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महिला जगत

एस .एन. सेन बालिका महाविद्यालय पी.जी. कॉलेज में ” यूपी फ्री टेबलेट योजना 2022″ के तहत छात्राओं को टेबलेट वितरित किया गया

कानपुर 18 अप्रैल एस .एन. सेन बालिका महाविद्यालय पी.जी. कॉलेज में ” यूपी फ्री टेबलेट योजना 2022″ के तहत छात्राओं को टेबलेट ,   

वितरित किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, श्री अखिलेश कुमार तिवारी, अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत कानपुर, प्रबंध समिति के सचिव ,श्री पी के सेन, संयुक्त सचिव श्री शुभरो सेन तथा प्राचार्या डॉ निशा अग्रवाल कार्यक्रम प्रभारी एवं मुख्य अनुशासक के डॉ निशी प्रकाश द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर हुआ l मुख्य अतिथि श्री अखिलेश तिवारी जी के कर कमलों द्वारा छात्राओं को टेबलेट वितरित किया गया उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना से छात्राओं का तकनीकी सशक्तिकरण होगा प्राचार्या ने बताया कि इस योजना के तहत प्रथम चरण में, 114 एम.ए. की छात्राओं को लाभ मिला हैl टेबलेट प्राप्त कर सभी छात्राएं अत्यंत आनंदित हुई और वे सरकार एवं कॉलेज को धन्यवाद ज्ञापित कर रहीं थीं कार्यक्रम का संचालन रसायन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ गार्गी यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम प्रभारी डॉ निशी प्रकाश के द्वारा किया गया, कार्यक्रम में एम. ए. से संबंधित सभी विभागाध्यक्षाएं डॉक्टर निशी प्रकाश डॉक्टर निशा वर्मा ,डॉ मोनिका सहाय ,डॉ रचना निगम एवं अन्य संबंधित शिक्षिकाएं डॉ प्रीति सिंह आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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एस ऍन सेन बी वी पी जी कॉलेज की ऍन एस एस यूनिट कादोमबिनी देवी द्वारा काकोरी ग्राम में एक नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन

कानपुर 16 अप्रैल एस ऍन सेन बी वी पी जी कॉलेज की ऍन एस एस यूनिट कादोमबिनी देवी के द्वारा काकोरी ग्राम में एक नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत १० बजे सरस्वती माता को माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन कर शिविर का उदघाटन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ निशा अगरवाल तथा ऍन एस एस कार्यक्रम अधिकारी डॉ चित्रा सिंह तोमर, हेल्थ क्लब की प्रभारी डॉ प्रीती सिंह, नेत्र विशेषज्ञ डॉ रवि गुप्ता व उनकी टीम एवम ऍन एस एस वालंटियर्स के द्वारा ग्राम वासियों के सानिध्य में किया गया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ चित्रा सिंह तोमर तथा डॉ प्रीती सिंह ने प्राचार्य व अन्य अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने नेत्रों को महत्वूर्ण बताते हुए उनका विशेष ध्यान रखने का आवाहन किया, तथा सभी को नियमित जांच करवाने का सुझाव दिया। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी डॉ चित्रा सिंह तोमर को शिविर के सफल आयोजन की शुभकामनाये दी तथा स्वयं भी नेत्र जांच कराई शिविर में ३० वालंटियर्स, ७० ग्राम वासी, प्राचार्य, कार्यक्रम अधिकारी, हेल्थ इंचार्ज तथा सभी आगंतुकों ने नेत्र जांच करवाई ।
नेत्र विशेषज्ञ डॉ रवि गुप्ता ने सभी को उचित उपचार की सलाह दी। डॉ प्रीती सिंह ने सभी का धन्यवाद अदा किया। १ दिवसीय शिविर का समापन राष्ट्र गान के साथ हुआ ।

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रात ढलती रही ख्याल गुजरते रहे.

तमाम रात ख्याल भटकते रहे
कुछ खामोशियां अल्फ़ाज़ों में ढलती रही

इन सन्नाटों में झींगुरों की आवाज भी
चीखती हुई सी महसूस होती है

हवा की एक हल्की सी आहट
इक दस्तक सी महसूस होती है

नीम के झुरमुटों का हिलना
जैसे हवा संग मस्तियां करना

ठंडी हवा का झोंका
जैसे रात को आवारा कर रही है

तमाम रात ख्याल भटकते रहे
रात ढलती रही ख्याल गुजरते रहे.

