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छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय अंतर महाविद्यालय शूटिंग प्रतियोगिता संपन्न

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, दो दिवसीय छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय अंतर महाविद्यालय शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन एसएन सेन बालिका विद्यालयपीजी कॉलेज द्वारा शूटिंग स्पोर्टस अकादमी ,कल्याणपुर में दिनांक 15 एवं 17अक्टूबर 2025 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो . सुमन द्वारा किया गया इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मो . उमर वर्ल्ड कप शूटिंग के मेडलिस्ट को प्राचार्यों द्वारा मालार्यपण एवं स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया गया ।| प्रतियोगिता महिला एव पुरुष दोनों वर्गों मेंआयोजित की गई जिसमें बढ़ चढ़कर खिलाड़ियों ने प्रतिभागिता दी। शूटिंग प्रतियोगिताओं के विभिन्न इवेंट में विजेता खिलाड़ियों के नाम निम्न वक्त हैं
1 – 10 मीटर एयर राइफल महिला वर्ग में
प्रथम स्थान आकांक्षी यादव द्वितीय स्थान प्रतीक्षा तृतीय स्थान पलक
2 – 10 मीटर एयर राइफल पुरुष वर्ग में

1 .उत्तम सिंह राठौड़ प्रथम स्थान 2 .अभिजीत सिंह द्वितीय स्थान 3.हीरामन सिंह तृतीय स्थान पर रहे ।

3 . 50 मीटर फ्री पिस्टल में अभिषेक यादव प्रथम लव कुश द्वितीय स्थान

4 . 50 मीटर फ्री पिस्टल महिला वर्ग में प्रथम स्थान पलक द्विवेदी

5 . पिस्टल 25 मी (महिला) में पलक द्विवेदी प्रथम स्थान रही

6 . 50 मीटर राइफल ( महिला )में प्रथम स्थान अंशिका
द्वितीय स्थान युक्तिशा

7 . 10 मीटर एयर पिस्टल (पुरुष वर्ग ) में प्रथम स्थान अभिषेक यादव द्वितीय तुषार सिंह तृतीय मोहित यादव
8.10 मीटर पिस्टल महिला वर्ग में प्रथम स्थान शिवांगी द्वितीय स्थान सृष्टि तृतीय स्थान पलक
शूटिंग प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में अभय, मयंक, शैलेश, तारा एवं मोहम्मद उमर रहे ।कार्यक्रम कीआयोजन सचिव प्रोफेसर प्रीति पांडे ने सभीअतिथि गण खिलाड़ियों एवं निर्णय को का धन्यवाद ज्ञापन किया एवं कार्यक्रम में विश्वविद्यालय शाहिद शिक्षा विभाग एवं क्रीड़ा सेडॉक्टर निमिषा डॉक्टर श्रवण डॉ प्रभाकर ,डॉ अभिषेक ने भी अपनी उपस्थिति दी ।

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नक्सल मुक्त भारत बनाने के मोदी सरकार के संकल्प की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या 6 से घटकर सिर्फ 3 रह गई

नक्सल मुक्त भारत बनाने के मोदी सरकार के संकल्प की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर नक्सलवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या 6 से घटकर सिर्फ 3 रह गई है। अब केवल छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर ही वामपंथी उग्रवाद (LWE) से सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं।

वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या भी 18 से घटकर केवल 11 रह गई है। इस प्रकार अब केवल 11 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित हैं। मोदी सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में इस वर्ष नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इन अभियानों में 312 वामपंथी कैडरों को मार गिराया गया है, जिनमें सीपीआई (माओवादी) महासचिव और पोलित ब्यूरो/केन्द्रीय समिति के 08 अन्य सदस्य शामिल हैं। 836 वामपंथी कैडरों को गिरफ्तार किया गया है और 1639, जिनमें एक पोलित ब्यूरो सदस्य और एक केन्द्रीय समिति सदस्य शामिल हैं, ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आत्मसमर्पण किया है।

