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शिक्षा

दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में रोड सेफ़्टी जनजागरूकता अभियान आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर के रोड सेफ़्टी क्लब द्वारा मलिन बस्तियों में जनमानस को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने हेतु एक व्यापक जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य छात्र–छात्राओं, महाविद्यालय कर्मचारियों तथा अभिभावकों के मध्य सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों व सावधानियों का प्रचार-प्रसार करना रहा।

अभियान के अंतर्गत जागरूकता रैली, शपथ कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक एवं जनसंपर्क गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने तथा सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के संकल्प लिए। रैली के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

यह कार्यक्रम समिति सदस्य डॉ. अंजना श्रीवास्तव के कुशल निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम को महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर वंदना निगम का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। साथ ही एन.सी.सी. के सहयोग से अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का शपथपूर्वक संकल्प लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन से महाविद्यालय की सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

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एस. एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी. कॉलेज में “डिजिटल अरेस्ट हेतु अवेयरनेस” विषय पर व्याख्यान आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस. एन. सेन बालिका विद्यालय पी.जी. कॉलेज में “डिजिटल अरेस्ट हेतु अवेयरनेस” विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुमन, कार्यक्रम प्रभारी डॉ प्रीति सिंह, पुलिस विभाग से शरद तिलाराज एवं सत्य पाल सिंह द्वारा किया गया। SI सत्यपाल ने साइबर क्राइम क्या है, इससे कैसे बचा जाये तथा साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल अरेस्ट से बचने के उपाय बताये| उन्होंने कहा कि बिना जानकारी वाले व्यक्ति से लेन देन से बचना चाहिए| भारत में वित्तीय साइबर अपराधों की रिपोर्ट करने के लिए राष्ट्रीय टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं । इसका संचालन गृह मंत्रालय द्वारा किया जाता है।

कार्यक्रम की साज सज्जा डा. रचना निगम द्वारा की गई| एन. सी. सी., एन. एस. एस. की छात्राओं का विशेष योगदान रहा| महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं, छात्राएं, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

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कानपुर पब्लिक स्कूल, चकेरी का रजत जयंती समारोह संपन्न

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, कानपुर पब्लिक स्कूल, चकेरी, कानपुर नगर में सत्र 2025–26 का विद्यालय का रजत जयंती समारोह भव्य, गरिमामय एवं सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय की 25 वर्षों की शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक उपलब्धियों को दर्शाते हुए “Introduction of Silver Jubilee” एवं विद्यालय परिचय (About School) प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन विद्यालय के डायरेक्टर महोदय, रिटायर्ड कर्नल जे. एन. अग्निहोत्री जी, विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रज्ञा अग्निहोत्री तथा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, कानपुर देहात के सांसद देवेन्द्र सिंह भोले द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसके पश्चात दीप मंत्र के सस्वर उच्चारण से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रज्ञा अग्निहोत्री द्वारा विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें शैक्षिक उपलब्धियों, सह-शैक्षिक गतिविधियों एवं विद्यालय की प्रगति का विस्तार से उल्लेख किया गया। तत्पश्चात विद्यालय के डायरेक्टर रिटायर्ड कर्नल जे. एन. अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि का शाल स्मृति चिन्ह भेट कर के स्वागत किया तथा उनका संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया।

समारोह के दौरान विद्यालय के मेधावी एवं होनहार विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। रजत जयंती समारोह के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि द्वारा पारिजात वृक्ष का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश दिया गया। इसी क्रम में विद्यालय की स्मारिका “KPS Voice” का विमोचन भी मुख्य अतिथि द्वारा किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विद्यार्थियों ने अत्यंत मनोहारी प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें वेलकम सॉन्ग, गणेश वंदना, “चक दे इंडिया” गीत, अंग्रेज़ी नाटक, पर्यावरण विषयक प्रस्तुति,बम बम कैलाश खेर के गीत पर नृत्य, जिंगल बेल, राजस्थानी लोक नृत्य, कव्वाली, “ऐगिरी नंदिनी” मैशअप, तथा महाभारत के द्रोपदी चीरहरण प्रसंग पर आधारित सशक्त नाट्य प्रस्तुति सम्मिलित रही, जिसने समाज में नारी सम्मान एवं शोषण के विरुद्ध जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया।

