”अकेले मे हम वो होते हैं जो हम असल में होते है”इन्सान वही है जो बाहर और अंदर से एक ही हो।खुद को जानना हो तो अकेले में जानें।तब अपने दिल दिमाग़ और विचारों को ध्यान दे और देखे,क्या वाक़ई में हम वो दिखाई देते हैं जो हम असल में हैं।कई बार सामाज और वक़्त के साथ चलने की चाह में हम असलीयत से कोसो दूर हो जाते है।
अकेलापन अभिशाप नहीं बल्कि वरदान है, मगर बहुत लोग अकेलेपन से घबराते भी हैं।सोच अपनी अपनी है।अकेलेपन मे या तो हम उदास ग़ुस्सा या डिप्रेशन में चले जाये और अपने किये फ़ैसलों पर रोये या पछताये।
कई बार सारी उम्र ज़िम्मेदारियों को निभाते निभाते हम ख़ुद को वक़्त ही नहीं दे पाते।यही तो वक़्त होता है जब हम कुछ नया करें नया सोचें,खुद को पहचाने,खुद को निखारे।कहते है “अकेलेपन और ख़ाली मन “शैतान का घर होता है बस हमें वही नहीं होने देना।हमे यहाँ पर इक कड़ी नज़र रखनी है “इक पैनी नज़र”
दोस्तों ये ज़रूरी नहीं कि हम किसी की मदद पैसों से ही कर सकते है।किसी की बात सुनना ,हौसला देना और कई बार हमारी दी गई सलाह दूसरे की ज़िन्दगी का मुख ही मोड़
कर रख देती हैं।
दोस्तों ! इक आंटी शायद उनकी उम्र लगभग 70 के आसपास रही होगी।मैं हालाँकि उनको जानती नहीं थी मगर अक्सर पार्क में देखा करती थी।कई बार मैंने उन्हें अपने दुपट्टे से अपनी आँखों की कोरो को साफ़ करते देखा था।उनको ऐसे देख कर,मैं घर जा कर भी बेचैनै रहती। इक रोज़ मैं पार्क में सैर कर रही थी तो आंटी को बैंच पर बैठे देखा,रोज़ की तरह उतरा सा चेहरा,जैसे रात भर सोई ही न हो।बाल भी ढंग से नहीं बनाये हुए और आज आँसुओं को दुपट्टे से छुपाने की भरसक कोशिश भी उनकी नाकाम हो रही थी।शाम हो चुकी थी और अन्धेरा भी बढ़ रहा था मैं खुद को रोक न पाई और उनके पास धीरे से बैठ कर पूछ ही लिया। क्या आप ठीक है? पहले तो वो थोड़ा हिचकिचाई ,फिर मेरी तरफ़ देख कर कहने लगी !अब क्या बताऊँ तुम्हें।तीन बेटे हैं मेरे।तीनों को मुश्किलों से पढ़ा कर शादी भी कर दी।दो तो पहले से ही अलग रह रहे है।जब कभी पार्टी वारटी पर जाना होता है तो ले जाते हैं अपने घर बच्चों की देख रेख के लिये।इसी बहाने से मैं अपने पोता पोती को मिल पाती हूँ।मैं छोटे बेटे बहू के साथ रहती हूँ ।जब बच्चे ऊँचा नीचा या ग़लत बोलते हैं तो मन बहुत दुखी होता है।हर वक़्त लड़ाई कलह में जरा भी सकून नहीं मिलता।ये बेटा बहू भी अब अलग रहने चाहते हैं और वो कहती जा रही थी ,पति की मौत बहुत साल पहले हो चुकी थी ।अब पैंशन पर गुज़ारा कर रही हूँ।
