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महादान का आयोजन

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 18 अगस्त प्रज्ञा परिवार सेवा संस्थान एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में श्याम नगर स्थित छप्पन भोग बैंक्वेट हाल में रक्त दान हेतु कैंप लगाया गया जिसमें करीब 85 लोगों ने इस महादान में हिस्सा लिया,
लोगों की रक्त जरूरत समय पर पूरी हो खून की कमी से किसी की जान पे संकट न आए इसलिए समय समय पर ऐसा आयोजन संस्थान द्वारा  कराया जाता है, गायत्री परिवार के सुरेश जोशी एवं अवनीश शुक्ल ने रक्त दान कर कैंप का शुभारंभ किया

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एस एन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज में एंटी रैगिंग वीक के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 18 अगस्त एस एन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज महाविद्यालय, माल रोड ,में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार एंटी रैगिंग वीक के अंतर्गत एक पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया, जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने भाग लिया। जिसमें से प्रथम स्थान स्नेहा सिंह ,द्वितीय स्थान भूमि गुप्ता तथा तृतीय स्थान शुभेका खान ने प्राप्त किया। शिक्षा शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर चित्रा सिंह तोमर ने एंटी रैगिंग विषय पर अपना विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर निशि प्रकाश ने की। मीडिया प्रभारी डॉ प्रीति सिंह ने बताया यह कार्यक्रम कैप्टन ममता अग्रवाल तथा प्रो मीनाक्षी व्यास के निर्देशन में संपन्न हुआ। प्रोफेसर रेखा चौबे ,प्रोफेसर अलका टंडन ,डॉक्टर रेनू कुरील आदि उपस्थिति रही।

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हर घर तिरंगा अभियान – म्यूज़िक कॉन्सर्ट एवं एच जी टी सेल्फी कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 13 अगस्त दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई , कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में छात्राओं के द्वारा “हर घर तिरंगा अभियान – 2025” द्वितीय चरण के अंतर्गत आयोजित “म्यूजिकल कंसर्ट एवं एच जी टी सेल्फी” गतिविधि में हिस्सा लिया गया। जिसमें छात्राओं के द्वारा स्वतंत्रता दिवस, तिरंगा आदि की थीम से संबंधित गानों का प्रस्तुतिकरण किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राएं उपस्थित रही तथा सभी ने उत्साह एवं उमंग के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में संगीत विभाग प्रभारी प्रो संगीता श्रीवास्तव, प्रो शालिनी त्रिपाठी, प्रो रुचिमिता पांडे, डॉ अलका सिंह, श्री निशांत कुमार सिंह समेत समस्त टीम का सहयोग सराहनीय रहा।
महाविद्यालय प्राचार्या प्रो वंदना निगम तथा सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर ने छात्राओं के द्वारा की गई समस्त गतिविधियों की सराहन की। कार्यालय अधीक्षक कृष्णेन्द्र कुमार ने सभी छात्राओं से “हर घर तिरंगा अभियान” में उत्साह के साथ हिस्सा लेने का आह्वान किया।

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इस स्वतंत्रता दिवस ज़ी सिनेमा में देखिए `आज़ादी एक्सप्रेस’ के साथ. जाट, द साबरमती रिपोर्ट और द केरल स्टोरी का प्रीमियर

भारतीय स्वरूप संवाददाता मुंबई, अगस्त 2025: इस स्वतंत्रता दिवस, ज़ी सिनेमा लेकर आ रहा है तीन ऐसी कहानियां, जो सच्चाई, हिम्मत और जज़्बे से भरी हैं। ये तीनों प्रीमियर सुबह 10 बजे से एक के बाद एक लगातार दिखाए जाएंगे। सबसे पहले बात करते हैं ‘जाट’ की, जिसका वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर दोपहर 12:30 बजे होगा। इसमें सनी देओल ‘गदर 2’ की बड़ी कामयाबी के बाद एक और दमदार रोल में लौटे हैं। इस फिल्म में सनी एक फौजी का किरदार निभा रहे हैं, जो लोगों की मदद के लिए ज़ुल्म के ख़िलाफ डटकर खड़े होते हैं और अपनी जान की परवाह किए बिना सबकी हिफ़ाज़त करते हैं। इसके साथ ही लाइनअप में है ‘द साबरमती रिपोर्ट’ – सच की तलाश करने वाली एक बेहद दिलचस्प थ्रिलर जो सुबह 10 बजे शुरू होगी और फिर शाम 3:30 बजे आएगी ‘द केरल स्टोरी’ – एक दिल झकझोर देने वाली कहानी, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देती है। देश की मिट्टी से जुड़ी ये तीनों कहानियां, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हिंदुस्तान के सच्चे जज़्बे को दर्शाती हैं।