नेशनल इंटीग्रेशन की प्रस्तुति के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा “जयति जयति जयते” गीत पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसने राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया।

कार्यक्रम का सफल, सुसंगठित एवं प्रभावशाली मंच संचालन विद्यालय के पवन कुमार यादव (हिंदी प्रवक्ता) द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में Vote of Thanks के माध्यम से विद्यालय के समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों के योगदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह रजत जयंती समारोह विद्यालय परिवार, अभिभावकों एवं अतिथियों के लिए अविस्मरणीय, प्रेरणादायक एवं गौरवपूर्ण सिद्ध हुआ।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में 24 प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को “राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025” प्रदान किया

राष्ट्रपति भवन में आज आयोजित दूसरे “राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार” समारोह में प्रख्यात खगोल भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर जयंत विष्णु नारलिकर को मरणोपरांत आजीवन उपलब्धि के लिए प्रतिष्ठित “राष्ट्रीय विज्ञान रत्न पुरस्कार 2025” से सम्मानित किया गया। देश की चर्चित “पर्पल रिवोल्यूशन” और लैवेंडर उद्यमिता को गति प्रदान करने वाली उद्यमी विज्ञान टीम सीएसआईआर के नेतृत्व वाले अरोमा मिशन को “राष्ट्रीय विज्ञान टीम पुरस्कार 2025” या विज्ञान टीम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में विभिन्न क्षेत्रों के 24 वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों को पुरस्कार प्रदान किए ।

राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार की स्थापना मोदी सरकार द्वारा की गई थी।

‘X’ पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “विश्व को ‘पर्पल रिवोल्यूशन’ की अवधारणा से परिचित कराने और ‘लैवेंडर’ को कृषि-उद्यमिता के एक नए मार्ग के रूप में प्रस्तुत करने में आपके योगदान को मान्यता देते हुए, प्रतिष्ठित #राष्ट्रीयविज्ञानपुरस्कार 2025 के लिए ‘टीम अरोमा’ को बधाई… हिमालय के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में भी आकर्षक आजीविका की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए।”

वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद के अंतर्गत कार्यरत अरोमा मिशन टीम को हिमालयी क्षेत्र में सुगंधित फसलों, विशेष रूप से लैवेंडर की खेती और प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर प्रयोगशाला अनुसंधान को जमीनी स्तर के परिणामों में परिवर्तित करने का श्रेय दिया जाता है। इसके कार्य ने जम्मू और कश्मीर के किसानों के लिए आजीविका के नए द्वार खोले, आवश्यक तेलों के आयात पर निर्भरता कम की और यह प्रदर्शित किया कि समन्वित वैज्ञानिक हस्तक्षेप किस प्रकार सामाजिक-आर्थिक प्रभाव उत्पन्न कर सकता है।

इस मान्यता से राष्ट्रीय पुरस्कारों के ढांचे के केंद्र में सहयोगात्मक, अनुप्रयोग-उन्मुख विज्ञान को स्थान मिलता है। जम्मू-कश्मीर के भदेरवाह और गुलमर्ग कस्बों से शुरू हुई लैवेंडर की खेती और उद्यमशीलता अब केंद्र शासित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी फैल चुकी है और उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाई जा रही है।

पिछले वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों की नई संरचना के अंतर्गत स्थापित राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार का उद्देश्य जीवन भर की उपलब्धियों से लेकर प्रारंभिक करियर की उत्कृष्टता और टीम आधारित नवाचार तक, विज्ञान के सभी क्षेत्रों में किए गए कार्यों को मान्यता देना है। इस वर्ष का समारोह पुरस्कारों का दूसरा संस्करण था। यह वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप एक संरचित, समकालीन प्रारूप में विज्ञान और प्रौद्योगिकी सम्मान प्रदान करने के सरकार के इरादे को रेखांकित करता है।

