कानपुर 9 अगस्त भारतीय स्वरूप संवाददाता, दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव – 2023 आज से आरंभ होने वाले *मेरी माटी मेरा देश* अभियान के तहत आज 9 अगस्त, 2023 को “वीरों को नमन माटी का वंदन” कार्यक्रम के अंतर्गत एनएसएस वॉलिंटियर्स ने वृक्षारोपण कर माटी का वंदन किया तथा अमृत काल के पंच प्रण की शपथ ली। कार्यक्रम में 50 वॉलिंटियर्स समेत महाविद्यालय के अन्य छात्राओं तथा प्राध्यापिकाओं एवं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस आयोजन को सफल बनाने में मुख्य रूप से महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य प्रो वंदना निगम, कार्यालय अधीक्षक श्री कृष्णेंद्र श्रीवास्तव एल, एनसीसी प्रभारी डॉ मनीषी पांडे, डॉ अंजना श्रीवास्तव, डॉ साधना सिंह, डॉ उत्तमा, डॉ विमला देवी, डॉ हिना अफशा, डॉ ज्योत्सना आदि प्राध्यापिकाओं का विशेष योगदान रहा। 
शिक्षा
फाइलेरिया उन्मूलन में एनएसएस निभायेगा महत्वपूर्ण भूमिका
कानपुर 5 अगस्त भारतीय स्वरूप संवाददाता, उत्तर प्रदेश के तीन लाख बीस हजार एनएसएस स्वयंसेवक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे । इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु राजधानी लखनऊ में प्रदेश के 27 जनपदों और विभिन्न विश्वविद्यालयों के एनएसएस समन्वयक , नोडल अधिकारियों, और कार्यक्रम अधिकारियों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
जिसमे एनएसएस राज्य संपर्क अधिकारी प्रो मंजू सिंह, युवा अधिकारी समरदीप सक्सेना के दिशानिर्देशन में छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कार्यक्रम अधिकारियों ने प्रतिभाग किया । समन्वयक प्रो के एन मिश्रा के नेतृत्व में जिला नोडल अधिकारी डॉ श्याम मिश्रा , डॉ संगीता सिरोही , डॉ नीरज कुमार , डॉ आशीष गुप्ता , डॉ यश कुमार , नोडल कानपुर देहात ने प्रशिक्षण प्राप्त किया । इस प्रशिक्षण में फाइलेरिया के फैलाव , एमडीए , क्यूलेक्स मच्छर की रोकथाम जैसे विषयों को पीसीआई, मिलिंडा गेट फाउंडेशन के अधिकारियों और डॉक्टर्स द्वारा विस्तार से समझाया गया । प्रशिक्षण के उपरांत अब कानपुर विश्वविद्यालय अंतर्गंत जनपदों के एनएसएस महाविद्यालयों और अन्य महाविद्यालयों में 10 अगस्त से प्रस्तावित एमडीए वितरण में सहयोग देंगे साथ ही साथ स्वयं दवा खायेंगे और परिवार एवं आसपास के लोगो को दवा सेवन हेतु प्रेरित करेंगे ।
दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा अर्थात सड़क सुरक्षा पखवाड़ा आयोजित
भारतीय स्वरूप संवाददाता, विगत दिवस दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज, कानपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय में गठित किए गए रोड सेफ्टी क्लब तथा राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वाधान में रोड सेफ्टी क्लब की प्रभारी डॉ संगीता सिरोही के कुशल निर्देशन में *सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा अर्थात सड़क सुरक्षा पखवाड़े* के समापन 31 जुलाई, 2023 के अवसर पर छात्राओं के द्वारा निबंध लेखन व पोस्टर प्रतियोगिता, जन-जागरण रैली एवम् शपथ का आयोजन किया गया।
जन–जागरण हेतु वॉलिंटियर्स के द्वारा महाविद्यालय के बाहर एवं मर्चेंट चेंबर चौराहे पर आने जाने वाले यात्रियों, वाहन चालको, विशेष रुप से ई- रिक्शा चालक को रोककर
रोड सेफ्टी तथा यातायात के नियमों के बारे में अवगत कराया गया ताकि दिन-प्रतिदिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके तथा ट्रैफिक जाम की समस्या को भी समाप्त किया जा सके। छात्राओं के द्वारा जनसामान्य को रोड एक्सीडेंट के समय बरतने वाली सुविधाओं व किए जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे में भी बताया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो अर्चना वर्मा ने रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय कार्यालय अधीक्षक कृष्णेंद्र कुमार श्रीवास्तव, प्रो मधुरिमा, डॉ अंजना श्रीवास्तव आदि प्राध्यापिकाओं का विशेष योगदान रहा।
एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज ने शैक्षणिक विकास हेतु भारतीय विचारक समिति के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoU) किया।
कानपुर, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज कानपुर ने शैक्षणिक विकास हेतु भारतीय विचारक समिति कानपुर के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoU) किया भारतीय विचारक समिति के सचिव उमेश कुमार दीक्षित तथा एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज की प्राचार्य प्रो. सुमन ने MoU पर हस्ताक्षर किए। समारोह का आयोजन के. डी. पैलेस कानपुर में किया गया | महाविद्यालय की assistant professor डॉ. अनामिका को भारतीय विचारक समिति ने अपनी समिति के साथ जोड़ते हुए सम्मानित किया, महाविद्यालय प्रबंध तंत्र एवं समस्त महाविद्यालय परिवार इस MoU से आशान्वित तथा हर्ष उल्लासित है। इस MoU सेरेमनी के अवसर पर महाविद्यालय की शिक्षिकाएं किरन तथा डॉ. प्रीति सिंह उपस्थित रहीं।
एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज में प्रेमचंद की जयंती के उपलक्ष में उनकी कहानियों पर परिचर्चा हुई
कानपुर 31 जुलाई, भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन बालिका विद्यालय पी जी कॉलेज कानपुर में हिंदी विभाग द्वारा प्रेमचंद जी की जयंती मनाई गई इस समारोह में कथा सम्राट प्रेमचंद की कहानियो पर आशु विषयक परिचर्चा कराई गई।
इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंध तंत्र समिति के अध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्रा ,सचिव प्रोबीर कुमार सेन ,संयुक्त सचिव सुब्रो सेन प्राचार्या प्रोफेसर सुमन ,समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर निशी प्रकाश, प्रोफ़ेसर रेखा चौबे अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर अलका टंडन तथा महाविद्यालय की चीफ प्रॉक्टर डॉ ममता अग्रवाल एवं हिंदी विभाग की प्रभारी डॉ सुभा बाजपेई ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्या ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की कहानियां आज भी प्रासंगिक है चाहे आर्थिक पक्ष हो चाहे राजनीतिक या सामाजिक आज भी हमें झकझोर देती है कथा शिल्पी के रूप में जितना उदात्त उनका अनुभूति पक्ष है उतना ही श्रेष्ठ उनका अभिव्यक्ति पक्ष है अपने युग की संपूर्ण संभावनाएं और उपलब्धियां उनकी कहानियों में व्याप्त हैं हर्षिता रूपाली तिवारी पारुल प्रगति त्रिवेदी शुभी त्रिपाठी अमृता शुक्ला ने प्रेमचंद जी की कहानियों पर अपने विचार व्यक्त किए हिंदी विभाग की प्रभारी डॉ सुभा बाजपेई मुख्य अतिथि का स्वागत किया व अन्य अतिथि का स्वागत सहायक आचार्य रेशमा ने किया कार्यक्रम में हिंदी विभाग की प्रवक्ता कुमारी अपर्णा त्रिपाठी ने सकृय भूमिका निभाई इस अवसर पर महा विद्यालय की शिक्षिकाएं प्रोफेसर रेखा चौबे गार्गी यादव हरीश झा डॉक्टर किरण रचना निगम प्रीति सिंह कोमल सरोज रश्मि गुप्ता पूजा गुप्ता समीक्षा सिंह अमिता सिंह आदि उपस्थित रही कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की प्रभारी डॉ सुभा बाजपेई ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग की सहायक आचार्य श्रीमती रेशमा ने किया
दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज में सड़क सुरक्षा पखवाड़े के अंतर्गत रैली एवं विचार गोष्ठी आयोजित