प्रियंका वर्मा महेश्वरी

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एस एन सेन बा वि पी जी कॉलेज में छात्राओं के कैरियर हेतु ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा एक सेमिनार का आयोजन

कानपुर 8 अप्रैल, भारतीय स्वरूप संवाददाता, विगत दिवस एस. एन. सेन बा. वि. पी. जी. कॉलेज कानपुर में छात्राओं के कैरियर हेतु ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती जी को दीप प्रज्जवलित वा माल्यार्पण कर किया गया। एस पी एम नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्या सोनम गुप्ता जी , प्रोफेसर प्रज्ञा वर्मा तथा प्रोफेसर वागीश केशरी व कालेज की प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की इंचार्ज डॉ गार्गी यादव , डॉ निशा वर्मा तथा डा कोमल सरोज ने किया।प्राचार्या डॉ निशा अग्रवाल ने सभी आए हुए सदस्यों का स्वगत किया।. प्रोफेसर सोनम गुप्ता ने ए एन एम (ANM)और जी एन एम (GNM) के बारे में छात्राओं को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में सिर्फ साइंस बैकग्राउंड के छात्र ही नहीं बल्की आर्ट्स विषय के छात्र भी इसमें अपना कैरियर बना सकते हैं। उन्होंने बताया की इस क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं जैसे एएनएम के क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग, स्टाफ नर्स,होम केयर नर्स, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, निजी अस्पताल, एन जी ओ, तथा जीएनएम कोर्स के अंतर्गत कानूनी सलाहकार, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल कर्ता, नर्सिंग शिक्षक , ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी अस्पताल, गैर सरकारी संगठन, वृद्धा आश्रम, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निजी अस्पताल आदि में रोजगार के अवसर उपल्ब्ध है। प्रोफेसर विशाल ने भी छात्राओं को संबोधित किया. प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत महाविद्यालय में स्थापित ट्रेंनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा छात्राओं के ज्ञानवर्धन, विकास और रोजगार से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम करवाता रहता है, जिससे छात्राओं का सर्वांगीण विकास हो सके।

कार्यक्रम का संचालन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की प्रभारी डॉ. गार्गी यादव ने औऱ धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निशा वर्मा ने किया कार्यक्रम में डॉ कोमल सरोज, डा प्रभात, डॉ प्रीता अवस्थी, डॉ कीर्ति पाण्डे , कु वर्षा सिंह, कु तैय्यबा आदि प्रवक्ताए और छात्राएं उपस्थित रहीं.

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एस एन सेन बी वी पी जी कॉलेज की कादोम्बिनी देवी एन. एस. एस. यूनिट द्वारा काकोरी ग्राम में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का आज समापन