प्रख्यात खगोल भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर जयंत विष्णु नारलिकर को मरणोपरांत आजीवन उपलब्धि के लिए विज्ञान रत्न से सम्मानित किया गया और कई विज्ञान श्री और विज्ञान युवा पुरस्कारों ने भौतिकी, कृषि, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, अंतरिक्ष विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में व्यक्तिगत योगदान को मान्यता दी गई। पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की पूरी सूची में वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ-साथ 45 वर्ष से कम आयु के शोधकर्ता भी शामिल हैं, जो अनुभव और उभरती प्रतिभा दोनों पर पुरस्कार के जोर को दर्शाता है।

विशिष्ट क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देती विज्ञान श्री श्रेणी के अंतर्गत डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (कृषि विज्ञान), डॉ. यूसुफ मोहम्मद शेख (परमाणु ऊर्जा), डॉ. के. थंगराज (जीव विज्ञान), प्रो. प्रदीप थलप्पिल (रसायन विज्ञान), प्रो. अनिरुद्ध भालचंद्र पंडित (इंजीनियरिंग विज्ञान), डॉ. एस. वेंकट मोहन (पर्यावरण विज्ञान), प्रो. महान एमजे (गणित और कंप्यूटर विज्ञान), और श्री जयन एन (अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी) को पुरस्कार प्रदान किए गए। यह विभिन्न विषयों में उनके निरंतर और क्षेत्र-परिभाषित कार्य को उजागर करते हैं।

विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार 45 वर्ष से कम आयु के वैज्ञानिकों के लिए है। यह नवोन्मेषी योगदान देने वाले उभरते शोधकर्ताओं को सम्मानित करता है। पुरस्कार पाने वालों में भौतिकी में प्रो. अमित कुमार अग्रवाल और प्रो. सुरहुद श्रीकांत मोरे; कृषि विज्ञान में डॉ. जगदीश गुप्ता कपुगंती और डॉ. सतेंद्र कुमार मंगरौथिया; जीव विज्ञान में डॉ. दीपा अगाशे और श्री देबरका सेनगुप्ता; रसायन विज्ञान में डॉ. दिब्येंदु दास; भूविज्ञान में डॉ. वलीउर रहमान; इंजीनियरिंग विज्ञान में प्रो. अर्कप्रवा बसु; गणित और कंप्यूटर विज्ञान में प्रो. सब्यसाची मुखर्जी और प्रो. श्वेता प्रेम अग्रवाल; चिकित्सा में डॉ. सुरेश कुमार; अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में श्री अंकुर गर्ग; और प्रौद्योगिकी और नवाचार में प्रो. मोहनशंकर शिवप्रकाशम शामिल हैं।

इस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं में महिला वैज्ञानिकों की प्रमुख भूमिका रही। इन्हें कई श्रेणियों और विषयों में मान्यता मिली। डॉ. दीपा अगाशे और प्रोफेसर श्वेता प्रेम अग्रवाल जैसी शोधकर्ताओं को उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह देश के वैज्ञानिक परिवेश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व को दर्शाता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनके कार्यों में देश की वैज्ञानिक प्रतिभा की गहराई और विविधता झलकती है और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को संबोधित करने और लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका पर बल दिया गया है।

राष्ट्रपति और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री की उपस्थिति को वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और इसके सार्वजनिक उपयोग को दी जाने वाली राष्ट्रीय प्राथमिकता को सुदृढ़ करने वाला माना गया। पुरस्कारों के ढांचे का उद्देश्य आयु और उपलब्धि मानदंडों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करके श्रेणियों, विशेष रूप से युवा वैज्ञानिक वर्ग, में स्पष्टता लाना भी है।

अरोमा मिशन को मिली मान्यता के साथ, समारोह ने रेखाकिंत किया की कैसे सरकार समर्थित वैज्ञानिक कार्यक्रम, जब स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित हों और टीम वर्क के माध्यम से कार्यान्वित किए जाएं, तो प्रयोगशालाओं और पत्रिकाओं से परे परिणाम दे सकते हैं। भारत अपने विज्ञान-आधारित विकास मॉडल को मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है। ऐसे में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार अनुसंधान उत्कृष्टता को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और जमीनी स्तर पर प्रभाव से जोड़ने वाले एक मंच के रूप में तेजी से उभर रहा है।

राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (आरवीपी)-2025 के लिए पुरस्कार विजेताओं की सूची

