Breaking News

महिला जगत

डी जी कॉलेज द्वारा बस्ती में चलाया गया साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 5 मार्च दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आजाद नगर स्थित लल्लनपुरवा बस्ती में सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन *साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान* चलाया गया। शिविर स्थल की साफ-सफाई करने के उपरांत दैनिक गतिविधियों में सरस्वती वंदना एवं एन एस एस लक्ष्य गीत गाया गया। आज के शिविर के प्रथम सत्र में महाविद्यालय की नॉलेज इंस्टीट्यूशन प्रभारी डॉ ज्योत्सना पांडे के द्वारा माय भारत आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं को विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट तथा एग्रीकल्चर ELP के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारियां देते हुए उसके महत्व को समझाया तथा रजिस्ट्रेशन करना सिखाया। मध्यान भोजन के पश्चात द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि सबइंस्पेक्टर श्री अनुज चौधरी, चौकी इंचार्ज, नवाबगंज के द्वारा छात्राओं को साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गई। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि कंप्यूटर, नेटवर्क, और डेटा को डिजिटल खतरों से बचाने को साइबर सुरक्षा कहते हैं। इसमें साइबर हमलों से बचाव और सूचना की गोपनीयता, अखंडता, और उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है।

छात्राओं ने साइबर सुरक्षा से संबंधित पोस्टर भी बनाए। जिनके माध्यम से बस्ती में जाकर कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान रैली निकाली तथा पोस्टर एवं स्लोगन “अपना डेटा सुरक्षित रखें, अपना दिमाग सुरक्षित रखें।” “साइबर सुरक्षा एक यात्रा है, मंजिल नहीं।” “आज सतर्क – कल जीवित।” “सुरक्षित साइबरस्पेस एक साझा जिम्मेदारी है।” का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। छात्राओं ने बस्तीवासियों को साइबर बैंक फ्रॉड, साइबर डिजिटल अरेस्ट सोशल मीडिया अकाउंट हैक आदि के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारियां देते हुए उनसे बचाव के तरीके तथा साइबर सुरक्षा हेल्पलाइन 1930 एवं 155260 के बारे में विस्तृत जानकारियां दी। बस्तीवासियों ने भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए विकसित भारत@2047 के निर्माण में इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

छात्राओं के द्वारा देशज खेलों में “घोड़ा है सलाम शाही” खेल खेलने के उपरांत एन एस एस गीत तथा राष्ट्रगान गाकर चतुर्थ दिवस का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में आकांक्षा अस्थाना, अनुपम शुक्लाएवं बसंत कुमार का विशेष योगदान रहा।

Read More »

सात दिवसीय विशेष शिविर में डी जी कॉलेज द्वारा *बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान* चलाया गया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 4 मार्च  दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा आजाद नगर स्थित लल्लनपुरवा बस्ती में सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन *बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान* चलाया गया। सर्वप्रथम स्वयंसेविकाओं के द्वारा शिविर स्थल की साफ-सफाई की गई। तत्पश्चात दैनिक गतिविधियों में सरस्वती वंदना एवं एन एस एस लक्ष्य गीत करने के पश्चात स्वयंसेविकाओं ने योगाभ्यास किया। स्वयंसेविकाओं के द्वारा बस्ती में जाकर कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में महिला सुरक्षा, महिला स्वावलंबन एवं महिला सशक्तिकरण हेतु जागरूकता अभियान चलाते हुए विभिन्न प्रकार की गतिविधियों की। जिनमें उन्होंने सर्वप्रथम रैली निकाली तथा पोस्टर एवं स्लोगन जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ; बेटी को ना समझो भार, बेटी है जीवन का आधार ; बेटा बेटी एक समान, बेटी है ईश्वर का वरदान आदि नारे लगाए। इसी क्रम में नुक्कड़ नाटक के द्वारा बस्ती वासियों को जागरूक किया गया कि बेटा – बेटी को हमें अलग-अलग प्रकार से नहीं आंकना चाहिए बल्कि वह दोनों समान है। उनके लालन पालन मैं कोई भेद नहीं करना चाहिए तथा बेटियों को भी बेटों के समान पढ़ने एवं जॉब करने के अवसर देने चाहिए। ताकि वह विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके। बस्तीवासियों ने महिला सशक्तिकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम मिशन शक्ति तथा भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं महिला सशक्तिकरण अभियान में छात्राओं के द्वारा किए गए प्रयासों को खूब सराहा। उन्होंने अपनी बेटियों को भी बेटों के समान अवसर देने का संकल्प भी लिया।