कानपुर 31मार्च, भारतीय स्वरूप संवाददाता,  एस एन सेन बी वी पी जी कॉलेज की कादोम्बिनी देवी एन. एस. एस. यूनिट द्वारा काकोरी ग्राम में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन समारोह महाविद्यालय सभागार में मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण, सरस्वती वंदना से आरंभ किया गया। शिविर में अथिति के रूप में एस एच ओ छावनी अर्चना सिंह, संस्थापक अध्यक्ष महिला जागृति संस्थान कानपुर विजयेता श्रीवास्तव, आरोग्य भारती संस्थान कानपुर के जिलाध्यक्ष डॉ. बी. एन. आचार्य, अधिवक्ता कानपुर कोर्ट श्री मुकेश श्रीवास्तव एवम् विशाल श्रीवास्तव, काकोरी ग्राम से अनिता देवी, पुष्पा देवी, बेबी देवी, सुरेखा देवी, दीपाली, रूपाली, मिताली, अंकिता तथा शिवानी कार्यक्रम में उपस्थित रहें। सभी अतिथियों का महाविद्यालय की ओर से स्मृतिचिह्न देकर स्वागत एवम् सम्मान किया गया।निश्चित रूप से महाविद्यालय प्रबंधन तंत्र के अध्यक्ष, सचिव एवम् संयुक्त सचिव, प्राचार्या महोदया, एन. एस. एस. प्रभारी तथा उनकी पूरी टीम, तथा समस्त शिक्षिकाओं की सभागार में गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महती भूमिका निभाई।प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल जी ने अपने स्वागत वक्तव्य में हमेशा की तरह अपने आशीर्वचनों से सभी को उत्साहित, प्रफ्फुलित, एवम् प्रेरित किया। डॉ. बी. एन. आचार्य जी ने स्वस्थ रहने के चार सूत्र – नियम, संयम, प्राणायाम एवम् संतुलित आहार पर बल दिया। एस एच ओ अर्चना सिंह ने बालिकाओं व महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सर्वप्रथम स्वयं तत्पर रहने और सुरक्षित कदम उठाने की महत्त्वपूर्ण सलाह दी गई। श्रीमती विजेयता श्रीवास्तव ने महिला उत्थान में निरंतर योगदान देने की अपनी प्रतिज्ञा को दोहराया। अधिवक्ता मुकेश श्रीवास्तव ने असहाय लोगों की निस्वार्थ सेवा करने का संकल्प लिया। अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने सभी ग्रामीण महिलाओं की सहायता करने का वादा किया। ग्राम काकोरी से रूपाली ने महाविद्यालय परिवार को धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के कैंप गांव में लगते रहें, ऐसी इच्छा व्यक्त की।कार्यक्रम को समापन की ओर सफलतापूर्वक ले जाने का कार्य एन एस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. चित्रा सिंह तोमर ने अपने चिरपरिचित अंदाज में दमदार धन्यवाद ज्ञापन के साथ बखूबी किया। उन्होंने प्रत्येक कड़ी को उचित स्थान देकर धन्यवाद ज्ञापन दिया।

मंच संचालन डॉ. प्रीति सिंह के द्वारा क्रमबद्ध रूप से किया गया। शिविर की आख्या डॉ. अनामिका राजपूत ने सारगर्भित रूप में प्रस्तुत की। डॉ. मोनिका शुक्ला, डॉ. अंजना गुप्ता ने अतिथि परिचय पढ़ने की परंपरा का निर्वहन किया। श्रीमती चेतना त्रिपाठी ने स्वयं सेविकाओं के साथ कार्यक्रम की आवश्यक व्यवस्था करने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। स्वयं सेविकाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति, श्री गुलशन मोगा ने अपनी संगीत विभाग की छात्राओं के साथ कार्यक्रम में समां बांध दिया। सभी स्वयं सेविकाओं को प्रमाणपत्र एवम् मेडल का वितरण भी समापन समारोह में किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन किया गया।

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एस. एन. सेन बालिका विद्यालय पी. जी. कॉलेज कानपुर में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा सेमिनार का आयोजन

कानपुर 30 मार्च, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस. एन. सेन बालिका विद्यालय पी. जी. कॉलेज कानपुर में छात्राओं के लिए ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ रेड्डी फाउंडेशन के ट्रेनिंग मैनेजर श्री सैफ खान ,शहजाद शमीम, कु. नीतिका त्रिवेदी , प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की इंचार्ज डा गार्गी यादव और डा निशा वर्मा ने किया। प्राचार्या डा निशा अग्रवाल ने सभी का स्वागत किया. ट्रेनिंग मैनेजर श्री सैफ खान ने बताया कि डॉ रेड्डी संस्था किशोर वर्ग ,युवा वर्ग, महिला वर्ग और किसानों के लिए कार्य कर रही है । संस्था का उद्देश्य पिछड़े वर्ग के युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है । उन्होंने टेक्निकल , समुन्नत भाषा और सॉफ्ट स्किल के बारे में विस्तार से बताया तथा इंडस्ट्री में कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिए फोकस , कंसंट्रेशन और एक्यूरेसी की महत्ता के बारे में बताया, श्री सैफ ने डॉ रेड्डी फाउंडेशन के अंतर्गत कार्यरत युवाओं के प्रशिक्षण हेतु चलाए जाने वाले प्रोग्राम जैसे ऑफिस ऑटोमेशन , रेज्यूमे, ऑटोमैटिक प्रेजेंटेशन देना ,क्वांटिटेव ट्रेनिंग के बारे में छात्राओं को जानकारी दी। प्राचार्या डॉ. निशा अग्रवाल ने बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत महाविद्यालय में स्थापित ट्रेंनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा छात्राओं के ज्ञानवर्धन, विकास और रोजगार से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम करवाता रहता है, जिससे छात्राओं का सर्वांगीण विकास हो सके। कार्यक्रम का संचालन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की प्रभारी डॉ. गार्गी यादव ने औऱ धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निशा वर्मा ने किया कार्यक्रम में डा प्रभात,डॉ प्रीता अवस्थी, सौम्या चतुर्वेदी ,सपना रॉय, कु वर्षा सिंह कु तैय्यबा आदि प्रवक्ताए और छात्राएं उपस्थित रहीं.