सनी देओल की दमदार ‘ढाई किलो का हाथ’ वाली परफॉर्मेंस देखने के लिए तैयार हो जाइए दोपहर 12:30 बजे, फ़िल्म ‘जाट’ में। ये सिर्फ एक एक्शन फिल्म नहीं है बल्कि ये उस इंसान की कहानी है जो दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान खतरे में डाल देता है। सनी का किरदार सच्चा, निडर और मदद करने वाला है जो बड़ी से बड़ी मुश्किल से टकराता है ताकि देशवासियों की हिफ़ाज़त कर सके। इस फिल्म में सनी देओल ने अपने सारे एक्शन सीन खुद किए हैं, और हर सीन में उनका असली जोश नज़र आता है, और वो फिर याद दिलाते हैं कि क्यों उन्हें पर्दे का सबसे वजनदार हीरो कहा जाता है।

सुबह 10 बजे आएगी ‘द साबरमती रिपोर्ट’, जिसमें हैं विक्रांत मैसी। ये कहानी है उस हादसे की जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था – गोधरा ट्रेन में आग की घटना। ये एक पत्रकार की लड़ाई है, जो हर हाल में सच तक पहुंचना चाहता है। फ़िल्म की कहानी तेज़, असरदार और सच्चे जज़्बातों से भरी है – जो बताती है कि आज़ादी का मतलब सिर्फ़ बोलने की नहीं, सच जानने की भी आज़ादी है; झूठ और फरेब से आज़ादी!

शाम 3:30 बजे देखिए ‘द केरल स्टोरी’ – वो फ़िल्म जिसने दो नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किए हैं और जिसे खूब सराहा गया है। इसमें अदा शर्मा ने एक ऐसी लड़की का रोल निभाया है, जो धोखे से आतंक के जाल में फंस जाती है। लेकिन वो हार नहीं मानती और हिम्मत के साथ उस अंधेरे से बाहर निकलने की लड़ाई लड़ती है। ये कहानी है एक लड़की की जिद और हौसले की जो अपनी ज़िंदगी को फिर से जीने की कोशिश करती है, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों।

तो इस 15 अगस्त, अपना दिन कीजिए ज़ी सिनेमा के नाम! देखिए तीन ज़बर्दस्त कहानियां जो सच्चाई, हिम्मत और इंसानियत को सलाम करती हैं – ‘द साबरमती रिपोर्ट’, ‘जाट’ और ‘द केरल स्टोरी’ के वर्ल्ड टेलीविजन प्रीमियर के साथ, सिर्फ़ ज़ी सिनेमा पर।

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वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर

वित्त वर्ष 2024-25 में देश का वार्षिक रक्षा उत्पादन बढ़कर 1,50,590 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि पिछले वित्त वर्ष के 1.27 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन की तुलना में 18% की अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाती है। यह वित्त वर्ष 2019-20 के बाद से अब तक 90% की आश्चर्यजनक बढ़ोतरी को भी प्रदर्शित करती है, उस समय यह आंकड़ा 79,071 करोड़ रुपये था।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि को हासिल करने में रक्षा उत्पादन विभाग और सभी हितधारकों यानी कि रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, सार्वजनिक क्षेत्र के निर्माताओं और निजी उद्योग के सामूहिक प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने इस सफलता को भारत के सशक्त होते रक्षा औद्योगिक आधार का स्पष्ट संकेत बताया है।

रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (डीपीएसयू) और अन्य पीएसयू का कुल उत्पादन में लगभग 77% योगदान रहा है, जबकि निजी क्षेत्र ने इसमें 23% की भागीदारी की है। भारत में रक्षा निवेश के लिए निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2024-25 में 23% हो गई है, जो वित्त वर्ष 2023-24 में 21% बढ़त को प्रदर्शित करती है। यह वृद्धि देश के डिफेन्स इकोसिस्टम में इस क्षेत्र की बढ़ती हुई भूमिका को उजागर करती है।

रक्षा उद्योग जगत के कारोबार में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों ने वर्ष-दर-वर्ष लगातार वृद्धि प्रदर्शित की है, जिसका श्रेय दूरगामी नीतिगत सुधारों, व्यापार करने की सुगमता में तेजी और पिछले दशक में स्वदेशीकरण पर रणनीतिक ध्यान दिए जाने को जाता है। वित्त वर्ष 2024-25 में डीपीएसयू और निजी क्षेत्र का समग्र उत्पादन क्रमशः 16% तथा 28% बढ़ा है।

यह रिकॉर्ड स्थापित करने वाली उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के लिए सरकार के बढ़ते प्रयासों का महत्व बताती है। आयात पर निर्भरता कम करने और एक रक्षा औद्योगिक परिसर बनाने पर जोर देने से न केवल भारत की आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है, बल्कि इससे देश की निर्यात क्षमता भी बढ़ रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

ध्यान देने योग्य तथ्य यह है कि वित्त वर्ष 2024-25 में रक्षा निर्यात बढ़कर 23,622 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। यह वित्त वर्ष 2023-24 के 21,083 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात आंकड़ों की तुलना में 2,539 करोड़ रुपये अर्थात 12.04% का उछाल है।

भारत का रक्षा उत्पादन क्षेत्र सतत नीतिगत सहयोग, बढ़ी हुई निजी भागीदारी व विस्तारित निर्यात क्षमताओं के साथ आने वाले वर्षों में और भी तेजी से बढ़ने के लिए तैयार है।

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नवीनतम क्लाउड तकनीक से लैस, रेलवन मोबाइल ऐप आधुनिक यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) को यात्रियों की हथेली पर लाता है: अश्विनी वैष्णव

भारतीय रेलवे, रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सी.आर.आई.एस.) के माध्यम से यात्री आरक्षण प्रणाली (पी.आर.एस.) का पूर्ण नवीनीकरण कर रहा है। पी.आर.एस. के नवीनीकरण में हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, नेटवर्क उपकरण, सुरक्षा अवसंरचना और कार्यात्मकताओं का उन्नयन और प्रतिस्थापन शामिल है, जिसका डिज़ाइन नई सुविधाओं को संभालने में सक्षम है।

वर्तमान पीआरएस प्रणाली 2010 में स्थापित की गई थी और यह आइटेनियम सर्वर और ओपन वीएमएस (वर्चुअल मेमोरी सिस्टम) पर चलती है। वर्तमान पीआरएस प्रणाली को पारंपरिक प्रौद्योगिकी प्रणालियों से नवीनतम क्लाउड प्रौद्योगिकी-संगत प्रणालियों में अपग्रेड करने की आवश्यकता है। पिछले कुछ वर्षों में, यात्रियों की प्राथमिकताएँ और आकांक्षाएँ बदली हैं। आधुनिक पीआरएस का उद्देश्य यात्रियों की बढ़ी हुई आकांक्षाओं को पूरा करना है।

रेलवे ने हाल ही में रेलवन ऐप शुरू किया है। इस ऐप के ज़रिए यात्री अपने मोबाइल फ़ोन पर आरक्षित और अनारक्षित दोनों तरह के टिकट बुक कर सकते हैं। इससे पी.आर.एस. सुविधा यात्रियों की पहुँच में आ गई है।

पहले, ट्रेनों में आरक्षित टिकट बुक करने के लिए 120 दिनों की अग्रिम आरक्षण अवधि (ए.आर.पी.) होती थी। 1 नवंबर 2024 से, यात्रा की तारीख को छोड़कर, ए.आर.पी. को घटाकर 60 दिन कर दिया गया है। यह बदलाव बुकिंग के रुझान को ध्यान में रखते हुए और अप्रत्याशित घटनाओं के कारण रद्दीकरण को कम करने के लिए किया गया है।

