
प्रियंका वर्मा माहेश्वरी
अक्सर मैंने अपने बड़ों को कहते सुना है कि अगर अच्छी हिंदी सीखना चाहते हो तो अखबार पढ़ो। अखबार वह माध्यम है जो आपकी भाषा का विस्तार करता है। देश-विदेश की खबरों के साथ साहित्य से भी जोड़कर रखता है। वरिष्ठ साहित्यकारों, लेखकों, कवियों की रचनाओं के द्वारा भाषा का स्तर बढ़ता है और हिंदी का विकास होता है। सबसे प्रमुख बात है कि हिंदी भाषा के विकास में हिंदी पत्रकारिता का बहुत योगदान रहा है। इसी के जरिए बड़े – बड़े लेखक, कवि, विद्वान और साहित्यकारों से लोगों को परिचय प्राप्त हुआ।
आज हिंदी विश्व में लोकप्रिय भाषा है। लोग हिंदी में बातचीत करना और उसे अपनाना पसंद करते हैं। लघु भारत कहे जाने वाले मॉरीशस में हिंदी की उच्च शिक्षा के लिए कई व्यवस्थाएं हैं। डिप्लोमा कोर्स, बीए ऑनर्स हिंदी. एम. ए. हिंदी की व्यवस्था है। नेपाल, श्रीलंका, जापान में भी हिंदी की शिक्षण व्यवस्था अच्छी है। अमेरिका में हिंदी भाषा प्रचलित नहीं है लेकिन वहां हिंदी की अच्छी मांग है और वहां के कई विश्वविद्यालयों में हिंदी की शिक्षण व्यवस्था है।
यह तो रही विदेशों की बात लेकिन मौजूदा वक्त में हमारे यहां हिंदी भाषा का प्रचलन कम होता जा रहा है। समय की मांग और आधुनिकीकरण ने हिंदी भाषा के स्तर को कम कर दिया है और धीरे-धीरे उसका स्वरूप बिगड़ता जा रहा है। आजकल लोग जरूरत के मुताबिक हिंदी बोलते हैं या फिर खिचड़ी भाषा का इस्तेमाल करते हैं ताकि आमजन को भाषा समझ में आ सके, लेकिन पहले भी लोग हिंदी बोलते, पढ़ते और समझते थे। इस तरह खिचड़ी भाषा का चलन नहीं था। आज हमारा प्रयास होना चाहिए कि फिर से भाषा की उसी सभ्यता और संस्कृति को वापस लाया जाए। हिंदी भाषा ने कई विद्वानों और साहित्यकारों को जन्म दिया है, जिन्हें हम आज भी पूजते हैं। आज जरूरत है कि आज की पीढ़ी उन्हें जाने, पढ़े और समझे ताकि वह अपने साहित्य से परिचित हो।
आज सबसे बड़ी समस्या बच्चों की है जो अपने कैरियर और स्टेटस को बनाए रखने के लिए अंग्रेजियत अपनाए हुए हैं और वैसे ही समाज का निर्माण भी कर रहे हैं और उससे भी बड़ी त्रासदी यह है कि आज के शिक्षक भी अशिक्षित होते है। उन्हें ठीक ढंग से हिंदी बोलना और पढ़ना भी नहीं आता है तो वह बच्चे को क्या सिखाएंगे? किस तरह भविष्य का निर्माण करेंगे और हिंदी भाषा को किस तरह से आगे ले जाएंगे?
आज का युग तकनीकी युग है और भाषा को भी दो भागों में बांटा जा सकता है। एक भाषा वह जो जगह जगह पर देशज शब्दों और लहजों में बोली जाती है और दूसरी साहित्य की भाषा जो उच्च स्तर पर लिखी व पढ़ी जाती है। आजकल के साहित्य में क्षेत्रीय भाषाओं का प्रयोग बढ़ गया है और वह स्वागतीय भी बन गया है ताकि भाषा की मौलिकता और देशज शब्दावली बनी रहे। आज की तकनीक ने लोगों को भाषाई तौर पर बहुत जोड़ा है। तकनीकी शब्दावली का विकास हो रहा है मगर फिर भी आज जरूरत है हिंदी को तकनीकी तौर पर और ज्यादा विकसित किया जाए।
हिंदी एक दिवस का नाम नहीं है बल्कि यह हमारी सभ्यता और संस्कृति है और हमें अपनी मातृभाषा को सम्मान देना होगा और सबसे बड़ी बात कि हमारे हिंदी साहित्य को बढ़ावा देने के लिए विद्वानों को प्रथम पंक्ति में खड़ा होना होगा।
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
कानपुर 13 सितंबर,”श्रम आयुक्त यूपी” और “एमडी उत्तर प्रदेश वित्त निगम (यूपीएफसी)” का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करते हुए मंडलायुक्त राजशेखर_
बैठक में उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर नगर को निर्देशित करते हुए कहा कि समस्त सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण बेहतर इलाज मिले, किसी भी प्रकार के कोई सनसाधनों की कोई कमी नहीं है बेहतर प्रबंधन से हम बड़ी से बड़ी महामारी पर कंट्रोल कर सकते हैं इसके लिए पूरी क्षमता से कार्य करना है और समस्त डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी मेहनत करनी है आप लोगो की कड़ी मेहनत की वजह से ही कोरोना पर अंकुश लगा है ।उन्होंने कहा कि कहा कहा डेंगू की टेस्टिंग होगी इसके लिए लोगो को बताया जाए तथा नगर निगम के स्थापित कंट्रोल रूम नम्बर 18001805159 पर अब डेंगू, मलेरिया व वायरल फीवर से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी दी जाती रहे इसके लिए लोगो को बताया जाए।शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में साफ सफाई होती रहे इसके लिए कार्य योजना बना कर अभियान के तौर पर सफाई कराई जाए तथा लोगो को सफाई हेतु जागरूक भी किया जाता रहे । उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की सम्पूर्ण तैयारी कर ली जाए इसके लिए मार्च व अप्रैल माह में ऑक्सीजन की कितनी आवश्यकता थी उसका आकलन मुख्य चिकित्सा अधिकारी सरकारी व्यवस्था व समस्त प्राइवेट व्यवस्था के अनुसार कर ले ।