कानपुर 9 मई (सू0वि0) किशोरी बालिकाओं के सर्वांगीण विकास में सहभागी है ’’उ0प्र0 किशोरी बालिका योजना’’ मानव जीवन में विभिन्न अवस्थायें होती हैं बाल्यावस्था तथा यौवन के बीच की अवस्था होने के कारण किशोरावस्था नारी के मानसिक, भावनात्मक तथा मनोवैज्ञानिक विकास की दृष्टि से अत्यन्त परिवर्तनशील होती है। इसीलिए किशोरावस्था नारी के जीवन की सर्वाधिक महत्वपूर्ण अवस्था मानी गई है। ऐसी स्थिति में मानव संसाधन विकास के उद्देश्य से चलाई जा रही विकासपरक योजनाओं, कार्यक्रमों में किशोरियों को स्थान देना जरूरी है। किशोरियों में आत्मविश्वास, उत्साह एवं आत्मगौरव की भावना में वृद्धि करने के उद्देश्य से उनके पौषाणिक, शैक्षिक स्वास्थ्य एवं सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए सरकार योजनाएं चलाकर उनका विकास कर रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा प्रदेश की गरीब परिवार की बालिकाएं, स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकाओं के लिए ‘‘उ0प्र0 किशोरी बालिका योजना (एसएजी)’’ लागू की है। इस योजनान्तर्गत उन्हें जीवन कौशल, शिक्षा, पोषण व स्वास्थ्य शिक्षा, सामाजिक-कानूनी मुद्दों तथा मौजूदा सार्वजनिक सेवाओं के बारे में जानकारी देते हुए जागरूक करते हुए उनका जीवन स्तर ऊपर उठाया जा रहा है।
प्रदेश में समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजनान्तर्गत 06 माह से 06 वर्ष की आयु तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश के समस्त जिलों में कुल 897 परियोजनाओं के 167499 आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा 22290 मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। इन्ही आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से किशोरियों के सर्वांगीण विकास हेतु चलाये जा रहे कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा ‘‘उत्तर प्रदेश किशोरी बालिका योजना लागू कर उ0प्र0 की चिन्हित 05 लाख से अधिक किशोरी बालिकाओं को पौष्टिक अनुपूरक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उनका शारीरिक व मानसिक विकास हो रहा है।
उत्तर प्रदेश किशोरी बालिका योजनान्तर्गत 11 से 14 वर्ष की स्कूल न जाने वाली बालिकाओं को पोषण आहार के रूप में मोटा अनाज बाजरा, कोदो, रागी, मक्का गेहूं आदि काला चना, अरहर दाल और देशी घी दिया जा रहा है। यह योजना प्रदेश के सभी जिलों में संचालित है। वहीं प्रदेश के जिलों में मीठा व नमकीन दलिया के अलावा लड्डू प्रीमिक्स हर माह दिये जा रहे हैं। इसके अलावा आयरन, कैल्सियम व फोलिक एसिड, विटामिन सी आदि की गोलियां भी दी जा रही हैं। प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 के बचाव हेतु जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा ‘‘डोर-टू-डोर’’ ड्राई राशन यथा गेहूं, चावल, दाल, चना, देशी घी एवं स्किल्ड मिल्क पाउडर आदि चिन्हित पात्र किशोरियों को उपलब्ध कराया गया। प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों से बालिकाओं को पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रदेश में भारत सरकार के निर्देश के क्रम में चतुर्थ पोषण पखवाड़ा अभियान 21 मार्च से 4 अप्रैल, 2022 तक चलाया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में स्वस्थ बच्चों की पहचान एवं प्रोत्साहन स्वरूप उत्सव का आयोजन, स्वस्थ भारत के लिए आधुनिक और पारम्परिक प्रथाओं के एकीकरण पर केन्द्रित गतिविधियों का आयोजन करते हुए पोषण पखवाड़ा अभियान चलाया गया जिसमें जन आन्दोलन और सामुदायिक प्रोत्साहन के द्वारा बच्चों, महिलाओं, बालिकाओं के स्वस्थ्यता पर बल दिया गया है। प्रदेश में चलाये गये पोषण अभियान के अंतर्गत लैंगिक संवेदनशीलता और जल प्रबन्धन, एनीमिया प्रबन्धन व रोकथाम तथा जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं, बच्चों के लिए पारम्परिक भोजन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया गया है। प्रदेश सरकार की इस योजना से स्कूल न जाने वाली किशोरी बालिकायें लाभान्वित हो रही है।