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एस एन सेन बी वी पी जी कॉलेज की एन एस एस इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर का पांचवां दिन

कानपुर 29 मार्च, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन बी वी पी जी कॉलेज की एन एस एस इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवे दिन का आरंभ एस एच ओ कैंट एरिया अर्चना सिंह, समाज सेविका विजयेता श्रीवास्तव तथा एन एस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. चित्रा सिंह तोमर के द्वारा मां सरस्वती की दीप पूजा, प्रार्थना तथा पुष्प अर्पण से किया गया। शिविर के प्रथम सत्र में मिशन शक्ति टीम में एस एच ओ छावनी अर्चना सिंह, सिपाही दीक्षा सिंह, प्रताप भानु त्रिपाठी, महेश गुर्जर ने ग्रामीण महिलाओं की घरेलू हिंसा से संबंधित समस्याओं, गांव में शराब पीकर उत्पात करने वाले लड़कों से संबंधित समस्याओं का समाधान किया। पुलिस टीम के द्वारा त्वरित व तात्कालिक समस्याओं के समाधान हेतु मोबाइल नंबर दिया गया तथा ये विश्वास ग्रामीण महिलाओं को दिलाया गया कि पुलिस उनके साथ है और अब गांव की सुरक्षा हेतु पुलिस गश्त बढ़ा दी जाएगी। एन एस शिविर का यह सत्र महिलाओं के घरेलू एवम् सामाजिक जीवन में सार्थक परिवर्तन लाने की दिशा में सराहनीय प्रयास था। एन एस एस प्रोग्राम ऑफिसर ने सभी अथितियों तथा ग्रामीण महिलाओं का शिविर में स्वागत करते हुए सहयोग हेतु उनका आभार व्यक्त किया। शिविर के द्वितीय सत्र में डॉ. मोनिका शुक्ला के निर्देशन में ग्रामीण महिलाओं के लिए सिलाई कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें महिलाओं के ग्रुप बनाकर ब्लाउज, कुर्ता आदि की कटिंग व सिलाई का अभ्यास करवाया गया। एन एस एस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. चित्रा सिंह तोमर ने शिविर के दोनों ही सत्र में आवश्यकतानुसार अपना महत्त्वपूर्ण निर्देशन प्रदान किया। डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. अनामिका, श्रीमती चेतना त्रिपाठी ने शिविर के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। अंत में स्वयं सेविकाओं द्वारा शिविर में फल वितरण किया गया। राष्ट्रगान के साथ पांचवे दिन के शिविर का समापन किया गया।

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केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने लाल किले में भव्‍य दस दिवसीय ‘लाल किला महोत्सव-भारत भाग्य विधाता’ का उद्घाटन किया