कानपुर भारतीय स्वरूप संवाददाता, सड़क सुरक्षा जीवन के लिए मोती है – आर टी ओ राजेश सिंह दयानंद गर्ल्स पीजी कॉलेज कानपुर में सड़क सुरक्षा पखवाड़े के अंतर्गत रैली एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि आरटीओ कानपुर नगर, श्री राजेश सिंह रहे। उन्होंने अपने वक्तव्य में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा के नियम का पालन कर हम स्वयं की तथा राह पर चलने वाले अन्य व्यक्तियों की भी जान बचा सकते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथि यातायात निरीक्षक, कानपुर नगर,श्री राजवीर सिंह ने छात्राओं को यातायात के नियमों तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित आंकड़ों व नियमों के बारे में विस्तार पूर्वक बताते हुए उन्हें रोड सेफ्टी की शपथ दिलवाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नमामि गंगे विभाग भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश संयोजक श्री कृष्णा दीक्षित बड़े जी ने शासन प्रशासन तथा महाविद्यालय द्वारा रोड सेफ्टी क्लब का गठन कर रैली विभिन्न प्रतियोगिताओं विचार गोष्ठियों आदि गतिविधियों के द्वारा इस दिशा में फैलाई जा रही जनजागरूकता की भूरी–भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह योजना भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से कमी लाने के लिए अत्यंत कारगर साबित होगी। इस अवसर पर महाविद्यालय से ग्रीन पार्क स्टेडियम तक एक जागरूकता रैली भी निकाली गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्या प्रो अर्चना वर्मा ने, अतिथियों का स्वागत आइ क्यू ए सी इंचार्ज प्रो वंदना निगम ने तुलसी के पौधे भेंट कर किया। कार्यक्रम का संचालन रोड सेफ्टी क्लब की इंचार्ज तथा महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के द्वारा, दीप प्रज्वलन एनसीसी इंचार्ज डॉ मनीष पांडे के द्वारा तथा हॉल व्यवस्था रोवर्स रेंजर्स की प्रभारी प्रो सुमन सिंह के द्वारा की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय अधीक्षक श्री कृष्णेंद्र कुमार श्रीवास्तव, प्रो स्वाति सक्सेना, डॉ अर्चना दीक्षित, डॉ अंजना श्रीवास्तव, श्रीमती श्वेता गोंड , इलेक्ट्रीशियन रामचंद्र, नरेश कुशवाहा, कु पवित्रा व श्रीमती लक्ष्मी समेत समस्त शोधार्थियों तथा छात्राओं की विशेष भूमिका रहीं।
एस एन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज में सड़क सुरक्षा पखवाड़ा के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
कानपुर 25 जुलाई भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस एन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज में सड़क सुरक्षा पकवाड़ा के अंतर्गत छात्राओं एवं महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं कर्मचारियों हेतु एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुमन एवं प्रशिक्षण देने हेतु उप निरीक्षक यातायात श्री रविकांत , उप निरीक्षक यातायात श्री शिवानंद एवं कॉन्स्टेबल दीपक जी रहे
आपने छात्राओं को यातायात संबंधी नियमों, सुरक्षा एवं सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया ।यातायात के संकेत क्या बताते हैं इसका भी छात्र छात्राओं को समझाते हुए शपथ भी ग्रहण करवाई। कार्यक्रम को महाविद्यालय की तीनों प्रकोष्ठ एन.एस.एस प्रभारी प्रो. चित्रा सिंह तोमर ,रेंजर प्रभारी प्रो. प्रीति पांडेय एवं एनसीसी प्रभारी डॉ प्रीति यादव ने मिलकर आयोजित किया। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी महाविद्यालयों को छात्राओं में यातायात संबंधी जागरूकता अभियान चलाने के लिए 17 जुलाई से लेकर 30 जुलाई 2030 तक पखवाड़े मनाने का अवसर प्रदान किया है एसएन सेन महाविद्यालय दिनांक 17 जुलाई से लगातार विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन आयोजन कर छात्राओं में यातायात के प्रति जागरूकता फैलाने का सक्रिय कार्य कर रहा है कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक गण एवं कर्मचारी भी छात्र छात्राओं के साथ मौजूद रहे।
पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ : वन महोत्सव-2023 के अंतर्गत डी जी कॉलेज में किया गया वृहद् वृक्षारोपण
कानपुर संवाद सूत्र संगीता सिरोही, मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश सरकार, योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘वन महोत्सव-2023’ हेतु निर्धारित 30 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य के तहत आज दिनांक 22 जुलाई, 2023 को डी जी कॉलेज, कानपुर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में एनएसएस वॉलिंटियर्स के द्वारा पौधारोपण किया गया।
मुख्य रूप से आंवला, गुड़हल, करीपत्ता, मीठी नीम, अशोक हारसिंगार, कनेर, चांदनी, चमेली आदि के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या प्रो वंदना निगम ने अपने उद्बोधन में महाविद्यालय की समस्त छात्राओं, प्राध्यापिकाओ तथा कर्मचारियों को वन महोत्सव में जनता की अधिकतम भागीदारी तथा हरित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को सुनिश्चित करने हेतु स्वयं तथा अपने आसपास के सभी लोगों को एक-एक पौधा जरूर लगाने तथा वृक्षों एवम् पौधों का संरक्षण करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया। साथ ही शासन के निर्देशानुसार वृक्षारोपण करते हुए फोटो क्लिक कर “हरितिमा वन ऐप ” पर अपलोड भी की गई । कार्यक्रम में मुख्यरूप से प्रो मुकुलिका हितकारी, प्रो पप्पी मिश्रा, प्रो अलका श्रीवास्तव, प्रो सुमन सिंह, प्रो रचना प्रकाश की उपस्थिति सराहनीय रही। इस कार्यक्रम में माली श्री शिवनाथ व श्री रामपारस समेत सभी वॉलिंटियर्स ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया।
एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में पहले आओ पहले पाओ की नीति से प्रवेश
कानपुर 10 जुलाई भारतीय स्वरूप संवाददाता, एस. एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में पहले आओ पहले पाओ की नीति द्वारा प्रवेश प्रक्रिया चल रही है ।बी. ए., बी . एस. सी.(ZBC) , बीबीए, बीसीए, बीकाम, एम. ए. -हिन्दी , समाजशास्त्र, शिक्षाशास्त्र,अर्थशास्त्र, कला, मनोविज्ञान,कक्षाओं में प्रवेश हेतु आवश्यक समस्त सुविधाएं एक ही स्थान पर महाविद्यालय सभागार में उपलब्ध हैं, प्रेक्षागृह में प्रवेश समिति के अतिरिक्त बैंक प्रतिनिधि ऑनलाइन फ़ीस जमा करने हेतु उपलब्ध हैं साथ ही महा विद्यालय प्रतिनिधि फी स्लिप तथा एडमिशन नंबर के प्रिंटआउट देने हेतु अलग से कंप्यूटर प्रिंटर सेटअप के साथ उपलब्ध हैं । प्रवेश समिति छात्राओं की समस्याओं के निस्तारण हेतु सुबह 10 बजे से सांय 3 बजे तक निरंतर उपलब्ध है। प्रवेश प्रक्रिया को सुलभ बनाने हेतु एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है जिसपर प्रति छात्रा १५ रूपये का खर्च महाविद्यालय वहन कर रहा है।
महाविद्यालय में छात्राओं को सुरक्षित तथा उत्तम शैक्षिक वातावरण प्रदान किया जाता है जहां उन्हें सीखने के नित नए अनुभव मिलते हैं। उन्नत प्रयोगशाला, प्लेसमेंट सेल,काउंसलिंग सेल आदि छात्राओंको रोज़गार के अवसर प्रदान करता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु वर्तमान समय में आवश्यक रणनीति पर शिक्षिकाओं द्वारा छात्राओं को निर्देशन प्रदान किया जाता है।
डीआरडीओ ने उद्योग और शैक्षणिक क्षेत्र में रक्षा अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करने हेतु ‘अनुसंधान चिंतन शिविर’ का आयोजन किया