द्वितीय सत्र के दौरान भोजन अवकाश के पश्चात छात्राओं ने बौद्धिक सत्र में *विकसित भारत@2047 में महिलाओं की अग्रणी भूमिका* के विषय पर एक सामूहिक परिचर्चा की गई। महाविद्यालय की नॉलेज इंस्टीट्यूशन प्रभारी डॉ ज्योत्सना पांडे ने इस विषय पर छात्राओं को एक व्याख्यान भी दिया। छात्राओं के द्वारा खो-खो खेल खेलने के उपरांत एन एस एस गीत तथा राष्ट्रगान गाकर तृतीय दिवस का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ शशिबाला सिंह, आकांक्षा अस्थाना, बसंत कुमार का विशेष योगदान रहा। समस्त गतिविधियों को छात्राओं के द्वारा उमंग एवं उत्साह के साथ संपन्न किया गया।

Read More »

डी जी कॉलेज द्वारा चलाया गया सड़क सुरक्षा अभियान

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 3 मार्च दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के लल्लनपुरवा बस्ती में सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन *सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान* चलाया गया।
सर्वप्रथम स्वयंसेविकाओं के द्वारा आजाद पार्क स्थित शहीद स्थल जहां पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा लगी है, की साफ-सफाई की गई। तत्पश्चात दैनिक गतिविधियों में सरस्वती वंदना करने के पश्चात स्वयंसेविकाओं ने योगाभ्यास किया। स्वयंसेविकाओं के द्वारा बस्ती में जाकर कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने हेतु चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत सड़क सुरक्षा जागरूकता संबंधी गतिविधियों की गई। जिनमें छात्राओं ने रैली निकालकर स्लोगन के माध्यम से, नुक्कड़ नाटक कर एवं आपसी संवाद के माध्यम से यातायात के नियमों एवं सड़क सुरक्षा के नियमों से संबंधित जानकारियां बस्तीवासियों को दी। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा की शपथ भी ली गई। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के इस अभियान तथा छात्राओं के द्वारा किए गए प्रयासों को बस्तीवासियों ने खूब सराहा तथा सड़क पर चलते समय स्वयं तथा दूसरों की सुरक्षा हेतु यातायात के नियमों का पालन करने का संकल्प भी लिया।
द्वितीय सत्र के दौरान भोजन ग्रहण करने के पश्चात छात्राओं ने बौद्धिक सत्र में *सड़क हादसे से मनुष्य के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव व उससे बचाव एवं इसमें महिलाओं की भूमिका* विषय पर एक सामूहिक परिचर्चा की गई। एन एस एस गीत तथा राष्ट्रगान के साथ द्वितीय दिवस का समापन हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ शशिबाला सिंह, श्रीमती आकांक्षा अस्थाना, श्री बसंत कुमार का विशेष योगदान रहा। समस्त गतिविधियों को छात्राओं के द्वारा उमंग एवं उत्साह के साथ संपन्न किया गया

Read More »