मोदी सरकार में बहुआयामी दृष्टिकोण आधारित राष्ट्रीय कार्य योजना और नीति (National Action Plan and Policy) को कठोरता से लागू कर नक्सल खतरे से निपटने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। राष्ट्रीय कार्य योजना और नीति में जन-हितैषी LWE अभियानों पर आधारित सटीक आसूचना शामिल है। इन कदमों में सुरक्षा वेक्यूम वाले क्षेत्रों में त्वरित डॉमिनेशन, शीर्ष नेताओं और ओवर ग्राउन्ड कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना, कुटिल विचारधारा का मुकाबला करना, बुनियादी ढांचे का तीव्र विकास और कल्याणकारी योजनाओं को पूरी तरह लागू कराना, वित्तीय संसाधनों को पूरी तरह बंद करना, राज्यों एवं केन्द्र सरकारों के बीच बेहतर समन्वय, और माओवादी संबंधित मामलों की त्वरित जांच और अभियोजन शामिल हैं।

वर्ष 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा जिसे भारत की “सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती” कहा गया, वह नक्सलवाद अब स्पष्ट रूप से पीछे हट रहा है। नक्सलियों ने नेपाल के पशुपति से आंध्र प्रदेश के तिरुपति तक एक लाल कोरिडोर स्थापित करने की योजना बनाई थी। वर्ष 2013 में विभिन्न राज्यों के 126 जिलों में नक्सल-संबंधी हिंसा रिपोर्ट की गई थी, जबकि मार्च 2025 तक यह संख्या घटकर केवल 18 जिलों तक सीमित रह गई थी और इनमें से केवल 06 ‘सबसे अधिक प्रभावित जिले’ की श्रेणी में थे।

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केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एनएमपीए की स्वर्ण जयंती पर आठ समुद्री परियोजनाओं का उद्घाटन किया

केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज भारत मंडपम में न्यू मैंगलूर पत्तन प्राधिकरण (एनएमपीए) के स्वर्ण जयंती समारोह के पूर्वावलोकन समारोह का उद्घाटन किया।

इस उपलब्धि को चिह्नित करने के लिए, मंत्री ने भारत के बंदरगाह बुनियादी ढाँचे, रसद दक्षता और स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आठ प्रमुख समुद्री विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।  इन परियोजनाओं में अत्याधुनिक क्रूज़ टर्मिनल, आधुनिक कवर्ड स्टोरेज सुविधाएँ, 150 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल, विस्तारित ट्रक टर्मिनल और उपयोगकर्ता अनुभव और परिचालन क्षमता में सुधार के लिए डिज़ाइन किया गया उन्नत बंदरगाह पहुँच बुनियादी ढाँचा शामिल है। सर्बानंद सोनोवाल ने भारत के समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय विकास में बंदरगाह के पाँच दशकों के योगदान का उत्सव मनाने के लिए स्मारक डाक टिकट, स्मारक सिक्का और एनएमपीए का आधिकारिक स्वर्ण जयंती गान भी जारी किया

इस अवसर पर सोनोवाल ने कहा, “आज का दिन हम सभी के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। 1975 में स्थापित हमारा नौवाँ प्रमुख बंदरगाह, न्यू मैंगलोर बंदरगाह, इस क्षेत्र में आयातकों और निर्यातकों के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हुआ है। अपने शुरुआती वर्षों में केवल कुछ हज़ार टन माल की ढुलाई से, यह पिछले वित्तीय वर्ष में 46.01 मिलियन टन तक पहुँच गया है, जिसकी कुल क्षमता 104 मिलियन टन प्रति वर्ष है। एक नया डीप-ड्राफ्ट जनरल कार्गो बर्थ भी निर्माणाधीन है और जल्द ही इसका संचालन शुरू हो जाएगा।”

भारत के दीर्घकालिक लक्ष्यों पर विचार करते हुए, उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ की ओर बढ़ रहे हैं, हमारे बंदरगाह भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनने के लिए, हमें 2047 तक विकसित आत्मनिर्भर समुद्री राष्ट्र भी बनना होगा।”

बंदरगाह मंत्री ने सतत और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी विकास की आवश्यकता पर बल दिया और हरित परिचालन की दिशा में एनएमपीए के प्रयासों की सराहना की। श्री सोनोवाल ने कहा, “अर्थव्यवस्था को पारिस्थितिकी और पर्यावरण की कीमत पर नहीं बढ़ना चाहिए। एनएमपीए की  हरित पहल सराहनीय हैं। बंदरगाह ने स्थिरता को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाया है और अपने परिचालनों में पर्यावरण के प्रति जागरूक  परिपाटियों को एकीकृत करना जारी रखा है।”

