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शिक्षा

मीडिया, विज्ञान और समाज के बीच सेतु का कार्य करता है

विज्ञान भारती के राष्ट्रीय आयोजन सचिव डॉ. शिव कुमार शर्मा ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा संचारक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सीएसआईआर-एनआईएससीएआईआर के पूर्व निदेशक डॉ. मनोज कुमार पटैरिया और सीएसआईआर-सीईसीआरआई के निदेशक डॉ. के. रमेश भी उपस्थित थे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मीडिया सम्मेलन में अतिथियों ने रोजगार समाचार पत्रिका और विज्ञान भारत पत्रिका के अंकों का विमोचन किया। यह भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव 2024 का एक आयोजन है। देश के इस सबसे बड़े विज्ञान महोत्सव का आयोजन 30 नवंबर से 3 दिसंबर 2024 के दौरान असम के आईआईटी गुवाहाटी में किया जा रहा है।

मीडिया कॉन्क्लेव का परिचय देबोब्रत घोष ने दिया और इस आयोजन के दो दिनों के संक्षिप्त विवरण की जानकारी डॉ. राजीव सिंह द्वारा दी गई।

सीएसआईआर-केंद्रीय विद्युत-रासायनिक अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. के. रमेश ने अपने संबोधन में कहा कि आईआईएसएफ एक विज्ञान एक ऐसा महोत्सव है जिसे देश के लोगों के साथ मनाया जाता है। यह मीडिया शोध को लोगों तक पहुंचाने में सहायता करता है। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध को अधिकतर इस कार्य से जुड़े व्‍यक्ति ही समझते हैं। आईआईएसएफ ने मीडिया से अनुरोध किया कि वह शोध को रचनात्मक तरीके से लोगों तक पहुंचाए, ताकि लोग शोध कार्य को समझ सकें। उन्‍होंने हर मीडियाकर्मी से अनुरोध किया कि वे इन शोधों को सकारात्‍मक रूप से लोगों तक पहुंचाए क्‍योंकि मीडिया ही इस कार्य को लोगों तक जोड़ने का माध्‍यम है।

सीएसआईआर-एनआईएससीएआईआर के पूर्व निदेशक डॉ. मनोज कुमार पटैरिया ने कहा कि विज्ञान विधि के रूप में कार्य करता है जिसमें जिज्ञासा, विश्लेषण, प्रयोग और सत्यापन शामिल है। यही बात मीडिया पर भी लागू होती है और इस तरह मीडिया और विज्ञान की प्रक्रिया समान ही है।

विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. शिवकुमार शर्मा ने कहा कि उन्‍हें यह अनुभव हुआ है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी अवधारणाओं को समझने और समझाने के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर है। इस अंतर को पाटने के लिए, हमें जटिल विचारों को ऐसे सरल तरीके से संप्रेषित करने की आवश्यकता है जो सभी को समझ में आते हों। इसके लिए एक विचारशील दृष्टिकोण की आवश्यकता है, हम क्या संप्रेषित करना चाहते हैं और इसे प्रभावी ढंग से कैसे करना है, इस बात पर विचार करते हुए कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जनता के साथ साझा करने के लिए व्यवस्थित तरीके विकसित करके और मीडिया क्षमता का लाभ उठाते हुए हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी जागरूकता और समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण प्रगति कर सकते हैं।

सम्मेलन में पूर्वोत्तर मीडिया में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार पर एक पैनल चर्चा भी शामिल थी। इसमें असम प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अरूप मिश्रा, मणिपुर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के निदेशक डॉ. मिनकेतन सिंह, असम विज्ञान प्रौद्योगिकी, पर्यावरण परिषद के निदेशक डॉ. जयदीप बरुआ और मिजोरम विज्ञान परिषद के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. डेवी तथा विज्ञान पत्रकार सुश्री गीताली सैकिया जैसे विशेषज्ञों ने भाग लिया।

आहारक्रांति पर डॉ. येलोजी राव मिराजकर का व्याख्यान:

