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केंद्रीय मंत्री मनोहर ब्राजील में ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे

केंद्रीय विद्युत और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, 19 मई को होने वाली ब्रिक्स ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए ब्राजील की आधिकारिक यात्रा पर हैं।

“एम्पावरिंग ग्लोबल साउथ कोऑपरेशन फॉर इंक्लूसिव एंड सस्टेनेबल ग्लोबल गवर्नेंस” विषय के अंतर्गत, माननीय मंत्री ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, पहुंच, सामर्थ्य और स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

भारत इस बैठक में पिछले दशक की अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा, जिसमें विद्युत क्षमता में 90 प्रतिशत की वृद्धि, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और जैव ईंधन में नेतृत्व के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और सतत विकास शामिल हैं। देश ऊर्जा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने और ऊर्जा परिवर्तन में तेजी लाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करेगा।

यह यात्रा भारत के इस दृढ़ संकल्प को रेखांकित करती है कि वह ब्रिक्स देशों के साथ एक मजबूत, भविष्योन्मुखी और टिकाऊ ऊर्जा क्षेत्र के निर्माण में सक्रिय रूप से सहयोग करेगा।

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सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता का भारत का सख्त संदेश देंगे

ऑपरेशन सिंदूर और भारत की सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ जारी लड़ाई के संदर्भ में, सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों सहित प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करने जा रहे हैं।

सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारत की राष्ट्रीय सहमति और मजबूत दृष्टिकोण को प्रदर्शित करेंगे। वे दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ शून्य-सहिष्णु बनाने के देश के मजबूत संदेश को आगे बढ़ाएंगे।

विभिन्न दलों के संसद सदस्य, प्रमुख राजनीतिक हस्तियां और प्रतिष्ठित राजनयिक प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।

निम्नलिखित संसद सदस्य सात प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करेंगे:

1)  शशि थरूर, कांग्रेस

2)  रविशंकर प्रसाद, भाजपा

3)  संजय कुमार झा, जदयू

4)  बैजयंत पांडा, भाजपा

5)  कनिमोझी करुणानिधि, डीएमके

6)  सुप्रिया सुले, एनसीपी

7)  श्रीकांत एकनाथ शिंदे, शिव सेना

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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने असम के नागांव में लखपति दीदियों से संवाद किया

केंद्रीय ग्रामीण विकास व कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने पूर्वोत्तर दौरे के तीसरे और अंतिम दिन असम, नागांव जिले के भेलुगुड़ी में स्वयं सहायता समूहों की लखपति दीदियों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने लखपति दीदियों से संवाद किया, अनुभव साझा किए और सशक्तिकरण की प्रेरक कहानियाँ सुनीं।

चौहान ने कहा कि नारी सशक्तिकरण का प्रतीक है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिला है। मैं प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दूंगा, असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत जी को भी धन्यवाद दूंगा कि उनके मार्गदर्शन में असम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का काम बहुत अच्छा चल रहा।

चौहान ने कहा कि आगे हमारा संकल्प है कि हर गरीब परिवार की बहन स्वयं सहायता समूह से जुड़े। अलग-अलग व्यवसाय के जरिए जीविकोपार्जन करें। असम में तो असीम क्षमता है। यहां के लोकल उत्पाद, हल्दी से लेकर मिर्ची तक हर उत्पाद को प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के जरिए बढ़ाकर स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की जा सकती है। यहां कि महिलाएं इस दिशा में तेजी से बढ़ भी रही हैं, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का ‘लोकल फॉल वोकल’ विजन सार्थक हो रहा है।

चौहान ने कहा कि कल मैं काजीरंगा में था। वहाँ अदरक की प्रोसेसिंग का काम देखा, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी देखी। मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि प्रसन्नता कि बात है कि कई लखपति दीदियों की आमदनी यहां 10 लाख रुपये सालाना तक पहुंच गई है। मैं आपको हृदय से धन्यवाद देना चाहता हूँ। यहां मिलियन दीदी मिल गई जो एक साल में 10 लाख रुपए कमा रही हैं।