दस दिवसीय लाल किला महोत्सव – भारत भाग्य विधाता, 17वीं शताब्दी के प्रतिष्ठित स्मारक, लाल किला, नई दिल्ली में कल से शुरू होगा। 25 मार्च से 3 अप्रैल 2022 तक आयोजित होने वाला यह उत्सव रोजाना सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहेगा। इस महोत्सव में “मातृभूमि” -प्रोजेक्शन मैपिंग शो, यात्रा – 360° तल्लीन कर देने वाला अनुभव होगा। इसके अलावा एक सांस्कृतिक परेड, खाओ गल्ली, रंग मंच में लाइव प्रदर्शन, भारत के नृत्य, अनोखे वस्त्र, खेल मंच और खेल गांव तथा योग सहित मशगूल कर देने लायक कई तरह के अनुभव होंगे। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी कल सुबह 10 बजे लाल किले में महोत्सव का उद्घाटन करेंगी। यह घोषणा संस्कृति मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्रीमती उमा नंदूरी ने आज नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग में की। इस अवसर पर डालमिया ग्रुप के सीईओ श्री आनंद भारद्वाज के साथ पर्यटन मंत्रालय में अपर महानिदेशक सुश्री रूपिंदर बराड़; भारतीय पुरातत्‍‍व सर्वेक्षण, संस्कृति मंत्रालय में निदेशक श्री अजय यादव भी उपस्थित थे। श्रीमती नंदूरी ने यह भी कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत संस्कृति मंत्रालय द्वारा भारत भाग्य विधाता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लाल किला उत्सव देश की विरासत का उत्सव मनाने के लिए है और भारत भाग्य विधाता के तहत भारत के हर हिस्से की संस्कृति को दिखाया जाएगा। पर्यटन मंत्रालय की अपर महानिदेशक सुश्री रूपिंदर बराड़ ने कहा कि सरकार की एक विरासत अपनाओ पहल के माध्यम से लाल किले को उसके पुराने गौरव में पुनर्जीवित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत भाग्य विधाता सभी की भारत की विविधता की सराहना करने में मदद करेगा। उन्होंने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि दुनिया भर में पर्यटन के पुनर्जीवित होने के साथ, यह एक महत्वपूर्ण घटना होने जा रही है और पर्यटकों को भारत में आकर्षित सकारात्मक संकेत भेजती है। लाल किले के “स्मारक मित्र”, डालमिया भारत लिमिटेड के साथ संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने आजादी का अमृत महोत्सव के एक भाग के रूप में इस भव्‍य कार्यक्रम की परिकल्पना की है। लाल किला महोत्सव – भारत भाग्य विधाता आगंतुकों के लिए एक समृद्ध सांस्कृतिक दावत का वादा करता है और इसका उद्देश्य विरासत संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देना है।

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सुलझा हुआ दिखने की बजाय सुलझा होना बेहतर