जैसे ही मैंने उनका हाथ अपने हाथ में लिया वो मेरे गले लग कर बच्चों की तरह रोने लगी।उस वक़्त दिल तो मेरा भी भर आया कि इक माँ का हृदय कितना विशाल होता है।कैसे बच्चों की गलती को माफ़ कर देती है।माँ जो ज़िन्दगी की सारी ज़िम्मेदारी पूरी कर के इक थोड़ा सा सकून ही तो चाह रही है।जब माँ बाप को सबसे ज़्यादा ज़रूरत बच्चों की होती हैं ,तो कैसे वो ऐसा बर्ताव कर सकते है।क्या वो भूल जाते कि इक दिन वो भी बुजुर्ग होंगे, उन्हें भी इक दिन ऐसे ही अपने बच्चों का सहारा चाहिए होगा।
मैंने कहा आंटी आप कयूं सह रहे हो ये सब।कह दीजिये बेटे से कि वो अलग से घर ले ले। कहने लगी मैं अकेले नहीं रह सकती।कैसे काटूँगी ज़िन्दगी।मैंने कहा आप कब तक दूसरे का सोचेंगी ,अब अपने लिए सोंचे।अगर आप खुद अपनी इज़्ज़त करोगे तो सब भी आपकी इज़्ज़त करेंगे।मैंने कहा !आप का घर तो है।पैशन लगी हुई है।तो क्यों नहीं किसी को किराए पर रख लेती।आमदनी भी हो जायेगी और आप को अकेलापन भी नहीं लगेगा।उस दिन तो वो अपने घर चली गई मगर मै उनसे मिलने के बहाने हर रोज़ सैर पर जाने लगी और इस तरह मेरे बहुत समझाने पर उन्होंने अपना मन बना लिया और बेटे से कह दिया कि वो अलग हो सकता है।फिर एक पति पत्नी और उनकी बच्ची को ,दो कमरे किराये पर दे दिये।इस तरह दिन पर दिन महीने निकलते गये।इस दौरान मैं अपनी ज़िन्दगी मे व्यस्त हो गई।इक रोज़ मैं आंटी के घर उनसे मिलने चली गई।आंटी मुझे देख बहुत ख़ुश हुई।गले लगा कर कहने लगी ! तुम्हारी बात मान कर अब ज़िन्दगी को बड़ी सकून से जी रही हूँ।रोज मन्दिर चली जाती हूँ।वहाँ कितनी सहेलियाँ बन गई हैं।सब हंसते है योगा करते है।आंटी को यूँ ख़ुश देख कर मन को सकून मिल रहा था।वो कहती जा रही थी !अब बेटे भी आ जाते है मिलने कभी कभार।बहू भी खुश है।मैंने कहा आंटी कभी कभी अपनी सहेलियों के साथ बाहर घूमने चले ज़ाया करे इससे आपकी रोज सैर भी हो ज़ाया करेंगी।मुझे यक़ीन नही था वो ऐसा कर पायेंगी,मगर वो करने लगी।मैंने उनमे इक शक्ति का आवाहन होते हुये देखा।बताने लगी कि मुझे लगता है जैसे मैं फिर से जवान हो गई हूँ और शरीर से भी मज़बूत महसूस करती हूँ क्योंकि अब मुझे पता हैं कि सब मुझे ही करना है।
दोस्तों आंटी को भी अकेलापन मिला।वो चाहती तो उदास बीमार या डिप्रेशन मे चली जाती,मगर सोच पाजीटिव होने की वजह से ज़िन्दगी को अच्छे ढंग से जी रही थी।
दोस्तों मेरी कहानी की पात्र “आंटी वास्तविक मे शक्तिशाली मानसिकता वाली औरत थी”मगर हालातो ने उन्हें कमजोर बना दिया था।थोड़ी हिम्मत की और तो
अब सकून से ज़िन्दगी जी रही है।
यही है जीवन दोस्तों!