अंत में श्री चौहान ने कहा कि उचित प्रशिक्षण और बैंक लिंकेज के कारण 8 लाख 50 हजार दीदियाँ असम में लखपति दीदी बन गई हैं और जो अन्य 33 लाख बहनें, स्वयं सहायता समूहों में काम कर रही हैं, उन्हें भी जल्द ही लखपति दीदी बनाने की दिशा में युद्धस्तर पर प्रयास

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संस्कृति मंत्रालय ने “एक देश एक धड़कन” के माध्यम से राष्ट्रवाद के प्रति उत्साह जगाया

देशभक्ति की अमर भावना को भावभीनी श्रद्धांजलि देने और राष्ट्र के वीरों को सम्मानित करने के लिए, संस्कृति मंत्रालय ने एक शक्तिशाली और बाध्यकारी पहल “एक देश, एक धड़कन” शुरू की है।

राष्ट्रीय गौरव की साझा लय में राष्ट्र को एकजुट करने के लिए तैयार किया गया यह अभियान पहले से ही पूरे भारत में नागरिकों के बीच मजबूती से गूंज रहा है। #एकदेशएकधड़कन (#OneNationOneHeartbeat) का नारा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से अपनाया जा रहा है, जो एकता, देशभक्ति के जोश और तिरंगे के प्रति श्रद्धा की भावना को बढ़ाता है।

यह एक कृतज्ञ राष्ट्र की सामूहिक भावना का प्रतीक है। इसके माध्यम से हम अपने गुमनाम नायकों और बहादुरों की वीरता और बलिदान को सलाम करते हैं।

समन्वित राष्ट्रीय भागीदारी

पिछले 48 घंटों में, संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में सभी 43 संस्थानों ने एकजुट होकर और उत्साह के साथ भागीदारी की है।

  • हमें एक साथ बांधने वाली इस भागीदारी से सशस्त्र बलों और बहादुरों को सलाम करने के साथ-साथ तिरंगे की भावना व्यक्त की जाती है. साथ ही, सभी संस्थानों ने अपने प्रदर्शन चित्रों (डीपी) को तिरंगे में बदल दिया है।

एएसआई स्मारकों को ध्वज के रंगों में रोशन किया गया

प्रमुख सांस्कृतिक संस्थानों और विरासत स्थलों को भारतीय ध्वज के रंगों में रोशन किया गया है। इनमें शामिल हैं:

• विक्टोरिया मेमोरियल (पश्चिम बंगाल), सालारजंग संग्रहालय (आंध्र प्रदेश), एनजीएमए दिल्ली और क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र, लखनऊ।

• भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार ने भी अपनी प्रतिष्ठित इमारत को रोशन करके इसमें शामिल किया है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की देखरेख में, देश भर में 60 से अधिक विरासत स्मारकों को तिरंगे से रोशन किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • दिल्ली में लाल किला, किला राय पिथौरा, सफदरजंग मकबरा और पुराना किला।
  • राजस्थान में कुंभलगढ़, चित्तौड़गढ़ और किला घंटा। गुलाब बाड़ी, उत्तर प्रदेश
  • उदयगिरि गुफाएं (ओडिशा), अशोक स्तंभ (बिहार), राहतगढ़ किला (मध्य प्रदेश) और किला बल्लारपुर (महाराष्ट्र), अन्य।
  • रंग घर (असम), चित्रदुर्ग किला (कर्नाटक), लेह पैलेस (लेह)

एकता और स्मरण के एक मार्मिक संकेत के रूप में, संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 14 मई 2025 को कुतुब मीनार का दौरा किया, जहां तिरंगे का एक विशेष प्रक्षेपण मानचित्रण प्रदर्शित किया गया। केंद्रीय मंत्री ने सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और हमारे गुमनाम नायकों और बहादुरों के साहस एवं वीरता से प्रज्वलित राष्ट्रवादी भावना को सलाम किया।

सभी भारतीयों के लिए गौरव के इस क्षण को सामूहिक रूप से मनाने के उद्देश्य से, एमओसी के तहत संस्थान और संगठन विशेष कहानी सुनाने (स्टोरी टेलिंग) के कार्यक्रम, चित्रकारी के माध्यम से श्रद्धांजलि, विशेष प्रदर्शनियां, संगीतमय श्रद्धांजलि, प्रश्नोत्तरी, बैज/कलाईबैंड वितरण, जन भागीदारी के साथ तिरंगा रैलियां जैसे कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं।