“सुलझा हुआ दिखने की जगह ..सुलझे होना ही बेहतर है “साफ़ शीशे की तरह। बाहर से हर कोई शान्त समुन्दर की तरह दिखता है मगर भीतर इक छिपा हुया तूफ़ान। ये बात इक महिला कमल की है जिसे मैं जानती हूँ।वो बेहद समझदार ,ख़ुश मिज़ाज ,अपने गुरू में पूरी आस्था रखने वाली।पूरे मोहल्ले की रौनक़।हमेशा उनका हँसता हुआ चेहरा देखा करती।आत्मविश्वास तो कूट कूट कर भरा पड़ा था।अच्छे खुले विचारों की धनी ,सहृदय की स्वामिनी।अपने काम खुद ही करती।वो तक़रीबन अस्सी साल की होगी।आज बहुत गर्मी थी।सारा दिन ऐ-सी मे बैठने से मन उकता सा गया था।मैंने गार्गी को फ़ोन मिलाया और उसे झील पर मिलने के लिए कह दिया। थोड़ी ही देर मे मै भी वहाँ पहुँच गई।चंडीगढ़ की झील और उसपर शाम का ठंडी हवा जैसे मन को शान्त कर रही थी।सामने से गार्गी अपनी ममी के साथ आती दिखाई दी, वो बचपन से ही कमल आंटी को जानती थी।अचानक मेरी नज़र कमल आंटी पर पड़ी। झील की पोडियो पर चुप सी आँखें बंद करके बैठी हुई थी।मुझे हैरानी हुई ये कमल आंटी जो इतनी रौनकी है आज इतनी चुप सी ,मैंने गार्गी को कहा, इनको क्या दुख हो सकता है ये तो रोते हुए को भी हंसा देती है।
गार्गी की ममी ने बताया कि कमल मेरी बचपन की सहेली है।जब कमल तीन साल की थीं।उनके पिता की मौत हो गई।इनका बचपन बहुत तंगी में गुजरा।दादा के साथ रह कर देसी घी बेचने की दुकान चलाया करती थी।दुकान और घर के बीच इक अंधेरा वाली गली आती थी।लोग रात को वहाँ से नही गुजरते थे और ये कमल हाथ मे इक लम्बी सी छड़ी ज़मीन पर मारती और “दादा जी मै आईं ,दादा जी मै आई“ज़ोर ज़ोर से कहते कहते अपने दादा के पास पहुँच जाती और दादा उसे डाँटते ! कयूं आई हो अन्धेरें से ,मै घर आ जाता अपने आप,तो कमल कहती! कयूं आप अकेले कयूं आते।उस अंधेरे वाली गली से।कही आप का पैर फिसल गया और कहीं चोट लग गई।इसी लिये मै आप को शाम को घर ले जाने के लिये आ जाती हूँ और दादा की बूढ़ी आँखें कमल की इस सोच पर भर जाया करती।बहुत निडर हुआ करती थी। वहाँ गाँव में इक ऊँचा लम्बा आदमी जिस की शकल ख़ूँख़ार सी हुआ करती थी।लोग उससे डरा करते थे।इक बार वो दुकान पर आ गया।सब गाहक डर कर इधर उधर हो गये क्यूँकि वो डाकू था और ये कमल बहुत बिन्दास हो कर कहने लगी।चाचा चाचा क्या आप डाकू है ?लोग आप से इतना डरते क्यों हैं।डाकू बोला !मैं अपने गाँव की इज़्ज़त उनकी बेटियों की रखवाली के लिये ही डाकू बना हूँ।ये कमल जो उस वक़्त शायद 10 साल की रही होगी बोली !आप इतने बुरे भी नहीं जैसे लोग समझते हैं।अगर रखवाली ही करनी है आप अपनी इन बड़ी बड़ी मूँछों को कटवा दें। फिर लोग आप से नही डरेंगे।दादा ने कमल को रोकना चाहा ,मगर कमल को रोक पाना इतना सहज नही था।उसके दादा बहुत ही शान्त क़िस्म के व्यक्ति थे।वो डाकू थोडा झेंप गया।कहने लगा !अच्छा अच्छा कटवा दूँगा और सच में अगले दिन उसने अपनी ढाडी मूँछें कटवा दी और अच्छे से पगड़ी बांध कर दुकान पर आया और दादा को कहने लगा ! मैं सब को डरा कर रखता हूँ और आप की पोती को मुझ से डर नहीं लगा।चाचा चाचा कह कर मुझे डाँट भी दिया। निडर हो कर जो कहना था कह भी दिया।अब देखो मेरा पूरा हुलिया ही बदल दिया।ऐसे ही वो डाकू रोज दुकान पर आता और ये कमल जो उस वक़्त सिर्फ़ 10 बरस की लड़की थी हर रोज डाकू चाचा को अपने गुरू की बाते और कहानियाँ सुनाने लगी, जो वो अपनी माँ से सुनती थी।सुना है कि कुछ देर के बाद उस डाकू ने लूट मार करना बंद कर अपनी छोटी सी कपड़े की दुकान लगा ली। कुछ वर्ष बाद इक कोड़ी गाँव के बाहर आ रहने लगा।लोगों ने उस रास्ते से आना जाना ही छोड़ दिया।जब कमल को पता चला तब वो 12 वर्ष की लड़की रही होंगी।घर वालों से छिपा कर उस कोड़ी को रोटी पानी दूध देने चली जाती।जब इनकी माँ को पता चला तो माँ से कमल को खूब डाँट पड़ी तो कमल कहने लगी! इस कोड़ी को हमारी ज़रूरत है।उसके बाद सब गाँव वाले खुद जा कर उस कोड़ी को रोटी दे कर आते है।ऐसी थी ,बडे दिल की मालकिन ,विशाल और सरल सहज तुम्हारी कमल आंटी। बड़ी हुई तो इक डाक्टर से शादी हो गई।फिर बताया कमल के संस्कार इतने शक्तिशाली हैं।बहुत नुक़सान देखा, दो जवाई गुजर गये पति भी गुज़र गये तो भी शुक्र करती और औरों को भी सांतवना देती।बात करते करते हम सब कमल आंटी के पास पहुँच गये।आज आंटी को देखने का मेरा नज़रिया बिल्कुल अलग था सामने से सूरज की किरणें उनके मुख पर पड़ने से मुख की लालिमा और भी ज़ोरों पर थी गार्गी की ममी ने उन्हें आवाज़ दी ।जैसे ही कमल आंटी ने आँखें खोली मुझे इक तेज प्रकाश का आभास हुआ।हमे देख कर इक दम से ख़ुश हो गई आंटी हमसे बातें करने लगी ।मैं उनके तेज को ही निहारे जा रही थी कितनी निर्मल ह्रदय है। इतना कुछ खोने के बाद भी इनकी शख़्सियत कितनी शक्तिशाली है। आंटी कमल इकदम उठी और गाड़ी की ओर चल पड़ी।मैं सोच रही कि ये औरत जिसे मैं इक आम इंसान समझती थी।क्या पता था कि इनके अन्दर भी इतनी उलझनों हो सकती हैं जो कभी वो ज़ाहिर नहीं करती। मैंने भी महसूस किया वाक़ई में ये सुलझी हुई औरत है जो भी मिला उसे सहर्ष स्वीकार किया और उलझा सा था कोई दूसरा उनमें।जो उनका गुरू ही था। जिस की ताक़त से वो जीवन जी रही थी। दोस्तों उलझने सब पर आती है उनको सुलझाना कैसे हैं। कमल आंटी इक उधारण है, ये बुज़ुर्ग हमारे समाज के लिये वरदान की तरह होते है इनसे हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।हमें इन्हें आभार प्रकट करना चाहिए। दोस्तों इस कहानी की नायिका कोई और नही बल्कि “मेरी माँ “ही है।जो आज होमियोपैथी डाक्टर है~स्मिता