मुश्किलें तो आती है घबराये नही,रास्ता ढूँढे ,अगर सोच बुलन्द है तो वजूद पर भी इसका असर ज़रूर होता है।खुद को बदलना हमारे ही हाथ में है।खुद को बदल कर हालात ही बदल डालें मगर 🙏”बदलाव” बशर्ते पाजीटिव ही हो। *स्मिता
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंध समिति के सचिव श्री पी. के .सेन संयुक्त सचिव श्री शुभ्रो सेन , प्राचार्य डॉ निशा अग्रवाल तथा युवा महोत्सव की प्रभारी डॉ चित्रा सिंह तोमर ने मां सरस्वती का माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन द्वारा किया। कार्यक्रम प्रभारी रसायन विज्ञान की विभागाध्यक्षा डॉ गार्गी यादव ने प्रतियोगिता के नियम बताएं। अतिथियों का स्वागत जंतु विज्ञान की विभागाध्यक्षा डॉ पूनम अरोड़ा ने किया।
लखनऊ, भारतीय स्वरूप संवाददाता, विगत दिवस दीनदयाल उपाध्याय राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजाजीपुरम ,लखनऊ में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय की प्राचार्य महोदया डॉ. अर्चना राजन (सड़क सुरक्षा नोडल अधिकारी ,लखनऊ संभाग ) की अध्यक्षता एवं डॉ नेहा जैन (महाविद्यालय नोडल अधिकारी सड़क सुरक्षा ), डॉ. पीके मौर्य , डॉ. रिचा पांडे, डॉ.साधना सिंह यादव, डॉ. निशी मिश्रा के कुशल निर्देशन में लखनऊ संभाग स्तरीय कविता प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया l कार्यक्रम में अतिथि के रूप में डॉ.जी .एस. गुप्ता ,सेवानिवृत्त प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय ,हरख बाराबंकी ,डॉ.मीनू सक्सेना, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय गोसाई खेड़ा, उन्नाव ,डॉ .मीना श्रीवास्तव ,पूर्व प्राचार्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लखनऊ ,एवं डॉ वीणा गोपाल प्राचार्य भगवानदीन आर्य कन्या पीजी कॉलेज लखीमपुर खीरी उपस्थित रहे ! कार्यक्रम का शुभारंभ में मां शारदे की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन हुआ इसके उपरांत कविता प्रतियोगिता प्रारंभ की गई जिसमें प्रथम स्थान पर राजकिशोर ,राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोसाई खेड़ा ,द्वितीय स्थान पर गरिमा सिंह, नेशनल पीजी कॉलेज लखनऊ एवं तृतीय स्थान पर स्वाति कुरील भगवानदीन आर्य कन्या पीजी कॉलेज लखीमपुर खीरी रही ! पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आरती प्रजापति ,पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय लखनऊ , द्वितीय स्थान प्रीति आर.एम.पी .जी कॉलेज सीतापुर एवं प्रिया गुप्ता ,नवयुग कन्या पीजी कॉलेज लखनऊ ने प्राप्त किया l सड़क सुरक्षा जागरूकता पर आयोजित क्विज प्रतियोगिता में प्रथम धीरज मिश्रा ,आचार्य नरेंद्र देव टीचर्स ट्रेनिंग महाविद्यालय सीतापुर, द्वितीय पियूष शुक्ला, महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरदोई एवं तृतीय स्थान स्वाति कुरील भगवानदीन आर्य कन्या पीजी कॉलेज लखीमपुर खीरी ने प्राप्त किया ! इन प्रतियोगिताओं में जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों ने सहभागिता की जिसमें प्रमुख रुप से भगवानदीन आर्य कन्या पीजी कॉलेज लखीमपुर खीरी lमहाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ,हरदोई l इंदिरा गांधी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बांगरमऊ, उन्नाव l पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ,लखनऊ ! नेशनल पीजी कॉलेज ,लखनऊ ! नवयुग कन्या महाविद्यालय ,लखनऊ! आर. एम. पी. जी .कॉलेज, सीतापुरl आचार्य नरेंद्र देव टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज सीतापुर, महाराजाबिजली पासी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ,लखनऊ , नारीशिक्षा निकेतन महाविद्यालय, लखनऊ !कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों गणमान्य प्राध्यापकों ने सहभागिता की! कार्यक्रम में मंच संचालन करते हुए डॉ नेहा जैन ने सभी मंचासीन अतिथियों एवं आए हुए आगंतुकों का स्वागत एवं अभिनंदन किया ! कार्यक्रम की अगली कड़ी में पवन कुमार मौर्या जी ने सड़क सुरक्षा पर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना, रेंजर एवं नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत गठित एक्टिविटी क्लब के माध्यम से महाविद्यालय में सड़क सुरक्षा जागरूकता से संबंधित कार्यक्रमों की आख्या प्रस्तुत की ! विशिष्ट अतिथि के रुप में उपस्थित डॉ. मीना श्रीवास्तव जी ने सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली क्षति और सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि इन कार्यक्रमों की सार्थकता तभी है जब हम इन के माध्यम से दिए जा रहे संदेशों को अपने जीवन में अमल में लाएं l विशिष्ट अतिथि के रुप के रूप में उपस्थित डॉ.जी .एस .गुप्ता जी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए समाज में जागरूक नागरिक बनने के लिए तमाम जानकारियों को अपने व्यवहार में और अभ्यास में शामिल करने की अपील ! महाविद्यालय की प्राचार्य महोदया डॉ.अर्चना राजन ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए यह बताया कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से चयनित छात्र छात्राएं अपने जनपद में सड़क सुरक्षा की जानकारी से संबंधित एक ब्रांड एंबेस्डर के रूप में है और उन्हें समाज में अपने दायित्वों को पूरा करना है, वह स्वयं और अपने आसपास के लोगों को जागरूक करें कि किस प्रकार सावधानियां रखते हुए हम दुर्घटनाओं से बच सकते हैं और समाज को भी बचा सकते हैं! कार्यक्रम के अंत में डॉ .पवन कुमार मौर्या ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया! कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्य , छात्राएं एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे!