विज्ञान दिवस के अवसर छात्राओं को सी पी आर के बारे में जानकारी दी

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 28 फरवरी एस.एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी. महाविद्यालय में सर सी. वी. रमन की रमन प्रभाव की खोज की स्मृति में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर डॉ. सुनीत गुप्ता द्वारा छात्राओं को सी पी आर के बारे में जानकारी दी गई। डॉ. सुनीत गुप्ता आईएमए द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हैं एवं प्राणोदय संस्थान से जुड़ कर पिछले २२ वर्षों से निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण डॉ. सुनीत गुप्ता, प्रो. गार्गी यादव, कैप्टेन ममता अग्रवाल, प्रो. रेखा चौबे एवं प्रो. अलका टंडन द्वारा किया गया। डॉ सुनीत गुप्ता ने सी.पी.आर की ट्रेनिंग को डमी पर प्रदर्शित किया । इसके पश्चात छात्राओं ने भी डमी पर अभ्यास किया । अचानक हृदयाघात के शिकार व्यक्ति, दुर्घटना में घायल, करंट की चपेट में आए व्यक्ति का जीवन बचाने में सी.पी.आर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का महत्व समझाते हुए उन्होंने छात्राओं को हृदय का संकेत समझने और जान बचाने का हुनर सिखाया। उन्होंने बताया कि तीन मिनट के अंदर सीपीआर शुरू कर देने से मस्तिष्क में ऑक्सीजन के संचरण को पहुंचाया जा सकता है जिससे व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। डमी पर महाविद्यालय की शिक्षिकाओं ने भी प्रशिक्षण हासिल किया।

कार्यक्रम का संयोजन प्रोफेसर गार्गी यादव ने किया एवं मंच संचालन डॉक्टर अमिता सिंह ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

Read More »

जूही परंपुरवा में क्राइस्ट चर्च कॉलेज की NSS इकाई ने लगाया निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर

कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता क्राइस्ट चर्च कॉलेज की NSS इकाई ने अपने सात दिवसीय शिविर के तीसरे दिन सेंट कैथरीन अस्पताल के सहयोग से जूही परंपुरा बस्ती में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया। इस शिविर में मधुमेह, रक्तचाप, छाती, पेट, अंगों, दंत व मानसिक स्वास्थ्य की जांच की गई।शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, विशेष रूप से बच्चे अपने माता-पिता के साथ शामिल हुए। सेंट कैथरीन अस्पताल की मेडिकल टीम ने आवश्यक उपकरणों के साथ जांच की, जिसमें NSS स्वयंसेवकों ने पूरी व्यवस्था और सहायता प्रदान की।

कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अंकिता जैस्मिन लाल, कृष्णा सिंह और विनय गौतम के नेतृत्व में हुआ। NSS प्रमुख आर्यन जायसवाल और आयुष कुमार भारती ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अस्पताल स्टाफ ने स्वयंसेवकों के सहयोग और आतिथ्य की सराहना की।

कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने स्थल पर बने भोजन का आनंद लिया। इस सफल आयोजन ने स्वास्थ्य सेवा को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Read More »

बाली जात्रा ओडिशा की समृद्ध समुद्री विरासत और संस्कृति की याद दिलाती है

बाली जात्रा एक ऐसा त्यौहार है जो ओडिशा और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों, विशेष रूप से बाली के बीच समुद्री व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की याद दिलाता है। यह त्यौहार ओडिशा के कटक में प्रतिवर्ष मनाया जाता है और इसमें लाखों पर्यटक आते हैं। बाली जात्रा शब्द का शाब्दिक अर्थ है ‘बाली की जात्रा’। हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन समुद्री व्यापारी इंडोनेशियाई द्वीपों के लिए रवाना होते थे। ओडिशा के लोग, इस त्यौहार के लिए, अपने गौरवशाली समुद्री इतिहास का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में रंग-बिरंगे परिधानों में एकत्रित होते हैं। इस उत्सव में भव्य मेले, विस्तृत सवारी, भोजन और नृत्य शामिल हैं। भारतीय महिलाएँ ‘बोइता बंदना’ करती हैं, वे कागज़ या केले के पत्ते (शोलापीठ) की नावें बनाती हैं जिनमें अंदर जलते हुए दीपक होते हैं। बाली यात्रा उन कुशल नाविकों की प्रतिभा और कौशल का जश्न मनाती है जिन्होंने कलिंग को अपने समय के सबसे समृद्ध साम्राज्यों में से एक बनाया।

यह उत्सव ओडिशा सरकार के संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित किया जाता है। संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एक स्वायत्त संगठन, पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी), कोलकाता, जात्रा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सांस्कृतिक दल उपलब्ध कराकर इस आयोजन में भाग लेता है, जिसका विवरण इस प्रकार है:

वर्ष कार्यक्रम का नाम तारीख कार्यक्रम का स्थान प्रस्तुत कला रूप
2022-23 बालीजात्रा कटक उत्सव – 2022 8 से 16 नवंबर, 2022 कटक बिहू, नागारा, कुचिपुड़ी, पुरुलिया छऊ, और झूमर नृत्य
2023-24 बालीजात्रा कटक उत्सव – 2023 27 नवंबर से 4 दिसंबर, 2023 कटक पुरुलिया छाऊ, पाइका, समकालीन नृत्य और ओडिसी
2024-25 बालीजात्रा कटक उत्सव – 2024 15 से 22 नवंबर, 2024 कटक बिहू, कथक, पुरुलिया छाऊ और रफ/डोगरी

आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत, राज्य के गौरवशाली समुद्री इतिहास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कटक स्थित ओडिशा समुद्री संग्रहालय में तीन दिवसीय राष्ट्रीय धारा कार्यक्रम ‘समुद्रमंथन’ का आयोजन किया गया, जो ऐतिहासिक बाली जात्रा के उद्घाटन के साथ ही शुरू हुआ। इस कार्यक्रम में देश के समुद्री इतिहास के स्थानों, परंपराओं, जहाज निर्माण, नौवहन, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान, समुद्री सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कानून पर पैनल और गोलमेज चर्चाएँ शामिल थीं।

जात्रा ओडिशा और अन्य राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सुगम बनाता है, जिससे अंतर-सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा मिलता है। जात्रा पारंपरिक ओड़िया कलाकारों, शिल्पकारों और संगीतकारों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एक मंच भी प्रदान करता है जो ओड़िया संस्कृति को पुनर्जीवित करने और बढ़ावा देने में मदद करता है।

यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में दी।

Read More »

दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाएं

सरकार ने 2023-24 तक दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत 10 करोड़ ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूहों में संगठित करने का लक्ष्य रखा था। मार्च 2024 में 10 करोड़ परिवारों को संगठित करने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया।

दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत राज्य/संघ राज्य क्षेत्रवार लक्ष्य और संगठित परिवारों की संख्या अनुलग्नक में दी गई है।

नेल्लोर जिले में 37 ग्रामीण ब्लॉक हैं। सभी 37 ब्लॉक डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत आते हैं।

. पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान आंध्र प्रदेश के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत केन्‍द्रीय आवंटन 756 करोड़ रुपये था। हालांकि, केवल 377 करोड़ रुपये ही जारी किए गए, पूरी राशि जारी न किए जाने का कारण सरकारी खजाने से धन प्राप्ति में देरी के कारण राज्य द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत न करना है।

चालू वित्त वर्ष के लिए, आंध्र प्रदेश के लिए डीएवाई-एनआरएलएम के तहत स्वीकृत केन्‍द्रीय हिस्सा 307.69 करोड़ रुपये है, जिसमें से अब तक 76.92 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (एमकेएसपी), डीएवाई-एनआरएलएम के तहत एक प्रमुख उप-योजना है जिसका उद्देश्य महिला किसानों की आजीविका और आय को बढ़ाना है। मंत्रालय ने 2011 में एमकेएसपी के तहत 13 परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, जिसमें आंध्र प्रदेश का नेल्लोर जिला भी शामिल है। दो बार विस्तार दिए जाने के बाद, ये परियोजनाएं वित्त वर्ष 2019 में बंद कर दी गईं।