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आईआईसीए और डीजीआर ने वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ स्वतंत्र निदेशक के लिए दूसरा प्रमाणन कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया

  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (आईआईसीए) ने डायरेक्टरेट जनरल रीसेटलमेंट (डीजीआर) के साथ 5 मई 2025 से 16 मई 2025 तक गुरुग्राम के मानेसर स्थित आईआईसीए कैंपस में वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ कार्यक्रम का दूसरा बैच संचालित किया।

सभी तीनों सेवाओं से एयर मार्शल, वाइस एडमिरल, रियर एडमिरल, एयर वाइस मार्शल, मेजर जनरल, ब्रिगेडियर, कर्नल और ग्रुप कैप्टन श्रेणियों के कुल 30 वरिष्ठ अधिकारियों ने द्वि साप्ताहिक प्रमाणन कार्यक्रम में प्रतिनिधित्व किया।

समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता आईआईसीए के डीजी एवं सीईओ श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने की। समापन कार्यक्रम को लेफ्टिनेंट जनरल एसबीके सिंह, एसएम, डायरेक्टर जनरल, डीजीआर एंड वाइस एडमिरल राजाराम स्वामीनाथन ने भी संबोधित किया, जिसमें उन्होंने सशस्त्र बलों और कॉरपोरेट जगत में होने वाले अनुभवों के बीच समानताएं बताईं। उन्होंने आगे रेखांकित किया कि कॉरपोरेट में सुशासन के लिए आवश्यक शर्तें- नैतिकता और अखंडता, सशस्त्र बलों में पहले से ही मौजूद हैं, और नई स्किल्स, जानकारी और अनुभवों को साथ लेकर बदलते भारतीय कॉरपोरेट परिदृश्य में परिवर्तनकर्ता के तौर पर स्थापित करती हैं।

आईआईसीए के डीजी एवं सीईओ  ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने उभरते भारतीय कॉरपोरेट परिदृश्य में अनुभवी लोगों की ओर से निभाई जाने वाली अपेक्षित भूमिकाओं के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में विशेष प्रकार के क्षेत्रों में सशस्त्र बलों की ओर से अधिक क्षमता और उत्पादन पर जोर दिया और रेखांकित किया कि किस प्रकार से यह अनुभवी लोगों का यह अनुभव भारतीय कॉरपोरेट क्षेत्र का हिस्सा रहते हुए राष्ट्र निर्माण के योग्य बनाएगा। श्री सिंह ने अपने विचार को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सशस्त्र बलों की ओर से मिली दक्षता का इस्तेमाल, उन अनुभवों में इस्तेमाल होने वाले क्षेत्रों में किया जाना चाहिए, जो अंततः विकसित भारत की उपलब्धि का नेतृत्व करेगा। कार्यक्रम के प्रतिभागियों को दिए गए संबोधन में श्री सिंह ने एक विशेष पहलू को कवर करते हुए प्रतिभागियों को उद्यमिता विकास पर ध्यान केंद्रित करने को कहा, जो आगे जाकर रोजगार निर्माण करेगा, जो न केवल दिग्गज साथियों के लिए है, बल्कि बड़े स्तर पर पूरे राष्ट्र के लिए है, जो एमएसएमई क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।

आईआईसीए में कॉरपोरेट गवर्नेंस एंड पब्लिक पॉलिसी स्कूल के हेड डॉ. नीरज गुप्त ने अपने संबोधन के दौरान सर्वाधिक महत्वपूर्ण हालातों के बावजूद पूरे कार्यक्रम में प्रतिभागियों की उपस्थिति बनाए रखने पर धन्यवाद किया। उन्होंने सार्वजनिक शासन, सैन्य शासन और कॉरपोरेट शासन के विचारों के बीच कन्वर्जेंस और डाइवर्जेंस प्वाइंट्स पर जोर दिया। उन्होंने जोर दिया कि द्वि साप्ताहिक कार्यक्रम का उद्देश्य: (i) प्रतिभागियों को कॉरपोरेट प्रशासन की नियामक समझ और विचारों को समझाना, (ii) स्वतंत्र डायरेक्टर की भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में बताना और, (iii) कॉरपोरेट बोर्ड में योगदान देने में मदद करना था।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रमाणन कार्यक्रम को आईआईसीए में प्रधान रिसर्च असोसिएट डॉ. अनिंदिता चक्रवर्ती और आईआईसीए में वरिष्ठ रिसर्च असोसिएट सीएस आशीष कुमार ने पूरा किया। कॉरपोरेट मामलों पर जानकारी के भंडार, मंत्रालय, कॉरपोरेट और अन्य इकाइयों जैसे नियामकों के साथ नियामक फ्रेमवर्क पर काम करने वाले आईआईसीए ने एक उत्प्रेरक के तौर पर अपनी भूमिका निभाई।  संस्थान हमेशा से ही सुशासन के प्रचार और जिम्मेदार व्यापार आचरण से जुड़ी पहलों में अग्रणी रहा है।

