दिसंबर, 2021 में सकल जीएसटी राजस्व संग्रह 1,29,780 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सीजीएसटी 22,578 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 28,658 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 69,155 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर संग्रह किए गए 37,527 करोड़ रुपये सहित) और उपकर (सेस) 9,389 करोड़ रुपये (वस्तुओं के आयात पर संग्रह किए गए 614 करोड़ रुपये सहित) शामिल हैं।
सरकार ने नियमित निपटान के रूप में सीजीएसटी के लिए 25,568 करोड़ रुपये और आईजीएसटी से एसजीएसटी के लिए 21,102 करोड़ रुपये का निपटान किया है। दिसंबर 2021 में नियमित निपटान के बाद केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा अर्जित कुल राजस्व सीजीएसटी के लिए 48,146 करोड़ रुपये और एसजीएसटी के लिए 49,760 करोड़ रुपये है।
दिसंबर 2021 के महीने के लिए राजस्व पिछले साल के इसी महीने में जीएसटी राजस्व से 13% अधिक और दिसंबर 2019 में जीएसटी राजस्व से 26% अधिक है। महीने के दौरान, माल के आयात से राजस्व 36% अधिक था और राजस्व घरेलू लेनदेन से (सेवाओं के आयात सहित) पिछले वर्ष के इसी महीने के दौरान इन स्रोतों से प्राप्त राजस्व से 5% अधिक है।
अक्टूबर, 2021 (7.4 करोड़) के महीने की तुलना में नवंबर, 2021 (6.1 करोड़) के दौरान ई-वे बिलों की संख्या में 17% की कमी के बावजूद महीने में जीएसटी संग्रह 1.30 लाख करोड़ रुपये के करीब है। केंद्रीय और राज्य दोनों कर प्राधिकरणों द्वारा बेहतर कर अनुपालन और बेहतर कर प्रशासन के कारण यह संभव हुआ।
चालू वर्ष की तीसरी तिमाही के लिए औसत मासिक सकल जीएसटी संग्रह 1.30 लाख करोड़ रुपये रहा है, जबकि पहली और दूसरी तिमाही में औसत मासिक संग्रह क्रमशः 1.10 लाख करोड़ रुपये और 1.15 लाख करोड़ रुपये था। आर्थिक सुधार के साथ, चोरी-रोधी गतिविधियों, विशेष रूप से नकली बिलर्स के खिलाफ कार्रवाई, जीएसटी को बढ़ाने में योगदान दे रही है। राजस्व में सुधार शुल्क ढांचे को ठीक करने के लिए परिषद द्वारा उठाए गए विभिन्न युक्तिकरण उपायों के कारण भी हुआ है। उम्मीद है कि राजस्व में सकारात्मक रुझान अंतिम तिमाही में भी जारी रहेगा।
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समर्थनारी संगठक की कानपुर अध्यक्ष रेनू चतुर्वेदी जी ने 3 जनवरी को स्व.सावित्रीबाई फुले जी की जयंती में अपने संगठन की प्रमुख महिलाओं के साथ स्व०सावित्रीबाई फुले जी के जयन्ती पर उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनीषा रोहतगी जी और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती नीरा सिन्हा वर्षा जी के साथ सावित्रीबाई फूले जैसी महान भारत की शक्शियत जिन्होंने नारी शिक्षा,की दिशा मे विद्यालय उस समय खुलवाये जब स्त्री को शिक्षा और दलित को शिक्षा अपराध मानते थे शिक्षा सिर्फ उच्च जाति के पुरुषों की धरोहर मानी जाती थी।आपने 19वीं सदी मे अशिक्षा, सतिप्रथा, छूआछूत,बाल और विधवा विवाह, जैसी कुरीतियों पर आवाज़ उठाने वाली भारत की पहली महिला थी।साथ ही नीरा जी ने समस्त महिलाओं को जागरूक करते हुवे कहा की न हम दहेज लेगे न हम दहेज़ देगें।क्योंकि दहेज जहाँ वायलेंस वहां । वहीं कोविड 19 के चलते कई परिवार बेरोजगार हो गये उनको परिवार की सहयोगी स्वरोजगार निर्मित होने की राह दी।
जिसके दृष्टिगत जिलाधिकारी द्वारा उर्सला अस्पताल के वैक्सीनेशन सेंटर का निरीक्षण किया।जिलाधिकारी ने बताया कि आज से 15 से 18 वर्ष की आयु के युवाओं का वैक्सिनेशन किया जा रहा है। जिसके लिए जनपद में शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 24 वैक्सीनेशन सेंटरों में वैक्सीनेशन किया जा रहा। जनपद के समस्त विद्यालयों के प्राचार्यो के साथ पूर्व में बैठक कर उनके विद्यालयों में पढ़ने वाले 15 से 18 वर्ष की आयु के छात्र/ छात्राओं की सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ऑनसाइट भी वैक्सीनेशन सेंटर बनाकर बच्चों का वैक्सीनेशन किया जा सके। जिलाधिकारी ने जनपद वासियों से अपील करते हुए कहा कि कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करें । सभी लोग मास्क की अनिवार्यता का पालन सुनिश्चित करें। सैनेटाइजर का प्रयोग करें ।किसी भी प्रकार का लक्षण प्रदर्शित होने पर स्वास्थ्य टीम से संपर्क कर अपनी जांच अवश्य कराएं। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नेपाल सिंह उपस्थित रहे।
ख़ुवाईशो के इस दौर में ,कौन है ? जो आज ख़ुशी से रह पा रहा है।सुकून से जी पा रहा है।इतनी भागदौड़ करने के बाद भी सन्तोष ..तो कहीं भी नहीं नज़र नही आता। जैसे बाज़ार तो लगा हुआ हैअभिलाषाओं का, ख़ुवाईशो का ,आकांक्षाओं का..मगर उन्हें ख़रीद पाना..हर किसी के बस मे नहीं। जो होता है हमारे पास,उसकी क़दर नहीं ,कुछ और ,कहीं और ,ख़ुशी ढूँढने में लगे हैं सभी। दोस्तों !अगर कुछ और मिल भी जाये तो भी ख़ुवाईशे कहाँ ख़त्म होगी।हम सब रोज़ देख ही रहे हैं अपने आसपास।बहुत कुछ टूटा बहुत कुछ रूठा बहुत मिले ..बहुत गये .,बहुत बिछड़े भी ,इस गुजरते हुये सालों मे।वक़्त ने करवट ली और बहुतो के घर बने और बहुतों के उजड़ भी गये वक़्त है साहेब बदलेगा भी। हर हाल मे हमे मुस्कुराना है ..हर पल हमे ज़िन्दादिली से निभाना है।दोस्तों नया साल ,नया आग़ाज़ होगा, नया अंदाज़ होगा ,हर हाल मे ख़ुश रहने का नया अंदाज़ अपनाना होगा ,हर बात मे शुक्र करे क्यूँकि बहुत लोग तरसते है वो जीवन जीने के लिए,जो आप जी रहे है ..