इस अवसर पर 75 प्रौद्योगिकी से संबंधित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की सूची जारी की गई। डीआरडीओ द्वारा पहचान की गई इस सूची को 403 तकनीकी श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिनका विस्तार 1,295 वर्तमान और भविष्य के प्रौद्योगिकी विकास कार्यों तक है। डीआरडीओ टेक्नोलॉजी फोरसाइट 2023 में सूचीबद्ध प्रौद्योगिकी से संबंधित प्राथमिकता वाले क्षेत्र इस प्रकार हैं:
| क्र.सं | प्रौद्योगिकी क्षेत्र |
| 1 | एडिटिव मैन्यूफैक्चरिंग |
| 2 | एयरो स्ट्रक्चर्स |
| 3 | एयरोडाइनैमिक्स |
| 4 | एयरोमैकेनिकल सिस्टम्स |
| 5 | एग्रो टेक्नोलॉजी फॉर मिलिट्री सपोर्ट इन हाई ऑल्टीच्यूड एरियाज |
| 6 | एआई/एमएल टेक्नोलॉजी |
| 7 | अल्टरनेटिव पॉवर प्लांट |
| 8 | ऐन्टेनाज |
| 9 | आर्मर्ड एंड कॉम्बैट व्हीकल्स |
| 10 | ऑटोनोमस सिस्टम्स एंड रोबोटिक्स |
| 11 | बिहेवियरल एनालिसिस फॉर सोल्जर्स |
| 12 | बायो डिफेन्स |
| 13 | बायो रिमीडीएशन |
| 14 | बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजीज |
| 15 | सी4आईएसआर |
| 16 | कैमफ्लाश टेक्नोलॉजी |
| 17 | सीबीआरएन डिफेन्स |
| 18 | कम्यूनिकेशन |
| 19 | कंट्रोल सिस्टम्स |
| 20 | काउंटर स्वॉर्म टेक्नोलॉजी |
| 21 | साइबर, इन्फोर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन सिक्योरिटी |
| 22 | डिकॉयज |
| 23 | डेटोनिक्स एंड मैकेनिज्म |
| 24 | डीजल इंजन |
| 25 | डायरेक्टेड एनर्जी |
| 26 | इलेक्ट्रिक पॉवर टेक्नोलॉजी |
| 27 | इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स |
| 28 | इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस |
| 29 | इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर |
| 30 | ईएम रेल गन |
| 31 | एम्बेडेड सिस्टम्स |
| 32 | एनर्जी |
| 33 | एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन |
| 34 | एनवायरनमेंटल टेस्टिंग |
| 35 | फायर फाइटिंग |
| 36 | गाइडेंस एंड नेविगेशन |
| 37 | गाइडेड आर्टिलरी |
| 38 | गन टेक्नोलॉजी |
| 39 | हार्डवेयर इन लूप सिमुलेशन |
| 40 | हाई परफॉरमेंस कंप्यूटिंग |
| 41 | हाइड्रो स्ट्रक्चर्स |
| 42 | हाइपरसॉनिक टेक्नोलॉजीज |
| 43 | लाइफ सपोर्ट |
| 44 | मैटेरियल्स |
| 45 | मिलिट्री फूड टेक्नोलॉजी |
| 46 | माइंस एंड माइंस डिटेक्शन |
| 47 | मिसाइल सिस्टम्स |
| 48 | मल्टी-बैरल रॉकेटस |
| 49 | म्यूनिशन/ एम्यूनिशन |
| 50 | नेचुरल हैजर्ड मैनेजमेंट |
| 51 | नॉन डिस्ट्रक्टिव इवैल्यूएशन |
| 52 | ओशन प्रोफाइलिंग |
| 53 | पैराशूट टेक्नोलॉजी |
| 54 | पैसिव काउंटरमेजर्स |
| 55 | प्रपल्शन टेक्नोलॉजीज |
| 56 | प्रोटेक्टिव क्लोदिंग एंड गियर्स |
| 57 | क्वांटम टेक्नोलॉजीज |
| 58 | रडार टेक्नोलॉजीज |
| 59 | रैडम टेक्नोलॉजीज |
| 60 | रेस्पिरेटरी मैनेजमेंट |
| 61 | सीकर टेक्नोलॉजीज |
| 62 | सेंसर्स / डिटेक्टर्स |
| 63 | सोल्जर सपोर्ट |
| 64 | सोनार टेक्नोलॉजीज |
| 65 | स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस |
| 66 | स्पेस टेक्नोलॉजीज |
| 67 | सर्विलांस एंड ट्रैकिंग |
| 68 | स्वार्म टेक्नोलॉजी |
| 69 | टेरहर्ट्ज |
| 70 | यूएवी |
| 71 | यूजीवी |
| 72 | अंडरवाटर डिफेन्स टेक्नोलॉजीज |
| 73 | वारगेमिंग |
| 74 | वारहेड/ एक्सप्लोसिव एंड बैलिस्टिक प्रोटेक्शन |
| 75 | वेस्ट मैनेजमेंट |
इन 75 प्रौद्योगिकी से संबंधित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को खोलने से भारत को आत्मनिर्भरता के पथ अग्रसर करने हेतु रक्षा प्रौद्योगिकियों के स्वदेशीकरण और उनमें नवाचार करने के लिए उद्योग जगत को प्रोत्साहित करते हुए रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इस प्रकार, उद्योग और शिक्षा जगत के साथ जुड़ाव के माध्यम से देश में सैन्य प्रौद्योगिकी डिजाइन और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