बुकिंग के रुझान और फीडबैक के आधार पर अग्रिम आरक्षण अवधि (ए.आर.पी.) में बदलाव एक सतत और जारी रहने वाली प्रक्रिया है। वर्तमान पी.आर.एस. प्रति मिनट लगभग 25,000 टिकट बुक कर सकता है और नई प्रणाली इस क्षमता से चार गुना अधिक क्षमता के लिए डिज़ाइन की गई है।

यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है।

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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एनआईएबी, हैदराबाद में भारत के पहले अत्याधुनिक पशु स्टेम सेल बायोबैंक और प्रयोगशाला का उद्घाटन किया

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image003R6IJ.jpgकेंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएबी) में भारत के अपनी तरह के पहले अत्याधुनिक पशु स्टेम सेल बायोबैंक और पशु स्टेम सेल प्रयोगशाला का उद्घाटन किया।

मंत्री महोदय ने एनआईएबी में एक नए छात्रावास ब्लॉक और टाइप-IV क्वार्टरों की आधारशिला भी रखी, जिसे जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने कुल ₹19.98 करोड़ की लागत से स्वीकृत किया है। यह बुनियादी ढाँचा शोधार्थियों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों की ज़रूरतों को पूरा करेगा और एक जीवंत शैक्षणिक एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगा।

9,300 वर्ग फुट में फैले और ₹1.85 करोड़ की लागत से निर्मित, पशु बायोबैंक की अत्याधुनिक सुविधा पशुओं के लिए पुनर्योजी चिकित्सा और कोशिकीय उपचारों पर केंद्रित होगी। स्टेम सेल कल्चर यूनिट, 3डी बायोप्रिंटर, बैक्टीरियल कल्चर लैब, क्रायोस्टोरेज, ऑटोक्लेव रूम, उन्नत एयर हैंडलिंग सिस्टम और निर्बाध पावर बैकअप से सुसज्जित, यह प्रयोगशाला रोग मॉडलिंग, ऊतक इंजीनियरिंग और प्रजनन जैव प्रौद्योगिकी में अनुसंधान को आगे बढ़ाएगी।

डीबीटी-बीआईआरएसी के राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन (एनबीएम) के समर्थन से, पशु स्टेम कोशिकाओं और उनके व्युत्पन्नों की बायोबैंकिंग को सक्षम करने के लिए सुविधा का विस्तार किया जाएगा।

मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भविष्यदर्शी दृष्टि की सराहना की, जिसके कारण जैव प्रौद्योगिकी बायोई3 नीति को लागू करना संभव हुआ, जिससे भारत को इस क्षेत्र में अग्रणी होने का लाभ मिला।

इसके अलावा, कार्यक्रम के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने पशु स्वास्थ्य प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव लाने और ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किए गए पांच नवीन पशु चिकित्सा निदान उपकरण शुरू किए:

