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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली स्वयं सेविकाएं और विजेता स्वयंसेविकाएं सम्मानित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज कानपुर में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के सफल समापन पर शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली स्वयं सेविकाओं और शिविर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता स्वयंसेविकाओं को महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर सुमन के द्वारा सम्मानित करने हेतु एक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन स्मार्ट क्लास (कॉमन रूम) में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डाॅ. श्वेता रानी के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेविकाओं ने शिविर के अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए सर्वप्रथम जागरूकता अभियान और फिर प्रशासन का सहयोग वांछनीय है। कार्यक्रम में प्रो. निशी प्रकाश, प्रो. गार्गी यादव, प्रो. अलका टण्डन, कैप्टन ममता अग्रवाल, प्रो. मीनाक्षी व्यास, डाॅ. अनामिका, डाॅ. प्रीता अवस्थी, डाॅ. मोनिका शुक्ला और सभी स्वयंसेविकायें उपस्थित रहें।

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एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के पाँचवे दिन फैशन शो प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 28 जनवरी एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज, कानपुर की कादोम्बिनी देवी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की प्रभारी डॉ. श्वेता रानी के निर्देशन में उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्पोजिट, ग्राम पंचायत-नेतुआ, जनपद- उन्नाव, में सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के पाँचवे दिन के प्रथम सत्र का आरंभ राष्ट्रीय स्वयंसेविकाओं के फैशन शो प्रतियोगिता से किया गया| फैशन-शो आत्मविश्वास, संप्रेषण कौशल, अनुशासन, रचनात्मकता, टीमवर्क, मंचीय शिष्टाचार तथा आत्म-अभिव्यक्ति के माध्यम से व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का मंच प्रस्तुत करता है | नंदिका श्रीवास्तव, कोमल दिवाकर, अदिति ओझा, सिमरन, अंशिका यादव, खुशी, अंशिका विश्वकर्मा, शताक्षी, माही मिश्रा, जाह्नवी मिश्रा ने प्रतिभाग किया।

प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की महती भूमिका का निर्वाह प्रोफेसर गार्गी यादव और लक्ष्मी तिवारी ने किया। प्रथम पुरस्कार नंदिका, द्वितीय पुरस्कार कोमल, तृतीय पुरस्कार अदिति और सांत्वना पुरस्कार सिमरन को दिया गया। प्राथमिक विद्यालय की कक्षा सात की दो छात्राओं मनीषा और अंजलि को भी रैम्प वॉक करने के लिए प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गय। दूसरे सत्र में चतुर्थ दिवस की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के पश्चात्‌ स्वयंसेविकाओं ने बस्ती में जाकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के स्वास्थ्य लाभ, घर से जल निकासी के उचित प्रबंध करने और ठोस कूड़ा निस्तारण के उपायों के बारे में जागरूक किया सह-प्रभारी डॉ. अनामिका और. एस. एस. की स्वयंसेविका दिव्यांशी शर्मा, मन्तशा, शुभांशी,प्रियल. शिवानी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरिनारायण ने शिविर के सफल आयोजन में विशेष योगदान दिया। शिविर में लगभग 50 राष्ट्रीय स्वयंसेविकाओं ने सहभागिता की।

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क्राइस्ट चर्च कॉलेज में MAAC एनिमेशन द्वारा मीडिया और मनोरंजन के लिए वर्कशॉप आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर कार्यक्रम क्राइस्ट चर्च कॉलेज के करियर काउंसलिंग सेल द्वारा आयोजित किया गया था, कार्यक्रम का उद्घाटन करियर काउंसलिंग सेल के समन्वयक प्रो. मीत कमल ने किया। इस दौरान अतिथि वक्ता और VFX ट्रेनर अशिष चौरसिया ने छात्रों को VFX एनिमेशन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एडिटिंग गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया और उसके बाद एनिमेशन फिल्म दिखाकर छात्रों को उनके प्रोजेक्ट तथा प्लेसमेंट क्राइटेरिया बताया गया। छात्रों ने इसमें कई AI तथा VFX एनिमेशन इंडस्ट्री से संबंधित प्रश्न पूछे।

इस कार्यक्रम का आयोजन प्रिंसिपल प्रोफेसर विनय जॉन सेबेस्टियन के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ उन्होंने इस आयोजन के लिए करियर काउंसलिंग सेल और MAAC एनिमेशन की टीम को धन्यवाद दिया।

अंत में प्रो. मीत कमल ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और क्राइस्ट चर्च के करियर काउंसलिंग सेल की पूरी टीम और MAAC एनिमेशन VFX ट्रेनर अशिष चौरसिया और उनकी टीम को धन्यवाद दिया, सबके सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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उच्च शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा जागरूकता हेतु जनपद स्तरीय रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन

कानपुर 28 (जिला सूचना कार्यालय) जनवरी उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क जागरूकता अभियान के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक/लघु नाटिका एवं रील निर्माण की जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग, कानपुर नगर एवं परिवहन विभाग, कानपुर नगर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, कानपुर मंडल, कानपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह रहीं। साथ ही सहायक संभागीय अधिकारी डी.के. सिंह की भी विशिष्ट उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के सहायक नोडल अधिकारी डॉ. आलोक कुमार पाण्डेय द्वारा कार्यक्रम का समन्वय किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुमन शुक्ला, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर, कानपुर नगर द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।

मुख्य अतिथि प्रो. राजेश प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। युवाओं की सक्रिय सहभागिता से ही सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी रूप से कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम सिद्ध होते हैं।

नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर छात्रों की रचनात्मक भागीदारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होती है।

प्रतियोगिताओं में जनपद के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। समापन समारोह में सहायक संभागीय अधिकारी डी.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के व्यवहार और जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने युवाओं से यातायात नियमों का पालन करने के साथ-साथ समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया तथा बताया कि परिवहन विभाग भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता अभियानों को निरंतर संचालित करता रहेगा।

भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर के प्रो. अजय कुमार एवं महिला महाविद्यालय, कानपुर नगर की प्रो. ज्योति किरण रहीं। रील निर्माण प्रतियोगिता के लिए राजकीय महाविद्यालय अनॉगी, कन्नौज के डॉ. संजय सिंह एवं अरमापुर कॉलेज, कानपुर की डॉ. निशी द्विवेदी निर्णायक रहीं। नुक्कड़ नाटक एवं लघु नाटिका प्रतियोगिता के लिए अरमापुर कॉलेज, कानपुर के डॉ. विवेक सिंह एवं महिला महाविद्यालय, कानपुर की डॉ. दीपाली निगम ने निर्णायक की भूमिका निभाई। सभी निर्णायकों द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर प्रतिभागियों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया गया।

निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के उपरांत भाषण प्रतियोगिता में रश्मि शुक्ला, ए.एन.डी. कॉलेज ने प्रथम स्थान, नितिन सिंह, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर ने द्वितीय स्थान तथा अंशिका दीप, एस.एन. बालिका कॉलेज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। नुक्कड़ नाटक एवं लघु नाटिका प्रतियोगिता में नितिन सिंह एवं टीम, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर ने प्रथम स्थान, अंशिका द्विवेदी एवं टीम, ए.एन.डी. कॉलेज, कानपुर ने द्वितीय स्थान तथा श्याम सिंह एवं टीम, डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रील निर्माण प्रतियोगिता में संस्कृति जायसवाल, पी.पी.एन. कॉलेज, कानपुर ने प्रथम स्थान, अरीशा, रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर ने द्वितीय स्थान तथा आस्था, ब्रह्मवर्त कॉलेज, कानपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित कर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई। कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 27 जनवरी सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के चतुर्थ दिन एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज, कानपुर की कादोम्बिनी देवी राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्पोजिट, ग्राम पंचायत-नेतुआ, जनपद- उन्नाव, में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया जिसमें रक्तचाप, शुगर, नेत्र, रक्त आदि की मुफ़्त जाँच की गई| शिविर के आरंभ में एन.एस.एस. प्रभारी डॉ. श्वेता रानी, सह-प्रभारी डॉ. अनामिका, उपस्थित डॉक्टर्स और उनके सहयोगियों के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित किए गए। शिविर में उजाला सिगनस के फिजिशियन डॉ. आर. के. तिवारी, नेत्र चिकित्सक डॉ. अभिषेक के द्वारा ग्रामीणों को मुफ़्त चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया। लगभग 200 ग्रामीणों ने मुफ़्त स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का लाभ उठाय। शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों ने भी अपने की जाँच करवाईं।

तृतीय दिवस की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के पश्चात्‌ स्वयंसेविकाओं ने बस्ती में जाकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य शिविर की जानकारी दी और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रेरित किया| एन. एस. एस. की स्वयंसेविका नंदिका श्रीवास्तव, दिव्यांशी शर्मा, कोमल दिवाकर, मन्तशा, अंशिका, शिवानी, सिमरन, खुशी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी  हरिनारायण ने शिविर के सफल आयोजन में विशेष योगदान दिया। शिविर में लगभग 50 राष्ट्रीय स्वयंसेविकाओं ने सहभागिता की।

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दिल्ली के केली बॉयज बनाएंगे इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11’ में अपनी खास पहचान

भारतीय स्वरूप संवाददाता दिल्ली  देश के सबसे लोकप्रिय और प्रतिष्ठित टैलेंट रियलिटी शो ‘इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11’ में इस बार दिल्ली से आए दमदार कंटेस्टेंट केली बॉयज अपने अनोखे अंदाज़ और जबरदस्त परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब सवाल यही है कि क्या केली बॉयज शो के स्पॉटलाइट में अपनी जगह बना पाएंगे या नहीं—इसका जवाब जानने के लिए दर्शकों को देखना होगा सोनी पल, रोज़ाना रात 8 बजे, सोमवार से शनिवार।