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पीएम-जनमन सम्पूर्णता अभियान

 
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव विभु नायर ने आवश्यक सेवाओं के संचालन और प्रभावी वितरण पर विशेष ध्यान देने के साथ पीएम-जनमन के तहत विभिन्न पहलों को फिजिकल रूप से पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया। नायर ने कहा कि राज्य अपनी-अपनी योजनाओं का उपयोग जहां भी संभव हो, इन पहलों को समर्थन देने और उन्हें प्राप्त करने के लिए करें तथा सभी पहलों के लिए विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित किये जाने चाहिए। आज नई दिल्ली में पीएम-जनमन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी कार्यक्रम पीएम-जनमन के कार्यान्वयन के सभी स्तरों पर शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के अंतराल पर ऐसी समीक्षा आयोजित की जाएगी।

एक दिवसीय समीक्षा बैठक के दौरान, अभियान के अंतर्गत बुनियादी ढांचे (व्यक्तिगत और सामुदायिक परिसंपत्तियों) के तेजी से और मिशन मोड में पूरा होने से संबंधित प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की गई, जिसमें सेवा सम्पूर्णता को प्राप्त करने के लिए सभी प्रयासों में सामंजस्य स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों ने संभावित कार्यान्वयन बाधाओं की पहचान करने और उनका समाधान करने के लिए विचार-मंथन सत्रों में भाग लिया। यह भी देखा गया कि समय पर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के भीतर कई स्तरों पर एक व्यवस्थित और नियमित समीक्षा तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए और विभागों के बीच समन्वय को गांव स्तर तक दोहराया जाना चाहिए।

चर्चा के मुख्य बिन्दु इस बात पर केंद्रित थे कि सभी गांवों में अभियान के तहत रेखांकित पहलों का पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

  • स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी और कौशल विकास की आवश्यक सेवाओं के साथ बहुउद्देश्यीय केंद्रों (एमपीसी) का निर्माण पूरा करना और उनका संचालन शुरू करना।
  • सभी वन धन विकास केंद्रों (वीडीवीके) में व्यावसायिक गतिविधियों की शुरुआत
  • पक्के मकानों की स्वीकृति और निर्माण का फिजिकल कार्य पूरा करना तथा आधार जैसे आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
  • बस्तियों के स्थान के अनुसार सड़कों की सफाई और चल रही सड़क परियोजनाओं को समय पर पूरा करना
  • सभी आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) का संचालन और निगरानी
  • जीपीएस जैसे तकनीकी उपकरणों के उपयोग से मोबाइल मेडिकल यूनिटों (एमएमयू) के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को मजबूत करना।
  • लक्षित संख्या में पीवीटीजी छात्रावासों की स्वीकृति और निर्माण
  • ऑन-ग्रिड या ऑफ-ग्रिड समाधानों के माध्यम से पीवीटीजी घरों का विद्युतीकरण
  • नल जल आपूर्ति द्वारा गांवों का सम्पूर्ण कवरेज
  • दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए मोबाइल टावरों की स्थापना

प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) योजना के सम्पूर्णता स्तरों का आकलन करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में इस समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इसमें पीएम-जनमन मिशन में भाग लेने वाले 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव/सचिव स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में भाग लेने वाले मंत्रालयों के अधिकारी भी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के व्यापक विकास और कल्याण को सुनिश्चित करना है। 2023 में जनजातीय गौरव दिवस पर माननीय प्रधानमंत्री द्वारा घोषित यह अभियान देश में सबसे अधिक वंचित समुदायों के लिए समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है जो विकसित गांवविकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता करेगा।