भारत को खाद्य उत्पादन और उपभोग पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, ताकि संतुलित और स्वस्थ आहार सुनिश्चित किया जा सके जो देश के कुपोषण और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों का समाधान निकालता हो। चरक आयुर्वेदिक आहार जैसी पारंपरिक आहार प्रथाओं को अपनाना और पाचन एवं पोषण के महत्व को समझाते हुए भारतीयों के लिए निदिृष्‍ट भोजन विकल्प बनाने और स्वस्थ जीवन जीने में सहायता प्रदान कर सकता है। अन्न और आहार के बीच केवल इतना अंतर है कि अन्न को हम मुख से मात्र उदरपूर्ति के साधन के रूप में ग्रहण करते हैं जबकि आहार में वह संपूर्ण पोषण शामिल है जिसका हम अपनी इंद्रियों के माध्यम से आनंद लेते हैं।

इस सम्‍मेलन का समापन मीडिया में एसएंडटी कवरेज पर एक सत्र के साथ हुआ, जिसमें वैज्ञानिकों, मीडिया पेशेवरों और जनता के बीच वार्तालाप हुआ। इस अवसर पर डॉ. केजी सुरेश, पूर्व महानिदेशक, आईआईएमसी के साथ-साथ डॉ. मनोज पटैरिया, श्री डेकेन्द्र मेवाड़ी, डॉ. केएन पांडे, धृपल्लव बागला, श्री समीर गांगुली, श्री मारुफआलम और डॉ. वामसी कृष्णा जैसे विशेषज्ञों ने मीडिया के माध्यम से विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने पर अपने विचार साझा किए।

मीडिया कॉन्क्लेव के दौरान आज विज्ञान आधारित फीचर फिल्म पर भी एक सत्र आयोजित किया गया।

कई विज्ञान संचारकों और छात्रों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद किया। इसके परिणामस्वरूप एक उपयोगी प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया जिसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मीडिया कॉन्क्लेव के उद्देश्यों की प्रभावी ढंग से प्रस्तुति की गई।

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एस एन सेन बालिका महाविद्यालय में संविधान दिवस स्वतंत्रता के अमृत काल के अवसर कार्यक्रम आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 26 नवम्बर एस एन सेन बालिका महाविद्यालय में संविधान दिवस स्वतंत्रता के अमृत काल के अवसर पर तीन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा इस दिवस का उद्घाटन महाविद्यालय की छात्राओं को शपथ दिलाकर किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें “संविधान की उपयोगिता” “हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए छात्राओं को संविधान के विषय में अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। मुख्य वक्ता अरमापुर पीजी कॉलेज के राजनीति शास्त्र विभाग में सहायक आचार्य डॉक्टर धीरेन्द्र कुमार दोहरे ने संविधान की भारतीय जनमानस के लिए उपयोगिता पर प्रकाश डाला था संविधान का गहन अध्ययन करने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। मीडिया प्रभारी डॉ प्रीति सिंह ने बताया कि इस अवसर पर मुख्य वक्ता द्वारा प्राचार्या प्रो सुमन को संविधान की प्रति भेंट की गई। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम प्रभारी राजनीति शास्त्र विभाग की प्रभारी डॉ रश्मि गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम में सभी शिक्षिकाएं व छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज में मनाया गया संविधान दिवस शपथ एवं अन्य गतिविधियों के साथ

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर 26 अक्टूबर, दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, राजनीति विज्ञान विभाग, इतिहास विभाग एवम् चित्रकला विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संविधान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही द्वारा संविधान शपथ दिलवाई गई। छात्राओं के मध्य संविधान के प्रति जानकारियां एवं जागरूकता लाने हेतु इस अवसर पर अन्य गतिविधियों में भाषण प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता तथा रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। समस्त कार्यक्रमों में 100 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग किया। महाविद्यालय प्राचार्या प्रो वंदना निगम ने संविधान दिवस के अवसर पर छात्राओं के द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो पप्पी मिश्रा, प्रो अभिलाष गौर, प्रो शिखा पांडे, प्रो उपासना वर्मा, प्रो शुभम शिवा, डॉ पूजा श्रीवास्तव, डॉ आभा पांडे, डॉ ज्योत्सना पांडे, श्री कृष्णेंद्र श्रीवास्तव आदि सभी का विशेष योगदान सराहनीय रहा।

