तेरा ज़िक्र .. तेरी फ़िक्र .. तेरी ही ख़ैर … इक उम्र गुजरी है मेरी
तेरी ही इबादत में ..
आज .. फिर दिल ने इक दुआ भेजी है.. तेरे ही लिए ..
कि जा… ”तुझे भी इश्क़ हो जाये मुझ से” … मेरी ही तरह
दोस्तों
“कुदरत का नियम है “सिर्फ़ देना “ जो हम दे रहे हैं आज … यकीनन वापिस वही तो आयेगा …
इक वाक़या आप सब से शेयर करना चाहती हूँ …
इक औरत इक गुरू जी का प्रवचन सुनने गई ।हाल लोगों से भरा हुआ था ।गुरू जी माँ दुर्गा के भक्त थे गुरू जी ने कहा !
यहाँ इस हाल में जो सबसे ज़्यादा बिमारी से घिरा हुआ है, स्टेज पर आ जाये और दो आदमी ,इक औरत को सहारा दे कर ,स्टेज पर ले कर आये। वो औरत कहने लगी। गुरू जी मुझे गठिये का रोग है मैं चल फिर नहीं सकती।सारा शरीर मेरा जकड़ा हुआ है। स्वामी जी ने कहा ! नही ! कोई और है ..जो ज़्यादा बिमार है। इक औरत ने हाथ उठाया। कहने लगी ! गुरू जी मुझे कैंसर है । गुरू जी ने इशारा किया ,आप यहाँ स्टेज पर आ जाये औरत को स्टेज पर लाया गया। गुरू जी ने कहा। मैं अब मंत्रों का उच्चारण करूँगा ज़ोर ज़ोर से ।जब मैं जाप कर रहा हूँगा ।आप का जिसने कभी बुरा किया हो ।उनको दुया भेजते जाईये , और उनके परिवार को आशीर्वाद देते रहिये,ऐसा कहिये ,कि उनका कारोबार बढ़े ,हर तरह से उनका मंगल हो ।ऐसे ज़ोर ज़ोर से कहते रहना जब तक मेरा जाप चलेगा। गुरू जी ने मंत्र शुरू कर दिया ।आधा घंटा गुजरा ,वो औरत आँख बंद कर कुछ मुँह में बोलती जा रही थी ,फिर एक घंटा गुजरा। गुरू जी रूके कहने लगे !
मंत्र के प्रभाव से शक्ति आ तो रही है मगर आप पर असर नहीं कर रही। आप किरपा करके ऊँचे ऊँचे स्वर में बोले ,ज़ोर ज़ोर से उनके नाम ले ले कर आशीर्वाद भेजे।
वो औरत अचानक से फूट फूट कर रोने लगी। कहने लगी !
गुरू जी ये मुझ से नहीं हो पायेगा।क्योंकि उनकी वजह से मेरा कारोबार चला गया और मेरे बच्चे को उच्च शिक्षा नहीं पाई ।मेरे पति बिमार हो गये और चल बसे।आज मै दुख के कारण कैंसर से जूझ रही हूँ ।रोते रोते कहने लगी !
आप ही बताइए !
मैं कैसे उनको आशीर्वाद दे सकती हूँ ?
जब कि मेरे ज़िन्दगी को तबाह करने की वजह ही वही है।गुरू जी कहने लगे।बेटा तब तो मैं तुम्हारी सहायता नहीं कर सकता।ये प्रयोग तुम पर नहीं चलेगा और मैं आप को ठीक नहीं कर सकता। आप अपनी जगह वापस जा सकती है।
इतने में जो औरत गठिये से पीड़ित थी ,बोली !
गुरू जी क्या मैं कोशिश करूँ ?
गुरू जी ने हाँ में सिर हिला दिया।तब गुरू जी ने मंत्र उच्चारण करने शुरू कर दिये और वो औरत ज़ोर ज़ोर से एक एक का नाम ,ऊँचा ऊँचा ले कर कहने लगी।आप के घर में बरकत हो ,आप सदा सुखी रहे ,आप सदा निरोगी रहे ,आप का काम.. दिन दौगुनी ,रात चौगुनी तरक़्क़ी करे ,आप के बच्चे लायक़ निकले ,आप को धन धान्य की कोई कमी न रहे और अपनी जगह से उठ खड़ी हो गई और आँखे बंद करके हाथ ऊपर उठा कर दुयाये देती जा रही थी।ऐसा सब करते करते इंक घन्टा गुज़र चुका था। मंत्र चल रहे थे पूरे हाल का वातावरण बहुत ही प्रभावशाली और दिव्यमान हो रहा था। अचानक से इक तेज सूरज की रोशनी खिड़की के ज़रिये जो उस हाल में आ रही थी ,उस औरत पर पड़ी। गुरू जी शान्त हो गये और ध्यान में चले गए और वो औरत भी आँखें बंद करके ज़मीन पर बैठ गई कुछ मिनटों के बाद गुरू जी ने आँखें खोल कर कहा !