दिल्ली से ताल्लुक रखने वाले केली बॉयज अपने अलग कॉन्सेप्ट, फ्यूज़न स्टाइल और ग्रुप केमिस्ट्री के लिए जाने जाते हैं। उनकी परफॉर्मेंस युवाओं के बीच खासा क्रेज़ पैदा कर रही है और यही वजह है कि दर्शक बेसब्री से उनके अगले परफॉर्मेंस का इंतज़ार कर रहे हैं।

इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न देश का सबसे बड़ा टैलेंट हंट शो है, जिसने सालों से सिंगिंग, डांसिंग, म्यूज़िक, स्टंट्स और अनोखी प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच दिया है। सीज़न 11 में भी नए जोश, नए जुनून और बेहतरीन परफॉर्मेंस के साथ शो दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहा है।

सोनी पल भारत का लोकप्रिय फ्री-टू-एयर एंटरटेनमेंट चैनल है, जो हर वर्ग के दर्शकों के लिए मनोरंजक और पारिवारिक कंटेंट प्रस्तुत करता है। सोनी पल पर प्रसारित होने वाला इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11’दर्शकों को प्राइम टाइम में बेहतरीन एंटरटेनमेंट का अनुभव दे रहा है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या दिल्ली के केली बॉयज , इंडियाज़ गॉट टैलेंट सीज़न 11के मंच पर अपनी अलग पहचान बनाकर Spotlight में जगह बना पाते हैं या नहीं।

देखते रहिए सोनी पल, रोज़ रात 8 बजे, सोमवार से शनिवार—सिर्फ सोनी पल चैनल पर।

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दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ द्वारा खिचड़ी भोज आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के तत्वावधान में पारंपरिक खिचड़ी भोज का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आपसी सद्भाव, सहयोग और सामूहिक सहभागिता को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम निदेशक प्रो अर्चना वर्मा एवं प्राचार्या प्रो. वंदना निगम की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के योगदान की सराहना की तथा इस प्रकार के आयोजनों को संस्थान की सकारात्मक कार्यसंस्कृति के लिए आवश्यक बताया।

कार्यक्रम में कार्यालय अधीक्षक कृष्णेन्द्र श्रीवास्तव, दीप द्विवेदी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र एवं सचिव सहित समस्त पदाधिकारी, प्राध्यापिकाएं, छात्रायें एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से खिचड़ी भोज का दही बड़ा, अचार तथा पापड़ के साथ आनंद लिया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा। अंत में संघ की ओर से सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया।

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भारतीय रेलवे ने 2026 की समय सारणी में 549 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जिससे यात्रा समय में कमी आई और कार्यकुशलता बढ़ी

भारतीय रेलवे ने ट्रेन समय सारणी 2026 के अंतर्गत अनेक नई ट्रेनें शुरू करने के अलावा मौजूदा सेवाओं का विस्तार किया और ट्रेनों के फेरे बढ़ाए। इसके साथ ही कई ट्रेनों को सुपरफास्ट में तब्दील किया और विभिन्न रेलवे जोन में सेवाओं की गति बढ़ाई गई। मध्य रेलवे जोन में 4 नई ट्रेनें चलाई गईं, 6 का विस्तार किया गया और 30 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई। इसी तरह पूर्व तटीय रेलवे में 4 नई ट्रेनों चलाई गईं, 4 का विस्तार किया गया और 3 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई। पूर्व मध्य रेलवे में उल्लेखनीय विस्तार करते हुए 20 नई ट्रेनें चलाई गईं, 20 का विस्तार किया गया और 12 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई। पूर्व रेलवे में भी 6 नई ट्रेनें चलाई गईं, 4 का विस्तार किया गया और 32 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई।

उत्तर मध्य रेलवे ने 2 नई ट्रेनों शुरू कीं, 4 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 1 ट्रेन की गति बढ़ाई। उत्तर पूर्व रेलवे ने 8 नई ट्रेनें जोड़ीं, 4 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 12 ट्रेनों की गति में इजाफा किया। उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे ने 10 नई ट्रेनें शुरू कीं और 36 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई। इसी तरह, उत्तर रेलवे ने 20 नई ट्रेनें शुरू कीं, 10 का विस्तार किया और 24 ट्रेनों की गति बढ़ाई। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अपनी सेवा में 12 नई ट्रेनें जोड़ीं, 6 का विस्तार किया, 2 के फेरे बढ़ाए और 89 ट्रेनों की गति में वृद्धि की।

