केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज जम्मू-कश्मीर के सामाजिक-धार्मिक संगठनों से मादक पदार्थों की लत, अवैध खनन और गोवंश की तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ चल रहे अभियान में सम्मिलित होने की जोरदार अपील की।डॉ. जितेंद्र सिंह नई दिल्ली में रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर श्री अमरनाथ जी यात्रा कल्याण समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया, “सरकार ने युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए उन्हें मादक पदार्थों की लत से दूर करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया है तथा कठुआ और इसके आसपास के इलाकों में अवैध खनन करने वालों, क्रशरों और पशु तस्करों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है।” उन्होंने आग्रह किया, “अब, सामाजिक-धार्मिक संगठनों को इस दिशा में सरकार के प्रयासों को पूरा करने और समाज को इन बुराइयों से छुटकारा दिलाने के लिए समाज में अपने प्रभाव का उपयोग करना चाहिए।” डॉ. जितेंद्र सिंह ने सामाजिक-धार्मिक संगठनों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने को भी कहा ताकि अधिक से अधिक लोग इन कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने रेखांकित करते हुए कहा, “पीएम-आवास योजना और पीएम विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाएं समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई हैं, भले ही उनका राजनीतिक झुकाव, धार्मिक विश्वास, जाति और क्षेत्र कुछ भी हो।” डॉ. जितेंद्र सिंह ने इन संगठनों से कार्यशालाएं आयोजित करने और कृषि-स्टार्टअप के बारे में जागरूकता पैदा करने की भी अपील की ताकि बेरोजगार युवा पर्पल रिवोल्यूशन की सफलता से प्रेरणा लेकर अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकें। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के कृषि उद्यमी इस क्रांति के अग्रदूत हैं।” उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर ने शेष भारत को अनुकरण के लिए एक नई शैली प्रदान की है।
केंद्रीय मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को संस्थागत बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा की। डॉ. जितेंद्र सिंह ने रेखांकित करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 70 वर्षों के बाद सफल पंचायत चुनाव कराकर जम्मू-कश्मीर को वास्तविक स्वशासन और स्वायत्तता प्रदान की है।”
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के सशक्तिकरण की प्रक्रिया जारी है। डॉ. सिंह ने कहा, “पहले, केवल स्व-शासन के नारे थे, लेकिन मोदी सरकार ने संविधान में 74वें संशोधन को लागू करके एक उदाहरण पेश किया है, जो पंचायतों और नगर पालिकाओं सहित स्थानीय निकायों को सत्ता के विकेंद्रीकरण का एक बुनियादी ढांचा प्रदान करता है।”
इससे पहले कार्यक्रम में रक्षा बंधन समारोह के हिस्से के रूप में, वेद मंदिर की लड़कियों के एक समूह ने आगे आकर डॉ. जितेंद्र सिंह की कलाई पर राखी बांधी। इस अवसर पर, केंद्रीय मंत्री ने दान एवं प्रसाद के माध्यम से सामुदायिक रसोई में योगदान देने के लिए कई संगठनों और व्यवसायों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनके योगदान की प्रशंसा की और उनके काम की सराहना की। डॉ. सिंह ने कहा, “इन महान संगठनों से जुड़े लोग समाज के नैतिक संरक्षक हैं।” केंद्रीय मंत्री ने श्री अमरनाथ जी यात्रा के पिछले संस्करणों पर तस्वीरों का एक संकलन भी जारी किया।
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इसके अलावा आईएचई का नवीनतम संस्करण आतिथ्य क्षेत्र से संबंधित चार संबद्ध शो से जुड़ा है। इसमें कैटरिंग एशिया, टेंट डेकोर एशिया और आयुष एक्सपो शामिल हैं। एक छत के नीचे आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम इस क्षेत्र की बहुआयामी जरूरतों के लिए वन-स्टॉप समाधान की पेशकश करके आतिथ्य उद्योग के समाभिरूपता को फिर से परिभाषित करने के लिए तैयार है। यह सामूहिक आयोजन उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए एक अमूल्य संसाधन होने का भरोसा दिलाता है, जो नवीनतम रुझानों, तकनीक और सेवाओं तक पहुंच प्रदान करता है। इसके साथ ही उन संबंधों को बढ़ावा देता है जो आतिथ्य उद्योग को आगे बढ़ाएंगे। आईएचई 2024 ने आतिथ्य उद्योग के भीतर सहयोग की श्रृंखला में एक कदम आगे बढ़ाते हुए वियतनाम के साथ भागीदार देश के रूप में साझेदारी की है। आईएचई 2024 में भारत और इसके आतिथ्य क्षेत्र के साथ व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए राजनयिक, आतिथ्य पेशेवर, शेफ और एसोसिएट्स शामिल होंगे। प्रसिद्ध वियतनामी शेफ फेम वान डोंग और गुयेन वान थोंग भारत के सेलिब्रिटी शेफ नंदलाल और गौतम के साथ अपने मास्टरक्लास आयोजित करने के लिए तैयार हैं। यह उत्साह तब और बढ़ जाएगा जब हिमाचल प्रदेश आईएचई 2024 में मुख्य केंद्र बिंदु राज्य के रूप में शामिल होगा। इस दौरान हिमाचल पर्यटन अपने अद्भुत पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देगा।
इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि यह हम सभी के लिए एक-दूसरे से सीखने, नई साझेदारी बनाने और विकास और सहयोग के रास्ते तलाशने का अवसर है। उन्होंने सभी से आतिथ्य के भविष्य का पता लगाने और उसे आकार देने के लिए एक साथ आने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित हो कि हमारा उद्योग वैश्विक मंच पर अनुकूल माहौल बनाने के साथ विकास करे और फलता-फूलता रहे। आईएचई 2024 हमारा सबसे सफल संस्करण और एक मील का पत्थर होने का वादा करता है जो व्यवसाय के विकास में योगदान करने और आतिथ्य क्षेत्र की गतिशील और सुदृढ़ प्रकृति को प्रदर्शित करने के लिए तैयार है।