मंत्री ने इस बात की जानकारी दी कि भारत के बंदरगाह वैश्विक मानकों के अनुरूप स्मार्ट, टिकाऊ और प्रौद्योगिकी-संचालित प्रवेश द्वारों में बदल रहे हैं। ‘हरित सागर दिशानिर्देश’, ‘हरित टग ट्रांज़िशन प्रोग्राम’, ‘हरित नौका योजना’ और ‘हरित शिपिंग कॉरिडोर’ जैसी पहल भारत के स्वच्छ-ईंधन, इलेक्ट्रिक-पोत और हरित समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बढ़ने की प्रक्रिया को गति दे रही हैं।

समुद्री क्षेत्र में एक दशक के परिवर्तन का ज़िक्र करते हुए, मंत्री ने कहा कि भारत ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में “अभूतपूर्व प्रगति” की है।  समुद्री अमृत काल विज़न 2047, नीली अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों के अनुरूप, भारत की समुद्री क्षमताओं को मज़बूत करने के लिए दीर्घकालिक रूपरेखा तैयार करता है। इसमें सागरमाला कार्यक्रम के माध्यम से लाखों रोज़गार सृजित करने हेतु ₹80 लाख करोड़ के नियोजित निवेश का अनुमान है।

सागरमाला के अंतर्गत, 2035 तक ₹5.8 लाख करोड़ की 840 परियोजनाएँ कार्यान्वित की जा रही हैं। इनमें से ₹1.41 लाख करोड़ की 272 परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं, जबकि ₹1.65 लाख करोड़ की 217 परियोजनाएँ वर्तमान में प्रगति पर हैं।

एनएमपीए के तहत शुरू की गई आठ नई परियोजनाओं में शामिल हैं:

• ढके हुए दो भंडारण शेड का निर्माण (14,000 मीट्रिक टन क्षमता, पूर्व-निर्मित डिज़ाइन)

• अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए समर्पित क्रूज़ गेट का निर्माण

• आरएफआईडी-सक्षम कार्गो हैंडलिंग, सीमा शुल्क और सीआईएसएफ सुविधाओं के साथ केके गेट के प्रवेश और निकास द्वार में सुधार

• प्रतिदिन 50-80 ट्रकों की क्षमता वाले ट्रक पार्किंग टर्मिनल (सीमा शुल्क भवन) का विस्तार

• एमडीएल यार्ड में पीक्यूसी सड़कों का निर्माण (675 मीटर, जल निकासी सुविधाओं के साथ)

• बैकमपडी में ट्रक पार्किंग टर्मिनल का विकास (20,000 वर्ग मीटर, 180-200 ट्रकों की क्षमता)

• ₹107 करोड़ के निवेश से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड के तहत 150 बिस्तरों वाले मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना

• लाभार्थियों के लिए समर्पित चिकित्सा ऐप का शुभारंभ

इस वर्ष के अंत में एनएमपीए की स्वर्ण जयंती मनाई जाएगी, जो भारत के समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय विकास को आगे बढ़ाने में बंदरगाह की भूमिका के 50 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।

इस कार्यक्रम में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया जिनमें संयुक्त सचिव (पत्तन) आर. लक्ष्मणन और न्यू मैंगलूर पत्तन प्राधिकरण (एनएमपीए) के अध्यक्ष डॉ. वेंकट रमण अक्काराजू, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी को राष्ट्रमंडल संघ द्वारा मंजूरी दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह ने अहमदाबाद में 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी को राष्ट्रमंडल संघ द्वारा मंजूरी दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है।

X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज भारत के लिए अपार हर्ष और गौरव का दिन है। उन्होंने राष्ट्रमंडल संघ द्वारा अहमदाबाद में 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी को मंज़ूरी दिए जाने पर भारत के प्रत्येक नागरिक को हार्दिक बधाई दी। श्री शाह ने कहा कि यह भारत को विश्व खेल मानचित्र पर स्थापित करने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के अथक प्रयासों का एक शानदार प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे का निर्माण और देशभर में खेल प्रतिभाओं का एक विशाल पूल तैयार कर, प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत को एक अद्भुत खेल डेस्टिनेशन बना दिया है।