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए, मंत्रालय ने एमकेएसपी के लिए 64 करोड़ रुपये की राशि के लिए वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी, जिसमें केन्‍द्रीय हिस्सा 38.40 करोड़ रुपये और राज्य का हिस्सा 25.60 करोड़ रुपये है। वर्ष के विशेष लक्ष्य में एमकेएसपी के तहत 160 एकीकृत कृषि क्लस्टर (आईएफसी) का निर्माण शामिल था। हालांकि, आंध्र प्रदेश एसआरएलएम ने वित्त वर्ष 2023-24 में एमकेएसपी के लिए योजना के लिए बजट नहीं खोला है। इसके अलावा, एमकेएसपी बजट प्रावधान वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) टीआरएसवाई-07 रिपोर्ट में परिलक्षित नहीं हुआ, जो व्यय विभाग के मानदंडों के अनुसार केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के तहत धन जारी करने के लिए अनिवार्य है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 15 करोड़ रुपये (9 करोड़ रुपये केन्द्रीय हिस्सा + 6 करोड़ रुपये राज्य हिस्सा) में से, केन्द्रीय हिस्से के एक हिस्से के रूप में 2.25 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (एसवीईपी) के संबंध में, जो एक मांग-संचालित योजना है, राज्य से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रस्तुत करने के आधार पर धनराशि जारी की जाती है। हालांकि, आंध्र प्रदेश एसआरएलएम ने एसवीईपी घटकों के लिए आवश्यक डीपीआर और वित्तीय दस्तावेज प्रस्तुत करने में देरी की है, जिससे कार्यक्रम के लिए समय पर धनराशि जारी करने में भी देरी हुई है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 13.33 करोड़ रुपये (8 करोड़ रुपये केन्‍द्रीय हिस्सा + 5.33 करोड़ रुपये राज्य हिस्सा) के कुल आवंटन में से, 2 करोड़ रुपये की राशि केन्‍द्रीय हिस्से के रूप में जारी की गई है।

राज्‍य एचएच संगठित करने का लक्ष्य 24 मार्च तक संगठित किए गए
अंडमान 15000 13194
आंध्र प्रदेश 8310437 9075289
अरूणाचल 84623 86937
असम 3593756 4111020
बिहार 12332493 12713428
छत्‍तीसगढ़ 3193288 3068427
दमन दीव और एनएच 12469 12695
गोवा 45947 50298
गुजरात 3031245 2783006
हरियाणा 730806 629094
हिमाचल प्रदेश 338103 378542
जम्‍मू और कश्‍मीर 950000 797805
झारखंड 3446912 3589607
कर्नाटक 3239273 4207374
केरल 3644669 4002478
लद्दाख 13315 11710
लक्षद्वीप 3692 4363
मध्‍य प्रदेश 6549384 5829972
महाराष्‍ट्र 7109774 6525549
मणिपुर 207481 99810
मेघालय 418254 444264
मिजोरम 73765 85934
नगालैंड 121260 135261
ओडिशा 6610605 5757107
पुदुच्‍चेरी 45931 59714
पंजाब 657609 543246
राजस्‍थान 4600000 3804161
सिक्किम 58557 56675
तमिलनाडु 3675989 4023939
तेलंगाना 4593482 4820573
त्रिपुरा 460061 494675
उत्‍तर प्रदेश 11807911 9507884
उत्‍तराखंड 491114 497777
पश्चिम बंगाल 11593207 12251533
कुल 102060412 100473341

 

यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

Read More »

एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में बसंत पर्व पर सरस्वती माँ की मूर्ति स्थापित

कानपुर 26 जनवरी भारतीय स्वरूप संवाददाता एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में बसंत पर्व पर सरस्वती माँ की मूर्ति स्थापना तथा हवन पूजन का विधिवत् निर्वहन धूमधाम से किया गया कार्यक्रम के शुभारंभ में महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव पी. के. सेन, प्राचार्या प्रो. सुमन, प्रबंध समिति के संयुक्त सचिव शुभ्रो सेन, कोषाध्यक्ष दीपाश्री सेन द्वारा सरस्वती पूजा पर परम्परागत हवन – पूजा-अर्चना द्वारा सरस्वती प्रतिमा की विधिवत् स्थापना की गयी|

डॉ. शुभा वाजपई के संयोजन में, प्रो. मीनाक्षी व्यास, डॉ. शैल वाजपई, डॉ. प्रीता अवस्थी, डॉ. सपना रॉय, डॉ. मोनिका शुक्ला के द्वारा बसंत उत्सव की तैयारियां पूर्ण मनोयोग से की गई। मीडिया प्रभारी डॉ प्रीति सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की डॉ. रचना निगम के निर्देशन में कला विभाग की छात्राओं अनुष्का, ओमाक्षी, वर्षा, संस्कृति, विधि, अनीता, अफरोज, स्नेहा, श्रेया, अमीषा, वैष्णवी, ने महाविद्यालय सभागार में वृहत तथा अद्भुत रंगोली का निर्माण किया। । महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाओं एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने बसंत उत्सव संस्कृति निर्वहन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

Read More »