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मिशन शक्ति के अंतर्गत गुड टच एंड बैड टच जागरूकता सत्र आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर। 18 दिसम्बर मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में गुड टच एंड बैड टच पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एवं सहायक आचार्य अपुर्वा बाजपेयी ने छात्राओं को “गुड टच–बैड टच से आगे: सीमाओं और सहमति की समझ” विषय पर संबोधित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए व्यक्तिगत सीमाओं और सहमति की स्पष्ट समझ अत्यंत आवश्यक है। कोई भी स्पर्श या व्यवहार तभी स्वीकार्य है, जब वह व्यक्ति की स्पष्ट इच्छा और सहजता के अनुरूप हो। असहजता भी एक महत्वपूर्ण संकेत है, जिसे कभी सहमति नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि भय या तनाव की स्थिति में व्यक्ति तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे पाता, जिसे समाज अक्सर गलत रूप में समझ लेता है।
सत्र में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम (POSH Act) का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम की संयोजिका मिशन शक्ति कोऑर्डिनेटर डॉ. संगीता सिरोही रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्या प्रो. वंदना निगम ने की। सेल्फ फाइनेंस डायरेक्टर प्रो. अर्चना वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. साधना सिंह, श्वेता गोंड एवं विमला देवी का विशेष सहयोग रहा। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की लगभग 80 छात्राएँ उपस्थित रही। सत्र का उद्देश्य छात्राओं को जागरूक कर उन्हें आत्म-सुरक्षा, आत्म-सम्मान और स्वस्थ सामाजिक संबंधों के लिए सशक्त बनाना रहा।

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दयानंद गर्ल्स कॉलेज में संविधान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, 26 नवम्बर दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज में संविधान दिवस के उपलक्ष्य में “हमारा संविधान — हमारा स्वाभिमान” विषय के अंतर्गत विविध रचनात्मक एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में भारतीय संविधान के प्रति सम्मान, जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों की समझ को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रमों में समान न्याय, समानता तथा अनेकता में एकता विषयों पर चित्रकला–पोस्टर प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों, स्लोगनों और भाषणों के माध्यम से भारतीय लोकतंत्र की मूल भावना को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया।
इसके साथ ही छात्राओं द्वारा एक जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें विविधता, समानता और अधिकारों के संदेश दिए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्राओं और संकाय सदस्यों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ (शपथ) कर राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संगीता सिरोही के निर्देशन में किया गया। महाविद्यालय प्राचार्या प्रो वंदना निगम ने छात्राओं को संविधान के आदर्शों को जीवन में अपनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया।महाविद्यालय स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम की निदेशक प्रो. अर्चना वर्मा ने भी छात्राओं के उत्साह और सक्रिय भागीदारी की सराहना की।कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ ज्योत्सना पांडे, डॉ अंजना श्रीवास्तव, वन्या श्रीवास्तव एवं आकांक्षा अस्थाना का विशेष योगदान रहा।

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सहज योग पर कार्यशाल आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन सेन बी.वी.पी.जी. कॉलेज में  सहज योग पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसके लिए नागपुर से ६ सदस्यीय टीम आई जिसमे महेश , राजू , उमेश, मेघा, वंदना एवं वनिता रहीं। माँ सरस्वती के वंदन से कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। आज की तनाव भरी ज़िंदगी में आस पास के लोगों से प्रभावित होने ,एकाग्रता की कमी ,पढ़ाई में रुचि न होने और मानसिक रूप से परेशान रहने की समस्या से बचने के लिये इस कार्यशाला का आयोजन किया गया ।
मुख्य वक्ता मेघा लड़वीकर ने सर्वप्रथम विभिन्न नाड़ी चक्रों की सैद्धांतिक जानकारी छात्राओं को प्रदान की। इसके पश्चात 20 मिनट का सहज योग अभ्यास सदन को करवाया। मैडिटेशन के पश्चात छात्राओं के अनुभव पूछे और प्रत्येक व्यक्ति के भिन्न भिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए तथा उनके अनुभव के कारण बताए।

प्राचार्या प्रो. सुमन ने सहज योग समिति का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज की तनाव भरी जिंदगी में सहज योग का अभ्यास वांछनीय है। कार्यशाला का संयोजन तथा संचालन डॉ प्रीति सिंह द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में ६२ छात्राओं तथा २५ प्रवक्ताओं ने सहजयोग की सहजता को समझा और लाभान्वित हुए, सभी छात्राओं तथा शिक्षिकाओं ने कार्यशाला में उत्साहपूर्ण सहभागिता की।