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बीएसएनएल ने दिवाली पर एक महीने के लिए मुफ्त मोबाइल सेवाओं का ऑफर दिया

भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) भारत की अग्रणी सरकारी दूरसंचार प्रदाता कंपनी है। इसने दिवाली के अवसर पर नए ग्राहकों को एक महीने की अवधि के लिए केवल एक रुपए के टोकन शुल्क पर 4जी मोबाइल सेवाएं देने की पेशकश की है।

यह दिवाली बोनान्ज़ा 15 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक जारी रहेगा।

योजना लाभ (दिवाली बोनान्ज़ा योजना):

  • असीमित वॉयस कॉल (योजना नियम व शर्तों के अनुसार)
  • 2 जीबी/दिन हाई-स्पीड डेटा
  • 100 एसएमएस/दिन
  • निःशुल्क सिम (दूरसंचार विभाग के दिशानिर्देशों के अनुसार केवाईसी)

उपरोक्त प्रस्ताव की घोषणा करते हुए बीएसएनएल के सीएमडी श्री ए. रॉबर्ट जे. रवि ने कहा:

बीएसएनएल ने हाल ही में देश भर में मेक-इन-इंडिया, अत्याधुनिक 4जी मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया है, जो आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रहा है। दिवाली बोनान्ज़ा प्लान—पहले 30 दिनों के लिए बिल्कुल मुफ़्त सेवा शुल्क—ग्राहकों को हमारे स्वदेशी रूप से विकसित 4जी नेटवर्क का अनुभव करने का गौरवपूर्ण अवसर प्रदान करता है। हमें विश्वास है कि सेवा की गुणवत्ता, कवरेज और बीएसएनएल ब्रांड से जुड़ा विश्वास ग्राहकों को मुफ़्त 30 दिनों की अवधि से भी आगे तक हमारे साथ बने रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

दिवाली बोनान्ज़ा योजना कैसे प्राप्त करें?

  1. निकटतम बीएसएनएल ग्राहक सेवा केंद्र (सीएससी) पर जाएं (वैध केवाईसी दस्तावेज साथ रखें)।
  2. दिवाली बोनान्ज़ा प्लान (₹1 एक्टिवेशन) का अनुरोध करें; केवाईसी पूरा करें और अपना निःशुल्क सिम प्राप्त करें।
  3. सिम डालें और उसे सक्रिय करने की प्रक्रिया निर्देशानुसार पूरी करें; आपके 30-दिन के निःशुल्क लाभ सक्रियण की तिथि से शुरू हो जाएंगे।
  4. सहायता के लिए 1800-180-1503 पर कॉल करें या bsnl.co.in पर जाएं।

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रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की 7.62 x 51 एमएम असॉल्ट राइफलों के लिए एडवांस्‍ड नाइट साइट की खरीद हेतु 659.47 करोड़ रुपये के सौदे पर हस्ताक्षर किए

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की 7.62 x 51 एमएम असॉल्ट राइफलों के लिए एडवांस्‍ड नाइट साइट की खरीद हेतु 659.47 करोड़ रुपये के सौदे पर हस्ताक्षर किए

रक्षा मंत्रालय ने 15 अक्टूबर, 2025 को भारतीय सेना के लिए 7.62 x 51 एमएम असॉल्ट राइफल के लिए नाइट साइट (इमेज इंटेंसिफायर) की खरीद के साथ-साथ सहायक उपकरण के लिए 659.47 करोड़ रुपये के अनुबंध समझौते पर हस्ताक्षर किए। नाइट साइट सैनिकों को एसआईजी 716 असॉल्ट राइफल की लंबी प्रभावी रेंज का पूरी तरह से फायदा उठाने में सक्षम बनाएगी।

ये साइट स्‍टारलिट कंडिशन में भी 500 मीटर की प्रभावी दूरी तक के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम हैं और मौजूदा पैसिव नाइट साइट (पीएनएस) की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार प्रदान करते हैं। इस खरीद को 51 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के साथ (भारतीय-आईडीडीएम) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह खरीद रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल से कल-पुर्जों के निर्माण और कच्चे माल की आपूर्ति से जुड़े सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को भी लाभ होगा।