अभियान को राज्य सरकारों के सहयोग से 9 मंत्रालयों और विभागों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है। इससे संबंधित फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरा करने और समयबद्ध तरीके से सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक केंद्रित, मिशन-मोड दृष्टिकोण अपनाया गया है।

 

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डाक विभाग ने कोडईकनाल सौर वेधशाला की 125वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया

डाक विभाग को कोडईकनाल सौर वेधशाला (केएसओ) के 125वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक टिकट जारी करने पर गर्व है। इस विशेष टिकट के माध्यम से केएसओ की विरासत को मान्यता देना भारत के सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक संस्थानों में से एक का उपयुक्त सम्मान है और यह वैश्विक स्तर पर विज्ञान जगत में देश के दीर्घकालिक योगदान को रेखांकित करता है।

इस स्मारक डाक टिकट का विमोचन कर्नाटक सर्कल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री एस. राजेंद्र कुमार द्वारा बेंगलुरु स्थित भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान में आईआईए के गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष एवं इसरो के पूर्व अध्यक्ष श्री ए.एस. किरण कुमार तथा अन्य सम्मानित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

स्मारक डाक टिकट का विमोचन

मिलनाडु के पलानी हिल्स में स्थित तथा 1 अप्रैल 1899 को स्थापित कोडईकनाल सौर वेधशाला (केएसओ) एक सदी से भी ज़्यादा समय से भारत में सौर अनुसंधान का एक अग्रणी केन्द्र रहा है। भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (आईआईए) द्वारा संचालित, इस वेधशाला को देश की सबसे लंबे समय से चलने वाली खगोलीय वेधशाला होने का गौरव हासिल है और यह सूर्य के बारे में दुनिया के सबसे व्यापक एवं निरंतर दैनिक रिकॉर्ड में से एक को दर्ज करती है।

सौर भौतिकी के क्षेत्र में इस वेधशाला का व्यापक एवं स्थायी योगदान है। अपने 125 वर्षों के संचालन काल में, केएसओ के शोधकर्ताओं ने सनस्पॉट, सौर ज्वालाओं, प्रमुखताओं और सौर प्रभामंडल पर उल्लेखनीय अध्ययन किए हैं, जिससे सौर गतिविधि और पृथ्वी पर इसके प्रभाव के बारे में हमारी समझ में काफी वृद्धि हुई है।

कोडईकनाल सौर वेधशाला (केएसओ) के 125वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में जारी स्मारक डाक टिकट

यह स्मारक डाक टिकट कोडईकनाल सौर वेधशाला को एक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में सम्मानित करता है और इसके समृद्ध इतिहास, उल्लेखनीय वैज्ञानिक उपलब्धियों तथा समाज के प्रति इसके अटूट योगदान का उत्सव मनाता है।

यह टिकट अब देशभर में फिलैटेलिक ब्यूरो में उपलब्ध है और इसे www.epostoffice.gov.in  पर ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है।

डाक विभाग नागरिकों, विज्ञान प्रेमियों और डाक टिकट संग्रहकर्ताओं को सौर उत्कृष्टता के 125 वर्षों को समर्पित इस स्मारक टिकट को प्राप्त करके इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए आमंत्रित करता है।

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जनपद के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के मध्य कानपुर के समग्र विकास की रणनीति पर चर्चा एवं संवाद