आप अपनी जगह जा सकती है और वो औरत जिसे दो लोग सहारा दे कर स्टेज पर लाये थे वो शुक्र शुक्र करती भागती हुई अपनी सीट पर जा बैठी।
ये इक सच है ,जो किसी की ओर हम भेजते हैं अपने भावों के ज़रिये ,वही आप की तरफ़ वापस आता है।
दोस्तों
अब आप ही सोचें कि हमें क्या दूसरों को भेजना चाहिये।
कई बार लोग दूसरों को गिराने के चक्कर में काला जादू ,काला तंत्र मंत्र ….करवा देते है और ये चीज़ें असर भी कर जाती है, मगर वो आप कहाँ बच पाते है ।ये कुदरत का नियम है जो जैसा कर रहा है उसे वही मिलेगा।
सो कुछ भी करे ,कभी किसी का बुरा करने की सोचे भी नहीं और तब तो बिलकुल भी नहीं ,अगर सामने वाला इन्सान साफ़ दिल का और भगवान में आस्था रखने वाला है।
दोस्तों!
कोई पेड़ अपना फल नहीं खाता और कोई नदी अपना पानी खुद नहीं पीती ।सूरज और चाँद पूरे संसार को रोशनी दे रहे हैं फूल अपनी सुगंध खुद न ले कर सब को खुशबू देता है
यही कुदरत का नियम है।….. “देना”……
मगर बस इन्सान ऐसा हैं जो बस लेने के ही बारे में सोचता हैं ।
अपने ही बारे में सोचना कुदरत के नियम के खिलाफ है।
जो अपनों का या किसी का धन धोखे से लूटता है,वो व्यक्ति धनवान तो बन जाता है और आज के दौर में लोग उसे अमीर भी कहते है और लोगों में उसकी वाह वाह भी होने लगती है ।
बेहद अफ़सोस की बात है ।
अच्छा संस्कार ,अच्छा मन ,सेवा भाव ,उच्च आचारण जैसा व्यक्तित्व आज के दौर में कोई मायने नहीं रखता ।
लूटना केवल इक ”डाकू प्रवृति”है।
जो कोई आज किसी को लूट रहा है कल कोई और उसे लूटेगा।पता नहीं कैसे कैसे ……
जो करम वो आज कर रहा है वो तो वापस आयेगा ही ,ये तो तय है इसमें कोई भी शक नहीं ।
मगर दोस्तों !
इक मशवरा देना चाहती हूँ ।इसे मशवरा समझ लीजिए या मेरी तरफ़ से प्रार्थना 🙏
कोई कुछ भी ,कितना भी ग़लत ,कर ले आप के साथ।
आप उसे और उसके परिवार को ढेर सारी दुआयें दें, आप की दुआ कभी ज़ाया नहीं जायेगी बल्कि आप को ही चौगुनी हो कर वापस मिल जायेगी । जानती हूँ मैं ,कि ये करना आप के लिए आसान नहीं होगा मगर कोशिश करने में कोई हर्ज नहीं 🙏
लेखिका स्मिता ✍️
भारतीय स्वरुप दैनिक ई-पेपर
कानपुर संवाद सूत्र संगीता सिरोही, मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘वन महोत्सव-2023’ हेतु निर्धारित 30 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य के तहत आज दिनांक 22 जुलाई, 2023 को डी जी कॉलेज, कानपुर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में एनएसएस वॉलिंटियर्स के द्वारा पौधारोपण किया गया।
मुख्य रूप से आंवला, गुड़हल, करीपत्ता, मीठी नीम, अशोक हारसिंगार, कनेर, चांदनी, चमेली आदि के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या प्रो वंदना निगम ने अपने उद्बोधन में महाविद्यालय की समस्त छात्राओं, प्राध्यापिकाओ तथा कर्मचारियों को वन महोत्सव में जनता की अधिकतम भागीदारी तथा हरित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को सुनिश्चित करने हेतु स्वयं तथा अपने आसपास के सभी लोगों को एक-एक पौधा जरूर लगाने तथा वृक्षों एवम् पौधों का संरक्षण करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया। साथ ही शासन के निर्देशानुसार वृक्षारोपण करते हुए फोटो क्लिक कर “हरितिमा वन ऐप ” पर अपलोड भी की गई । कार्यक्रम में मुख्यरूप से प्रो मुकुलिका हितकारी, प्रो पप्पी मिश्रा, प्रो अलका श्रीवास्तव, प्रो सुमन सिंह, प्रो रचना प्रकाश की उपस्थिति सराहनीय रही। इस कार्यक्रम में माली श्री शिवनाथ व श्री रामपारस समेत सभी वॉलिंटियर्स ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया।