दक्षिण रेलवे ने 6 नई ट्रेनें शुरू कीं, 4 का विस्तार किया, 2 को सुपरफास्ट में परिवर्तित किया और 75 ट्रेनों की गति बढ़ाई। दक्षिण पश्चिम रेलवे ने 8 नई ट्रेनें शुरू कीं, 6 का विस्तार किया, 8 को सुपरफास्ट में तब्दील किया और 117 ट्रेनों की गति बढ़ाई जो सभी जोनों में सबसे ज्यादा है।

पश्चिम मध्य रेलवे ने 8 नई ट्रेनें शुरू कीं और 27 ट्रेनों की गति बढ़ाई। वहीं, पश्चिम रेलवे  ने 10 नई ट्रेनें शुरू कीं, 10 ट्रेनों का विस्तार किया, 2 ट्रेनों के फेरे बढ़ाए और 80 ट्रेनों की गति में सुधार किया।

कुल मिलाकर, ट्रेनों की समय सारिणी 2026 के तहत, 122 नई ट्रेनें शुरू की गईं, 86 ट्रेनों का विस्तार किया गया, 8 ट्रेनों के फेरे बढ़ाये गए, 10 ट्रेनों को सुपरफास्ट ट्रेनों में बदला गया और 549 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई।

नई ट्रेनों की शुरुआत का विवरण

ट्रेन समय सारणी 2026 के तहत प्रीमियम, एक्सप्रेस और पैसेंजर सभी तरह की सेवाओं मेंमेंq मिलाजुला कर 122 नई ट्रेनों को शामिल किया गया। इनमें से 26 ‘अमृत भारत’ ट्रेनें शुरू की गईं, जिनमें 4 ट्रेनें टीएजी-टीओडी  के माध्यम से शुरू की गईं हैं। सबसे अधिक हिस्सेदारी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की है जिनकी 60 सेवाएँ शुरू की गईं, जिनमें से 8 सेवाएँ टीएजी-टीओडी के माध्यम से शुरू हुईं। इसके अतिरिक्त 2 हमसफर ट्रेनें, 2 जन शताब्दी ट्रेनें, 2 नमो भारत रैपिड रेल सेवाएँ और 2 राजधानी ट्रेनें शुरू की गईं।

इसके अतिरिक्त, सेमी-हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 28 वंदे भारत ट्रेनें जोड़ी गईं। कुल मिलाकर, इन श्रेणियों में इस अवधि के दौरान शुरू की गई कुल 122 नई ट्रेनें शामिल हैं।

ट्रेनों की गति बढ़ाई गई

समय की पाबंदी में सुधार और यात्रा के समय को कम करने के लिए ट्रेनों की समय सारिणी 2026 के तहत कुल 549 ट्रेनों की गति बढ़ा दी गई है। इनमें से 376 ट्रेनों की गति 5 से 15 मिनट तक, 105 ट्रेनों की गति 16 से 30 मिनट तक, 48 ट्रेनों की गति 31 से 59 मिनट तक और 20 ट्रेनों की गति 60 मिनट या उससे अधिक बढ़ा दी गई।

दक्षिण पश्चिम रेलवे ने इसमें प्रमुख योगदान दिया, जिन ट्रेनों की गति बढ़ाई गई उनमें  66 ट्रेनों की गति 5-15 मिनट, 29 ट्रेनों की गति 16-30 मिनट, 12 ट्रेनों की गति 31-59 मिनट और 10 की 60 मिनट या उससे अधिक की गति वाली 10 ट्रेनें शामिल हैं। मध्य रेलवे ने 13 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 13 ट्रेनों में 16–30 मिनट और 4 ट्रेनों में 31–59 मिनट का सुधार किया। पूर्व तटीय रेलवे  ने 2 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 1 ट्रेन की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। पूर्व मध्य रेलवे  ने 7 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट, 2 ट्रेनों की 16–30 मिनट, 2 ट्रेनों की 31–59 मिनट और 1 ट्रेन की गति में 60 मिनट या उससे अधिक का सुधार किया। पूर्व रेलवे ने भी 29 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट और 3 ट्रेनों में 16–30 मिनट की वृद्धि की।

उत्तर मध्य रेलवे ने 1 ट्रेन की गति में 5–15 मिनट का सुधार किया। पूर्वोत्तर रेलवे ने 9 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 3 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने 20 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 10 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 3 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 3 ट्रेनों में 60 मिनट या उससे अधिक का सुधार किया। उत्तर रेलवे ने 22 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 2 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। उत्तर पश्चिम रेलवे ने 67 ट्रेनों की गति को 5–15 मिनट, 14 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 7 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 1 ट्रेन की गति को 60 मिनट से अधिक बढ़ाया।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 9 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट और 2 ट्रेनों की गति 16–30 मिनट बढ़ाई। दक्षिण रेलवे ने 53 ट्रेनों की गति में 5–15 मिनट, 10 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 9 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 3 ट्रेनों में 60 मिनट से अधिक का सुधार किया। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 ट्रेनों की गति 5–15 मिनट, 1 ट्रेन की गति 16–30 मिनट और 1 ट्रेन की गति 31–59 मिनट बढ़ाई। पश्चिम रेलवे ने 53 ट्रेनों की गति को 5–15 मिनट, 15 ट्रेनों में 16–30 मिनट, 10 ट्रेनों में 31–59 मिनट और 2 ट्रेनों की गति को 60 मिनट या उससे अधिक बढ़ाया।