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संगोष्ठी की शुरुआत कविता सिंह व सोनल बादल द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुति और न्यास की राष्ट्रीय सचिव डॉ नीरा तोमर के स्वागत भाषण से हुई। मुख्य अतिथि कानपुर महानगर की महापौर प्रमिला पांडे ने उपस्थित अतिथियों व वक्ताओं को अपनी शुभकामनाएं दीं। विशिष्ट अतिथियों में पोर्टलैंड प्रभु सतीश ने बताया कि कर्नाटक के मध्यम परिवार में उनका जन्म हुआ और बचपन से ही संघर्षों का सामना करते हुए आज पोर्टेलेंड में एक कंपनी के निदेशक पद पर कार्यरत हैं तो इसके पीछे उनकी माँ ही प्रेरणा बनीं जिन्होंने उन्हें प्रत्येक अवसर पर उनका साथ दिया। पीएसआईटी की वाइस चेयरमैन निर्मला सिंह ने उपस्थित सभी महिलाओं को समाज में बढ़ चढ़कर अपनी सहभागिता प्रदान करने की बात कही। न्यास की राष्ट्रीय मंत्री कल्पना पांडे ने बताया कि वे झांसी में जरूरतमंदों के लिए सेवाकार्य करने के साथ-साथ ज्योतिष के
कानपुर 8 मई, भारतीय स्वरूप संवाददाता, दीनदयाल उपाध्याय सभागार, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्विद्यालय, कानपुर में स्वदेशी जागरण मंच के कानपुर प्रांत एक़ाई ने स्वावलंबी भारत अभियन के अंतर्गत ११ परिषदों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद,विश्व हिंदू परिषद,लघु उद्योग भारती, वनवासी कल्याण आश्रम,ग्राहक पंचायत, भारतीय मज़दूर संघ,भारतीय किसान संघ, भारतीय जनता पार्टी, सहकार भारती एवं राष्ट्रीय सेवा भारती ने संयुक्त रूप से देश कोस्वावलंबी बनाने का बीड़ा उठाया है।

उन्होंने गंगा नदी में मछलियों को प्रवाहित करते हुये कहा कि ये विभिन्न प्रकार की मछलियॉ गंगा में हानिकारक शैवाल को खाकर गंगा को स्वच्छ बनाने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि रोहू, कतला, नैन प्रजातियों की मछलियॉ नदी के तल में जमा कचरे को साफ करती है और इसके साथ ही मत्स्य संपदा को बढाती है। पानी में इन मछलियो के प्रवाहित होने से गंगा में स्वच्छता के साथ मत्स्य संपदा में तेजी से बढोतरी होगी और गंगा को निर्मल बनाने में यह मछलियॉ कारगर होगी।
प्रतियोगिता का शुभारंभ महाविद्यालय की प्रबंध समिति के सचिव पी के सेन, प्राचार्या डॉ निशा अग्रवाल, डॉ पूनम अरोड़ा, डॉ गार्गी यादव, डॉ प्रीति सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन रसायन विज्ञान की विभागाध्यक्षा डॉ गार्गी यादव ने किया। पोस्टर प्रतियोगिता का निर्णय निर्णायक मंडल की सदस्या जन्तु विज्ञान की विभागाध्यक्षा डॉ पूनम अरोड़ा एवं वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्षा डॉ प्रीति सिंह ने किया। उन्होंने प्रत्येक पोस्टर का विश्लेषण बहुत ही बारीकी से किया और सम्बंधित प्रश्न पूछ कर छात्राओं का उत्साह वर्धन किया। प्राचार्या डॉ निशा अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से छात्राओं की विषयों के प्रति अभिरुचि उत्पन्न होती है और उन्हें अपने विषयों को समझना आसान हो जाता है . नई शिक्षा नीति में छात्राओं के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को करवाने पर विशेष बल दिया गया है.