  1. ब्रुसेलोसिस का त्वरित पता लगाना – ब्रुसेला प्रजातियों का शीघ्र और सटीक पता लगाने के लिए एक क्षेत्र-तैनात, डीआईवीए – सक्षम डायग्नोस्टिक किट।
  2. मैस्टाइटिस का पता लगाने की तकनीक – डेयरी मवेशियों में सबक्लिनिकल और क्लिनिकल मैस्टाइटिस के लिए एक लागत प्रभावी ऑन-साइट निदानात्मक परख।
  3. रोगाणुरोधी संवेदनशीलता परीक्षण उपकरण – एक पोर्टेबल उपकरण जो जिम्मेदार एंटीबायोटिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए दो घंटे के भीतर परिणाम प्रदान करता है।
  4. टोक्सोप्लाज़मोसिस डिटेक्शन किट – पशुओं में टोक्सोप्लाज़मा गोंडी संक्रमण के लिए एक संवेदनशील और विशिष्ट परीक्षण।
  5. जापानी एन्सेफलाइटिस डिटेक्शन किट – पशुओं और मनुष्यों में बड़े पैमाने पर निगरानी के लिए स्वदेशी रूप से विकसित तीव्र पट्टी।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन नवाचारों से कृषि से जुड़ी जीडीपी को बढ़ावा मिलेगा, पशुधन उत्पादकता में वृद्धि होगी और पशुपालन क्षेत्र में “सदाबहार क्रांति” का मार्ग प्रशस्त होगा।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “मुझे खुशी है कि डॉ. राजेश गोखले के नेतृत्व में पूरा जैव प्रौद्योगिकी विभाग भारत को भविष्य के लिए तैयार करने में योगदान दे रहा है। जैव प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित अगली औद्योगिक क्रांति के आने पर हम पीछे नहीं रहेंगे। अर्थव्यवस्था विनिर्माण से पुनर्योजी और आनुवंशिक प्रक्रियाओं की ओर बढ़ेगी, और भारत ने इस बदलाव की शुरुआत पहले ही कर दी है। नीति निर्माताओं, विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिन्होंने जैव ई3 नीति जैसी पहलों की दीर्घकालिक प्रासंगिकता को समझा है, के समर्थन के साथ यह सबसे अच्छे समय में से एक है।”

उन्होंने कहा कि अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन फंड (एएनआरएफ) के तहत हाल ही में घोषित 1 लाख करोड़ रुपये के आरडीआई फंड से निजी क्षेत्र के अनुसंधान एवं विकास को विशेष बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से शीर्ष रैंक की ओर बढ़ सकेगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग पौधों, जानवरों और मानव जगत को एक ही छत के नीचे अनोखे ढंग से एकीकृत करता है। उन्होंने अंतरिक्ष विभाग के साथ सहयोग सहित अंतरिक्ष-आधारित प्रयोगों में भारत के योगदान का उल्लेख किया और अंतरिक्ष चिकित्सा एवं अंतरिक्ष शरीरक्रिया विज्ञान जैसे उभरते क्षेत्रों की परिकल्पना की।

कृषि के मोर्चे पर, उन्होंने कहा, “ये रिलीज़ पशु-आधारित कृषि उत्पादकता के एक नए चरण—एक ‘सदाबहार क्रांति’—का प्रतीक हैं। कृषि से सकल घरेलू उत्पाद का 18% और हमारे कार्यबल का 60% कृषि पर निर्भर है, इसलिए पशु चिकित्सा स्वास्थ्य में नवाचारों का परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा। कृषि अनुसंधान पर खर्च किया गया एक रुपया ₹13 का प्रतिफल देता है, और पहले दिन से ही उद्योग भागीदारों को जोड़ने से यह सुनिश्चित होता है कि ये तकनीकें ज़मीनी स्तर तक पहुँचें।”

उन्होंने ब्रुसेलोसिस, मैस्टाइटिस और टोक्सोप्लाज़मोसिस जैसी बीमारियों के बारे में किसानों के बीच जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया, और कहा कि कई पशुपालक अभी भी निदान और उपचार के विकल्पों से अनभिज्ञ हैं।

इस अवसर पर, डॉ. जितेंद्र सिंह ने किसानों के साथ बातचीत की और किसान कल्याण एवं ग्रामीण समृद्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने पशुपालकों से आधुनिक निदान उपकरण और रोग निवारण उपाय अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि रोग का शीघ्र पता लगाने से न केवल पशुओं की जान बचती है, बल्कि कृषि आय भी बढ़ती है।

उन्होंने भारत के पहले पशु स्टेम सेल बायोबैंक की स्थापना में उनकी भूमिका के लिए एनआईएबी की निदेशक डॉ. तरु शर्मा की भी सराहना की और कहा, “हमारे पास मानव स्टेम कोशिकाओं के लिए तो ऐसी सुविधाएँ थीं, लेकिन पशु कोशिकाओं के लिए शायद ही कोई सुविधा थी। एनआईएबी और भारतीय जैव प्रौद्योगिकी का सर्वश्रेष्ठ अभी आना बाकी है।”

 

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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेड़ को राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मध्य प्रदेश, भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में रक्षाबंधन के अवसर पर पेड़ पर राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। 

रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की महिलाओं का आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण ही जीवन का मिशन है। इसके लिए सरकार द्वारा कई अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने “नारी तू नारायणी” का उद्घोष करते हुए कहा कि आज बहनें इतनी सशक्त हो गई है कि अब वह भाइयों की भी रक्षा कर सकती हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने बहनों से राखी बंधवाने के साथ पर्यावरण की रक्षा का भी संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि मैं भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में कई वर्षों से पेड़ लगा रहा हूं। यहां आज अपने लगाए पेड़ों को राखी बांधकर प्रसन्नता हुई है। पेड़ बचाने का अर्थ है पर्यावरण बचाना। पूरे विश्व के लिए यह अहम है। पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, तो दुनिया सुरक्षित रहेगी।

केंद्रीय मंत्री ने सभी से आह्वान किया कि रक्षाबंधन के अवसर पर संकल्प लें कि आने वाली पीढियां के लिए धरती सुरक्षित रखने के लिए पेड़ बचाएंगे भी और पेड़ लगाएंगे भी!

आगे, केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रहित सर्वोपरि के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए एक बार फिर से देशवासियों से अपील की कि वह स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दें और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएं।

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राष्ट्रपति ने देश भर के स्कूलों के छात्रों के साथ रक्षाबंधन मनाया

रक्षा बंधन के शुभ अवसर पर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले सरकारी स्कूलों, केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की।

इस समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता की भावना पर प्रकाश डाला गया। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि रक्षाबंधन प्रेम के बंधन का प्रतीक है जिसे बड़ों, साथियों और यहां तक कि पर्यावरण सहित किसी के भी साथ साझा किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पेड़ पृथ्वी की रक्षा करते हैं, संरक्षक की तरह कार्य करते हैं, इसलिए इन्हें सावधानीपूर्वक लगाया और पोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से लोगों और पर्यावरण, दोनों के प्रति प्रेम, सुरक्षा और ज़िम्मेदारी के इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयंत चौधरी भी उपस्थित थे। शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा धारण कर जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और अपने-अपने क्षेत्रों की समृद्ध परंपराओं का प्रदर्शन किया। समारोह के एक भाग के रूप में, छात्रों ने राष्ट्रपति को पर्यावरण-अनुकूल राखियां और हस्तनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड भेंट किए, जो पर्यावरण जागरूकता, रचनात्मकता और समावेशिता का प्रतीक थे। इस यादगार कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को भारत के राष्ट्रपति के साथ रक्षाबंधन मनाने का जीवन में एक बार मिलने वाला

अवसर प्रदान किया, जिससे भारत की सांस्कृतिक और संवैधानिक विरासत के बारे में उनकी समझ गहरी हुई।

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चुनाव व्यवस्था में सफाई: चुनाव आयोग ने 334 आरयूपीपी को सूची से हटाया