कुल मिलाकर, ट्रेनों की समय सारणी 2026, यात्रा के समय और यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए इंडियन रेलवे के मज़बूत इरादे को दिखाती है। सभी ज़ोन में 549 ट्रेनों की गति बढ़ाने की इस पहल से समयपालन, परिचालन दक्षता और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा जिससे देश भर में तेज़ और अधिक विश्वसनीय रेल सेवाएँ सुनिश्चित होंगी।

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पर्यटन मंत्रालय ने 2015 में शुरू की गई स्वदेश दर्शन योजना के तहत 75 परियोजनाएं पूरी कीं

पर्यटन संबंधी आंकड़े

• वर्ष 2024 के दौरान भारत में 20.57 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आगमन (आईटीए)।

• वर्ष 2024 के दौरान पर्यटन से 2,93,033 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित (एफईई)।

• वर्ष 2024 के दौरान भारत में 2948.19 मिलियन घरेलू पर्यटक यात्राएं (डीटीवी)।

बुनियादी ढांचे का विकास

पर्यटन मंत्रालय ने थीम-आधारित पर्यटन सर्किट के विकास हेतु जनवरी 2015 में स्वदेश दर्शन योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के तहत कुल 5290.33 करोड़ रुपये की लागत से कुल 76 परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। इनमें से 75 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटक एवं गंतव्य केन्द्रित दृष्टिकोण को अपनाते हुए स्थायी एवं जिम्मेदार गंतव्य विकसित करने के उद्देश्य से अपनी स्वदेश दर्शन योजना को स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी2.0) के तौर पर नया रूप दिया है। एसडी2.0 योजना के तहत 2208.27 करोड़ रुपये की 53 परियोजनाएं मंजूर की गई हैं।

पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटक मूल्य श्रृंखला के सभी केन्द्रों पर पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने हेतु स्वदेश दर्शन 2.0 योजना की उप-योजना के तौर पर ‘चुनौती आधारित गंतव्य विकास’ (सीबीडीडी) के लिए दिशा-निर्देश तैयार की है। चार थीम वाली श्रेणी – (i) आध्यात्मिक पर्यटन, (ii) संस्कृति एवं विरासत, (iii) वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, (iv) इकोटूरिज्म एवं अमृत धरोहर स्थल – के तहत 648.11 करोड़ रुपये की लागत से 36 परियोजनाएं मजूर की गई हैं।

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने जनजातीय समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने हेतु प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (पीएम-जेयूजीए) को मंजूरी दे दी है। पर्यटन मंत्रालय पीएम-जेयूजीए योजना के तहत 1,000 जनजातीय होमस्टे विकसित करेगा। इन कदमों को स्वदेश दर्शन की उप-योजना के तौर पर लागू किया जाएगा। जनजातीय होमस्टे के विकास हेतु दिशानिर्देश बनाई और जारी कर दी गई हैं।

वर्ष 2024-25 की बजट घोषणाओं के फॉलो-अप के तौर पर, देश में प्रसिद्ध पर्यटक केन्द्रों के पूर्ण विकास और वैश्विक स्तर पर उनकी ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग के लिए राज्यों को 50 वर्ष की अवधि के लिए दीर्घकालिक ब्याज-मुक्त ऋण देने हेतु, पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) – प्रसिद्ध पर्यटक केन्द्रों को वैश्विक स्तर पर विकसित करने की योजना के तहत 23 राज्यों में 3295.76 करोड़ रुपये की लागत से कुल 40 परियोजनाएं मंजूर  की गई हैं।

पर्यटन मंत्रालय ने देश में चुने हुए तीर्थ स्थलों के समग्र विकास हेतु तीर्थयात्रा कायाकल्प एवं  आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद) से संबंधित राष्ट्रीय मिशन योजना का शुभारंभ  किया है। इस योजना के तहत 1726.74 करोड़ रुपये की लागत से कुल 54 परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। इनमें से 31 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

केन्द्रीय एजेंसियों को सहायता योजना के तहत, पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास हेतु  आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, पोर्ट ट्रस्ट ऑफ इंडिया, आईटीडीसी, रेल मंत्रालय आदि जैसी केन्द्रीय  एजेंसियों को वित्तीय मदद प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत 948.78 करोड़ रुपये की लागत से कुल 66 परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। इनमें से 39 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 10 परियोजनाएं बंद कर दी गई हैं।

