोषाध्यक्ष , गौरव सारस्वत वरिष्ठ उपाध्यक्ष , मनोज यादव उपाध्यक्ष , मधुर मोहन दुबे वरिष्ठ मंत्री , शिवराज साहू मंत्री
भारतीय स्वरूप संवाद सूत्र डॉ डी सी शुक्ल, महिला महाविद्यालय के सभागार में इतिहास विभाग द्वारा दो दिवसीय संगोष्ठी(19,20 अप्रैल 2024)का आयोजन किया गया जिसमें महाकाव्य कालीन भारत इतिहास, राजनीति, कला एवं संस्कृति” पर परिचर्चा आयोजित किया गया* कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या एवं अतिथि गणों के कर कमलों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
अतिथियों का स्वागत करते हुए दयानंद शिक्षण संस्थान की संरक्षिका कुमकुम स्वरूप ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे महाकाव्य में महिला एवं पुरुष को समान अधिकार की बात की गई है परंतु आज स्त्रियां के अधिकारों का दमन किया जा रहा है और वो हाशिए खड़ी नजर आती है। अतः आज हमें पुनः महाकाव्य कालीन विचारों को आत्मसात करके समाज को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता है। प्राचार्य प्रोफेसर अंजू चौधरी ने महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियां पर प्रकाश डालते हुए प्रगति आख्या प्रस्तुत की। संगोष्ठी की सयोजिका प्रोफेसर ममता गंगवार ने विषय परिवर्तन करते हुए महाकाव्य के इतिहास विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया साथ ही महाकाव्य कालीन संस्कृति, आर्थिक सामाजिक दशा तथा धार्मिक स्थिति पर भी प्रकाश डाला विशिष्ट अतिथि माननीय विवेक द्विवेदी (एआईफुक्टा) ने संगोष्ठी के विषय को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए कहा कि महाकाव्य कालीन संस्कृति के आदर्शो को हमें अपनाने की आवश्यकता है। *प्रोफेसर ममता गंगवार, डॉ. मीरा त्रिपाठी, डॉक्टर अनामिका वर्मा प्रोफेसर पुष्पा यादव, डॉ रश्मि सिंह, द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन किया गया।