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एन. सेन. बी. वी. पी. जी. कॉलेज की छात्रा ने “संस्कृत प्रतिभा खोज २०२४” के उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान राज्य स्तरीय प्रतियोगिता २०२४ में भाग लिया

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस. एन. सेन. बी. वी. पी. जी. कॉलेज कानपुर की छात्रा ने “संस्कृत प्रतिभा खोज २०२४” के उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ (भाषा विभाग उत्तर प्रदेश शासनाधीन) राज्य स्तरीय प्रतियोगिता २०२४ में प्रतिभाग किया। यह प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, नया हैदराबाद लखनऊ में आयोजित हुई। प्रतिभाग करने वाली छात्रा सलोनी राव (पंचम सेमेस्टर) की थी। छात्रा ने संस्कृत भाषा प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य (संस्कृत भाषा संस्थान लखनऊ) संस्कृत प्रतिभा खोज थी। प्रबंध तंत्र समिति के अध्यक्ष श्री प्रवीण कुमार मिश्रा, सचिव श्री प्रोवीर कुमार सेन, संयुक्त सचिव श्री शुभ्रो सेन, प्राचार्या प्रोफेसर सुमन जी का सहयोग रहा। आपका प्रोत्साहन छात्राओं को समय समय पर मिलता रहा। संस्कृत विभाग डॉ आराधना द्विवेदी ने छात्रों को प्रतियोगिता में निर्देशित किया

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भारतीय ज्ञान परंपरा : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विशेष सन्दर्भ में ‘ विषय पर प्रतियोगिता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज कानपुर के शिक्षाशास्त्र विभाग के द्वारा दिनाँक 19-11-2024, मंगलवार को शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा ‘भारतीय ज्ञान परंपरा : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विशेष सन्दर्भ में ‘ विषय पर छात्राओं हेतु पी. पी. टी. प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया|विभागीय प्रतियोगिता कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रोफेसर सुमन, समाजशास्त्र विभाग की वरिष्ठ आचार्या प्रो. रेखा चौबे, मुख्य कुलानुशासिका कैप्टन ममता अग्रवाल, शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्षा प्रो. चित्रा सिंह तोमर, प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में सम्मिलित- IKS प्रभारी प्रो. मीनाक्षी व्यास, दर्शन शास्त्र विभागाध्यक्षा प्रो. किरन व्योम तथा शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्षा प्रो. प्रीती पांडेय जी ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन तथा माल्यार्पण के साथ किया| उपस्थित शिक्षिकाओं ने सरस्वती माँ के चरणों में पुष्प अर्पित किए। अतिथि स्वागत परंपरा के उपरान्त, प्रो. चित्रा सिंह तोमर ने विषय प्रवर्तन करते हुए विस्तार से NEP 2020 के परिप्रेक्ष्य में भारतीय ज्ञान परंपरा के सूक्ष्म बिंदुओं पर प्रकाश डाला तथा छात्राओं का मार्गदर्शन किया| प्राचार्या प्रो. सुमन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ मे मस्तिष्क, शरीर, आत्मा के सामंजस्य की भारतीय ज्ञान में उपादेयता स्पष्न्ने भारतीय ज्ञान के आधुनिक स्वरूप को भारत की नई पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए आवश्यक बताया। छात्राओं के उत्तम प्रयास की सराहना करते हुए IKS पर कार्यक्रम हेतु शिक्षाशास्त्र विभाग को शुभकामनाएं भी दीं।