प्रचार एवं विपणन

पर्यटन मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के तौर पर 26 से 31 जनवरी 2025 के दौरान दिल्ली के लाल किले के मैदान में “भारत पर्व” कार्यक्रम का आयोजन किया। देश के अलग-अलग पर्यटन संबंधी आकर्षणों को प्रदर्शित करने हेतु विभिन्न राज्यों/केन्द्र- शासित प्रदेशों के थीम वाले पवेलियन स्थापित किए गए थे। विभिन्न क्षेत्रीय सांस्कृतिक संगठनों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। भारत पर्व की थीम ‘देखो अपना देश’ थी।

पर्यटन मंत्रालय ने 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) के उपलक्ष्य में 21 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। पर्यटन मंत्रालय ने देश भर में 40 सांस्कृतिक एवं  प्राकृतिक रूप से महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित किए। ये कार्यक्रम वैश्विक थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” के अनुरूप थे और इनमें समग्र स्वास्थ्य, सांस्कृतिक विरासत और स्थायी पर्यटन पर जोर दिया गया।

चलो भारत वैश्विक प्रवासी अभियान: चलो भारत पहल के तहत एक लाख मुफ्त ई-टूरिस्ट वीजा की घोषणा की गई। यह 31 मार्च 2025 तक मान्य है ताकि भारतीय प्रवासी अपने 5 गैर-भारतीय दोस्तों को भारत आने के लिए प्रोत्साहित करके अतुल्य भारत के दूत बन सकें।

पर्यटन मंत्रालय भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करने हेतु उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट (आईटीएम) का आयोजन कर रहा है। 13वां इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट (आईटीएम) 13 से 16 नवंबर 2025 के दौरान सिक्किम के गंगटोक में आयोजित किया गया था। इस चार-दिवसीय कार्यक्रम में घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन से जुड़े विभिन्न हितधारक एक साथ आए।

मंत्रालय ने मीटिंग, इंसेंटिव, कॉन्फ्रेंस और एग्जीबिशन (माइस) के लिए भारत को एक प्रमुख वैश्विक गंतव्य के तौर पर पेश करने हेतु एक समग्र डिजिटल माइस कैटलॉग तैयार किया है। इस कैटलॉग में 60 शहरों में भारत की माइस संबंधी अवसंरचना की जानकारी दी गई है, जिसमें बड़े कन्वेंशन सेंटर, कनेक्टिविटी, सुविधाएं और आस-पास के आकर्षण शामिल हैं। यह पहल घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय इवेंट प्लानर्स के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का काम करती है, जिससे भारत की दृश्यता, प्रतिस्पर्धात्मकता और बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी करने की क्षमता बढ़ती है।

कौशल विकास

पर्यटन मंत्रालय ने सामाजिक समावेशन, रोजगार और आर्थिक प्रगति के लिए पर्यटन को एक जरिया बनाने के साथ-साथ पर्यटकों को ‘पर्यटकों के अनुकूल’ लोगों से मिलवाकर गंतव्य पर उनके समग्र अनुभव को बेहतर बनाने हेतु ‘पर्यटन मित्र एवं पर्यटन दीदी’ नाम की एक राष्ट्रीय जिम्मेदार पर्यटन पहल शुरू की थी। ये लोग अपने गंतव्य के गौरवान्वित दूत और कहानीकार हैं। इस कार्यक्रम के तहत लगभग 4382 पर्यटन सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण दी गई है।

माइस पर्यटन

पर्यटन मंत्रालय ने माइस उद्योग के लिए राष्ट्रीय रणनीति एवं रोडमैप तैयार की है और भारत को बड़ी कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शनी के केन्द्र के तौर पर बढ़ावा देने हेतु ‘मीट इन इंडिया’ सब-ब्रांड लॉन्च किया है। घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय प्लानर्स को सहायता प्रदान करने हेतु 60 से अधिक शहरों – जिसमें जी20 के आयोजक शहर भी शामिल हैं – में बुनियादी ढांचे एवं सुविधाओं को कवर करने वाला एक पूरा डिजिटल माइस कैटलॉग तैयार किया गया है। 4-6 मई को जयपुर में संपन्न मीट इन इंडिया कॉन्क्लेव 2025 भारत के माइस एजेंडा को आगे बढ़ाने और माइस सेक्टर में भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने का एक अहम प्लेटफॉर्म साबित हुआ।