सभी क्षेत्रों, श्रेणियों और प्रौद्योगिकी के विकास से जुड़ी गतिविधियों को सूचीबद्ध करने वाली डीआरडीओ टेक्नोलॉजी फोरसाइट 2023 के बारे में भी जानकारी दी गई। यह दस्तावेज़ उन प्रौद्योगिकी क्षेत्रों की पहचान करता है जिन पर डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाएं वर्तमान में काम कर रही हैं। यह दस्तावेज www.drdo.gov.in पर उपलब्ध है। गतिविधियों की सूची भविष्य के उन प्रौद्योगिकी क्षेत्रों की पहचान करती है जो राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रक्षा प्रणालियों के विकास और रक्षा अनुसंधान एवं विकास की दृष्टि से आवश्यक हैं। यह वेबपेज निकट भविष्य में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संबंधी जरूरतों के लिए परिकल्पित प्रमुख प्रौद्योगिकी कार्यों को सूचीबद्ध करेगा। उद्योग और शिक्षा जगत को संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले डीआरडीओ के विभिन्न प्रतिष्ठानों की सूची दी जाती है, जिससे विभिन्न हितधारकों के बीच समझ का एक सहज चैनल स्थापित होता है।
इस अवसर पर बोलते हुए, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने ‘अनुसंधान चिंतन शिविर’ के आयोजन के लिए डीआरडीओ की सराहना की और सशस्त्र बलों के लिए स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों के महत्व पर जोर दिया।
अपने संबोधन में, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने कहा कि डीआरडीओ, उद्योग और शिक्षा जगत को प्रौद्योगिकियों को निचले स्तर से उठाकर उन्नत स्तर तक ले जाने के लिए आपस में तालमेल के साथ काम करना चाहिए, जहां इसका उपयोग व्यापक पैमाने पर उत्पादन के लिए किया जा सके।
महानिदेशक (प्रौद्योगिकी प्रबंधन) डॉ. सुब्रत रक्षित, आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी और एलएंडटी के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री अरुण रामचंदानी ने इस शिविर के दौरान रक्षा अनुसंधान एवं विकास के बारे में डीआरडीओ, शिक्षा जगत और उद्योग जगत के दृष्टिकोण को सामने रखा।
चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के चेयरमैन, चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (सीआईएससी) लेफ्टिनेंट जनरल जॉनसन पी मैथ्यू, डीजी (एडमिन) वायुसेना मुख्यालय एयर मार्शल पी.के. घोष, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, डीआरडीओ के वैज्ञानिक, उद्योग जगत के प्रमुख और शिक्षा विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।
डीआरडीओ अपने प्रयोगशालाओं और केंद्रों के नेटवर्क के साथ एयरोनॉटिक्स, आयुध, इलेक्ट्रॉनिक्स, लड़ाकू वाहन, इंजीनियरिंग सिस्टम, इंस्ट्रूमेंटेशन, मिसाइल, एडवांस्ड कंप्यूटिंग सिमुलेशन, विशेष सामग्री, नौसेना प्रणाली, जीवन विज्ञान, प्रशिक्षण सूचना प्रणाली और आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न विषयों को कवर करने वाली रक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास में गंभीरतापूर्वक जुटा हुआ है। अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों और उपकरणों के विकास के माध्यम से महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करना डीआरडीओ की मुख्य गतिविधियों में से एक है। डीआरडीओ नई प्रौद्योगिकियों को विकसित करने हेतु उद्योग और अकादमिक जगत के साथ सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रक्षा इकोसिस्टम के विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत कर रहा है।
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