प्रतियोगिता में शिक्षा शास्त्र विभाग की 13 छात्राओं ने वैदिक शिक्षा, मूल्य शिक्षा, वेदांत दर्शन, भारतीय ज्ञान परंपरा, भगवद गीता, भारतीय शैक्षिक विचारक- राजा राम मोहन राय, ईश्वर चंद विद्यासागर, महर्षि दयानन्द सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, अरबिंदो, आदि संबंधित विषयों पर PPT Presentation किया। निर्णायक मंडल में प्रो. किरन ने छात्राओं को मूल्य शिक्षा, आध्यात्मिक उत्थान, चारित्रिक विकास हेतु सोशल मीडिया से दूर रहने तथा अच्छी सन्दर्भ पाठ्य पुस्तकों को पढ़ने की सलाह दी। प्रो. मीनाक्षी व्यास ने ‘सा विद्या वा विमुक्तये’ की अवधारणा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्पष्ट किया। उन्होंने परिवर्तन को गतिमान रहने के लिए आवश्यक बताया। प्रो. प्रीती पांडेय ने प्रत्येक प्रतिभागी छात्रा के PPT Presentation की तकनीकी बारीकियों को प्रभावशाली तरीके से स्पष्ट किया तथा भविष्य में अच्छे PPT Presentation बनाने के लिए उन्हें सुझाव भी दिए। प्रतियोगिता का निर्णय निम्नवत रहा-

प्रथम स्थान- आयुषी बाजपेई
द्वितीय स्थान- पावनी पांडेय
तृतीय स्थान- अंशिका कन्नौजिया
सान्त्वना पुरुस्कार- मुस्कान द्विवेदी

मंच संचालन डाॅ. ऋचा सिंह ने किया। कैप्टन ममता अग्रवाल ने नई तकनीकी के प्रयोग हेतु छात्राओं को प्रोत्साहित किया। प्रो. अलका टंडन, प्रो. निशा वर्मा,डॉ. मोनिका सहाय, डाॅ. प्रीति सिंह,डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. कोमल सरोज, डॉ. शिवांगी यादव, डॉ. अमिता सिंह ने कार्यक्रम के आरंभ से अंत तक उपस्थित रहकर छात्राओं को निरंतर प्रोत्साहित किया। सभी शिक्षिकाओं की कार्यक्रम में उपस्थिति ने छात्राओं का मनोबल बढ़ाया।

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शासन के दिशा निर्देशानुसार छात्राओं को व्यवसाय जगत की जानकारी देने हेतु कैरियर काउंसलिंग वार्ता आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर एस.एन. सेन बी. वी. पी. जी. कॉलेज तथा सी.एस.जे.एम.यू. कानपुर की सेवायोजन प्रकोष्ठ द्वारा संयुक्त रूप से एस.एन.सेन महाविद्यालय में शासन के दिशा निर्देशानुसार छात्राओं को व्यवसाय जगत की जानकारी देने हेतु एक कैरियर काउंसलिंग वार्ता तथा ऑल डिजी टेक्नोलॉजी कंपनी, नोएडा के द्वारा रोजगार लिए प्लेसमेंट- ड्राइव का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने रूचि दिखाते हुए बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रशिक्षण अवधि के पश्चात वेतन बढ़ने के आकर्षण ने छात्राओं को उत्साहित एवं उल्लासित किया। कार्यक्रम के विधिवत् शुभारंभ के पश्चात, प्राचार्य प्रो. सुमन, सेवायोजन प्रकोष्ठ सह प्रभारी प्रो. निशा वर्मा, तथा चीफ प्रॉक्टर कप्तान ममता अग्रवाल ने, विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेल से आए हुए प्रतिनिधि अनिल कुमार त्रिपाठी एवं ऑल डिजी टेक्नोलॉजी कंपनी के एच.आर श्री अभिषेक प्रताप सिंह का स्वागत किया। अनिल कुमार त्रिपाठी जी ने छात्राओं को कम्युनिकेशन स्किल्स , कंप्यूटर ज्ञान, स्टार्ट अप में इनोवेशन की आवश्यकता इत्यादि के बारे में जानकारी साझा की। अगले कार्यक्रम में ऑल डिजी टेक्नोलॉजी कंपनी से आए हुए एच.आर, श्री अभिषेक प्रताप सिंह एवं उनकी टीम द्वारा छात्राओं का साक्षात्कार लिया गया जिसमें 100 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। सभी वक्ताओं ने छात्राओं की कैरियर संबंधी समस्याओं का समाधान किया।
महाविद्यालय सेवायोजन प्रकोष्ठ के सदस्यों डॉ.कोमल सरोज, डॉ. अनामिका, श्वेता रानी ने कार्यक्रम के आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