चिकित्सा पर्यटन

अपनी उच्च-गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा और इलाज की किफायती लागत का लाभ उठाकर, भारत दुनिया भर में किफायती चिकित्सा एवं कल्याण पर्यटन के एक प्रमुख गंतव्य के तौर पर उभर रहा है। भारत का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ उच्च-गुणवत्ता वाली तृतीयक स्तर की देखभाल की सुविधा – जैसे कि हृदय की शल्य चिकित्सा, घुटने का ट्रांसप्लांट, कॉस्मेटिक सर्जरी और डेंटल केयर – प्रदान करने में निहित है। भारत आधुनिक स्वास्थ्य सेवा को आयुष प्रणाली (पारंपरिक भारतीय चिकित्सा) के साथ आसानी से जोड़ता है। वर्ष 2024 में, भारत में चिकित्सा के उद्देश्य से 6,44,387 विदेशी पर्यटक आए, जो 2020 की तुलना में लगभग 252 प्रतिशत अधिक है। चिकित्सा एवं कल्याण के उद्देश्य से की जाने वाली यात्रा को आसान बनाने हेतु भारत सरकार ने ई-मेडिकल वीजा और ई-आयुष वीजा शुरू किए हैं। यह सुविधा 171 देशों के यात्रियों के लिए उपलब्ध है।

अपने पोर्टल http://www.indiahealthcaretourism.com के जरिए चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु पर्यटन मंत्रालय ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत सर्विस एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के साथ सहयोग भी किया है।

बजट घोषणाओं का कार्यान्वयन:

बजट घोषणा 2023-24: देश घरेलू और विदेशी, दोनों प्रकार के पर्यटकों के लिए बेहद आकर्षक पेशकश करता है। पर्यटन में बहुत अधिक संभावनाएं हैं, जिनका सदुपयोग किया जा सकता है। यह क्षेत्र, विशेष तौर पर युवाओं को, नौकरियों और उद्यमिता के बड़े अवसर प्रदान करता  है। पर्यटन को बढ़ावा देने का काम मिशन मोड पर किया जाएगा, जिसमें राज्यों की सक्रिय भागीदारी, सरकारी कार्यक्रमों का तालमेल और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप शामिल होगी।

अब तक की प्रगति: पर्यटन मंत्रालय ने विभिन्न गंतव्यों के समग्र विकास हेतु स्वदेश दर्शन के तहत एक उप-योजना, चुनौती आधारित गंतव्य विकास (सीबीडीडी) के लिए दिशानिर्देश तैयार की हैं। चुनौती आधारित गंतव्य विकास योजना राज्यों की सक्रिय भागीदारी, पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप और सरकारी कार्यक्रमों के तालमेल से मिशन मोड में पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने के विजन का हिस्सा है।

इस योजना का उद्देश्य पर्यटक मूल्य श्रृंखला के सभी केन्द्रों पर पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना है। सीबीडीडी पहल के तहत, 648.11 करोड़ रुपये की लागत से 36 परियोजनाएं मंजूर की गई हैं।

बजट घोषणा 2023-24: ‘देखो अपना देश’ पहल के उद्देश्यों को पूरा करने हेतु क्षेत्र विशिष्ट  कौशल एवं उद्यमिता के विकास को जोड़ा जाएगा। इसे प्रधानमंत्री ने मध्यम वर्ग से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के बजाय घरेलू पर्यटन को प्राथमिकता देने की अपील के तौर पर शुरू किया था। थीम-आधारित पर्यटक सर्किट के एकीकृत विकास हेतु, ‘स्वदेश दर्शन योजना’ भी शुरू की गई थी। वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत, सीमावर्ती गांवों में पर्यटन संबंधी अवसंरचना एवं सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाएगा।

अब तक की प्रगति: पर्यटन मंत्रालय ने ‘पर्यटन मित्र/पर्यटन दीदी’ नाम से एक राष्ट्रीय जिम्मेदार पर्यटन पहल की शुरुआत की है। इस पहल को प्रायोगिक परियोजना के तौर पर शुरू करने हेतु कुल 7 पर्यटक गंतव्य – ओरछा (मध्य प्रदेश), गांडिकोटा (आंध्र प्रदेश), बोधगया (बिहार), आइजोल (मिजोरम), जोधपुर (राजस्थान), श्रीनगर (जम्मू एवं कश्मीर) और श्री विजय पुरम (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह) – चुने गए थे। विश्व पर्यटन दिवस 2024 के अवसर पर, पर्यटन मंत्रालय ने देश भर में 50 पर्यटक गंतव्यों पर पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी कार्यक्रम का विस्तार किया। अब तक, इस पहल के तहत लगभग 4382 लोगों को प्रशिक्षित किया गया है।