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सरदार पटेल जयंती के उपलक्ष्य में डी जी कॉलेज में निबंध लेखन एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा सरदार पटेल की जयंती पर “सरदार पटेल : विकसित भारत के आधार स्तंभ” विषय पर एक निबंध लेखन एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ संगीता सिरोही के दिशा निर्देशन में किया गया।जिसमें महाविद्यालय की 55 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर वंदना निगम तथा निर्देशक प्रोफेसर अर्चना वर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ दीप्ति शुक्ला, डॉ विनीता श्रीवास्तव, डॉ अपर्णा शुक्ला, वान्या श्रीवास्तव, आकांक्षा का विशेषयोगदान रहा।

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ऐस. ऐन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज में प्लेसमेंट सेल द्वारा “कैरियर वार्ता” आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर ऐस. ऐन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज, माल रोड, कानपुर में मिशन शक्ति 5.0 कार्यक्रम के अंतर्गत ,प्लेसमेंट सेल द्वारा “कैरियर वार्ता” का आयोजन सेवा योजन सूचना एवं मंत्रणा केंद्र , छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि डॉ ए. के.जैन, डॉ. ए.के.त्रिपाठी व महाविद्यालय प्राचार्या डॉ सुमन द्वारा माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन मिशन शक्ति प्रभारी प्रो. चित्रा तोमर द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. ए.के. जैन ने छात्राओं को रोजगार संगम पोर्टल पर रजिस्टर करने की प्रक्रिया के बारे में छात्राओं को विस्तार से अवगत कराया। मुख्य वक्ता ए. के. त्रिपाठी ने छात्राओं को व्यवसाय जगत की जानकारी प्रदान की और अपना व्यापार शुरू करने हेतु अवसर व सम्भावनाएँ तलाशने हेतु प्रेरित किया. स्वयंसेविका कोमल दिवाकर, नंदिका श्रीवास्तव,मन्तशा ने आयोजन में सहयोग किया। कार्यक्रम में डॉ निशा वर्मा, डॉ ऋचा सिंह, डॉ संगीता सिंह,डॉ कोमल सरोज, डॉ पूजा गुप्ता, डॉ प्रीता अवस्थी, डॉ सपना रॉय, डॉ मोनिका शुक्ला तथा अन्य शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

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भूगोल विभाग द्वारा ईको क्लब के अंतर्गत ‘बायोडायवर्सिटी एवं इको सिस्टम’ पर प्रदर्शनी आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर के भूगोल विभाग द्वारा ईको क्लब के अंतर्गत “बायोडायवर्सिटी एवं इको सिस्टम” विषय पर एक प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्राओं में पर्यावरणीय चेतना जागृत करना तथा जैव विविधता एवं पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना था। प्रदर्शनी का शुभारंभ महाविद्यालय प्रबंध समिति की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती अनंta स्वरूप, डाइरेक्टर प्रो अर्चना वर्मा तथा प्राचार्य प्रो वंदना निगम के करकमलों द्वारा किया गया। उन्होंने छात्राओं द्वारा तैयार किए गए मॉडलों, चार्ट्स और पोस्टर्स का अवलोकन करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। प्रदर्शनी में छात्राओं ने विभिन्न पारिस्थितिक तंत्रों, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण आदि का सजीव प्रदर्शन किया और जैव विविधता के संरक्षण के उपायों पर रोचक जानकारी प्रस्तुत की।

कार्यक्रम का संयोजन डॉ. संगीता सिरोही, भूगोल विभागाध्यक्ष एवं ईको क्लब प्रभारी, के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि “प्रकृति और मानव के मध्य संतुलन बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है, और ऐसी गतिविधियाँ छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक दृष्टिकोण का विकास करती हैं।” छात्राओं की सृजनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ने प्रदर्शनी को अत्यंत प्रभावशाली बना दिया। कार्यक्रम में संकाय सदस्यों डॉ अंजना श्रीवास्तव, डॉ स्वेता गोंड एवं समस्त छात्राओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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