कानपुर 22 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता, डी जी कॉलेज, कानपुर राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के दिशा निर्देशन में एनएसएस ग्रुप लीडर्स और स्वयं सेविकाओं तथा छात्राओं ने सर्वप्रथम ग्रीन पार्क स्टेडियम मे प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की गई।
वहां सभी छात्राओं को योग दिवस की टी-शर्ट का वितरण भी प्रशासन के द्वारा किया गया। यहां आयोजित कार्यक्रम में कुल 200 छात्राओं ने प्रतिभागीता की। तत्पश्चात समस्त एनएसएस वॉलिंटियर्स ने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 75 गांव में योगा कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय इकाई द्वारा अधिग्रहित मलिन बस्ती अस्पताल घाट में जाकर बस्तिवासियों को योग और प्राणायाम के लाभों से अवगत कराते हुए सभी से प्रतिदिन योग और प्राणायाम करने का आग्रह किया ताकि वह निरोग रह कर अपने दिन प्रतिदिन के कार्यों का संचालन भली-भांति कर सके तथा राष्ट्र के विकास में अपना भरपूर सहयोग कर पाए।
यहां आयोजित कार्यक्रम में छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से मनोनीत योगाचार्या कु. अंजलि त्रिवेदी के द्वारा छात्राओं तथा बस्ती वासियों को योग व प्राणायाम के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया।
कानपुर 22 जून भारतीय स्वरूप संवाददाता, 9 वां अंतराष्ट्रीय योग दिवस- योग शिविर 2023 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में शासन के निर्देशानुसार पूरा भारतवर्ष ही योगमय हो गया है और इसी भव्य उपलक्ष्य में कानपुर नगर के एस० एन० सेन बा० वि० पी० जी० कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को पूरी भव्यता एवम उत्साह के साथ, एन०एस०एस०, एन०सी०सी०, रेंजर रोवर्स एवम शिक्षणोत्तर कर्मचारियों द्वारा सम्पन्न किया गया।
दोस्तों ! ज़िन्दगी बहुत ही सरल और सीधी है हम लोगों ने ही उसे मुश्किल बना रखा है किसी भी चीज़ को पाना हो अगर ,तो पहले विश्वास करना पढ़ता है।चाहे वो दुनिया की कोई खुवाईशात हो या रब को पाने की चाहत ..बात सिर्फ़ विश्वास की है।
भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग पर जंतर मंतर पर बैठी महिला पहलवानों की बात क्यों नहीं सुनी जा रही है? इससे पहले महिला खिलाड़ियों ने बेरीकेड्स तोड़कर नये संसद भवन की ओर बढ़ने का प्रयास किया जिससे और खिलाड़ियों के बीच हाथापाई हो गई और पुलिस ने उनके प्रदर्शन पर रोक लगा दिया और कहा कि उन्हें किसी अन्य जगह पर प्रदर्शन की इजाजत दी जा सकती है लेकिन जंतर मंतर पर नहीं। बृजभूषण सिंह पर एक नाबालिग सहित महिला पहलवानों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है। मामला कुछ भी हो मगर न्याय के लिए भटकती खिलाड़ियों की बात सुनी जानी चाहिए। खाप पंचायतें बैठकें तो कर रही हैं लेकिन उनका कोई निर्णय सामने नहीं आ रहा है।
भारतीय स्वरूप संवाददाता, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज में सेंचुरी क्लब, विजन कानपुर@2047 द्वारा *मिशन लाइफ – पर्यावरण संरक्षण* के मुद्दे को ध्यान मे रखते हुए छात्राओं के द्वारा पोस्टर बनाकर आसपास के लोगों को जागरूक किया गया। महाविद्यालय सेंचुरी कलब कोऑर्डिनेटर डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में एक जागरूकता रैली भी निकाली गई।