इसके अलावा, पर्यटन मंत्रालय अपनी ‘सेवा प्रदाता का क्षमता विकास (सीबीएसपी)’ योजना के तहत, हुनर ​​से रोजगार तक, कौशल जांच प्रमाण-पत्र  आदि जैसे विभिन्न अल्पकालिक आतिथ्य  और पर्यटन से संबंधित कौशल विकास कार्यक्रम चलाता है। पर्यटन मंत्रालय ‘इंक्रेडिबल इंडिया टूरिस्ट फैसिलिटेटर (आईआईटीएफ) और इंक्रेडिबल इंडिया टूरिस्ट गाइड (आईआईटीजी) सर्टिफिकेशन’ कार्यक्रम भी चला रहा है – जिसका उद्देश्य पूरे देश में, पर्यटन क्षमता वाले दूरदराज के इलाकों सहित, अच्छी तरह से प्रशिक्षित और पेशेवर टूरिस्ट फैसिलिटेटर/गाइड का एक पूल बनाना है। ये नियमित पाठ्यक्रम हैं जो ऑनलाइन आयोजित किए जाते हैं, जिसमें पंजीकरण पूरे साल खुली रहती है और परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है।

पर्यटन मंत्रालय ने देश में स्थायी एवं जिम्मेदार पर्यटक गंतव्य विकसित करने के उद्देश्य से अपनी स्वदेश दर्शन योजना को स्वदेश दर्शन 2.0 के रूप में नया रूप दिया है और 2208.27 करोड़ रुपये की लागत से 53 परियोजनाएं मजूर की हैं।

पर्यटन मंत्रालय ने ‘चुनौती आधारित गंतव्य विकास’ (सीबीडीडी) पहल के तहत वाइब्रेंट विलेजेस को एक थीम वाली श्रेणी के रूप में शामिल किया है, जो स्वदेश दर्शन योजना की एक उप-योजना है और इस श्रेणी के तहत पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 5 गांवों की पहचान की है। सीबीडीडी योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश (किबिथो), हिमाचल प्रदेश (रक्षम-छितकुल), सिक्किम (ग्राथांग) और उत्तराखंड (जादुंग एवं माना) राज्यों में वाइब्रेंट विलेजेस थीम के तहत 24.90 करोड़ रुपये की लागत से 5 परियोजनाएं मजूर की गई हैं।

बजट घोषणा 2024-25 / अंतरिम बजट: राज्यों को प्रसिद्ध पर्यटन केन्द्रों के पूर्ण विकास, उनकी ब्रांडिंग और वैश्विक स्तर पर मार्केटिंग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सुविधाओं और सेवाओं की गुणवत्ता के आधार पर इन केन्द्रों की रेटिंग के लिए एक फ्रेमवर्क बनाया जाएगा। इस प्रकार के विकास का वित्त पोषण करने हेतु राज्यों को मिलान के आधार पर दीर्घकालिक अवधि के लिए बिना ब्याज वाले ऋण दिए जाएंगे।

अब तक की प्रगति: पर्यटन मंत्रालय ने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) – प्रसिद्ध पर्यटक केन्द्रों को वैश्विक स्तर पर विकसित करने के लिए कार्यात्मक दिशानिर्देश जारी की हैं। इस योजना का उद्देश्य विभिन्न राज्यों को देश में प्रसिद्ध पर्यटक केन्द्रों को पूरी तरह से विकसित करने, उनकी ब्रांडिंग और वैश्विक स्तर पर मार्केटिंग के लिए 50 वर्ष की अवधि के लिए दीर्घकालिक ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करना है। पर्यटन मंत्रालय ने इस योजना की दिशानिर्देशों के अनुरूप 23 राज्यों में 40 परियोजनाओं का चयन किया है, जिनके लिए व्यय विभाग द्वारा 3295.76 करोड़ रुपये मजूर किए गए हैं।

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राष्ट्रीय खेल बोर्ड (खोज-सह-चयन समिति) नियम, 2026 की अधिसूचना

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल बोर्ड (खोज-सह-चयन समिति) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है।

इस अधिसूचना के तहत केंद्र सरकार को कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक खोज-सह-चयन समिति गठित करने का अधिकार दिया गया है। इस समिति में सचिव (खेल), खेल प्रशासन में अनुभव रखने वाला एक व्यक्ति और राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले दो व्यक्ति शामिल होंगे।

समिति को यह जिम्मा दिया गया है कि वह अध्यक्ष और बोर्ड के दो सदस्यों के पदों के लिए ऐसे व्यक्तियों के नामों की सिफारिश करे, जो योग्यता, सत्यनिष्ठा और उत्तम प्रतिष्ठा रखते हों। इन व्यक्तियों को लोक प्रशासन, खेल प्रशासन, खेल कानून या अन्य संबंधित क्षेत्रों में ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव होना चाहिए।

राष्ट्रीय खेल बोर्ड (खोज-सह-चयन समिति) नियम, 2026 के तहत राष्ट्रीय खेल बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह बोर्ड देश में राष्ट्रीय खेल निकायों को मान्यता प्रदान करने के साथ-साथ उनके शासन, वित्तीय प्रबंधन और नैतिक मानकों के अनुपालन की निगरानी करने वाले केंद्रीय प्राधिकरण की भूमिका निभाएगा।

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