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दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाए गए दीवाली के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर कानपुर विद्या मंदिर महिला महाविद्यालय में दिव्यांग डेवलपमेंट सोसायटी, महाविद्यालय के “दिव्यांग सहायता क्लब” एवं समाजशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान द्वारा दिव्यांग बच्चों के द्वारा बनाए गए दीवाली के सुंदर उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। प्राचार्या प्रो. पूनम विज ने दिव्यांग बच्चों के द्वारा बनाए गए उत्पादों की भूरि भूरि प्रशंसा की और कई उत्पादों की खरीदारी कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्राचार्या जी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमें दूसरों की सहायता करनी चाहिए। जब हम सभी ऐसा करेंगे, तभी एक अच्छे समाज का निर्माण हो सकेगा । हमारे महाविद्यालय में इसकी पहल, महाविद्यालय में दिव्यांग सहायता क्लब को स्थापित करके तथा समाजशास्त्र विभाग द्वारा दिव्यांग डेवलपमेंट सोसाइटी के साथ समझौता ज्ञापन करके की गई है। जो समय समय पर दिव्यांग बच्चों के लिए भी प्रशंसनीय कार्य करता रहता है। जिससे महाविद्यालय के बच्चों के मन में दिव्यंगता के प्रति सहयोग की भावना उत्पन्न हुई है। इस प्रदर्शनी में सभी शिक्षिकाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग लिया। प्रदर्शनी को सफल बनाने हेतु समुचित आयोजन डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, विभागाध्यक्ष,समाजशास्त्र विभाग के द्वारा किया गया।

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‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता पर कार्यशाला’ आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता पर एक कार्यशाला का सफल आयोजन 15 अक्टूबर 2025 को छत्रपति शाहू जी महाराज नवाचार फाउंडेशन (CSJMIF), छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर द्वारा, C3i HUB, IIT कानपुर एवं कलाम एस.पी.एस. रिसर्च सेंटर के सहयोग से डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ऑडिटोरियम, क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर में किया गया।

इस कार्यक्रम में कानपुर नगर के विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के पाठ्यक्रम समन्वयकों एवं सह-समन्वयकों की सक्रिय भागीदारी रही। उद्घाटन सत्र की शुरुआत डॉ. आशुतोष द्विवेदी के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने शिक्षा एवं उद्योग जगत में AI और साइबर सुरक्षा के समावेश की आवश्यकता पर बल दिया। क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के प्राचार्य प्रो. विनय जे. सेबेस्टियन ने अध्यक्षीय भाषण देते हुए डिजिटल नैतिकता एवं जागरूकता की महत्ता को रेखांकित किया।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कार्यशाला के संरक्षक प्रो. विनय कुमार पाठक ने ऑनलाइन संदेश के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने इस प्रकार की क्षमतावर्धन पहलों की आवश्यकता एवं सामयिक प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए ऐसे सहयोगात्मक प्रयासों को समर्थन प्रदान किया।

CDC निदेशक, प्रो. आर. के. द्विवेदी ने उद्घाटन भाषण में युवाओं को AI और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कुशल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उद्घाटन सत्र के पश्चात एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें शैक्षणिक, शोध एवं उद्योग क्षेत्र के प्रमुख वक्ताओं ने AI और साइबर सुरक्षा से जुड़ी नवीनतम चुनौतियों और अवसरों पर अपने विचार साझा किए। कलाम फाउंडेशन, नई दिल्ली के CEO डॉ. सृजन पाल सिंह जी ने जनसेवा में AI के नैतिक उपयोग पर व्याख्यान दिया। लखनऊ स्थित कलाम फाउंडेशन की निदेशक सुश्री गुंजा कपूर ने नीति स्तर पर मौजूद कमियों और मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचे की आवश्यकता को रेखांकित किया।

C3iHUB, IIT कानपुर के साइबर सुरक्षा प्रशिक्षक श्री अमन राज ने वास्तविक दुनिया के साइबर खतरों और कमजोरियों पर एक प्रभावी सत्र लिया। वहीं, C3iHUB से ही श्री आदित्य सिंह ने AI के माध्यम से खतरों की पूर्व पहचान में इसकी भूमिका पर चर्चा की।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के CSJMIF में इनक्यूबेशन मैनेजर अनिल कुमार त्रिपाठी ने AI और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन के अवसरों पर प्रकाश डाला। CSJMIF के इनोवेशन ऑफिसर शैलेन्द्र यादव ने तकनीकी क्षेत्र में नवाचार, इनक्यूबेशन और स्टार्टअप की संभावनाओं पर विचार साझा किए।