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भगवान बिरसा मुंडा जयंती – जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित हुई विभिन्न प्रतिस्पर्धाएं

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर, दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में भगवान बिरसा मुंडा जयंती – 2024 “जनजातीय गौरव दिवस” के उपलक्ष में छात्राओं एवं युवाओं में भगवान बिरसा मुंडा के जीवन एवं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम तथा जनजातीय विकास में उनके योगदान के संबंध में जागरूकता लाने एवं व्यापक प्रचार प्रसार करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की गई जिनमें भाषण प्रतियोगिता, कविता पाठ गीत, निबंध लेखन आदि प्रमुख रहे। इस कार्यक्रम में कुल 50 एन एस एस वॉलिंटियर्स ने उमंग एवं उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय नॉलेज इंस्टीट्यूशन की प्रभारी डॉ ज्योत्सना पांडे, एनसीसी इंचार्ज प्रोफेसर शुभ्रा राजपूत तथा रेंजर्स सह-प्रभारी श्रीमती श्वेता गोंड का विशेष योगदान रहा।

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मिशन शक्ति के द्वारा विशाखा एक्ट 2013 गाइडलाइंस पर व्याख्यान आयोजित

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज कानपुर, मिशन शक्ति के द्वारा विशाखा एक्ट 2013 गाइडलाइंस पर व्याख्यान का आयोजन हुआ मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत दयानंद गर्ल्स पी जी कॉलेज, कानपुर में मिशन शक्ति प्रभारी डॉ संगीता सिरोही के निर्देशन में विशाखा एक्ट 2013 पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह व्याख्यान राजनीति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अंशु पांडे के द्वारा दिया गया। उन्होंने अपने व्याख्यान में विशाखा एक्ट 2013 गाइडलाइंस, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ जारी की गई दिशानिर्देश पर विस्तार पूर्वक जानकारियां दी। जो छात्रों के लिए आने वाले जीवन में अत्यधिक लाभदायक साबित होंगे। इस कार्यक्रम में कुल 40 छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एनसीसी इंचार्ज प्रोफेसर शुभ्रा राजपूत तथा रोमन रेंजर्स इंचार्ज श्वेता गोंड का विशेष योगदान रहा।

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आईआईटी रोपड़ ने घुटना रीहबिलटैशन के लिए किफायती और ऑफ-ग्रिड समाधान के साथ शल्य चिकित्सा में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला पेटेंटेड मैकेनिकल उपकरण विकसित किया

सर्जरी के बाद घुटने के रीहबिलटैशन के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में, आईआईटी रोपड़ के शोधकर्ताओं ने निरंतर निष्क्रिय गति (सीपीएम) थेरेपी को और अधिक सुलभ और किफायती बनाने के लिए एक अभिनव समाधान ढूंढ लिया है। आईआईटी रोपड़ की टीम ने घुटने के रीहबिलटैशन के लिए एक पूरी तरह से मैकेनिकल पैसिव मोशन मशीन विकसित की है और इसका पेटेंट कराया गया है, पेटेंट नम्बर 553407 है।