दैनिक भारतीय स्वरूप जिला सूचना कार्यालय कानपुर नगर, सर्किट हाउस में जनपद के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के मध्य शासन की मंशानुसार कानपुर के समग्र विकास की रणनीति पर चर्चा एवं संवाद हुआ। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से संवाद स्थापित करते हुए अपने-अपने स्तर से जनपद के विकास हेतु सुझाव भी दिए तथा इन सुझावों को अमल में लाने के लिए जिलाधिकारी महोदय ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को यह भी निर्देश दिए कि वे अपनी परियोजनाओं की विस्तृत सूचना ससमय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएं, जिससे शासन की नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने में तेज गति मिल सके। उन्होंने अधिकारियों से मा. जनप्रतिनिधियों के साथ सौहार्दपूर्ण व सामंजस्य स्थापित करते हुए काम करने पर जोर दिया। बैठक के दौरान जनपद के विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु प्रत्येक माह बैठक आयोजित कराए जाने पर सहमति व्यक्त किया गया। बैठक में सांसद रमेश अवस्थी, माननीय सांसद देवेंद्र सिंह भोले, महापौर प्रमिला पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक राहुल बच्चा सोनकर, राज्यसभा अध्यक्ष प्रतिनिधि, एमएलसी सलिल बिश्नोई के प्रतिनिधि सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के उपरांत जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों द्वारा सर्किट हाउस स्थित नवनिर्मित प्रेसीडेंशियल हाउस का निरीक्षण कर स्थितियों को परखते हुए आवश्यक दिशा -निर्देश दिए गए बैठक में जनप्रतिनिधियों व जिलाधिकारी महोदय के अलावा ज्वाइंट सीपी, एमडी केस्को, नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम नगर एवं वित्त,पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहें ।

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कानपुर दर्शन

दिलों में बसा कानपुर, आओ करें गुणगान।
अनेकों दर्शनीय स्थल,सभी रखें निज मान।।

बात करें बिठूर की, ऐतिहासिक सम्मान।
ग्रीन पार्क स्टेडियम, बहु उद्देशीय मैदान।।

पनकी मंदिर बाबा का, मनोकामना धाम।
जे के मंदिर में बसे , राधे संग श्याम।।

बात करें ऊंनं की, लाल इमली उद्यान।
चले जो चिड़िया घर,पक्षी जानवर प्राण।।

अब चले शिवालय, ले चूड़ी चलो चौक।
आगे आए मिस्टन रोड,मिले जहां सब थोक।।

करें अब तपेश्वरी की बात,मिले पुण्य सौगात।
वही पे बिरहाना रोड, ले लो गहने साथ।।

करें पवित्रता की बात, अनेकों गंगा घाट।
चलो जरा फूलबाग, पाएं संग्रहालय आप।।

माहेश्वरी मोहाल , कांच का मंदिर बसा।
भीतर गांव जो जाओ,प्राचीनता से सजा।।

जाजमऊ की टेंडरी,करे लेदर निर्माण ।
निर्यात हो विदेशों में, बने जिससे समान।।

कानपुर बड़ी धरोहर, ऐतिहासिक सम्मान।
गिनाने बैठे जो हम, नहीं सभी आसान!! — डॉ अंजनी अग्रवाल कानपुर नगर

दैनिक भारतीय स्वरूप

अतुल दीक्षित द्वारा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं महाराष्ट्र से प्रकाशित

मोबाइल :~9696469699foe

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समाधान दिवस, दिव्यांग जानों हेतु आयोजित किया गया विशेष कैम्प*

दैनिक भारतीय स्वरूप जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता मे सम्पूर्ण समाधान दिवस , बिल्हौर का आयोजन बिल्हौर ब्लॉक सभागार मे किया गया, जिसमें जिलाधिकारी के निर्देश पर दिव्यांगजन हेतु विशेष कैम्प का आयोजन भी किया गया जिसमे चिकित्सा विभाग, पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग , भारतीय डाक विभाग के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहें। कैम्प मे 102 दिव्यांगजनों के ऑनलाइन आवेदन करा कर दिव्यांग बोर्ड के डॉक्टर द्वारा शारीरिक परीक्षण किया गया, जिसमें 75 दिव्यांगजनो के यू०डी०आई०डी० कार्ड/दिव्यांगता प्रमाण पत्र निर्गत कर जिलाधिकारी द्वारा वितरित किया गया। 5 दिव्यांगजनों के आवेदन रिजेक्ट और 22 रेफर किए गये। कैंप मे 03 दिव्यांगजन के दिव्यांग पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कराया गया। 10 दिव्यांगजन के आय प्रमाण पत्र, 08 दिव्यांगजनों के राशन कार्ड, 10 दिव्यांगजनों के सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत चिन्हांकन किया गया। 10 दिव्यांगजन के एन०पी०सी०आई० मैप इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के नवीन खाते खोले गये।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी उपजिलाधकारी, बिल्हौर, रश्मि सिंह लाम्बा, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी व तहसीलदार बिल्हौर मौजूद रहें ।

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