एस. एन, सेन, बा, वि.पी. जी. कॉलेज के चित्रकला विभाग द्वारा कला प्रदर्शनी आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन.सेन.बा.वि.पी.जी. कॉलेज के चित्रकला विभाग द्वारा एक कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें 1953 से लेकर अभी तक की सभी छात्राओ की कृतियों का प्रदर्शन किया गया। डॉक्टर सचिव गौतम (सहायक आचार्य) स्कूल का क्रिएटिव एंड परफॉर्मिंग आर्ट,छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी कानपुर द्वारा लाइव डेमोंसट्रेशन दिया गया साथ ही अंतर महाविद्यालय प्रकृति चित्रण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोबीर कुमार सेन, सचिव प्रबंध समिति तथा अध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्रा , संयुक्त सचिव शुभो् सेन, दीपाश्री सेन , प्राचार्य प्रोफेसर सुमन ने दीप प्रज्वलित कर किया

 कार्यक्रम संयोजिका डॉ. रचना निगम विभागाध्यक्ष चित्रकला विभाग ने सभी सम्मानित सदस्यों का स्वागत व अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में चित्रकला विभाग की पूर्व छात्राओं और वर्तमान छात्रों की कलाकृतियों का भी प्रदर्शन किया गया इसके उपरांत सीएसजेएमयू ललित कला विभाग से आए सहायक प्रवक्ता डॉ सचिव गौतम जी के द्वारा एक लाइव डेमोंसट्रेशन दिया गया जिससे छात्राओं ने अनेक कला की बारीकियां को देखा और सीखा। कार्यक्रम में अंतर-महाविद्यालीय प्रकृति चित्रण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया इसमें प्रो ज्योति अग्निहोत्री, प्रो राज किशोरी ,प्रो कुमुद बाला ने निर्णायक की भूमिका निभाई। इसमें सभी महाविद्यालयों से छात्राओं ने प्रतिभागिता की और सुंदर चित्रण और प्रकृति से सभी को परिचित कराया ।

महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो (डॉ.) सुमन ने कार्यक्रम मे विभाग की पूर्व और वर्तमान छात्राओं के चित्रों को देखा और सराहा आपने कहा कि लाइव डेमोंसट्रेशन से छात्रों को कला के विविध आयामों से अवगत होने का अवसर मिलता है ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए जिससे छात्राओं का सर्वांगीण विकास हो सके।

 कार्यक्रम में सभी महाविद्यालय की प्रवक्ता, महाविद्यालय की वरिष्ठ प्रवक्ता प्रो. निशि प्रकाश, प्रो रेखा चौबे, प्रो अलका टंडन,प्रो गार्गी यादव, कैप्टन ममता अग्रवाल, प्रो प्रीति पांडे, प्रो मीनाक्षी व्यास, प्रचार प्रसार प्रभारी डॉ प्रीति सिंह व सभी प्रवक्ता गण , लिपिक वर्ग ने उपस्थित होकर अपनी रुचि दिखाई, तथा छात्राओं के कार्य को सराहा व प्रोत्साहित किया।              

Read More »

डी जी कॉलेज द्वारा निकाली गई गणतंत्र दिवस परेड झांकी

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 26 जनवरी, 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर के द्वारा छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में महाकुंभ थीम पर झांकी निकाली गई। साथ ही छात्राओं ने महाकुंभ थीम पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओ में भी हिस्सा लिया। जिनमें रंगोली प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, गायन प्रतियोगिता आदि प्रमुख है। छात्राओं ने अत्यधिक जोश, उत्साह एवं उमंग के साथ हिस्सा लिया। समस्त कार्यक्रम छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के यशस्वी कुलपति प्रोफेसर विनय कुमार पाठक जी की प्रेरणा से संपन्न हुए। कार्यक्रमों को सफल बनाने में कार्यक्रम समन्वयक डॉ श्याम मिश्रा, महाविद्यालय प्राचार्या प्रो वंदना निगम, कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही, गृह विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ विनीता श्रीवास्तव समेत डॉ अलका त्रिपाठी डॉ अपर्णा शुक्ला, डॉ साधना सिंह एवं डॉ रश्मि शुक्ला का सहयोग सराहनीय रहा

Read More »