आज के कार्यक्रम में क्राइस्ट चर्च कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ जोसेफ डेनियल, उप प्रधानाचार्य डॉ सबीना बोदरा , प्रोग्राम ऑफिसर डॉ सुनीता वर्मा एवं हमारे मुख्य अतिथि एनएसएस कोऑर्डिनेटर सीएसजेएम कानपुर डॉ के एन मिश्रा आदि मौजूद थे।
पनकी और दादा नगर औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क के कार्यों के संबंध में आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि दादा नगर और पनकी को जोड़ने वाले पुल तक पहुंचने वाले मार्ग को तत्काल पूरा किया जाए। इस संबंध में एक समयरेखा अगले 2 दिनों में उपलब्ध कराई जानी चाहिए। दादा नगर के पास रिटेनिंग वॉल का कार्य भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में हाई मास्ट लाइट के संबंध में बताया गया कि दिसंबर में काम शुरू हो जाएगा. आयुक्त ने आरएम, यूपीएसआईडीए को इस कार्य को पूरा करने के लिए समय सीमा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में सीईटीपी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई और बताया गया कि अगले 10 दिनों में काम शुरू हो जाएगा । रनिया औद्योगिक क्षेत्र की जल निकासी समस्या के संबंध में आयुक्त ने संयुक्त आयुक्त उद्योग को दिनांक 04.12.2021 को कानपुर देहात में स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक बुलाने का निर्देश दिया । लगातार कोशिशों के बावजूद हाउस टैक्स की समस्या अनसुलझी है। आयुक्त ने संयुक्त आयुक्त उद्योग को मामले को आगे बढ़ाने के लिए उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ ए.सी.एस. नगर विकास से मिलने का निर्देश दिया। सीएफओ, कानपुर देहात एवं डीसी, कानपुर देहात को डीएम कानपुर देहात के समन्वय से 15.12.2021 तक रानिया में फायर स्टेशन के लिए भूमि को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया गया था। इसी तरह यह निर्देश दिया गया था कि सीएफओ, कानपुर नगर को तुरंत पनकी फायर स्टेशन के लिए शेष बजट की मांग प्रेषित करें । यह भी निर्देश दिया गया था कि संयुक्त आयुक्त उद्योग, एडीएम (नगर), सी.एफ.ओ. और उद्योग संघों की एक समिति को फायर स्टेशन का दौरा करना चाहिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसे पूरा होने तक आपातकालीन उपयोग के लिए संचालित किया जा सकता है या नहीं। अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग ने समिति को बताया कि मेधनीपुरवा से बिठूर को जोड़ने वाली सड़क का कार्य फरवरी 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा आयुक्त ने उद्योग संघों को अगले तीन दिनों में अपने सदस्यों की बैठक आयोजित करने और सख्ती से कोई भी कूड़ा न जलाने के निर्देश दिए। अगर ऐसा पाया जाता है तो उद्योगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। नगर निगम को औद्योगिक क्षेत्रों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समिति के संज्ञान में लाया गया कि भौंती-भीमसेन मार्ग को चौड़ा करते समय सड़क के बीचो-बीच बिजली के पोल आ गए। आयुक्त ने इसे बहुत गंभीरता से लिया और एस.ई., पीडब्ल्यूडी को यह जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया कि मूल आंगणन में इसे क्यों नहीं सम्मिलित किया गया। निर्देश दिया गया कि सड़क के बीचों-बीच खंभों को अविलंब हटाया जाए। अधिशाषी अभियंता, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने बंसल और कैलाश फीडर में ट्रिपिंग रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों से समिति को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 33 के.वी. पावर स्टेशन के कंडक्टर बदलने का कार्य 15 जनवरी, 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। एन.एच.ए.आई. के प्रतिनिधि रनिया में ओवर ब्रिज और अतिक्रमण के मुद्दे को विशेष रूप से स्पष्ट नहीं कर सके।