कानपुर 29 दिसम्बर (सू0वि0) छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह राज्यपाल/कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में एवं मुख्य अतिथि सांसद राज्यसभा डा0 सुधांशु त्रिवेदी तथा विशिष्ट अतिथि प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री नीलिमा कटियार की उपस्थित में सम्पन्न हुआ।
कानपुर 24 दिसंबर, मण्डलायुक्त, कानपुर मण्डल, की अध्यक्षता में कानपुर सिटी ट्रान्सपोर्ट के निदेशक मण्डल की 14वीं बैठक में कानपुर शहर के नागरिकों को अच्छी सुविधायें व प्रदूषणमुक्त वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से निम्नलिखित बिन्दुओं पर निर्णय लिया गया, जिसमे जिलाधिकारी, कानपुर, नगर आयुक्त, नगर निगम, कानपुर के अतिरिक्त अपर नगर आयुक्त, कानपुर, सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सचिव, केडीए व प्रबन्ध निदेशक, केसीटीएसएल द्वारा भी प्रतिभाग किया गया-
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ ।सांस्कृतिक परिषद की संयोजिका डॉ विभा दीक्षित ने जीवन में ललित कलाओं का महत्व बताते हुए निर्णायक मंडल में उपस्थित डॉ राजेश्वरी ढौंडियाल , डॉ वंदना देबोराय , रवि जी एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ आशुतोष सक्सेना का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया। नृत्य एवं गायन प्रतियोगिताप का आयोजन डॉ विभा दीक्षित, डॉ अपराजिता शुक्ला , डॉ मीतकमल, डॉक्टर शालिनी कपूर के निर्देशन में हुआ। आलोक कमल व आयुषी पाठक ने सभी को अपनी खास पेशकश से ऊर्जा से भर दिया दिया। नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर जूही सिंह रही, द्वितीय स्थान पर स्वीकृति एवम आंशिका शुक्ला, तीसरे स्थान पर विवेक पॉल व खुशी मल्होत्रा एवम सांत्वना पुरस्कार राखी पॉल व अर्चना सिंह रहे । गायन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कशिश तिवारी द्वितीय स्थान पर शेरोन यादव व पीटर एवं तृतीय स्थान फ़राज़ अहमद व गौरव मिश्र एवम सांत्वना पुरस्कार ऋषभ पांडे व सौम्य बैनर्जी को मिला। प्रतियोगिताओं में 42 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और कत्थक ,भांगड़ा ,बंगाली, पहाड़ी ,हरियाणवी नृत्य के माध्यम से अपना हुनर दिखाया।कार्यक्रम का संचालन राईना एवं सहस्रांशु, अभिषेक एवं विकास , नमन एवं वेदांत ने किया। प्रतियोगिता में छात्र प्रतिनिधि इश्तिका कुशवाहा, उदित कुमार वर्मा, ख़ुशी होटवानी , नबा खान उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन अनन्य चौधरी द्वारा दी गयी ।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ निशा अग्रवाल , निर्णायक मंडल की सदस्य डॉ गार्गी यादव (विभागाध्यक्ष, रसायन शास्त्र विभाग।) एवं डॉ किरण( विभागाध्यक्ष, दर्शनशास्त्र विभाग) के द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके किया गया। अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ निशा वर्मा ने सभी का स्वागत किया तत्पश्चात उन्होंने चौधरी चरण सिंह के द्वारा किसानों के हितों के लिए जो प्रयास किए गए उसके बारे में संक्षिप्त में छात्राओं को अवगत कराया। प्राचार्य जी ने छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। भाषण प्रतियोगिता में रितिका तिवारी और निकिता सविता ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि दिव्यांशी बाजपेई ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया एवं वैष्णवी मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में स्वाति गौतम ने प्रथम, रुखसार बानो ने द्वितीय और दीपाली पाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्लोगन प्रतियोगिता में निशा सिद्दीकी ने प्रथम स्थान, प्रीति कश्यप ने द्वितीय स्थान और सोनाली साहू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंत में डॉक्टर प्रीता अवस्थी के द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगान के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।