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एस एन सेन बी वी पी जी कॉलेज की एन एस एस इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन महिलाओं एवम बच्चों को योगासन और प्राणायाम की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास कराया गया

कानपुर 27 मार्च, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन बी वी पी जी कॉलेज की एन एस एस इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र का शुभारंभ एन एस एस प्रभारी डॉ चित्रा सिंह तोमर के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया गया। स्वयं सेविकाओं ने प्रार्थना ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता’ से सत्र की शुरुआत की। डॉ अंजना गुप्ता ने शिविर में उपस्थित सभी महिलाओं एवम बच्चों को योगासन और प्राणायाम की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास करवाते हुए उनसे संबंधित महत्त्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की जैसे कि याददाश्त तेज करने, तनावमुक्त रहने में कौन से योगासन की महती भूमिका है? स्वयं सेविकाओं ने ग्रामीण बच्चों को कविताएं याद करवाईं, गणित के सवाल हल करवाये तथा विज्ञान की जानकारी प्रदान की। सभी बच्चों ने शिविर में मनोरंजक गतिविधियों जैसे नृत्य, संगीत आदि में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रथम सत्र के अंत में स्वयं सेविकाओं ने कैंप में उपस्थित बच्चों में टॉफी का वितरण किया। शिविर का प्रथम सत्र काफी ऊर्जावान एवम रोचक रहा।शिविर के द्वितीय सत्र के आरंभ में डॉ प्रीति सिंह ने आरोग्य भारती संस्थान कानपुर के जिला अध्यक्ष डॉ बी एन आचार्य जी का परिचय शिविर से करवाया। स्वयं सेविकाओं ने गांव में ही उपलब्ध पत्तियों एवम फूलों से पुष्प गुच्छ बनाकर अथिति को भेंट किया । डॉ बी एन आचार्य ने ‘स्वस्थ जीवन शैली व संतुलित जीवन’ विषय पर व्याख्यान दिया तथा ग्रामीण महिलाओं एवम बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। डॉक्टर साहब ने शिविर में लगभग 50 ग्रामीण महिलाओं व बच्चों का चिकित्सकीय परीक्षण करते हुए उनकी स्वास्थ्य समस्याओं का उचित समाधान किया। एन एस एस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ चित्रा सिंह तोमर ने डॉ बी एन आचार्य जी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए द्वितीय सत्र का समापन किया। सत्र के अंत में स्वयं सेविकाओं ने शिविर में फल वितरण किया। इस अवसर पर डॉ प्रीति सिंह, डॉ अनामिका राजपूत, श्रीमती चेतना त्रिपाठी ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

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