देश में राजनीतिक दल (राष्ट्रीय/राज्यीय/आरयूपीपी) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1955 की धारा 29ए के प्रावधानों के अंतर्गत चुनाव आयोग के साथ पंजीकृत हैं।
  1. वर्तमान में, चुनाव आयोग के साथ 6 राष्ट्रीय दल, 67 प्रादेशिक दल और 2854 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (आरयूपीपी) पंजीकृत हैं। (अनुलग्नक: राष्ट्रीय और प्रादेशिक दलों की सूची)
  2. राजनीतिक दलों के पंजीकरण के लिए दिशानिर्देशों में उल्लेख किया गया है कि यदि कोई दल लगातार 6 वर्ष तक चुनाव नहीं लड़ता है, तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाएगा।
  3. इसके साथ ही, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए के अनुसार, दलों को पंजीकरण के समय नाम, पता, पदाधिकारी आदि जैसे विवरण देने होंगे और किसी भी तरह के बदलाव की जानकारी बिना किसी देरी के आयोग को देनी होगी।
  4. इससे पहले, जून 2025 में, भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को उपरोक्त शर्तों के अनुपालन के संबंध में 345 आरयूपीपी की सत्यापन जांच करने का निर्देश दिया था।
  5. मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने जांच की, इन आरयूपीपी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए और प्रत्येक पक्ष को व्यक्तिगत सुनवाई कर जवाब देने और अपना विषय प्रस्तुत करने का मौका दिया।
  6. इसके बाद, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर, कुल 345 आरयूपीपी में से 334 आरयूपीपी उपरोक्त शर्तों का पालन नहीं करते पाए गए। बाकी विषयों को दोबारा सत्यापन के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को वापस भेज दिया गया है।
  7. आयोग ने सभी तथ्यों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की सिफारिशों पर विचार करने के बाद, 334 आरयूपीपी को सूची से हटा दिया है (लिंक: https://www.eci.gov.in/list-of-political-parties)। अब, कुल 2854 में से 2520 आरयूपीपी शेष हैं। सूची से हटाने की यह प्रक्रिया चुनाव आयोग की चुनावी प्रणाली को स्वच्छ बनाने की एक व्यापक और सतत रणनीति का हिस्सा है।
  8. ये आरयूपीपी अब आयकर अधिनियम, 1961 और चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के प्रासंगिक प्रावधानों के साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29बी और धारा 29सी के प्रावधानों के अंतर्गत कोई लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं होंगे। इस आदेश से व्यथित कोई भी पक्ष आदेश के 30 दिनों के भीतर आयोग में अपील दाखिल कर सकता है।

अनुलग्नक

मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दल

क्रम संख्या राजनीतिक दल का नाम
1 आम आदमी पार्टी
2 बहुजन समाज पार्टी
3 भारतीय जनता पार्टी
4 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)
5 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
6 नेशनल पीपुल्स पार्टी

 

मान्यता प्राप्त प्रादेशिक दल

क्रम संख्या राजनीतिक दल का नाम क्रम संख्या राजनीतिक दल का नाम
1 एजेएसयू पार्टी 2 ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम
3 ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक 4 ऑल इंडिया मजलिसइत्तेहादुल मुस्लिमीन
5 ऑल इंडिया एन.आरकांग्रेस 6 ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस
7 ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट 8 अपना दल (सोनेलाल)
9 असम गण परिषद 10 भारत आदिवासी पार्टी
11 भारत राष्ट्र समिति 12 बीजू जनता दल
13 बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट 14 सिटिजन एक्शन पार्टी – सिक्किम
15 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 16 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) (लिबरेशन)
17 देशिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम 18 द्रविड़ मुनेत्र कड़गम
19 गोवा फॉरवर्ड पार्टी 20 हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
21 इंडियन नेशनल लोक दल 22 इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग
23 इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा 24 जम्मू एंड कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस
25 जम्मू एंड कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी 26 जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
27 जनसेना पार्टी 28 जनता दल (सेक्युलर)
29 जनता दल (यूनाइटेड) 30 जननायक जनता पार्टी
31 जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) 32 झारखंड मुक्ति मोर्चा
33 केरल कांग्रेस 34 केरल कांग्रेस (एम)
35 लोक जनशक्ति पार्टी 36 लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास)
37 महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना 38 महाराष्ट्रीय गोमांतक
39 मिजो नेशनल फ्रंट 40 नाम तमिलर कत्ची
41 नागा पीपुल्स फ्रंट 42 राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
43 राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार 44 राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक प्रगतिशील पार्टी
45 पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट 46 पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल
47 राष्ट्रीय जनता दल 48 राष्ट्रीय लोक समता पार्टी
49 राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी 50 रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले)
51 रिवॉल्यूशनरी गोवन्स पार्टी 52 रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी
53 समाजवादी पार्टी 54 शिरोमणि अकाली दल
55 शिवसेना 56 शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
57 सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट 58 सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा
59 तेलुगु देशम पार्टी 60 टिपरा मोथा पार्टी
61 यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 62 यूनाइटेड पीपुल्स पार्टीलिबरल
63 विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची 64 वॉयस ऑफ  पीपुल पार्टी
65 युवजन श्रमिक रैतु कांग्रेस पार्टी 66 जोरम नेशनलिस्ट पार्टी

 

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