जो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होने है इसके लिए जो समस्या आ रही है उनका निस्तारण युद्ध स्तर पर करे ताकि प्लांट जल्दी स्थापित हो सके।उन्होंने हैलेट अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की तो उपस्थित डॉक्टर ने बताया कि हैलेट अस्पताल में 200 बेड तीसरी लहर के लिए बनाया गया था जिसमें वतर्मान में वारयल फीवर के मरीज भर्ती है। आने वाले मरीजों को बेहतर ईलाज किया जा रहा है ।उन्होंने कहा कि यहां आने वाले मरीज को प्रत्येक दशा में बेहतर इलाज मिले इसमे लापरवाही नही होनी चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी कानपुर नगर, मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर , नगर आयुक्त , मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर आदि उपस्थित रहे।
कानपुर 11 सितम्बर, शुक्रवार को होटल के. डी. पैलेस में एसोसिएशन ऑफ एलाइंस क्लब कानपुर भूमिजा एवं कानपुर सृजन का अधिष्ठापन समारोह संपन्न हुआ,
कानपुर, दिनांक 11 सितम्बर, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर के तत्वाधान एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर श्री में दीवानी न्यायालय परिसर कानपुर नगर में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें मोटर दुर्घटना प्रतिकर, सिविलवाद, लघुवाद, आपराधिक एवं वैवाहिक आदि वादों का तथा प्रीलिटीगेशन स्तर पर विभिन्न बैंको के वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार आर0 पी0 सिंह, की अध्यक्षता पर किया गया। दीवानी न्यायालय के पीठासीन अधिकारीगण द्वारा 11089 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें मु० और 8.33.39.397.00 रु0 धनराशि दिलायी/वसूल की गयी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 171 वादो का निस्तारण किया गया और 5,61,41,000.00 रु0 धनराशि दिलायी की गयी। कामर्शियल कोर्ट द्वारा 22 वादो का निस्तारण किया गया और 1.56,51,256.00 रु0 धनराशि दिलायी की गयी। प्रीलिटीगेशन स्तर पर 1028 वादो का निस्तारण किया गया 4,48,97.926.00 रु0 का समझौता बैंको द्वारा किया गया। विशेष उल्लेखनीय है कि, आर0 पी0 सिंह, जनपद न्यायाधीश, कानपुर नगर द्वार कुल-12 वादों का निस्तारण कर 25,000.00 रूपये वसूल/दिलाये गये। इस प्रकार कुल मिलाकर 12117 वादो का निस्तारण किया गया तथा कुल धनराशि 12,82,37,323.00 रु0 वसूल/दिलायी गयी। वैवाहिक प्रकृति के कुल 67 वादो का निस्तारण किया गया जिसमें प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय, कानपुर नगर श्री रमेश चन्द्र-I, द्वारा 47 वादों का निस्तारण किया गया एवं कुल 09 पारिवारिक जोड़ों को महोदय द्वारा आशीर्वाद देकर एक दूसरे को गले मिलवाया गया व एक-दूसरे को मिठाई खिलवाकर विदा किया गया। मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर श्री शैलेन्द्र यादव द्वारा सर्वाधिक 5057 मुकदमों का निस्तारण किया गया। आज राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में रामगोपाल विधि महाविद्यालय के छात्र एवं छात्राओं द्वारा न्यायालय में उपस्थित होकर न्यायालयों की कार्यवाही का अवलोकन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन श्री प्रथम कान्त, नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कक्ष सं0-04 एवं श्रीमती अंशू शुक्ला, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर नगर द्वारा किया गया।
सिटी बस सेवाओं में सुधार लाने हेतु और संचालन हानि को कम करने के लिए मंडलायुक्त / अध्यक्ष द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।
कानपुर 11 सितंबर, भारतीय स्वरूप संवाददाता, मिशन शक्ति के तृतीय चरण महिलाओं एवम बालिकाओं के सुरक्षा, सम्मान एवम स्वावलंबन के लिए एस. एन. सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज की इकाई के अंतर्गत प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल एवम मिशन शक्ति तथा एन एस एस प्रभारी डॉ. चित्रा सिंह तोमर ने ” पोषण एवम जागरूकता” विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें छात्राओं ने पूर्ण उत्साह के साथ बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया तथा विषय से संबंधित पोस्टर बनाएं। पोस्टर प्रतियोगिता का निरीक्षण निर्णायक मंडल की सदस्या डॉ. अलका टंडन विभागाध्यक्ष अंग्रेजी तथा डॉ. गार्गी यादव विभागाध्यक्ष रसायन विभाग ने किया। विजयी छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता का परिणाम निम्नवत है
