जयपुर में आज जैन सोशल ग्रुप्स (JSG) सेंट्रल संथान और दधीचि देहदान समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अंगदाता परिवारों को सम्मानित करते हुए उपराष्ट्रपति ने नागरिकों से अंगदान की दिशा में सचेत प्रयास करने का आह्वान किया, इसे मानवता की सेवा की महान परंपरा से जोड़ते हुए एक मिशन बनाने की बात की।
विश्व अंगदान दिवस की थीम “Be the Reason for Someone’s Smile Today” पर प्रकाश डालते हुए श्री धनखड़ ने सभी से आह्वान किया है कि वे अपने समाज की परंपरा को कायम रखते हुए अंगदान को भी इसी भावना से जोड़ें। उन्होंने कहा, “आप ऐसे समाज के सदस्य हैं जो हर मौके पर हर किसी की मुस्कान का कारण बनते हैं। इस अवसर को भी इस भावना से जोड़ें और संकल्प लें कि हर सप्ताह आप कुछ ऐसा करेंगे जिससे आपका व्यक्तिगत और पारिवारिक योगदान अंगदान के इस पवित्र कारण में शामिल हो सके।”
प्राचीन ज्ञान, “इदम् शरीरम् परमार्थ साधनम्!” का उद्धरण देते हुए, श्री धनखड़ ने मानव शरीर की महत्ता को व्यापक सामाजिक भलाई के साधन के रूप में रेखांकित किया और कहा कि यह शरीर समाज के व्यापक कल्याण के लिए एक उपकरण बन सकता है।
प्रतिभाशाली व्यक्तियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए जो योगदान करने की मजबूत इच्छा से प्रेरित हैं लेकिन एक महत्वपूर्ण अंग की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं, उपराष्ट्रपति ने कहा, “जब आप उनकी मदद करते हैं, तो हम उन्हें समाज के लिए एक बोझ से बदलकर एक संपत्ति बना देंगे,” जो अंग दान के महत्व को रेखांकित करता है।
अंग दान में बढ़ते ‘व्यावसायीकरण के वायरस’ पर चिंता व्यक्त करते हुए, श्री धनखड़ ने जोर दिया कि अंगों को आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए सोचकर दान किया जाना चाहिए। चिकित्सा पेशे को “दैवीय व्यवसाय” के रूप में संदर्भित करते हुए और कोविड महामारी के दौरान ‘स्वास्थ्य योद्धाओं’ की निःस्वार्थ सेवा को उजागर करते हुए, उन्होंने कहा कि चिकित्सा पेशे में कुछ व्यक्ति अंग दान के महान स्वभाव को कमजोर करते हैं। उन्होंने कहा, “हम अंग दान को कमजोर लोगों के शोषण का क्षेत्र नहीं बनने दे सकते जो चालाक तत्वों के व्यावसायिक लाभ के लिए हो।”
उपराष्ट्रपति ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर की याद दिलाते हुए, सभी से आग्रह किया कि वे हमारे शास्त्रों और वेदों में निहित ज्ञान पर विचार करें, जो ज्ञान और मार्गदर्शन का विशाल भंडार हैं।
लोकतंत्र में राजनीतिक भिन्नताओं को मान्यता देने के महत्व को रेखांकित करते हुए, श्री धनखड़ ने चेतावनी दी कि ये भिन्नताएँ राष्ट्रीय हित पर कभी भी हावी नहीं होने चाहिए। उन्होंने युवाओं को लोकतंत्र के प्रति पिछले खतरों, विशेषकर आपातकाल के दौरान, और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने के लिए सतर्कता की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
उपराष्ट्रपति ने आज कहा कि कुछ लोग मानते हैं कि आपातकाल का काला अध्याय चुनावों के बाद समाप्त हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, “आपातकाल के दौरान हुए अत्याचारों को याद रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार ने ‘संविधान हत्या दिवस’ की पहल की है, ताकि हमारी नई-पीढ़ी को यह पता चल सके कि एक ऐसा कालखंड था जब उनके मौलिक अधिकार नहीं थे और सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए थे।”
अपने संबोधन में, श्री धनखड़ ने विशेष रूप से कॉर्पोरेट्स, व्यापार संघों, और व्यापार नेताओं से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और आयात को केवल उन वस्तुओं तक सीमित करने का आह्वान किया जो अत्यावश्यक हैं।
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डा० अफ़रोज़ अहमद, सदस्य/न्यायाधीश मां० राष्ट्रीय हरित अधिकरण,प्रधान न्यायपीठ, नई दिल्ली की अध्यक्षता में आज सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।बै ठक में क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पॉवर प्वाइंट के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया गया। अध्यक्ष द्वारा जिला पर्यावरण समिति की बैठक में उपस्थित समस्त संबंधित विभागों के अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:-
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन बी वी पी जी कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रबंध तंत्र के अध्यक्ष श्री पीके मिश्रा , संयुक्त सचिव शुभ्रो सेन, प्राचार्य प्रो सुमन ने क्षण्डारोहन किया। संगीत विभाग की छात्राओं ने देश भक्ति गीत प्रस्तुत किया। एनसीसी, एनएसएस ,रोवर्स रेंजर्स के छात्राओं ने संयुक्त मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। श्री शुभ्रो सेन ने ऊर्जा पूर्ण भाषण देते हुए सभी को देश प्रेम के प्रति सचेत किया। कैप्टन ममता अग्रवाल ने उच्च शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राप्त पत्र का वाचन किया। प्राचार्य सुमन जी ने इस क्षण को गौरवपूर्ण बताते हुए सभी की सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया। यह समस्त कार्यक्रम राष्ट्रीय पर्व प्रभारी प्रोफेसर रेखा चौबे के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर चित्रा सिंह ने किया। जानकारी देते हुए मीडिया प्रसार प्रभारी डॉ प्रीति सिंह ने बताया कार्यक्रम में सभी शिक्षक कर्मचारी और छात्र उपस्थिति रहे।
महाविद्यालय में 78वॉ स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉक्टर सुनील कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर ,एसजीएसटी, कानपुर द्वारा ध्वजारोहण से हुईं
कानपुर (जि. सू.) जिलाधिकारी कानपुर नगर श्री राकेश कुमार सिंह द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश सेवा हेतु विभिन्न युद्धों में एवं आपरेशन में शहीद हुए वीर सैनिकों की वीर नारियों / उनके परिजनों को संबंधित उप जिलाधिकारियों तथा अपर नगर मजिस्ट्रेटों के माध्यम से उनके घर जाकर मिष्ठान, शॉल आदि देकर उनका सम्मान किया गया |