महंगी और बिजली से चलने वाली पारंपरिक मोटर चालित सीपीएम मशीनों से अलग, नव विकसित उपकरण पूरी तरह से यांत्रिक है। यह एक पिस्टन और पुली सिस्टम का उपयोग करता है, जो उपयोगकर्ता द्वारा हैंडल खींचने पर हवा को संग्रहीत करता है, जिससे घुटने के रीहबिलटैशन में सहायता के लिए सुचारू और नियंत्रित गति संभव होती है। यह सरल उपकरण हल्का और पोर्टेबल दोनों है और डिज़ाइन प्रभावी होने के कारण इसे बिजली, बैटरी या मोटर की कोई आवश्यकता नहीं है।

मैकेनिकल सीपीएम मशीन, कई रोगियों की पहुंच से बाहर महंगी इलेक्ट्रिक मशीनों के आशाजनक विकल्प प्रदान करती है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बिजली की आपूर्ति निरंतर नहीं रहती। बिजली पर निर्भरता को कम करके, यह ऑफ-ग्रिड स्थानों में भी सहज रूप से अनिवारक गति चिकित्सा को संभव बनाती है।

इसके अतिरिक्त, इसकी पोर्टेबिलिटी के कारण मरीज इसे घर में आराम से उपयोग कर सकते हैं, जिससे उन्हें अस्पताल में लंबे समय तक रहने और रीहबिलटैशन के लिए जाने की आवश्यकता कम हो जाती है।

घुटने की सर्जरी से ठीक होने वाले रोगियों के लिए निरंतर अनिवारक गति एक महत्वपूर्ण चिकित्सा है, जो जोड़ों की गतिशीलता में सुधार, कठोरता को कम करने और रिकवरी में तेजी लाने में मदद करती है। इस यांत्रिक मशीन की शुरूआत एक लागत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है, जो घुटने के रीहबिलटैशन में किफायती स्वास्थ्य सेवा के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलती है।

इस अभिनव उपकरण का विकसित किया जाना सभी लोगों को स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ संसाधन सीमित हैं। टीम की उपलब्धि से भारत के साथ ही और वैश्विक स्तर पर भी घुटने के रीहबिलटैशन के मामलों में स्थायी प्रभाव देखने को मिलेगा।

श्री सूरज भान मुंडोतिया और डॉ. समीर सी. रॉय की टीम के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. अभिषेक तिवारी ने कहा, “ये उपकरण भारत में घुटने के रीहबिलटैशन में क्रांति लाने की क्षमता वाला है, अभी इस क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा तकनीक तक हमारी पहुँच सीमित है।” उन्होंने कहा, “इसे कम लागत वाला, टिकाऊ बनाया गया है जो न केवल रिकवरी में सहायता करता है बल्कि मोटर चालित उपकरणों से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने में भी मदद करता है।”

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एस एन सेन बालिका विद्यालय पीजी कॉलेज ने निकाली सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली 

भारतीय स्वरूप संवाददाता कानपुर अक्टूबर से चल रहे सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों के अंतर्गत एस एन सेन बीवीपीजी कॉलेज ने समान जनमानस में सड़क सुरक्षा संबंधी स्लोगन के साथ रैली निकाली। इस रैली में छात्राओं ने महाविद्यालय प्रांगण से लेकर नरोना चौराहा फूलबाग, गणेश पार्क , पनचक्की चौराहे से होते हुए महाविद्यालय प्रांगण में आकर समापन किया महाविद्यालय की प्राचार्य ने सभी छात्राओं की प्रशंसा की और रैली को हरी झंडी दिखाकर प्रस्थान के लिए अपनी सहमति दी रैली में रेंजर प्रभारी श्रीमती रिचा एवं रोड सेफ्टी क्लब की विद्यार्थी एवं रोड सेफ्टी क्लब की इंचार्ज प्रोफेसर डॉ प्रीति पांडे ने पूरे कार्यक्रम को रुकता प्रदान करते हुए संचालित किया प्रोफेसर पांडे ने प्रेस और मीडिया को इस रैली से जनमानस में सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी एवं नियमों का पालन करने की अनिवार्यता के लिए छात्रों को प्रेरित किया ताकि वह समझ में प्रत्येक व्यक्ति को इसके प्रति जागृत कर पाऐ।

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