‘AI फॉर ऑल’ व्यावसायिक पाठ्यक्रम के जिला समन्वयक, कानपुर नगर, प्रो. मीत कमल ने भी कार्यशाला में सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुभी तिवारी एवं डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल द्वारा किया गया।

कार्यशाला का समापन डॉ. आशुतोष कुमार द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी वक्ताओं, सहयोगियों, आयोजन टीमों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

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एमएसएमई विशेषज्ञों द्वारा इंटरएक्टिव सत्र आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर के इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेल द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को छात्रों में नवाचार और उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एमएसएमई विशेषज्ञों द्वारा एक इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किया गया। सत्र का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता में भूमिका को समझना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेल के संयोजक डॉ. मनीष कपूर के स्वागत भाषण एवं परिचय से हुआ, जिन्होंने एमएसएमई की नवाचार और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विनय जॉन सेबेस्टियन ने अपने संबोधन में छात्रों को उद्यमिता को व्यक्तिगत और सामाजिक विकास का मार्ग मानने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान श्री दिव्यांशु शुक्ला ने सभा को संबोधित करते हुए कृषि-आधारित उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से सुगंधित एवं औषधीय फसलों के क्षेत्र में, जो युवाओं के लिए रोजगार एवं ग्रामीण विकास का एक उभरता हुआ क्षेत्र है।

इस अवसर पर श्री भक्ति विजय शुक्ला, उपनिदेशक, एमएसएमई, कन्नौज ने सरकारी योजनाओं, इनक्यूबेशन अवसरों एवं शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार की भूमिका पर अपने मूल्यवान विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन एक इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र से हुआ, जिसमें छात्रों ने अपने विचार रखे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

सत्र में एमएसएमई पहल, नवाचार, और स्टार्टअप समर्थन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और नवाचार-आधारित एवं स्व-रोजगार के अवसरों की ओर प्रेरित हुए।

इस कार्यक्रम से छात्रों में एमएसएमई के प्रति जागरूकता बढ़ी, उद्यमिता के प्रति उनकी रुचि में वृद्धि हुई, और शिक्षा जगत तथा उद्योग के बीच संबंध मजबूत हुए। प्रतिभागियों ने इस सत्र की सराहना की और व्यावहारिक कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन का सुझाव दिया।

कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. श्वेता मिश्रा, संकाय सदस्य द्वारा किया गया, जिन्होंने अतिथियों, अध्यापकों और छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस आयोजन ने शैक्षणिक ज्ञान और उद्यमिक व्यवहार के बीच की खाई को सफलतापूर्वक पाटते हुए छात्रों को भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता  दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन रोड सेफ्टी क्लब की इंचार्ज डॉ. संगीता सिरोही के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।इस अवसर पर छात्राओं ने सड़क सुरक्षा विषय पर अपने सृजनात्मक विचारों को भाषण, निबंध, प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रस्तुत किया।

छात्राओं ने सड़क सुरक्षा नियमों से संबंधित शपथ भी ली।इस अवसर पर छात्राओं के द्वारा रैली निकालकर पोस्टरों के माध्यम से ट्रैफिक नियमों का संदेश दिया ताकि छात्राओं, अभिभावकों एवं अध्यापकों के मध्य सड़क सुरक्षा जागरूकता का व्यापक प्रचार प्रसार हो।

विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता छात्राओं ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। भाषण प्रतियोगिता में उमरा ने प्रथम, वैष्णवी शर्मा ने द्वितीय तथा नाज़िया बेगम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में श्रद्धा त्रिवेदी प्रथम , पंखुड़ी ओमर द्वितीय तथा रिधिमा तृतीय रही।प्रश्नोतरी प्रतियोगिता में सिमरन फिरदौस ने प्रथम, बुशरा ने द्वितीय तथा सिमरन कुशवाहा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, महाविद्यालय सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर प्रो अर्चना वर्मा तथा निर्णायक मंडल ने छात्राओं की रचनात्मकता की सराहना की और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

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